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  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, यहां के नौजवान, किसान, बहनें-बेटियां, सबके लिए बेहतरीन काम कर रही है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, यहां के नौजवान, किसान, बहनें-बेटियां, सबके लिए बेहतरीन काम कर रही है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    हरियाणा की डबल इंजन सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चल रही है

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चल रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, यहां के नौजवानों, किसानों, बहनें-बेटियां, सबके लिए बेहतरीन काम कर रही है। बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी देने का जो रास्ता हरियाणा सरकार ने दिखाया है, वो इतना आसान नहीं था, लेकिन ये भाजपा सरकार ने करके दिखाया है। हरियाणा अब तेज़ विकास के पथ पर दौड़ रहा है। खेती हो या फिर उद्योग, ये दो ऐसे पहिए हैं, जो हरियाणा को सशक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री शुक्रवार को जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद जींद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो, असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव उपस्थित रहे। नरेंद्र मोदी ने हरियाणवी में कहा कि यहां आकर मन गदगद हो गया है। यो कोई साधारण धरती नहीं सै। यो धरती इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की धरती सै। शक्ति पीठ माता जयंतियां का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। यहां के लोगों ने जो अपनत्व दिया, जो प्रेम दिया, वो आज तक नहीं भूला। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी, जींद का देसी बुरा, और यहां का घेवर, ये वो यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने वर्षों में जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद, बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही, विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का ये कार्यक्रम, डबल इंजन की बीजेपी सरकार के इसी मिशन को, नई ऊर्जा से भर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जींद, हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज यहां से, देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। आज भी हम पढ़ते हैं, सुनते हैं कि भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो जींद का, सोनीपत का, हरियाणा का नाम भी आएगा। आज 14 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे, हाईवे, विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट्स हैं और दो नए मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित हुए हैं। इससे यहां के नौजवानों के लिए, डॉक्टर और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स बनने के नए रास्ते भी बनेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के 5 लाभार्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से घर की चाबी सौंप कर उनके अपने घर का सपना पूरा किया। जींद और हरियाणा के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता से स्वागत पहल को लोगों ने जिस गंभीरता से लिया है, वो दिल खुश कर देने वाला है। पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया में सफाई अभियान की भारी चर्चा रही है। उन्होंने कहा कि सभी लोग यह तय कर लें कि स्वच्छता ही हमारा स्वभाव बने, स्वच्छता ही हमारे संस्कार बना देंगे, हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे। उन्नीसवीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से बने थे। बीसवीं सदी की पहचान, डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी, और अब इक्कीसवीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है। आज भारतीय रेल ने भी, इक्कीसवीं सदी की इस टेक्नोलॉजी में एक बड़ा स्टेप लिया है। आज जींद से सोनीपत के बीच, हाइड्रोजन ट्रेन चली है। अभी ये सफर 90 किलोमीटर का है, लेकिन भविष्य में इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाएं हैं। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी आई है, करीब 7-8 साल पहले ही अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के 3 या 4 देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है। और जिन देशों में अभी ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चल भी रही है, वहां बहुत शुरुआती दौर में है। लेकिन जींद से सोनीपत चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। ये हाइड्रोजन ट्रेन, 3200 हॉर्स पावर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, भारत की हाइड्रोजन ट्रेन, सबसे लंबी भी है। भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर, दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है। भारत की ये हाइड्रोजन ट्रेन, धुआं रहित तो है ही, ये मेक इन इंडिया का भी एक बहुत सफल उदहारण है। इस हाइड्रोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियर्स ने डिज़ाइन किया है, भारत की ही कंपनी ने इसको बनाया है। ये हाइड्रोजन ट्रेन, बाकी ट्रेनों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां हाइड्रोजन ट्रेन से जुड़ा और भी इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा, नई-नई फैक्ट्रियां लगेंगी, जो हाइड्रोजन ट्रेन नेटवर्क की ज़रूरतों को पूरा करेंगी। इस ट्रेन से, हरियाणा के नौजवानों के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर बनने तय हैं। पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेल में जो ये बड़े बदलाव हुए, इससे भारत को फायदा हुआ है। पिछले कई महीनों से पश्चिमी एशिया में, होर्मुज के पूरे क्षेत्र में, ईरान और गल्फ में युद्ध चल रहा है, और जिस समुद्री रास्ते से होर्मुज से भारत, बहुत बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल-एलपीजी गैस, किसानों के लिए खाद, आता है। लेकिन पिछले 3-4 महीनों से ये रास्ता, निरंतर युद्ध का मैदान बन चुका है, संकटों से घिरा हुआ है। अगर 2014 से पहले अगर ये स्थिति आती, तो आज हिन्दुस्तान का रेलवे का काम पूरा का पूरा ठप पड़ा गया होता। क्योंकि उस समय 2014 में, देश का बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा था, जहां हमारी ट्रेनें सिर्फ और सिर्फ डीजल से चलती थीं। अब आप सोचिए, अगर डीजल आना बंद हो गया होता, आज डीजल से चलने वाली ट्रेनें कैसे चलती? देश कितने बड़े संकट में आ जाता। लेकिन ये 2014 की स्थिति नहीं है, ये मोदी है। बहुत पहले सोचता भी है और समस्या के समाधान के रास्ते भी जमीन पर उतारता है। आज जींद, जो इतने सारे हाईवे से जुड़ रहा है। आज दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे के हरियाणा वाले हिस्से का लोकार्पण हुआ है। जींद-गोहाना नेशनल हाईवे भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इसके अलावा, अंबाला-कालाअंब फोरलेन से भी, हरियाणा और हिमाचल, दोनों राज्यों के लोगों को बहुत सुविधा होगी। अब जींद देश का ऐसा जिला बन गया है, जो पांच-पांच नेशनल हाइवे से कनेक्टेड है। ऐसी कनेक्टिविटी से, यहां के किसानों और पशुपालकों की उपज को बड़ी मंडियों तक पहुंचाना आसान और सस्ता होगा। इससे उद्योगों को बल मिलेगा, पर्यटन को पंख लगेंगे, और इससे बड़ी संख्या में नए रोजगार भी बनेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले ही वे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा से लौटे हैं। इस दौरान वहां भारत ने अनेक तरह के समझौते किए। लेकिन एक विषय ऐसा है, जिस पर उतनी बात नहीं हुई। ये विषय विशेषकर हरियाणा के युवाओं से जुड़ा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में, वहां की सरकारों से, स्पोर्ट्स को लेकर व्यापक चर्चा हुई है। इन दोनों देशों के साथ मिलकर, आने वाले समय में हम स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, ऐसे अनेक मामलों में बहुत सारा काम साथ मिलकर करने वाले हैं। इससे हरियाणा के युवाओं को भी बहुत लाभ होगा। आज भारत में स्पोर्ट्स को फिटनेस और रोजगार का बड़ा माध्यम बनाया जा रहा है। हमारी सरकार ने नई नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी, खेलो भारत नीति भी बनाई है। खेलो इंडिया अभियान से लेकर टीओपीएस स्कीम तक, आज खिलाड़ियों को अभूतपूर्व सुविधाएं मिल रही हैं, उन्हें हजारों रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। यहां हरियाणा में भी, भाजपा सरकार, खेल और खिलाड़ियों को बहुत प्रोत्साहन दे रही है। साल 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स को होस्ट करने वाला है। 2036 में ओलंपिक गेम्स भारत में हों, इसके लिए हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। इसलिए, हर खिलाड़ी को ज़ोरदार तैयारी करनी है, पूरा दमखम लगाना है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि डबल इंजन की बीजेपी सरकार खिलाड़ियों को हर सुविधा देगी। जो 2036 के ओलंपिक को देखना चाहते हैं, आज जो 5 से 12-15 की उम्र के बच्चे हैं , हमें उस पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इतना ही नहीं, आने वाले समय में अहमदाबाद में, वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स भी होने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने हरियाणा के खिलाड़ियों को कहा कि इसके लिए भी खूब तैयारी कीजिए। मुझे पूरा विश्वास है, हरियाणा के बेटे-बेटियां, हमेशा की तरह इनमें भी अपना परचम लहराएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों का हित हमारी प्राथमिकता में है। जींद की मंडी, तो हरियाणा की सबसे बड़ी मंडियों में से एक है। डबल इंजन की भाजपा सरकार के कारण, हरियाणा के किसानों को बहुत लाभ हो रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि से, हरियाणा के किसानों को, करीब 8 हजार करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसमें जींद के हमारे किसानों को भी 600 करोड़ रुपए से ज्यादा मिल चुके हैं। हमारा देश, संस्कारों और संस्कृति का देश है। और ये क्षेत्र तो इस समृद्ध विरासत का बहुत बड़ा केंद्र है। ये जींद की धरती है, जहां महाराजा रणजीत सिंह का गौरव भी है, और पांडवों की आस्था भी है, पांडु-पिंडारा और रामराय जैसे पवित्र तीर्थ, आज भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। आस्था और आध्यात्म की यही विरासत है, जिसे आज का भारत, सहेजता भी है और अब अगली पीढ़ी तक पूरे मान के साथ पहुंचाता भी है। इसी भाव के साथ, आज कुरुक्षेत्र में एक सिख म्यूज़ियम की आधारशिला रखी गई है। हरियाणा का ये नया संग्रहालय, भारत की महान गुरु परंपरा को, अगली पीढ़ियों तक पहुंचाएगा।
  • प्रधानमंत्री की हरित परिवहन की सोच को मिला जनसमर्थन: जींद में आयोजित इको फ्रेंडली रैली में 466 इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग

    प्रधानमंत्री की हरित परिवहन की सोच को मिला जनसमर्थन: जींद में आयोजित इको फ्रेंडली रैली में 466 इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग

    पेट्रोल-डीजल की बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में हरियाणा ने पेश किया उदाहरण

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण, पेट्रोल-डीजल की बचत तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के आह्वान का सकारात्मक प्रभाव के शुक्रवार को जींद में आयोजित विशाल जनसभा में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-व्हीकल्स) के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचकर हरित एवं सतत परिवहन को बढ़ावा दिया।

    रैली के लिए 155 इलेक्ट्रिक बसों और 311 इलेक्ट्रिक कारों (466 इलेक्ट्रिक वाहनों) का उपयोग किया गया। इनके अलावा, 273 सीएनजी बसों के माध्यम से भी लोग रैली में पहुंचे। ई-वाहनों के सुचारू संचालन एवं चार्जिंग की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 41 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए, जबकि 6 अतिरिक्त (रिजर्व) चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध रखे गए। इसके अलावा कुल 91 ईवी चार्जिंग गन (नोजल) की व्यवस्था भी की गई, जिससे वाहनों को निर्बाध रूप से चार्ज किया जा सके।

    यह पहल न केवल ईंधन की बचत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का भी परिचायक है। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग यह दर्शाता है कि नागरिक स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

    रैली से पूर्व की तैयारियों के दौरान 16 और 17 जुलाई को लगभग 135 इलेक्ट्रिक बसों को ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर चार्ज किया गया, जबकि रैली के दौरान लगभग 150 इलेक्ट्रिक कारों ने भी इन चार्जिंग सुविधाओं का लाभ उठाया। जींद की यह रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में बढ़ती जागरूकता का भी सशक्त उदाहरण बनी। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से यह संदेश गया कि आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को अपनाकर ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रदूषण को भी प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन एनर्जी, हरित परिवहन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जींद की यह जनसभा इस बात का प्रमाण है कि आम नागरिक भी इन प्रयासों से प्रेरित होकर पर्यावरण हितैषी जीवनशैली अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हरियाणा द्वारा इस आयोजन में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक उपयोग ने यह संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं तथा हरित भविष्य के निर्माण में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

  • प्रधानमंत्री ने जींद से 14,721 करोड़ रुपये की लागत की 9 परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

    प्रधानमंत्री ने जींद से 14,721 करोड़ रुपये की लागत की 9 परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देशवासियों को बड़ी सौगात देते हुए जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने सहित 14,721 करोड़ रुपये की लागत की 9 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन के शुभारंभ की इस ऐतिहासिक पहल से हरियाणा हरित परिवहन क्रांति का अग्रदूत बन गया है।

    सड़क परियोजनाएं की राष्ट्र को समर्पित

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा दौरे के दौरान लगभग 9681 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे का हरियाणा खंड राष्ट्र को समर्पित किया। राष्ट्रीय राजधानी को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे तेज, सुरक्षित व निर्बाध सड़क संपर्क प्रदान करने वाली देश की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है। इसके शुरू होने से हरियाणा के अनेक जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा व्यापार, उद्योग, पर्यटन और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। साथ ही, प्रधानमंत्री ने लगभग 1184 करोड़ रुपये की लागत से बने 33.81 किलोमीटर लंबे अंबाला-काला अंब राष्ट्रीय राजमार्ग का भी उद्घाटन किया। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के चालू होने से हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क और अधिक सुगम होगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री द्वारा लगभग 1606 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 40.60 किलोमीटर लंबे जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 135 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले 24.27 किलोमीटर लंबाई के हांसी-बरवाला राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास भी किया। इन सड़क परियोजनाओं से क्षेत्रीय एवं अंतर-जिला संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी।

    कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का लोकार्पण

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में 372 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का भी उद्घाटन किया। इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर में लंबे समय से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी, सड़क यातायात अधिक सुगम होगा तथा रेल और सड़क दोनों की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। यह परियोजना आधुनिक शहरी परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    भिवानी तथा कोरियावास के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का किया उद्घाटन

    स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 594 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, भिवानी तथा लगभग 844 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल, कोरियावास (नारनौल) का उद्घाटन किया। इन संस्थानों के शुरू होने से हरियाणा में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र के लोगों को अपने जिले और आसपास ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

    सिख संग्रहालय की रखी आधारशिला

    हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित एवं भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला भी रखी। लगभग 164 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह संग्रहालय सिख इतिहास, गुरुओं की शिक्षाओं, वीरता, बलिदान और भारतीय संस्कृति में सिख समुदाय के अमूल्य योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित करेगा। इससे कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान और सुदृढ़ होगी तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र बनेगा।  
  • जींद की इको फ्रेंडली रैली ने ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ पर्यावरण का दिया बड़ा संदेश

    जींद की इको फ्रेंडली रैली ने ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ पर्यावरण का दिया बड़ा संदेश

    आज का भारत दुनिया के सामने विकास के नए मॉडल का उदाहरण पेश कर रहा: मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़: जींद में आयोजित इकोफ्रेंडली रैली ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया। रैली में आमजन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने ई-व्हीकल और अन्य ग्रीन एनर्जी से संचालित वाहनों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने उपरांत जींद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि वे 140 करोड़ भारतीयों की आशाओं, आकांक्षाओं और विश्वास के प्रतीक होने के साथ-साथ विकसित भारत के शिल्पकार भी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा हरियाणा को 14,721 करोड़ रुपये की लागत वाली 9 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात प्रदान करने पर उनका आभार व्यक्त किया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। आज का भारत केवल विकास की बात नहीं करता, बल्कि दुनिया के सामने विकास का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। आधारभूत संरचना, रेल, सड़क, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल व्यवस्था सहित प्रत्येक क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कभी भारत दुनिया से तकनीक मांगता था लेकिन आज पूरी दुनिया भारत की तकनीक अपनाना चाहती है। कभी भारत अवसर खोजता था लेकिन आज पूरी दुनिया भारत में अवसर खोज रही है। कभी भारत की क्षमता पर सवाल उठाने वाली दुनिया आज भारत को आत्मविश्वास से भरे नए युग का देश मानने लगी है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हरियाणा की धरती से होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह प्रधानमंत्री के हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त उदाहरण है तथा स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की बदौलत पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हरियाणा को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्राप्त हुई है। इससे प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, मेट्रो, स्वास्थ्य संस्थानों तथा अन्य आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 4435 दिनों के समर्पित कार्यकाल में यह उनका हरियाणा का 18वां दौरा है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री प्रदेश को 71 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं समर्पित कर चुके हैं। आज की परियोजनाएं हरियाणा के विकास को नई गति प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हरियाणा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में प्रत्येक 20 किलोमीटर पर एक कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य पूरा किया गया है तथा हर 10 किलोमीटर पर पीएम श्री अथवा संस्कृति मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें से 11 कॉलेज पिछले 12 वर्षों में स्थापित हुए हैं, जबकि तीन नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है। साथ ही सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वर्ष 2031 तक 20 वर्ष से अधिक पुरानी सभी नहरों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा 450 जलाशयों के पुनरुद्धार का कार्य भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए 217 संकल्पों में से 66 संकल्प पूरे कर दिए हैं तथा शेष संकल्पों को भी निर्धारित समय में पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर जींद की यह विशाल जनसभा पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाई गई है। सभा में आने वाले अधिकांश लोग पेट्रोल और डीजल मुक्त वाहनों से पहुंचे हैं, जो हरित भारत के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाएगा और विकसित भारत की पहली तस्वीर हरियाणा से ही दिखाई देगी। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा सहित हरियाणा के मंत्रीगण, सांसद व विधायक भी उपस्थित थे।  
  • हाइड्रोजन ट्रेन पहल भारत के रेलवे नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का प्रतीक: अश्विनी वैष्णव

    हाइड्रोजन ट्रेन पहल भारत के रेलवे नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का प्रतीक: अश्विनी वैष्णव

    भारत हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में हुआ शामिल, जींद बना हरित रेल तकनीक का नया केंद्र

    चंडीगढ़: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ को देश के रेल इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल भारत के रेलवे नवाचार क्षमता, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को जींद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है क्योंकि देश ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आधुनिक एवं अत्याधुनिक तकनीकों के विकास का संकल्प लिया है, जिसके तहत हाइड्रोजन को रेलवे संचालन के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिन्होंने हाइड्रोजन से संचालित ट्रेनों के लिए आवश्यक संपूर्ण तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर लिया है। उन्होंने बताया कि जींद में स्थापित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस संयंत्र में पानी से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से हाइड्रोजन तैयार की जाती है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त होती है और किसी प्रकार का प्रदूषण या हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वैष्णव ने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन, रेलवे स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास, रेल पटरियों का आधुनिकीकरण तथा अब हाइड्रोजन ट्रेन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश इस परिवर्तन की स्पष्ट झलक है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारतीय रेल को विश्वस्तरीय, आधुनिक और तकनीक आधारित परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करना है। हरियाणा में रेलवे की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य में रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा को रेलवे परियोजनाओं के लिए लगभग 315 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 3,500 करोड़ रुपये कर दिया है, जो लगभग 11 गुना वृद्धि है। वर्तमान में हरियाणा में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 34 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से पांच स्टेशनों का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन पहल केवल एक नई ट्रेन का शुभारंभ नहीं, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय रेल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।  
  • भारत के रेलवे इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत

    भारत के रेलवे इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर भारत के रेलवे इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत की। यह सिर्फ एक नई रेल सेवा का शुभारंभ नहीं है, बल्कि हरित परिवहन, स्वदेशी तकनीक, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में भारत की बड़ी उपलब्धि भी है।

    हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ के साथ हरियाणा देश की हरित परिवहन क्रांति में सबसे आगे आ गया है। यह परियोजना न केवल अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने का उदाहरण है, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीकों को विकसित करने और उन्हें सफलतापूर्वक लागू करने की भारत की बढ़ती क्षमता को भी दिखाती है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन पारंपरिक डीजल से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में अधिक स्वच्छ, पर्यावरण के अनुकूल और कम कार्बन उत्सर्जन करने वाला विकल्प है। भारतीय रेलवे द्वारा हाइड्रोजन आधारित तकनीक को अपनाना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘ग्रीन इंडिया’ और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को भी और मजबूत करता है।

    इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और आने वाले वर्षों में रेलवे क्षेत्र में हरित नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे।

     

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को जींद पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को जींद से भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों व प्रबंधों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी कार्यक्रम पूरी तरह से इको-फ्रेन्डली होंगे। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक केएम पांडुरंग तथा उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा सहित अनेक उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बृहस्पतिवार को जींद स्थित चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री के जींद में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों के प्रबधों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने जींद रेलवे स्टेशन पहुंचकर हाईड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रबंधों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यहां उन्होंने आमजन व वीआईपी एंट्री, एग्जीक्यूटिव लॉन्ज, कैफेटेरिया तथा रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया और यात्रियों के लिए सुविधाओं का जायजा लिया।

    इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने एकलव्य स्टेडियम के सामने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मैदान में आयोजित होने वाली ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ रैली की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने आमजन के बैठने, पार्किंग व्यवस्था, पब्लिक के लिए तैयार की जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोगों को पीने के पानी की कोई समस्या न आने पाए। इस अवसर पर हांसी विधायक विनोद भ्याणा, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी, भाजपा नेता जवाहर लाल सैनी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

     

  • फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान के लिए 3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन

    फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान के लिए 3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन

    चण्डीगढ़: हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों से तीन अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत किसानों के लिए फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त करने का अवसर दिया गया है।

    उन्होंने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं एवं वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से किसानों कव्यक्तिगत श्रेणी में विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर/मल्चर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, सुपर सीडर, स्ट्रॉ बेलर, रेक, क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर तथा ट्रैक्टर चालित टेंडर मशीन सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा।

    प्रवक्ता ने बताया कि इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर तीन अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अलावा, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, ट्रैक्टर की वैध आरसी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

    आवेदन करने वाले किसानों को खेत में फसल अवशेष नहीं जलाने तथा पिछले तीन वर्षों में संबंधित कृषि यंत्र पर परिवार के किसी सदस्य द्वारा अनुदान नहीं लेने का शपथ पत्र देना होगा। व्यक्तिगत श्रेणी में प्रत्येक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए ही आवेदन कर सकेगा। यदि किसान का चयन बेलर मशीन के लिए होता है तो वह रेक, स्ट्रॉ रेक अथवा श्रेडर मास्टर/रोटरी स्लेशर मशीन पर भी अनुदान प्राप्त कर सकता है।

    चयनित किसानों को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज संबंधित जिला के सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में जमा कराने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ऑनलाइन परमिट जारी किए जाएंगे। परमिट जारी होने के बाद किसान को 7 सितंबर, 2026 तक विभाग द्वारा अनुमोदित निर्माता/डीलर से कृषि यंत्र खरीदकर बिल, ई-वे बिल तथा जीपीएस लोकेशन सहित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। प्रतीक्षा सूची के किसानों को आवश्यकता अनुसार बाद में परमिट जारी किए जाएंगे। कृषि यंत्र निर्माता भी इस योजना के तहत विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत तथा जिनकी टेस्ट रिपोर्ट इस वर्ष भी वैध है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • स्वच्छता से होगा ऐतिहासिक क्षण का स्वागत, हाइड्रोजन ट्रेन से विश्व मानचित्र पर उभरेगा गोहाना : Dr. Arvind Sharma

    स्वच्छता से होगा ऐतिहासिक क्षण का स्वागत, हाइड्रोजन ट्रेन से विश्व मानचित्र पर उभरेगा गोहाना : Dr. Arvind Sharma

    देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के स्वागत में गोहाना रेलवे जंक्शन पर चला विशेष स्वच्छता अभियान

    चंडीगढ़: हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ऐतिहासिक संचालन से पूर्व गोहाना रेलवे जंक्शन पर गुरुवार को आयोजित ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान के तहत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा अपनी धर्मपत्नी डॉ. रीता शर्मा एवं कार्यकर्ताओं के साथ स्वयं झाड़ू लगाकर विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की तथा श्रमदान कर रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अतिथि का स्वागत सर्वोच्च परंपरा रही है। हम प्रतिदिन अपने घर की साफ-सफाई करते हैं, लेकिन जब कोई विशिष्ट अतिथि आने वाला होता है तो पूरे उत्साह और समर्पण के साथ घर को सजाते-संवारते हैं। 17 जुलाई को जब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पहली बार गोहाना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी, तब यह केवल एक ट्रेन का आगमन नहीं होगा, बल्कि आधुनिक भारत के इतिहास का स्वर्णिम क्षण होगा। इसी भावना के साथ आज रेलवे स्टेशन पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया है। मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इस परियोजना से गोहाना को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान भी मिलेगी और यह शहर आधुनिक एवं स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की नई पहचान बनेगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से देश की पहली इको-फ्रेंडली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर जींद में विशाल इको-फ्रेंडली रैली का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि इस स्वदेशी, प्रदूषण-मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल ट्रेन को लेकर पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह है और लोग इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए उत्सुक हैं। डॉ. शर्मा ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वच्छता को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प ले, तो देश को स्वच्छ और विकसित बनाने का लक्ष्य और अधिक तेजी से पूरा किया जा सकता है।  
  • मेवात विकास एजेंसी के Deputy CEO के लिए लिंक अधिकारी नामित

    मेवात विकास एजेंसी के Deputy CEO के लिए लिंक अधिकारी नामित

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने मेवात विकास एजेंसी, नूंह के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (डिप्टी सीईओ) की गैर-मौजूदगी में कार्य का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिंक अधिकारी नामित किए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सिटी मजिस्ट्रेट, नूंह को लिंक अधिकारी-1 तथा उपमंडल अधिकारी (नागरिक), नूंह को लिंक अधिकारी-2 नियुक्त किया गया है। ये लिंक अधिकारी संबंधित अधिकारी के अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनाव ड्यूटी पर रहने की स्थिति में तथा स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति या किसी अन्य कारण से पद रिक्त होने की स्थिति में कामकाज देखेंगे।

    आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनाव ड्यूटी पर जाने से पूर्व नामित लिंक अधिकारियों को इसकी सूचना देना सुनिश्चित करेंगे।