Category: Government News>Haryana Govt

  • राष्ट्रीय पर्व पर शहीदों को नमन, गुरुग्राम में भव्य समारोह, CM Saini ने किया संबोधन

    राष्ट्रीय पर्व पर शहीदों को नमन, गुरुग्राम में भव्य समारोह, CM Saini ने किया संबोधन

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। आज हरियाणा समृद्धि की एक नई परिभाषा लिख रहा है। जनता का शासन, जनता के लिए और जनता के द्वारा’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए हरियाणा प्रदेश, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हरियाणा सरकार ने पुरानी परिपाटियों को बदलते हुए गरीबों के उत्थान के लिए न केवल नई योजनाएं शुरू की हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि वे योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हों। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला गुरुग्राम में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले उन्होंने वीर शहीदी स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। हरियाणा पुलिस, महिला पुलिस, होमगार्ड तथा स्काउट्स सहित विभिन्न टुकड़ियों की परेड का निरीक्षण किया और उन्हें सलामी ली। अपने संबोधन की शुरुआत अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए की और कहा कि वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से ओत-प्रोत यह गणतंत्र दिवस हमें देश की एकता, सांस्कृतिक गौरव और स्वावलंबन की भावना का स्मरण कराता है। विविधताओं से भरा हमारा राष्ट्र सदैव एकता के सूत्र में बंधा रहा है, जिसकी झलक वंदे मातरम के 150 वर्षों के गौरवपूर्ण उत्सव में दिखाई देती है। आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते हुए भारत आज विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है, जो प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

    अतीत की स्मृति और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प

    गणतंत्र दिवस केवल अतीत को स्मरण करने का पर्व ही नहीं, बल्कि हमारे वर्तमान और भविष्य की उस सुनहरी तस्वीर को देखने का भी महापर्व है, जिसे हमने पिछले 11 वर्षों में मिलकर गढ़ा है। दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, लेकिन व्यवस्था नहीं बदली। व्यवस्था परिवर्तन के लक्ष्य के साथ गत विधानसभा चुनावों में सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 54 संकल्प मात्र एक वर्ष में पूरे कर लिए गए हैं, जबकि शेष 163 संकल्पों पर तेजी से कार्य जारी है। आज प्रदेश की ‘बिना खर्ची–बिना पर्ची’ नौकरी नीति, ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था, पारदर्शी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, पढ़ी-लिखी पंचायतें और अंत्योदय अभियान की चर्चा पूरे देश में हो रही है, जो नए हरियाणा की सशक्त और पारदर्शी तस्वीर प्रस्तुत करती है।

    राष्ट्र की प्रगति में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान

    राष्ट्र की प्रगति में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान है। हरियाणा देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.34 प्रतिशत और जनसंख्या का 2.09 प्रतिशत हिस्सा रखता है, लेकिन इसके बावजूद आज देश की जीडीपी में राज्य का योगदान 3.7 प्रतिशत है। 3 लाख 53 हजार रुपये प्रति व्यक्ति आय के साथ हरियाणा देश के बड़े राज्यों में प्रथम स्थान पर है। हरियाणा प्रति व्यक्ति जीएसटी संग्रहण में देश में प्रथम स्थान पर है तथा स्टेट ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में टॉप अचीवर्स श्रेणी में शामिल है। उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं प्रदान करने में हरियाणा देश में दूसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है, वहीं ओलंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में सर्वाधिक पदक जीतने वाला राज्य भी हरियाणा है।

    हरियाणा बना देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद

    सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का ही परिणाम है कि आज हरियाणा देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में 12 लाख 92 हजार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे लगभग 49 लाख लोगों को रोजगार मिला है। उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ और रोजगार का बड़ा माध्यम हैं, इसलिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करते हुए पुराने नियमों और जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त किया गया है। आज निवेशकों को 150 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं और सभी स्वीकृतियां 12 दिनों के भीतर सुनिश्चित की जा रही हैं। क्षेत्रीय संतुलन के उद्देश्य से प्रदेश के हर हिस्से में औद्योगिक विकास किया जा रहा है—आईएमटी खरखौदा में मारुति सुजुकी का सबसे बड़ा प्लांट, सुजुकी मोटरसाइकिल और यूएन मिंडा ग्रुप का एलॉय व्हील प्लांट स्थापित हो रहा है। गुरुग्राम आईटी और स्टार्टअप्स का वैश्विक केंद्र बन चुका है, जहां ‘ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट’ के तहत एक हजार एकड़ में टाउनशिप विकसित की जा रही है, जबकि नारनौल में लॉजिस्टिक्स हब, हिसार में मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और सोहना में इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क विकसित किया जा रहा है।

    युवाओं के सुरक्षित भविष्य की ओर निर्णायक कदम

    सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किए गए वादों को धरातल पर उतारा गया है। नए मंत्रिमंडल के गठन के साथ ही 17 अक्तूबर, 2024 को 24 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं, जबकि गत एक वर्ष में कुल 34 हजार युवाओं को रोजगार मिला है और पिछले 11 वर्षों में यह संख्या 1 लाख 80 हजार तक पहुंच चुकी है। सरकार ने केवल सरकारी नौकरियों तक ही सीमित न रहते हुए रोजगार सुरक्षा पर भी जोर दिया है और कानून बनाकर ‘हरियाणा कौशल रोजगार निगम’ के अंतर्गत कार्यरत युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है। युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए 1 लाख 14 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही डंकी रूट की समस्या पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 26 मार्च, 2025 को विधानसभा में विधेयक पारित कर कानून बनाया गया है, ताकि अवैध और धोखाधड़ीपूर्ण लेनदेन करने वाले यात्रा एजेंटों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

    नारी शक्ति को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त कर रही सरकार

    मातृशक्ति की भागीदारी के बिना ‘विकसित भारत–विकसित हरियाणा’ की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि यह नारी शक्ति का दशक है, जो देश और प्रदेश की दिशा तय करेगा, इसलिए महिलाओं का स्वस्थ, सुरक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त होना अनिवार्य है। इसी सोच के साथ सरकार ने मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित की हैं। ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना के तहत 8 लाख 64 हजार बहन-बेटियों को प्रतिमाह 2100 रुपये की सहायता दी जा रही है और अब तक 441 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को राहत देने के लिए 15 लाख परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया गया है तथा 2 लाख 34 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है। ड्रोन दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों को राशन डिपो, अटल किसान मजदूर कैंटीन व वीटा केंद्रों का संचालन, महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स का 50 प्रतिशत तक पहुंचना, 131 महिला सांस्कृतिक केंद्र और उच्च शिक्षा में मुफ्त सुविधाएं—ये सभी कदम नारी सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

    मजबूत कानून व्यवस्था—सुरक्षित हरियाणा की नींव

    किसी भी राज्य की प्रगति की पहली शर्त वहां की मजबूत कानून व्यवस्था होती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की जान-माल की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘ऑपरेशन ट्रैक टाउन’, ‘ऑपरेशन क्लीन’ और ‘प्रहरी’ जैसी प्रभावी पहलों से अपराधियों में खौफ का माहौल बना है। 1 दिसंबर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ के तहत 2,200 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है, जिससे मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगा है। इसके साथ ही पिछले वर्ष चलाए गए ‘नशा मुक्त हरियाणा’ अभियान के अंतर्गत 6,000 से अधिक गिरफ्तारियां की गईं और नशा तस्करों की लगभग 12 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति जब्त की गई है, जो सुरक्षित और सशक्त हरियाणा की दिशा में सरकार की ठोस प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    किसान हितैषी नीतियों और नवाचारों से किसानों को बनाया जा रहा प्रगतिशील

    किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है, जहां 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है, जिससे अब तक 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये सीधे जमा कराए जा चुके हैं। फसल खराबे पर समयबद्ध मुआवजे के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू किया गया है, जिसके तहत पिछले 11 वर्षों में 15,448 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आबियाना समाप्त कर, कृषि भूमि पट्टा अधिनियम लागू कर तथा नकली खाद-बीज व कीटनाशकों पर सख्त कानून बनाकर किसानों को राहत दी गई है। ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, एआई आधारित निर्णय प्रणाली और डिजिटल खेती जैसी तकनीकों के माध्यम से खेती को आधुनिक बनाया गया है, जिसे प्रगतिशील किसानों ने नेट हाउस और पॉलीहाउस जैसी संरचनाओं के जरिए अपनाया है।

