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प्रदेश में नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शीघ्र, चार नए ई-डिपो शुरू होंगेः मुकेश अग्निहोत्री
शिमला: उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश में शीघ्र ही नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से संबंधित सभी औपचारिकताओं को जल्दी ही पूरा कर इन्हें प्रदेशवासियों की सेवा में समर्पित किया जाएगा। साथ ही, प्रदेश में बनने वाले चार नए ई-डिपो भी जल्द शुरू किए जाएंगे।
अग्निहोत्री आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य पथ परिहवन निगम के निदेशक मंडल की 163वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में निगम के संचालन, यात्री सुविधाओं तथा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से शामिल की जा रही 297 इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल तथा उनके संचालन की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।

मुकेश अग्निहोत्री ने निगम की बसों में टायरों की कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी बस का संचालन टायर, स्पेयर पार्ट्स अथवा अन्य आवश्यक सामग्री के अभाव में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वैकल्पिक प्रबंध भी पहले से किए जाएं, ताकि किसी भी परिस्थिति में बसों का संचालन बाधित न हो और यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और नए ई-डिपो शुरू होने से प्रदेश में हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी। बैठक में एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, निदेशक मंडल के सदस्य धर्मेंद्र धामी, प्रदीप सूर्या, मोहिंदर संधू और निशांत ठाकुर, अतिरिक्त सचिव परिवहन ओंकार चंद शर्मा, प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया
शिमला: प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और उन्हें प्रतियोगी भर्ती प्रक्रियाओं के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश पुलिस में 800 कांस्टेबल पदों पर होने वाली भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण, शारीरिक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इन पदों के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 09 जुलाई, 2026 को विज्ञापन जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली, अनुशासित और परिश्रमी है। राज्य सरकार का उद्देश्य रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध करवाना है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करना चहती है कि आर्थिक अथवा भौगोलिक परिस्थितियां किसी भी योग्य अभ्यर्थी की प्रगति में बाधा न बनें। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सशस्त्र पुलिस वाहिनियां इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए संगठित एवं निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू किए जाएं। इन कार्यक्रमों में भर्ती प्रक्रिया से संबंधित संपूर्ण जानकारी, लिखित परीक्षा की तैयारी, शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास, प्रेरणात्मक सत्र तथा चयन प्रक्रिया के अन्य सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञ पुलिस अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण, दूर-दराज़ एवं जनजातीय क्षेत्रों के उन युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी जिन्हें गुणवत्तापूर्ण कोचिंग एवं प्रशिक्षण सुविधाएं सहज उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। इस निर्णय से प्रदेश के प्रत्येक योग्य एवं इच्छुक युवा को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस में इस पहल से अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं का चयन होगा तथा प्रदेश पुलिस को समर्पित, अनुशासित, शारीरिक रूप से सक्षम और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध युवा पुलिसकर्मी मिलेंगे।
प्रदेश का युवा हिमाचल का भविष्य और सबसे बड़ी शक्ति है। राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने, उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने तथा राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए प्रेरित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और यह पहल उसी संकल्प का एक सशक्त उदाहरण है। हिमाचल प्रदेश पुलिस इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा, स्थान, समय-सारिणी तथा पंजीकरण की प्रक्रिया शीघ्र जारी करेगी। पुलिस विभाग ने इच्छुक अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे अपने निकटतम सशस्त्र पुलिस वाहिनी, जिला पुलिस कार्यालय अथवा हिमाचल प्रदेश पुलिस के आधिकारिक माध्यमों से समय-समय पर जारी होने वाली सूचनाओं पर ध्यान दें।
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राज्य सरकार प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री
शिमला: सोलन जिला के दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विकासात्मक मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है तथा इन दोनों क्षेत्रों के आधुनिकीकरण के लिए सरकार व्यापक एवं परिवर्तनकारी सुधार लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विधानसभा क्षेत्र में कई महत्त्वपूर्ण पहल की गई हैं। इनमें बद्दी में उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय, 100 बिस्तर क्षमता का अस्पताल तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंडल की स्थापना शामिल है, जिससे क्षेत्र के प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य संबंधी ढांचे को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठयक्रम लागू कर रही है। दून विधानसभा क्षेत्र के तीन सरकारी विद्यालयों में पहले ही सीबीएसई पैटर्न लागू कर दिया गया है, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों में सीबीएसई शिक्षा पर होने वाले अधिक खर्च की तुलना में नाममात्र शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है तथा अन्य पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।

विधायक राम कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र में सात नए सरकारी कार्यालय खोले गए हैं तथा क्षेत्र के लिए की गई सभी घोषणाओं को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दून विधानसभा क्षेत्र के विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। उन्होंने क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण तथा सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह भी किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को दून विधानसभा क्षेत्र के दौरे के लिए आमंत्रित किया।
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प्रदेशभर में जनगणना का प्रथम चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न
शिमला: जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 15 जुलाई को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्य 16 जून से आरम्भ किया गया था। इस अभियान में डिजिटल प्रौद्योगिकी का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि इस चरण की सबसे बड़ी उपलब्धि स्व-गणना विकल्प की सफलता रही। बड़ी संख्या में जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करते हुए स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की और इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस व्यापक अभियान का सफल संचालन प्रशासनिक तंत्र एवं जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों से संभव हो पाया। सभी जिलों के उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों, तहसीलदारों तथा अन्य वरिष्ठ जनगणना अधिकारियों ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया और अभियान के प्रत्येक पहलू की निरंतर निगरानी की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशिक्षकों, प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों सहित फील्ड स्टाफ की प्रतिबद्धता भी सराहनीय रही, जिनके अथक प्रयासों से यह कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ।
प्रदेश के दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों के बावजूद प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने पूर्ण समर्पण के साथ घर-घर पहुंचकर सटीक जानकारी एकत्रित की। उनकी कार्यकुशलता, व्यावसायिक प्रतिबद्धता एवं दृढ़ संकल्प ने जनगणना के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग एवं समर्थन के लिए प्रदेशवासियों, फील्ड स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारियों तथा मीडिया का आभार व्यक्त किया।
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हिमाचल के आईटीआई प्रशिक्षुओं ने कजाकिस्तान में आधुनिक उद्योगों एवं स्थानीय बाजार व्यवस्था का अध्ययन किया
शिमला: हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षुओं ने अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के अंतर्गत कजाकिस्तान के अल्माटी में समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट, राखात चॉकलेट फैक्ट्री और ग्रीन मार्केट की कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षुओं को वैश्विक औद्योगिक प्रणालियों, आधुनिक तकनीकों तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति से परिचित करवाना है। इससे वे अपने तकनीकी कौशल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ भविष्य में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट में प्रशिक्षुओं ने जल शुद्धिकरण, स्वचालित बोतल निर्माण, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की आधुनिक प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षुओं के दल ने राखात चॉकलेट फैक्ट्री में चॉकलेट निर्माण, पैकेजिंग, गुणवत्ता प्रबंधन तथा बड़े पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की कार्यप्रणाली भी देखी।
ग्रीन मार्केट के भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने स्थानीय कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक खाद्य पदार्थों तथा बाजार प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया, जिससे उन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं उद्यमिता के विभिन्न आयामों की जानकारी प्राप्त हुई। प्रशिक्षुओं के दल ने मानव निर्मित झील का भी भ्रमण किया, जहां प्रशिक्षुओं ने शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन तथा सार्वजनिक पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित रखरखाव का अवलोकन किया।

प्रशिक्षुओं ने शिम्बुलाक माउंटेन रिजॉर्ट एवं केबल कार का भ्रमण भी किया। यहां ऑपरेशन मैनेजर ने प्रशिक्षुओं को केबल कार प्रणाली के संचालन, नियंत्रण प्रणाली, सुरक्षा मानकों, नियमित निरीक्षण, रखरखाव, आपदा प्रबंधन तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अपनाई जाने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। धर्माणी ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण युवाओं में नवाचार, गुणवत्ता, अनुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा का उद्देश्य अनुभव आधारित शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षु शैक्षणिक संवाद और विविध विकास मॉडलों और सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में मिली लाभप्रद जानकारी का उपयोग अपनी भविष्य की योजनाओं में कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भ्रमण से प्राप्त अनुभव प्रशिक्षुओं को भविष्य में बेहतर तकनीशियन, कुशल कार्यबल एवं सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करेगा।
इस अन्तरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के दौरान उत्कृष्ठ शिक्षविद्ों के साथ शैक्षणिक संवाद आयोजित करवाए जा रहे हैं। ‘क्रॉस एण्ड क्लचरल कम्यूनिकेशन इन मेनेजमेंट इन विषय पर हायर स्कूल ऑफ मीडिया एंड इंटरकल्चरल कम्युनिकेशन, तुरान यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर आइतोल्किन अशिमोवा ने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी संवाद, सांस्कृतिक विविधता, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क तथा व्यावसायिक नैतिकता के महत्त्व पर प्रकाश डाला।
‘पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन गर्वनेंस एण्ड इंटरनेशनेलाईजेशन ऑफ हायर एजुकेशन इन सेंटरल एशिया विषय पर व्याख्यान के माध्यम से प्रो. अलीशेर कादिरोव ने कजाकिस्तान की उच्च शिक्षा प्रणाली में हुए सुधारों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा विदेशी विश्वविद्यालयों को कजाकिस्तान में परिसर स्थापित करने के लिए प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। अलमाटी टेकनोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सदिकोवा नरगिज़ा अलालदीनकिजी ने बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च इनोवशन एण्ड डॉक्टोरल स्टडीस इन कजाकिस्तान विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के साथ-साथ स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा, एआई, रोबोटिक्स, इंडस्ट्री 4.0, ग्रीन केमिस्ट्री, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा सतत औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में कजाकिस्तान की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
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कजाकिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों के औद्योगिक भ्रमण से आईटीआई प्रशिक्षुओं को मिला वैश्विक आधुनिक विनिर्माण का अनुभव
शिमला: प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के चयनित 30 प्रशिक्षुओं के दल ने आज कजाकिस्तान के अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी तथा एलीना ग्रुप के औद्योगिक परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा, आधुनिक उद्योगों, अनुसंधान एवं नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की जानकारी प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम प्रशिक्षुओं में तकनीकी दक्षता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक उत्तरदायित्व एवं वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कजाकिस्तान के साथ यह शैक्षणिक साझेदारी प्रशिक्षुओं को भविष्य में उत्कृष्ट तकनीशियन, सफल उद्यमी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पेशेवर बनने के लिए प्रेरित करेगी। यह एक्सपोजर विजिट हिमाचल प्रदेश की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
शैक्षणिक संवाद के प्रथम सत्र में मॉनिटरी इकनोमिक्स विषय पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, मौद्रिक नीति, केंद्रीय बैंकों की भूमिका, मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा आर्थिक विकास में वित्तीय प्रणाली के महत्त्व पर चर्चा की गई। चर्चा में विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में प्रभावी मौद्रिक नीति एवं सुदृढ़ वित्तीय तंत्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। दूसरे सत्र में हैड ऑफ एजुकेशन एण्ड इंटरनेशनल प्रोजैक्टस आइगेरिम सागिन्तायेवा ने क्रॉस कल्चरल कम्यूनिकेशन एथिक्स एण्ड प्रोफैशनल रिसपोंसिबिलिटी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी संवाद, विभिन्न संस्कृतियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने की क्षमता, व्यावसायिक नैतिकता, नेतृत्व, उत्तरदायित्व तथा टीमवर्क के महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ प्रभावी संचार कौशल एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।

सस्टेनेबल इंजीनियरिंग एण्ड इन्डस्ट्रियल लैंड स्केप विषय पर दिमित्री पाक ने व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने बताया कि भविष्य का औद्योगिक विकास केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित प्रौद्योगिकी, इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। इसके उपरान्त, प्रशिक्षुओं ने एलीना ग्रुप अल्माटी के आधुनिक औद्योगिक संयंत्र निर्माण सामग्री, ड्राई-मिक्स मोर्टार, पेंट एवं कोटिंग्स के निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक पैकेजिंग तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। यहां संयंत्र के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं को उत्पादन प्रक्रिया में स्वचालन अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा संसाधनों के कुशल उपयोग की आधुनिक कार्य प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी।
अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी द्वारा एक गरिमामयी दीक्षांत एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के प्रबंधन द्वारा सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समारोह में दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भारत और कजाकिस्तान के बीच तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान को भविष्य में और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल से भेंट की
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।
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कुल्लू, ऊना, बिलासपुर, सोलन सहित आठ अस्पतालों में लगेंगी 1.5 टेस्ला MRI मशीनें
नाहन, हमीरपुर, बिलासपुर, धर्मशाला और सोलन में शुरू होगी डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार जिला अस्पतालों और सभी सात राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ कर रही है ताकि लोगों को घर-द्वार के समीप ही बेहतर उपचार की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला अस्पताल लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के दृष्टिगत क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला तथा पालमपुर में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें भी लगाई जा रही हैं, जिससे विशेषज्ञ जांच और उपचार की सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी। उन्होंने कहा कि नैदानिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर और सोलन तथा क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें भी लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 14 मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं। दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जांच के लिए इन मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इनका उपयोग छाती की जांच और टीबी की जल्द पहचान के लिए किया जाएगा, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी चमियाना, आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में 256-स्लाइस हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड मशीनें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एम्स, नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के रेडियोलॉजी विभागों को और मजबूत करने के भी निर्देश दिए, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की भर्ती की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और शीघ्र ही सभी सात सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की खरीद की समीक्षा करते हुए प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि लोगों को उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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शिक्षा मंत्री ने बस दुर्घटना में तीन लोगों के निधन पर शोक व्यक्त किया
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के गारटोला में गत सायं बस दुर्घटना में तीन लोगों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में घायल 21 लोग उपचाराधीन है। शिक्षा मंत्री ने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत प्रदान करने तथा घायलों को सर्वाेत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। रोहित ठाकुर ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
