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  • बिजली/पानी बिल विवाद: अत्यधिक और औसत बिल पर मुआवजा देने के निर्देश

    बिजली/पानी बिल विवाद: अत्यधिक और औसत बिल पर मुआवजा देने के निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने यूएचबीवीएन (UHBVN) से जुड़े मामलों में लंबे समय तक औसत आधार पर बिजली बिल जारी करने और बाद में एकमुश्त अत्यधिक राशि के बिल थमाने को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है।

    आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि बहादुरगढ़ के एक मामले में आयोग ने पाया कि उपभोक्ता को लंबे समय तक बिल प्राप्त नहीं हुए या माइनस बिल जारी किए गए, जिनका भुगतान संभव नहीं था। इसके पश्चात अचानक लगभग 2.38 लाख रुपये का बिल जारी कर दिया गया। शिकायत के बाद भी सुधार चरणबद्ध और अधूरा किया गया, जिससे संबंधित अधिकारियों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली उजागर होती है। आयोग ने यह भी माना कि विद्युत आपूर्ति संहिता के तहत अनिवार्य पूर्व सूचना और न्यूनतम समय-सीमा का पालन नहीं किया गया।

    हरियाणा सेवा अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत दंडात्मक शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने गलत संड्री तैयार करने वाले दो सीए अधिकारियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाने तथा प्रत्येक द्वारा उपभोक्ता को 1,000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, गलत संड्री को स्वीकृति देने वाले एसडीओ अधिकारियों के प्रति असंतोष दर्ज करते हुए उनके नाम आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

    आयोग ने यह भी आदेश दिया कि जुलाई 2022 से गलत रूप से जारी किए गए प्रत्येक बिलिंग चक्र के लिए उपभोक्ता को 500 रुपये की दर से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। यह राशि प्रारंभ में निगम अपने कोष से देगा, जिसे बाद में दोषी एजेंसी या अधिकारियों से वसूला जा सकेगा।

    हिसार जिले के एक अन्य मामले में उपभोक्ता के दो बिजली खातों में मार्च 2020 से फरवरी 2024 तक औसत आधार पर बिल जारी किए गए। जहां पहले लगभग 160 यूनिट की द्विमासिक खपत के बिल आते थे, वहीं बाद में एक खाते में लगभग 45,000 यूनिट दर्शाते हुए तीन लाख रुपये से अधिक का बिल और दूसरे खाते में लगभग 20,000 यूनिट की खपत दिखाकर 98 हजार रुपये का बिल जारी कर दिया गया। आयोग ने इसे उपभोक्ता पर अत्यधिक आर्थिक बोझ डालने वाला और गंभीर मानसिक पीड़ा का कारण बताया।

    आयोग ने यह भी पाया कि विद्युत आपूर्ति संहिता, 2014 के प्रावधानों के अनुसार न तो उपभोक्ता को पूर्व सूचना दी गई और न ही भुगतान के लिए न्यूनतम 30 दिनों का समय दिया गया। अत्यधिक बिलिंग के कारणों को भी स्पष्ट नहीं किया गया।

    आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने एसजीआरए द्वारा प्रति खाते दिए गए 1,000 रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त मानते हुए, प्रत्येक गलत तरीके से जारी किए गए बिल को अलग मामला मानकर दोनों खातों के लिए प्रति गलत बिल 500 रुपये की दर से मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह मुआवजा प्रारंभ में डीएचबीवीएन अपने कोष से देगा, जिसे बाद में दोषी एजेंसी या अधिकारियों से वसूला जा सकेगा।

    आयोग ने संबंधित अधिकारियों को दोनों खातों में जारी किए गए गलत बिलों की सटीक संख्या निर्धारित कर शीघ्र मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दोनों वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों से पुनः आग्रह किया गया है कि वे ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए स्पष्ट नीति बनाएं।

  • हरियाणा ने बागवानी और मधुमक्खी पालन में बनाई राष्ट्रीय पहचान

    हरियाणा ने बागवानी और मधुमक्खी पालन में बनाई राष्ट्रीय पहचान

    चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार ने बागवानी, मधुमक्खी पालन और टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में शहद उत्पादन को बढ़ावा मिला है।

