फरीदाबाद में नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल रैकेट का पर्दाफाश, मैनेजर गिरफ्तार

चंडीगढ़: हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने फरीदाबाद में फार्मास्युटिकल-ग्रेड के नकली रसायनों के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने कहा है कि जब्त की गई खेप यदि तय सीमा से अधिक दूषित पाई जाती है, तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बुधवार को बताया कि ‘प्रोपिलीन ग्लाइकोल’ (Propylene Glycol) का उपयोग कफ सिरप और अन्य कई दवाओं के निर्माण में बड़े पैमाने पर एक ‘एक्सिपिएंट’ (घटक) के रूप में किया जाता है, जिसके कारण मरीजों की सुरक्षा के लिए इसकी गुणवत्ता और शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के मार्गदर्शन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. मनोज कुमार और राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता के नेतृत्व में नकली व मिलावटी दवाओं के निर्माण, वितरण और बिक्री के खिलाफ विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति के तहत की गई है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विभाग की जानकारी के अनुसार, भारत में किसी स्थापित निर्माता के ब्रांड नाम का उपयोग करके फार्मास्युटिकल-ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल की कथित रूप से री-पैकेजिंग (पुनः पैकिंग) और जालसाजी का यह पहला मामला है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रोपिलीन ग्लाइकोल में डाईएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की मिलावट हाल के महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई मौतों से जुड़ी रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद में नामी ‘मनाली’ ब्रांड नाम के तहत नकली प्रोपिलीन ग्लाइकोल बेचे जाने की एक ख़ास शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, फरीदाबाद की एफ़डीएअधिकारियों की टीम ने सेक्टर-69, IMT, फरीदाबाद स्थित ‘मेसर्स कोकना एशिया इंग्रेडिएंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ (M/s Kokana Asia Ingredients Private Limited) के परिसर पर छापेमारी की।

अधिकारियों ने बताया कि जांच में री-पैकेजिंग के एक कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ, जिसमें इंडस्ट्रियल-ग्रेड (औद्योगिक श्रेणी) के प्रोपिलीन ग्लाइकोल को ‘मेसर्स मनाली पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड’ के लेबल और मार्किंग वाले ड्रमों में भरकर, नामी निर्माता के असली उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा था। छापेमारी दल ने फॉर्म-16 के तहत प्रोपिलीन ग्लाइकोल के 42 ड्रम, चीन निर्मित इंडस्ट्रियल-ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल के खाली ड्रम, एक ट्रांसफर पंप, मनाली पेट्रोकेमिकल्स के नाम वाले सीलिंग कवर और सीलिंग वायर जब्त किए हैं, जबकि प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए फॉर्म-17 के तहत एक नमूना (सैंपल) लिया गया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 24,83,250 रुपये है।

डॉ. मिश्रा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि नमूने को यह जांचने के लिए भेजा गया है कि कहीं इसमें तय सीमा से अधिक डाईएथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल की अशुद्धियां तो नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की मिलावट से गंभीर विषाक्तता पैदा हो सकती है, जिसमें किडनी का अचानक खराब होना (एक्यूट किडनी इंजरी) और तंत्रिका तंत्र संबंधी (न्यूरोलॉजिकल) जटिलताएं शामिल हैं, जो विशेष रूप से बच्चों और अन्य संवेदनशील मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

नकली और मिलावटी दवाओं के निर्माण एवं बिक्री के प्रथम दृष्टया सबूतों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने पुष्टि की कि फर्म के मैनेजर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम अदालत में पेश किया गया है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *