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  • बजट घोषणाओं को अमल में लाने की तैयारी तेज, CM Sukhu ने दिए स्पष्ट निर्देश

    बजट घोषणाओं को अमल में लाने की तैयारी तेज, CM Sukhu ने दिए स्पष्ट निर्देश

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के कार्यान्वयन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारा जाए, ताकि आम जनता को अधिकतम लाभ मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण, हरित ऊर्जा, पर्यटन, डाटा स्टोरेज तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को देखते हुए आगामी समय में और भी जनहितकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि विकासात्मक परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार के पास धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सभी विभागों को अधूरी परियोजनाओं को तीव्र गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, किसानों और बागवानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है। किसानों को अधिक लाभ प्रदान करने के लिए कोल्ड स्टोरेज तथा प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उत्पादों के प्रमाणन और विपणन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को ‘हिम-ईरा’ ब्रांड के अंतर्गत बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे इन समूहों की आय में बढ़ोतरी हो रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं तथा प्रथम चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न पर आधारित किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है तथा चिकित्सा तकनीक को निरंतर उन्नत किया जा रहा है ताकि प्रदेश के भीतर ही लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों का डिजिटलीकरण दिसंबर माह तक पूर्ण करें और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर जनता तक सेवाओं की त्वरित पहुँच सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि बजट घोषणा के अनुरूप हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा में ड्रोन स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं तथा संबंधित विभागों को इस कार्य को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

    बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा, सातवें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष नंद लाल, सुरेश कुमार, मलेंद्र राजन, मुख्य सचिव संजय गुप्ता सहित प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

  • अनुसूचित जाति के उत्थान की नई राह, 11 साल बाद CM Sukhu सरकार की बड़ी पहल

    अनुसूचित जाति के उत्थान की नई राह, 11 साल बाद CM Sukhu सरकार की बड़ी पहल

    शिमला: 11 वर्ष के अंतराल के बाद आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1995 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई तथा समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून कांग्रेस पार्टी तथा संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की दूर दृष्टि और सामाजिक न्याय की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। प्रशासनिक तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

    सुक्खू ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने समाज में समानता और समरसता की स्थापना के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनकी प्रेरणा से ही राज्य सरकार अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में छुआछूत की घटनाएं अब कम रह गई हैं। राज्य सरकार ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 1,200 पीड़ितों को पुनर्वास राहत के रूप में लगभग 7.35 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं, जबकि 45,238 पीड़ितों को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की गई है।

    इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश की 25.19 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जातियों से संबंधित है और राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के बीच भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15, 16 और 17 के अंतर्गत छुआछूत और जातिगत भेदभाव को दंडनीय अपराध घोषित कर सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अधिनियम के उल्लंघन पर अत्याचार की गंभीरता के अनुसार सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

    बैठक में युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा, 7वें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष नंद लाल, विधायक हंस राज, विनोद कुमार, सुरेश कुमार, मलेंद्र राजन, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, डीजीपी अशोक तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सुमित किमटा सहित समिति के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • CM सुक्खू के विज़न से तकनीकी शिक्षा में क्रांति, 348 संस्थान बन रहे आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र

    CM सुक्खू के विज़न से तकनीकी शिक्षा में क्रांति, 348 संस्थान बन रहे आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र

    हिमाचल : हिमाचल प्रदेश तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की ओर अग्रसर है। वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य में आयोजित किए गए रोजगार मेलों, संयुक्त प्लेसमेंट ड्राइव और कैंपस भर्तियों के माध्यम से 12,378 युवाओं कोे रोजगार मिला है। राज्य में अब तक 14,421 से अधिक छात्रों और 1,203 संकाय सदस्यों ने मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज और स्टडी वेब ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल लर्निंग प्राप्त की है। तकनीकी और व्यावसायिक संस्थान अब केवल डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करने तक ही सीमित नहीं हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में यह क्षेत्र रोज़गार सृजन, औद्योगिक सहयोग, नवाचार और भविष्य के लिए कुशल युवाओं को तैयार कर रहा है।

    व्यवस्था परिवर्तन की मुहिम के तहत वर्तमान सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारवादी निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वर्तमान में परंपरा-आधारित प्रशिक्षण से हटकर ए-आई आधारित अत्याधुनिक पाठ्यक्रमों का युवाओं को ज्ञान दिया जा रहा है। राज्य भर में 348 तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का एक मज़बूत नेटवर्क कार्यरत है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के इंजीनियरिंग कॉलेज, फ़ार्मेसी कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थान शामिल हैं। सुलह में सरकारी फ़ार्मेसी कॉलेज और जंडौर में सरकारी पॉलिटेक्निक की स्थापना गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा कोे विस्तार प्रदान कर रही है। तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों में भविष्योनमुखी पाठ्यक्रमों को शुरू किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल टैक्नोलॉजी में एम.टेक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मेक्ट्रोनिक्स सहित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 19 आधुनिक व्यावसायिक ट्रेड शुरू किए गए हैं।
    राज्य के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय स्तर के अनुसार प्रशिक्षुओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जेएलएन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सुंदरनगर के चार स्नातक कार्यक्रमों को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड द्वारा मान्यता प्रदान करना शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के सहयोग से 11 सरकारी आईटीआई संस्थानों में ड्रोन सेवा तकनीशियन प्रशिक्षण शुरू करना सरकार की भविष्योन्मुखी सोच को प्रदर्शित करता है। संस्थानों द्वारा 128 प्रशिक्षुओं को पहले ही प्रमाणित किया जा चुका है। राज्य के युवाओं के लिए ड्रोन इको सिस्टम तैयार किया जा रहा है।

    उद्योग-संस्थान संबंधों को मजबूत करने के लिए विभाग ने औद्योगिक भागीदारों के साथ 170 से अधिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे प्लेसमेंट और इंटर्नशिप के लिए एक प्रणाली तैयार हो रही है। एनएटीएस और एनएपीएस योजनाओं के तहत औद्योगिक टूर के माध्यम से प्रशिक्षुओं को औद्योगिक अनुभव प्रदान किया जा रहा है। राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके तहत एडीबी द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश कौशल विकास परियोजना के तहत, 80.98 करोड़ रुपये की लागत से 50 आईटीआई, एक पॉलिटेक्निक और एक इंजीनियरिंग कॉलेज की मशीनरी और उपकरणों का उन्नयन किया गया है जिससे लगभग 5,880 छात्र लाभान्वित हुए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम, कंप्यूटर, बिजली की बचत करने वाले इनवर्टर, ऑन-ग्रिड सौर संयंत्र और सौर स्ट्रीट लाइट जैसी स्मार्ट सुविधाएं अनेक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्थापित की जा रही है। राष्ट्रीय केंद्रों और वैश्विक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों के क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप दिया गया है।

    केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत, 36 आईटीआई को 1.20 करोड़ रुपये की लागत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम, 89 लाख रुपये की लागत से 10 आईटीआई की आईटी और कोपा प्रयोगशालाओं को 120 आधुनिक कंप्यूटरों से लैस किया गया, 37 आईटीआई में 1.66 करोड़ रुपये की लागत से 10 केवीए बिजली-बचत इनवर्टर, 36.75 लाख रुपये की लागत से तीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 25 किलोवाट के ऑनग्रिड सोलर प्लांट और 16 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ 11.79 करोड़ रुपये की लागत से 9 वाट की 100 सोलर लाइटें लगाकर इन्हें ऊर्जा कुशल व हरित शिक्षण संस्थान बनाया गया है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में अभूतपूर्व सुधार किए जा रहेे हैं और इन सुधारों के फलस्वरूप प्रदेश के युवा कौशल संवर्धन कर रोजगार प्रदाता के रूप में स्थापित हो रहे हैं। तकनीकी संस्थान कौशल सृजन, रोज़गार सृजन, नवाचार को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था को गति देने वाले संस्थानों में बदल रहे हैं। भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रमों, सुदृढ़ बुनियादी ढांचे, औद्योगिक एकीकरण और बेहतर प्लेसमेंट परिणामों के साथ, वर्तमान सरकार ने हिमाचल प्रदेश को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा में एक आदर्श राज्य बनाने की मज़बूत नींव रखी है।

  • हिमाचल में प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम, PWD के 100 दफ्तर हुए डिजिटल

    हिमाचल में प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम, PWD के 100 दफ्तर हुए डिजिटल

    हिमाचल: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार के डिजिटल गवर्नेंस सुधारों के अनुरूप, लोक निर्माण विभाग के 100 कार्यालयों को ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए विभाग की सराहना की है। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यालयों में ई-ऑफिस आरम्भ करने में लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब फाइलों का संचालन प्रमुख अभियन्ता से सचिव स्तर तक, सचिव कार्यालय से लोक निर्माण मंत्री के कार्यालय तक और इसके पश्चात मुख्यमंत्री कार्यालय तक ई-ऑफिस के माध्यम से सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग में आंतरिक संचार भी अब आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से हो रहा है, जिससे कार्य में अनावश्यक विलंब में कमी आई है। इस डिजिटल परिवर्तन से तय समय सीमा के भीतर और पूर्ण पारदर्शिता से फाइलों का संचालन, किसी भी स्तर पर लंबित फाइलों की वास्तविक समय पर दृश्यता और आधिकारिक अभिलेखों की आसान निगरानी और पुनर्प्राप्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि जहां डिजिटलीकरण आमतौर पर शीर्ष स्तर पर आसान और क्षेत्रीय स्तर पर अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, वहीं लोक निर्माण विभाग ने अधिषाशी अभियन्ता स्तर तक ई-ऑफिस को सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार के जवाबदेह और प्रौद्योगिकी-संचालित शासन के दृष्टिकोण के अनुरूप एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन विभाग को अधिक पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ही विभाग ने निर्धारित समय सीमा के भीतर विभाग को डिजिटल बनाने का लक्ष्य हासिल किया है।

    लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि कुल 100 कार्यालयों ने ई-ऑफिस पर काम करना शुरू कर दिया है। इसमें प्रमुख अभियन्ता स्तर का एक कार्यालय, पांच मुख्य अभियंता (जोन) कार्यालय, अधीक्षण अभियंताओं के नेतृत्व वाले 19 वृत्त कार्यालय और कार्यकारी अभियंताओं के नेतृत्व वाले 58 मंडल स्तर के कार्यालय शामिल हैं। विद्युत अनुभाग के अंतर्गत दो वृत्त कार्यालय और पांच मंडल स्तर के कार्यालय ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य कर रहे हैं जबकि यांत्रिक अनुभाग के अंतर्गत दो वृत्त कार्यालय और चार मंडलीय कार्यालय अब डिजिटल हो गए हैं। इसके अतिरिक्त शिमला स्थित मुख्य वास्तुकार कार्यालय, मंडी और धर्मशाला स्थित वास्तुकार कार्यालय और एक बागवानी मंडल भी ई-ऑफिस पर काम कर रहे हैं।

  • CM Sukhu ने की अहम बैठक, इन फैसलों को दी गई मंजूरी

    CM Sukhu ने की अहम बैठक, इन फैसलों को दी गई मंजूरी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में परिवहन विभाग को राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत सब्सिडी के प्रावधान के साथ 1000 मौजूदा डीजल/पेट्रोल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सियों से बदलने के लिए आवश्यक अनुमति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने 1 अप्रैल, 2025 से विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह की वृद्धि को मंजूरी प्रदान की। इससे राज्य के 510 विशेष पुलिस अधिकारी लाभान्वित होंगे। इसका लाभ गैर-जनजातीय क्षेत्रों के 403 और जनजातीय क्षेत्रों के 107 अधिकारियों को मिलेगा। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 1 अप्रैल, 2025 से एसएमसी शिक्षकों (टीजीटी, सीएंडवी, जेबीटी, लैक्चरर, डीपीई), आईटी कंप्यूटर शिक्षकों, मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं और अंशकालिक जलवाहकों के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की।

    मंत्रिमंडल ने राज्य में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना और हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना (जाइका चरण-2) के कार्यान्वयन और कुशल निगरानी प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रणाली विभागों, एसपीएनएफ और जाइका के मध्य सामंजस्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ परियोजनाओं के प्रमुख कार्यक्रमों के तहत अपेक्षित परिणामों के साथ कुशल शासन और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को विनियमित करने के लिए आदर्श उप-नियमों के रूप में ग्राम पंचायतों द्वारा अपनाए जाने वाले ग्रामीण क्षेत्र विकास दिशा निर्देशों के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी इस मंत्रिमंडलीय उप-समिति के सदस्य होंगे।

    बैठक में राज्य सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों इत्यादि के अंतर्गत ग्रुप-ए, बी, सी और डी के पदों/सेवाओं में नियुक्ति के लिए विचार हेतु योग्य मेधावी खिलाड़ियों की सूची में 19 खेलों को शामिल करने को मंजूरी दी गई। इन खेलों में बेसबॉल, पैरा स्पोर्ट्स, रग्बी ट्रायथलॉन, बधिर खेल, मल्लखंब, कूडो, मोटर स्पोर्ट्स, पेंचक सिलेट, शूटिंग बॉल, सॉफ्ट टेनिस, रोल बॉल, टेनपिन बॉलिंग, रस्साकशी, तलवारबाजी, नेटबॉल, सेपक टकराव, वुशु और किकबॉक्सिंग शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने डायरेक्ट ऑफ रिक्रयूटमेंट के अंतर्गत कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के लिए एक अलग और विशिष्ट राज्य संवर्ग बनाने को मंजूरी दी, जिसके लिए पहले चरण में जॉब ट्रेनी के रूप में 300 पद सृजित किए जाएंगे।बैठक में नाहन मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए नव चयनित भूमि पर निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान की गई।

    मंत्रिमंडल द्वारा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में नए स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश को विनियमित करने के लिए कार्योत्तर अनुमति देने पर स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने आईजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय से सहायक प्रोफेसर के 32 नये पदों को चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के तहत एमरजेंसी मेडिसिन विभाग में स्थानांतरित करने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। बैठक में नई रेजिडेंट डॉक्टर्स नीति-2025 को तैयार करने को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सहायक स्टाफ नर्स की नियुक्ति को विनियमित करने के उद्देश्य से नीति/योजना तैयार करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी।

    बैठक में हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों के लिए ब्याज अनुदान सहित भू-स्थलीय सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना हेतु योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इस योजना का नाम अब राजीव गांधी स्वरोजगार सौर ऊर्जा योजना होगा, जिसके अंतर्गत जनजातीय और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की भू-स्थलीय सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए ब्याज अनुदान दिया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना हेतु सरकार द्वारा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा, जबकि गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

    मंत्रिमण्डल ने राज्यों को पूंजी निवेश 2025-26 हेतु विशेष सहायता योजना के संदर्भ में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन नियम, 2014 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की।मंत्रिमण्डल ने पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद की स्थापना को मंजूरी दी, जो पर्यटन निवेश को कुशलतापूर्वक और पारदर्शी तरीके से आकर्षित करने, उसका मूल्यांकन करने और उसे सुगम बनाने के लिए एक तंत्र पर काम करेगी।

    मंत्रिमण्डल ने राज्य में फार्मा इकाइयों द्वारा उपयोग किए जाने वाले एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल, रेक्टिफाइड और सभी प्रकार के स्पिरिट की खरीद, भंडारण, परिवहन, गुणवत्ता परीक्षण और आपूर्ति के लिए हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम को नोडल एजेंसी के रूप में नामित करने का निर्णय लिया।

    मंत्रिमण्डल ने राज्य में पुरुष अनुबंध कर्मचारियों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने की अनुमति दी। सोलन जिले में हरिपुर संधोली-2, सूरजमाजरा लुबाना और बद्दी ब्लॉक के चक्कन में तीन नए सरकारी प्राथमिक विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने राज्य के अधिकतम विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना में संशोधन को मंजूरी दी। संशोधन के अनुसार, स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, लाभार्थी विद्यार्थी के परिवार की आय सीमा 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी गई है।

     

  • अब होम स्टे खोलना हुआ आसान, CM Sukhu ने ऑनलाइन पोर्टल का किया उद्घाटन

    अब होम स्टे खोलना हुआ आसान, CM Sukhu ने ऑनलाइन पोर्टल का किया उद्घाटन

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज राज्य में पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दस दिनों के भीतर होम स्टे इकाइयों के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभागों के लिए यूजर फ्रैंडली ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने के लिए सक्षम सॉफ्टवेयर कंपनियों की सेवाएं लेने के साथ साथ इस संदर्भ में टेंडर भी जारी किए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिथिगृहों और विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों में सभी भुगतान ऑनलाइन किए जाएं, जिसमें खाद्य बिलों का भुगतान आदि भी शामिल हो।

    उन्होंने एशियन विकास बैंक और पर्यटन विकास बोर्ड परियोजनाओं के लिए नक्शे तैयार करने के लिए पेशेवर आर्किटेक्ट्स की सूची तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे दस दिनों के भीतर विज्ञापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने में तेजी लाई जाए तथा इस प्रक्रिया को ज्यादा सरल बनाया जाए। उन्होंने पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद के प्रस्तावित नियमों में बदलाव करने का सुझाव भी दिया, जिस पर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निर्माणाधीन होटलों पर भी पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद के नियमों के तहत विचार किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की घाटे में चल रही इकाइयों के संचालन और रख-रखाव की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सके। बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव देवेश कुमार, पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • CM Sukhu और उपमुख्यमंत्री ने नायक सुशील कुमार के निधन पर व्यक्त किया शोक

    CM Sukhu और उपमुख्यमंत्री ने नायक सुशील कुमार के निधन पर व्यक्त किया शोक

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 13वीं डोगरा रेजिमेंट में फैजाबाद में तैनात 40 वर्षीय नायक सुशील कुमार के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। सुशील कुमार जिला हमीरपुर के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के पन्याला गांव के निवासी थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है और शोक संतप्त परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि नायक सुशील कुमार मातृ भूमि की रक्षा के लिए आजीवन समर्पित रहे व देश के लिए उनकी सेवाओं को सदैव याद रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

  • CM Sukhu ने गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस समारोह की तैयारियों पर लिया जायजा

    CM Sukhu ने गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस समारोह की तैयारियों पर लिया जायजा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि श्री गुरू तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शिमला में आयोजित होने वाले समारोह के लिए समुचित प्रबन्ध किए जाएं। यह समारोह 1 व 2 नवम्बर 2025 को रिज और पदमदेव परिसर शिमला में आयोजित किया जाएगा।

    गुरूद्वारा श्री गुरू सिंह सभा और शिमला जिला प्रशासन के साथ आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह में शामिल होने वाले लोगों के लिए परिवहन व ठहरने की की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने नगर निगम शिमला को निर्देश दिए कि स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और आयोजन स्थल पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं।

    बैठक में विधायक हरीश जनारथा, महापौर शिमला नगर निगम सुरेन्द्र चौहान, सचिव सामान्य प्रशासन राजेश शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, निदेशक भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग रीमा कश्यप, सिंह सभा शिमला के अध्यक्ष जसविन्द्र सिंह और प्रदेश के सभी गुरूद्वारों के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।

  • हिमाचल के सीएम Sukhu का बड़ा ऐलान, कोटला-बड़ोग नशा मुक्ति केंद्र में आएंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

    हिमाचल के सीएम Sukhu का बड़ा ऐलान, कोटला-बड़ोग नशा मुक्ति केंद्र में आएंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिले के कोटला-बड़ोग में आधुनिक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के निर्माण को लेकर आज सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केन्द्र में कुल 100 बिस्तरों की क्षमता होगी तथा पुस्तकालय, व्यायाम शाला, खेल गतिविधियों, योग साधना और कौशल एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा भी होगी। इसके अलावा चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए चिकित्सकों और नर्साें एवं अन्य स्टाफ की तैनाती भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 534.36 लाख रूपये स्वीकृत किए हैं और अगर जरुरत हुई तो अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

    बैठक में उपायुक्त सोलन और सिरमौर वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देश दिए कि इस केन्द्र की स्थापना के लिए पशु पालन विभाग की भूमि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को स्थानान्तरित की जाए। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, प्रधान सचिव विधि राजीव बाली, निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सुमित किमटा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

  • राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली की दीं शुभकामनाएं

    राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली की दीं शुभकामनाएं

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दी हैं।

    राज्यपाल ने दीपावली पर्व पर प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि यह रोशनी का त्यौहार बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। इस दिन दीपक न केवल घरों को सजाने के लिए, बल्कि जीवन के एक गहन सत्य को संप्रेषित करने के लिए भी जलाए जाते हैं।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली का त्यौहार न केवल घरों को ही बल्कि हमारे मन और समाज को भी रोशनी से आलोकित करता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि इस अवसर पर सब मिलकर शांति, सौहार्द और एकता का संदेश फैलाएं तथा एक समृद्ध और उज्ज्वल प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें। उन्होंने दीपावली के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों के सुखी जीवन एवं समृद्धि की मंगल कामना की।

    उप-मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली पर्व हमें प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस पर्व को आपसी मेल-जोल की भावना के साथ मनाएं ताकि सबके जीवन में खुशियों का प्रकाश फैले।