    कृषि मंत्री आज यहां बागवानी विभाग से संबंधित बजट-पूर्व परामर्श-बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने गत वर्ष के बजट में बागवानी विभाग को आवंटित बजट के खर्च बाबत विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है , किसान-हित में योजनाएं बनाई जा रही हैं।

    कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बैठक के बाद बताया कि मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक और व्यावसायिक रूप देने के उद्देश्य से रामनगर में एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र के माध्यम से मधुमक्खी बक्सों की खरीद पर 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा शहद प्रसंस्करण, बोतलिंग और शहद गुणवत्ता जांच पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

    उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के प्रदर्शन हेतु उत्कृष्टता केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) की स्थापना में भी हरियाणा देश में अग्रणी है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 9 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 3 नए उत्कृष्टता केंद्रों पर कार्य प्रगति पर है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री और आधुनिक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    राज्य में कम लागत वाली वर्टिकल खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 18,630 एकड़ क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है। संरक्षित खेती अपनाने वाले किसानों को 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान सहायता प्रदान की जा रही है।

    संरक्षित खेती और उन्नत तकनीकों के प्रयोग में भी हरियाणा अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। इन तकनीकों से किसानों की उपज में 2 से 3 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों की आमदनी कई गुणा बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा भावांतर भरपाई योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 21 फलों और सब्जियों को शामिल किया गया है। इन दूरदर्शी और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और राज्य को कृषि नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

     

  • अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्दों का प्रयोग बंद करने का आदेश

    अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्दों का प्रयोग बंद करने का आदेश

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के संदर्भ में सरकारी पत्राचार तथा अन्य आधिकारिक कार्यों में “हरिजन” और “गिरिजन” जैसे शब्दों का प्रयोग न करने के निर्देश दिए हैं।

    इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भारत के संविधान में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए इन शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया है तथा सभी आधिकारिक कार्यों में केवल संविधान में वर्णित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शब्दावली का ही उपयोग किया जाना चाहिए।

    सरकार के संज्ञान में आया है कि पूर्व में जारी निर्देशों के बावजूद कुछ विभागों द्वारा अब भी “हरिजन” और “गिरिजन” शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने सभी विभागों को केंद्र सरकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा सभी आधिकारिक मामलों में इन शब्दों का तत्काल प्रभाव से प्रयोग बंद करने के निर्देश दिए हैं।

  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर सीएम Nayab Saini ने स्वामी विवेकानंद को किया नमन

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर सीएम Nayab Saini ने स्वामी विवेकानंद को किया नमन

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में गुरुग्राम स्थित एसपीआर रोड पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

    इस कार्यक्रम में गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, पूर्व सांसद सुधा यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

     

  • गुरुग्राम में प्रेम सागर हृदय रोग चिकित्सालय का मुख्यमंत्री Nayab Saini ने किया उद्घाटन

    गुरुग्राम में प्रेम सागर हृदय रोग चिकित्सालय का मुख्यमंत्री Nayab Saini ने किया उद्घाटन

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नैतिकता, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोपरि रखते हुए राज्य के स्वास्थ्य लक्ष्यों में सहभागी बनने वाली सभी जिम्मेदार संस्थाओं का हरियाणा में स्वागत है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत ढांचे के साथ-साथ निजी क्षेत्र की जांच एवं चिकित्सा सेवाओं की भूमिका भी नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सेक्टर 12ए स्थित भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप न्यास गुरुग्राम द्वारा संचालित ‘विवेकानंद आरोग्य केंद्र’ में प्रेम सागर हृदय रोग चिकित्सालय के लोकार्पण समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द जी की 163वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को लोहड़ी, मकर संक्रांति तथा पोंगल पर्व की शुभकामनाएं भी दी।

    हरियाणा सरकार का निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएँ सस्ती, सुलभ और प्रभावी हों

    मुख्यमंत्रीनायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सस्ती, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों। विवेकानंद आरोग्य केंद्र जैसे संस्थान इन प्रयासों को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के फिट इंडिया के संदेश से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने हरियाणा में आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाओं को आमजन तक पहुँचाया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब नागरिक इलाज से वंचित न रहे। प्रदेश में आयुष्मान भारत–चिरायु योजना के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 34 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 25 लाख मरीजों के इलाज पर 4,500 करोड़ रुपये के क्लेम दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये वार्षिक तक निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिसके अंतर्गत अब तक 26,513 बुजुर्गों के इलाज पर 53 करोड़ 57 लाख रुपये के क्लेम प्रदान किए गए हैं।

    सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से किया जा रहा सुसज्जित

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक जिले के सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों की तरह आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी दिशा में पहले चरण में 10 जिला अस्पतालों में ऐसी सुविधाएं शुरू की जा चुकी हैं, जबकि 12 अन्य जिला अस्पतालों में इन सुविधाओं को विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उपचार अपने जिले में ही उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संस्था को सहयोग करने वाले गणमान्य को सम्मानित करने के साथ- साथ संस्था को 31 लाख रुपये की सहयोग राशि देने को घोषणा भी की। उद्घाटन समारोह में गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय संघचालक पवन जिंदल, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन, विवेकानंद आरोग्य केंद्र के अध्यक्ष विनोद मित्तल तथा सहयोगी मुकेश अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय सह संघचालक प्रताप यादव, प्रांत प्रचारक डॉ. सुनील कुमार व अन्य मौजूद रहे।  
  • आम बजट को लेकर सीएम नायब सिंह सैनी ने उद्योग प्रतिनिधियों से की चर्चा

    आम बजट को लेकर सीएम नायब सिंह सैनी ने उद्योग प्रतिनिधियों से की चर्चा

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश का आगामी बजट हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। इस बजट निर्माण की प्रक्रिया को बंद कमरों तक सीमित न रखकर सरकार द्वारा सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि एक सर्व समाज के कल्याण में एक हितकारी बजट पेश किया जा सके। बजट पूर्व परामर्श बैठकों के क्रम में मुख्यमंत्री शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजा नाहर सिंह के बलिदान दिवस पर उनको शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा कि यह फरीदाबाद के लिए गौरव की बात है, जो इस धरती पर राजा नाहर सिंह का जन्म हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में तेज गति से उद्योगों का विकास हो रहा है। आए दिन बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाईयां हरियाणा में आ रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार एक बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने के लिए नई-नई नीतियां बना रही है। हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने आगामी बजट के लिए यह लक्ष्य रखा है कि यह बजट अधिक से अधिक उद्योगों के अनुकूल हो ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले व 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरा हो। उन्होंने कहा कि इस मंच पर एकत्र होने का उद्देश्य सहभागी लोकतंत्र और सहभागी शासन की भावना को साकार करना है ताकि प्रदेश के विकास को और गति से आगे बढ़ा सके।

    बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठक के 71 सुझावों की बजट में की गई थी घोषणा

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठकों का आयोजन किया था, जिसमें विस्तृत और सार्थक विचार-विमर्श हुआ था और 71 सुझावों को हमने सीधे बजट का हिस्सा बनाया था। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं श्रम विभाग हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए लगभग 1 हजार 951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। इसमें से अब तक 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।

    सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिसमें अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की प्रक्रियाओं को सरल बनाना, नए इन्क्यूबेशन सेंटरों की स्थापना, टेक्सटाइल नीति का विस्तार, पद्मा नीति के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति तथा जीरो वेस्ट और जीरो वॉटर वेस्टेज की दिशा में औद्योगिक क्षेत्रों में ई.टी.पी. प्लांट्स की स्थापना जैसे निर्णय शामिल हैं। इन उपलब्धियों के पीछे आप सभी के बहुमूल्य सुझाव, आपकी समझ और विभागीय समन्वय की बड़ी भूमिका रही है।

    औद्योगिक विकास के लिए बजट में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी

    औद्योगिक विकास के लिए बजट में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हमारा पूरा प्रयास है कि आगामी बजट रोजगार, निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत करने वाला बजट हो। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि प्रदेश में औद्योगिक विकास, व्यापारिक सुगमता और निवेश प्रोत्साहन के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बजट से जुड़े सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे अपने बहुमूल्य सुझाव एआई चैटबॉट पर दें ताकि बेहतरीन सुझावों को इस बजट में शामिल किया जा सके।

    देश और हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 में भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। हम सभी इस दिशा में सामूहिक प्रयास करे और देश व हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग दो रास्ते नहीं बल्कि दो पहिए हैं, जो विकसित भारत और विकसित हरियाणा बनाने का सपना पूरा करेंगे। आज भी फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र में विकास की भारी संभावना है, नया आईएमटी बनाने के लिए भूमि खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से सुलहेड़ा, बागपुर, हसनपुर, मोहना और छायंसा गांवों में प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं वर्किंग लेबर के कल्याण के लिए लेबर हाउसिंग की जगह फाइनल कर दी है। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सरकार डिफेंस कॉरिडोर पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगीकरण की शुरुआत फरीदाबाद से हुई, यहां मैन्युफैक्चरिंग का एक बेहतर इकोसिस्टम है। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, राज्य मंत्री राजेश नागर, बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक धनेश अदलखा, विधायक सतीश फागना, नगर निगम मेयर प्रवीण जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, एमडी एचएसआईआईडीसी डॉ. आदित्य दहिया, महानिदेशक, हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान व ओएसडी राज नेहरू, महिला आयोग व लघु उद्योग भारती की महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रेणु भाटिया मौजूद रहे।
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की पूर्व बजट परामर्श बैठक

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की पूर्व बजट परामर्श बैठक

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से राज्य के आगामी बजट में औद्योगिक क्षेत्र पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने आगामी बजट के लिए यह लक्ष्य रखा है कि बजट अधिक से अधिक रोजगार परक और उद्योगों के अनुकूल हो ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले व 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में हरियाणा का योगदान अग्रणी हो। मुख्यमंत्री बुधवार को गुरुग्राम में बजट पूर्व परामर्श बैठक में उद्यमियों से सीधा संवाद कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट पूर्व परामर्श बैठक का लक्ष्य संबंधित हितधारकों के बहुमूल्य सुझाव लेकर प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योगों के अनुकूल माहौल बनाना है। बीते वर्ष भी उद्योगों के साथ इस तरह बजट पूर्व परामर्श बैठक की गई थी, जिसमें बेहतरीन सुझाव आए थे, जिससे नीतियों को अधिक मजबूती मिली। बैठक में सुझाव प्राप्त हुए थे, जिसमें से 71 सुझावों को बजट में शामिल किया गया। उद्योग एवं श्रम विभाग के लिए वर्ष 2025 – 26 बजट में लगभग 1 हजार 951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया, इसमें से 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजट से जुड़े अच्छे सुझाव आमंत्रित हैं, कोई भी साथी एआई चैटबोट के माध्यम से अपने सुझाव दे सकता है।

    धरातल पर उतर रही घोषणाएं

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार बजट में की गई घोषणाओं को लगातार धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। पिछले बजट में उद्योग एवं श्रम विभाग के बजट को 129.37 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था ताकि इसे और अधिक सशक्त बनाया जाए। हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री और सिंगल रूम के निर्माण हेतु आईएमटी बावल में 5 एकड़, आईएमटी फरीदाबाद में 2.76 एकड़ तथा आईएमटी सोहना में 5.47 एकड़ भूमि अधिकृत की है। आईएमटी खरखौदा के विस्तार के लिए 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से लगभग 5800 एकड़ भूमि की पहचान की जा चुकी है। इसे शीघ्र ही औद्योगिक नीति-2022 के अंतर्गत अधिकृत किया जाएगा।

    औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में होगा विशेष फोकस

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस बजट पूर्व परामर्श बैठक में अनेक सुझाव आए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में विशेष फोकस होगा। जितने ठोस और लागू करने योग्य सुझाव दिए गए हैं, उतना ही प्रभावी बजट प्रस्तुत करेंगें। उन्होंने कहा कि हर सुझाव हमारे लिए मार्गदर्शक है और मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करूंगा कि उन पर गंभीरता से विचार किया जाए।

    खरखौदा में बनेगा सैटेलाइट शहर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनीपत जिला के खरखौदा में 10 हजार एकड़ क्षेत्र में सैटेलाइट शहर बसाने की योजना है। इसके साथ-साथ राई में हॉल सेल मार्केट बनाई जाएगी। इसको लेकर व्यापारियों ने संपर्क करना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ईवी पार्क बनाने का लक्ष्य भी रखा है। इसके साथ ही 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से आरआरटीएस की डीपीआर बन चुकी है, जल्द ही उसका टेंडर होगा। यह सराय काले खां से करनाल व सराय काले खां से अलवर तक जाएगा, इससे प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा। वहीं मानेसर में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय परिसर बावल में 26 लाख रुपये की राशि से लेबर कोर्ट बनाई जाएगी, इसके लिए बजट लोक निर्माण विभाग(भवन एवं सड़कें) को दिया जा चुका है।

    औद्योगिक विकास के साथ ही विकसित राष्ट्र बनेगा भारत 

    हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार विकसित भारत-2047 के विजन पर फोकस करते हुए कार्य कर रही है। औद्योगिक विकास के साथ ही विकसित राष्ट्र के रूप में भारत को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार अपना दायित्व प्रभावी रूप से निभा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्मुख हरियाणा बनाने में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की अहम भागीदारी होती है, ऐसे में हरियाणा सरकार द्वारा आगामी बजट को हर हित की सोच के साथ सुगम व फलदायी बनाने के लिए इस प्रकार के प्री बजट सेशन में सुझाव लेते हुए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा सरकार की सार्थक पहल है कि बजट पूर्व परामर्श लेकर हर क्षेत्र के लोगों का ध्यान रखते हुए बजट में प्रावधान रखे जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पटौदी से विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, आबकारी एवं कराधान आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एचएसआईआईडीसी के एमडी आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  
  • हरियाणा में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एआई पोर्टल लॉन्च किया

    हरियाणा में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एआई पोर्टल लॉन्च किया

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन 2047 के मद्देनजर गुरुग्राम में आयोजित प्री बजट सेशन के दौरान एआई आधारित हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए से आम नागरिकों को राज्य के बजट निर्माण प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से सहभागी बनने का अवसर मिलेगा। पोर्टल पर हरियाणवी, हिंदी तथा अंग्रेजी तीनों भाषाओं में अपने सुझाव दिए जा सकते हैं, जिससे समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हमारी पारदर्शिता, नागरिक सहभागिता तथा सहभागी शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक, विशेषज्ञ और हितधारक सीधे सरकार से जुड़ सकेंगे। अपने व्यावहारिक सुझाव साझा कर सकेंगे और बजट निर्माण की प्रक्रिया को अधिक खुला, निरंतर और संवाद से परिपूर्ण बना सकेंगे।

    इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • गुरुग्राम में बजट पूर्व कार्यशाला, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया रोडमैप

    गुरुग्राम में बजट पूर्व कार्यशाला, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया रोडमैप

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विकसित भारत-2047 का ग्रोथ इंजन साबित होगा। हरियाणा का योगदान देश हित में उपयोगी रहे, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। व्यापक परामर्श, गहन अध्ययन व विशेषज्ञों की सहभागिता से हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 बनाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हरियाणा विजन-2047 के मद्देनजर आयोजित बजट पूर्व कार्यशाला में अपने विचार रख रहे थे। मुख्यमंत्री ने हरियाणा विजन 2047 रोडमैप के ध्येय के साथ वित्त वर्ष 2026- 27 के लिए इंडस्ट्री, हेल्थ, आईटी तथा एजुकेशन सेक्टर से संबंधित हितधारकों के साथ आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक (प्री बजट कंसल्टेशन) में हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उद्योग जगत एवं मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट के लिए अपने सुझाव रखे। बैठक में प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    विकासात्मक परिवर्तन अब नजर आ रहा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 11 साल में बड़ा विकासात्मक परिवर्तन नजर आया है। सकारात्मक बदलाव के साथ सर्वांगीण विकास की दिशा में सरकार कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर का गठन किया है जो उभरते हुए वैश्विक परिवर्तन में कारगर रहेगा। ज्ञान व दूरदृष्टि सोच के साथ इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

    छः रणनीतिक थीमों पर आधारित विकास का तैयार हुआ रोडमैप

    विभागीय योजनाओं को स्पष्ट विजन से जोड़ना होगा और गतिविधियों से अधिक परिणाम पर ध्यान देना होगा। नागरिकों के जीवन में सार्थक सुधार लाना हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इसी सार्थक सोच के परिणामस्वरूप हरियाणा सरकार छः स्तम्भों पर केंद्रित हो विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में सहभागिता निभाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट–2047 को छः रणनीतिक थीम पर आधारित कर तैयार किया गया है। इनमें वित्त एवं सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता, स्वास्थ्य एवं पोषण, कृषि, खाद्य सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचा विकास तथा क्षेत्रीय विकास एवं स्थानीय स्वशासन पर आधारित परियोजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।वित्त वर्ष 2026–27 का बजट भी इन सभी थीमों के साथ पूरी तरह सामंजस्यपूर्ण रहेगा।

    प्री-बजट मंथन में वरिष्ठ अधिकारियों ने दी थीम आधारित प्रेजेंटेशन

    हरियाणा विजन 2047 रोडमैप के अंतर्गत आयोजित प्री-बजट मंथन कार्यशाला में राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित, समावेशी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विभिन्न थीम स्पॉटलाइट्स पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित प्रस्तुति हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल द्वारा दी गई। शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार योग्यता विषय पर उच्चतर एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग ने अपने विचार रखे। इसके साथ ही क्षेत्रीय विकास एवं स्थानीय स्वशासन विषय पर ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह ने जानकारी दी। वहीं कृषि, सहायक क्षेत्र, खाद्य एवं पर्यावरण विषय पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल ने प्रस्तुति दी। वित्त एवं सुरक्षा विषय पर वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने प्रस्तुतिकरण देकर बारीकियों से अवगत कराया। अवसंरचना विकास विषय पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने राज्य के औद्योगिक एवं आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े पहलुओं को विस्तार से रखा। इसी क्रम में विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुति दी गई। बजट पूर्व कार्यशाला में नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ राज नेहरू, जीएमडीए के मुख्य सलाहकार डी.एस ढेसी, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ संजय कौशिक, उपायुक्त अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
  • जी-राम-जी एक्ट से भ्रष्टाचार-मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी : नायब सिंह सैनी

    जी-राम-जी एक्ट से भ्रष्टाचार-मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी : नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी प्रदान करता है। यह ग्रामीण रोजगार नीति अधिक गारंटी वाले कार्यदिवस, उच्च मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है। इस नए कानून से पहले की मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और खामियों को दूर किया गया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के विकास में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू की है। यह विषय देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों से जुड़ा हुआ है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, रणबीर गंगवा, कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि वीबी जी-राम जी कानून का उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करना है, जिन्हें पिछली सरकारों ने धोखा दिया था। यह अधिनियम परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था करता है, मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। श्रमिकों को गारंटीकृत रोजगार बढ़ाकर अधिक मजदूरी देती है। ये श्रमिक अब भ्रष्ट ठेकेदारों, अधिकारियों या राजनेताओं की तिजोरियाँ भरने के लिए नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

    खामियों से भरे ढांचे में बदलते समय के साथ पुरानी प्रणालियों को परिवर्तित करना आवश्यक

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना लगभग 20 वर्ष पहले शुरू की गई थी। मनरेगा और ऐसी ही अन्य कई योजनाओं की प्रकृति ही ऐसी होती है कि इन्हें तैयार किया जाता है, पारित किया जाता है, लागू किया जाता है और इनमें सुधार भी किया जाता है। मनरेगा के अंतर्गत कई समस्याएं सामने आईं, जैसे कि श्रमिकों के बजाय मशीनों का उपयोग करना, बजट का अत्यधिक अनुमान, पहले से पूर्ण की गई परियोजनाओं को दोबारा करना, और ऐसी ही कई कमियां देखने को मिलीं, लेकिन आज सच्चाई यह है कि देश, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पिछले 20 वर्षों में मूल रूप से बदल चुके हैं। ग्रामीण गरीबी वर्ष 2011-12 में जहां 25 प्रतिशत से अधिक थी, वहीं आज यह घटकर लगभग 5 प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है। इसका अर्थ है कि वर्तमान केंद्र सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण 25 प्रतिशत से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाओं, डी.बी.टी., आधार और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ऐसे में एक पुराने, खामियों से भरे ढांचे को बिना सुधार के ढोते रहना न तो श्रमिकों के हित में था और न ही राष्ट्र के।

    नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को मिला बढ़ावा

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को काफी बढ़ावा मिला है। इसके माध्यम से, सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में मजदूरी दर ज्यादा है, इसलिए हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।

    केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये आवंटित किए

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना से न केवल काम के अधिक दिन सुनिश्चित होंगे, जिससे बेहतर वेतन मिलेगा, बल्कि अनिवार्य साप्ताहिक वेतन भुगतान (अधिकतम 15 दिनों तक की देरी की अनुमति के साथ) से श्रमिकों को समय पर बढ़ा हुआ वेतन प्राप्त होगा। इससे आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। इसे संभव बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ थी, जो उस समय तक का सबसे अधिक आवंटन था यानी पिछले रिकॉर्ड आवंटन को भी पार कर लिया गया है। इसमें अकेले केंद्र सरकार का हिस्सा 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा, जिसे सरकार आने वाले वर्षों में बढ़ाने का वादा करती है।

    हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत इस वर्ष हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला है। यह काम वास्तव में उन्हें मिला है। पहले तो मशीनों से काम करवा लिया जाता था और उन्हें वास्तव में काम मिलता ही नहीं था। उन्होंने कहा कि इस कानून में कार्यों की प्रकृति को भी बदला गया है। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था। अब जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में भी रोजगार दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पी.एम. गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है, ताकि गांवों में होने वाला हर काम राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो। इस योजना में अब कृषि के चरम मौसम के दौरान 60 दिनों का विराम शामिल किया गया है ताकि देश के किसान और मजदूर मिलकर काम कर सकें और मजदूरों को कृषि मौसम के दौरान उनके श्रम के लिए बाजार की उच्च दरें मिल सकें।

    भ्रष्टाचार से निपटने और शोषण को रोकने के लिए किए गए तकनीकी उपाय

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने, शोषण को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल वास्तविक श्रमिकों को ही पारदर्शिता के साथ उनका हक मिले, वीबी जी- राम जी योजना में कई उपाय किए गए हैं। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और उपस्थिति से फर्जी कर्मचारियों, डुप्लिकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतानों को रोका जा सकेगा। वेतन और भत्तों का सीधा, डिजिटल भुगतान इससे बिचौलियों, वेतन भुगतान में देरी और धन के दुरुपयोग की समस्या समाप्त हो जाएगी। जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी इस योजना के तहत बनाई गई प्रत्येक संपत्ति को जियो-टैग किया जाएगा और इसरो के भुवन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट ठेकेदारों या अधिकारियों द्वारा फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण न हो सके। साप्ताहिक सार्वजनिक खुलासे इससे श्रमिकों की सूची, भुगतान, प्रतिबंध और निरीक्षण सार्वजनिक रूप से दिखाई देते हैं। शिकायत रजिस्टर और ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बहुस्तरीय शिकायत निवारण के साथ 7-दिवसीय निपटान समय सीमा अंतहीन विवादों और मुकदमों के बजाय अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करता है, साथ ही पूर्वाग्रह और दमन को समाप्त करता है। उन्होंने कहा कि धन की हेराफेरी के लिए धोखे से बनाई गई फर्जी परियोजनाओं को रोकने के लिए, नए प्रावधानों को चार क्षेत्रों में बांटा जाएगा। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु संरक्षण। अब, यह योजना भ्रष्टाचार का अड्डा बनने के बजाय विकास में एक वास्तविक और ठोस योगदानकर्ता के रूप में काम करेगी।