    गुरु द्रोण की नगरी गुरुग्राम— शिक्षा एवं आधुनिकता का संगम

    उन्हें गुरु द्रोण की नगरी गुरुग्राम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम वह शहर है, जहां गुरु द्रोणाचार्य की शिक्षा और आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिलता है। यहां 250 से अधिक फॉर्च्यून–500 कंपनियों की मौजूदगी और मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम इस बात का प्रमाण हैं कि सही नीति और सशक्त नीयत के साथ असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। आईटी, बीपीओ, स्टार्टअप्स और ऑटोमोबाइल उद्योगों का प्रमुख केंद्र बने गुरुग्राम की यह सफलता यहां के नागरिकों की कड़ी मेहनत और सहभागिता का परिणाम है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने सभी गुरुग्रामवासियों को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने शहीदों के आश्रितों तथा विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले स्कूली विद्यार्थियों को 11 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने के साथ 27 जनवरी को सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की।

    आयोजन के सहभागी विभिन्न विजेताओं को किया सम्मानित

    कार्यक्रम के समापन अवसर पर मार्च-पास्ट परेड में मधुबन से आई महिला पुलिस बल की टुकड़ी, गुरुग्राम पुलिस (पुरुष) तथा एनसीसी (गर्ल्स) की टुकड़ियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सुशांत लोक सेक्टर-43 द्वारा प्रस्तुत हरियाणवी लोक नृत्य, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-4/7 द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य तथा राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अर्जुन नगर द्वारा प्रस्तुत शिवलीला तथा विभागीय झांकियों में ट्रैफिक पुलिस गुरुग्राम, जिला बागवानी विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर गुरुग्राम के डीसी अजय कुमार, सीपी विकास कुमार अरोड़ा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर संजय सिंह, एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक रणबीर सांगवान सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
  • पराक्रम दिवस के मौके पर CM Nayab Saini ने सुभाष चंद्र बोस को किया नमन

    पराक्रम दिवस के मौके पर CM Nayab Saini ने सुभाष चंद्र बोस को किया नमन

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पराक्रम दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सेक्टर–3, चंडीगढ़ स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने पराक्रम, नेतृत्व और त्याग से देशवासियों में आजादी की अलख जगाई। आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं, यह उन्हीं जैसे महान क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने नेताजी के अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि देश की आजादी में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

    नेताजी द्वारा दिखाए गए राष्ट्रसेवा, आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प के मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की मजबूत नींव रखी जा रही है। देश आज आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करें।

    इस मौके पर प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व ज्ञान, ऊर्जा और नवचेतना का प्रतीक है। यह दिन हमें राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है।

     

  • युवा शक्ति और नवाचार से आगे बढ़ेगा हरियाणा: CM Nayab Singh Saini

    युवा शक्ति और नवाचार से आगे बढ़ेगा हरियाणा: CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में खिलाड़ियों, युवा कंटेंट क्रिएटर्स, स्किल उद्यमियों एवं स्टार्टअप से जुड़े युवाओं के साथ आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में संवाद किया। उन्होंने नववर्ष एवं आगामी बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक हरियाणा के भविष्य को गढ़ने की एक साझा प्रक्रिया है, जिसमें युवाओं की भूमिका निर्णायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की पहचान देश-विदेश में बनाने में युवाओं और खिलाड़ियों का अतुलनीय योगदान रहा है। ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर राज्य को खेलों का पावर हाउस सिद्ध किया है। शैफाली वर्मा, नीरज चोपड़ा, नीरज गोयत, रानी रामपाल और फोगाट बहनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां युवाओं की संकल्प शक्ति, अनुशासन और कठोर परिश्रम का परिणाम हैं। इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा तथा हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार उपस्थित रहे।

    खेल तक सीमित नहीं, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा हरियाणा का युवा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का हरियाणा का युवा केवल खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्ट-अप, नवाचार, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में भी नई पहचान बना रहा है। डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज का कंटेंट समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है। कंटेंट केवल वायरल न हो, बल्कि सकारात्मक, मूल्य-आधारित और राष्ट्र व समाज को दिशा देने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई डिजिटल तकनीकें अवसर बढ़ा रही हैं, लेकिन चरित्र और विज़न तकनीक से भी बड़े तत्व हैं।

    बजट-पूर्व परामर्श से नीति निर्माण तक पहुंच रही युवाओं की आवाज़

    मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 1,961 करोड़ 79 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से अब तक 1,096 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्ष कुरुक्षेत्र में आयोजित बजट-पूर्व बैठक में प्राप्त 73 सुझावों में से 32 सुझावों को बजट 2025-26 में शामिल किया गया, जो युवाओं की भागीदारी का सशक्त प्रमाण है।

    मिशन ओलंपिक 2036 से लेकर स्किल सेंटर तक — युवाओं के सुझावों पर फैसले

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन ओलंपिक 2036 विजयीभव योजना, खिलाड़ियों के लिए 20 लाख रुपये तक का मेडिकल बीमा कवर, नई खेल नर्सरियों की स्थापना, छात्रवृत्ति में वृद्धि, खेल स्टेडियमों की जी.आई.एस. मैपिंग, पी.पी.पी. मोड पर उत्कृष्टता केंद्र, आधुनिक आई.टी.आई., कौशल केंद्र और करियर काउंसलिंग जैसी अनेक पहले युवाओं के सुझावों का ही परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 16 हजार से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को 683 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं तथा 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

    शोध, उच्च शिक्षा और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर फोकस

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतर शिक्षा और शोध को सशक्त बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये का हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया गया है। इसके साथ-साथ प्रत्येक जिले में मॉडल संस्कृति महाविद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी प्रावधान वर्ष 2026-27 तक लागू किए जाएंगे।

    ए.आई., ग्रीन टेक और बायोटेक के लिए ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’

    मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य की अर्थव्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अगस्त 2025 में ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’ की स्थापना की गई है। हरियाणा ए.आई. मिशन के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए विश्व बैंक द्वारा 474 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया गया है।

    आज के सुझाव बनेंगे कल का बजट

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों को गंभीरता और प्राथमिकता के साथ बजट 2026-27 में शामिल किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अगले 8 से 10 दिनों में अपने अतिरिक्त सुझाव सरकार के चैटबॉट के माध्यम से भेजें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए विशेष आमंत्रण भेजा जाएगा, ताकि वे इस प्रक्रिया के प्रत्यक्ष साक्षी बन सकें।

    युवाओं की नीतियों में भागीदारी, सुझावों पर आधारित फैसले

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार युवाओं के सहयोग से युवा नीतियों पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि नवाचार और स्टार्टअप को सही मार्गदर्शन मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि युवा रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने बताया कि जापान सहित कई देशों के निवेशकों ने हरियाणा में रुचि दिखाई है और राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    प्लेसमेंट के लिए उद्योग–शिक्षा तालमेल मजबूत

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा एक विचार पर काम करता है और उसे मुकाम तक पहुंचाने का साहस रखता है। कई युवाओं ने सीमित संसाधनों में अपने आइडिया को आगे बढ़ाया और आज वही आइडिया बड़े उद्योगों में परिवर्तित हो चुके हैं। सरकार ऐसे युवाओं के साथ हर कदम पर खड़ी है।

    2000 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स, कृषि और महिला उद्यमिता पर फोकस

    उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 2000 करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ गठित किया गया है। इसके साथ-साथ कृषि, एफ.पी.ओ., प्राकृतिक खेती, महिला उद्यमिता तथा जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर नीतियां बनाई जा रही हैं। सांसदों और विधायकों से भी बजट के लिए सुझाव लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट सरकार या किसी चुनाव का नहीं, बल्कि 2 करोड़ 80 लाख हरियाणा वासियों का बजट है। इसी भावना के साथ बजट-पूर्व परामर्श की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

    प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत संकल्प के साथ हरियाणा भी अग्रसर

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप हरियाणा तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, रेलवे, हवाई सेवाएं और कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाकर कोई भी शक्ति भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हरियाणा का युवा इस परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, खेल विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक एवं सचिव एस. नारायणन, खेल विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव पार्थ गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।  
  • ओलंपिक पदक विजेता तैयार करने की दिशा में हरियाणा का मजबूत प्रयास

    ओलंपिक पदक विजेता तैयार करने की दिशा में हरियाणा का मजबूत प्रयास

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि ओलंपिक में पदक जीतने के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर हरियाणा सरकार की तरफ से उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रदेश में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार की तरफ से खेल नर्सरी के साथ-साथ अन्य खेल केन्द्र भी बनाए गए हैं। सरकार ने खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई हैं जिसके चलते खिलाड़ी देश के लिए सबसे ज्यादा मेडल जीतकर ला रहे हैं।

    मुख्यमंत्री वीरवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के खेल प्रांगण में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत करीब 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सिंथेटिक हॉकी मैदान का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया योजना के तहत 8 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आल वेदर स्विमिंग पूल के प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने स्वयं हॉकी स्टिक थामी और नए सिंथेटिक ट्रैक पर जोरदार स्ट्रोक लगाकर मैदान का परीक्षण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंथेटिक हॉकी खेल मैदान से अब उभरते हुए हॉकी खिलाड़ियों को अपने कौशल को निखारने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार खेलों को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत सरकार की खेलों इंडिया योजना से राज्य के खिलाड़ी ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और भी अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे। यह आयोजन न केवल बुनियादी ढांचे के विकास का प्रतीक रहा, बल्कि हरियाणा को देश का खेल हब बनाए रखने के संकल्प को भी दोहरा गया।

    कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत करते हुए भारत सरकार की खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत बनाए गए सिंथेटिक हाकी एस्ट्रोट्रफ की जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार के खेल मंत्रालय की तरफ से 10 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध करवाया गया था। इस बजट से 5.50 करोड़ रुपये हॉकी खेल मैदान पर खर्च किए गए हैं और 4.50 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीपर्पज इंडोर खेल हॉल का निर्माण किया जाएगा।इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सहित गणमान्य लोग मौजूद थे।

     

  • मानेसर और पानीपत में बजट-पूर्व परामर्श बैठकें, मुख्यमंत्री लेंगे सुझाव

    मानेसर और पानीपत में बजट-पूर्व परामर्श बैठकें, मुख्यमंत्री लेंगे सुझाव

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज मानेसर एवं पानीपत में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी राज्य बजट को अधिक समावेशी, विकासोन्मुख और जनआकांक्षाओं के अनुरूप तैयार करना है। राज्य सरकार द्वारा बजट निर्माण की प्रक्रिया में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

    मानेसर एवं पानीपत में होने वाली इस बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, उद्योगपति, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापार जगत से जुड़े प्रमुख हितधारक तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। बैठक के दौरान औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन, आधारभूत ढांचे के विस्तार, कौशल विकास, नवाचार तथा राज्य की आर्थिक प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

    इस बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि नीति निर्माण में सुझावों को सम्मिलित किया जाए, ताकि आगामी बजट प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा दे सके और हर वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इससे पूर्व फरीदाबाद, गुरुग्राम एवं हिसार में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रमों में भी भाग ले चुके हैं। इन बैठकों के दौरान महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया था। इन संवादों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों और विकास से जुड़े सुझावों को संकलित किया गया।

    राज्य सरकार द्वारा आयोजित ये बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम आगामी वित्तीय वर्ष के लिए एक मजबूत, संतुलित और भविष्य उन्मुख बजट तैयार करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं, जिसमें विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक सुदृढ़ता के बीच संतुलन स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • पंचकूला में VB RAM G राज्य स्तरीय सम्मेलन, मुख्यमंत्री ने किया श्रमिकों से सीधा संवाद

    पंचकूला में VB RAM G राज्य स्तरीय सम्मेलन, मुख्यमंत्री ने किया श्रमिकों से सीधा संवाद

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) मेहनतकश श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की एक मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस गारंटी का प्रतीक है, जिसके तहत हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।

    मुख्यमंत्री रविवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित वीबी जी राम जी राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा की कमियों को दूर करते हुए लाए गए विकसित भारत–जी राम जी कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है।

    इससे देशभर में ग्रामीण अकुशल श्रमिकों की आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी, जबकि हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। उन्होंने बताया कि योजना में 15 दिन की जगह साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिससे मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगेगी।

    नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा को भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया था, जबकि पंजाब में आप सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए जी राम जी योजना को लेकर लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार श्रमिकों के अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और विकसित भारत के संकल्प को गांवों व श्रमिकों के सशक्तिकरण के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

  • CET नीति विवाद में आयोग ने किया स्पष्ट पक्ष: हिम्मत सिंह

    CET नीति विवाद में आयोग ने किया स्पष्ट पक्ष: हिम्मत सिंह

    चंडीगढ़: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने आयोग से संबंधित एक मामले की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि RA-LP-73/2024 – अभिनव बनाम हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं संबंधित पुनर्विचार याचिकाएँ से संबंधित प्रकरण माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है तथा इस मामले में न्यायालय द्वारा निर्णय सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि यह मामला राज्य सरकार की 05 मई 2022 की CET नीति से संबंधित है, जिसके अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की गई थी, जिसमें पहला चरण केवल क्वालिफाइंग प्रकृति का था और अंतिम चयन दूसरे चरण की लिखित अथवा कौशल परीक्षा के आधार पर किया जाना था।

    हिम्मत सिंह ने यह भी बताया कि आयोग द्वारा न्यायालय के समक्ष सभी आवश्यक हलफनामे दायर कर यह स्पष्ट किया गया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह CET अंकों पर आधारित रही है और किसी भी अभ्यर्थी को सामाजिक-आर्थिक मानदंडों का अनुचित लाभ नहीं दिया गया। आयोग ने न्यायालय के प्रत्येक आदेश का अक्षरशः पालन किया है और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से पक्ष रखा है।

    उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भविष्य में भी निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

     

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक में कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ और प्रगतिशील किसानों से की बात

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक में कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ और प्रगतिशील किसानों से की बात

    चंडीगढ़: हरियाणा के समग्र कृषि विकास, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से वीरवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में बजट-पूर्व परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन व ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हितधारकों से बजट 2026-27 के लिए सुझाव लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की जरूरतों और समस्याओं को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई जा रही हैं और आगामी बजट में कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली बजट-पूर्व बैठक में प्राप्त 161 सुझावों में से 99 को बजट 2025-26 में शामिल किया गया, जिसके आधार पर नकली बीज रोकथाम के लिए सख्त कानून, मंडियों का नवीनीकरण, बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत अनुदान वृद्धि और बागवानी मिशन के विस्तार जैसे अहम फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की संस्कृति और सभ्यता के संवाहक हैं।

    कृषि का भविष्य तकनीक और अनुसंधान से जुड़ा बताते हुए मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों से आधुनिक तकनीकों पर शोध को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 9,296 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया था और कृषि विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अगले 8–10 दिनों में सरकार के चैटबॉट के माध्यम से और सुझाव देने का आग्रह करते हुए कहा कि जिन सुझावों को बजट 2026-27 में शामिल किया जाएगा, उनके सुझावकर्ताओं को विधानसभा में बजट प्रस्तुति देखने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।

    इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक सावित्री जिंदल, विधायक रणधीर पनिहार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ राज नेहरू, वीरेंद्र बड़खालसा, मेयर परवीन पोपली सहित अन्य विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान मौजूद थे।

     

  • हरियाणा में ग्रुप-डी पदों को लेकर बड़ा कदम, सरकार ने जारी किए निर्देश

    हरियाणा में ग्रुप-डी पदों को लेकर बड़ा कदम, सरकार ने जारी किए निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों को ग्रुप-डी कर्मचारियों के सुचारू समायोजन और पोस्टिंग की सुविधा के लिए हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल पर ग्रुप-डी के खाली पदों का विवरण तुरंत अपलोड करने का निर्देश दिया है।

    मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी एक पत्र में, विभागों को एक सप्ताह के भीतर हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल रिक्विजिशन पोर्टल पर खाली पदों की जानकारी अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन ग्रुप-डी कर्मचारियों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है, उन्हें पोर्टल पर पहले से जमा की गई उनकी पोस्ट प्राथमिकताओं के अनुसार बिना किसी परेशानी के समायोजित या दोबारा पोस्ट किया जा सके।

    सरकार ने आगे निर्देश दिया है कि विभागों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित एक प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा, जो हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल पोर्टल पर अपलोड किए गए ग्रुप-डी रिक्तियों से संबंधित डेटा की सटीकता और सही होने को प्रमाणित करता हो। नए अनुशंसित ग्रुप-डी कर्मचारियों की पोस्टिंग संबंधित विभागों द्वारा प्रदान की गई प्रमाणित जानकारी के अनुसार ही की जाएगी।

  • ई-नीलामी में लापरवाही पड़ी भारी, HSVP को देना होगा मुआवजा

    ई-नीलामी में लापरवाही पड़ी भारी, HSVP को देना होगा मुआवजा

    चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने फरीदाबाद में विकास कार्यों की स्थिति से संबंधित एक मामले में यह स्पष्ट किया है कि प्लॉट की ई-नीलामी से पूर्व स्थल पर आवश्यक विकास कार्य पूर्णता अत्यंत आवश्यक हैं, ताकि आवंटियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि विकास कार्य पूरे होने के उपरांत ही प्लॉट की नीलामी और कब्जा प्रस्तावित किया जाना अपेक्षित है।

    आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ई-नीलामी में शामिल किए जाने वाले प्लॉट्स पर सभी आवश्यक सुविधाओं का उपलब्ध होना आवश्यक है, जिससे आवंटी समय पर निर्माण कार्य आरंभ कर सकें। मामले में यह पाया गया कि दिनांक 24.11.2023 को जारी आवंटन पत्र के साथ कब्जा प्रस्तावित किया गया, जबकि स्थल पर कुछ विकास कार्य शेष थे। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि आवंटन पत्र की शर्त संख्या–5 के अनुसार 30 दिनों के भीतर कब्जा न दिए जाने की स्थिति में ब्याज देय होता है, जिसे नियमों के अनुसार लागू किया जाना चाहिए।

    आयोग ने यह अपेक्षा व्यक्त की कि एक सार्वजनिक विकास प्राधिकरण के रूप में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में ब्याज भुगतान की प्रक्रिया स्वतः और समयबद्ध रूप से अपनाई जानी चाहिए, जिससे आवंटियों को अनावश्यक रूप से किसी मंच पर जाना न पड़े। इस संदर्भ में आयोग ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की दिनांक 16.10.2025 की टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें वैधानिक उद्देश्यों के अनुरूप कार्य प्रणाली अपनाने पर बल दिया गया है।

    आयोग ने बताया कि पूर्व में भी समान प्रकृति के मामलों में सभी प्रभावित आवंटियों को नियमों के अनुसार लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वर्तमान मामले में आयोग ने यह माना कि अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत अधिकतम 5,000 रुपये तक के मुआवजे का ही प्रावधान है।

    अतः हरियाणा सेवा अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत आयोग ने शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं, जिसका भुगतान एच.एस.वी.पी. द्वारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि यह राशि प्रारंभ में प्राधिकरण द्वारा अदा की जाए तथा नियमानुसार उत्तरदायित्व निर्धारित होने के पश्चात आगे की कार्रवाई की जा सके।

    आयोग ने यह स्पष्ट किया कि आवंटी, यदि चाहे, तो अधिक मुआवजे के लिए उपभोक्ता फोरम, माननीय उच्च न्यायालय अथवा अन्य सक्षम प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र है। कब्जे के विषय में, अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था से संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने समाधान की दिशा में शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

    इसके साथ ही आयोग ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में विकास कार्यों की स्थिति सुनिश्चित किए बिना किसी भी प्लॉट को नीलामी प्रक्रिया में सम्मिलित न किया जाए। प्रकरण की समुचित समीक्षा हेतु आयोग ने मुख्य प्रशासक, एच.एस.वी.पी. से संबंधित फाइल की मूल नोटिंग शीट तथा एस्टेट ऑफिसर, फरीदाबाद से नीलामी, आवंटन और विकास कार्यों से जुड़े अधिकारियों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि प्रक्रियागत सुधार सुनिश्चित किए जा सकें।