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केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पिंगोड़ गांव में 2 करोड़ 63 लाख रुपये के विकास कार्यों का किया शिलान्यास
चंडीगढ़: केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने रविवार को पलवल में होडल विधानसभा क्षेत्र के गांव पिंगोड़ में लगभग 2 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें एचआरडीएफ योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, लगभग 62 लाख रुपए की लागत से गांव की फिरनी का निर्माण, लगभग 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रविदास भवन सहित विभिन्न समाजों की चौपालों एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं। -

हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता से सुदृढ हो रहा है हरियाणा में न्यायिक परिसर का ढांचागत विकास : न्यायमूर्ति सूर्यकांत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा- ईज ऑफ जस्टिस की सहभागिता से बनेगा विकसित राष्ट्र 2047
चंडीगढ़: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण न्यायिक परिसर का निर्माण हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सरकार की सक्रिय सहयोगिता के फलस्वरूप हरियाणा में न्यायिक परिसर का ढांचागत विकास सुदृढ हो रहा है और टॉवर ऑफ जस्टिस जैसे न्यायिक भवन न्याय प्रक्रिया को सौहार्दपूर्ण वातावरण देने में सहभागी बनेंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत रविवार को गुरुग्राम में टॉवर ऑफ जस्टिस के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, जस्टिस विक्रम नाथ, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक सिब्बल व जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की गरिमामयी उपस्थिति में ‘टावर ऑफ जस्टिस’ न्यायिक परिसर का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने गुरुग्राम लोकार्पण समारोह से ही वर्चुअल माध्यम से नूंह जिला के तावडू व पुन्हाना न्यायिक परिसर का शिलान्यास भी किया।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य ने टॉवर ऑफ जस्टिस निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमिकों को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका सम्मान किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि आज का अवसर मेरे लिए विशेष है। जनवरी 2017 में, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रहते हुए, मुझे इस न्यायिक परिसर का भूमि-पूजन करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, जो कभी मुख्यतः कृषि के लिए जाना जाता था, वह आज उद्योग, नवाचार और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
आज फार्च्यून 500 की आधे से अधिक कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालय, 1500 से अधिक भारतीय कंपनियाँ और स्टार्ट-अप्स यहाँ कार्यरत हैं। व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ संपत्ति, तकनीक, अनुबंध और रोजगार से जुड़े विवाद भी बढ़े हैं। आज गुरुग्राम की अदालतों में 24,000 से अधिक सिविल डिस्प्यूट , लगभग 1,000 कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं। ये आँकड़े न्याय व्यवस्था पर बढ़ते दायित्व का संकेत हैं। ऐसे समय में यह टॉवर ऑफ जस्टिस केवल एक आधुनिक भवन नहीं है, बल्कि न्याय तक पहुँच को और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम है। न्यायालयों का वास्तविक महत्व उनकी भव्यता में नहीं, बल्कि इस बात में है कि वे नागरिक और न्याय के बीच की दूरी को कितना कम करते हैं। यह परिसर उसी सोच का प्रतीक है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अतिरिक्त न्यायालयों के निर्माण के माध्यम से अधिक मामलों की सुनवाई संभव होगी, लंबित मामलों के निस्तारण में गति आएगी और विशेष रूप से कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट से जुड़े मामलों के लिए अधिक न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी। हमारी प्राथमिकता सदैव ऐसी न्याय व्यवस्था का निर्माण होनी चाहिए जो दक्ष भी हो और निष्पक्ष भी। न्याय में गति आवश्यक है, परन्तु वह कभी भी संवैधानिक मूल्यों की कीमत पर प्राप्त नहीं की जा सकती। इस परिसर में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा सुव्यवस्थित ज्यूडिशियल मालखाना जैसी सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं। इस परियोजना की एक अन्य महत्त्वपूर्ण विशेषता प्रस्तावित इंटरनेशनल आर्बिटेशन सेंटर है जो उच्च न्यायालय के संरक्षण में संचालित होगा।
हमारा लक्ष्य ऐसी न्यायपालिका का निर्माण है जो आधुनिक हो, किन्तु मानवीय भी हो, तकनीकी रूप से उन्नत हो, किन्तु संविधान के मूल्यों में दृढ़ता से निहित भी और प्रत्येक वाद के पीछे छिपे मानवीय जीवन को समझने वाली संवेदनशील संस्था भी बनी रहे। हमारा उद्देश्य मामलों का शीघ्र निस्तारण करना तो है ही उसके साथ, हमारा प्रयास यह भी होना चाहिए कि कोई भी नागरिक आर्थिक, सामाजिक अथवा प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण स्वयं को न्याय से वंचित न महसूस करे। टावर ऑफ जस्टिस केवल एक भव्य इमारत न रहे, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए निष्पक्ष, प्रभावी और संवेदनशील न्याय का प्रतीक बनेगा।
संविधान की मर्यादा का केंद्र है टॉवर ऑफ जस्टिस : मुख्यमंत्री
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में निर्मित अत्याधुनिक ‘टावर ऑफ जस्टिस’ न्यायिक परिसर संविधान की मर्यादा, न्यायपालिका की गरिमा और नागरिकों के न्याय पर अटूट विश्वास का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आर्थिक प्रगति के साथ-साथ त्वरित, सुलभ एवं पारदर्शी न्याय व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम आज ज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्टार्टअप और वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे शहर में आधुनिक न्यायिक परिसर की स्थापना न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जिस भवन की आधारशिला रखी गई थी, उसका लोकार्पण आज भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के कर कमलों से होना एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक संयोग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘ईज ऑफ जस्टिस’ को भी समान महत्व देना होगा। न्याय व्यवस्था ऐसी हो जो सरल, सुलभ, पारदर्शी तथा समयबद्ध हो, ताकि प्रत्येक नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके और आर्थिक विकास को मजबूत कानूनी आधार प्राप्त हो।
सैनी ने महाभारत के युधिष्ठिर एवं यक्ष संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय न्याय परंपरा का मूल आधार निष्पक्षता, धर्म और सिद्धांत हैं। विश्वास व्यक्त किया कि गुरु द्रोणाचार्य और माता शीतला देवी की पावन भूमि पर स्थापित यह न्यायिक परिसर आने वाले वर्षों में न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगा। टॉवर ऑफ जस्टिस का जिक्र करते हुए कहा कि दो टावरों में विकसित यह परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े न्यायिक परिसरों में शामिल है। पुराने परिसर की 45 अदालतों की तुलना में यहां 55 आधुनिक अदालत कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त परिसर में बैंक, डाकघर, बार लाइब्रेरी, मध्यस्थता केंद्र तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे न्यायिक कार्यप्रणाली अधिक दक्ष, प्रभावी एवं जनहितकारी बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुराने न्यायालय परिसर के एक हिस्से को अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर्स के निर्माण हेतु समर्पित किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर और पर्याप्त कार्यस्थल की सुविधा उपलब्ध हो सके।
आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना से आमजन का न्याय पर विश्वास होगा और मजबूत : मनोहर लाल
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस का उद्घाटन केवल एक नए भवन का शुभारंभ नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति आमजन के विश्वास को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ न्याय की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में न्यायालय का वातावरण, वहां उपलब्ध सुविधाएं और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सकारात्मक अनुभव नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में बढ़ते मुकदमों को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल न्यायिक परिसर की आवश्यकता थी। इस परिसर में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई हैं, जो न्यायिक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएंगी।
यह भवन केवल आधुनिक अधोसंरचना का उदाहरण नहीं, बल्कि न्याय को अधिक सम्मानजनक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज सबसे अधिक विवाद भूमि, पारिवारिक और अन्य सामाजिक मामलों से जुड़े हैं, जिससे न्यायालयों पर लगातार भार बढ़ रहा है। ऐसे में केवल न्यायालयों का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनावश्यक मुकदमों को कम करने, वैकल्पिक विवाद समाधान, मध्यस्थता और लोक अदालतों जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करना होगा। सरकार ने प्रशासन में पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और नागरिक हितों को केंद्र में रखकर अनेक सुधार किए हैं, फिर भी यदि न्यायालयों के निर्णयों से नीतियों में सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो सरकार सकारात्मक सुझावों का स्वागत करेगी। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और अधिवक्ता समुदाय से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय सुलभ, किफायती और समयबद्ध होना चाहिए। इससे आम नागरिक का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
