Category: Government News>Haryana Govt

  • कांग्रेस शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था: नायब सिंह सैनी

    कांग्रेस शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था: नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत- जी राम जी एक्ट पर विपक्षी पार्टियों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और राज्य की जनता कांग्रेस और इंडी गठबंधन नेताओं का चेहरा और चरित्र भली-भांति पहचान चुकी है। लगातार झूठ बोलने की आदत ने इन दलों को राजनीतिक रूप से अविश्वसनीय बना दिया है और अब जनता उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती। कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के नेता मनरेगा श्रमिकों को गुमराह करने के लिए बार-बार झूठे बयान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, रणबीर गंगवा, कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कांग्रेस के पास कोई तर्क या ठोस सुझाव नहीं होता, वह झूठ और भ्रम फैलाने का सहारा लेती है। उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए लाई गई हर नई योजना और सुधार पर कांग्रेस, यूपीए और इंडी गठबंधन के नेता सवाल उठाना शुरू कर देते हैं। यदि कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कोई वास्तविक सुझाव होते, तो वे लोकसभा में देते, लेकिन उनके पास न सुझाव हैं, न कोई जवाब। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चर्चा से भागती है और सदन से वॉक आउट कर जाती है। यही रवैया हरियाणा विधानसभा में भी देखने को मिलता है, जहाँ कांग्रेस नेता बिना तैयारी के आते हैं, प्रस्ताव लाते हैं और फिर वॉक आउट करते हैं। फिर जनता के बीच जाकर भ्रम फैलाते हैं।

    कांग्रेस-आप का ‘बुआ- फूफड़’ वाला रिश्ता

    विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) एक्ट, 2025 पर जल्दबाजी में प्रस्ताव पास करने के लिए पंजाब सरकार पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिसबंर को पंजाब विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव में न तो कोई आंकड़ा है और न ही कोई तथ्य। यह शुद्ध राजनीतिक प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को कोई भी प्रस्ताव पास करने से पहले एक्ट को ठीक से पढ़ लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का ‘बुआ- फूफड़’ जैसा रिश्ता है। पंजाब को यदि प्रस्ताव ही पारित करना था तो यह प्रस्ताव पास करते कि पंजाब में भी हरियाणा की तरह 400 रुपये मजदूरी मिले, जबकि पंजाब में अभी मजदूरी 339 रुपये है।   उन्होंने कहा कि ऐसे ही प्रस्ताव पास करना तथ्यों, आंकड़ों या गंभीरता के बिना सिर्फ एक राजनीतिक स्वार्थ प्राप्त करने का तरीका है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां जानबूझकर करोड़ों ग्रामीण मजदूरों और किसानों की आजीविका से जुड़े मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने इंडी गठबंधन को चुनौती देते हुए कहा कि वे देश के श्रमिकों को बताएं कि उनके शासनकाल में कौन-सी सुविधाएं थी, कितना भ्रष्टाचार हुआ और क्यों पैसा मजदूरों तक नहीं पहुँचता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठी बयानबाजी करने के बजाय कांग्रेस को अपने कार्यकाल का सच जनता के सामने रखना चाहिए।

    कांग्रेस शासन में भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था मनरेगा

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की सी.ए.जी. रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि यू.पी.ए. शासन के दौरान, योजना में फर्जी लाभार्थियों की भरमार थी और केवल धन की हेराफेरी के उद्देश्य से लाभार्थियों की सूची में हेराफेरी की गई थी। यह इसलिए संभव हुआ, क्योंकि मनरेगा योजना में कोई बायोमेट्रिक जांच नहीं थी, न ही इस बात की कोई निगरानी प्रणाली थी कि कौन मजदूर के रूप में पंजीकरण करा रहा है और क्या वास्तव में पंजीकृत मजदूर ही वह व्यक्ति था, जिसे मेहनत का फल मिल रहा था। नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र में यूपीए शासन के दौरान मनरेगा एक ऐसी योजना बनकर रह गई थी, जिसका उद्देश्य केवल गड्ढे खोदना और उन्हें भरना था। यानी, यह टिकाऊ और स्थायी संपत्ति बनाने की योजना नहीं, बल्कि धन की मांग करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के लिए किसी प्रकार की परियोजना को दिखाने का एक साधन मात्र बन गई थी। यह नीति “परिणाम” देने की बजाय “मानव-दिवस” उत्पादन करने की नीति बनकर रह गई थी।

