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  • हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए उठाए अहम कदम

    हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए उठाए अहम कदम

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने हिसार जिला के बरवाला कस्बा में एक नया 50 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 6,566.52 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को भी शहरों की तर्ज पर बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी के तहत बरवाला में इस बड़े अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया कि इस नए अस्पताल के लिए अलग से भूमि अधिग्रहण करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि इसका निर्माण वर्तमान में पहले से चल रहे सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल (एसडीएच) बरवाला के कैंपस के भीतर ही किया जाएगा। इस नए 50 बेड के अस्पताल के बन जाने से बरवाला और उसके आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए बड़े शहरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से करेंगे स्वच्छ रेल परिवहन की शुरुआत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से करेंगे स्वच्छ रेल परिवहन की शुरुआत

    चंडीगढ़: हरियाणा 17 जुलाई को देश के रेल इतिहास में नया अध्याय लिखने जा रहा है। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन स्थल हरियाणा को बनाया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश नवाचार और विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलाई जाएगी। हाइड्रोजन ईंधन से चलने के कारण यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होगी और प्रदूषण कम करने के साथ टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगी।

    हरियाणा के लिए गर्व का पल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के लिए गर्व का पल है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन प्रदेश की पटरियों पर दौड़ेगी। यह आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की पहचान बनेगी। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को जींद में प्रधानमंत्री प्रदेश को कई अन्य विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। इससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी और आम लोगों को सीधा लाभ होगा।

    हरित पहल पर जोर

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक मौके के साक्षी बनें। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को पूरी तरह से इको फ्रेंडली बनाने के लिए अनेक प्रबंध किए गए हैं। स्वच्छ पर्यावरण का संदेश देने के लिए रैली में इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप प्रदेश सरकार भी हरित पहल पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत से भारत में हरित ऊर्जा आधारित रेल परिवहन को नई दिशा मिलेगी और हरियाणा आधुनिक, स्वच्छ व तकनीक आधारित विकास में और मजबूत होगा।
  • HSVP Plot धारकों के लिए ‘विवादों से समाधान योजना ‘ का लाभ उठाने का दिया एक और मौका

    HSVP Plot धारकों के लिए ‘विवादों से समाधान योजना ‘ का लाभ उठाने का दिया एक और मौका

    अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2026 निर्धारित

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा पात्र आवंटियों के लिए ‘विवादों से समाधान योजना 2026’ के तहत एक सुनहरा और अंतिम अवसर दिया है, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2026 निर्धारित की गई है।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस लोक-कल्याणकारी योजना के अंतर्गत कुल 103 सैक्टरों और लगभग 5,085 लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया है। इस योजना के तहत पात्र आवंटियों को ₹770 करोड़ से अधिक की महत्वपूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। यह योजना मुख्य रूप से प्लॉट एन्हांसमेंट से संबंधित विवादों के एकमुश्त समाधान का अवसर प्रदान करती है, तथा उन आवंटियों को भी इस बार विशेष रूप से लाभ दे रही है जो पूर्व की योजनाओं का लाभ उठाने से चूक गए थे। पात्रता के दायरे को व्यापक रखते हुए इसमें आवासीय प्लॉटों के आवंटी, फ्लोर-वाइज़ पंजीकरण, ग्रुप हाउसिंग साइट्स, संस्थागत प्लॉट और औद्योगिक प्लॉटों को शामिल किया गया है।

    प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिसके तहत पात्र आवंटी अपने प्लाट आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके एचएसवीपी पोर्टल पर अपनी निर्धारित छूट राशि को लाइव देख सकते हैं। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए आवंटी आधिकारिक पोर्टल https://vsss.hsvphry.org.in/ पर जा सकते हैं। यदि किसी आवंटी को किसी भी प्रकार की सहायता या अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता है, तो वे सीधे अपने संबंधित एचएसवीपी एस्टेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या पोर्टल के माध्यम से अपना अनुरोध ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