टावर ऑफ जस्टिस’ विकसित भारत के लिए सशक्त, सुलभ और नागरिक केंद्रित न्याय व्यवस्था का प्रतीक : अर्जुन राम मेघवाल
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक नए न्यायालय भवन के उद्घाटन का अवसर नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम का टावर ऑफ जस्टिस आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो कार्यपालिका और न्यायपालिका के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। रुग्राम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु द्रोणाचार्य की कर्मस्थली, माता शीतला की पावन भूमि और महाभारतकालीन परंपराओं से जुड़ा यह शहर आज न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए न्याय व्यवस्था का आधुनिक, पारदर्शी और सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है।
केंद्र सरकार न्यायिक सुधारों को गति देने के लिए अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। ई-कोर्ट्स, ई-फाइलिंग, ई-प्रोसिक्यूशन, ई-प्रिज़न्स, ई-फोरेंसिक, ई-सेवा केंद्र, डिजिटल भुगतान तथा राष्ट्रीय न्यायिक डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और त्वरित बनाया जा रहा है। विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर विकसित, समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनेगा।
प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिले-राव इंद्रजीत सिंह
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन की सफलता तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिले। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और कानून का प्रभावी शासन इसकी सबसे मजबूत आधारशिला है। वर्ष 2014 के बाद 1,500 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त किए गए, जन विश्वास अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के माध्यम से अनेक छोटे अपराधों का अपराधीकरण समाप्त किया गया तथा न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाया गया है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड, ई-फाइलिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित केस प्रबंधन तथा वाणिज्यिक न्यायालयों के विस्तार जैसे सुधार लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गुरुग्राम में लगभग सात एकड़ में निर्मित 55 न्यायालय कक्षों वाला टावर ऑफ जस्टिस इन सुधारों का सशक्त प्रतीक है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि न्याय में न तो अनावश्यक विलंब हो और न ही किसी नागरिक को न्याय से वंचित होना पड़े। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी के रूप में तेजी से उभर रहे गुरुग्राम को उसकी बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना मिली है।न्याय व्यवस्था में जनविश्वास को और सशक्त बनाने का संकल्प है टावर ऑफ जस्टिस’ : जस्टिस अनिल मिश्रा
उद्घाटन समारोह में स्वागत संबोधन देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने कहा कि गुरुग्राम के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि इस भव्य न्यायिक परिसर की परिकल्पना भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसे हरियाणा सरकार तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सामूहिक प्रयासों से साकार किया गया है।
इस उपलब्धि के पीछे केवल अधिकारियों और संस्थानों का ही नहीं, बल्कि हजारों निर्माण श्रमिकों, राजमिस्त्रियों, अभियंताओं तथा सहयोगी कर्मचारियों का अथक परिश्रम भी शामिल है, जिनके समर्पण ने इस स्वप्न को वास्तविकता में बदला। साथ ही उन्होंने स्थानीय न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिनकी निष्ठा और निरंतर सेवा के कारण न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित होता रहा। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा, न्यायमूर्ति जॉर्ज मसीह, न्यायमूर्ति प्रसन्न बी. वराले, न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति चंद्रशेखर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा एवं न्यायमूर्ति अरुण पल्ली के साथ ही हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, विधायक मुकेश शर्मा, बिमला चौधरी, तेजपाल तंवर सहित हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, डीजीपी अजय सिंघल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम नरेंद्र सुरा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नूह सुशील गर्ग, सीपी शिवास कविराज, डीसी गुरुग्राम उत्तम सिंह, डीसी नूंह अखिल पिलानी सहित बार एसोसिएशन के पदाधिकारीगण व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
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हमें महापुरुषों के विचारों से मिलती है प्रेरणा- विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि महापुरुषों की जयंती मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को आत्मसात कर दिखाए गए रास्ते पर चलकर आगे बढ़ना है। युवा पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा मिलती है। कल्याण आज करनाल के घरौंडा की प्रजापति धर्मशाला में महाराजा प्रजापति दक्ष जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को भी उनके जीवन के बारे में पता चलता है। वह संस्कृति-संस्कारों के साथ-साथ उनके विचारों से जुड़ती है।
आज बच्चों में मेहनत करने का जज्बा कम होता जा रहा है जो चिंता का विषय है। जीवन में तभी आगे बढ़ा जा सकता है जब मेहनत के संस्कार होंगे। संस्कृति से जुडक़र परिश्रम करना है। तभी समाज खुशहाल बन सकता है। उन्होंने समाज में बेटियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान हरियाणा की धरती से शुरू किया जिसके कारण प्रदेश के लिंगानुपात में अपेक्षित सुधार हुआ है। बेटियों को आगे बढ़ने के रास्ते बढ़े हैं। लेकिन सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं होती। उन्होंने कहा कि बेटा घर से बाहर निकलता है तो यह चिंता होनी चाहिए कि बेटे के कारण वातावरण खराब न हो, ऐसे संस्कार बच्चों को देने हैं। बेटे समाज में जाएं तो अच्छाई फैलाएं, यह हर घर और व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर नगर पालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता, मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकुमार पालीवाल व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन
चंडीगढ़: भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के तहत बहादुरी, खेलकूद, सोशल साइंस, विज्ञान एवं तकनीक पर्यावरण सहित आर्ट एवं कल्चर के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चे, जिनकी आयु 31 जुलाई को 5 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक हो, को वर्ष 2027 के जनवरी माह में आयोजित होने वाले समारोह में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। अवार्ड की घोषणा 26 दिसंबर 2026 को राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के अवसर पर की जाएगी।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल पुरस्कार में विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 25 बच्चों का चयन किया जाएगा। पुरस्कारों में एक मैडल सहित प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। सर्वप्रथम स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा प्राप्त आवेदनों की छंटनी की जाएगी, उसके उपरांत फाइनल नामों का सिलेक्शन नेशनल कमेटी द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट, पंचायती राज संस्थाएं, सभी केंद्रीय और राज्य स्कूल बोर्ड सहित राष्ट्रीय चयन समिति नॉमिनेट कर सकती हैं। पुरस्कार से जुड़ी अन्य जानकारी अवाड्र्सडॉटजीओवीडॉटइन पर देखी जा सकती हैं।
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राज्य में दो दिवसीय विशेष एस.आई.आर. शिविरों के दौरान 30 लाख से अधिक गणना प्रपत्र जमा: मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा
चंडीगढ़: मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) अभियान के तहत पंजाब भर के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित दो दिवसीय विशेष शिविरों के दौरान 30 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र (ई.एफ.) भरकर जमा कराए।
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सी.ई.ओ.) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि ये विशेष शिविर 11 और 12 जुलाई, 2026 को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित किए गए। इन शिविरों के दौरान मतदाताओं ने अपने भरे हुए गणना प्रपत्र संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बी.एल.ओ.) के पास जमा कराए। मित्रा ने बताया कि घर-घर जाकर गणना प्रपत्र एकत्र करने की प्रक्रिया अभी भी जारी है और यह 24 जुलाई, 2026 तक चलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 18 दिनों में 1.30 करोड़ से अधिक मतदाता अपने गणना प्रपत्र जमा करा चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उन मतदाताओं से अपील की है, जिन्होंने अभी तक अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं कराए हैं, कि वे बिना विलंब अपने संबंधित बी.एल.ओ. से संपर्क कर प्रपत्र जमा कराएं। मित्रा ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम 3 अगस्त, 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल हो, सभी मतदाता निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने गणना प्रपत्र संबंधित बी.एल.ओ. के पास अवश्य जमा कराएं।”
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मानसून की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की व्यापक समीक्षा, प्रदेशभर में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मानसून के मद्देनजर प्रदेशभर में जल निकासी व्यवस्था, जलभराव की रोकथाम तथा संभावित बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की शुक्रवार देर रात व्यापक समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, मंडलायुक्तों तथा सिंचाई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, शहरी स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत, राजस्व, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, प्रदेश में कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें और किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों में जल निकासी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करें तथा फील्ड स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में जलभराव की आशंका रहती है, उनकी पहले से पहचान कर वहां सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते पूरे किए जाएं। वर्षा के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों से पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि जनजीवन सामान्य बना रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, शहरी स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत, राजस्व, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। जल निकासी के लिए आवश्यक पंप सेट, मोटर, पाइप तथा अन्य उपकरण पूरी तरह कार्यशील अवस्था में तैयार रखे जाएं। उपमंडल स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश से गुजरने वाली नदी सहित सभी ड्रेन की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां कहीं भी बरसाती पानी के प्रवाह में अवरोध हो, उसे तत्काल हटाकर निर्बाध जल निकासी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यमुना नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों की तत्काल तैनाती सुनिश्चित की जाए। राजस्व, सिंचाई, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभाग बाढ़ संभावित क्षेत्रों में समन्वित ढंग से कार्य करें, ताकि जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनरी, नावों, जनरेटर तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की नियमित जांच की जाए। सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी से संबंधित कंट्रोल रूम चौबीस घंटे सक्रिय रखे जाएं तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह तैयार रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला मानसून के दौरान नागरिकों की सुविधा के लिए अपना टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करे, ताकि जलभराव, बाढ़ अथवा अन्य आपात स्थिति से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जलभराव की प्रत्येक घटना का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इसमें प्रभावित स्थान, पानी की निकासी में लगा समय तथा स्थिति सामान्य होने में लगे समय का समुचित विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर भविष्य के लिए स्थायी एवं दीर्घकालिक समाधान तैयार किए जाएंगे, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या का प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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प्रदेश की चिकित्सा सुविधाओं में किया जा रहा है निरंतर विस्तार- स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
चंडीगढ़- प्रदेश की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने आज भिवानी में महम रोड पर स्थित जगन्नाथ सर्राफ वेलनेस सेंटर एवं हरियाणा योग प्राकृतिक चिकित्सालय परिसर में नवनिर्मित फिजियोथैरेपी सेंटर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं में निरंतर विस्तार किया जा रहा है। आने वाले समय में प्रदेश को और अधिक बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से भिवानी और महेंद्रगढ़ जिला के कोरियावास को नए मेडिकल कॉलेज की सौगात देंगे, जो स्वास्थ्य सेवाओं में मील का पत्थर साबित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्ष से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। यह योग दिवस स्वास्थ्य रहने के लिए प्रकृति की गोद में जाने का एक संदेश है। नियमित रूप से योगासन प्राणायाम कर हम स्वस्थ रह सकते हैं और बुजुर्ग अवस्था में आने वाली सामान्य बीमारियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब पौने दो साल के दौरान प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं में निरंतर विस्तार किया है। प्रदेश में 1100 चिकित्सकों की भर्ती की गई है। उनका प्रयास है कि ग्रामीण अंचल में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सामान्य अस्पताल जैसी चिकित्सा सुविधा मिलें ताकि ग्रामीणों और विशेष कर महिलाओं को चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो। कार्यक्रम के दौरान भिवानी के विधायक श्री घनश्याम सर्राफ, बवानी खेड़ा के विधायक श्री कपूर सिंह वाल्मीकि, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़, चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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नशा मुक्त हरियाणा के लिए जिला स्तर पर बनेगी टास्क फोर्स: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि समाज, परिवार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून और पुलिस कार्रवाई के जरिए नशे के कारोबार पर अंकुश लगा सकती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान तभी संभव है जब पूरा समाज जन-आंदोलन के रूप में इसके खिलाफ एकजुट हो। पंचकूला में ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत आयोजित ‘नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी को नशा विरोधी शपथ भी दिलाई।
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विद्यार्थियों की मेहनत और प्रतिभा ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव: कृष्ण लाल पंवार
चंडीगढ़— हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि शिक्षा ही वह सबसे सशक्त माध्यम है, जो किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि पूरे समाज में उत्कृष्टता और कड़ी मेहनत की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी है।
कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार को पानीपत स्थित सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025-26 की कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी एवं टॉपर विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित भव्य एवं गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यालय के नवीन पुस्तकालय का विधिवत उद्घाटन किया तथा पुस्तकालय का अवलोकन करते हुए विद्यालय की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा भी की। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025-26 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी एवं टॉपर विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने तथा अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं संस्कारयुक्त वातावरण प्रदान करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधक फादर कार्तिक एबल के आशीर्वाद से यह संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और स्कूल प्रधानाचार्या सिस्टर दीपा सेबास्टियन के मार्गदर्शन में विद्यालय शिक्षा और संस्कारों का केंद्र बन गया है। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने विद्यालय की लाइब्रेरी में बच्चों की पुस्तकों हेतु 5 लाख रुपये अनुदान की घोषणा की और कहा कि विद्यालय के ऑडिटोरियम को पूर्ण रूप से वातानुकूलित भी कराया जाएगा।
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40 वर्ष पुरानी पानी की समस्या के स्थायी समाधान पर कारसिंधु के ग्रामीणों ने सिंचाई मंत्री का जताया आभार
चंडीगढ़— हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी के चंडीगढ़ आवास पर आज जींद जिले के उचाना विधानसभा क्षेत्र के गांव कारसिंधु के ग्रामीणों ने मुलाकात कर गांव की 40 वर्ष पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान कराने पर उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव कारसिंधु लंबे समय से सिंचाई जल वितरण से जुड़ी समस्या का सामना कर रहा था, जिससे किसानों और ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि मंत्री श्रुति चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा स्वयं इसकी नियमित समीक्षा की, जिसके परिणामस्वरूप वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सका।
इस संबंध में गांव कारसिंधु एवं अलीपुरा (तहसील उचाना, जिला जींद) के बरौला माइनर की आरडी 33850/आर (RD 33850/R) के आउटलेट से तरखा माइनर की आरडी 17150/टीएफ (RD 17150/TF) के आउटलेट में 179/179 एकड़ क्षेत्र के चाक (कमांड एरिया) को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। इस तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्था से गांव के करीब 400 परिवारों की पानी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हुआ है।
मंत्री से मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि चार दशक से लंबित इस समस्या का समाधान उनके लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री श्रुति चौधरी ने उनकी वर्षों पुरानी मांग को गंभीरता से लेते हुए उसका स्थायी समाधान कराया है। ग्रामीणों ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संवेदनशील दृष्टिकोण, त्वरित निर्णय और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के कारण आज गांव के सैकड़ों परिवारों को स्थायी राहत मिली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्री के नेतृत्व में सिंचाई विभाग किसानों एवं ग्रामीणों के हित में इसी प्रकार कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और ग्रामीणों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन के साथ-साथ सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक खेत तक समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराना तथा प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।