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  • कांग्रेस नेता ने अपने क्षेत्र में तीन सीबीएसई स्कूलों की मांग की

    कांग्रेस नेता ने अपने क्षेत्र में तीन सीबीएसई स्कूलों की मांग की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आज शिमला में मंडी जिला के जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने शिष्टाचार भेंट कर क्षेत्र की विभिन्न मांगों पर चर्चा की। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के जोगिंद्रनगर, चौंतड़ा और लड़भड़ोल में सीबीएसई स्कूल खोलने की मांग रखी।

    मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। जीवन ठाकुर ने इस अवसर पर अपने क्षेत्र के महिला मंडल टिक्करू की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 11,000 रुपये का चेक भी मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के योगदान आपदा में जरूरतमंदों की सहायता करने में बहुत मददगार साबित होते हैं।

  • CM Sukhu का अहम ऐलान, चमियाणा और टांडा के बाद IJMC शिमला में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी

    CM Sukhu का अहम ऐलान, चमियाणा और टांडा के बाद IJMC शिमला में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी

    शिमला: एआइएमएसएस चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत के बाद राज्य सरकार शीघ्र ही आईजीएमसी शिमला में यह सुविधा उपलब्ध करवाने जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यहां बुधवार सांय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आईजीएमसी शिमला में कमला नेहरू अस्पताल के मरीजों की रोबोटिक सर्जरी के लिए 40 बेड आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश के अस्पतालों में अत्याधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवा रही है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईजीएमसी में गाइनी की रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाए। बैठक में गाइनी की रोबोटिक सर्जरी से जुड़े अनेक अन्य निर्णय भी लिए गए। उन्होंने कहा कि केएनएच के स्त्री रोग विशेषज्ञ रोबोटिक सर्जरी के अलावा आईजीएमसी में इलेक्टिव सर्जरी भी करेंगे। उन्होंने कहा कि केएनएच प्रशासन रोबोटिक व इलेक्टिव सर्जरी के लिए आईजीएमसी में डॉक्टरों की टीम तैनात करेगा ताकि दोनों जगह महिला रोगियों को सुगम इलाज मिल सके। आईजीएमसी में रोबोटिक व इलेक्टिव सर्जरी का तीन महीने तक ट्रायल आधार पर प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद समीक्षा कर आगे बदलाव किए जा सकते हैं।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से आईजीएमसी में डायग्नोस्टिक लैब स्थापित की जा रही है। कॉलेज प्रशासन को इसके लिए राशि जारी कर दी गई है। इसमें टेस्ट शुरू होने के बाद केएनएच के स्त्री रोग विशेषज्ञों को भी महिला रोगियों के उपचार में काफी लाभ होगा। बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा राकेश शर्मा तथा कमला नेहरू अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

  • ‘हरित दीपावली’ के संदेश पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आयोजित किया कार्यक्रम

    ‘हरित दीपावली’ के संदेश पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आयोजित किया कार्यक्रम

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए स्वच्छ और हरित दीपावली मनाने के संदेश के साथ राज्य के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान आयोजित किए। बोर्ड द्वारा बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, चम्बा, ऊना, सिरमौर, सोलन और हमीरपुर जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    बोर्ड की परवाणु स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला ने बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पट्टा मसूलखाना और परवाणु में ‘हरित दीपावली’ पहल के तहत ‘स्वच्छ दीपावली, हरित दीपावली’ विषय पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए। इस आयोजन में पटाखे फोड़ने के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विद्यार्थियों द्वारा जन जागरूकता रैली निकाली गई। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा थीम पर आधारित नारा लेखन और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

    इसी प्रकार, हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय प्रयोगशाला, पांवटा साहिब ने भी सिरमौर जिला के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय बेचड़ का बाग में ‘स्वच्छ दीपावली, हरित दीपावली’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और समुदाय को प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर बनाने, नारा लेखन और भाषण जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को ग्रीन दीपावली के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान युवा प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अपनी कलाकृतियों और भाषणों के माध्यम से प्रभावशाली संदेश दिए।

    प्रधान विज्ञानी डॉ. हितेंद्र कुमार शर्मा ने पटाखों के दुष्प्रभावों पर एक व्याख्यान दिया और सभी से स्वस्थ पर्यावरण के लिए दीपावली मनाने का एक पर्यावरण-अनुकूल तरीका चुनने का आग्रह किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को उनके सराहनीय प्रयासों के लिए प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए गए। इस आयोजन ने युवाओं के मन में पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीज सफलतापूर्वक बोए।

    इसी प्रकार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, घनियारा में भी दीपावली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां विद्यार्थियों ने रैली के जरिए स्वच्छ एवं हरित दीपावली का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने हिमाचल प्रदेश को दर्शाती एक सुंदर रंगोली बनाई और उसे मिट्टी के दीयों से सजाया। क्षेत्रीय प्रयोगशाला दारी की विज्ञानी सतविंद्र कौर ने अपने सम्बोधन में पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

  • CM Sukhu का बड़ा ऐलान, अक्तूबर माह के वेतन और पेंशन के साथ मिलेगा तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता

    CM Sukhu का बड़ा ऐलान, अक्तूबर माह के वेतन और पेंशन के साथ मिलेगा तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता

    शिमला: दिवाली से पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ते की किश्त अक्तूबर माह के वेतन और पेंशन के साथ नवम्बर माह में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अप्रैल से सितंबर 2025 तक का बकाया कर्मचारियों के खातों में अक्तूबर माह में जमा कर दिया जाएगा। वहीं जुलाई 2023 से मार्च 2025 तक की बकाया राशि के बारे में अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

    आज शिमला में हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के दो दिवसीय आम अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड के कर्मचारियों कीे यूनियन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद पुरानी पेंशन योजना देने पर आने वाले समय में विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में सुधार करने की जरुरत है और कर्मचारियों के साथ के बिना यह संभव नहीं है। आज ऊहल प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन का खर्च 27 रुपये प्रति यूनिट आ रहा है, जिसके लिए बोर्ड के बड़े अधिकारी जिम्मेदार है। बिजली बोर्ड में कर्मचारियों का खर्च प्रति यूनिट 2.50 रुपये है, क्योंकि बोर्ड में अधिकारियों की बहुत अधिक संख्या है और छोटे कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ नहीं मिल पा रहे।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड में कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ देने के लिए 2200 करोड़ रुपये जारी किए है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में 2023 से सितंबर 2025 तक कंपनी ने पेंशनधारकों को ग्रेच्युटी, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, अवकाश नकदीकरण और पेंशन बकाया के रूप में कुल 662.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इसी वर्ष के अंत तक 70 करोड़ का भुगतान और किया जाएगा। सभी कर्मचारियों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान को केन्द्रित कर दिया गया है और इसे साप्ताहिक आधार पर किया जा रहा है, जिसमें कोई लंबित राशि नहीं है। उन्होंने बोर्ड को अपने आउटसोर्स कर्मचारियों की किसी हादसे में घायल होने पर मुआवजा नीति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की रुकी हुई पदोन्नतियां भी तुरंत प्रभाव से की जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस दी तो हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेताओं के दबाव में केंद्र सरकार ने राज्य की एडिशनल बॉरोइंग बंद कर दी। ओपीएस को वापिस लेने के लिए बार-बार केंद्र से पत्र भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए आने वाले तीन-चार महीने आर्थिक तंगी के है, लेकिन जल्द ही आर्थिक स्थिति ठीक हो जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर जनता का धन लुटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार को 75 हजार करोड़ का कर्ज और 10 हजार करोड़ कर्मचारियों की देनदारियां विरासत में मिलीं। उन्होंने कहा ‘‘अगर आज कर्मचारियों को उनके लाभ नहीं मिल रहे, तो यह वर्तमान सरकार के कारण नहीं है क्योंकि किसी ने भी प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर ध्यान नहीं दिया।’’

    सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने 2022 में विधानसभा चुनावों से पहले 600 शिक्षण संस्थान खोल दिए लेकिन हमें कड़ा फैसलों लेकर इन्हें बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाए, जिससे हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंचा है। यही हाल स्वास्थ्य क्षेत्र का था और इसमें भी सुधार किया गया है। वर्तमान राज्य सरकार 20-20 साल पुरानी मशीनों को बदल रही है और सभी मेडिकल कॉलेजों को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में पीईटी स्कैन और थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाई जा रही हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने रोबोटिक सर्जरी की सुविधा की चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में शुरू कर दी गई है तथा आने वाले समय में राज्य सरकार नई तकनीक लाने पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। दूध की खरीद दरों में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की गई है। प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूँ, मक्की, जौ और कच्ची हल्दी को समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यूनियन की स्मारिका का विमोचन भी किया।

    इससे पहले विभिन्न यूनियन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का कार्यक्रम में पहुंचने पर स्वागत किया।
    इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, हरीश जनारथा, रणजीत सिंह, कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया, बिजली बोर्ड के चेयरमैन प्रबोध सक्सेना, प्रबन्ध निदेशक आदित्य नेगी, ऑल इंजीनियर्स यूनियन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर, महासचिव हीरा लाल वर्मा, एचपीएसईबीएल कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • न्यायालय परिसरों में ट्रांसजेंडर और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को दी गई 52 शौचालयों की सुविधा

    न्यायालय परिसरों में ट्रांसजेंडर और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को दी गई 52 शौचालयों की सुविधा

    शिमला: लोक निर्माण विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक न्यायालय और ट्रिब्यूनल परिसर में ट्रांसजेंडर व विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए अलग शौचालय सुविधाएं सुनिश्चित करने में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।

    उन्होंने बताया कि इस वर्ष 9 अक्तूबर तक शिमला, कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, मंडी, चंबा और किन्नौर जिलों के न्यायालय परिसरों में 52 शौचालय बनाए गए हैं। इनमें 27 शौचालय ट्रांसजेंडर और 25 विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए हैं। उन्होंने बताया कि शेष 34 शौचालयों का निर्माण सिरमौर, कुल्लू और अन्य न्यायायल परिसरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, भूमि उपलब्ध होने पर इस वर्ष 13 और शौचालय निर्मित किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर इस कार्य के लिए लगभग 1.50 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। शेष शौचालय के निर्माण के लिए 1.13 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि शीघ्र जारी की जाएगी।

    प्रवक्ता ने बताया कि इस कार्य की निगरानी के न्यायमूर्ति सत्ययेन वैद्य की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। इस समिति में मुख्य सचिव, प्रधान सचिव वित्त, सचिव लोक निर्माण, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और लोक निर्माण प्रमुख अभियन्ता सदस्यों के रूप में शामिल किए गए हैं। निर्माण प्रक्रिया कार्य में तेजी लाने के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के आधीन एक उप-समिति का भी गठन किया गया है, जो न्यायिक फोरम और सुविधाओं के निर्माण और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा इनकी देखभाल सुनिश्चित करने का कार्य करेगी।

  • स्टार्ट-अप एंड स्टूडेंट इनोवेशन पॉलिसी से युवाओं के स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

    स्टार्ट-अप एंड स्टूडेंट इनोवेशन पॉलिसी से युवाओं के स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

    शिमला: नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने हिमुडा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि युवाओं के स्टार्ट-अप को हिमुडा स्टार्ट-अप एंड स्टूडेंट इनोवेशन पॉलिसी के तहत प्रोत्साहित किया जाएगा। इस नीति के तहत हिमुडा द्वारा एक वर्ष के लिए 25 लाख रुपये के स्टार्ट-अप फंड का प्रावधान किया गया है और युवाओं के स्टार्ट-अप को प्रति प्रस्ताव 5 लाख रुपये की फंडिंग दी जाएगी। नीति का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकीय तंत्र का निर्माण करना है। इससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह नीति प्रदेश में जीवन्त स्टार्ट-अप इको सिस्टम को आकार देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    धर्माणी ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्य के साथ-साथ प्रदेश में सुनियोजित विकास परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने हिमुडा को क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए कहा।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत जिला कांगड़ा के नरघोटा में पर्यटन गांव का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को विस्तार प्रदान करने के दृष्टिगत हिमुडा को आध्यात्मिक नगर क्षेत्र परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल को सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इसके दृष्टिगत आइटी टाउनशिप परियोजनाओं पर भी कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने शिमला शहर में भीड़-भाड़ कम करने के लिए जाठिया देवी में निर्मित की जा रही माउंटेन सिटी परियोजना की भी समीक्षा की।

    बैठक में निजी भागीदारों के साथ रियल इस्टेट परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। हिमुडा द्वारा लम्बे समय से गैर-क्रियाशील पदों का युक्तिकरण किया गया है। इसके अतिरिक्त हिमुडा की कार्य प्रणाली को प्रभावशाली बनाने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 46 पदों को भी सृजित किया गया है।

    बैठक में हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवन्त छाजटा, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव डॉ. सुरेन्द्र कुमार वशिष्ठ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • आपदा राहत कोष के लिए TVS Motors ने किया एक करोड़ रुपये का अंशदान

    आपदा राहत कोष के लिए TVS Motors ने किया एक करोड़ रुपये का अंशदान

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को आज यहां टीवीएस मोटर्स के वाई.एस. गुलेरिया ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करने में मददगार साबित होगी।

    उन्होंने समाज के दानी सज्जनों और संपन्न वर्ग के लोगों से इस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने का आग्रह किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक हरदीप बावा, टीवीएस मोटर्स के प्रतिनिधि प्रसाद कृष्णन, वाई. वासुदेव और चमन लाल तथा बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योगपति संघ के महासचिव रजनीश विज भी उपस्थित थे।

  • CM Sukhu ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को 8.37 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी

    CM Sukhu ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को 8.37 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज मंडी जिला के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 8.37 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए।

    उन्होंने 5.98 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्र छात्रावास की आधारशिला रखी। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित राज्य प्रसूति प्रशिक्षण संस्थान एवं कौशल प्रयोगशाला, 6 लाख रुपये की लागत से निर्मित पोषण पुनर्वास केंद्र, 76 लाख रुपये की लागत से निर्मित व्यापक स्तनपान प्रबंधन केंद्र और 23 लाख रुपये की लागत से निर्मित एंडोस्कोपी इकाई का भी उद्घाटन किया।

  • CM Sukhu ने मेडिकल टेस्टों की ऑनलाइन पेमेंट के लिए ऐप विकसित करने के दिए निर्देश

    CM Sukhu ने मेडिकल टेस्टों की ऑनलाइन पेमेंट के लिए ऐप विकसित करने के दिए निर्देश

    शिमला: प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के अस्पतालों में होने वाले मेडिकल टेस्टों की ऑनलाइन पेमेंट के लिए ऐप विकसित करने निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग से समन्वय स्थापित कर एक महीने के भीतर ऐप विकसित करेगा ताकि लोगों को सुलभ एवं कैशलैस सेवाएं प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि अब लोगों को अस्पतालों में टेस्टों की फीस जमा करवाने के लिए कतारों में नहीं लगना पड़ेगा तथा उन्हें गुणात्मक एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इच्छुक व्यक्ति विभिन्न अस्पतालों में नियुक्त चिकित्सकों के साथ ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी निर्धारित कर सकेंगे।

    प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य विभाग में अनेक सुधार कर रही है तथा प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों तथा अस्पतालों में अत्याधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि लोगों को स्वास्थ्य जांच एवं इलाज के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आगामी वर्षों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और विस्तार पर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय करने का निर्णय लिया है।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र वर्तमान प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में है तथा लोगों को गुणात्मक स्वास्थ्य एवं शिक्षा प्रदान करने के लिए अनेक महत्त्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की गई हैं।