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  • सांसद खेल महोत्सव की स्मरणिका का भव्य विमोचन, राज्यपाल और सीएम रहे मौजूद

    सांसद खेल महोत्सव की स्मरणिका का भव्य विमोचन, राज्यपाल और सीएम रहे मौजूद

    चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद खेल महोत्सव से जुड़ी स्मरणिका का संयुक्त रूप से विमोचन किया।

    सांसद खेल महोत्सव का आयोजन 21 सितंबर से 25 सितंबर, 2025 तक किया गया। राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खेलों के प्रति समर्पण की भावना और उभरते खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच उपलब्ध करवाने के उनके ध्येय के अनुसार लगातार सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेल भारत में पहली बार केवल पदक या प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवा विकास और राष्ट्र निर्माण की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बने हैं। खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और राष्ट्रीय खेल नीति जैसी पहले इस बात का प्रमाण है कि खेल अब नेतृत्व और समाज दोनों के केंद्र में हैं।

     

     

  • प्लॉट E-Neelami से पहले बुनियादी सुविधाएं पूरी करना जरूरी : Right To Service Commission

    प्लॉट E-Neelami से पहले बुनियादी सुविधाएं पूरी करना जरूरी : Right To Service Commission

    चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने एक महत्वपूर्ण मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा किसी स्थान पर विकास कार्य पूरे किए बिना प्लॉट की ई-नीलामी करना अत्यंत गंभीर प्रशासनिक चूक है। आयोग ने कहा कि किसी भी प्लॉट को ई-नीलामी में डालने से पहले उस क्षेत्र के आवश्यक विकास कार्य पूरे होने चाहिए ताकि आवंटी समय पर निर्माण कार्य शुरू कर सकें।

    आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला फरीदाबाद के सेक्टर-76/77 में ई-नीलामी के माध्यम से खरीदे गए प्लॉट से संबंधित है, जिसमें आवंटी केशव शर्मा ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी कि विकास कार्य अधूरे होने के बावजूद उन्हें कब्जे का प्रस्ताव भेज दिया गया। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि यह स्पष्ट है कि एचएसवीपी ने विकास कार्य पूरे किए बिना ही प्लॉट की ई-नीलामी कर दी और बाद में कब्जा देने का प्रस्ताव भी जारी कर दिया, जो कि उचित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।

    आयोग ने यह भी पाया कि आवंटन पत्र की शर्तों के अनुसार यदि आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर कब्जा नहीं दिया जाता है तो एचएसवीपी को आवंटी को ब्याज देना होता है। हालांकि फरीदाबाद में कई मामलों में यह ब्याज नहीं दिया जा रहा था। आयोग के हस्तक्षेप और आदेशों के बाद ही एचएसवीपी ने ऐसे मामलों में ब्याज देना प्रारम्भ किया है।

    मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने यह भी कहा कि इस स्थिति के लिए उस समय के एस्टेट ऑफिसर या एचएसवीपी की ई-नीलामी सेल की भूमिका की जांच आवश्यक है, क्योंकि विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट किए बिना ही प्लॉट को नीलामी के लिए स्वीकृति दी गई। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि 12 अगस्त 2022 को तत्कालीन मुख्य प्रशासक, एचएसवीपी द्वारा संबंधित अधिकारियों को विकास कार्य दो माह में पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद समस्या लंबे समय तक बनी रही, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।

    आयोग ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि एक अन्य मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एचएसवीपी के कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि एचएसवीपी को “नो प्रॉफिट-नो लॉस” के सिद्धांत पर किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है, लेकिन उसका आचरण कई मामलों में लाभ-केन्द्रित प्रतीत होता है, जो मध्यम और निम्न आय वर्ग के हितों के विपरीत है।

    मामले में आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के तहत उपलब्ध अधिकारों का प्रयोग करते हुए शिकायतकर्ता केशव शर्मा को 5,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि एचएसवीपी द्वारा 15 दिनों के भीतर अदा की जाएगी तथा इसकी अनुपालन रिपोर्ट 24 मार्च 2026 तक आयोग को भेजनी होगी। आयोग ने यह भी कहा कि प्रारम्भिक रूप से यह राशि एचएसवीपी अपने कोष से दे सकता है और बाद में जिम्मेदार अधिकारियों से इसकी वसूली की जा सकती है।

    आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कब्जा देने की तिथि वापस लेने, वसूले गए एक्सटेंशन शुल्क की वापसी या विलंबित कब्जे पर ब्याज भुगतान जैसे मामलों में कोई लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    साथ ही आयोग ने एचएसवीपी को यह भी सलाह दी है कि ई-नीलामी के माध्यम से प्लॉट खरीदने वाले आवंटियों के मामलों में ब्याज संबंधी नीति की समीक्षा की जाए। वर्तमान में ऐसे आवंटियों को केवल 5.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज मिलता है, जबकि ड्रॉ ऑफ लॉट्स के माध्यम से प्लॉट प्राप्त करने वाले आवंटियों को तीन वर्ष बाद 9 प्रतिशत ब्याज मिलता है। आयोग का मानना है कि इस विषय में संतुलित और न्यायसंगत नीति बनाने की आवश्यकता है।

    आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा कि एचएसवीपी को विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करना चाहिए। पिछले कुछ वर्षों में ई-नीलामी के माध्यम से एचएसवीपी को हजारों करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है, इसलिए विकास कार्यों में देरी न केवल आर्थिक रूप से हानिकारक है बल्कि इससे आवंटियों में असंतोष और अनावश्यक मुकदमों की स्थिति भी पैदा होती है।

    आयोग ने उम्मीद जताई है कि एचएसवीपी शीघ्र विकास कार्य पूर्ण कर आवंटियों को राहत प्रदान करेगा और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने देगा।

     

  • CM Nayab Singh Saini ने गुरुद्वारा चोला साहिब में की अरदास, शांति व समृद्धि की कामना

    CM Nayab Singh Saini ने गुरुद्वारा चोला साहिब में की अरदास, शांति व समृद्धि की कामना

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित गुरुद्वारा चोला साहिब, डेरा बाबा नानक पहुंचकर माथा टेका और अरदास की। इस दौरान उन्होंने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए प्रदेश तथा देशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने गुरु का लंगर में सेवा भी की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं की शिक्षाएं मानवता, सेवा, भाईचारे और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा का संदेश समाज में सद्भाव, एकता और परोपकार की भावना को मजबूत करता है।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनसेवा के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है और गुरुओं के आशीर्वाद से हरियाणा निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देश और प्रदेश के लोगों के उज्ज्वल भविष्य, खुशहाली और विकास के लिए भी प्रार्थना की।

    इस अवसर पर रवि कर्ण काहलों, राजेंद्र कुमार बिट्टू, निर्मल सिंह, परमीत सिंह बेदी और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।

     

  • गौसेवा को बढ़ावा: पंजीकृत गौशालाओं के लिए करोड़ों की अनुदान राशि जारी

    गौसेवा को बढ़ावा: पंजीकृत गौशालाओं के लिए करोड़ों की अनुदान राशि जारी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला सोनीपत के गांव भटगांव में आयोजित राज्य स्तरीय गौशाला चारा अनुदान राशि वितरण समारोह में प्रदेश की गौशालाओं के सशक्तिकरण के लिए 68 करोड़ 34 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि जारी की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली के पर्व की शुभकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता हमारी संस्कृति, आस्था और संवेदनशीलता की प्रतीक हैं। गौ सेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ विषय है। सरकार का उद्देश्य गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भटगांव की दोनों ग्राम पंचायतों तथा धर्मार्थ गौशाला भटगांव को 21-21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

    सोनीपत सहित प्रदेशभर की गौशालाओं को अनुदान राशि

    सोनीपत जिले की 27 पंजीकृत गौशालाओं के लिए 5 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की 602 पंजीकृत गौशालाओं को यह अनुदान दिया जा रहा है, जिससे हजारों गौशालाओं में आश्रय ले रहे गोवंश को चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होगी। पिछले सवा 11 वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत गौशालाओं को 457 करोड़ 41 लाख रुपये की अनुदान राशि दी गई थी और आज की राशि मिलाकर यह आंकड़ा बढक़र 525 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक हो चुका है। यह सरकार की गौसंवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    गौशालाओं की संख्या और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि

    वर्ष 2014 तक प्रदेश में केवल 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जिनमें लगभग 1 लाख 75 हजार गोवंश का पालन-पोषण हो रहा था। वर्तमान में 697 पंजीकृत गौशालाएं कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 4 लाख बेसहारा गोवंश को आश्रय दिया जा रहा है। यह वृद्धि प्रदेश सरकार की योजनाओं और समाज के सहयोग से संभव हुई है।

    सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनेगी गौशालाएं

    प्रदेश की 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और वर्ष 2026-27 तक सभी पंजीकृत गौशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे उनके खर्च में कमी आएगी।

    ई-रिक्शा और पंचगव्य आधारित उत्पादों को बढ़ावा

    गौशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे गौशालाएं अपने उत्पादों की मार्केटिंग कर सकें और आय बढ़ा सकें। पंचगव्य आधारित उत्पादों—जैसे जैविक खाद, प्राकृतिक पेंट, दीया, धूपबत्ती, गोबर के गमले, गो अर्क आदि—के निर्माण हेतु आवश्यक मशीनरी के लिए 101 गौशालाओं को अनुदान दिया गया है। पंचगव्य आधारित उत्पादों के अनुसंधान और विकास के लिए पंचकूला स्थित हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है, जो नवाचार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    गोवंश के स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार

    गौशालाओं में गौवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए नियमित पशु चिकित्सक ड्यूटी पर तैनात किए जा रहे हैं। तीन हजार से अधिक गौवंश वाली गौशालाओं में सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक की ड्यूटी और छोटी गौशालाओं में वीएलडीए की सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं। मोबाइल पशु चिकित्सालय की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

    गौ-अभयारण्यों की स्थापना

    प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करने के उद्देश्य से दो गौ-अभयारण्यों की स्थापना की गई है, जिनमें हजारों गोवंश को आश्रय देने की क्षमता है। इनके लिए करोड़ों रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, जिससे इन गौ-अभयारण्यों में शेड, पानी और चारे की समुचित व्यवस्था की गई है।

    देसी नस्लों का संरक्षण

    देसी नस्लों—हरियाणा, साहिवाल एवं बेलाही—के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। दूध उत्पादन क्षमता के अनुसार 5 हजार से 20 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के माध्यम से नस्ल सुधार और संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

    सख्त कानून से गोवंश की सुरक्षा

    ‘हरियाणा गौ-वध संरक्षण एवं गौ संवर्धन अधिनियम-2015’ के माध्यम से गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस कानून के तहत गोहत्या और अवैध तस्करी पर सख्त दंड का प्रावधान है। सरकार गोवंश की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    समाज से सहयोग की अपील

    पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के संचालन में समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरियाणा सरकार गौ सेवा, गौ संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत। समारोह में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर को प्रेरणा और सद्भावना का पर्व बताते हुए कहा कि जैसे होलिका दहन दुर्भावनाओं के अंत और प्रह्लाद की विजय अटूट विश्वास का प्रतीक है, उसी प्रकार गौ सेवा सनातन संस्कृति की जीवंत साधना है। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्राण है। वेदों में गांवों विश्वस्य मातर: कहकर गाय को संपूर्ण मानवता की मातृ रूप में स्वीकार किया गया है। गाय का संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, पर्यावरण संतुलन, पारिवारिक सद्भाव, स्वास्थ्य और राष्ट्र समृद्धि से जुड़ा हुआ है। भारतीय नस्ल के देसी गोवंश के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज विश्व के अनेक देश भी इसकी महत्ता को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए प्रति गाय प्रतिदिन के आधार पर अनुदान सुनिश्चित करने तथा बजट में गौ सेवा के लिए उदार प्रावधान करने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को विशेष शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गौ माता का संबंध भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से गहराई से जुड़ा हुआ है। हरियाणा की ताकत, युवाओं की शारीरिक क्षमता और सेना में उनकी उल्लेखनीय भागीदारी का आधार दूध, दही, घी और पशुपालन की समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि देसी गाय का दूध और घी न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह हमारे पांच तत्वों की पूर्ति का माध्यम भी है। गोबर और गौ-उत्पाद प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेशवासियों से अपील की कि गौशालाओं के साथ-साथ प्रत्येक परिवार कम से कम एक देसी गाय अवश्य पाले, जिससे स्वास्थ्य, पोषण और आय के नए स्रोत विकसित होंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देसी गाय पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की 600 से अधिक गौशालाओं के प्रतिनिधियों को साथ लेकर आए हैं, जो गौ सेवा के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत लगभग तीन घंटे से अधिक का बजट ऐतिहासिक है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सहकारिता, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य सहित हर वर्ग और हर क्षेत्र के लिए बजट में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने इसे देश का नंबर वन बजट बताते हुए कहा कि पिछले बजट का प्रभावी व्यय हुआ और इस बार और अधिक राशि का प्रावधान कर विकास को नई गति दी गई है। गोहाना क्षेत्र की मांगों को बजट में शामिल करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलते हुए हर गांव और हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जोरदार स्वागत करते हुए कहा कि यह पावन अवसर सामाजिक समरसता, भक्ति और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। जिस प्रकार प्रहलाद की विजय और होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है, उसी प्रकार हमें अपने जीवन से नकारात्मक विचारों को दूर कर समाज को नई दिशा देने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री द्वारा कल प्रस्तुत ऐतिहासिक बजट हरियाणा के किसान, युवा, महिला और गरीब वर्ग की आवाज को मजबूती देता है तथा विकसित भारत और विकसित हरियाणा के संकल्प को साकार करने वाला है। बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए इसे सोनीपत का महाकुंभ बताते हुए कहा कि आज से सभी गौमाता की रक्षा और उसकी देखभाल करते हुए अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर जाएंगे। हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने समारोह में पहुंचने पर मुख्यमंत्री सहित मंत्रीगण व अन्य अतिथियों का धन्यवाद किया। इस मौके पर पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक कृष्णा गहलावत, विधायक निखिल मदान, विधायक देवेंद्र कादियान, विधायक पवन खरखौदा, मेयर राजीव जैन, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बडख़ालसा, पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ० प्रेम सिंह सहित अनेक गौभक्त व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।  
  • निवेशकों के लिए सुनहरा मौका, HSVP लाएगा ई-नीलामी योजना

    निवेशकों के लिए सुनहरा मौका, HSVP लाएगा ई-नीलामी योजना

    चण्डीगढ़: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 18 से 21 मार्च, 2026 तक आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत संपत्तियों और बहु-मंजिला अपार्टमेंट की ई-नीलामी की जाएगी | हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण द्वारा सभी जोनस की आवासीय व व्यावसायिक साईट्स ( प्रेफरेंशियल), नर्सिंग होम साईट्स, क्लिनिक साईट्स व सभी स्कूल साईट्स के लिए 18 मार्च को नीलामी की जाएगी।

    इसी प्रकार, गुरुग्राम और रोहतक ज़ोन के आवासीय व व्यावसायिक साईट्स (सामान्य) के लिए 19 मार्च को नीलामी की जाएगी। जिला फरीदाबाद, हिसार और पंचकूला ज़ोन के आवासीय व व्यावसायिक साईट्स (सामान्य) हेतु 20 मार्च, 2026 को नीलामी की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि सभी जोनस की प्रमुख स्थलों (मेजर साईट्स ) जैसे कि व्यावसायिक, होटल, अस्पताल, संस्थागत तथा बहु-मंजिला इमारत स्थलों के लिए ई-नीलामी 21 मार्च, 2026 को की जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि ई-नीलामी नीति 19 सितम्बर, 2025 की धारा संख्या-4 में संशोधन के अनुसार, मेजर साईट्स के लिए अब सिर्फ न्यूनतम तीन ईएमडी अनिवार्य होंगी, जिसकी नीलामी 21 मार्च, 2026 की जाएगी।

    ई-नीलामी सुबह 10 बजे शुरू की जाएगी। स्थलों की पूरी जानकारी और ई-नीलामी की नियम और शर्तें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आने वाली ई-नीलामी की अधिक जानकारी प्राधिकरण की वैबसाइट http://hsvphry.org.in तथा हेल्पलाइन नंबर 1800-180-3030 पर प्राप्त की जा सकती है।

     

     

  • लापरवाही पड़ी भारी: SDO-JE Suspend, एक्सईन को नोटिस जारी

    लापरवाही पड़ी भारी: SDO-JE Suspend, एक्सईन को नोटिस जारी

    चंडीगढ़: जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने पलवल के गोबिंद नगर स्थित बूस्टिंग स्टेशन में सामने आए लापरवाही के मामले में एसडीओ और जेई को सस्पेंड कर दिया है, साथ ही सम्बधित एक्सईन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

    गोबिंद नगर स्थित बूस्टिंग स्टेशन के अंडरग्राउंड वाटर टैंक में डूबने से 26 फरवरी को 12 वर्षीय बच्चे की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गयी थी। मामले में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री के निर्देशों के बाद मामले में विभाग ने एसडीओ प्रीति और जेई रामबीर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

    मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थलों पर बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बूस्टिंग स्टेशनों, वाटर टैंकों और संबंधित परिसरों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

     

  • कृषि मेले से किसानों को मिलेंगे नवाचार और नई तकनीकों की जानकारी

    कृषि मेले से किसानों को मिलेंगे नवाचार और नई तकनीकों की जानकारी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि विकास मेला लाडवा में घोषणा करते हुए बड़ी सौगातें दी हैं। गांव मथाना में 10 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि व आधुनिक प्रबंधन प्रणाली संस्थान खोला जाएगा। इस संस्थान में कृषि साइंस के यूजी, पीजी से लेकर पीएचडी तक के कोर्स उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही कैथल से यमुनानगर वाया ढांड, पिपली, रादौर मार्ग को फोरलेन किए जाने की घोषणा की। यह फोरलेन मार्ग एनएच-152डी, एनएच-44 और शामली एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लाडवा उपमंडल सचिवालय के नए भवन, लोकनिर्माण विभाग की 9 सडक़ों का शिलान्यास भी किया। शनिवार को चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से लाडवा अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर पर बैठकर विश्वविद्यालय व किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और कृषि मेले का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास मेला को हरियाणा की कृषि आत्मा का उत्सव बताया जो अन्नदाताओं के परिश्रम, संकल्प और नवाचार का महोत्सव है। भव्य आयोजन के लिए विश्वविद्यालय और सभी आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने होली के पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बीआर काम्बोज ने स्मृति चिन्ह, शॉल व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। प्रगतिशील किसानों ने नवाचारों से कृषि क्षेत्र को गति दी है, जो हमारे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। इस मेले का थीम जल संरक्षण प्रति बूंद से अधिक फसल रखा गया है। मौजूदा समय में बदलते जलवायु परिदृश्य, घटते भूजल स्तर और अनियमित वर्षा ने कृषि क्षेत्र के सामने अनेक नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे समय में जल संरक्षण पर केंद्रित यह मेला वास्तव में दूरदर्शी पहल है। प्रति बूंद अधिक फसल का अर्थ तकनीक के साथ हमारी सोच में परिवर्तन लाना भी है। उन्होंने कहा कि हमें समझना होगा कि पानी अनंत नहीं है। यह मेला किसानों को जल प्रबंधन की उन्नत तकनीकों से जोडक़र एक जन-आंदोलन का रूप लेगा।

    वैज्ञानिक शोध को हर खेत व हर किसान तक पहुंचाएं

    विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशाला तक सीमित न रखें, बल्कि हर खेत व हर किसान तक पहुंचाएं। किसान और वैज्ञानिक का सीधा संवाद ही कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। यह मेला किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, नई तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह से जोडऩे का एक सशक्त मंच है। यहां पर 150 से अधिक स्टॉल्स, आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, मिट्टी और पानी की जांच सुविधा, रोगग्रस्त फसलों की जांच व निदान, फसल प्रतियोगिता, लक्की ड्रॉ, ये सब मिलकर इस मेले को ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का संगम बना रहे हैं।

    सरकार का दृष्टिकोण किसान को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जा दाता, रोजगार दाता और अर्थव्यवस्था का निर्माता बनाना है

    हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। हमारी पहचान हमारे खेत-खलिहानों से है, हमारी समृद्धि हमारे किसान के पसीने से है। हरियाणा की धरती ने हमेशा देश को अन्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता, रोजगार दाता और अर्थव्यवस्था के निर्माता बने। इसलिए हमारी नीतियां केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसान की आय बढ़ाने, लागत घटाने और जोखिम को कम करने पर केंद्रित हैं।

    धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर किसानों को 157 करोड़ रुपये की दी वित्तीय सहायता

    हमारे किसान ऐसी फसलों की पैदावार लें, जिसमें पानी की कम जरूरत होती है। सरकार ने ऐसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना वर्ष 2020 में शुरू की। इस योजना के तहत वैकल्पिक फसलें लेने या खेत खाली छोड़ने वाले किसानों को 8 हजार रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत 2 लाख 20 हजार एकड़ में धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर किसानों को 157 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। इसके अलावा पानी की बचत के लिए वर्षा जल संचयन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। माइक्रो इरीगेशन तकनीकों पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। किसानों को तालाब बनाने के लिए भी 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।

    सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के शोधित पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की 11 योजनाएं पूरी

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के शोधित पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की 27 योजनाएं तैयार की हैं। इनमें से 11 पूरी हो चुकी हैं। इनसे सिंचाई के लिए एक स्थायी जल स्रोत मिलेगा, नहरों पर दबाव कम होगा और भूजल का दोहन भी घटेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने फसल अवशेष व पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को जागरूक किया है और उन्हें पराली प्रबंधन के लिए 1 लाख से ज्यादा मशीनें दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान हित में नकली बीज व कीटनाशकों पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित बीज व कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए कहा कि वे नकली बीज व कीटनाशकों की रोकथाम में सहयोग करें।

    मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलें को किया शामिल

    प्रदेश के प्रगतिशील किसान भाइयों ने सब्जी व फलों की खेती करने के लिए नेट हाउस, पॉलीहाउस, हाइटेक ग्रीन नेट हाउस आदि आधुनिक तकनीकों को अपनाया है। सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सब्जियों व फलों के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू की है। इस योजना के तहत अब तक 35 हजार से अधिक किसानों को 157 करोड रुपये से अधिक की राशि भावांतर के रूप में दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने बागवानी किसानों को भी मौसम की अनिश्चितताओं के जोखिम से मुक्त किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलें शामिल की गई हैं।

    किसानों तक ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, एआई आधारित निर्णय प्रणाली और डिजिटल खेती को पहुंचा रही सरकार

    डिजिटल तकनीक ने खेती को बदल दिया है। ऐसे में सरकार ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, एआई आधारित निर्णय प्रणाली और डिजिटल खेती जैसे नवाचारों को किसान भाइयों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। सरकार ने पारदर्शी खरीद प्रणाली, समय पर भुगतान और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया है। यह कृषि विकास मेला उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। यहां से जो ज्ञान, जो प्रेरणा, जो ऊर्जा आप लेकर जाएंगे, वह आपके खेतों में नई कहानी लिखेगी।

    विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है हरियाणा प्रदेश : श्याम सिंह राणा

    कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है। हमारा देश दालों को दूसरे देश से मंगवाता है। अब किसानों को रुटीन की फसलों को छोडक़र अन्य फसलों का उत्पादन करना है। इसके साथ ही सबसे ज्यादा पानी की लागत वाली धान की फसल में तकनीक व सीधी बिजाई का इस्तेमाल करके पैदावार लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पशुपालन, मछली पालन, सब्जी उत्पादन जैसे विकल्प को शामिल किया है। सरकार पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार योजनाएं बना रही है। इन योजनाओं को वर्ष 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। हमारे बुजुर्ग अपने समय में सभी फसलों की पैदावार लिया करते थे। अब भी उसी पद्धति को अपनाने की जरूरत है।

    एचएयू ने लगभग 50 किस्मों पर किया सफल अनुसंधान

    कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके साथ ही विभाग की योजनाओं को विस्तार से बताया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. डा. बीआर काम्बोज ने कहा कि एचएयू ने अपने कैंपस के बाहर पहली बार मेले का आयोजन किया है। उन्होंने संस्थान की तरफ से बाजरा, गन्ना, धान सहित लगभग 50 किस्मों पर सफल अनुसंधान किया है। किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने महिला प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित कृषि विकास मेले में प्रदेश की प्रगतिशील महिला किसान को सम्मानित किया। इनमें करनाल के गांव औगंध से काजल, मण्डकोला के गांव मीरपुर कौराली से इंदिरा देवी, हिसार के आदमपुर से रेखा, भिवानी के गांव नाथूवास से मुन्नी बाई, यमुनानगर के गांव बहादुरपुर से रजनी, पानीपत के गांव बसाड़ा से पुष्पा देवी, महेन्द्रगढ़ के गांव गुढ़ा से नीतू यादव, जींद के गांव इक्कस से निर्मला, कैथल के गांव बाता से पूजा देवी, फरीदाबाद के गांव फैज्जुपुर खादर से सरिता, पंचकुला के गांव बालदवाला से सुनीता देवी, सोनीपत के गांव पुरखास राठी से सोनिया, कुरूक्षेत्र के गांव धनोरा जाटान से मनदीप कौर, नूंह के गांव संगेल से मंचनल रानी, फतेहाबाद के गांव ढाणी डूल्ट से सरोज, झज्जर के देव नगर से मनीषा, अंबाला के गांव काठगढ़ छपरा से नेहा देवी, रेवाड़ी के मोहम्मदपुर से शीला देवी, रोहतक के गांव पहरावर से बबीता, सिरसा के गांव मिठड़ी से कुलदीप कौर शामिल रही।

    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

    इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।            
  • बालिकाओं के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के लिए सरकार का विशेष अभियान

    बालिकाओं के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के लिए सरकार का विशेष अभियान

    चंडीगढ़: आत्म निर्भर भारत, स्वस्थ भारत के लक्ष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एच.पी.वी. ) वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की, तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री का सीधा प्रसारण देखने के बाद की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा।

    इसके उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह पहल वर्ष 2015 में पानीपत से दिए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ राष्ट्रव्यापी अभियान के ही संकल्प की अगली कड़ी है, जो बेटियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण को समर्पित है।

    अभियान के शुभारंभ अवसर पर 40 बालिकाओं को एच.पी.वी. वैक्सीन की खुराक दी गई। राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि आगामी तीन महीनों में प्रदेश की प्रत्येक पात्र बालिका तक यह वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। यह टीका 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को एकल खुराक के रूप में लगाया जाएगा। वैक्सीन पूरी तरह वैज्ञानिक शोध पर आधारित एवं सुरक्षित है तथा विश्व के 160 से अधिक देशों में इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। एच.पी.वी. वैक्सीन इस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करती है। इसे बेटियों के स्वास्थ्य का “सुरक्षा कवच” बताया गया।

    साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपनी बेटियों को निःसंकोच यह टीका लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक चिकित्सा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि निजी क्षेत्र में हजारों रुपये में उपलब्ध यह टीका हर पात्र बालिका को पूर्णतः निःशुल्क लगाया जाएगा। यह सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

