Category: Government News>Haryana Govt

  • पंचकूला जोन के बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का होगा त्वरित समाधान, 6, 13, 20 और 27 जुलाई को आयोजित होंगी विशेष बैठकें

    पंचकूला जोन के बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का होगा त्वरित समाधान, 6, 13, 20 और 27 जुलाई को आयोजित होंगी विशेष बैठकें

    चंडीगढ़: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य के तहत बिजली निगम द्वारा उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जुलाई 2026 के दौरान पंचकूला जोन के उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।

    उक्त जानकारी देते हुए बिजली निगम के एक प्रवक्ता ने बताया कि 6, 13, 20 और 27 जुलाई को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक यू.एच.बी.वी.एन. मुख्यालय, विद्युत सदन, इंडस्ट्रियल प्लॉट नंबर 3 और 4, सेक्टर-14, पंचकूला में पंचकूला जोन के कुरुक्षेत्र अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

    शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन के 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरुपयोग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा।

  • हरियाणा विजन-2047: किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर सरकार का फोकस

    हरियाणा विजन-2047: किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर सरकार का फोकस

    चंडीगढ़: हरियाणा को विजन-2047 के अनुरूप कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर, लागत कम कर और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के लक्ष्यों को तय समय सीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, भविष्य विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेन्द्र बढ़खालसा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

    बैठक में सेम प्रभावित भूमि को सेम मुक्त बनाने के अभियान की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम मुक्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य में कहीं भी इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से वैज्ञानिक योजना तैयार की जाए तथा सैटेलाइट के माध्यम से नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाए।

    स्वायल हेल्थ कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 15 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। शेष लक्ष्य जुलाई तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों, कॉलेज के छात्रों और ग्रामीण युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जाए, ताकि वे मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया को समझ सकें और कृषि के प्रति उनकी रुचि भी बढ़े।

    जिन जिलों में यूरिया की खपत अधिक है, वहां मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाए कि वास्तव में नाइट्रोजन की कमी है या किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाए।

    बैठक में प्राकृतिक खेती और जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। हिसार और गुरुग्राम में अलग मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य आठ मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। किसानों की फसलों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक और जैविक खेती से तैयार फसलों की खरीद के लिए मंडियों में अलग रजिस्टर की व्यवस्था की जाए तथा हैफेड के माध्यम से इनके मार्केटिंग, बेच और खरीद की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

    बैठक में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक को बढ़ावा देने, किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पराली जलाने की घटनाओं को जागरूकता और आधुनिक मशीनों के उपयोग के माध्यम से शून्य करने का लक्ष्य तय करते हुए विशेष रूप से पंजाब सीमा से लगे जिलों में रीपर सहित अन्य आवश्यक कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना और ड्रिप सिंचाई को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कपास उत्पादक क्षेत्रों में आधुनिक चुगाई मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए अगस्त माह में हिसार में विशेष कृषि मेले का आयोजन करने के निर्देश दिए।

    हरियाणा विजन-2047 का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और खेती को भविष्य के अनुरूप बनाना है।इसके लिए किसानों को दलहन, बागवानी और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और आधुनिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध बन सके।

     

  • Haryana Vision 2047: किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर सरकार का फोकस, मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के 5 वर्षीय रोडमैप की समीक्षा की

    Haryana Vision 2047: किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर सरकार का फोकस, मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के 5 वर्षीय रोडमैप की समीक्षा की

    चंडीगढ़: हरियाणा को विजन-2047 के अनुरूप कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर, लागत कम कर और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के लक्ष्यों को तय समय सीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, भविष्य विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेन्द्र बढ़खालसा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

    बैठक में सेम प्रभावित भूमि को सेम मुक्त बनाने के अभियान की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम मुक्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य में कहीं भी इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से वैज्ञानिक योजना तैयार की जाए तथा सैटेलाइट के माध्यम से नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाए।

    स्वायल हेल्थ कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 15 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। शेष लक्ष्य जुलाई तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों, कॉलेज के छात्रों और ग्रामीण युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जाए, ताकि वे मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया को समझ सकें और कृषि के प्रति उनकी रुचि भी बढ़े।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन जिलों में यूरिया की खपत अधिक है, वहां मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाए कि वास्तव में नाइट्रोजन की कमी है या किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाए।

    बैठक में प्राकृतिक खेती और जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। हिसार और गुरुग्राम में अलग मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य आठ मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। किसानों की फसलों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक और जैविक खेती से तैयार फसलों की खरीद के लिए मंडियों में अलग रजिस्टर की व्यवस्था की जाए तथा हैफेड के माध्यम से इनके मार्केटिंग, बेच और खरीद की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

    बैठक में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक को बढ़ावा देने, किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पराली जलाने की घटनाओं को जागरूकता और आधुनिक मशीनों के उपयोग के माध्यम से शून्य करने का लक्ष्य तय करते हुए विशेष रूप से पंजाब सीमा से लगे जिलों में रीपर सहित अन्य आवश्यक कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना और ड्रिप सिंचाई को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कपास उत्पादक क्षेत्रों में आधुनिक चुगाई मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए अगस्त माह में हिसार में विशेष कृषि मेले का आयोजन करने के निर्देश दिए।

    हरियाणा विजन-2047 का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और खेती को भविष्य के अनुरूप बनाना है।इसके लिए किसानों को दलहन, बागवानी और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और आधुनिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध बन सके।

  • स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की “मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग” की जाएगी : Aarti Singh Rao

    स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की “मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग” की जाएगी : Aarti Singh Rao

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को गर्भवती महिलाओं की “मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग” करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मातृ स्वास्थ्य देखभाल को और अधिक मजबूत और व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) और ई-पीएमएसएमए (ePMSMA) दिवसों पर आने वाली हर गर्भवती महिला के लिए ओरल (मौखिक/दांतों की) स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य कर दिया है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘मुस्कान से मातृत्व तक’ नाम की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली दांतों और मसूड़ों की समस्याओं का समय रहते पता लगाना और उनका उचित इलाज करना है, ताकि मां और नवजात शिशु दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों से इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है ताकि हर मां और बच्चे का भविष्य सुरक्षित और स्वस्थ हो सके।

    आरती सिंह राव ने इसे सरकार का ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। इन बदलावों के कारण मसूड़ों की बीमारी (जिंजिवाइटिस) और दांतों में सड़न जैसी मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने सचेत करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान ओरल हेल्थ का ध्यान न रखने या इसमें लापरवाही बरतने से समय से पहले प्रसव (प्रीटर्म बर्थ) और जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने जैसे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में नियमित ओरल चेक-अप से इन समस्याओं की शुरुआती चरण में ही पहचान हो जाती है, जिससे सही समय पर इलाज और परामर्श देना आसान हो जाता है। उन्होंने सभी भावी माताओं से अपील की कि वे हर महीने की 9, 10, 23 तारीख और महीने के आखिरी वर्किंग डे (कार्य दिवस) पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली इस मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग सेवा का लाभ जरूर उठाएं।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), हरियाणा के मिशन डायरेक्टर डॉ. आर. एस. ढिल्लों ने इस पहल के जमीनी क्रियान्वयन के बारे में बताया कि इस अभियान के तहत प्रसव पूर्व क्लीनिक (एंटीनेटल क्लीनिक) में आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की बुनियादी ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा की जाएगी। यदि किसी महिला को दांतों के विशेष इलाज की आवश्यकता होगी, तो उसे आगे की जांच और उपचार के लिए नजदीकी सरकारी दंत चिकित्सा केंद्र में रेफर किया जाएगा।

    डॉ. ढिल्लों ने कहा कि इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य के सभी सिविल सर्जनों को कड़े निर्देश जारी किए जा चुके हैं ताकि प्रसव पूर्व देखभाल करने वाली टीमों और डेंटल टीमों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे और लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही, स्वास्थ्य कर्मी गर्भवती महिलाओं को ओरल हाइजीन बनाए रखने, ब्रश करने के सही तरीकों, पौष्टिक आहार और गर्भावस्था के दौरान समय पर दांतों के इलाज के महत्व के बारे में भी जागरूक करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि डॉक्टरी देखरेख में गर्भावस्था के दौरान दांतों की सामान्य जांच और इलाज पूरी तरह से सुरक्षित है।

     

  • HTT Level-3 PJT की परीक्षा कल होगी आयोजित, प्रदेशभर में 238 परीक्षा केन्द्रों पर 73091 अभ्यर्थी होंगे प्रविष्ट

    HTT Level-3 PJT की परीक्षा कल होगी आयोजित, प्रदेशभर में 238 परीक्षा केन्द्रों पर 73091 अभ्यर्थी होंगे प्रविष्ट

    चंडीगढ़: हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा जुलाई-2025 के अंतर्गत लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

    बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि आज बोर्ड मुख्यालय से परीक्षा के प्रश्न-पत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस व बोर्ड के अधिकारियों की अभिरक्षा में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के लिए रवाना किया गया। कल 04 जुलाई को प्रदेशभर में संचालित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा लेवल-3 की परीक्षा में 238 परीक्षा केन्द्रों पर 73,091 अभ्यर्थी प्रविष्ट होंगे। यह परीक्षा सांयकालीन सत्र 3:00 बजे से 5:30 बजे तक संचालित होगी।

    धूपड़ ने स्वयं जायजा लिया तथा उन्होंने प्रश्न-पत्र वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं गोपनीयता बनाए रखना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। एचटेट परीक्षा का निर्विघ्न, सुव्यवस्थित संचालन करने, विश्वसनीयता व पवित्रता बरकरार रखने के लिए अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। बोर्ड द्वारा परीक्षा संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं, प्रदेश का सिविल प्रशासन पूरी तरह से सजग व सक्रिय है, पुलिस हर प्रकार से मुस्तैद व जागरूक है।

    बोर्ड प्रशासन ने सभी जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों से समन्वय बनाकर परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का आह्वान किया है। बोर्ड अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समय से पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश पत्र एवं आवश्यक पहचान पत्र साथ लेकर पहुंचें तथा परीक्षा के दौरान बोर्ड द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करें।

  • SIR 2026: परिवार के सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र पर करवाने के लिए भर सकते हैं Form-8

    SIR 2026: परिवार के सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र पर करवाने के लिए भर सकते हैं Form-8

    चंडीगढ़:  हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि कई परिवारों के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। ऐसी स्थिति तब होती है जब किसी सेक्टर या कॉलोनी के लिए एक ही भवन में दो अलग-अलग मतदान केंद्र बनाए गए हों । ऐसे में यदि कोई परिवार चाहता है कि भविष्य में उसके सभी पात्र मतदाताओं के नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज हों  तो प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 के प्रकाशन के बाद दावे एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान फॉर्म-8 भरकर मतदान केंद्र परिवर्तन का अनुरोध किया जा सकता है।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नए मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे फॉर्म-6 भरते समय अपने परिवार के पहले से पंजीकृत सदस्य का विवरण सही एवं पूर्ण रूप से अंकित करें व उसी मतदान केंद्र के BLO के माध्यम से आवेदन जमा कराएं ताकि परिवार के सभी सदस्यों का पंजीकरण एक ही मतदान केंद्र पर सुनिश्चित किया जा सके।

    निर्वाचन विभाग सभी मतदाताओं से आग्रह करता है कि प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम एवं अन्य विवरणों का अवश्य सत्यापित करें। यदि परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं और उन्हें एक ही मतदान केंद्र पर स्थानांतरित करवाना चाहते हैं तो 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक निर्धारित अवधि में प्रपत्र-8 भरकर आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी व सहायता के लिए मतदाता अपने क्षेत्र के BLO, ECINET App के “Book a Call” फीचर तथा टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान : Nayab Singh Saini

    भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान : Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में जापान में हुए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा। कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में जापान के प्रतिनिधिमंडल को विशेष रूप से आमंत्रित करने तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान को और मजबूती देने के लिए आवश्यक पहल के निर्देश दिए।

    शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-जापान की विस्तृत प्रतिवेदन (डिटेल रिपोर्ट) प्रस्तुत की गई। यह रिपोर्ट गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल तथा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला द्वारा प्रस्तुत की गई।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 18 से 23 जून 2026 तक जापान में आयोजित सातवें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत कुल 18 विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य जापान में श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश का प्रचार-प्रसार, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना था।

    महोत्सव के दौरान जापान की हाउस ऑफ काउंसलर्स (अप्पर हाउस), आईडीपी मुख्यालय, ओसाका असेंबली तथा जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गई। टोक्यो विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें गीता के वैश्विक संदेश एवं समकालीन प्रासंगिकता पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त भारत-जापान की सांस्कृतिक समानताओं पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी, विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता यज्ञ, वैश्विक गीता पाठ, गीता सद्भावना यात्रा तथा अरिकवा नदी तट पर भव्य गीता आरती का आयोजन भी किया गया।

    महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण जापान की प्रसिद्ध काबूकी रंगमंच शैली के माध्यम से लगभग 40 मिनट की गीता प्रस्तुति रही, जिसे बड़ी संख्या में जापानी नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा और सराहा।प्रतिनिधिमंडल ने जापान के प्राचीन एवं प्रतिष्ठित ओटनी विश्वविद्यालय (ओसाका) का भी दौरा किया। विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर के साथ भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा गीता विषयक शोध गतिविधियों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।इसके अतिरिक्त जापान की सांस्कृतिक राजधानी क्योटो के महापौर के साथ प्रतिनिधिमंडल ने सिस्टर सिटी संबंध स्थापित करने तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के विषय पर सार्थक विचार-विमर्श किया।

    महोत्सव का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों में श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना, विश्वविद्यालयों में गीता आधारित शोध को प्रोत्साहित करना तथा भारत और जापान के मध्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का मॉरीशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका एवं इंडोनेशिया में सफल आयोजन किया जा चुका है तथा जापान इस श्रृंखला का सातवां अंतर्राष्ट्रीय आयोजन रहा।

     

  • हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिदिन केवल 20 अपॉइंटमेंट

    हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिदिन केवल 20 अपॉइंटमेंट

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और इसमें होने वाली देरी को खत्म करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने तहसील और उप-मंडल स्तर पर प्रत्येक पंजीकरण कार्यालय के लिए दैनिक पंजीकरण अपॉइंटमेंट की संख्या को अधिकतम 20 टोकन प्रति कार्यालय तक सीमित कर दिया है। यह नई टोकन-आधारित व्यवस्था 2 जुलाई, 2026 से पूरे राज्य में लागू हो गई है।

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को इस संशोधित व्यवस्था की जानकारी देते हुए इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के तहत, प्रत्येक जिला मुख्यालय तहसील में जिला राजस्व अधिकारी-सह-संयुक्त उप-पंजीयक के कार्यालय को प्रतिदिन यादृच्छिक (रैंडम) रूप से 20 टोकन आवंटित किए जाएंगे। इसी तरह, उप-मंडल स्तर पर उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (नागरिक)-सह-उप-पंजीयक के कार्यालय को भी रोजाना नियमित रूप से रैंडम आधार पर 20 टोकन जारी किए जाएंगे। हालांकि, उप-तहसील कार्यालयों में मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पहले की तरह ही चलती रहेगी।

    डॉ मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि ये टोकन दैनिक और रैंडम आधार पर जेनरेट किए जाएंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य पक्षपात या वीआईपी ट्रीटमेंट को खत्म करना है ताकि सेल डीड (बिक्री विलेख) और अन्य संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आने वाले सभी आवेदकों को समान अवसर मिल सके। इसके साथ ही, राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर आवंटित टोकन का सम्मान करें और तय समय के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करना सुनिश्चित करें। यह निर्देश पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17 और 18 के तहत अनिवार्य या वैकल्पिक पंजीकरण वाले सभी दस्तावेजों पर लागू होंगे।

    इस टोकन-आधारित व्यवस्था से संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, अनुमानित और नागरिक-अनुकूल बनेगी, और इससे पंजीकरण कार्यालयों में लगने वाली भारी भीड़ में भी काफी कमी आएगी। इस सुधार से बिचौलियों और एजेंटों के प्रभाव पर भी रोक लगने की उम्मीद है, जो अक्सर आवेदकों को जल्दी अपॉइंटमेंट या प्राथमिकता दिलाने का झांसा देकर उनका शोषण करते हैं। रैंडम तरीके से जेनरेट होने वाले सीमित दैनिक अपॉइंटमेंट लागू करके सरकार का लक्ष्य एक निष्पक्ष और व्यवस्थित प्रणाली स्थापित करना है, जहां हर आवेदक के साथ समान व्यवहार हो सके।

     

  • भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान : Nayab Singh Saini

    भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान : Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में जापान में हुए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा। कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में जापान के प्रतिनिधिमंडल को विशेष रूप से आमंत्रित करने तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान को और मजबूती देने के लिए आवश्यक पहल के निर्देश दिए।

    शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-जापान की विस्तृत प्रतिवेदन (डिटेल रिपोर्ट) प्रस्तुत की गई। यह रिपोर्ट गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल तथा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला द्वारा प्रस्तुत की गई।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 18 से 23 जून 2026 तक जापान में आयोजित सातवें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत कुल 18 विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य जापान में श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश का प्रचार-प्रसार, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना था।

    महोत्सव के दौरान जापान की हाउस ऑफ काउंसलर्स (अप्पर हाउस), आईडीपी मुख्यालय, ओसाका असेंबली तथा जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गई। टोक्यो विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें गीता के वैश्विक संदेश एवं समकालीन प्रासंगिकता पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त भारत-जापान की सांस्कृतिक समानताओं पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी, विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता यज्ञ, वैश्विक गीता पाठ, गीता सद्भावना यात्रा तथा अरिकवा नदी तट पर भव्य गीता आरती का आयोजन भी किया गया।

    महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण जापान की प्रसिद्ध काबूकी रंगमंच शैली के माध्यम से लगभग 40 मिनट की गीता प्रस्तुति रही, जिसे बड़ी संख्या में जापानी नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा और सराहा।प्रतिनिधिमंडल ने जापान के प्राचीन एवं प्रतिष्ठित ओटनी विश्वविद्यालय (ओसाका) का भी दौरा किया। विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर के साथ भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा गीता विषयक शोध गतिविधियों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।इसके अतिरिक्त जापान की सांस्कृतिक राजधानी क्योटो के महापौर के साथ प्रतिनिधिमंडल ने सिस्टर सिटी संबंध स्थापित करने तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के विषय पर सार्थक विचार-विमर्श किया।

    प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि महोत्सव का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों में श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना, विश्वविद्यालयों में गीता आधारित शोध को प्रोत्साहित करना तथा भारत और जापान के मध्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का मॉरीशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका एवं इंडोनेशिया में सफल आयोजन किया जा चुका है तथा जापान इस श्रृंखला का सातवां अंतर्राष्ट्रीय आयोजन रहा।

     

     

  • राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : CM Nayab Singh Saini

    राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राखीगढ़ी में विकसित किए जा रहे विश्वस्तरीय साइट म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर की प्रगति तथा डिजाइन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक गुरुवार को देर सायं आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के प्रत्येक पहलू की विस्तार से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि राखीगढ़ी केवल एक पुरातात्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा का वैश्विक केंद्र बनकर उभरे। बैठक के दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल, हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के उप निदेशक डॉ. नरेंद्र परमार भी मौजूद थे। राखीगढ़ी को लेकर आगामी योजानाओं के बारे में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि विकसित किए जा रहे इंटरप्रिटेशन सेंटर और साइट म्यूजियम में पारंपरिक संग्रहालय की अवधारणा से आगे बढ़ते हुए अत्याधुनिक डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, ऑडियो-विजुअल का उपयोग किया जाएगा। पर्यटक केवल पुराने अवशेषों को देखेंगे ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उस काल की जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था का अनुभव भी कर सकेंगे। लगभग 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में यह विकसित किया जा रहा है। इसके ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर पांच-पांच विषय आधारित गैलरियां बनाई जाएंगी, जिनमें सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विभिन्न आयामों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इन गैलरियों में राखीगढ़ी के सातों टीलों का विस्तृत परिचय, विभिन्न चरणों में हुए पुरातात्विक उत्खनन, प्राप्त महत्वपूर्ण अवशेष, नगर नियोजन, आवास व्यवस्था, गलियां, जल निकासी प्रणाली, जल प्रबंधन, अन्न भंडारण, व्यापारिक गतिविधियां, आजीविका, सामाजिक जीवन तथा उस समय की तकनीकी और सांस्कृतिक उपलब्धियों को आकर्षक एवं वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। ओरिएंटेशन गैलरी में सप्त नदियों की सभ्यता तथा सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विकास की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा लघु फिल्मों, डिजिटल प्रोजेक्शन, 3-डी प्रस्तुतीकरण और अन्य आधुनिक माध्यमों के जरिए पर्यटकों को पूरी सभ्यता की कहानी सहज और रोचक ढंग से समझाई जाएगी। इंटरप्रिटेशन सेंटर में बच्चों और युवाओं के लिए विशेष रूप से अनुभवात्मक गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी। यहां घूमने आने वाले बच्चों और अन्य पर्यटकों के लिए प्राचीन काल की सील बनाने की प्रक्रिया, उस समय उपयोग की जाने वाली ईंटों, पुरावशेषों की प्रतिकृतियों तथा अन्य ऐतिहासिक सामग्रियों को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। बच्चों के लिए उस दौर के पारंपरिक खेलों एवं अन्य सहभागितापूर्ण गतिविधियों की भी व्यवस्था होगी, जिससे इतिहास को सीखना उनके लिए रोचक अनुभव बने। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राखीगढ़ी के तीन टीलों पर पुरातात्विक उत्खनन कार्य जारी है। संग्रहालय में यह भी दर्शाया जाएगा कि विभिन्न चरणों में कब-कब उत्खनन हुआ, कौन-कौन से महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए तथा इन खोजों ने विश्व इतिहास और भारतीय सभ्यता की समझ को किस प्रकार नई दिशा प्रदान की। राष्ट्रीय राजमार्ग-152 के निकट स्थित होने के कारण राखीगढ़ी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक केंद्रों में शामिल होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 90 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा आगंतुकों की सुविधा के लिए शेड तथा अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करने की योजना है, ताकि पर्यटकों को पुरातात्विक स्थल का सुरक्षित, सुविधाजनक एवं वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सके।

    अखंड भारत का प्रतिरूप भी आएगा नजर:

    नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य राखीगढ़ी को ऐसा वैश्विक विरासत केंद्र बनाना है, जहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक भारत की प्राचीन सभ्यता की वैज्ञानिक सोच, सांस्कृतिक समृद्धि और मानवीय विकास यात्रा को गर्व के साथ अनुभव कर सके। उन्होंने कहा कि राखी गढ़ी में प्राचीन काल के अखंड भारत के अवलोकन को भी दिखाया जाए और राखी गढ़ी की विरासत कहां तक फैली थी उसको प्रदर्शित भी किया जाए। ताकि पर्यटकों को उस प्राचीन अखंड भारत के बारे में भी पता चल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल इतिहास को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उसे जीवंत बनाकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यहां आने वाले परिवारों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश-विदेश के पर्यटकों को एक ऐसा अनुभव मिले, जिससे वे हजारों वर्ष पुरानी भारतीय सभ्यता को आधुनिक दृष्टिकोण से समझ सकें।