    प्रवक्ता ने आगे कहा कि यदि कोई डिफ़ॉल्टर (बकायादार) आवंटी इस निर्धारित अवधि के भीतर योजना का लाभ नहीं उठाता है, तो उसके खिलाफ लागू नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुसार प्लॉट पुनः अधिग्रहण (Resumption) की सख्त कानूनी कार्रवाई तुरंत प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने सभी पात्र आवंटियों से पुरजोर अनुरोध करते हुए कहा कि यह योजना पात्र मामलों के सरल, त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान का एक ऐतिहासिक अवसर है, इसलिए सभी आवंटी किसी भी अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने के लिए समय रहते इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।

  • आयुर्वेद पर बढ़ा भरोसा : छह माह में रिकार्ड 50 हजार मरीज पहुंचे

    आयुर्वेद पर बढ़ा भरोसा : छह माह में रिकार्ड 50 हजार मरीज पहुंचे

    चंडीगढ़: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला आयुर्वेद उपचार का भरोसेमंद केंद्र बन रहा है। संस्थान की ओपीडी में मरीजों का बढ़ता ग्राफ इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। वर्ष 2026 में महज छह माह में ओपीडी का आंकड़ा करीब 50 हजार पर पहुंच गया है। एनआईएन में हर रोज 400 से 500 रोगी चिकित्सा सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं। एनआईए में वर्ष 2024 में 42,030 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जबकि वर्ष 2025 में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 80 हजार 878 पर पहुंच गया। वहीं, 2026 में महज छह महीने में करीब 50 हजार मरीज स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) में आयुर्वेद उपचार के लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़-ट्राईसिटी, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित अन्य राज्यों से लोग पहुंच रहे हैं। कायचिकित्सा, पंचकर्म, शल्य और शालाक्य तंत्र विभाग में मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। यही नहीं, अगद तंत्र-विष चिकित्सा के साथ प्रसूति एवं स्त्री रोग और त्वक एवं सौंदर्य विभाग की ओपीडी में भी रोगी बड़ी संख्या में लाभ उठा रहे हैं। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व का कहना है कि एनआईए आयुर्वेद उपचार में नई ऊंचाई छू रहा है। संस्थान में आधुनिक जांच सुविधाओं के साथ आयुर्वेद के विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के चलते लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। आयुर्वेदिक उपचार के सकारात्मक परिणामों ने मरीजों का विश्वास और मजबूत किया है।

    आयुर्वेदिक उपचार का बढ़ता जनविश्वास : डॉ. गर्ग

    उप चिकित्सा अधीक्षक (डीएमएस) डॉ. गौरव गर्ग का कहना है कि एनआईए केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के समग्र स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उपचार के साथ योग, फिजियोथेरेपी, पंचकर्म और अन्य सहायक चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे रोगियों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। संस्थान में जोड़ों का दर्द, स्पाइन की समस्याएं, त्वचा रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, पंचकर्म चिकित्सा, नेत्र एवं ईएनटी संबंधी रोगों के उपचार के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। वहीं, आईपीडी में भर्ती मरीजों की संख्या अच्छी खासी है। वर्ष 2026 में महज छह माह में रोगियों का आंकड़ा 50 हजार को पार करना दर्शाता है कि आमजन का आयुर्वेद उपचार पर भरोसा बढ़ रहा है।

    12 विभागों की विशेषज्ञ सेवाएं, 250 बेड आईपीडी की सुविधा : डॉ. मानसी ग्रेवाल

    मेडिकल ऑफिसर डॉ. मानसी ग्रेवाल ने बताया कि एनआईए में 12 विशेष ओपीडी संचालित हैं। इनमें कायचिकित्सा, पंचकर्म, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, शल्य तंत्र, शालाक्य (नेत्र), शालाक्य (मुख, नाक एवं दंत रोग), कौमारभृत्य एवं बाल रोग, अगदतंत्र (विष चिकित्सा), त्वक एवं सौंदर्य प्रसाधन, स्वास्थ्य वृत्त एवं योग के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं भी शामिल हैं। विभिन्न रोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होने से मरीजों को समग्र उपचार का लाभ मिल रहा है। संस्थान में 250 बिस्तरों की अत्याधुनिक आईपीडी (इनडोर पेशेंट विभाग) भी संचालित है, जहां गंभीर एवं दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।  
  • जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : Aarti Singh Rao

    जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : Aarti Singh Rao

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परिवादों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित किया जाए और समाधान इस प्रकार हो कि परिवादी को पूरी संतुष्टि मिले।

    आरती सिंह राव आज फ़रीदाबाद में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 15 परिवाद प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 12 परिवादों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि 3 मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।

    ग्रामीण क्षेत्र में हाईटेंशन विद्युत लाइनों से दुर्घटनाओं की आशंका संबंधी शिकायत पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक राशि जमा होने के बाद कार्य प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा आगामी 15 दिनों के भीतर लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस पर मंत्री आरती सिंह राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण किया जाए।

    स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि मौके पर जाकर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सभी विभाग समयबद्ध कार्रवाई करते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा जनहित से जुड़े मामलों में पूर्ण संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।

  • जनहित के मामलों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त – कृष्ण कुमार बेदी

    जनहित के मामलों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त – कृष्ण कुमार बेदी

    चण्डीगढ़: हरियाणा के सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से निपटान सुनिश्चित करें। कृष्ण कुमार ने आज जिला फतेहाबाद में आयोजित जिला लोक सम्पर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक में कुल 14 मामलों पर सुनवाई की। इनमें से 6 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि 8 मामलों में जांच के लिए अलग-अलग कमेटियां गठित कर अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

    कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि जनपरिवाद समिति केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि जनता को समय पर न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति के प्रत्येक निर्णय का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और जनता का विश्वास प्रशासन पर और अधिक मजबूत बनाया जाए। बैठक के दौरान पुलिस, शहरी स्थानीय निकाय, कृषि, बिजली निगमों तथा अन्य विभागों की समस्याओं की सुनवाई कर समाधान के निर्देश दिए गए।

    बैठक में जल सेवाएं मंडल, हिसार के कार्यकारी अभियंता विनोद वर्मा के बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर मंत्री ने उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं सिंचाई विभाग के एसडीओ राजेंद्र के खिलाफ कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार तथा लगातार लापरवाही की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त को उनके निलंबन की सिफारिश विभाग को भेजने के निर्देश दिए।

  • मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘अर्जुन एसपीवी’ के निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक आयोजित

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘अर्जुन एसपीवी’ के निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक आयोजित

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में स्वच्छ वायु, हरित परिवहन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्क्रैप (अनुपयोगी) वाहनों के पंजीकरण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने निजी तथा सरकारी विभाग अपने अनुपयोगी वाहनों का ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे, जिससे वाहन स्क्रैपिंग, पंजीकरण तथा संबंधित प्रक्रियाओं में सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना को गति देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आज हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर रेजिलिएंट जॉब्स, अर्बन एयर क्वालिटी एंड नेक्स्ट जेनरेशन स्किल्स परिषद (अर्जुन एसपीवी)’ के निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (HCAPSD) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों, परियोजनाओं की प्रगति तथा उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में स्वच्छ वायु, आधुनिक सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण तथा कृषि अवशेष प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि हरियाणा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और अधिक सुदृढ़ कर सके।

    इलेक्ट्रिक बस सेवाओं और हरित परिवहन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा

    बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के विस्तार, बस डिपो के विकास, चार्जिंग अवसंरचना के निर्माण तथा अगले चरण में 200 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सोनीपत में भी इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिले और नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में आवश्यक संशोधनों, राज्यभर में 100 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने संबंधी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कृषि क्षेत्र में पराली प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने, किसानों के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए मांग आकलन एवं तकनीकी उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य उत्सर्जन सूची, ए.आई. आधारित निर्णय सहायता प्रणाली, विभिन्न विभागों के बीच आंकड़ों के आदान-प्रदान की व्यवस्था तथा सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा प्रत्येक परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था, जन-जागरूकता अभियान, शिकायत निवारण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
  • मिशन आरंभ डिजिटल माध्यम से 1.6 लाख से अधिक अभिभावकों को जोड़कर प्रारंभिक शिक्षा को बना रहा सशक्त: Dr Baljit Kaur

    मिशन आरंभ डिजिटल माध्यम से 1.6 लाख से अधिक अभिभावकों को जोड़कर प्रारंभिक शिक्षा को बना रहा सशक्त: Dr Baljit Kaur

    चंडीगढ़: प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत उपलब्ध कराने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘मिशन आरंभ’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभिभावकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे से जोड़कर प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन ला रहा है।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ‘प्रथम’ (Pratham) तथा ‘रॉकेट लर्निंग’ (Rocket Learning) के सहयोग से संचालित ‘मिशन आरंभ’ के तहत व्हाट्सऐप आधारित ‘होम लर्निंग’ कार्यक्रम के माध्यम से अब तक पंजाब के 1.6 लाख से अधिक अभिभावकों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। परिवारों को सरल, रोचक तथा आयु-उपयुक्त शिक्षण गतिविधियां सीधे उपलब्ध कराकर यह पहल अभिभावकों को घर पर ही अपने बच्चों की शिक्षा और समग्र विकास में सक्रिय सहयोगी बनने के लिए सशक्त बना रही है।

    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि यह कार्यक्रम राज्य के सभी 23 जिलों तक सफलतापूर्वक विस्तारित हो चुका है तथा विशेष व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से 26,209 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इससे जोड़ा गया है। लगभग 70 प्रतिशत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इस डिजिटल मंच पर सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जबकि लगभग 35 प्रतिशत कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट सहभागिता और निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए ‘गोल्ड मेडल’ अथवा ‘सुपरस्टार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता’ के रूप में सम्मानित किया गया है।

    अभिभावकों को व्हाट्सऐप के माध्यम से साप्ताहिक गतिविधि कैलेंडर, प्रतिदिन शिक्षण वीडियो, इंटरैक्टिव क्विज़ तथा विशेष रूप से तैयार शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जिससे घर पर बच्चों को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया सरल, आनंददायक और प्रभावी बनती है। साथ ही यह पहल आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल साधनों से सुसज्जित कर परिवारों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने तथा बच्चों के बौद्धिक, भाषाई, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास में प्रभावी सहयोग प्रदान करने में भी सक्षम बना रही है।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ‘मिशन आरंभ’ बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में अभिभावकों को समान भागीदार बनाने के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विज़न का सशक्त उदाहरण है। प्रौद्योगिकी, सामुदायिक सहभागिता तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण को एक मंच पर लाकर यह पहल पंजाब के बच्चों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक वर्षों में उनके सीखने की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

     

  • CM Nayab Singh Saini ने Panchkula से राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान का किया शुभारंभ

    CM Nayab Singh Saini ने Panchkula से राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान का किया शुभारंभ

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता के प्रति व्यापक जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला से राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं श्रमदान कर सफाई की तथा प्रदेशवासियों से स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अभियान की शुरुआत पंचकूला के सेक्टर-20 की मुख्य मार्केट के सामने स्वयं झाड़ू लगाकर की। उन्होंने आसपास के क्षेत्र की सफाई करते हुए नागरिकों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने कचरे के वैज्ञानिक एवं उचित निष्पादन के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए स्वयं कचरा एकत्र कर रेहड़ी में डाला। इस मौके पर उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, बाजार और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता के संदेश से प्रेरित होकर देशभर के लोगों ने स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा के दौरे पर आएंगे। इस अवसर को ध्यान में रखते हुए 13 जुलाई से 17 जुलाई तक पूरे हरियाणा में प्रतिदिन व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया है जिसकी शुरुआत आज पंचकूला से की गई है।

    इस अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्रीगण, सांसद, विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा पार्टी पदाधिकारी स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ एवं विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा आगमन हम सब के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री अपने हरियाणा दौरे के दौरान एक हाइड्रोजन ट्रेन को झंडी दिखाएंगे और हरियाणा के विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी करेंगे।

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव आज पूरी दुनिया महसूस कर रही है, पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत की और देशवासियों से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसका संरक्षण करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी इस अभियान से जुड़ते हुए कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल कर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की अपील की। अधिक से अधिक पौधा रोपण से पर्यावरण स्वच्छ होगा, वायु प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, जिससे अनेक बीमारियों की रोकथाम में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे जहाँ भी जाएंगे, वहाँ कम से कम 100 पौधे अवश्य लगाएंगे। इसी क्रम में आज पंचकूला में भी पौधरोपण किया गया।

    इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओम प्रकाश देवीनगर, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल, उपायुक्त सतपाल शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

  • शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को री-डिजाइन, री-इमेजिन और री-इन्वेस्ट सिद्धांत पर दिया नया आकार- CM Nayab Singh Saini

    शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को री-डिजाइन, री-इमेजिन और री-इन्वेस्ट सिद्धांत पर दिया नया आकार- CM Nayab Singh Saini

    चण्डीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य को एक विश्वस्तरीय नॉलेज इकॉनोमी हब के रूप में स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से राज्य के शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को री-डिजाइन, री-इमेजिन और री-इन्वेस्ट के सिद्धांत पर नया आकार दिया जा रहा है। इसके तहत राज्य के विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 7 करोड़ 58 लाख रुपए के उदघाटन एवं शिलान्यास किए, इनमें 6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले कन्या छात्रावास का शिलान्यास, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में 1.40 करोड़ रुपए से बने नर्सिंग विभाग के भवन का उद्घाटन तथा 18 लाख रुपए की लागत से बने खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प एवं माता अमृता देवी सर्कल का लोकार्पण किया। उन्होंने नर्सिंग ब्लॉक का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखने की घोषणा की।

    एनईपी उत्कृष्ट क्रियान्वयन में विश्वविद्यालय को एक्सीलेंस अवार्ड 2025 से नवाजा गया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। इसका विजन भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में इस विश्वविद्यालय ने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय को हरियाणा सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति इम्प्लीमेंटेशन एक्सीलेंस अवार्ड 2025 गोल्ड कैटेगरी से नवाजा गया है। यह गर्व एवं गौरव की बात है। युवा इस विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से बड़ी अपेक्षाएं रखते हैं। ये संस्थान अनुसंधान और नवाचार के ऐसे केंद्र बनें, जो स्थानीय उद्योगों और वैश्विक तकनीक के बीच एक सेतु का काम करें,तभी हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम को आगे बढाएं जो रास्ता माता अमृता देवी एवं गुरू जंभेश्वर महाराज ने हमें दिया हैं तभी पूर्वजों के पर्यावरण के प्रति सपनों को साकार किया जा सकेगा। गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल उपाधियां या डिग्रियां बांटना नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसे चरित्रवान, संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण करना है, जो तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और प्रकृति के प्रति भी पूरी तरह सजग हों।

    भारत की संस्कृति प्रकृति अस्तित्व की चेतना

    उन्होंने गुरु जंभेश्वर महाराज और बिश्नोई समाज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति का अस्तित्व बहुत महत्व रखता है, जिसका प्रतिनिधित्व गुरु जंभेश्वर जी महाराज ने अपने जीवन और उपदेशों में किया। गुरु जंभेश्वर की शिक्षाओं के अनुरूप ही डबल इंजन की सरकार प्रकृति के साथ संतुलन बैठाकर हरियाणा को विकास की नई बुलंदियों पर ले जाने का काम कर रही है।   भारत की सभ्यता का मूल स्वर प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध का रहा है। इसी महान परंपरा में पंद्रहवीं शताब्दी में गुरु जंभेश्वर महाराज ने मरुस्थलीय प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए जो विचार-क्रांति प्रारंभ की, वह अपने समय से कई शताब्दियां आगे की सोच थी। उस समय जब संसार के अधिकांश भागों में प्रकृति को केवल संसाधन के रूप में देखा जाता था, तब गुरु जंभेश्वर महाराज ने प्रकृति को जीवन का आधार, धर्म का अंग और लोक कल्याण का सर्वोच्च माध्यम घोषित किया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज के द्वारा प्रतिपादित 29 नियम केवल किसी धार्मिक पंथ के अनुशासन नहीं हैं। ये नियम मानव जीवन, पर्यावरण संतुलन, सामाजिक समरसता, जैव विविधता, पशु-करुणा, जल संरक्षण, स्वच्छता, संयम और नैतिक जीवन के अमूल्य सिद्धांत हैं। ये नियम आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पांच सौ वर्ष पहले थे। मानव पूंजी के विकास के लिए स्किल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य ध्येय है। इसी के अनुरूप, हरियाणा अपने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हरित प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स तथा रोबोटिक्स जैसे भविष्य के उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार कर रहा है।       प्रदेश के युवाओं को विश्व स्तरीय शिक्षा और बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए हमने स्टार्टअप नीति और कौशल विकास योजनाएं बनाई हैं। उच्चतर शिक्षा की आत्मा अनुसंधान एवं शोध कार्य में बसती है। इसलिए गत वर्ष हरियाणा में 20 करोड़ रुपये का हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्यभर के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से 350 से अधिक अनुसंधान प्रस्ताव प्राप्त हुए। लगभग 90 शोध प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इसलिए हमने इस वित्त वर्ष में भी 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि इस कोष को देने का प्रावधान किया है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को उच्चतर शिक्षा का एक वैश्विक अध्ययन गंतव्य बनाने के लिए राजकीय महाविद्यालयों को मॉडल संस्कृत महाविद्यालयों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। अब तक 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर युवा को उसके घर के आसपास ही उच्चतर शिक्षा मिले।

    सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर दे रही बल

    सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी बल दे रही हैं। समय की मांग के अनुसार स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक की शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ा गया है। स्कूलों में एनएसक्यूएफ, कॉलेजों में पहल योजना, विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर और तकनीकी संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के लिए उद्योगों के साथ एम.ओ.यू. करने जैसे कारगर कदम उठाए गए हैं। हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि युवा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

    गुरू जंभेश्वर महाराज ने पर्यावरण को लेकर चलाई मुहिम – शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

    समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि देश में अनेक संत हुए जिन्होंने क्षेत्र में महान कार्य कर मिसाल कायम की है। संत कबीर, रविदास, मीरा बाई जैसे संतों ने चुनौतियों से निपटने का मंत्र दिया। उसी प्रकार गुरु जंभेश्वर महाराज ने भी पर्यावरण को लेकर मुहिम चलाई। पर्यावरण के संरक्षण के लिए लोगों ने अपना बलिदान तक दिया। इस मुहिम को जीवन में अमल करने और आगे बढाने की आवश्यकता है तभी पर्यावरण चुनौती से निपटा जा सकता है। विश्वविद्यालय ने शिक्षा एवं तकनीकी के क्षेत्र में भी अनेक रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।   इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक सावित्री जिन्दल, रणधीर पणिहार, विनोद भयाना, मेयर प्रवीन पोपली, पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व विधायक दुड़ाराम, स्वामी सचिदानन्द आचार्य, आशा खेदड, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ नरसी राम बिश्नोई, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ बी आर कम्बोज सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।