    पंजाब में मनरेगा के तहत मजदूरी का नहीं हुआ भुगतान

    मुख्यमंत्री ने पंजाब से संबंधित एक उदाहरण देते हुए बताया कि जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब का दौरा किया, तो मजदूरों ने शिकायत की कि उन्हें मनरेगा के तहत उनका हक नहीं मिल रहा है और ठेकेदार सारा पैसा हड़प रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने पाया कि कई मौकों पर सड़कों और नहरों की सफाई के नाम पर अवैध रूप से धन का गबन किया जा रहा है। पंजाब में 13,304 ग्राम पंचायतों में से केवल 5,915 ग्राम पंचायतों में किए गए एक सोशल ऑडिट के अनुसार, लगभग 10,663 वित्तीय गबन के मामले सामने आए। लेकिन जाहिर है, इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि जब केंद्रीय टीम ने इस ओर ध्यान दिलाया, तब भी कोई वसूली नहीं की गई। इस भ्रष्टाचार के दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और मजदूरों को मजदूरी देने के लिए आवंटित सार्वजनिक धन को उन लोगों की जेबों में भरते रहे, जिन्होंने इसे अर्जित नहीं किया था।

    भ्रष्ट आम आदमी सरकार कानूनी सुधारों का कर रही विरोध

    उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत अस्वीकृत परियोजनाएं भी मनरेगा निधि से ही चलाई जा रही थीं, लेकिन उनमें कोई निगरानी तंत्र नहीं था न तो कोई मजदूर वास्तव में काम कर रहा था, न उसे भुगतान मिल रहा था, न ही किसी चीज का रिकॉर्ड रखा जा रहा था। इस निगरानी के अभाव में, मेहनती और योग्य मजदूरों को मिलने वाली उचित मजदूरी छीन ली गई। और आज, यह भ्रष्ट आम आदमी सरकार उन सुधारों का विरोध करने के लिए बहस कर रही है और प्रस्ताव पारित कर रही है। यह न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के उनके इरादों को उजागर करता है, बल्कि पंजाब के मेहनती मजदूरों के प्रति उनकी उदासीनता और उपेक्षा को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खामियों को दूर करने, श्रमिकों को न्याय और उचित मुआवजा दिलाने, उनके शोषण को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस योजना के तहत उपयोग किए गए सार्वजनिक धन सही हाथों तक पहुंचे। इसलिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार वीबी जी-राम जी कानून लेकर आई है।

    हरियाणा में मजदूरी दर देश में सर्वाधिक, नए प्रावधान से प्रदेश में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में यह लाभ इसलिए अधिक है, क्योंकि हमारे प्रदेश में मजदूरी दर ऊंची है। यह देश में सर्वाधिक है। हरियाणा में प्रतिदिन 400 रुपये की दर से न्यूनतम मजदूरी दी जाती है, इससे हर श्रमिक की वार्षिक आय कम से कम 50 हजार रुपये हो सकती है। दूसरी तरफ, पंजाब में न्यूनतम मजदूरी मात्र 339 रुपये प्रतिदिन है। इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में तो यह मात्र 236 रुपये प्रतिदिन ही है।

    हरियाणा में अक्तूबर 2014 से अक्तूबर, 2025 तक श्रमिकों को किया गया 5,243 करोड़ रुपये का भुगतान, कांग्रेस के 10 वर्ष में केवल 1,854 करोड़ रुपये का ही हुआ भुगतान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में अक्तूबर, 2014 से लेकर अक्तूबर, 2025 तक के 10 वर्षों में श्रमिकों को 5,243 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। जबकि, कांग्रेस के 10 वर्ष के शासनकाल में केवल 1,854 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ज्यादा लोगों को रोजगार दिया गया और ज्यादा पैसा दिया। चालू वित्त वर्ष के बजट में भी 1 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया हुआ है।
  • युवाओं में उत्साह का संचार, हरियाणा अग्निवीरों को रोजगार सुरक्षा देने वाला पहला राज्य बना

    युवाओं में उत्साह का संचार, हरियाणा अग्निवीरों को रोजगार सुरक्षा देने वाला पहला राज्य बना

    चंडीगढ़: हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय सशस्त्र बलों में युवा प्रोफाइल को सशक्त बनाने तथा युवाओं में देश सेवा के प्रति जोश, जज्बा और अनुशासन विकसित करने के उद्देश्य से जून 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को अग्निवीर के रूप में चार वर्ष की अवधि के लिए सेवा करने का अवसर प्रदान किया गया।