    उन्होंने कहा कि अभियान के तहत टीकाकरण का पंजीकरण यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा तथा प्रत्येक बालिका को डिजिटल एच.पी.वी. टीकाकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित होगा।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की भी जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई है तथा 3 अन्य निर्माणाधीन हैं।

    सभी नागरिक जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में किडनी रोगियों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हीमोफीलिया एवं थैलेसीमिया रोगियों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन तथा दिव्यांगजनों को 3,200 रुपये मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

    एक स्वस्थ बेटी ही सशक्त महिला बनती है और सशक्त महिला ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करती है। सरकार ने प्रदेश की प्रत्येक बेटी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन केवल योजनाएं बनाना नहीं है बल्कि समाज में साकारात्मक परिवर्तन लाना है।एचपीवी टीकाकरण अभियान भी इसी का हिस्सा है। प्राइवेट अस्पतालों में यह टीका हजारों रुपये में मिलता है जबकि सरकार इसे मुफ्त उपलब्ध करवा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बेहतर कार्य कर रही है।

    इस मौके पर संबोधित करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों के कल्याण के प्रति समर्पित है। महिलाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।प्रदेश सरकार का उदेश्य है कि हर नारी सशक्त और समृद्ध बने। उन्होंने कहा कि आज का यह टीकाकरण अभियान हमारी बेटियों को बीमारियों से बचाने में कारगर साबित होगा। इस कार्यक्रम के तहत टीकाकरण का ऑनलाइन पंजीकरण यूविन पोर्टल पर किया जाएगा।

    इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य एवं एनएचएम के एमडी डॉ. आरएस ढिल्लो, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

  • CM Nayab Singh Saini ने विकास कार्यों का लिया जायजा, नई योजनाओं की घोषणा

    CM Nayab Singh Saini ने विकास कार्यों का लिया जायजा, नई योजनाओं की घोषणा

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाडवा विधानसभा के विकास को तेज गति के साथ करवाया जा रहा है। विधानसभा के गांव व शहरी क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जब इन सभी कार्यों का निर्माण पूरा होगा तो हलके की जनता को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को बाबैन, कुरुक्षेत्र में सरस्वती चौक के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन करने उपरांत लोगों को संबोधित कर रहे थे। बाबैन पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबैन के नागरिकों की समस्याओं को सुना और उन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए। उमरी में करीब 5 एकड़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। राक्षी नदी को पक्का करने और लाडवा शहर में रास्ता निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह राजकीय पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक बिहोली में स्थापित किया गया है। गांव धनौरा जाटान में खिलाडिय़ों के लिए खेल स्टेडियम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि लाडवा के रामकुंडी के अग्रसेन चौक के सौंदर्यीकरण को किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम के रूप में अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी गई है। फसली नुकसान की भरपाई के लिए 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ 15 लाख 57 हजार रुपये की मुआवजा राशि जारी कर दी है। इसमें बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि शामिल है।

    किसान हित हमारी नीतियों के केंद्र में

    किसान हित हमारी नीतियों के केन्द्र में है। हमने अपने संकल्प पत्र 2024 में सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने का संकल्प लिया था। जब 17 अक्तूबर, 2024 को विधिवत रूप से हमारी सरकार बनी तो हमने 19 दिसम्बर को ही किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इन्होने बताया कि पिछले 12 सीजन में अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हमने पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 457 करोड़ रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 7 हजार 233 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाले गए हैं। वर्तमान सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया है। हमने किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने व बनाने वालों से बचाने के लिए नया कानून बनाया है। इसके तहत ऐसे लोगों को 5 साल की सजा देने का प्रावधान किया है। इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, जयभगवान शर्मा डीडी, मार्केट कमेटी चेयरमैन जसविंदर जस्सी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।  
  • पंचकूला जोन में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों पर मार्च में होगी सुनवाई

    पंचकूला जोन में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों पर मार्च में होगी सुनवाई

    चंडीगढ़, 27 फरवरी –  उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।

    बिजली निगम के प्रवक्ता ने  उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामतः कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 02, 09, 16 और 24 मार्च को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरूप्योग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तिय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष लंबित नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा।