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  • बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा के आदर्श नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री

    बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा के आदर्श नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा का जीवन त्याग, सेवा और समर्पण की अमर मिसाल है। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियां केवल किसी एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की साझा धरोहर हैं, जिनके आदर्श नई पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री संत कबीर कुटीर में आयोजित ‘संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत बाबा मक्खन शाह लुबाना एवं बाबा लक्खी शाह बंजारा के राज्य स्तरीय जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पेहवा में बाबा मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला के निर्माण के लिए 31 लाख रुपये तथा दतौली गांव में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए भी 31 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि धर्मशाला के लिए आवंटित भूमि से संबंधित सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने बाबा मक्खन शाह लुबाना के नाम पर किसी संस्थान का नाम रखने की भी बात कही। समारोह में बंजारा समाज के प्रतिनिधियों ने छह मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामीण एवं शहरी आवास योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, डॉ. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना, अंत्योदय परिवार उत्थान योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने लोगों से बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा के सेवा, सत्यनिष्ठा और बलिदान के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

  • फायर एवं एमरजेंसी सेवाओं को मिलेगा नया बल : राजस्व मंत्री विपुल गोयल

    फायर एवं एमरजेंसी सेवाओं को मिलेगा नया बल : राजस्व मंत्री विपुल गोयल

    चंडीगढ़- हरियाणा के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं स्थानीय शहरी निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में आज विभागीय हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा भी उपस्थित रहींबैठक में राज्य की फायर एवं एमरजेंसी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 26 नए वाहनों की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई। इन वाहनों को विभिन्न जिलों में तैनात किया जाएगा, जिससे आगजनी एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को अधिक त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    बैठक में बताया गया कि खरीदे जाने वाले वाहनों में यूटिलिटी व्हीकल, रिकवरी वैन तथा कमांड एंड कंट्रोल व्हीकल शामिल हैं। इनकी खरीद पर 2 करोड़ 91 लाख 71 हजार रुपये की लागत आएगी तथा इन्हें दो माह के भीतर विभाग को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। महानिदेशक अग्निशमन सेवाएं श्री शेखर विद्यार्थी, वित्त विभाग के विशेष सचिव कैप्टन मनोज कुमार तथा आपूर्ति एवं निपटान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • एचटेट परीक्षा-2025 की ड्राफ्ट उत्तरकुंजी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध

    एचटेट परीक्षा-2025 की ड्राफ्ट उत्तरकुंजी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध

    चंडीगढ़- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा 04 व 05 जुलाई, 2026 को संचालित करवाई गई हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 लेवल-1 (पीआरटी), लेवल-2 (टीजीटी) व लेवल-3 (पीजीटी) से संबंधित सभी विषयों की ड्राफ्ट उत्तरकुंजी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर 06 जुलाई, 2025 सायं 05:00 बजे से सार्वजनिक कर दी गई है।

    बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को प्रश्र-पत्र बुकलेट में दिए गए किसी भी प्रश्र अथवा उत्तरकुंजी में दिए गए किसी भी प्रश्र के उत्तर (विकल्प) के बारे में कोई आपत्ति है, तो इस संबंध में पूर्ण तथ्यों/साक्ष्यों सहित 06 से 09 जुलाई, 2026 सायं 05:00 बजे तक निर्धारित शुल्क 100/- रूपये प्रति प्रश्र अनुसार जमा करवाते हुए अपनी आपत्ति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए गए पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करवा सकते हैं।

    उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी प्रश्र के संबंध में दर्ज करवाई गई आपत्ति सही पाई जाती है तो ऐसी स्थिति में उस प्रश्र के लिए जमा करवाया गया शुल्क अभ्यर्थी को परीक्षा परिणाम घोषित होने से तीन मास के अन्दर-अन्दर अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध करवाए गए बैंक खाते में वापिस (Refund) कर दिया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि प्रश्र-पत्र व उत्तरकुंजी के संबंध में 09 जुलाई, 2026 सायं 05:00 बजे के पश्चात् किसी भी माध्यम से प्राप्त होने वाली आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा तथा इस बारे कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा।

  • गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता : आरती सिंह राव

    गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता : आरती सिंह राव

    चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ जिले के लिए कुल 13 स्वास्थ्य संस्थानों को मंजूरी दी है। इसके तहत जिले में 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Health Centers) खोले जाएंगे, जबकि एक मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बनाया जाएगा। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा, “राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

    रामबास का स्वास्थ्य केंद्र होगा अपग्रेड

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ग्रामीण आबादी को बेहतर इलाज और ओपीडी की सुविधाएं देने के लिए महेंद्रगढ़ जिले के गांव रामबास में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के रूप में अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इस अपग्रेडेशन से स्थानीय निवासियों को अब सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

    इन 12 गांवों में खुलेंगे नए उप-स्वास्थ्य केंद्र

    इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ जिला के ही गांव छापड़ा सलीमपुर, कनीना, छीलरो, मुंडिया खेड़ा, भड़फ, मोरुण्ड , नायन, राय मलिकपुर, मुसनोता, चंदपुरा , नांगल नुनिया तथा गांव सेका में नया उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी दी है।

    ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि उक्त नए स्वास्थ्य केंद्रों के खुलने से महेंद्रगढ़ जिले के सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना होगा। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक बुनियादी स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे। सरकार के इस कदम से न केवल महेंद्रगढ़ जिले के चिकित्सा ढांचे में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
  • HPPC और HPWPC की बैठक में 340 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव स्वीकृत

    HPPC और HPWPC की बैठक में 340 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव स्वीकृत

    चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार देर सायं चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) तथा हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित खरीद एवं विकास कार्यों के कुल 340 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न बोलीदाताओं के साथ विस्तृत नेगोसिएशन के उपरांत दरों का पुनर्निर्धारण कर लगभग 15.11 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई। बैठक में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा तथा लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा उपस्थित रहे। बैठक में हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) के समक्ष कुल 10 एजेंडा रखे गए, जिनका कुल मूल्य 259.20 करोड़ रुपये था। इनमें से एक मामला स्थगित किए जाने के बाद शेष 9 एजेंडा प्रस्तावों का कुल मूल्य 225.76 करोड़ रुपये रहा। विभिन्न बोलीदाताओं के साथ सफल नेगोसिएशन के बाद इन प्रस्तावों का मूल्य 217.68 करोड़ रुपये तय किया गया, जिससे 8.08 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसी प्रकार, उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) की बैठक में कुल 5 एजेंडा रखे गए, जिनका कुल मूल्य 158 करोड़ रुपये था। इनमें से एक एजेंडा वापस लिए जाने के बाद शेष 4 प्रस्तावों का कुल मूल्य 130.19 करोड़ रुपये रहा। नेगोसिएशन के उपरांत इन प्रस्तावों का संशोधित मूल्य 123.16 करोड़ रुपये तय हुआ, जिससे 7.03 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित की गई। इस प्रकार दोनों समितियों में स्वीकृत प्रस्तावों का कुल मूल्य 355.95 करोड़ रुपये रहा, जिसे नेगोसिएशन के बाद 340.84 करोड़ रुपये पर अंतिम रूप दिया गया और कुल 15.11 करोड़ रुपये की बचत हुई।

    विभिन्न विभागों के विकास एवं खरीद कार्यों को स्वीकृति

    बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी पिल्फर रेजिस्टेंट मीटरिंग क्यूबिकल्स की आपूर्ति हेतु रेट कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी प्रदान की गई। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी वीसीबी पैनल, इनकम एवं आउटगोइंग पैनल, कैपेसिटर कंट्रोल पैनल तथा सब-स्टेशन ट्रांसफॉर्मर पैनलों की खरीद हेतु रेट कॉन्ट्रैक्ट को स्वीकृति दी गई। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार की एनपीडीडी योजना के अंतर्गत पीपीपी मोड पर संचालित की जाने वाली प्रयोगशाला के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के तहत गुरुग्राम के सेक्टर-78 और 80 के मध्य मास्टर रोड एवं सर्विस रोड के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण में सेक्टर-9, 10, 14, 15, 15ए, 16, 17, 18, 19, 29, 30, 31, 32, 34, 35 और 37 के ग्रीन बेल्ट तथा पार्कों के लिए छह माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, उनसे संबंधित आधारभूत ढांचे के निर्माण तथा संचालन एवं रखरखाव से जुड़े कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई। सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत कुंडली में सीवर लाइनें बिछाने एवं मैनहोल निर्माण, खरखौदा में वर्षा जल निकासी व्यवस्था एवं नालों के निर्माण, जीटी रोड से दीवान फार्म तक 65 मीटर चौड़ी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा कुंडली में 7.50 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी क्रम में पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के तहत पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2 के लिए 20 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 50 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण, मौजूदा 67.5 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के सुदृढ़ीकरण, 15 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बढ़ाकर 30 एमएलडी क्षमता तक करने तथा पिंजौर-कालका शहरी परिसर के सेक्टर-29 में 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सामग्री की आपूर्ति गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित की जाए।
  • प्रधानमंत्री का सपना, हर गरीब परिवार का हो पक्का मकान- मनोहर लाल

    प्रधानमंत्री का सपना, हर गरीब परिवार का हो पक्का मकान- मनोहर लाल

    चंडीगढ़: केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के प्रत्येक गरीब परिवार के पास अपना पक्का मकान हो। करनाल में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह योजना हर पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि घर केवल चारदीवारी नहीं, बल्कि परिवार के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार होता है। इस अवसर पर उन्होंने 31 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितंबर 2024 से शुरू किया गया है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार मिलकर गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। लाभार्थियों के चयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है, ताकि बिना किसी भेदभाव के वास्तविक पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंच सके।

    मनोहर लाल ने लाभार्थियों से सरकार द्वारा दी जा रही सहायता राशि का सदुपयोग करते हुए निर्धारित समय में मकान निर्माण पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रथम चरण में हरियाणा के 2,174 लाभार्थियों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इनमें करनाल जिले के शहरी क्षेत्र के 509 लाभार्थी शामिल हैं, जबकि नगर निगम करनाल क्षेत्र के 80 पात्र लाभार्थियों को भी योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की गई है।

  • हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य तेज़ी से जारी, 14 जुलाई से पहले सभी मतदाता अपना SIR फ़ॉर्म BLO के पास जमा करवायें

    हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य तेज़ी से जारी, 14 जुलाई से पहले सभी मतदाता अपना SIR फ़ॉर्म BLO के पास जमा करवायें

    चंडीगढ़- हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत अब तक कुल 1,99,18,634 (96.43%) मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 1,22,08,806 (59.11%) गणना प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से प्राप्त कर सफलतापूर्वक अपलोड किए जा चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं। मतदाता एक प्रति में आवश्यक विवरण भरकर हस्ताक्षर सहित बीएलओ को वापस सौंपें तथा दूसरी प्रति पर बीएलओ के हस्ताक्षर प्राप्त कर उसे रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखें। 21 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त होंगे। जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र समय पर प्राप्त नहीं होंगे, उनके नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

    ऐसे में सभी मतदाताओं से अनुरोध है कि वे समय रहते सही एवं पूर्ण जानकारी के साथ अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा करें तथा प्राप्ति रसीद अवश्य लें। मतदाता चाहें तो अपना गणना प्रपत्र voters.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी भर सकते हैं।गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई है।

    प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वे अपने-अपने बीएलए-2 के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करें तथा अधिक से अधिक गणना प्रपत्र भरवाकर बीएलओ के पास समय पर जमा करवाने में सहयोग करें।

     

  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बनेगा अंबाला साइंस सेंटर, सीएम नायब सैनी की बड़ी घोषणा

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बनेगा अंबाला साइंस सेंटर, सीएम नायब सैनी की बड़ी घोषणा

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रतीक है। अंबाला में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125 स्मरण पक्ष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि 85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंबाला साइंस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा, जबकि निर्माणाधीन शहीद स्मारक के निकट उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित और सिद्धांतों के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष से जुलाई 2027 तक उनका दो वर्षीय जयंती समारोह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के शिक्षा, राजनीति और राष्ट्र निर्माण में योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता से अधिक राष्ट्रहित को महत्व दिया और भारत की एकता एवं अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के “एक राष्ट्र में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” के संकल्प को साकार किया गया।

    केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के प्रणेता थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी विचारधारा को विभिन्न राष्ट्रीय नीतियों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, नई शिक्षा नीति, आत्मनिर्भर भारत, रक्षा विनिर्माण और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे कदम डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले निर्णय हैं। उन्होंने हरियाणा की डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और किसानों के हित में किए गए कार्य विकास को नई गति दे रहे हैं।

  • हरियाणा में अनुसंधान तंत्र का होगा विस्तार, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

    हरियाणा में अनुसंधान तंत्र का होगा विस्तार, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

    चंडीगढ़- हरियाणा में नीति आधारित अनुसंधान तथा साक्ष्य-आधारित सुशासन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एसजेएचआईएफएम) को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शोध केंद्र के रूप में मान्यता देने की कवायद हो रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य की दीर्घकालिक विकास के विजन तथा ‘विकसित हरियाणा-2047’ के लक्ष्य को बल देने के लिए एक सशक्त अनुसंधान तंत्र विकसित करना है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई एक बैठक में इस आशय के एक प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके तहत एसजेएचआईएफएम को पीएचडी शोध कार्यक्रम संचालित करने तथा नीति अनुसंधान, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्र में एक बहु-विषयक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इस पहल से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक अनुसंधान को संस्थागत स्वरूप मिलेगा तथा सरकार में साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।

    उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह ने बताया कि एसजेएचआईएफएम को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध किए जाने पर संस्थान विश्वविद्यालय अधिनियम, विश्वविद्यालय की विधियों तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्धारित मानकों के अनुरूप देश के अन्य प्रतिष्ठित शोध संस्थानों की तर्ज पर पीएच.डी. कार्यक्रम संचालित कर सकेगा। उन्होंने बताया कि एसजेएचआईएफएम पहले से ही परिणाम-आधारित अनुसंधान, लोक नीति अध्ययन, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस तथा क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में कार्य कर रहा है और इस संबद्धता से उसकी शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

    बैठक में एसजेएचआईएफएम में टीम लीड तथा स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर के स्वीकृत पदों के लिए पात्रता मानदंडों में संशोधन के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। संशोधित मानदंडों का उद्देश्य पीएच.डी. धारकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों तथा विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त संस्थाओं के विशेषज्ञों सहित अधिक योग्य एवं अनुभवी प्रतिभाओं को आकर्षित करना है। इससे प्रस्तावित पीएचडी. कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त मात्रा में पात्र शोध पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) भी उपलब्ध हो सकेंगे।

  • छह माह में 14 हजार से अधिक अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई, 3,947 साइबर अपराधी गिरफ्तार

    छह माह में 14 हजार से अधिक अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई, 3,947 साइबर अपराधी गिरफ्तार

    चंडीगढ़- हरियाणा ने साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) के माध्यम से साइबर ठगी के मामलों में 31 प्रतिशत धन वापसी (फंड रेस्टोरेशन) सुनिश्चित की है। यह राष्ट्रीय औसत 3.85 प्रतिशत से आठ गुना अधिक है। इसके साथ ही वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 14,000 से अधिक अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई गई और 3,947 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पिछले डेढ़ साल में साइबर हॉटस्पॉट नूंह से 927 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 9,100 पुलिस कर्मियों को साइबर जांच का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई प्रगति समीक्षा बैठक में दी गई।

    बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र के लिए आवश्यक मानव संसाधन की स्वीकृति में तेजी लाने, प्रौद्योगिकी आधारित पुलिसिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित साइबर निगरानी तथा संस्थागत क्षमता को और सुदृढ़ करने के साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अभियोजन और पीड़ित सहायता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि बदलते डिजिटल खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। बैठक में बताया गया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) द्वारा विकसित मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जहां देशभर में 1,79,203 मामलों में 6,906 रेस्टोरेशन आदेश जारी हुए और रिफंड रेट 3.85 प्रतिशत रहा, वहीं हरियाणा में 7,316 मामलों में 2,241 रिस्टोरेशन आदेश जारी कर 31 प्रतिशत धन वापसी सुनिश्चित की गई।

    पुलिस अधीक्षक (साइबर) मयंक गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2023 में पंचकूला में स्थापित राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (एस4सी) की क्षमताओं का वर्ष 2026 में व्यापक विस्तार किया गया है। साइबर धोखाधड़ी शिकायत प्रबंधन, बैंक समन्वय, म्यूल अकाउंट, जांच निगरानी, मोबाइल एवं यूआरएल ब्लॉकिंग जैसी मौजूदा इकाइयों के अलावा अब एआई इंटीग्रेशन सेल, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट, ओसीडब्ल्यूसी यूनिट, क्रिएटिव अवेयरनेस यूनिट तथा सीक्रेट सेल भी स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण, नीति, अनुसंधान एवं विकास, डार्क वेब जांच तथा वर्चुअल डिजिटल एसेट से संबंधित विशेष प्रकोष्ठ स्थापित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 25 जून, 2026 से हरियाणा में ई-जीरो एफआईआर सुविधा लागू कर दी गई है। इसके तहत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त एक लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें स्वतः इलेक्ट्रॉनिक जीरो एफआईआर में परिवर्तित होकर संबंधित साइबर पुलिस थानों को चली जाती हैं, जिससे ऐसे मामलों में त्वरित पंजीकरण और जांच सुनिश्चित हो रही है।

    बैठक में बताया गया कि सहयोग पोर्टल के माध्यम से जनवरी से जून 2026 के दौरान 14,139 अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई गई, जबकि पूरे वर्ष 2025 में यह संख्या 5,169 थी। हटाई गई सामग्री में फिशिंग वेबसाइट, फर्जी विज्ञापन, धोखाधड़ी से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट, फिशिंग गूगल विज्ञापन तथा बिना सहमति साझा की गई निजी आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खातों से संबंधित 533 शिकायतों में से 410 का निपटान किया जा चुका है तथा समर्पित मॉनिटरिंग टीमों के माध्यम से सभी मामलों का 15 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

    बैठक में साइबर जांच क्षमता सुदृढ़ करने के लिए किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी गई। वर्तमान में प्रदेश भर में 675 पुलिस कर्मी साइबर अपराध जांच में कार्यरत हैं। इसके अलावा, 3,742 अधिकारियों ने साइट्रेन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जबकि जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में 5,390 पुलिस कर्मियों को विशेष ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया। हरियाणा पुलिस के दो अधिकारी साइबर कमांडो के रूप में प्रशिक्षित किए गए हैं तथा 12 अन्य अधिकारी साइबर कमांडो प्रशिक्षण के अगले चरण के लिए पात्र घोषित किए गए हैं।