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  • CM Nayab Saini की बड़ी घोषणा, दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बनेगा स्पेशल स्टेडियम

    CM Nayab Saini की बड़ी घोषणा, दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बनेगा स्पेशल स्टेडियम

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक में शामिल होने वाले खिलाड़ी चुनौतियों को पार करते हुए यह संदेश दे रहे है कि यदि अवसर, प्रशिक्षण और विश्वास मिले, तो हर व्यक्ति असाधारण बन सकता है। मुख्यमंत्री मंगलवार को रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में स्पेशल ओलंपिक भारत राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के शुभारंभ पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस चैम्पियनशिप में 26 राज्यों से 500 से अधिक खिलाड़ी, उनके कोच और सहयोगी भाग ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुगम्य भारत की सोच का अनुसरण करते हुए दिव्यांग खिलाड़ियों की सुविधा के लिए प्रदेश में एक दिव्यांग स्टेडियम बनाया जाएगा। इस स्टेडियम में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा भी होगी। स्पेशल ओलंपिक भारत को 31 लाख रुपये तथा खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 21 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा भी की। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के अभिलाषा कन्या छात्रावास परिसर में गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल के निर्माण का शिलान्यास भी किया। इस गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता 150 छात्राओं की होगी। इस बहुमंजिला (ग्राउंड प्लस तीन) संरचना का कुल कवर एरिया लगभग 2374 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है, जिस पर करीब पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक की विशेषता यही है कि यह हमें खेल को केवल पदक और प्रतिस्पर्धा की दृष्टि से नहीं, बल्कि मानव आत्मा की शक्ति और संभावनाओं के रूप में देखने की दृष्टि देता है। इस ओलंपिक में मैदान पर दौड़ते, कूदते और जीत के लिए संघर्ष करते खिलाड़ी हमें यह सिखाते हैं कि सीमाएं शरीर की नहीं होती है, बल्कि सोच में होती है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर, यूथ एक्टिवेशन कार्यक्रम और एथलीट लीडरशिप ट्रेनिंग जैसी पहलें की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से खिलाड़ियों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक सशक्तिकरण और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया जाता है। यही सच्चा समावेशन है, जहां खिलाड़ी केवल पदक विजेता नहीं, बल्कि समाज के सक्रिय नागरिक, प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल बनते हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि समाज में पैरालंपिक और स्पेशल ओलंपिक को एक-दूसरे का पर्याय मान लिया जाता है। वास्तव में दोनों अलग-अलग हैं, लेकिन समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। पैरालंपिक शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के लिए आयोजित किए जाते हैं। जबकि,स्पेशल ओलंपिक बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए एक वैश्विक आंदोलन है। स्पेशल ओलंपिक केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रशिक्षण, सहभागिता, आत्मविश्वास और आजीवन विकास को समान महत्व दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘स्पेशल ओलंपिक भारत’ केंद्र सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। यह हमारे देश की उस समावेशी खेल नीति का सशक्त प्रमाण है, जो हर नागरिक को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देने में विश्वास रखती है। इटली में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड विंटर गेम्स में भारत के 49 सदस्यों के दल ने भाग लिया, इसमें 28 खिलाड़ियों ने 33 पदक जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया। ये पदक खिलाड़ियों के संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की कहानी हैं।

    हरियाणा खेलों का पावर हाउस

    हरियाणा खेलों का पावर हाउस है। यह गर्व की बात है कि इस भूमि ने देश को अनेक ओलंपियन और विश्व-विजेता चैंपियन दिए हैं। उन्होंने इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद हरियाणा के स्पेशल ओलंपिक खिलाड़ी केशव का जिक्र करते हुए उनकी उपलब्धियों की तारीफ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हम विकसित भारत और समावेशी भारत की ओर गति से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में स्पेशल ओलंपिक जैसे आयोजन हमें याद दिलाते हैं कि विकास का असली मापदंड यही है कि समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति कितना सशक्त महसूस करता है। हरियाणा में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, खेलों के विकास और समावेशी नीतियों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, खिलाड़ियों के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

    हरियाणा में खेलों के लिए दोगुना किया बजट

    सरकार ने पूरे राज्य में खेल सुविधाएं विकसित करने पर पिछले 11 सालों में 989 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। खेल विभाग का बजट भी बढ़ाकर दोगुणे से ज्यादा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में यह 275 करोड़ रुपये था। बीजेपी सरकार ने इसे बढ़ाकर चालू वित्त वर्ष में 602 करोड़ 18 लाख रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ओलंपिक, पैरालंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक के नकद पुरस्कार दे रही हैं। प्रदेश सरकार ने राई जिला सोनीपत में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की है। वर्तमान में राज्य में 3 राज्य स्तरीय खेल परिसर, 21 जिला स्तरीय खेल स्टेडियम, 25 उपमंडल स्टेडियम, 163 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर, 245 ग्रामीण स्टेडियम तथा गांवों में 382 इनडोर जिम उपलब्ध हैं। इनके अलावा, 10 स्विमिंग पूल, 11 सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, 14 हॉकी एस्ट्रोटर्फ, 2 फुटबॉल सिंथेटिक सतह और 9 बहुउद्देशीय हॉल भी बनाए गए हैं। साथ ही प्रदेश के 16 जिलों में जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में सुविधा केन्द्रों का निर्माण 3 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। सरकार खिलाड़ियों को खेल उपकरण भी उपलब्ध करवा रही हैं। इसके लिए हरियाणा खेल उपकरण प्रावधान योजना बनाई है। इसके तहत 15 हजार 634 खिलाड़ियों को उपकरण प्रदान किये जा चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में 1 हजार 472 खेल नर्सरियां संचालित हैं। इनमें 37 हजार से अधिक बच्चे नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन नर्सरियों में 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ लागू किए हैं। इनके तहत खेल विभाग में 550 नए पद सृजित किए गए हैं और 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही खिलाड़ियों के लिए ताऊ देवी लाल खेल परिसर पंचकुला में रिहैबिलिटेशन सेंटर शुरू किया गया है।

    हरियाणा में बनेगा उत्तर भारत का मॉडल खेल केन्द्र: खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

    प्रदेश के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि गुरूग्राम के दौलताबाद में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाएं विकसित की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में उत्तर भारत का मॉडल खेल केन्द्र भी बनाया जाएगा। यह चैम्पियनशिप समावेशी भारत व मानवीय मूल्यों का उत्सव है। इससे इन विशेष खिलाडिय़ों में आत्मविश्वास उत्पन्न होगा तथा वे आत्मनिर्भर बनकर देश की मुख्यधारा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने खेलों के बजट में 33 प्रतिशत की वृद्धि की है। प्रदेश के खिलाड़ियों में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक तिहाई पदक प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। प्रदेश सरकार द्वारा ओलंपिक खेलों में पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपए स्वर्ण पदक, 4 करोड़ रुपए रजत पदक तथा 2.5 करोड़ रुपए कांस्य पदक विजेताओं को नकद प्रदान किए जाते हैं। सरकार द्वारा खिलाड़ियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए ग्रुप ए से डी तक खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान किया गया है। स्थानीय महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में तीन उत्कृष्ट खेल केंद्र खोले गए हैं।

    खेलों में अग्रणी भूमिका निभा रहा हरियाणा- डॉ.मल्लिका नड्डा

    स्पेशल ओलंपिक भारत की अध्यक्षा डॉ.मल्लिका नड्डा ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में हरियाणा प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल केन्द्र विकसित किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा खिलाडिय़ों को नकद पुरस्कार व सरकारी नौकरी दी जा रही है। डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में खेलों के बजट को बढ़ाया गया है। यह प्रधानमंत्री की दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। केन्द्र सरकार द्वारा विशेष खिलाड़ियों को पदक प्राप्त करने पर नकद राशि से पुरस्कृत किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन खेलों का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को मुख्यधारा में जोड़ना है ताकि वे विकसित भारत में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके। समग्र शिक्षा के माध्यम से दिव्यांग खिलाड़ियों को अवसर देने के लिए सरकार कार्य कर रही है। इस प्रतियोगिता का स्लोगन “क्रांति,खेलों से है” ताकि खेलों के माध्यम से इन विशेष खिलाड़ियों को मुख्यधारा के साथ जोड़ा जा सके। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर रामअवतार वाल्मीकि, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो राजबीर सिंह, डीएलसी सुपवा के कुलगुरू डॉ. अमित आर्य, एसजीटी यूनिवर्सिटी के कुलगुरू डॉ. हेमंत वर्मा सहित गणमान्य मौजूद रहे।  
  • 6–8 फरवरी तक पशु-मेला में वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों की प्रदर्शनी

    6–8 फरवरी तक पशु-मेला में वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों की प्रदर्शनी

    चंडीगढ़ : हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि आगामी 6 से 8 फरवरी तक कुरुक्षेत्र में लगने वाले मेला एवं प्रदर्शनी में पशुपालन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि पशुपालक उत्तम नस्लों के पशु रखें तथा वैज्ञानिक विधि से उनका पालन करें ताकि वो कम लागत में अधिक से अधिक आमदनी कर सकें।

    कुरुक्षेत्र में आयोजित की जाने वाली 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में उत्कृष्ट नस्लों के लगभग 1500 पशु 53 विभिन्न श्रेणियों में भाग लेंगे। पशुपालकों के प्रोत्साहन हेतु सर्वश्रेष्ठ पशुओं के मालिकों को लगभग 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि इस विशाल आयोजन में प्रदेश भर से लगभग 1,00,000 पशुपालक, किसान, पशुपालन व्यवसाय से जुड़े उद्यमी तथा वैज्ञानिक भाग लेंगे। प्रदेश की जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस प्रदर्शनी के लिए प्रतिदिन 200 बसों की निशुल्क व्यवस्था की गई है। ये विशेष बसें प्रदेश के कोने-कोने से प्रदर्शनी देखने के इच्छुक पशुपालकों तथा दर्शकों को इस मेले में लेकर आएंगी तथा वापस उनके गाँव/शहर में छोड़ कर आएंगी। प्रदर्शनी देखने आने वाले पशुपालकों, किसानों के लिए भोजन की मुफ्त व्यवस्था की गई है।

    पशुपालन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि प्रदेश के लोग इसका लाभ उठा सकें। निजी क्षेत्र की कंपनियां भी पशुपालन से संबंधित अपने उत्पादों व तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में एक अनूठे रैम्प-शो का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें श्रेष्ठ नस्लों के शानदार पशु रैम्प पर चल कर अपनी छटा बिखेरेंगे।प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस पशु मेले का शुभारंभ 6 फरवरी को हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा करेंगे। मेले के दूसरे दिन 7 फरवरी को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंतिम दिन 8 फरवरी को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे तथा इस पशु प्रदर्शनी के विजेता पशुपालकों को सम्मानित करेंगे।

    उन्होंने यह भी बताया कि इस मेले में पशुपालकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के नामी कलाकार जैसे महावीर गुड्डू, आजाद खाण्डा आदि अपनी प्रस्तुति देंगे।

  • प्रधानमंत्री के फैसले से संत रविदास के अनुयायियों में खुशी: CM Nayab Saini

    प्रधानमंत्री के फैसले से संत रविदास के अनुयायियों में खुशी: CM Nayab Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण संत शिरोमणि गुरू रविदास जी के नाम से किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बड़े गर्व का विषय है कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आदमपुर एयरपोर्ट को श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट का नाम दिया। यह नामकरण श्री गुरु रविदास महाराज जी के अमर आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके द्वारा दिए गए समता, करुणा और सेवा के मूल्य आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें एक समरस, न्यायपूर्ण तथा मानवीय समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं। यह पहल उनके महान विचारों को सम्मान देने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों को भी उनके संदेश से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल यह भी दर्शाती है कि हमारा राष्ट्र उन महापुरुषों को निरंतर स्मरण करता है जिन्होंने समाज को दिशा देने का कार्य किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निरंतर देश के बड़े संस्थानों का नाम संत-महापुरुषों के नाम से कर रहे हैं, जो संत-महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि है। पिछले दिनों अयोध्या एयरपोर्ट का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम से रखा गया था। इसी तरह से हिसार एयरपोर्ट का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम से रखा गया है।

    समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर पेश किया गया बजट

    इस बार का आम बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। इस बजट में हरियाणा को विशेष स्थान दिया गया है। बजट में सेम की समस्या से ग्रसित जमीन की बात की गई, एमएसएमई, इंडस्ट्री और एआई को विशेष स्थान दिया गया, जिसका लाभ सीधे हरियाणा को मिलेगा। कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार 55 साल सत्ता में रही लेकिन ऐसा बजट पेश नहीं कर पाई। यह बजट महिलाओं को सशक्त करने वाला है। यह युवाओं को रोजगार देने वाला है। यह किसानों को मजबूत करने वाला बजट है। किसान, युवा, महिला और गरीब सहित 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है।

    पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी

    पंजाब से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। वहां के लोगों ने मन बना लिया है कि पंजाब को यदि आगे बढ़ाना है तो भाजपा की सरकार बनानी पड़ेगी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकार ने लोगों को सिर्फ सब्ज-बाग दिखाए। पंजाब में पिछले दिनों बाढ़ आई, किसानों की फसल खराब हुई। वहां के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों को 20 हजार रुपये एकड़ मुआवजा दिया और उनकी पार्टी के मुखिया गुजरात जाकर कह रहे हैं कि हमने किसानों को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया। वह सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं। किसानों का नुकसान हो गया और वह सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं। पंजाब के किसानों की समस्या को समझा और 16 हजार करोड़ रुपये देने का काम किया।
  • एचएसवीपी ई-नीलामी मामले में राइट टू सर्विस आयोग के साफ निर्देश

    एचएसवीपी ई-नीलामी मामले में राइट टू सर्विस आयोग के साफ निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने सेक्टर 77 फरीदाबाद में एचएसवीपी द्वारा किए गए एक ई-नीलामी प्रकरण की समीक्षा करते हुए यह साफ किया है कि किसी भी प्लॉट को ई-नीलामी में शामिल करने से पहले सभी आवश्यक विकास कार्यों का पूर्ण होना अत्यंत जरुरी है। आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निहित रूप से आवश्यक है।

    आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आम नागरिक सरकार पर विश्वास कर ई-नीलामी प्रक्रिया में भाग लेते हैं। ऐसे में यह अपेक्षित है कि संबंधित विभाग द्वारा सभी आधारभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए, जिससे आवंटी बिना किसी असुविधा के निर्माण कार्य आरंभ कर सकें।

    मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने यह भी संज्ञान लिया कि आवंटन पत्र की शर्तों के अनुरूप, समय पर कब्जा न दिए जाने की स्थिति में देय ब्याज का भुगतान विलंब से किया गया। आयोग के हस्तक्षेप के पश्चात इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई। आयोग ने एस्टेट ऑफिसर को निर्देश दिए हैं कि आवंटी को देय विलंबित ब्याज का भुगतान किया जाए, कब्जे की तिथि में आवश्यक संशोधन किया जाए तथा वसूली गई एक्सटेंशन फीस नियमानुसार वापस की जाए। इस संबंध में अनुपालना रिपोर्ट 05 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    ई-नीलामी से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा में यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित प्लॉट को “क्लियर” दर्शाया गया था, जबकि उसके सामने की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में थी। आयोग ने इस विषय पर प्रशासनिक स्तर पर और अधिक सावधानी एवं समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया है। इस संपूर्ण प्रकरण की जानकारी हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के संज्ञान में भी लाई गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

    आयोग ने प्रभावित आवंटी श्री मनोज वशिष्ठ को हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के प्रावधानों के तहत 5,000 रुपये तक का मुआवज़ा प्रदान करने के आदेश दिए हैं, जिसका भुगतान एचएसवीपी द्वारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। साथ ही, विभाग को यह स्वतंत्रता दी गई है कि नियमानुसार यह राशि संबंधित अधिकारियों से वसूल की जा सके।

    राइट टू सर्विस कमीशन ने आशा व्यक्त की है कि भविष्य में एचएसवीपी द्वारा ई-नीलामी प्रक्रिया में सभी विकास कार्यों को पूर्ण करने के उपरांत ही नीलामी की जाएगी तथा आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • 20 HCS अफसरों का बढ़ा कद, सुपर टाइम स्केल के आदेश जारी

    20 HCS अफसरों का बढ़ा कद, सुपर टाइम स्केल के आदेश जारी

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सर्विस (कार्यकारी शाखा) के 20 अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (ACPL-18) प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं। यह वेतनमान लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। मुख्य सचिव  अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए है।

    सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में जिन एचसीएस अधिकारियों को यह लाभ दिया है, उनमें मनीषा शर्मा, कमल प्रीत कौर, अमित कुमार-I, प्रदीप कुमार-II, डॉ. सुशील कुमार, अनु, निशु नी नम्रता सिंगल, विराट, विवेक चौधरी, दलबीर सिंह, अश्वनी मलिक, नरेंद्र पाल मलिक, शालिनी चेतल, पूजा चांवरिया, सतीश कुमार, त्रिलोक चंद, विवेक कालिया, अजय चोपड़ा, मनोज खत्री और गौरव कुमार शामिल हैं।

     

     

  • कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक होगा राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी

    कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक होगा राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी

    चण्डीगढ़: हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा कुरुक्षेत्र में 06 फरवरी से 08 फरवरी,2026 तक तीन दिवसीय 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदेशभर से लगभग 1500 उन्नत नस्ल के पशु विभिन्न श्रेणियों में भाग लेंगे।

    पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य उत्तम नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन कर नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को प्रेरित करना तथा दूध उत्पादन में वृद्धि कर किसानों की आय बढ़ाना है।

    उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पशुपालकों से आग्रह करें कि वे अपने उत्तम नस्ल के पशुओं का विवरण संबंधित पशु चिकित्सक को उपलब्ध कराएं तथा पशु प्रवेश याचिका समय रहते पूर्ण करें।

    प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनी में मुर्रा भैंस, देसी नस्ल की गायें (हरियाणा, साहीवाल, गिर, थारपारकर, साही, बेलाही), क्रॉस ब्रीड गाय, घोड़े व गधे, ऊंट, भेड़ (नाली नस्ल), हिसार डेल नस्ल, बकरी एवं गौशाला पशु भाग लेंगे।

    उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान चयनित सर्वश्रेष्ठ पशुओं को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। पशु मालिकों को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, फसल चेक तथा परिवार पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाने होंगे।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अजीत पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अजीत पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया

    चण्डीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि देश और विशेषकर महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान क्रैश में निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं उनके परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों के साथ हैं। परमात्मा उनको श्रीचरणों में स्थान दें और पीड़ित परिवार को दुख सहने की शक्ति और धैर्य प्रदान करे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पवार राजनीति में बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति थे और उनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। उनकी मिलनसार शैली लोगों को सदैव स्मरणीय रहेगी।

     

  • जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में उठे अहम मुद्दे

    जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में उठे अहम मुद्दे

    चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनता की भलाई के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई हुई है। आगामी बजट को लेकर स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गंभीर है। लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया जाएगा। किसानों के लिए भी बजट में बेहतरीन योजनाएं लाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जैविक एवं ऑर्गेनिक खेती का 20% तक लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।

    राणा आज चरखी दादरी में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निवारण के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परिवेदना समिति की मासिक बैठकें शासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच हैं, जहां आमजन अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। परिवादी की समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। सरकार जनकल्याण के लिए है और सरकार जनता की सुविधा के लिए कार्य कर रही है।

    इस बैठक में कुल 12 शिकायतें सुनवाई के लिए रखी गई, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष दो परिवादों को आगामी सुनवाई हेतु लंबित रखा गया। इन शिकायतों के अतिरिक्त अन्य मौजूद नागरिकों की समस्याओं को भी सुना गया और अधिकारियों दिशा-निर्देश दिए गए।

    उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि शिकायतों की जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए तथा शिकायतकर्ता को हर चरण में शामिल रखा जाए, ताकि समाधान प्रभावी एवं संतोषजनक हो।

     

  • हरियाणा को कुष्ठ रोग-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, स्वास्थ्य मंत्री ने की अपील

    हरियाणा को कुष्ठ रोग-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, स्वास्थ्य मंत्री ने की अपील

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के लोगों से आह्वान किया कि कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव खत्म करें तथा उनकी गरिमा सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान” कल 30 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा।

    स्वास्थ्य मंत्री ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी के अवसर पर उनको नमन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति गहरा प्यार और करुणा थी। उनका मानना था कि कुष्ठ रोग न तो कोई अभिशाप है और न ही कोई पाप, बल्कि यह एक आम बीमारी है। इसलिए, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सेवाग्राम आश्रम में कुष्ठ रोगियों की सेवा की, उनके घावों की देखभाल की, और उनके साथ रहे, ताकि समाज यह समझ सके कि हमें बीमारी से लड़ना है, रोगी से नहीं।

    स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान” वर्ष 2017 से हर साल राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। हर साल, भारत सरकार इस अभियान के लिए एक खास थीम तय करती है। वर्ष 2026 की थीम है ‘भेदभाव खत्म करें, गरिमा सुनिश्चित करें।’

    “कुष्ठ रोग के बारे में सही जानकारी की कमी के कारण, समाज में इस बीमारी के बारे में कई गलतफहमियां अभी भी मौजूद हैं। इन गलतफहमियों को दूर करने और जागरूकता फैलाने के लिए, “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान (SLAC)” 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना है।

    कुष्ठ रोग एक आम बीमारी है जो बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम) के कारण होती है, जो मुख्य रूप से त्वचा और नसों को प्रभावित करती है। यह सबसे कम संक्रामक बीमारियों में से एक है – यह आम सर्दी और खांसी से भी कम संक्रामक है।किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, चाहे वे पुरुष हों या महिला। अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है और विकलांगता का कारण बन सकती है। हालांकि, अगर इलाज समय पर शुरू हो जाए, तो संक्रमण के फैलने को रोका जा सकता है।

    कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति पूरी तरह से सामान्य जीवन जी सकता है। अगर शुरुआती चरण में पता चल जाए, तो मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) से कुष्ठ रोग को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। यह बीमारी 6 से 12 महीने के इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाती है। हरियाणा के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त इलाज उपलब्ध है। पिछले 10 सालों में, राज्य में कुष्ठ रोग से प्रभावित 4,371 लोगों ने इलाज पूरा कर लिया है और वे अपने परिवारों के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं। जिस तरह राज्य चेचक-मुक्त और पोलियो-मुक्त हो गया है, उसी तरह आने वाले सालों में हरियाणा को कुष्ठ रोग-मुक्त बनाने का लक्ष्य है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपील की है कि वे कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें, इस बीमारी से प्रभावित लोगों के साथ भेदभाव खत्म करें, और यह सुनिश्चित करें कि उनके साथ सम्मान से पेश आया जाए। हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करते हैं। त्वचा पर हल्के पीले, लाल या तांबे के रंग के धब्बे जिनमें सुन्नपन हो, वे कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। इलाज में देरी से विकलांगता हो सकती है। अगर आपको अपने आस-पास किसी में कुष्ठ रोग के लक्षण दिखें, तो उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र ले जाएं। जो व्यक्ति अधिकारियों को किसी संदिग्ध मामले के बारे में सूचित करता है और बाद में उसकी पुष्टि हो जाती है, उसे ₹250 का नकद प्रोत्साहन दिया जाता है।

    वर्तमान में, हरियाणा में 338 कुष्ठ रोगी इलाज करवा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश पड़ोसी राज्यों के हैं। सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में कुष्ठ रोग की दवाएं मुफ्त में दी जाती हैं। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार माइक्रो सेलुलर रबर (MCR) के जूते, सहायक दवाएं, कैलिपर्स, बैसाखी और सेल्फ-केयर किट भी मुफ्त में दिए जाते हैं।

     

     

  • SYL मुद्दे पर हरियाणा–पंजाब के मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक

    SYL मुद्दे पर हरियाणा–पंजाब के मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक

    चंडीगढ़: हरियाणा और पंजाब के मध्य एसवाईएल के विषय को लेकर मंगलवार को चंडीगढ़ में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस विषय पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी और पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिन्द्र गोयल भी मौजूद रहे। बैठक के उपरांत हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बैठक की जानकारी दी।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने “पवन गुरु पानी पिता माता धरत महत,” का संदेश दिया है। यह गुरुओं की पावन धरती है और गुरुओं की शिक्षाएं आज भी हमारे लिए अनमोल रतन हैं, जो हमारे लिए मार्गदर्शक है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बैठक बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई है। जब बातचीत अच्छे माहौल में होती है, तो उसका परिणाम भी सार्थक निकलता है।

    दोनों राज्यों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया है कि एसवाईएल से जुड़े मुद्दे पर आगे विस्तृत चर्चा के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि व्यावहारिक और स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

    माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और आज की बैठक भी उसी दिशा में आयोजित की गई। पहले भी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सीआर पाटील की मध्यस्थता में बैठक हो चुकी है।

    प्रेस वार्ता के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आज की बैठक बड़े ही अच्छे माहौल में हुई है और इस बात पर सहमति बनी है कि पहले दोनों राज्यों के अधिकारी मिलकर इस मसले पर बैठक करेंगे।

    इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, पंजाब के मुख्य सचिव के पी सिन्हा, हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल सहित दोनों राज्यों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनके अलावा, दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल भी मौजूद रहे।