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  • पंचकूला जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 03, 10, 17 और 24 अगस्त को पंचकूला में की जाएगी

    पंचकूला जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 03, 10, 17 और 24 अगस्त को पंचकूला में की जाएगी

    मंच एक से 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की करेगा सुनवाई

    चंडीगढ़: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके। बिजली निगम के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में एक से 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामतः कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 03, 10, 17 और 24 अगस्त को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटर, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा।उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तिय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष लंबित नहीं है ।  
  • गीता ज्ञान को घर-घर तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : Nayab Singh Saini

    गीता ज्ञान को घर-घर तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : Nayab Singh Saini

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गीता ज्ञान संस्थानम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज से की भेंट

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार गीता को पाठ्यक्रम में और घर-घर गीता के संकल्प पर काम कर रही है। श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का संपूर्ण विज्ञान है। गीता में कर्म, धर्म, ज्ञान और भक्ति का जो समन्वय बताया गया है, वही आज के समय में समाज और देश को आगे बढ़ाने का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार संस्कृति और विकास को साथ लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को देर सायं गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गीता ज्ञान संस्थान, कुरुक्षेत्र के राधा कृष्ण मंदिर में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज से भेंट की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज से गुरु शिष्य परंपरा निभाते हुए शॉल उड़ाकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने संस्थान के राधा कृष्ण मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। गीता की भूमि कुरुक्षेत्र से पूरे विश्व को जीवन जीने की कला मिली है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज पिछले कई दशकों से गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनका जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय गीता नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। ब्रह्मसरोवर, ज्योतिसर और गीता ज्ञान संस्थान जैसे केंद्रों के माध्यम से हम पूरे विश्व में गीता का संदेश पहुंचाना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आज विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बन गया है। यह सब गीता मनीषी जैसे संतों के आशीर्वाद से ही संभव हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा हमें यह सिखाती है कि हम अपने गुरु, माता-पिता और समाज के प्रति कृतज्ञ रहें। हरियाणा सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है। गरीब, किसान, महिला और युवा सभी के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। गीता हमें निष्काम कर्म की प्रेरणा देती है। इसी भाव से हम 2047 तक विकसित भारत और विकसित हरियाणा के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक कर्मयोगी हैं। उन्होंने बहुत कम समय में प्रदेश की ज्यादा सेवा की है और आगे भी ऐसे ही करते रहेंगे। सरकार जिस प्रकार से गीता को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है, वह सराहनीय है। गीता से व्यक्ति में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की सरकार ने गीता के प्रचार-प्रसार के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मण्येवाधिकारस्ते का संदेश ही आज के प्रशासन और युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, संपूर्णानंद महाराज, चेयरमैन गुरनाम सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व श्रद्धालुगण मौजूद रहे।
  • कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने गुरु दक्ष प्रजापति जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत

    कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने गुरु दक्ष प्रजापति जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत

    चंडीगढ़: हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को आत्मसात कर दिखाए गए रास्ते पर चलकर आगे बढ़ना है। युवा पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा मिलती है। महापुरुषों की जयंती के कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को भी उनके जीवन के बारे में पता चलता है। वह संस्कृति-संस्कारों के साथ-साथ उनके विचारों से जुड़ती है। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा बुधवार को कुरुक्षेत्र स्थित गुरु दक्ष प्रजापति धर्मशाला में प्रजापति समाज की तरफ से आयोजित गुरु दक्ष प्रजापति जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पहले कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने ढांड रोड पर प्रजापति सभा द्वारा बनाए जाने वाले शिक्षण संस्थान का शिलान्यास किया और प्रजापति सभा कुरुक्षेत्र को 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। कुरुक्षेत्र प्रजापति धर्मशाला में महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती समारोह धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि मेहनत करने के जज्बे को कम ना होने दें। जीवन में तभी आगे बढ़ा जा सकता है जब मेहनत के संस्कार होंगे। संस्कृति से जुडक़र परिश्रम करना है। तभी समाज खुशहाल बन सकता है। उन्होंने समाज में बेटियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की अपील की। शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। शिक्षण संस्थान बनने से क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से समाज सेवा के कार्य और मजबूत होंगे। उन्होंने प्रजापति समाज से आह्वान किया कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता के क्षेत्र में आगे आएं।

    गुरु दक्ष प्रजापति ने समाज को कर्म, धर्म और सामाजिक समरसता का संदेश दिया

    कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि जब तक हम अपनी संस्कृति से जुडक़र परिश्रम नहीं करेंगे, तब तक हम एक खुशहाल और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण नहीं कर सकते। गुरु दक्ष प्रजापति जी ने भी अपने जीवन में कर्म और धर्म को सर्वोपरि रखा। हमें उनके आदर्शों को अपनाना होगा। गंगवा ने कहा कि गुरु दक्ष प्रजापति ने समाज को कर्म, धर्म और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि समाज के विकास के लिए शिक्षा और संस्कार दोनों जरूरी हैं। प्रजापति समाज ने हमेशा देश और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुम्हार कला से जुड़े इस समाज ने अपनी मेहनत से न केवल आजीविका कमाई बल्कि संस्कृति को भी जीवित रखा। सरकार महापुरुषों की जयंती को सरकारी स्तर पर मना कर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति पर गर्व होता है। गुरु दक्ष प्रजापति सभा धर्मशाला के प्रधान पवन कुमार चौलिया ने कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और सभा की तरफ से मांगों को कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा के सामने रखा। इस मौके पर चेयरमैन गुरनाम सैनी, भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष साहिल सुधा, राजेश करड़वाल, दीपक कुमार उमरी सहित गणमान्य मौजूद थे।
  • फरीदाबाद में नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल रैकेट का पर्दाफाश, मैनेजर गिरफ्तार

    फरीदाबाद में नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल रैकेट का पर्दाफाश, मैनेजर गिरफ्तार

    चंडीगढ़: हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने फरीदाबाद में फार्मास्युटिकल-ग्रेड के नकली रसायनों के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने कहा है कि जब्त की गई खेप यदि तय सीमा से अधिक दूषित पाई जाती है, तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बुधवार को बताया कि ‘प्रोपिलीन ग्लाइकोल’ (Propylene Glycol) का उपयोग कफ सिरप और अन्य कई दवाओं के निर्माण में बड़े पैमाने पर एक ‘एक्सिपिएंट’ (घटक) के रूप में किया जाता है, जिसके कारण मरीजों की सुरक्षा के लिए इसकी गुणवत्ता और शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है।

    डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के मार्गदर्शन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. मनोज कुमार और राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता के नेतृत्व में नकली व मिलावटी दवाओं के निर्माण, वितरण और बिक्री के खिलाफ विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति के तहत की गई है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विभाग की जानकारी के अनुसार, भारत में किसी स्थापित निर्माता के ब्रांड नाम का उपयोग करके फार्मास्युटिकल-ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल की कथित रूप से री-पैकेजिंग (पुनः पैकिंग) और जालसाजी का यह पहला मामला है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रोपिलीन ग्लाइकोल में डाईएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की मिलावट हाल के महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई मौतों से जुड़ी रही है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में नामी ‘मनाली’ ब्रांड नाम के तहत नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल बेचे जाने की एक ख़ास शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, फरीदाबाद की एफ़डीएअधिकारियों की टीम ने सेक्टर-69, IMT, फरीदाबाद स्थित ‘मेसर्स कोकना एशिया इंग्रेडिएंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ (M/s Kokana Asia Ingredients Private Limited) के परिसर पर छापेमारी की।

    अधिकारियों ने बताया कि जांच में री-पैकेजिंग के एक कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ, जिसमें इंडस्ट्रियल-ग्रेड (औद्योगिक श्रेणी) के प्रोपिलीन ग्लाइकोल को ‘मेसर्स मनाली पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड’ के लेबल और मार्किंग वाले ड्रमों में भरकर, नामी निर्माता के असली उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा था। छापेमारी दल ने फॉर्म-16 के तहत प्रोपिलीन ग्लाइकोल के 42 ड्रम, चीन निर्मित इंडस्ट्रियल-ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल के खाली ड्रम, एक ट्रांसफर पंप, मनाली पेट्रोकेमिकल्स के नाम वाले सीलिंग कवर और सीलिंग वायर जब्त किए हैं, जबकि प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए फॉर्म-17 के तहत एक नमूना (सैंपल) लिया गया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 24,83,250 रुपये है।

    डॉ. मिश्रा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि नमूने को यह जांचने के लिए भेजा गया है कि कहीं इसमें तय सीमा से अधिक डाईएथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल की अशुद्धियां तो नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की मिलावट से गंभीर विषाक्तता पैदा हो सकती है, जिसमें किडनी का अचानक खराब होना (एक्यूट किडनी इंजरी) और तंत्रिका तंत्र संबंधी (न्यूरोलॉजिकल) जटिलताएं शामिल हैं, जो विशेष रूप से बच्चों और अन्य संवेदनशील मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

    नकली और मिलावटी दवाओं के निर्माण एवं बिक्री के प्रथम दृष्टया सबूतों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने पुष्टि की कि फर्म के मैनेजर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम अदालत में पेश किया गया है।

  • संत रविदास का संदेश समाज को जोड़ने और समानता स्थापित करने का सबसे बड़ा आधार

    संत रविदास का संदेश समाज को जोड़ने और समानता स्थापित करने का सबसे बड़ा आधार

    चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बुधवार को पानीपत में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी भारतीय संत परंपरा के महान संत, समाज सुधारक, कवि तथा निर्गुण भक्ति आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। उन्होंने ऐसे समय में समाज को प्रेम, समानता, भाईचारे, सेवा और मानवता का संदेश दिया, जब जाति-पांति, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव अपने चरम पर था। संत रविदास ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे।

    उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास की पवित्र कलश यात्रा वाराणसी से प्रारंभ हुई है और देश के संगठन के तौर पर 27 जिलों से होकर गुजर रही है। यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक राष्ट्रीय अभियान है। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि यात्रा जहां-जहां पहुंच रही है, वहां समाज के सभी वर्गों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जा रहा है।

    30 जुलाई को यह पवित्र कलश यात्रा गुरुग्राम के सरहौल बॉर्डर पर पहुंचेगी, जहां प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, संत समाज तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके उपरांत कलश को गुरुग्राम स्थित श्री शीतला माता मंदिर में स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु दर्शन एवं पूजन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी आस्था को सम्मान देने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को भी मजबूत करेगी।

    हरियाणा सरकार संतों एवं महापुरुषों की विरासत को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र के उमरी में लगभग 5 एकड़ भूमि पर 124 करोड़ रुपए की लागत से गुरु रविदास धाम का निर्माण कराया जा रहा है। यह धाम आने वाली पीढिय़ों के लिए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां संत रविदास जी के जीवन, उनके दर्शन और सामाजिक संदेश को व्यापक रूप से संरक्षित एवं प्रसारित किया जाएगा। कृष्ण लाल पंवार ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के प्रेम, समानता, भाईचारे, सेवा, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को अपने जीवन में अपनाएं।

    संत रविदास का जन्म लगभग 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट सीर गोवर्धनपुर में हुआ माना जाता है। उनके पिता का नाम संतोक दास (रघु) तथा माता का नाम करमा देवी था। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि मनुष्य की महानता उसके विचारों, कर्मों और सेवा भावना से तय होती है। मंत्री ने कहा कि संत रविदास जी की वाणी में प्रेम, करुणा, समानता और मानव कल्याण की भावना स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग केवल सच्चे कर्म, विनम्रता और निष्काम भक्ति है। उन्होंने लोगों को बाहरी आडंबर छोडक़र सत्य, सेवा और सदाचार का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी।

    पंवार ने कहा कि 20 फरवरी को संत रविदास जी की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे, जो आगे तक जारी रहेंगे। संत रविदास ने बेगमपुरा नामक एक आदर्श समाज की परिकल्पना की थी। बेगमपुरा का अर्थ है ऐसा नगर, जहां कोई दुख, भय, अन्याय, भेदभाव, कर या शोषण न हो। वहां सभी लोग समान अधिकारों के साथ सम्मान पूर्वक और सुख पूर्वक जीवन व्यतीत करें। आज भी सामाजिक न्याय और समानता की चर्चा होती है तो संत रविदास जी की बेगमपुरा की परिकल्पना सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में सामने आती है। पत्रकार वार्ता के दौरान मंत्री ने संत रविदास के प्रसिद्ध वचनों का भी उल्लेख किया। मन चंगा तो कठौती में गंगा आज भी लोगों को यह संदेश देता है कि यदि मन पवित्र है तो ईश्वर की प्राप्ति कहीं भी संभव है।

  • हरियाणा में भर्ती व्यवस्था में आया ऐतिहासिक बदलाव, पारदर्शिता से मिल रही हैं नौकरियां- मुख्यमंत्री

    हरियाणा में भर्ती व्यवस्था में आया ऐतिहासिक बदलाव, पारदर्शिता से मिल रही हैं नौकरियां- मुख्यमंत्री

    मेहनत, योग्यता और प्रतिभा ही सरकारी नौकरी का आधार- नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश में वर्षों से चली आ रही भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। इसका परिणाम यह है कि आज युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची के, उनकी मेहनत, योग्यता तथा प्रतिभा के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में न पर्ची चलेगी, न खर्ची चलेगी, केवल मेरिट के आधार पर ही भर्ती होगी। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान संकल्प पत्र में प्रदेश के 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में 42,500 युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के साढ़े 11 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 2 लाख युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ग्रुप-डी के नव-चयनित कर्मचारियों के लिए आयोजित परिचयात्मक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बधाई व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्रुप-डी के नव-चयनित 6 कर्मचारियों को प्रतीक स्वरूप नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। उन्होने कहा कि ये नियुक्ति-पत्र आपकी मेहनत का सम्मान और आपके माता-पिता की तपस्या का परिणाम और ईमानदार व्यवस्था में आपके विश्वास की जीत है। उन्होने कहा कि वे मेहनत और प्रतिभा के बल पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले सभी 3 हजार 586 युवाओं को बधाई देते हैं। एक समय था, जब हरियाणा में सरकारी नौकरी का नाम आते ही सामान्य परिवार चिंता में पड़ जाता था। नौकरियों पर कुछ परिवारों, कुछ क्षेत्रों और सत्ता से जुड़े कुछ लोगों का कथित अधिकार समझ लिया गया था। योग्यता पीछे रह जाती थी और पर्ची, खर्ची, परिवारवाद व क्षेत्रवाद का बोलबाला था। उस व्यवस्था ने केवल युवाओं से उनके अवसर नहीं छीने, बल्कि उनके माता-पिता का भरोसा तोड़ा और हरियाणा की प्रतिभा का अपमान किया। इसके विपरित हमने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि अब हरियाणा के किसी भी नौजवान का भविष्य किसी नेता की जेब में रखी पर्ची तय नहीं करेगी बल्कि उसका भविष्य उसकी मेहनत, उसकी योग्यता और उसकी प्रतिभा तय करेगी। आज सरकारी नौकरियां केवल एक क्षेत्र तक सीमित नही है बल्कि प्रदेश के हर क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के समान अवसर मिल रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप युवाओं का भरोसा सरकार पर और अधिक बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने नव चयनित कर्मचारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आप ग्रुप डी के कर्मचारी नहीं बल्कि गुड गवर्नेंस की डिलीवरी टीम हैं। सरकारी कर्मचारी होना आजीविका के साथ लोकसेवा का दायित्व भी है। इसलिए आप कोई भी निर्णय लेते समय सबसे गरीब और कमजोर व्यक्ति के बारे में सोचें कि आपके निर्णय से उसके जीवन में क्या परिवर्तन आएगा। यह विचार केवल बड़े नीति-निर्माताओं के लिए नहीं अपितु प्रत्येक सरकारी कर्मचारी के लिए मार्गदर्शक मंत्र है। उन्होंने उपस्थित सभी कर्मचारियों से यह संकल्प लेने का आहवाहन किया कि वे कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को धैयपूवर्क सुनेंगे, उनका सम्मान करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें बार बार कार्यालय में न आना पडे। उन्होंने कहा कि नियम जनता की सहायता के लिए है, उन्हें परेशान करने के लिए नही। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जिस प्रकार आपने बिना पर्ची-बिना खर्ची के सेवा में प्रवेश किया है उसी प्रकार आप व्यवस्था को भी ईमानदार बनाए रखेंगे । विपक्षी पाटिर्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि सब भली भांति परिचित है कि पहले की सरकारों में कैसे ठेकेदारों के हाथों युवाओं का शोषण होता था। हमने युवाओं के इस दर्द को समझा और उनको शोषण से बचाने के लिए न केवल निगम बनाया, बल्कि कानून बनाकर उनके भविष्य को भी सुरक्षित किया है। युवाओं को विदेशों में शिक्षा व रोजगार दिलाने के लिए विदेश सहयोग विभाग बनाया गया है जिसके माध्यम से हरियाणा के 210 युवाओं को दुबई भेजा गया है। 390 युवाओं को दो चरणों में ईजराईल भेजा जा चुका है। इसी प्रकार युवाओं को जापान, ओमान, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होने कहा कि युवाओं को डंकी रूट से बचाने और अवैध एजेंटों के खेल को खत्म करने के लिए सख्त कानून बनाया है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार के लिए परीक्षा और भर्ती की पवित्रता केवल प्रशासनिक विषय नहीं, युवाओं के भविष्य और विश्वास का प्रश्न है। नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मामले को दबाया नहीं, बल्कि इसकी व्यापक जांच करवाई। परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञों की उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई और राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा-सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। लोक परीक्षा अधिनियम, 2026 के माध्यम से संगठित परीक्षा अपराध करने वालों के लिए 10 वर्ष तक की कैद और कम-से-कम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने जैसे कठोर प्रावधान किए जा रहे हैं। पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषियों को शीघ्र कठोर दंड दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश एकदम साफ है, मेहनती विद्यार्थी की उत्तर-पुस्तिका पर किसी माफिया का पंजा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली में हुए प्रदशर्न पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष युवाओं को गुमराह कर गलत रास्ते पर ले जाने का काम कर रहा हैं। कांग्रेस पार्टी और सहयोगी दल किस प्रकार से युवाओं का शोषण करते आए हैं उसका उदाहरण हरियाणा भी है और पंजाब भी। वर्तमान की पंजाब सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इससे पूर्व संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि वे हरियाणा सरकार के परिवार में सम्मिलित होने पर उपस्थित ग्रुप-डी के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई देते हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हैं। चयनित उम्मीदवारों को आगे बढ़ने का एक सशक्त मंच प्राप्त हुआ है और वे अपनी मेहनत तथा लगन के बल पर अपने लिए किसी भी क्षेत्र में बेहतर करियर का निर्माण कर सकते हैं। यह भर्ती प्रक्रिया न केवल आपकी योग्यता की पुष्टि करती है, बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी एवं मेरिट आधारित भर्ती के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से दर्शाती है। अभ्यर्थियों से आह्वान किया कि वे जिस भी पद पर कार्य करें, अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं सेवाभाव के साथ करें। धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव पीसी मीणा ने नवनियुक्त ग्रुप डी कर्मचारियों का मार्गदर्शन करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिह सैनी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिह सैनी के विचार सभी कर्मचारियों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। आज का यह कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र प्रदान करने का ही नही बल्कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में हरियाणा सरकार की पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित भर्ती प्रणाली के प्रति जनता का अटूट विश्वास है। मीणा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सभी कर्मचारी जनसेवा को प्राथमिकता देंगे और हरियाणा की प्रगति में योगदान देते रहेंगे। इस अवसर पर मानव संसाधन विभाग के निदेशक मोहम्मद इमरान रजा, मेयर शाम लाल बंसल, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, जिला अध्यक्ष अजय मितल, मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी (शिकायत निवारण) भोपाल सिंह खदरी, उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त अदिति सिंह, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति कर्मचारीगण और अभिभावक गण उपस्थित रहे।
  • स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और आशा वर्कर यूनियन प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और आशा वर्कर यूनियन प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

    समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (पुरुष/महिला) तथा आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र के इन अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की समस्याओं, लंबे समय से लंबित मांगों और कार्यस्थल पर आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को विस्तार से सुनना और उनका निराकरण करना था। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक आर. एस ढिल्लो, नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव समेत विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों एवं समस्याओं को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कर्मचारियों की सभी न्यायोचित मांगों को अत्यंत ध्यानपूर्वक और संवेदनशीलता के साथ सुना। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारियों की जायज मांगों का प्राथमिकता के आधार पर और एक निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और आशा वर्करों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर जनता से जुड़कर स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उन्हें बेहतर कार्य माहौल प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे यूनियन के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई करें और संबंधित फाइलों की प्रक्रिया को गति दें, ताकि समयबद्ध तरीके से सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें।
  • Tube Well के पानी की जांच करवाकर किसान फसल उत्पादन को बढ़ाएं : Shyam Singh Rana

    Tube Well के पानी की जांच करवाकर किसान फसल उत्पादन को बढ़ाएं : Shyam Singh Rana

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों के ट्यूबवेल के पानी की नियमित रूप से जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि “करवाओगे पानी की जांच, नहीं आएगी फसल उत्पादन पर आंच”।

    राणा ने कहा कि सिंचाई के पानी की गुणवत्ता फसल उत्पादन और उपज को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। पानी में अधिक लवणता (नमक की मात्रा) और क्षारीयता होने से मिट्टी की उर्वरता तथा उत्पादन क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। समय पर ट्यूबवेल के पानी की जांच कराने से किसान सही फसल का चयन कर सकते हैं और खाद व उर्वरक का सही और संतुलित प्रबंधन कर सकते हैं।

    कृषि मंत्री ने किसानों को ट्यूबवेल के पानी का नमूना (सैंपल) लेने का सही तरीका बताते हुए कहा कि किसान ट्यूबवेल को कम से कम 30 मिनट तक लगातार चलाने के बाद ही पानी का सैंपल लें। इसके लिए लगभग 500 मिलीलीटर (या 1 लीटर) पानी एक साफ प्लास्टिक की बोतल में भरें। बोतल के ऊपर किसान अपना नाम, एम.एफ.एम.बी. (मेरी फसल-मेरा ब्योरा) आईडी, गांव का नाम, किला/खसरा नंबर, मोबाइल नंबर और बोरवेल की गहराई (फीट में) स्पष्ट रूप से अंकित करें। तैयार किए गए इस नमूने को किसान अपनी निकटतम मृदा स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला (सॉइल टेस्टिंग लैब) में जमा करवा सकते हैं।

    कृषि मंत्री ने किसानों से आग्रह किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही वे फसलों का चुनाव करें और सिंचाई जल का उचित प्रबंधन अपनाएं। योजना एवं प्रयोगशालाओं की अधिक जानकारी के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने जिला कृषि उप-निदेशक से संपर्क कर सकते हैं।

     

  • Sewerage और Main Hole सुरक्षा में लापरवाही पर कैबिनेट मंत्री Ranbir Gangwa सख्त

    Sewerage और Main Hole सुरक्षा में लापरवाही पर कैबिनेट मंत्री Ranbir Gangwa सख्त

    मुख्य अभियंताओं को उनके वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से अलग सर्कलों की जिम्मेदारी देने के भी निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने सीवरेज और मैनहोल से जुड़े कार्यों में सामने आने वाली दुर्घटनाओं और लापरवाही के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की जान सुरक्षा उपायों की अनदेखी के कारण जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बकायदा इसके लिए अहम फैसले लेते हुए निर्देश दिए है कि हरियाणा में निगरानी के लिए 7 समितियां बनाई जाएं। प्रत्येक समिति में मुख्य अभियंता, संबंधित सर्कल के अधीक्षण अभियंता और संबंधित मंडल के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) शामिल होंगे। ये समितियां नियमित रूप से फील्ड का निरीक्षण करेंगी, सुरक्षा इंतजामों की जांच करेंगी और अपनी रिपोर्ट सीधे मुख्यालय भेजेंगी, जिसे तुरंत मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निरीक्षण निष्पक्ष और प्रभावी रहे, इसके लिए मुख्य अभियंताओं को उनके वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से अलग सर्कलों की जिम्मेदारी दी जाए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार की जो घटनाएं हुई हैं, वो दुखद है। भविष्य में विभागीय स्तर पर निगरानी और जिम्मेदारी में कोई कमी ना रहे, इसके लिए सख्ती की बेहद जरूरत है। हर कर्मचारी की जान की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि बिना सभी निर्धारित सुरक्षा उपकरणों और नियमों का पालन किए किसी भी कर्मचारी को सीवरेज या मैनहोल में उतरने की अनुमति नहीं दी जाए। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि 23 जून को हरियाणा जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (डब्ल्यूएसएसबी) की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस विषय पर विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सीवरेज और मैनहोल से जुड़े हर कार्य में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आई है, जिसमें ठेकेदार अथवा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही देखने को मिली है। खुले सीवरेज मैनहोल के कारण भी हादसे होने की सूचनाएं उन तक पहुंची है। मैनहोल को सुरक्षित ढंग से बंद कराना विभाग की जिम्मेवारी है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी कोई मैनहोल या सीवरेज ओपनिंग खुली न रहे और इसकी नियमित निगरानी की जाए। कई मामलों में विभागीय अधिकारी दुर्घटना होने के बाद समय पर प्रारंभिक रिपोर्ट, तथ्य जांच रिपोर्ट, कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) और संबंधित फाइलें मुख्यालय तक नहीं भेजते। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं होगी। किसी भी घटना की जानकारी और रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय भेजना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

    सभी डीसी को भी दिए निर्देश:

    कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए है कि वे अपनी मासिक समीक्षा बैठकों में मैनहोल और सीवरेज से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि राज्य सरकार के निर्देशों और इस संबंध में जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश है, उनकी अक्षरशः पालन हो।
  • हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव मीना कंबोज ने संभाला पदभार

    हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव मीना कंबोज ने संभाला पदभार

    चंडीगढ़: हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की नवनियुक्त मानद महासचिव मीना कंबोज ने आज पंचकूला स्थित परिषद के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपना पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण समारोह में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

    इस अवसर पर हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी सहित विभिन्न बोर्डों एवं संस्थाओं के चेयरमैन, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने मीना कंबोज को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मीना कंबोज ने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से कार्य किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक बच्चों तक परिषद की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।

    उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ परिषद के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगी।