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  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिर्जापुर माजरा व भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिर्जापुर माजरा व भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को उपमंडल नारायणगढ़ के गांव मिर्जापुर माजरा एवं गांव भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की तथा दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सबसे पहले गांव मिर्जापुर माजरा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय जय सिंह के निवास पर जाकर शोक व्यक्त किया। स्वर्गीय जय सिंह का 15 जुलाई को बीमारी के कारण निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

    इसके उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गांव भूखड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजपाल भूखड़ी के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय राजपाल भूखड़ी का 20 जुलाई को हृदयगति रुकने से निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की । उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

  • मुख्यमंत्री से मिले नीट (स्नातक)-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त करने वाले पंशुल बंसल

    मुख्यमंत्री से मिले नीट (स्नातक)-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त करने वाले पंशुल बंसल

    पंशुल बंसल की उपलब्धि हरियाणा सहित पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी- मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर फ़रीदाबाद निवासी पंशुल बंसल ने शिष्टाचार भेंट की। पंशुल बंसल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक)–2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त कर हरियाणा का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने पंशुल बंसल को उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंशुल की यह सफलता हरियाणा सहित पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवा शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। पंशुल बंसल की उपलब्धि भी इसी गौरवशाली परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने पंशुल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस अवसर पर पंशुल बंसल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का स्नेह, आशीर्वाद और प्रोत्साहन उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।  
  • ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो न केवल भूजल और पेयजल स्रोतों पर दबाव कम होगा, बल्कि उद्योगों, ऊर्जा क्षेत्र, हरित क्षेत्रों और कृषि के लिए भी पानी की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री सोमवार देर सांय रीयूज़ ऑफ ट्रीटेड वेस्टवॉटर (टीडब्ल्यूडब्ल्यू) पॉलिसी, हरियाणा से संबंधित विशेष बैठक ले रहे थे। बैठक में प्रदेश के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) से तय मानकों के अनुरूप ट्रीटेड पानी निकले और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रीटेड पानी किसी भी स्थिति में व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। इसके लिए ऐसा मजबूत और सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाए, जिससे यह पानी थर्मल पावर प्लांटों, ग्रीन बेल्ट, कृषि और अन्य जरुरत वाले क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सके। बैठक के दौरान जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने ट्रीटेड वेस्ट वाटर के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। पहले चरण में 21 जिलों के 35 एसटीपी को शामिल करते हुए 500 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई, जिसे नाबार्ड के तहत मंजूरी मिली। इनमें 27 एसटीपी को माइक्रो इरिगेशन के जरिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर के दोबारा इस्तेमाल के लिए अंतिम रूप दिया गया है। 19 एसटीपी का काम पूरा हो चुका है, जबकि 8 पर काम चल रहा है। इस परियोजना से करीब 40 हजार एकड़ खेती की जमीन को सिंचाई जल मिलेगा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि दूसरे चरण में 57 एसटीपी को शामिल किया गया है। इनमें 13 एसटीपी की क्षमता 157.50 एमएलडी और 44 एसटीपी की क्षमता 370.75 एमएलडी है। फिलहाल राज्य में 207 एसटीपी/सीईटीपी हैं और बाकी प्लांट्स को भी चरणबद्ध तरीके से इस योजना से जोड़ा जाएगा। विभाग ने पहले चरण की परियोजनाएं समय पर पूरी करने, दूसरे चरण के व्यवहारिक एसटीपी विकसित करने और बाकी एसटीपी को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी की है। लक्ष्य है कि विजन@2047 के तहत मार्च 2031 तक राज्य में 100 फीसदी ट्रीटेड वेस्ट वाटर का दोबारा इस्तेमाल किया जाए।

    एसटीपी और सीटीपी की मैपिंग की जाएं

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में जहां-जहां एसटीपी और सीटीपी स्थापित हैं, उनकी विस्तृत मैपिंग की जाए। प्रत्येक प्लांट की क्षमता, वहां से निकलने वाले ट्रीटेड पानी की मात्रा, उसके संभावित उपयोग और आसपास के क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था का पूरा खाका तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सही योजना और बेहतर समन्वय के साथ ट्रीटेड पानी का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा सकता है, जिससे भूजल और पेयजल स्रोतों पर दबाव भी कम होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रीटेड पानी के उपयोग में सबसे पहले थर्मल पावर प्लांटों को प्राथमिकता दी जाए। इसके बाद ग्रीन बेल्ट, पार्कों, पौधारोपण और कृषि कार्यों में इसका अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी अलग से योजना तैयार की जाए, ताकि उद्योगों में भी ताजे पानी की जगह ट्रीटेड पानी का उपयोग बढ़ाया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस पूरी व्यवस्था को स्ट्रीमलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, उद्योग विभाग, ऊर्जा विभाग और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें। इसके लिए विभागों के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से बैठक करें और पूरे कार्य की क्लोज मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

    कॉलोनियों के एसटीपी की होगी जांच

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सोसायटी कॉलोनियों में स्थापित एसटीपी की भी विशेष जांच की जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ संबंधित नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अधिकारी संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी कॉलोनियों के एसटीपी से निकलने वाले ट्रीटेड पानी का उपयोग कॉलोनियों की ग्रीन बेल्ट, पार्कों और पौधारोपण में हो। यदि वहां इसकी आवश्यकता नहीं है, तो पाइपलाइन अथवा अन्य उपयुक्त नेटवर्क के माध्यम से इस पानी को खेतों या अन्य जरूरत वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में लगभग 678 सोसायटी कॉलोनी हैं, जहां इस व्यवस्था की चरणबद्ध समीक्षा की जाएगी।

    क्लस्टर बनाकर होगी ट्रीटेड पानी की सप्लाई

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्लस्टर आधारित व्यवस्था विकसित कर ट्रीटेड पानी की सप्लाई सुनिश्चित करें। जहां एक से अधिक एसटीपी हैं, वहां उन्हें आपस में जोड़कर प्रभावी वितरण प्रणाली विकसित की जाए, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों तक इस पानी का लाभ पहुंच सके।

    कुसुम योजना के तहत लगाए जाएंगे सोलर सिस्टम

    बैठक में एसटीपी के संचालन पर आने वाले बिजली खर्च पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुसुम योजना के तहत अधिक से अधिक एसटीपी पर सोलर सिस्टम लगाए जाएं, ताकि बिजली की लागत कम हो और किसी भी परिस्थिति में प्लांटों का संचालन प्रभावित न हो। इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 24 घंटे यह प्लांट चलने चाहिए, जिसे भी मैटेंस इत्यादि की जिम्मेवारी दी जाएं तो यह सुनिश्चित किया जाएं कि किसी प्रकार की लापरवाही ना हो।

    हर प्लांट की तैयार होगी विस्तृत बुकलेट

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश के सभी एसटीपी और सीटीपी की एक विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए। इसमें प्रत्येक प्लांट का पता, लोकेशन, क्षमता, प्रतिदिन ट्रीट होने वाले पानी की मात्रा, ट्रीटेड पानी की उपलब्धता, संबंधित अधिकारियों के संपर्क विवरण तथा पानी के उपयोग की वर्तमान एवं प्रस्तावित व्यवस्था का पूरा विवरण शामिल किया जाएगा। इससे भविष्य की योजनाएं बनाने और उनकी निगरानी करने में सुविधा होगी।

    कोई भी एसटीपी नहीं रहना चाहिए बंद

    प्रदेश का कोई भी एसटीपी बंद नहीं रहना चाहिए। यदि किसी प्लांट के संचालन में बिजली, रखरखाव, तकनीकी खराबी या अन्य किसी प्रकार की समस्या है तो संबंधित विभाग तत्काल उसका समाधान करें। उन्होंने कहा कि इन प्लांटों के संचालन पर होने वाले बिजली खर्च और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि सभी एसटीपी लगातार संचालित होते रहें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।

    थर्मल पावर प्लांटों तक पहुंचेगा ट्रीटेड पानी

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में थर्मल पावर प्लांट स्थित हैं, वहां आसपास के एसटीपी को नेटवर्क के माध्यम से जोड़कर ट्रीटेड पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इससे थर्मल पावर प्लांटों में वर्तमान में उपयोग हो रहे ताजे पानी की बचत होगी और उस पानी का उपयोग अन्य आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों की भी विस्तृत मैपिंग की जाए। यह तय किया जाए कि किस उद्योग तक किस एसटीपी अथवा सीटीपी से ट्रीटेड पानी पहुंचाया जा सकता है और उसके लिए किस प्रकार का नेटवर्क विकसित करना होगा। भविष्य में उद्योगों में ट्रीटेड पानी के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए।

    15 दिनों में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

    बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित विभाग अगले 15 दिनों के भीतर अपनी-अपनी ट्रीटमेंट क्षमता, उपलब्ध ट्रीटेड पानी, उसके वर्तमान उपयोग, भविष्य की आवश्यकता तथा वितरण व्यवस्था का विस्तृत विवरण जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर पूरे प्रदेश के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि ट्रीटेड पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन विनय प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ यशपाल, हरियाणा पर्यटन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पार्थ गुप्ता, गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, ईआईसी दवेंद्र दहिया भी मौजूद थे।
  • ITI छात्रों को हुनरमंद बनाकर आधुनिक उद्योगों से जोड़ना है सरकार का मुख्य लक्ष्य- राज्य मंत्री गौरव गौतम

    ITI छात्रों को हुनरमंद बनाकर आधुनिक उद्योगों से जोड़ना है सरकार का मुख्य लक्ष्य- राज्य मंत्री गौरव गौतम

    आईटीआई में नई मशीनरी व उपकरणों की खरीद के लिए उच्च स्तरीय समिति की हुई बैठक चंडीगढ़: हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में पढ़ रहे छात्रों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, ताकि राज्य के युवा देश की अग्रणी एवं प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होकर उनसे जुड़ सकें। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश की आईटीआई में अत्याधुनिक मशीनरी एवं नए उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे, जिससे युवाओं को उद्योगों की तात्कालिक मांग के अनुसार आधुनिक विधाओं में पूरी तरह निपुण बनाया जा सके। हरियाणा सिविल सचिवालय में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और सुधारने तथा नए जमाने के तकनीकी संसाधनों को शीघ्रता से उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा हुई।

    डिग्री के साथ कौशल युक्त युवा ही हैं असली ताकत

    इस दौरान राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री होना ही काफी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल से युक्त युवा ही सबसे बड़ी ताकत हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार का साझा और स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के ‘हर हाथ को हुनर’ मिले। जब युवा कौशल संपन्न होंगे, तभी वे आत्मनिर्भर बनेंगे और एक विकसित व सशक्त भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।

    आईटीआई में मिलेगा और बेहतर प्रशिक्षण

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आईटीआई में आधुनिक तकनीकों के समावेश से छात्रों को न केवल बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि वे सीधे औद्योगिक क्षेत्र की मांग को पूरा करने में सक्षम होंगे। इससे प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजीव रंजन, कौशल निगम एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक सितेंद्र दूहन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  
  • नाबार्ड ने बदली हरियाणा के ग्रामीण आंचल की तस्वीर

    नाबार्ड ने बदली हरियाणा के ग्रामीण आंचल की तस्वीर

    15,056 करोड़ के निवेश से 6,175 परियोजनाओं को दी वित्तीय सहायता

    चंडीगढ़: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत लगभग 15,056 करोड़ रुपये की स्वीकृति से हरियाणा में ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। इस राशि से प्रदेशभर में 6,175 अवसंरचना परियोजनाओं को सहायता प्रदान की गई है, जिनसे सिंचाई, ग्रामीण सड़कों, पेयजल सुविधाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया गया है। इन उपलब्धियों का उल्लेख आज नाबार्ड के 45 वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान किया गया, जिसमें हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्य सचिव ने कहा कि नाबार्ड राज्य में ग्रामीण परिवर्तन को गति देने तथा कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभरा है। नाबार्ड समावेशी ग्रामीण विकास का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। राज्य की भावी प्रगति मजबूत ग्रामीण अवसंरचना, टिकाऊ कृषि, वित्तीय समावेशन तथा सशक्त सामुदायिक संस्थाओं पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों तथा जमीनी स्तर के संगठनों को मिलकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में कार्य करना होगा। अपने वित्त सचिव के कार्यकाल को याद करते हुए रस्तोगी ने कहा कि उन्हें नाबार्ड के साथ निकटता से कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने राज्य के विकास में संस्था की सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि रियायती ब्याज दरों पर नाबार्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई वित्तीय सहायता से अनेक महत्वपूर्ण ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकीं, जिसका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण समुदायों को मिला। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक तकनीकी सहयोग के साथ सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इन्हें अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक पैक्स को आर्थिक रूप से सक्षम एवं लाभकारी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे ये संस्थाएं ग्रामीण सहकारिता व्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन सकें। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ की मजबूत नींव सामूहिक प्रयासों, प्रभावी क्रियान्वयन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से ही रखी जा सकती है। उन्होंने बैंकरों एवं सरकारी अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपनी नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), स्कूलों, कॉलेजों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं का व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निरंतर सहयोग से स्थानीय संस्थाएं सशक्त होंगी, जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी तथा राज्य में समावेशी ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने हरियाणा में नाबार्ड की विकासात्मक पहलों के प्रभाव को दर्शाने वाली कॉफी टेबल बुक तथा कृषि ऋण, परियोजना मूल्यांकन एवं कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए बैंकों के उपयोगार्थ तैयार यूनिट कॉस्ट बुक का भी विमोचन किया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कारीगरों तथा महिला उद्यमियों को ग्रामीण विकास में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही एफपीओ, ओएफपीओ तथा कारीगरों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसने हरियाणा के ग्रामीण उत्पादक समूहों की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित किया। नाबार्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मुख्य महाप्रबंधक सुश्री निवेदिता तिवारी ने बताया कि संस्था ने हरियाणा में 710 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का कम्प्यूटरीकरण एवं डिजिटलीकरण कर तथा 131 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देकर किसान-स्वामित्व वाली संस्थाओं को मजबूत किया है। इन एफपीओ के माध्यम से 63,369 किसानों, जिनमें 14,017 महिलाएं शामिल हैं, को एक मंच पर लाया गया है। इससे किसानों को सामूहिक विपणन, बेहतर मूल्य प्राप्ति, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा कृषि मूल्य श्रृंखलाओं से बेहतर जुड़ाव का लाभ मिला है। संस्थागत वित्तीय पहुंच को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड ने 28 एफपीओ को 11.12 करोड़ रुपये की ऋण सहायता तथा 9 एफपीओ को 60.38 लाख रुपये की इक्विटी अनुदान सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता एवं व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। नाबार्ड ने जलवायु-अनुकूल कृषि को भी विशेष प्राथमिकता दी है। इसके तहत जलग्रहण क्षेत्र विकास, भूजल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (डीएसआर), सब्जी क्लस्टर तथा अन्य टिकाऊ कृषि पहलों को प्रोत्साहित किया गया है, जिनका उद्देश्य खेती की लागत कम करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी नाबार्ड की आजीविका संवर्धन योजनाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2022-23 से अब तक 5,010 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को डेयरी, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, हस्तशिल्प तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित हुए हैं। इस अवसर पर वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सी. जी. रजनी कान्थन, हरको बैंक के अध्यक्ष भारत भूषण जुयाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।    
  • गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा, जून अंत तक 3.3% प्रगति

    गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा, जून अंत तक 3.3% प्रगति

    संसद में केंद्र सरकार ने दी जानकारी, मिलेनियम सिटी सेंटर–साइबर सिटी–द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर निर्माण जारी

    चंडीगढ़: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत 28.5 किलोमीटर लंबे मिलेनियम सिटी सेंटर–साइबर सिटी–द्वारका एक्सप्रेसवे मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। जून 2026 के अंत तक परियोजना की 3.3 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की जा चुकी है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने संसद में दी है। जीएमडीए के प्रवक्ता ने इस संबंध में बताया कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में सांसद संजय भाटिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया है कि भारत सरकार द्वारा गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा 28.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रवक्ता ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद मिलेनियम सिटी सेंटर, साइबर सिटी और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच मेट्रो संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, यातायात जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। शहर में पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना गुरुग्राम की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ मिलेनियम सिटी सेंटर और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। इसके अलावा, यह परियोजना शहर के समग्र यातायात ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगी।
  • हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में एच.ए.डी.सी की 8वीं बोर्ड बैठक संपन्न

    हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में एच.ए.डी.सी की 8वीं बोर्ड बैठक संपन्न

    अवसंरचना और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए

    चंडीगढ़: हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री एवं हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष विपुल गोयल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ मे हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 8वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विकास, एयर एम्बुलेंस सेवाओं के विस्तार, वित्तीय प्रबंधन तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

    बैठक में राज्य में हेली एम्बुलेंस (मेडिकल, पर्यटन एवं सार्वजनिक परिवहन) सेवाओं के विस्तार पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं विभिन्न अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक स्थित मेडिकल कॉलेजों के निकट बने हेलीपैडों के उन्नयन की योजनाओं की समीक्षा की गई।

    बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में चल रही सभी उड्डयन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके।

    बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता, नागरिक उड्डयन विभाग के महानिदेशक एवं सचिव अंशज सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यश पाल तथा हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त निदेशक मनीष कुमार लोहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

     

  • हरियाणा ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण मानदंडों में किया संशोधन

    हरियाणा ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण मानदंडों में किया संशोधन

    मौजूदा 20 प्रतिशत आरक्षण का श्रेणीवार विभाजन

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को दिए जा रहे मौजूदा 20 प्रतिशत आरक्षण का श्रेणीवार वितरण निर्धारित करते हुए अपनी आरक्षण नीति में संशोधन किया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूर्व अग्निवीरों को सीधी भर्ती में आरक्षण प्रदान करने संबंधी सरकार के 20 अगस्त, 2025 के पूर्व आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए जारी किए गए हैं। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों के लिए कुल 20 प्रतिशत आरक्षण यथावत रहेगा, लेकिन अब इसका श्रेणीवार विभाजन अधिसूचित कर दिया गया है। यह व्यवस्था पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड), कारागार विभाग में प्रिजन वार्डर तथा खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पदों पर सीधी भर्ती में लागू होगी। संशोधित श्रेणीवार विभाजन के अनुसार, 2 प्रतिशत आरक्षण वंचित अनुसूचित जाति (डीएससी), 2 प्रतिशत अन्य अनुसूचित जाति (ओएससी), 3 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग-ए (बीसी-ए), 2 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग-बी (बीसी-बी), 2 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) तथा शेष 9 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित किया गया है। इस प्रकार पूर्व अग्निवीरों के लिए कुल आरक्षण 20 प्रतिशत रहेगा। अधिसूचना में प्रत्येक श्रेणी के लिए पृथक रोस्टर प्वाइंट्स भी निर्धारित किए गए हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान आरक्षण नीति का राज्यभर में एकरूप एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। संशोधित निर्देशों की प्रति सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को अनुपालन हेतु भेजी गई है।  
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब दौरे के दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचे

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब दौरे के दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचे

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को अपने पंजाब दौरे के दौरान जालंधर के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचकर संस्थान के संस्थापक एवं प्रमुख दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि संत-महापुरुष समाज को सत्य, सेवा, आध्यात्मिकता और मानवता का मार्ग दिखाते हैं तथा उनके विचार समाज में सद्भाव, संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।

    मुख्यमंत्री ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आध्यात्मिक जागरूकता, मानव सेवा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं से भी भेंट की।

     

  • नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए – राजेश नागर

    नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए – राजेश नागर

    बैठक में रखे कुल 13 परिवादों में से मंत्री ने किया 11 का मौके पर ही समाधान

    चण्डीगढ़: हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति भिवानी की आयोजित मासिक बैठक में 13 परिवादों की सुनवाई की, जिनमें 11 परिवादों का मौके पर ही समाधान किया। नागर ने भिवानी में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुंढाल खुर्द निवासी ऋषिकेश के डाकघर से आरडी खाते से जुड़े एक मामले में घोर लापरवाही बरते जाने पर सख्त कार्रवाई जाने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की जांच पुलिस आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने के निर्देश दिए। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने नागरिकों को निर्बाध रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति आने वाले फाल्ट को तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए और पेयजल की लीकेज को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि लोगों को पीने के लिए साफ पानी मिल सके। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री ने स्थानीय फैंसी चौक निवासी धर्म सिंह के परिवाद की सुनवाई में मामले की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को त्वरित कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामलों में तीन अगस्त को मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई कर दी जाएगी। ग्वार फैक्ट्री के पास सेवा नगर निवासी महाबीर के मामले की सुनवाई करते हुए उन्होंने पुलिस की सहायता से पाइप लाइन डालकर पेयजल समस्या के समाधान के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में नागर ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को ग्रीन बेल्ट की खाली जगह पर पार्क विकसित करने और इससे पहले नगर परिषद को यहां दो दिन के अंदर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में गंदे पानी की समस्या की सुनवाई करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को आगामी दस दिन में समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को वार्ड वाइज सर्वे कर पानी की लीकेज लाईनों की पहचान की जाए। उन्होंने शहर में नालों की सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किए जाने के मामलों की एडीसी द्वारा जांच किए जाने के निर्देश दिए। नूनसर जोहड़ भिवानी निवासी पदमावती के परिवाद की सुनवाई पर मंत्री ने मामले में गैर सरकारी दो सदस्यीय कमेटी द्वारा जांच कर रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए।