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  • राज्य प्रशासन में बड़ा फैसला, कई आईएएस अधिकारियों को मिला उच्च पद

    राज्य प्रशासन में बड़ा फैसला, कई आईएएस अधिकारियों को मिला उच्च पद

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को मुख्य सचिव ग्रेड (पे मैट्रिक्स के लेवल-17) में पदोन्नत किया है। पदोन्नति उपरांत मिश्रा अपने वर्तमान पदभार एवं दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।

    इसके अलावा, 2001 बैच के चार आईएएस अधिकारियों को हायर एडमिनिस्टेªटिव ग्रेड (पे मैट्रिक्स के लेवल-15) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में विजय सिंह दहिया और अमनीत पी. कुमार शामिल हैं। केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण विकास गुप्ता और पंकज यादव को परफाॅर्मा प्रमोशन दी गई है।

    इसके प्रकार, 2010 बैच के पांच आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मैट्रिक्स लेवल-14) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में प्रभजोत सिंह, राजनारायण कौशिक, जितेन्द्र कुमार और हेमा शर्मा शामिल हैं। केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर होने के चलते डाॅ. गरिमा मित्तल को परफाॅर्मा प्रमोशन दी गई है।

    साथ ही, 2013 बैच के आठ आईएएस अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड (पे मैट्रिक्स लेवल-13) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में पार्थ गुप्ता, अजय कुमार, प्रदीप दहिया, संगीता तेतरवाल, मनदीप कौर, प्रतिमा चैधरी और वीरेन्द्र कुमार दहिया शामिल हैं। केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर होने के चलते निशांत कुमार यादव को परफाॅर्मा प्रमोशन दी गई है।

    इसके अलावा, 2017 बैच के नौ आईएएस अधिकारियों को जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (पे मैट्रिक्स लेवल-12) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वालों में विश्राम कुमार मीणा, स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, साहिल गुप्ता, डाॅ. वैशाली शर्मा, महाबीर प्रसाद, महेन्द्रपाल, सतपाल शर्मा, अमर दीप सिंह और सुशील कुमार शामिल हैं।

    साथ ही, 2022 बैच के सात आईएएस अधिकारियों को सीनियर टाइम स्केल (पे मैट्रिक्स के लेवल-11) में पदोन्नत किया गया है। पदोन्नत किए गए अधिकारियों में अंकित कुमार चैकसे, अंजली श्रोत्रिया, अर्पित सांगल, ज्योति, डॉ. राहुल, शाश्वत सांगवान तथा उत्सव आनंद शामिल हैं।

  • हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को तेजी से पूरा करना सरकार का लक्ष्य: मुख्यमंत्री नायब सैनी

    हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को तेजी से पूरा करना सरकार का लक्ष्य: मुख्यमंत्री नायब सैनी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार प्रदेश को विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की ओर अग्रसर है। नव वर्ष में इस अभियान को नई गति देने का कार्य किया जाएगा। राज्य सरकार अंत्योदय उत्थान के साथ साथ इस नए वर्ष में अंत्योदय के तीन मूल लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर कार्य करेगी।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा भी उपस्थित रहे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य महिला सशक्तिकरण करने का है। इसमें दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के माध्यम से सभी पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत अब तक 8 लाख महिलाओं को दो किस्तों में 250 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से आग्रह किया है कि इस योजना के तहत पात्र महिलाएं पंजीकरण कर इस योजना के साथ जुड़े और इसका लाभ उठाएं।

    राज्य सरकार का दूसरा लक्ष्य युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार प्रदान करना है। सरकार ने 2026 के लिए ड्रिवन रोड मैप तैयार किया है। इसके तहत गुरुग्राम और पंचकूला में हरियाणा एआई मिशन केंद्र स्थापित किए जाएंगे और इन केंद्रो में युवा भविष्य की तकनीक जैसे एआई, कुशल रोबोटिक में निपुण बन सकेंगे। सरकार इस पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज ही पुलिस विभाग के 5500 कांस्टेबल की भर्ती का विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रकृति के अनुकूल खेती करने का तीसरा लक्ष्य रखा है। इसके तहत धान के स्थान पर अन्य फसलें उगाने पर किसानों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना के तहत एक लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के तहत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    इसी वर्ष में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को तेजी से पूर्ण करवाना भी सरकार का लक्ष्य है। यह प्रोजेक्ट बेहतर कनेक्टिविटी के नए आयाम स्थापित करेगा, जिससे दिल्ली के चारों और एनसीआर क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे ही कई नई परियोजनाओं को नए वर्ष में गति देने का काम करेगी।

    क्षेत्र के समुचित विकास और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने के लिए सरकार ने कुंजपुरा (करनाल), मतलौडा ( पानीपत) और शहजादपुर (अंबाला) को नगर पालिका का दर्जा दिया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अंत्योदय (सेवा) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिवअनुपमा, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे।

     

  • हरियाणा पुलिस भर्ती 2026: 5500 कांस्टेबल पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी

    हरियाणा पुलिस भर्ती 2026: 5500 कांस्टेबल पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी

    चंडीगढ़: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने विज्ञापन संख्या 01/2026 जारी करते हुए CET फेज-II के अंतर्गत हरियाणा पुलिस कांस्टेबल (पुरुष, महिला एवं हरियाणा रेलवे पुलिस) पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती विज्ञापन के अंतर्गत कुल 5500 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 4500 पद पुरुष कांस्टेबल, 600 पद महिला कांस्टेबल तथा 400 पद हरियाणा रेलवे पुलिस के लिए हैं। यह जानकारी आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने दी।

    उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 25 जनवरी 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक चलेगी। इस भर्ती प्रक्रिया में किसी भी श्रेणी के अभ्यर्थियों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

    हिम्मत सिंह ने बताया कि बीसीए, बीसीबी एवं ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए सहायक प्रमाण-पत्र 01 अप्रैल 2025 से 25 जनवरी 2026 के बीच जारी होना अनिवार्य है, जबकि डीएससी एवं ओएससी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए सहायक प्रमाण-पत्र 13 नवंबर 2024 के बाद और अंतिम तिथि तक जारी होना चाहिए।

    उन्होंने आगे बताया कि पूर्व सैनिक (ESM) के पारिवारिक सदस्यों के लिए पात्रता प्रमाण-पत्र 12 जनवरी 2025 के बाद जारी अथवा नवीनीकृत होना आवश्यक है।

    आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में विज्ञापन संख्या 14/2024 के अंतर्गत आवेदन किया था, उन्हें भी इस भर्ती प्रक्रिया के लिए नया आवेदन करना अनिवार्य होगा तथा उन्हें नियमानुसार आयु में छूट (Age Relaxation) प्रदान की जाएगी।

    एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की तिथि एवं परीक्षा तिथि की जानकारी आयोग द्वारा बाद में अलग से जारी की जाएगी। हिम्मत सिंह ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की कि वे आवेदन करने से पहले विज्ञापन में दिए गए सभी निर्देशों एवं संलग्नकों (Annexures) को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

    उन्होंने विशेष रूप से अभ्यर्थियों से आग्रह किया कि वे अपना आवेदन पत्र स्वंय भरें और किसी भी सीएससी सेंटर या अन्य माध्यम से आवेदन न करवाएं। उन्होंने साफ किया कि यदि आवेदन पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर वह निरस्त हो जाता है, तो उसे सुधारने के लिए कोई करेक्शन पोर्टल नहीं खोला जाएगा। ऐसा आवेदन अंतिम माना जाएगा और स्वतः निरस्त हो जाएगा। अतः अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की गलती से बचने के लिए आवेदन अत्यंत सावधानीपूर्वक स्वयं ही भरें।

  • भूमि क्षरण और सूखे से निपटने के लिए अरावली संरक्षण पर हरियाणा सरकार की बड़ी पहल

    भूमि क्षरण और सूखे से निपटने के लिए अरावली संरक्षण पर हरियाणा सरकार की बड़ी पहल

    चंडीगढ़: हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण के प्रति पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार हरियाणा अरावली ग्रीन वॉल परियोजना पर प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और सूखे जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस परियोजना को वर्ष 2030 तक क्रियान्वित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है। वन मंत्री ने कहा कि हरियाणा वह पावन भूमि है जहाँ से वैदिक सभ्यता की शुरुआत हुई, वेदों की रचना हुई और जहां भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध से पूर्व गीता का दिव्य उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी ऐतिहासिक पहलें शुरू की गईं, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया है। ये पहलें वैश्विक, राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर लोगों को स्थायी जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने ऑक्सी वन, प्राण वायु देवता योजना और वन मित्र योजना जैसी अभिनव पहलें शुरू की हैं, जिनके माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। ये योजनाएं अरावली संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कड़ी साबित होंगी। वन मंत्री ने बताया कि दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नारनौल, चरखी दादरी, बाढड़ा, लोहारू और केरू क्षेत्रों में जाटी एवं रोहिड़ा जैसे स्थानीय वृक्षों के संरक्षण के लिए किसानों को प्राण वायु देवता योजना की तर्ज पर वार्षिक मानदेय देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, ताकि अरावली क्षेत्र में हरियाली बनी रहे और स्थानीय लोग संरक्षण से सीधे जुड़ सकें।

    अरावली हरियाणा के पर्यावरणीय संतुलन की रीढ़

    राव नरबीर सिंह ने कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला का हरियाणा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पारिस्थितिक महत्व है। यह पर्वतमाला मरुस्थलीकरण के विरुद्ध एक प्राकृतिक ढाल के रूप में कार्य करती है तथा जैव विविधता, जल सुरक्षा और जलवायु संतुलन का महत्वपूर्ण स्रोत है। अरावली भूजल पुनर्भरण, वायु गुणवत्ता सुधार, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में आजीविका को सहारा देने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला को विश्व स्तर पर एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के परिदृश्य के रूप में स्वीकार किया गया है, जो मानव और प्रकृति के गहरे संबंध का प्रतीक है। वन मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार अरावली ग्रीन वॉल परियोजना के माध्यम से राजस्थान, गुजरात और दिल्ली सहित सभी अरावली राज्यों के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम अरावली जैव विविधता पार्क जैसी परियोजनाएं पारिस्थितिकी तंत्र बहाली का सफल मॉडल हैं, जिसे भारत का पहला ओईसीएम (अन्य प्रभावी क्षेत्र आधारित संरक्षण उपाय) भी घोषित किया गया है, जो आईयूसीएन के वैश्विक दिशानिर्देशों की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि जहां युवाओं को इस नेक कार्य से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य भर में ग्राम स्तर पर वन मित्रों की नियुक्ति की गई है। वहीं, प्राण वायु देवता योजना के तहत 75 वर्ष से अधिक आयु के वृक्षों को ₹2500 वार्षिक पेंशन दी जा रही है। शहरी क्षेत्रों में वायु शुद्धता बढ़ाने और मरुस्थलीकरण रोकने के लिए ऑक्सी वन स्थापित किए जा रहे हैं। राव नरबीर सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर दी गई नई परिभाषा का हरियाणा स्वागत करता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अरावली क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से को संरक्षित रखने का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार का उद्देश्य अरावली क्षेत्र में हरित रोजगार सृजन, जन भागीदारी बढ़ाना और जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण अनुकूल संसाधन प्रबंधन को सशक्त बनाना है।
  • हरियाणा में जापान निवेश से कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में होगी तरक्की

    हरियाणा में जापान निवेश से कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में होगी तरक्की

    चंडीगढ़: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ अक्टूबर माह में किया गया जापान दौरा निवेश की दृष्टि से अत्यंत सफल रहा है। इस दौरे के परिणामस्वरूप हरियाणा में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनसे प्रदेश में कृषि, पर्यावरण और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होगी।

    उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार एमओयू के अनुरूप जापानी कंपनियों को शीघ्र ही जमीन व अन्य आवश्यक दस्तावेज सौंपेगी। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए सरकार का एक प्रतिनिधि जल्द ही जापान जाएगा। जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कल ही वर्चुअल माध्यम से हरियाणा सरकार के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की है।

    उद्योग मंत्री ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अवगत कराया गया कि 8 जापानी कंपनियों के सीईओ ने हरियाणा में निवेश के लिए सहमति प्रदान की है और अब एमओयू के अनुसार आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। जापानी कंपनियों की आवश्यकताओं और इच्छानुसार उन्हें भूमि उपलब्ध करवाई जा रही है।

    राव नरबीर सिंह ने कहा कि नव वर्ष से पूर्व जापानी कंपनियों द्वारा निवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की सहमति प्रदेश के औद्योगिक विकास के प्रति एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। इससे विशेष रूप से कृषि एवं पर्यावरणीय क्षेत्रों में नवीन तकनीक, आधुनिक अवसंरचना और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि जापान की सबसे बड़ी विशेषता उसकी वचनबद्धता और कार्यसंस्कृति है। वहां की कंपनियां जो वायदा करती हैं, उसे निर्धारित समय में पूरी निष्ठा के साथ धरातल पर उतारती हैं, और जापानी कंपनियों ने इसे तीन महीने से भी कम समय में सिद्ध कर दिखाया है।

    उद्योग मंत्री ने कहा कि हरियाणा में जापानी निवेश का यह सिलसिला नया नहीं है। वर्ष 1980 में जब वे पहली बार मंत्री बने थे, तभी मारुति उद्योग लिमिटेड ने पुराने गुड़गांव में अपनी पहली इकाई स्थापित की थी। आज प्रदेश में 500 से अधिक जापानी कंपनियां सक्रिय हैं, जो हरियाणा की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह निवेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

    उन्होंने बताया कि कुबोटा ट्रैक्टर कंपनी हरियाणा के कृषि विकास में अहम भूमिका निभाएगी, जबकि पर्यावरणीय क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट मोबिलिटी, ग्रीन बिल्डिंग और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से शहरों का समग्र विकास होगा और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार आएगा।

    राव नरबीर सिंह ने कहा कि जापान दौरे के दौरान एआईएसआईएन, एयर वाटर, टीएएसआई, नम्बूब, डेंसो, सोजित्ज़, निसिन, कावाकिन, डाइकिन और टोप्पन जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ हुए समझौतों से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसर खुलेंगे।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने वर्ष 2025-26 के बजट अभिभाषण में 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित करने की घोषणा की है, जिनमें से पांच को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण है कि इनमें से एक आईएमटी विशेष रूप से जापानी कंपनियों के सहयोग से विकसित की जाए, और जापानी कंपनियों की निवेश सहमति इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके साथ ही स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी–2025 का ड्राफ्ट भी शीघ्र तैयार किया जा रहा है।

     

  • हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य सुधारों की केंद्रीय मंत्री ने की प्रशंसा

    हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य सुधारों की केंद्रीय मंत्री ने की प्रशंसा

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा से उनके नई दिल्ली स्थित कार्यालय में बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा में संचालित प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हरियाणा सरकार के प्रयासों की सराहना की।

    “टीबी-मुक्त हरियाणा” पर जोर

    बैठक में टीबी मुक्त भारत / टीबी मुक्त हरियाणा अभियान के अंतर्गत राज्य के प्रदर्शन को सराहा गया। केंद्रीय मंत्री ने निक्षय पोषण योजना को और मजबूत करने, निक्षय मित्रों की भागीदारी बढ़ाने तथा एक्स-रे जांच कवरेज का विस्तार करने की सलाह दी। फरवरी माह में 100-दिवसीय टीबी अभियान को पुनः शुरू किया जाएगा, जिसमें सांसदों, विधायकों, जिला समितियों और उपायुक्तों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    दवाइयों और जांच सेवाओं में बेहतर उपलब्धता

    हरियाणा की आवश्यक दवा सूची (EDL) में राष्ट्रीय सूची की तुलना में अधिक दवाइयां शामिल हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता 90 प्रतिशत से अधिक तथा कुल अणु (मॉलिक्यूल) उपलब्धता 80 प्रतिशत से ऊपर पाई गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने सराहनीय बताया। जांच सेवाओं की बात करें तो उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 13 प्रकार की जांच, जबकि जिला अस्पतालों में सूचीबद्ध 134 में से 108 जांचें उपलब्ध हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भी बड़ी संख्या में जांच सेवाएं दे रहे हैं। इन सेवाओं को हब एंड स्पोक मॉडल के माध्यम से और मजबूत करने का सुझाव दिया गया।

    मानव संसाधन और बजट संरचना पर चर्चा

    बैठक में चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने और उनकी तैनाती को सुव्यवस्थित करने पर बल दिया गया। वर्तमान में हरियाणा अपने स्वास्थ्य बजट का लगभग 70 प्रतिशत वेतन पर खर्च करता है। इसे अन्य राज्यों के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से 50 प्रतिशत तक लाने के लिए युक्तिसंगत भर्ती और योजना बनाने की सलाह दी गई।

    ड्रग सप्लाई पोर्टल और एफडीए सुधार

    राज्य को सलाह दी गई कि दवा उपलब्धता पोर्टल को उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक पूर्ण रूप से लागू किया जाए, ताकि आम जनता को दवाओं की उपलब्धता की जानकारी मिल सके। लंबित मैपिंग कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जानकारी दी गई कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के तहत प्रमुख पदों पर प्रतिनियुक्ति आधारित नियुक्तियां की गई हैं तथा गुणवत्ता नियंत्रण के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं।

    चिकित्सा शिक्षा और पीपीपी पर फोकस

    भिवानी में मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज के संचालन शुरू होने की जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा में यूजी और पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने की सलाह दी। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा स्थापित पीपीपी सेल के साथ समन्वय कर डायग्नोस्टिक एवं अन्य सेवाओं में साझेदारी के अवसर तलाशने को कहा गया।

    केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई राज्य की मांगें

    बैठक में हरियाणा सरकार ने केंद्र के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें हिसार में समर्पित टीबी अस्पताल, सीबीएनएएटी कार्ट्रिज की निर्बाध आपूर्ति, सर्वाइकल कैंसर रोकथाम हेतु एचपीवी वैक्सीन, कैंसर और एनसीडी प्रबंधन के लिए पीईटी/स्पेक्ट सुविधाएं, 15वें वित्त आयोग के समर्थन का विस्तार, दक्षिण हरियाणा के लिए लक्षित बुनियादी ढांचा सहायता, अतिरिक्त एम्बुलेंस, नवजात देखभाल इकाइयों (SNCU) का विस्तार, जिला स्तर पर मैमोग्राफी, ऑडियोलॉजी क्लीनिक, विशेष रोग क्लीनिक, फाइब्रोस्कैन सुविधाएं तथा सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए एकीकृत आईटी प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

    उपलब्धियों की सराहना

    केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने हरियाणा में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में कमी तथा 400 प्रतिशत से अधिक पूर्ण टीकाकरण कवरेज (FIC) हासिल करने पर राज्य की विशेष प्रशंसा की। बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग देती रहेगी।  
  • हरियाणा सरकार का प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ बड़ा कदम

    हरियाणा सरकार का प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ बड़ा कदम

    चंडीगढ़: हरियाणा के पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक पॉलीथिन का विनिर्माण तथा उपयोग वर्ष 2013 से प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इसका इस्तेमाल प्रदूषण की बड़ी समस्या का कारण बन रहा है। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पॉलीथिन के नुकसान के बारे में आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए। इस अभियान में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन, उद्योग एवं वाणिज्य और शहरी स्थानीय निकाय विभाग की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान की शुरुआत शहरों से की जाए और इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना एक महीने के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

    राव नरबीर सिंह आज यहां अपने कार्यालय में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बोर्ड के चेयरमैन श्री विनीत गर्ग सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं नामित नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

    पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उद्योगों का व्यक्तिगत निरीक्षण अवश्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग लगाने या एनओसी के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन आने पर क्षेत्रीय अधिकारी सभी आपत्तियां एक ही बार में दर्ज करें। बार-बार अलग-अलग आपत्तियां लगाने से उद्योग लगाने वालों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है और उन्हें कई बार बोर्ड के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसी स्थिति को हर हाल में रोका जाए।

    बैठक में मंत्री को अवगत कराया कि हरियाणा में यमुना नदी में कुल 11 मुख्य ड्रेन मिलती हैं जिनके माध्यम से उद्योगों का दूषित पानी पहुंचता है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सीईटीपी और एसटीपी से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाए। रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा के एसटीपी पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए गए।

    उन्होंने कहा कि मसानी बैराज के निकट लगभग 25–26 गांवों में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सिंचाई विभाग पाइपलाइन के माध्यम से इस पानी की निकासी कर इसे राजस्थान की ओर बहने वाली नदी तक पहुंचाने की योजना तैयार करे और इस पानी को उपचारित कर कृषि में पुन: उपयोग किया जाए। इससे खोल और बावल खंड के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा नहरी पानी की कमी भी काफी हद तक दूर होगी।

    राव नरबीर सिंह ने साफ कहा कि रेड, ऑरेंज और ग्रीन कैटेगरी के उद्योगों के लाइसेंस नवीनीकरण से पहले भी क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा साइट पर जाकर व्यक्तिगत निरीक्षण किया जाना चाहिए। केवल कार्यालय में बैठकर दलालों के माध्यम से खानापूर्ति किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगी।

    बैठक के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने मंत्री को आश्वस्त किया कि वे आगामी सप्ताह में पानीपत, सोनीपत, झज्जर और गुरुग्राम स्थित एसटीपी का स्वयं निरीक्षण करेंगे और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे।

     

  • हरियाणा में NEP–2020 कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार–2025 का आयोजन 29 दिसंबर को

    हरियाणा में NEP–2020 कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार–2025 का आयोजन 29 दिसंबर को

    चंडीगढ़: हरियाणा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (एनईपी–2020) के प्रभावी कार्यान्वयन को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को सम्मानित करने के उद्देश्य से “हरियाणा राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार–2025” का आयोजन 29 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। यह सम्मान समारोह स्वर्ण जयंती भवन, सेक्टर–3, पंचकूला में आयोजित होगा।

     एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि समारोह की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा करेंगे।  इस अवसर पर हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (वाइस चांसलर्स) को आमंत्रित किया गया है, जो राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एनईपी–2020 के सफल क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों और उपलब्धियों को साझा करेंगे।

    उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, नवाचार को बढ़ावा देना तथा नीति के विभिन्न प्रावधानों—जैसे समग्र शिक्षा, कौशल विकास, बहुविषयक दृष्टिकोण और डिजिटल शिक्षा—के प्रभावी अनुपालन को रेखांकित करना है। समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे शिक्षा सुधारों को और गति मिलने की उम्मीद है।

  • नेपाल एपीएफ के 19 अधिकारियों ने CISF मुख्यालय में लिया अध्ययन कार्यक्रम में हिस्सा

    नेपाल एपीएफ के 19 अधिकारियों ने CISF मुख्यालय में लिया अध्ययन कार्यक्रम में हिस्सा

    चण्डीगढ़: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने गत दिनों नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के 19 अधिकारियों के लिए एक अध्ययन कार्यक्रम आयोजित किया गया। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य का एकमात्र अर्धसैनिक बल है, जिसे आंतरिक सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा तथा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का दायित्व सौंपा गया है।

    यह संवाद कार्यक्रम सीआईएसएफ मुख्यालय, नई दिल्ली के सम्मेलन कक्ष में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्री विजय प्रकाश, अतिरिक्त महानिदेशक ने की। अपने संबोधन में श्री विनय काजला, उप महानिरीक्षक ने अधिकारियों को देश की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षित सुरक्षा सुनिश्चित करने में सीआईएसएफ की भूमिका, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।

    अतिरिक्त महानिदेशक ने बताया कि सीआईएसएफ यह विशिष्ट परामर्श सेवा निजी, सरकारी एवं अर्ध-सरकारी संस्थानों को नाममात्र शुल्क पर प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पड़ोसी देश के साथ पेशेवर सहयोग तथा द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करना है।

  • विकसित हरियाणा के निर्माण का संकल्प, सुशासन दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश

    विकसित हरियाणा के निर्माण का संकल्प, सुशासन दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सुशासन एक विकसित भारत और एक विकसित हरियाणा बनाने के लिए सबसे मजबूत स्तंभ है। राज्य सरकार अपनी सेवाओं को एक मिशन के रूप में ले रही है और हम ऐसा हरियाणा बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं, जहां न्याय सुलभ हो, सेवा त्वरित हो और हर नागरिक सशक्त हो, यही सच्चा सुशासन है। मुख्यमंत्री गुरुवार को पंचकूला में आयोजित राज्य-स्तरीय सुशासन दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हर साल की तरह आज भी पूरे राज्य में ‘सुशासन दिवस’ मनाया जा रहा है। पंचकूला के इस राज्य स्तरीय समारोह सहित सभी 23 जिलों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके अलावा, आधिकारिक रूप से दो दिन पहले ही बने नए जिले हांसी में भी आज सुशासन दिवस का भव्य कार्यक्रम हो रहा है। 23वें जिले का गठन इसलिए किया है, ताकि लोगों को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर न जाना पड़े और उस क्षेत्र का तेजी से विकास हो। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के राष्ट्र को समर्पित जीवन और उनकी अमूल्य सेवाओं को याद करते हुए दोनों महान विभूतियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों व सिद्धांतों की याद दिलाता है। उनके लिए सत्ता सेवा का माध्यम थी और शासन जन-कल्याण का पर्याय था। उन्होंने अपने चिंतन, कर्मों और दूरदर्शिता से भारत को नई दिशा और पहचान दी। उन्होंने भारत को सशक्त बनाने के लिए सशक्त नीतियों की नींव रखी। इससे उस विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिसका संकल्प प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि बुधवार को ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंचकूला में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही, उनके जीवन पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन और रक्तदान शिविर का उद्घाटन करके उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों के विचारों से प्रेरित होकर, आज हम एक ऐसे ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के निर्माण के लिए अग्रसर हैं, जहां शासन पारदर्शी हो, निर्णय समयबद्ध हों और नागरिक कल्याण नीतियों के केंद्र में हों। उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य केवल नियम-कानून बनाना नहीं है, बल्कि आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब सरकार की योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं। जब लाभार्थी को उसके अधिकार के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। जब व्यवस्था भरोसे और संवेदनशीलता के साथ काम करती है, तभी सच्चा सुशासन स्थापित होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत जिस परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उसके अनुसार विज़न स्पष्ट है। डिजिटल, डेटा-आधारित और जन-केंद्रित प्रशासन सरकार की नीतियों के केंद्र में है। टेक्नोलॉजी को हमने केवल सुविधा नहीं, बल्कि परिवर्तन का साधन बनाया है। डिजिटल इंडिया, डी.बी.टी., ऑनलाइन व समयबद्ध सेवा वितरण, इन सभी ने शासन को तेज़, सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया है।

    वर्ष 2014 में सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन से सुशासन और सुशासन से सेवा का जो अभियान शुरू किया, उस पर ही जनता ने लगातार तीसरी बार दिया जनादेश

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का महत्व इस बात में निहित है कि यह लोकतंत्र को अधिक जीवंत बनाता है। अच्छा शासन सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करता है। प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे में जो सुधार आज दिख रहे हैं, वे सुशासन के ही ठोस परिणाम हैं। लेकिन, हमें केवल इन्हीं से संतुष्ट नहीं होना है, हमें सुशासन के लिए समय की जरूरत के अनुसार अपनी कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार करते रहना होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, वर्ष 2014 में जनसेवा का दायित्व संभालते ही सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन से सुशासन और सुशासन से सेवा का अपना अभियान शुरू किया था। इस अभियान की सफलता नीयत और नीति पर निर्भर करती है। सुशासन के लिए सेवा की नियत होनी चाहिए और नीतियां भी ऐसी होनी चाहिए कि उनमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न हो। इस अभियान में अनेक पहले की गई। उन्होंने कहा कि साफ नियत और सही नीतियों के बलबूते हमने सुशासन के इस अभियान में सफलता हासिल की है। इस सफलता को प्रदेशवासियों ने भी अपना भरपूर समर्थन दिया है और लगातार तीसरी बार जनादेश दिया गया है। यह जनादेश विधानसभा चुनाव-2024 के संकल्प पत्र पर जनता की मुहर है। सरकार ने अपने संकल्प-पत्र के 217 में से 54 वादों को गत 13 महीनों में ही पूरा कर दिखाया है। यही नहीं, शेष 163 वादों पर काम प्रगति पर है।

    वर्तमान सरकार ने एक-एक कर भ्रष्टाचार के सभी रास्तों को बंद किया

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहले की सरकारों में भय, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद का बोलबाला था। वर्तमान सरकार ने एक-एक कर भ्रष्टाचार के सभी रास्तों को बंद किया है। चाहे सी.एल.यू. के नाम पर लूट को बंद करना हो, सरकारी नौकरियां सिर्फ मेरिट बेस पर देने का काम हो, कर्मचारियों के तबादलों को ऑनलाइन करना हो, चाहे मिट्टी के तेल के खेल को बंद कर हर गरीब को मुफ्त गैस सिलेंडर देने की सोच हो या फिर गरीबों के राशन, पेंशन, वजीफों, सब्सिडी में चल रहे फर्जीवाड़े को बंद करने की बात हो, सरकार ने हर स्तर पर पारदर्शी तरीके से काम किया है।

    डिजिटल पहलों के आधार पर ही हरियाणा आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने डिजिटल तकनीक को शासन का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि हरियाणा आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के सभी विभागों और जिलों में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य शुरू कर प्रशासन को पेपरलेस, तेज और पारदर्शी बनाया है। डिजी लॉकर को अपनाने में हरियाणा ने नेतृत्व किया है। जनता की आवाज सीधे सरकार तक पहुंचे, इसके लिए सीएम विंडो एक सशक्त माध्यम बनी है। इसके जरिए 14 लाख 15 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान किया है। समाधान शिविरों में भी अधिकारी तय समय में जनता की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ‘फ्यूचर डिपार्टमेंट’ का गठन और आधार नामांकन में राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान हरियाणा की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प स्पष्ट है तकनीक के माध्यम से सेवा, नीति के माध्यम से न्याय और विकास के माध्यम से हर नागरिक के जीवन में विश्वास और समृ‌द्धि का संचार। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी कहते थे कि सरकारें आएंगी जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी, मगर यह देश रहना चाहिए। इसी भाव के साथ सुशासन दिवस पर उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में शासन अब आदेश नहीं, सेवा है। प्रक्रिया नहीं, परिणाम है और सत्ता नहीं, उत्तरदायित्व है।

    सुशासन एक ऐसी व्यवस्था है जो नागरिक और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करती है

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि लगभग 21 महीने की अल्पावधि में मुख्यमंत्री ने अपने अथक परिश्रम और मृदु व्यवहार के चलते एक कर्मठ और लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में अपनी छवि बनाई है। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, जिनके लिए सुशासन का अर्थ अन्तिम व्यक्ति तक सरकार का पहुंचना। उन्होंने कहा कि सुशासन एक ऐसी व्यवस्था है जो कि नागरिक और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय शासन प्रणाली वही है, जिसमें पारदर्शिता हो, जवाबदेही हो, जनसहभागिता हो, प्रशासनिक दक्षता हो और संवेदनशीलता हो। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा प्रदेश ने जो प्रशासनिक सुधार किए हैं, वे वास्तव में क्रांतिकारी है। डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में प्रदेश ने जो लंबी छलांग लगाई है, उससे हरियाणा अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गया है। उन्होंने कहा कि सुशासन एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह प्रक्रिया कभी भी समाप्त न हुई है, न होगी। इसलिए हमें भविष्य की चुनौतियों के लिए हमेशा तैयार रहना होगा और यह संकल्प लेना होगा कि हम निरंतर सुशासन के लिए अपने प्रदेश को आगे ले जाने के लिए, नागरिकों की सुविधाओं के लिए कार्य करते रहें।

    मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव पी.सी. मीणा ने मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों का कार्यक्रम में भाग लेने के लिए धन्यवाद किया

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, सूचना जनसंपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, निदेशक पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।