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‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए स्पष्ट किए नियम
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार करते हुए सरकारी कर्मचारियों के ‘गृह नगर’ (होम टाउन) और ‘स्थायी पता’ के बीच स्पष्ट अंतर निर्धारित कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों से राज्य के सभी सरकारी विभागों एवं संस्थानों में तबादलों, नियुक्तियों और कार्मिक प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और आचरण नियमों तथा तबादला एवं नियुक्ति नीतियों के क्रियान्वयन के दौरान इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी कर्मचारी का गृह नगर सामान्यतः वह गांव या शहर होगा, जहां वह सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले निवास करता था। यह वह स्थान भी हो सकता है, जहां कर्मचारी का परिवार वर्तमान में रहता हो, जहां कर्मचारी को पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के कारण नियमित रूप से जाना पड़ता हो, जहां कर्मचारी अथवा उसके परिवार की आवासीय संपत्ति हो या जहां उसके निकट संबंधी निवास करते हों। निर्देशों में कर्मचारियों को सरकारी सेवा में आने के बाद नया स्थायी निवास चुनने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई कर्मचारी विवाह, परिवार के स्थानांतरण अथवा आवासीय संपत्ति खरीदने के बाद किसी नए स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से वह उस स्थान को अपना स्थायी पता घोषित कर सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे कर्मचारी के रिकॉर्ड में दर्ज गृह नगर में कोई परिवर्तन नहीं माना जाएगा। सरकार ने यह भी दोहराया है कि राजपत्रित अधिकारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में नियुक्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अधिकारियों की उनके गृह नगर से बाहर तैनाती करने से रिश्तेदारों, मित्रों अथवा स्थानीय हितों के कारण पक्षपात, हितों के टकराव और अनुचित प्रभाव की संभावना कम होती है। इससे विशेष रूप से भूमि, कराधान, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक धन से जुड़े संवेदनशील विभागों में निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, पेशेवर आचरण और प्रशासनिक ईमानदारी सुनिश्चित होती है तथा सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान अथवा सेवानिवृत्ति के बाद अपना स्थायी पता बदल सकता है, लेकिन उसके गृह नगर से संबंधित गृह जिला अपरिवर्तित रहेगा। साथ ही, जिन मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही गृह नगर अथवा स्थायी पते में परिवर्तन की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा। मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजे गए हैं। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, इन निर्देशों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन के रूप में लागू किया जाए तथा इनका अक्षरशः एवं भावना अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए। इन स्पष्टीकरणों से सर्विस रिकॉर्ड में व्याप्त भ्रम दूर होगा, विभिन्न विभागों में नियमों की एकरूप व्याख्या सुनिश्चित होगी तथा राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूती मिलेगी। -

प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग में आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं – राज्यपाल
एफसीआई को हस्तांतरण तक खाद्यान्न का समुचित भंडारण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए – प्रो. असीम कुमार घोष
चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश में प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग के कार्यों को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आधुनिक एवं नवीनतम प्रौद्योगिकी को अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने आज यहाँ हरियाणा लोक भवन में उनसे शिष्टाचार भेंट करने आये प्रदेश के प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी राज्य मंत्री राजेश नागर के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान यह बात कही। बैठक के दौरान राज्य मंत्री द्वारा राज्यपाल को प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग की कार्यप्रणाली एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्होंने विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ाने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीक एवं नवाचार आधारित प्रणालियों को अपनाने पर भी बल दिया। प्रो. असीम कुमार घोष ने राजेश नागर, जिनके पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का प्रभार भी है, के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की। खाद्य सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने विभाग द्वारा खरीदे गए खाद्यान्न के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पूल में हस्तांतरण तक उसके समुचित भंडारण एवं रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदे गए खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध – राजेश नागर
राजेश नागर ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं एवं धान सहित विभिन्न खाद्यान्नों की खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का प्रभावी संचालन, पात्र लाभार्थियों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने तथा राज्यभर में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का दायित्व निभा रहा है। बैठक में मंत्री ने राज्यपाल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने तथा आमजन तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की भी जानकारी दी। -