    उन्होंने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत पहले बैच की सेवा अवधि जुलाई 2026 में पूरी होनी है। इसके उपरांत अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार ने हरियाणा अग्निवीर नीति–2024 तैयार की है जिसे अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इस नीति के माध्यम से अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। राव नरबीर सिंह ने कहा कि सेना में सेवा उपरांत अग्निवीरों को रोजगार का सुरक्षा कवच देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है।

    सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022–23 में जल, थल एवं वायु सेना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 26,649 अग्निवीरों की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसी क्रम में हरियाणा से वर्ष 2022–23 में 1,830 तथा वर्ष 2023–24 में 2,215 अग्निवीरों की भर्ती हुई। उन्होंने कहा कि जनसंख्या एवं भौगोलिक दृष्टि से सीमित प्रतिनिधित्व के बावजूद हरियाणा के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा विशेष रूप से देखने को मिलता है। यहां के युवा व्हाइट कॉलर नौकरियों की बजाय सेना की वर्दी को गर्व के साथ अपनाते हैं। यही कारण है कि देश की सेनाओं में हर दसवां सैनिक हरियाणा से होता है।

    राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों, अर्ध सैनिक बलों तथा उनके आश्रितों के कल्याण के लिए वर्ष 2016 में अलग से सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया है। अक्तूबर 2014 से अब तक राज्य सरकार द्वारा 418 शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।

    उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रमों के दौरान सेना की विभिन्न कोर एवं रेजीमेंट के अनुसार भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्मिलन समारोह आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त 1962, 1965, 1971 एवं कारगिल युद्ध के शहीदों के नाम पर विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों का नामकरण करने के प्रस्ताव भी हरियाणा सरकार की नीति के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं।

    इन कार्यक्रमों के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के जवानों एवं शहीदों के परिजनों को आमंत्रित कर उनके करकमलों से पौधारोपण करवाया गया। राव नरबीर सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हरियाणा के युवाओं में देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र सेवा के नए संकल्प का प्रभावी संचार हुआ है।

  • आम बजट के जरिए हर क्षेत्र तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल

    आम बजट के जरिए हर क्षेत्र तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी आम बजट में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जीआईएस मैपिंग के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश का कोई भी क्षेत्र स्वास्थ्य संस्थानों से वंचित न रहे और सभी नागरिकों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।

    स्वास्थ्य मंत्री आज चंडीगढ़ में आयुष एवं मेडिकल एजुकेशन विभाग से संबंधित बजट तैयारियों की समीक्षा हेतु आयोजित अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, आवश्यकताओं तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, आयुष विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा, नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक रिप्पुदमन सिंह ढिल्लो, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग के निदेशक यशेंद्र सिंह, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. वीरेंद्र यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने नूंह जिले के गांव टाई में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में अपग्रेड करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही इस स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति के लिए लगभग 36 लाख रुपये के व्यय को भी मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर और समय पर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

    इसी प्रकार, महेंद्रगढ़ जिले के गांव खातोदड़ा में भी एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं अपने नजदीक उपलब्ध होंगी।

    स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में जहां-जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है, वहां नई स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने के लिए बजट में अग्रिम प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि हरियाणा सरकार आमजन के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

     

  • मुख्यमंत्री ने वेस्टर्न कमांड की कार्यशैली और मानवीय प्रयासों को सराहा

    मुख्यमंत्री ने वेस्टर्न कमांड की कार्यशैली और मानवीय प्रयासों को सराहा

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज वेस्टर्न कमांड मुख्यालय, चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन का दौरा किया। इस अवसर पर उनका स्वागत एवं ब्रीफिंग लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, आर्मी कमांडर, वेस्टर्न कमांड द्वारा की गई।

    दौरे की शुरुआत वेस्टर्न कमांड संग्रहालय के अवलोकन से हुई, जहां मुख्यमंत्री को कमांड के गौरवशाली इतिहास, प्रमुख सैन्य अभियानों, वीरता गाथाओं तथा विकसित होती सैन्य परंपराओं की जानकारी दी गई, जिससे इसकी परिचालन विरासत का समग्र परिप्रेक्ष्य प्राप्त हुआ।

    इसके उपरांत वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ विस्तृत ब्रीफिंग एवं संवाद के दौरान मुख्यमंत्री को वेस्टर्न कमांड की प्रमुख उपलब्धियों से अवगत कराया गया। इसमें ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के अंतर्गत उपलब्धियाँ, ऑपरेशन ‘राहत’ के दौरान प्रदत्त मानवीय सहायता, चल रही भर्ती रैलियां, युवा संपर्क कार्यक्रम, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सिस्टम, आधुनिकीकरण की पहलें तथा नई प्रौद्योगिकियों के समावेश पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

    पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़ी पहलों—जिसमें सीनियर वेटरन्स होम भी शामिल है—को ब्रीफिंग के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो भारतीय सेना के मानव-केंद्रित दृष्टिकोण तथा पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की गरिमा एवं देखभाल के प्रति उसकी सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर तथा मानवीय सहायता के दौरान वेस्टर्न कमांड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पूर्व सैनिकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान हेतु हरियाणा सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

    दौरे का समापन मुख्यमंत्री और आर्मी कमांडर के बीच संक्षिप्त एक-से-एक संवाद के साथ हुआ, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण और पूर्व सैनिक कल्याण के प्रति सुदृढ़ नागरिक–सैन्य समन्वय और साझा प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि हुई।

     

  • हरियाणा का युवा हर मोर्चे पर आगे: सीएम नायब सिंह सैनी

    हरियाणा का युवा हर मोर्चे पर आगे: सीएम नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने हमेशा युवाओं को अपनी नीतियों के केंद्र में रखते हुए अनेक युवा केन्द्रित योजनाएं चलाई हैं। उन्होने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने पिछले एक दशक मे वो कर दिखाया है जो अन्य सरकारें कई दशकों में नहीं कर सकी।

    मुख्यमंत्री आज पंचकूला में 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 में भाग लेने वाले हरियाणा राज्य के प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम को मुख्यअतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम भी उपस्थित थे

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 में भाग लेने वाले 64 युवाओं में जोश भरते हुए उनके साथ समूह चित्र करवाया और प्रतिनिधिमंडल को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रतिनिधिमंडल भारत मंडपम, नई दिल्ली में 9 जनवरी से 12 जनवरी तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेंगे और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। जिनमें गु्रप डांस, वाद विवाद प्रतियोगिता, पेंटिंग, यंग लीडर्स डायलाग, हैक फार सोशल काॅज, डिजाईन फॉर विकसित भारत शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधी मंडल को झंडी दिखाकर रवाना करने उपरांत युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि यह ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है। यह हमारे पूर्वजों से मिले संस्कारों, हमारी वीर संस्कृति और हमारे युवाओं के अतूम्य साहस का प्रतीक है। यह उस भरोसे का वाहक है, जो आज पूरा प्रदेश आप पर कर रहा है। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस संत स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस पर आयोजित किया जाता है। स्वामी विवेकानंद उम्र से ही नहीं बल्कि अपनी सोच से, अपने मन से, अपने विचारों से और अपने कर्मों से भी युवा थे।

    उन्होने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा शक्ति से तय होता है। जब युवा ऊर्जावान, शिक्षित, आत्मविश्वासी और राष्ट्र के प्रति समर्पित होते हैं, तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। हरियाणा के युवा सदैव परिश्रमी, अनुशासित और राष्ट्रभक्त रहे हैं। यही कारण है कि हरियाणा का युवा आज सेना, खेल, शिक्षा, कृषि, उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसी प्रकार हमारी लोक संस्कृति-हमारे नृत्य, संगीत, कला और परंपराएं, सादगी, शक्ति और आत्मीयता का प्रतीक हैं। राष्ट्रीय युवा महोत्सव में जब आप इनका प्रदर्शन करेंगे, तो पूरे देश को हरियाणा की आत्मा का दर्शन होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि युवा सशक्तिकरण ही सशक्त भारत की कुंजी है और यदि भारत को विश्वगुरु बनाना है तो युवाओं की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होने कहा कि यह प्रधानमंत्री के ही प्रयासों का परिणाम है कि भारत आज विश्व की चैथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाया है। उनका सपना भारत को 2047 तक विकसित भारत और विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का है।

    हरियाणा का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने सदैव पूरा प्रयास किया है कि युवाओं की प्रतिभा का सम्मान हो। हमने युवा नीति पर काम किया है। विधानसभा चुनावों का वह दौर, जब उन्होने युवाओं से वादा किया था कि पद ग्रहण करते ही सबसे पहले 24 हजार युवाओं के घरों में सरकारी नौकरी का दीया जलेगा। हमने अपने उस वचन को पत्थर की लकीर माना और 17 अक्तूबर, 2024 को मंत्रिमंडल गठन के साथ ही 24 हजार युवाओं को ग्रुप-सी की नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

    उन्होने कहा कि सरकार केवल सरकारी नौकरियों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से काम कर रहे अपने युवाओं की चिंता भी की। सरकार ने कानून बनाकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया है। अब इन युवाओं को भी नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता और वार्षिक इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा, ताकि वे पूरे मान-सम्मान के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।

    मुख्यमंत्री ने डंकी रूट के माध्यम से विदेश जाने के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस धोखाधड़ी और अवैध एजेंटों के खेल को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने 26 मार्च, 2025 को विधानसभा में एक ऐतिहासिक बिल पास कर कानून बनाया है। अब ट्रैवल एजेंटों के काम में पारदर्शिता होगी और धोखाधड़ी करने वालों पर नकेल कसी जाएगी। उन्होने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारा युवा विदेश जाए, लेकिन सम्मान और सुरक्षा के साथ जाए। इसी कड़ी में 1 लाख 14 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण भी दिया है ताकि वे दुनिया भर के बाजारों में अपनी धाक जमा सकें।

    इससे पहले युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा राज्य से अलग अलग विधाओं के कुल 64 प्रतिभागी जो कि हरियाणा के अलग अलग जिलों से हैं, राष्ट्रीय स्तर पर अपने अपने क्षेत्रों में जौहर दिखाएंगे व अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के युवा राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की अलग छाप छोड़ने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के हरियाणा का युवा केवल परंपराओं का वाहन नहीं, बल्कि नवाचार का अग्रदूत भी है। हमारे युवा स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार सृजन कर रहे हैं, खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहरा रहे हैं, विज्ञान, तकनीकी, कला और संस्कृति में नई पहचान बना रहे है।

    इस अवसर पर कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, निदेशक विवेक अग्रवाल, उपायुक्त सतपाल शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे सहित प्रतिभागी और भारी संख्या में युवा उपस्थित थे।

     

  • पंचकूला जोन में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का होगा समाधान

    पंचकूला जोन में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का होगा समाधान

    चण्डीगढ़: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) उपभोक्ताओं को विष्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।

     बिजली निगम के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामतः कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 05, 12, 19 और 27 जनवरी को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा।

  • दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ा, एक लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा लाभ

    दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ा, एक लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा लाभ

    चंडीगढ़– हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे का विस्तार कर दिया है। इस विस्तार के साथ ही राज्य की एक लाख से अधिक नई महिलाओं को योजना का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम प्राप्त होगा। सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के मानदंड अनुसार एक लाख रुपये सालाना पारिवारिक आय वाली महिलाओं को पहले की तरह योजना का लाभ मिलता रहेगा। किसी भी पात्र महिला का मौजूदा लाभ न तो रोका गया है और न ही समाप्त किया गया है। 2100 रुपये की सहायता पहले की तरह मिलती रहेगी।

    प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार करते हुए तीन नई श्रेणियों को जोड़ा है। इन श्रेणियों के लिए पारिवारिक आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए और यह लाभ केवल 3 बच्चों तक ही मिलेगा।

    पहली श्रेणी – जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे जो सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वे 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आते है, ऐसी माताओं को भी अब 2100 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा।

    दूसरी श्रेणी- जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत कक्षा- 1 से 4 तक ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी प्राप्त करते हैं, तो ऐसी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

    तीसरी श्रेणी– पोषण ट्रैकर में कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया से ग्रस्त था और माताओं के अथक प्रयास के बाद वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो ऐसी माताओं को भी 2100 रुपए का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस श्रेणी के लिए पारिवारिक सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए।

    भविष्य की जरूरतों को देखते हुए परिवार को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए भी नई पहल

    हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत आधार देने के उद्देश्य से एक नई दूरदर्शी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत महिलाओं और उनके परिवारों को न केवल तत्काल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि भविष्य के लिए सुरक्षित वित्तीय संबल भी सुनिश्चित होगा। इस पहल के तहत, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत वर्तमान में जो 2100 रुपए की राशि महिलाओं के खातों में जा रही है, अब इस राशि में से 1100 रुपये सीधे महिलाओं के खातों में जमा होंगे। जबकि शेष 1,000 रुपये राज्य सरकार रेकरिंग डिपॉजिट/फिक्स्ड डिपॉजिट करवाएगी। इस डिपॉजिट का पैसा ब्याज सहित लाभार्थी महिला को मिलेगा। इतना ही नहीं, लाभार्थी की असामयिक मृत्यु पर उसके नॉमिनी को यह राशि तुरंत प्रदान की जाएगी, यह भी प्रावधान किया गया है।

  • हरियाणा में दवाओं की कीमतों पर सख्त निगरानी, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का बयान

    हरियाणा में दवाओं की कीमतों पर सख्त निगरानी, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का बयान

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता को सस्ती और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से दवाओं की कीमतों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के दिशा-निर्देशों के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अंतर्गत प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (PMRU) सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, ताकि नागरिकों को दवाएं केवल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध हों और किसी भी स्तर पर मनमानी वसूली रोकी जा सके।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान हरियाणा में दवाओं की अधिक कीमत वसूलने के 33 मामले सामने आए, जिन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए एनपीपीए, नई दिल्ली भेजा गया है। वहीं दिसंबर 2025 में पीएमआरयू हरियाणा ने तीन दवाओं में ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के उल्लंघन का पता लगाया, जिनमें पैक पर अंकित एमआरपी निर्धारित कीमत से अधिक पाई गई। इन मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    उन्होंने कहा कि सरकार प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दे रही है। वर्ष 2025 में विभिन्न जिलों में 13 सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से केमिस्टों और आम जनता को दवाओं की गुणवत्ता, उचित मूल्य, कोल्ड चेन प्रबंधन और रिकॉर्ड संधारण के प्रति जागरूक किया गया। आम जनता से अपील की गई है कि वे दवाओं की सही कीमत जानने के लिए “फार्मा सही दाम” मोबाइल एप का उपयोग करें या किसी भी अनियमितता की शिकायत पीएमआरयू हरियाणा के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2413 पर दर्ज कराएं।

  • पंचकूला जोन में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का होगा त्वरित निवारण

    पंचकूला जोन में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का होगा त्वरित निवारण

    चण्डीगढ़: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) उपभोक्ताओं को विष्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।

    बिजली निगम के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामतः कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 05, 12, 19 और 27 जनवरी को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा।

  • एक्स-रे व लैब जांच से लैस ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’, उद्योगों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा

    एक्स-रे व लैब जांच से लैस ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’, उद्योगों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा

    चंडीगढ़: केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने नव वर्ष के आगमन पर वीरवार को फरीदाबाद में सेक्टर-28 स्थित अपने कार्यालय परिसर से “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” दो अत्याधुनिक चिकित्सा बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल ऑन व्हील्स के माध्यम से उन क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जहां अस्पतालों की पहुंच सीमित है। इन बसों में प्राथमिक उपचार, जांच सुविधाएं तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होंगे, जिससे आम नागरिकों को घर के नजदीक स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा। यह हरियाणा का पहला “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” है, जो पूरी तरह आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित है। यह मोबाइल मेडिकल वैन एक चलते-फिरते अस्पताल के रूप में कार्य करेगी।

    इस वैन में एयर कंडीशनिंग, जनरेटर, एक्स-रे मशीन, लैब टेस्टिंग की सुविधा, ब्लड टेस्ट, ईएनटी जांच सहित दर्जनों प्रकार की आवश्यक चिकित्सीय जांच की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस अत्याधुनिक वैन के माध्यम से मजदूरों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन श्रमिकों को मिलेगा, जो दिन-रात औद्योगिक इकाइयों में कड़ी मेहनत करते हैं और समय के अभाव में अस्पताल जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते। अब अस्पताल स्वयं मजदूरों के पास पहुंचेगा। यह मोबाइल मेडिकल वैन उद्योगों में जाकर वहीं पर श्रमिकों की जांच करेगी और उन्हें समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश के नागरिकों, विशेषकर गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी सोच के साथ देश की सबसे बड़ी बुनियादी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लागू किया गया, जिसके तहत आज देश के लगभग 70 करोड़ नागरिक हर वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना न केवल इलाज का खर्च उठाती है, बल्कि गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के समय आर्थिक संकट से भी बचाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता भी इसका अहम हिस्सा है।