शीतला माता रोड पर जलभराव रोकने के लिए किए जा रहे ड्रेनेज सुधार कार्य
ड्रेनेज नेटवर्क में हो रहा सुधार, वर्षा जल निकासी होगी तेज
ड्रेन की मरम्मत, सफाई , नए इनलेट निर्माण और अवैध सीवर कनेक्शन हटाने का कार्य जारी
चंडीगढ़: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के संवेदनशील जलभराव क्षेत्रों में शामिल शीतला माता रोड़ पर ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा ड्रेन की गाद निकालकर सफाई , मरम्मत, नए रोड़ इनलेट्स के निर्माण तथा अवैध सीवर कनेक्शनों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिससे बरसात के दौरान पानी की निकासी तेज एवं सुचारु हो सके। इस संबंध में जानकारी देते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने बताया कि शीतला माता मंदिर से भगत सिंह चौक की ओर जाने वाले लगभग 900 मीटर लंबे सरफेस ड्रेन की गाद निकालकर पूरी सफाई की गई है और उस हिस्से की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया गया है। गाद और मलबे से अटी इस ड्रेन को सफाई के बाद मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब बारिश का पानी पहले की तुलना में अधिक तेजी से निकलेगा। शीतला माता मंदिर की ओर जाने वाली सड़क के बाईं ओर स्थित मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की भी सफाई और गाद निकालने का कार्य करके उसे सुचारु किया गया है। इसके साथ ही, इस रोड़ पर नए रोड इनलेट्स बनाए जा रहे हैं ताकि सड़क पर जमा वर्षा जल सीधे ड्रेनेज नेटवर्क में पहुंच सके। अतुल कटारिया चौक से शीतला माता मंदिर तक करीब 800 मीटर लंबे हिस्से का उल्लेख करते हुए श्री मीणा ने कहा कि इस हिस्से में भी ड्रेनेज व्यवस्था को सुचारू करने का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि पहले इस लगभग 800 मीटर हिस्से की सफाई इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि राजीव नगर तथा आसपास के भवनों का सीवरेज इस स्टॉर्म वाटर ड्रेन में डाला जा रहा था । अवैध सीवर कनेक्शनों के कारण बड़ी मात्रा में गंदगी जमा हो गई थी, जिससे ड्रेन की जल निकासी क्षमता कम हो गई थी। अब उन सभी अवैध सीवर कनेक्शनों को हटाने, ड्रेन की सफाई तथा सतही नालों की मरम्मत एवं बहाली का कार्य किया जा रहा है , ताकि इसे प्रभावी ढंग से मास्टर ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ा जा सके और बरसाती पानी आसानी से बहकर मास्टर ड्रेन में चला जाए। इन सभी कार्यों को पूरा करने में समय लगेगा, इसलिए इस मानसून सीजन में लोगों को तत्काल राहत देने के लिए शीतला माता रोड पर दो पंप सेट लगाए गए हैं, जो बारिश के समय जमा होने वाले पानी की त्वरित निकासी कर सकें। उन्होंने कहा कि शेष ड्रेनेज सुधार कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाएगा। इनके पूर्ण होने के बाद शीतला माता रोड पर जल निकासी व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या में कमी आएगी । -

अंसल एपीआई के खिलाफ जल्द दर्ज की जाए एफआईआर: Krishan Lal Panwar
विकास एवं पंचायत मंत्री ने मासिक बैठक में 11 में से 8 मामलों का किया निपटारा
चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अंसल सुशांत सिटी से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अंसल एपीआई के खिलाफ शिकायत के आधार पर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने, कॉलोनी के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री कृष्ण लाल पंवार बुधवार को कुरुक्षेत्र में नए लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एजेंडा के 11 मामलों में से 8 का मौके पर ही निपटारा किया गया। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य शिकायत पर बिजली विभाग को स्पेशल एस्टीमेट बनाकर 33 केवी लाइन को घरों के ऊपर से बदलने के निर्देश दिए। जिन घरों के ऊपर से बिजली की 33 केवी लाइन निकली हुई है उन्हें हर समय हादसे का अंदेशा रहता है। कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य की शिकायत की सुनवाई करते हुए कहा कि जिन नागरिकों की भूमि का हिस्सा गांव की फिरनी, प्राथमिक स्वास्थय केंद्र या अन्य सार्वजनिक स्थलों के अंतर्गत आ गया है, उसके बदले पंचायत भूमि से समकक्ष भूमि उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव तैयार कर विकास एवं पंचायत विभाग को भेजा जाए। -

प्रदेश के हर जिले में खुलेगा स्टार्टअप्स का द्वार, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बनेगा मजबूत आधार- CM Saini
बरवाला में बनेगा लकड़ी का आधुनिक जोन, आय व रोजगार में होगी भारी बढ़ोतरी
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘हरियाणा विजन@2047’ को धरातल पर उतारने के लिए सरकार प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए और नया व्यवसाय शुरू करने में उद्यमियों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री सिविल सचिवालय में ‘हरियाणा विजन@2047’ के तहत ‘विजन -टू-एक्शन प्लान’ को लेकर एमएसएमई, उद्योग, स्टार्टअप और एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
स्थानीय रोजगार और स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा
बरवाला क्षेत्र में एक विशेष वुडन जोन व वुडन मार्केट बनाकर वहां आधुनिक शोरूम विकसित किए जाएं। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कैलेंडर बनाकर प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसके अतिरिक्त, राखी बनाने के उद्योग में स्वयं सहायता समूहों को व्यापक स्तर पर शामिल किया जाए और उनके उत्पादों की वैश्विक बिक्री के लिए उन्हें वॉलमार्ट, एमेजॉन जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा जाए।नियामक प्रक्रियाएं होंगी सुगम, 50 प्रतिशत घटेगा स्वीकृति समय
व्यापार को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में ‘राज्य नवाचार एवं एमएसएमई परिषद’ तथा ‘स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल हरियाणा’ का गठन किया जाएगा। पुनर्गठित सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से व्यावसायिक स्वीकृतियों का समय 45 दिनों से घटाकर 30 दिन किया जाएगा, जिसे आगे चलकर 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है। हर जिले में स्टार्टअप्स को हैंड होल्डिंग सहायता देने के लिए समर्पित ‘स्टार्टअप संपर्क अधिकारी’ तैनात किए गए हैं।10 नए पद्मा क्लस्टर और 2,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य की प्रतिष्ठित ‘पद्मा’ योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 10 नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स के लिए वृद्धि पूंजी सुनिश्चित करने हेतु 2,000 करोड़ रुपये का ‘हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स’ स्थापित किया जा रहा है, जबकि 250 करोड़ रुपये का ‘आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड’ पहले ही शुरू किया जा चुका है।
ग्रामीण कौशल केंद्र, आईटीआई सुधार और हरित पहल पर रहेगा फोकस
बैठक में जानकारी दी गई कि कौशल विकास विभाग के साथ मिलकर 100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे हिसार में बीड्स निर्माण, पानीपत में हथकरघा, करनाल में कृषि उपकरण व डेयरी, यमुनानगर में पॉटरी) की पहचान कर विशेष कौशल केंद्र खोले जाएंगे। पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। कम से कम 25 उद्योग-संचालित आईटीआई को निजी उद्योगों द्वारा गोद लिया जाएगा ताकि 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिल सके। नई नीति के तहत सोलर रूफटॉप अपनाने पर 2,000 से अधिक एमएसएमई को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। पानीपत में 10,000 TPA क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है।महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘महिला उद्यमिता मंच’ के तहत 11.5 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं, जिससे 500-600 इच्छुक महिला उद्यमियों को मेंटरिंग व वित्तीय लिंकेज मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में बाल-देखभाल केंद्रों की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को तिरुवनंतपुरम के ‘टेक्नोपार्क’ मॉडल पर वैकल्पिक आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026’ और ‘हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति 2026’ के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित अग्रवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। -

हरियाणा में अनुबंध कर्मचारियों के लिए बढ़ा सेवा सुरक्षा का दायरा
चार अतिरिक्त श्रेणियों के लिए पंजीकरण फिर से शुरू
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे का विस्तार करते हुए चार अतिरिक्त श्रेणियों के अनुबंध कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल पुनः खोल दिया है, ताकि उन्हें भी राज्य की सेवा सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिल सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नई अधिसूचित श्रेणियों के पात्र कर्मचारी www.secureemployees.csharyana.gov.in पोर्टल पर 31 जुलाई तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनके सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा, जिसके उपरांत हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत उनके नामों पर विचार किया जाएगा। पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल की गई नई श्रेणियों में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत कंप्यूटर फैकल्टी एवं कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विभाग (हारट्रॉन को छोड़कर) के माध्यम से कार्यरत अनुबंध कर्मचारी तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में कार्यरत अनुबंध कर्मचारी शामिल हैं। ये श्रेणियां पूर्व में चलाए गए पंजीकरण अभियान में शामिल नहीं थीं। आवेदनों के समयबद्ध निपटान के लिए सरकार ने तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया निर्धारित की है। इसके अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण 31 जुलाई तक किया जा सकेगा। इसके बाद संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को 7 अगस्त तक सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा करना होगा। अंतिम जांच एवं अनुमोदन संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा 15 अगस्त तक किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष तथा सभी उपायुक्तों को पत्र भेजा गया है। साथ ही, उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी केवल प्रक्रियागत विलंब के कारण अधिनियम के लाभ से वंचित न रह जाए। सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मानव संसाधन विभाग ने खजाना एवं लेखा विभाग के निदेशक तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के प्रबंध निदेशक को भी निर्देश दिए हैं कि हाल में शामिल श्रेणियों के कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड एवं अन्य आवश्यक विवरण शीघ्रातिशीघ्र मानव संसाधन विभाग तथा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचकेसीएल) को उपलब्ध कराएं। -

पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन- मुख्यमंत्री
पर्यावरण बचाओ संदेश जन जन तक पंहुचाने के लिए वन चेतना यात्रा -2026 की चार एलईडी वैन को झंडी दिखाकर किया रवाना
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति को ईश्वर का स्वरूप माना गया है। पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति, सभ्यता और हमारे कर्तव्यों में रचा बसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए एक पेड़ मां के नाम को राष्ट्रव्यापी अभियान से जोड़ना है। मुख्यमंत्री मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर की एप्पल मार्केट में युवा संवाद एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले , मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ एप्पल मंडी में पौधारोपण भी किया और वन चेतना यात्रा -2026 के तहत चार एलईडी वैनस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ये एलईडी वैन प्रत्येक जिले में जाएगी लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंगी और पर्यावरण बचाओ का संदेश देंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने थापली नेचर कैंप में भाग लेने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत एक हजार युवाओं को शामिल करने की घोषणा की। इसके अलावा युवाओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी की नियुक्ति करने तथा मोरनी में टिक्करताल का मनाली की तर्ज पर पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने तथा इसका आधारभूत संरचना सुदृढीकरण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पिंजौर सेब मंडी में बिजली आपूर्ति के लिए अलग से सब स्टेशन तथा हिमाचल प्रदेश की ओर से सेब लाने वाले वाहनों की पार्किंग व अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना बड़ी जिम्मेदारी है। जिस दिन हर युवा अपने जन्मदिन, अपने माता-पिता के जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाकर, उसकी देखभाल करने का संकल्प ले लेगा, उस दिन हरियाणा प्रदेश हरा भरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री के कथन अनुसार जितना सम्मान हम अपनी जन्म देने वाली मां को देते हैं, उतना ही सम्मान हमें हमारा पालन पोषण करने वाली धरती मां को भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस अभियान को और गति देनी होगी। हम सब जीवनदायिनी धरती मां के लिए एक पेड़ जरूर लगाएंगें तथा दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। हमें ऐसा विकास चाहिए जो प्रकृति का सम्मान करे, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखे और आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखना है। पिंजौर की इस पावन धरती पर, प्रकृति की गोद में, प्रदेश के उर्जावान युवाओं के बीच आकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। आज का यह कार्यक्रम हमारी युवा शक्ति, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का अद्भुत संगम है। थापली में लगे कैंप में युवाओं को नजदीक से प्रकृति को देखने का मौका मिला है ऐसे युवा समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करने का कार्य करेंगे। जिस प्रकार सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों ने पौधरोपण करके समाज को जागरूक करने का काम किया है।
जो युवा अपनी विरासत को जानता है, वही भविष्य का सशक्त निर्माता बनता है। युवा शक्ति ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केवल युवा होना पर्याप्त नहीं है। बल्कि युवा के भीतर उद्देश्य, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भाव होना चाहिए।
सरकार ने प्राण वायु देवता पेंशन योजना की शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पेड़ जिनकी आयु 75 वर्ष से अधिक है ऐसे पेड़ों की देखभाल के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक आयु के वृक्षों के प्रति कृतज्ञता का भाव हम सभी में होना चाहिए। इसी उदेश्य की पूर्ति के लिए सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू की गई है। इसके तहत 3,000 रुपये प्रति वर्ष प्रति पेड़ पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरा-भरा बनाने हेतु हर जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी-वन स्थापित करने की योजना शुरू की है। इनमें पैदल ट्रैक, साइकिल ट्रैक आदि की व्यवस्था होगी। करनाल में ऑक्सी-वन की स्थापना हो चुकी है, जबकि पंचकूला में कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक ऑक्सीजन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर गांव में पंचवटी के नाम से पौधारोपण किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में स्थित 134 तीर्थों में पंचवटी वाटिका बनाने की भी शुरूआत की गई है। शहर गांव पेड़ों की छांव योजना, हर घर हरियाली तथा पौधगिरी जैसी योजनाएं चलाई गई हैं। प्रत्येक गांव के एक युवा को वृक्ष मित्र लगाया गया है।
औषधीय पौधों एवं वनस्पति के संरक्षण के लिए पूरे राज्य में 53 हर्बल पार्क बनाए गये हैं। मोरनी क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का औषधीय वन स्थापित किया गया है। प्रदेश के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान व भिंडावास वन्य जीव अभ्यारण्य को रामसर साइट्स के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करना, अपने परिसर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाना तथा जल की एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा नशा मुक्त हरियाणा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाना तथा अपने जीवन को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज के लिए कुछ अच्छा अवश्य करने का विचार युवाओं को महान बनाएगा। यही विचार हरियाणा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेगा।
नई उद्योग नीति के सार्थक परिणाम- राव नरबीर
वन पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण में सुधार लाने के लिए दो पेड़ लगाकर उनका पालन करना चाहिए। प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन 2047 में अहम भूमिका निभाने के लिए हमें स्वच्छ क्षेत्र बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना चाहिए है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष दो पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के लिए स्किल डिवलेपमेंट विकसित करने के लिए उद्योगों में प्रशिक्षण देने का प्रावधान किया है। उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई उद्योग नीति संचालित की जा रही है। इसके सार्थक परिणाम आ रहे है। उद्योग नीति में 5 से 6 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। जबकि अब तक एक लाख करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्योग लगेंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता , मेयर श्याम लाल बंसल, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी बत्रा, राकेश संधु, सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों तथा वन विभाग, आईटीबीपी, सीरआरपीएफ, स्कूली बच्चों, वाॅलिन्टियरों के साथ पौधारोपण भी किया।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की विशेष गहन पुनरीक्षण पर समीक्षा बैठक
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों से ली कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने गुरुग्राम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों के साथ विशेष गहण पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदाता गणना प्रपत्र भरने और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र नामों के संबंध में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान एडिशनल सीईओ रितु और अपूर्व व ज्वॉइंट सीईओ राज कुमार लोहान चंडीगढ़ स्थित न्यू सिविल सचिवालय से बैठक में मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल होना सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी योग्य नागरिक का नाम छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। अब तक की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि घर-घर संपर्क कर शेष पात्र मतदाताओं से गणना प्रपत्र समयबद्ध तरीके से प्राप्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतिम चरण में प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना प्राथमिकता है और इसके लिए किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को ड्राफ्ट सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा घर-घर सत्यापन का कार्य अब 24 जुलाई तक किया जाएगा और मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 31 जुलाई को होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर तक किया जाएगा तथा 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का प्रदेश में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पालन किया जाएगा। मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम इसमें शामिल होना अत्यंत आवश्यक है। हमारा प्रयास है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हो। -

लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपना वोट अवश्य बनवाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना वोट अवश्य बनवाना चाहिए। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के सहयोग के लिए प्रत्येक राजनीतिक दल अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करता है, जो मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों में लोगों का सहयोग करते हैं।
इसी कड़ी में प्रदेशभर में पार्टी द्वारा शक्ति केंद्रों पर 30 टिफिन बैठकों का आयोजन किया गया। पिंजौर के मानकपुर गांव स्थित देवीलाल कॉलोनी में आयोजित एक टिफिन बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वयं भाग लिया और पार्टी संगठन की मजबूती के लिए बीएलए तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा, जिलाध्यक्ष अजय मित्तल, मंडलाध्यक्ष हरीश मोंगा, भाजपा बीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुनील धीमान, जिला उपाध्यक्ष पवन कुमारी, वार्ड पार्षद गुलशन ठाकुर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक परिवार को आवास उपलब्ध करवाने के संकल्प को प्रदेश में प्रभावी रूप से साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे योजनाओं के लाभार्थियों के घर जाकर भी उनसे योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभ की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
इसी क्रम में आज उन्होंने हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना-2 के अनुसूचित जाति के दो लाभार्थियों, सरोज और जयंती, के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा उनके साथ भोजन भी किया। इन दोनों लाभार्थियों को योजना के तहत पिंजौर के सेक्टर-28 स्थित मानकपुर गांव में 30-30 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए गए हैं।
