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  • वायु प्रदूषण रोकने के लिए हरियाणा में जल्द शुरू होंगी नई पहल

    वायु प्रदूषण रोकने के लिए हरियाणा में जल्द शुरू होंगी नई पहल

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए किए जा रहे उपायों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में खेत में पराली प्रबंधन से लेकर स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, शहरों में धूल नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन और औद्योगिक अनुपालन तक विभिन्न पहलों की समीक्षा की गई।

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की गई इस समीक्षा बैठक में एक्शन टेकन रिपोर्ट का आकलन करने के साथ-साथ वर्ष 2025-26 के लिए राज्य और शहर स्तरीय कार्य योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, पानीपत, रोहतक और मानेसर सहित एनसीआर के नगर निगमों के लिए शहर-विशिष्ट रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक में बताया गया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया है। वर्ष 2018-19 से अब तक 932 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक मशीनें किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे गांवों में धान की पराली का इन-सीटू प्रबंधन संभव हो पाया। छोटे और सीमांत किसानों को समय पर मशीनरी उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है।

    इसके साथ ही एक्स-सीटू उपयोग में भी तेजी आई है और धान की पराली का उपयोग पेलेटाइजेशन यूनिट्स, थर्मल पावर प्लांटों, ईंट भट्टों और उद्योगों में किया जा रहा है। झज्जर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, फतेहाबाद और पानीपत में स्थापित कम्प्रैस्ड बायो गैस प्लांट बड़ी मात्रा में पराली का उपयोग कर रहे हैं और कृषि अवशेषों को स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तित कर रहे हैं।

    दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित थर्मल पावर प्लांटों ने बायोमास को-फायरिंग में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। नवंबर 2025 तक सभी चालू इकाइयों ने छह प्रतिशत से अधिक बायोमास को-फायरिंग प्राप्त कर ली है। इनमें कम से कम 50 प्रतिशत धान की पराली शामिल है। खेदड़, पानीपत, यमुनानगर और झज्जर के संयंत्रों में बायोमास खपत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। गैर-एनसीआर जिलों में ईंट भट्टों ने भी अनिवार्य 20 प्रतिशत बायोमास को-फायरिंग शुरू कर दी है।

    इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कार्यक्रम में भी तेजी आई है। विभिन्न खरीद मॉडल्स के तहत 800 से अधिक नई इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके साथ ही, पुरानी बीएस-तीन और बीएस-चार डीजल बसों को एनसीआर जिलों से बाहर स्थानांतरित किया गया है।

    शहरी धूल नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है। एनसीआर शहरों में चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर मैकेनिकल रोड स्वीपर, वाटर स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं। प्रमुख सड़कों को पक्का करने और हरित आवरण बढ़ाने के लिए कार्य योजनाएं वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को भेजी गई हैं।

    दिसंबर 2025 तक नगर पालिकाओं के 14 लाख मीट्रिक टन से अधिक पुराने ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। गुरुग्राम में यह लक्ष्य वर्ष 2028 तक निर्धारित किया गया है। गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए प्रस्तावित नए वेस्ट-टू-फ्यूल संयंत्रों से प्रसंस्करण क्षमता की कमी पूरी होगी। निर्माण एवं विखंडन मलबे के प्रसंस्करण की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है और रीसाइकल की गई सामग्री का उपयोग सार्वजनिक निर्माण कार्यों में किया जा रहा है।

    बैठक में औद्योगिक अनुपालन की समीक्षा करते हुए दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली की स्थापना, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दैनिक निगरानी, डीजी सेट के रेट्रो फिटमेंट और थर्मल पावर प्लांटों द्वारा उत्सर्जन मानकों के पालन पर जोर दिया गया।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार में मृतकों को दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार में मृतकों को दी श्रद्धांजलि

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हिसार पहुंचकर अलग-अलग दो स्थानों पर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री सर्वप्रथम मोहल्ला सैणियान हिसार पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय बुद्धराम राड़ा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त की तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

    इसके उपरांत मुख्यमंत्री स्वर्गीय पृथ्वी सिंह सैनी के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत पृथ्वी सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगतों का सामाजिक जीवन प्रेरणादायी रहा है और उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक रणधीर पनिहार, मेयर प्रवीण पोपली, पूर्व मंत्री डॉ कमल गुप्ता सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।

     

  • सीएम ने पुलिस अधिकारियों से कहा- नशे और अपराध पर सख्ती के साथ जागरूकता भी बढ़ाएं

    सीएम ने पुलिस अधिकारियों से कहा- नशे और अपराध पर सख्ती के साथ जागरूकता भी बढ़ाएं

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराध पर नियंत्रण तक सीमित नही है बल्कि आम नागरिक के मन में सुरक्षा, भरोसे और न्याय का विश्वास पैदा करना भी है। यही विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है।

    वे आज पंचकूला में ‘विकसित भारत-सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सुरक्षा सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे जिसमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, कमिश्नरों, पुलिस अधीक्षकों, भारत सरकार के प्रतिनिधियों सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का यह स्पष्ट विश्वास है कि विकास की गति तभी निरंतर हो सकती है जब राज्य की कानून व्यवस्था मजबूत और निष्पक्ष हो। निवेश, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास की हर बड़ी पहल की सफलता सीधे तौर पर पुलिस की दक्षता, ईमानदारी और पेशेवर क्षमता से जुड़ी है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को हरियाणा पुलिस के नेतृत्वकर्ता बताते हुए कहा कि आप केवल कानून के संरक्षक नही है, राज्य में सुशासन, सामाजिक स्थिरता की मजबूत आधारशिला भी है। इस अवसर पर उन्होंने फील्ड में दिन रात काम कर रहे हरियाणा पुलिस के प्रत्येक जवान तथा अधिकारी के साहस , समर्पण और अनुशासन की सराहना भी की।

    उन्होंने कहा कि गत नवंबर माह में रायपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाग लिया। उस तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत-सुरक्षा आयाम’ था। उन्होंने कहा कि उस सम्मेलन में प्रधानमंत्री द्वारा रखे गए विचार हम सभी के लिए मार्गदर्शक है। वे राज्य स्तर पर पुलिस रणनीति को नई दिशा देने वाले हैं।

    ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोहों, नशा तस्करों व साइबर अपराध के खिलाफ सफलता प्राप्त की है। ऑपरेशन हॉटस्पोट डोमिनेशन में 12 दिनों में 2 हजार से अधिक अपराधी गिरफ्तार किये गये। इसी प्रकार, ऑपरेशन ट्रेक टाउन से अपराधियों में खौफ है। इस ऑपरेशन में 23 दिनों में 7 हजार 587 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। साथ ही 168 करोड़ रुपये की अवैध सम्पत्ति जब्त की।

     

    सैनी ने कहा कि वर्तमान का समय तकनीक का है और समय के साथ साथ हमारा एडवांस तकनीक से अपडेट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश में अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी आवश्यक हिदायतें दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब भी कोई घटनाक्रम होता है तो व्यक्ति की अपेक्षा होती है कि उसे न्याय मिले और हमें इस विश्वास को कायम रखना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्ति को लेकर समाज में ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। नशे को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के साथ साथ लोगों को जागरूक करने की भी जरूरत है इसके लिए सरकार द्वारा समय- समय पर नशामुक्ति अभियान के तहत साइक्लोथोन, मैराथन तथा अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते है जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इससे पहले सम्मेलन के सत्रों में विभिन्न संवदेनशील विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं।

    इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित हुई डी जी/आई जी कांफ्रेंस में 108 सिफारिशें रखी गई थी जिनमें से लगभग सभी सिफारिशों को लागू कर दिया गया। इस वर्ष 107 सिफारिशें रखी गई है जिन्हे भी तय समय अवधि में पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक करने की ऐतिहासिक घोषणा की है । उन्होंने बताया कि विभाग में 5750 पुलिसकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है जिसमें से 950 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। इसके अलावा, सरकार ने पुलिस विभाग को 550 अतिरिक्त महिला कांस्टेबल की भर्ती की स्वीकृति भी दे दी है।

    इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने तकनीक के महत्व पर बोलते हुए कहा कि अपराध सम्बन्धी चुनोतियो से निपटने के लिए तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज के समय में तकनीक जैसे सीसीटीवी आदि का इस्तेमाल करके बड़े मामलो को सुलझाने में मदद मिली है। डीजीपी ने विश्वास दिलाया कि वर्ष 2047 तक निश्चित तौर पर विकसित भारत के सपने को साकार करने में पुलिस विभाग का अहम योगदान होगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस जनता की आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरेगी।

  • राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने माजरा एम्स का लिया जायजा, जल्द संचालन की उम्मीद

    राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने माजरा एम्स का लिया जायजा, जल्द संचालन की उम्मीद

    चंडीगढ़: केंद्रीय सांख्यिकी, कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन एवं योजना राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शनिवार को गांव माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का निरीक्षण कर जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री ने दी गई गाइडलाइन के तहत मार्च-2026 तक एम्स में ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्स और एजेंसी के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि रेवाड़ी जिला के माजरा गांव में बन रहे एम्स को अच्छी गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया जाए और ओपीडी शुरू होने से रेवाड़ी जिले व आसपास के क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी काफी राहत मिलेगी। इसी के साथ बाकी कार्य भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके अलावा फैकल्टी संबंधी व्यवस्थाएं भी समय से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मेडिकल क्लासेज भी अगले सेशन में शुरू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान रेलवे लाइन के ऊपर से बनने वाले ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ओपीडी बिल्डिंग सहित पूरे निर्माणाधीन एम्स परिसर का जायजा लिया।

    210 एकड़ में हो रहा एम्स का निर्माण

    एम्स के निदेशक डॉ. डी.एन. शर्मा ने मंत्री को अवगत करवाया कि माजरा गांव में बनाया जा रहे 750 बेड के एम्स का कार्य तेजी से चल रहा है। 210 एकड़ में करीब 1700 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे एम्स में सभी सुविधाएं मिलेंगी, जो देश के अन्य एम्स में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि माजरा एम्स में अगले जून-जुलाई- 2026 के सेशन से मेडिकल क्लासेज भी शुरू की जाएंगी। इस एम्स में फिलहाल निर्धारित नियमों के अनुसार शुरुआत में एमबीबीएस के लिए 50 सीटें रखी जाएंगी। जो कि आगे बढ़ाकर 100 सीट की जाएंगी।
  • फतेहाबाद में सांसद खेल महोत्सव का समापन, मुख्यमंत्री ने कबड्डी का रोमांचक मैच देखा

    फतेहाबाद में सांसद खेल महोत्सव का समापन, मुख्यमंत्री ने कबड्डी का रोमांचक मैच देखा

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक व्यापक स्वास्थ्य उत्सव है, जो युवाओं को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। यह महोत्सव ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाने का जन-आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खेलों को जन-आंदोलन बनाने के संकल्प को साकार करता यह महोत्सव ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को फतेहाबाद में ‘सांसद खेल महोत्सव’ के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को आयोजक राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। फाइनल मुकाबले में शामिल हो रहे खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट भी किया। मुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबलों का विधिवत आगाज किया। उन्होंने इस दौरान सिरसा और फतेहबाद की टीम के बीच हुए कबड्डी मैच को भी देखा तथा खिलाड़ियों से मिलकर उनकी हौंसला अफजाई भी की। सिरसा लोकसभा की 9 विधानसभाओं के 45 हजार खिलाड़ियों ने सांसद खेल महोत्सव के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। इनमें से 3604 खिलाड़ी अलग-अलग प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में शामिल होंगे। खिलाड़ियों व उपस्थित जन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सांसद खेल महोत्सव’ से सिरसा लोकसभा क्षेत्र देश के टॉप-10 लोकसभा क्षेत्रों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि कई बार इंसान के अंदर हुनर होने के बाद भी अवसर न मिलने से वह कामयाबी की सीढ़ी नहीं चढ़ पाता। इस बात को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसद खेल स्पर्धा करवाने के निर्देश दिए हैं। इस प्रकार के आयोजन से न केवल खेल में रुचि बढ़ती है, बल्कि राज्य, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए प्रोत्साहन भी मिलता है।

    ओलम्पिक 2036 में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 साल पहले हरियाणा में खेलों के लिए एक विजन विकसित किया था। वह विजन था हर बच्चे को खेल से जोड़ने का, हर गांव में खेल का मैदान बनाने का और हर उस युवा को अवसर देने का, जिसमें खेल के प्रति ललक है। इस विजन का लक्ष्य है कि हरियाणा को न केवल भारत की, बल्कि विश्व की खेल राजधानी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओलम्पिक 2036 में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा के खिलाड़ी सबसे अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि खेलों में भाग लेना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसलिए, खेल में हार-जीत से ज्यादा मेहनत, अनुशासन और लगन महत्वपूर्ण है। यही वे गुण हैं, जो युवाओं को भविष्य में एक बेहतर नागरिक और एक सफल खिलाड़ी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं की मजबूत इच्छा शक्ति और कड़ी मेहनत का नतीजा है कि खेल देश के अंदर हो रहे हों या देश के बाहर, हरियाणवी खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों से देश के झंडे को ऊंचा कर रहे होते हैं।

    हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा धाकड़ जवान, धाकड़ किसान व धाकड़ पहलवान की धरा है। प्रदेश का किसान देश के अन्न भंडार भरने में अहम योगदान देता है। जवान गर्मी-सर्दी की परवाह न करते हुए सरहदों पर डटा रहता है। इसी प्रकार हमारे खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में सोना जीतकर देश की झोली भरने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी में अभ्यास, अनुशासन और आत्मबल जैसे गुणों को निखारने के लिए ही सरकार समय-समय पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करती रहती है। प्रदेश में साल भर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए खेल कैलेण्डर भी तैयार किया गया है। इसके अनुसार खेल महाकुम्भ, राज्यस्तरीय अखाड़ा दंगल, मुक्केबाजी, वॉलीवाल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तैराकी, बास्केट बॉल, हैंड बाल इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयास है कि हरियाणा का हर गांव एक ऐसा खिलाड़ी दे, जो विश्व मंच पर भारत का परचम लहराए। इस सपने को साकार करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है और सांसद खेल महोत्सव भी उसी कड़ी का एक स्वर्णिम अध्याय है।

    हरियाणा – ‘खेलों की नर्सरी’

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हरियाणा को ‘खेलों की नर्सरी’ कहा जाता है। राज्य में मजबूत खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है ताकि खिलाड़ियों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि बचपन से ही खिलाड़ियों को तराशने के लिए प्रदेश में खेल नर्सरियां खोली हुई हैं। इनमें उन्हें वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस समय प्रदेश में 1,472 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं। इनमें 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। खेल नर्सरियों में नामांकित 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रति माह दिये जाते हैं।

    16,418 खिलाड़ियों को 683.15 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ बनाये हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाये गये। सरकार ने 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक के नकद पुरस्कार देती है। इसके तहत अब तक 16 हजार 418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ 15 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए हैं। उन्होंने कहा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 298 खिलाड़ियों को मानदेय भी दिया जा रहा है। राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले तथा पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2014 से अब तक 24 हजार से अधिक छात्रों को 70 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को खेल उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा खेल उपकरण प्रावधान योजना बनाई है। इसके तहत 15,634 खिलाड़ियों को उपकरण प्रदान किये जा चुके हैं।

    2036 ओलंपिक की तैयारी का मजबूत मंच बना सांसद खेल महोत्सव – सुभाष बराला

    सांसद खेल महोत्सव के ग्रैंड फिनाले समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में प्रारंभ किया गया सांसद खेल महोत्सव युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत द्वारा ओलंपिक खेलों की मेजबानी का लक्ष्य रखा गया है और हरियाणा विशेषकर सिरसा लोकसभा क्षेत्र के खिलाड़ी इसके लिए अभी से स्वयं को तैयार कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश का नाम रोशन कर तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर शुरू किए गए सांसद खेल महोत्सव में सिरसा लोकसभा क्षेत्र से लगभग 45 हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया, जो युवाओं के खेलों के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को दमकोरा स्टेडियम से प्रारंभ हुआ यह खेल महोत्सव 105 दिनों तक चला, जिसमें 1500 से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सराहना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी देने का जो संकल्प लिया गया था, उसे मुख्यमंत्री ने शपथ लेने से पहले ही पूरा कर दिखाया, जो सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दे रही है। बराला ने कहा कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लाइव संबोधन करेंगे, जिसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे नशे और ऑनलाइन गेम्स से दूर रहकर खेलों को खेल भावना के साथ खेलें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक दुड़ा राम, चेयरमैन वेद फुलां, चेयरमैन भारत भूषण मिड्डा, चेयरमैन रविंद्र बलियाला, अर्जुन अवॉर्डी और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कई खिलाड़ी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।  
  • प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से आयोजित होंगे अंत्योदय उत्थान मेले, CM सैनी ने दी जानकारी

    प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से आयोजित होंगे अंत्योदय उत्थान मेले, CM सैनी ने दी जानकारी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को सोनीपत के सुभाष स्टेडियम में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना-2.0 की शुरुआत करते हुए राज्य स्तरीय अंत्योदय उत्थान मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन पर चलते हुए गरीबों का जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अंत्योदय मेला केवल योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विकास, सहभागिता और उत्साह का संगम है। यहां आने वाले हर परिवार के चेहरे पर जो उम्मीद की चमक है, वही हमारे प्रयासों की सच्ची पहचान है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है, जिसका जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल रहा है। यह योजना गरीब परिवारों को समान अवसर, कौशल विकास, रोजगार, सम्मान और जीवन स्तर में सुधार देने के लिए एक समग्र पहल के साथ सामूहिक संकल्प है। योजना के पहले चरण में कुल 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया गया, जबकि योजना के दूसरे चरण में प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से मेलों का आयोजन होगा। किसी भी समाज की मजबूती उसके परिवारों की मजबूती से तय होती है। यदि परिवार शिक्षित और सशक्त है, तो पूरा प्रदेश अपने आप समृद्धि की राह पकड़ लेता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव और बिना किसी देरी के पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना परिवारों की क्षमता विकसित करने पर बल देती है। इस योजना के तहत उन्हें ऋण और प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे स्वयं अपने पैरों पर खड़े हो सकें। यह योजना हर क्षेत्र में, चाहे वह रोजगार सृजन हो, स्वरोजगार के अवसर हों, शिक्षा हो, स्वास्थ्य, अंत्योदय परिवारों के जीवन को नई दिशा देती है। इस मेले में पेंशन, बीपीएल सेवाएं, राशन कार्ड, स्वरोजगार ऋण, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि, पशुपालन सहित दर्जनों विभागों की सेवाएं मौके पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। साथ ही पात्र लाभार्थियों को उनकी समस्या का समाधान करके तुरंत उनका लाभ प्रदान किया जा रहा है।   सरकार ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के माध्यम से गरीब से गरीब परिवार की वार्षिक आय कम से कम 1 लाख 80 हजार रुपये करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए गरीब परिवारों को ऋण स्कीमों, कौशल विकास स्कीमों और निजी या विभिन्न विभागों में दिहाड़ी रोजगार और दूसरी सुविधाओं के साथ जोड़ा गया है। इस योजना में 19 विभागों की 49 योजनाओं को शामिल किया गया है। इसका लाभ प्राप्त करने के लिए एक पोर्टल भी बनाया है। इस पोर्टल पर योजनाओं की जानकारी के अलावा, पात्रता व लाभ का विवरण भी दिया गया है। इसी पोर्टल पर पात्र व्यक्ति योजना के लिए आवेदन भी कर सकता है।

    महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है। अब तक दो किस्तों में 7 लाख से अधिक बहन-बेटियों को 258 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। सरकार द्वारा ऑटो मोड में अब तक 41 लाख से अधिक परिवारों के राशन कार्ड बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, बी.पी.एल. परिवार को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए चिरायु योजना चलाई हुई है। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना में 25 लाख 39 हजार मरीजों का 4,126 करोड़ रुपये का मुफ्त इलाज किया गया है। निरोगी हरियाणा योजना के प्रथम चरण में अंत्योदय परिवारों के 96.72 लाख लाभार्थियों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है तथा 5.60 करोड़ मुफ्त लैब टेस्ट किए गए। दयालु योजना के तहत 38 हजार 671 परिवारों को 1456 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। गरीब महिलाओं को हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। यह लाभ प्रदेश के लगभग 14 लाख 70 हजार परिवारों को मिल रहा है। हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना (हैप्पी) के अंतर्गत नागरिकों को एक वर्ष में 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

    गरीब परिवारों के लिए सरकार प्रदान कर रही आवास सुविधा

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि मकान की मरम्मत के लिए अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले अनुसूचित जाति के 76 हजार 985 लाभार्थियों को 416 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि गरीबों के सिर पर छत उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 47 हजार मकान दिये गये हैं। गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 14 शहरों में 15 हजार 765 गरीब परिवारों प्लॉट दिए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 58 ग्राम पंचायतों में 12 हजार 31 प्लॉट दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने मेले में 509 ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों को फ्लैटों का आवंटन कर सौंपी चाबी

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आवास योजना के तहत जिला के 509 ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों को फ्लैटों का आवंटन किया व 20 लोगों को मौके पर ही चाबी भी सौंपी। इनमें 16 घुमंतू जाति, 79 विधवा महिलाएं, 186 अनुसूचित जाति, 208 परिवार शामिल हैं। इसके साथ ही 127 आवेदकों की प्रतिक्षा सूची भी जारी की गई।

    मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया सोनीपत जिला का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह 

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत जिला का अधिकारिक प्रतीक चिन्ह् (लोगो) भी जारी किया। यह लोगो शिक्षा विभाग के एपीसी रूपेन्द्र पूनिया के नेतृत्व में राजकीय स्कूलों के 20 बच्चों द्वारा तैयार किया गया है। इस लोगो में सोनीपत जिला के महाभारतकालीन इतिहास से लेकर खिलाड़ियों, मशरूम, गेहूं, चावल उत्पादन, ऑटो मोबाईल क्षेत्र, शिक्षण संस्थान व खेल विश्वविद्यालय, एशिया की सबसे बड़ी गन्नौर सब्जी मंडी, एनएच-44 व मुरथल के प्रसिद्ध ढाबे और सोनीपत से गुजरती पवित्र यमुना नदी का संगम है।

    प्रत्येक जरूरतमंद के लिए मददगार साबित हो रहा अंत्योदय मेला

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि यह मेला अंत्योदय की भावना को साकार रूप देते हुए प्रत्येक जरूरतमंद के लिए मददगार साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मेले में जिन लोगों को लाभ पहुंचा है वह समाज के उस वर्ग के लोग हैं जिन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की सरकारों में नहीं पहुंच पाता था। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों के चलते पूरे प्रदेश में इन मेलों की शुरुआत की जा रही है।

    आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित कर रही सरकार

    सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि आज प्रदेश व केन्द्र की सरकार जनहित की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए हर संभव कार्य कर रही है। चाहे कोई भी वर्ग हो, प्रत्येक वर्ग के लिए योजनाएं बनाई गई हैं और उनका लाभ आमजन को मिले यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर चलते हुए सरकार लगातार अपनी योजनाओं का दायरा बढ़ा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक, सभी को समान अवसर और सहायता उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों के जरिए प्रदेश का समग्र विकास तेज़ गति से आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल कौशिक ने अंत्योदय मेलों को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह मेले सभी वर्गों के विकास के लिए लाभकारी साबित होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री व अतिथियों का स्वागत करते हुए सोनीपत के विधायक निखिल मदान ने कहा कि आज सोनीपत विधानसभा से अंत्योदय मेले का शुभारंभ करने का सौभाग्य मिला है। इस मेले में 19 अलग-अलग योजनाओं के 5 हजार लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आज प्रदेश में सबका साथ-सबका विकास और सबका प्रयास की अनूठी मुहिम का नायाब उदाहरण है। इस अवसर पर राई से विधायक कृष्णा गहलावत, खरखौदा से विधायक पवन खरखौदा, गन्नौर से विधायक देवेन्द्र कादियान, मेयर राजीव जैन सहित अनेक गणमान्य नेता मौजूद रहे।
  • हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री सैनी की समीक्षा बैठक, मनोहर लाल भी रहे शामिल

    हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री सैनी की समीक्षा बैठक, मनोहर लाल भी रहे शामिल

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हरियाणा के सांसदों के साथ बैठक की। इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे।

    बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर बारीकी से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार हर क्षेत्र में विकास कार्य कर रही है। सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों में भी निरंतर विकास कार्य जारी है। उन्होंने बैठक में सभी सांसदों से उनके क्षेत्र से जुड़ी मांगों को लेकर भी चर्चा की और विकास कार्यों पर मंथन किया। उन्होंने कहा कि बैठक का मकसद विकास कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाना है ताकि आमजन को सरकारी परियोजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इस मौके पर सांसदों ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के समक्ष भी अपनी मांगें रखी।

    इस बैठक मे लोकसभा सांसद धर्मवीर सिंह, नवीन जिंदल, राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, सुभाष बराला, रेखा शर्मा, कार्तिकेय शर्मा मौजूद रहे।

  • हरियाणा सरकार ने दिए निर्देश, प्रदेशभर के नाइटक्लब, बार और पब में फायर सेफ्टी की होगी जांच

    हरियाणा सरकार ने दिए निर्देश, प्रदेशभर के नाइटक्लब, बार और पब में फायर सेफ्टी की होगी जांच

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने नाइटक्लब, बार, पब और अन्य मनोरंजन स्थलों, जहां डांस फ्लोर होते हैं का तत्काल अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने के आदेश जारी किए हैं। यह निर्देश ऐसे प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा में हुई चूकों को देखते हुए जारी किए गए हैं।

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि ये आदेश सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की आग से संबंधित दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।

    डॉ. मिश्रा ने हरियाणा में सतर्कता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों के कड़े अनुपालन की जरुरत पर जोर दिया। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नाइटक्लब, बार, पब और इसी तरह के बड़े जनसमूह वाले प्रतिष्ठानों का व्यापक अग्नि सुरक्षा ऑडिट तुरंत करवाएं। ये ऑडिट राष्ट्रीय भवन संहिता 2016 तथा हरियाणा अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के अनुसार ही किए जाएंगे। अधिकारियों को सात दिन की समय-सीमा के अंदर इन ऑडिट को पूरा कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

    निरीक्षणों में आपातकालीन निकास द्वारों की उपलब्धता और उनके सही ढंग से कार्य करने की स्थिति, आग बुझाने की व्यवस्थाओं की पर्याप्तता, लाइसेंस और अनुमतियों की वैधता तथा निर्धारित अग्नि और जीवन सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि ऑडिट के दौरान पाए गए किसी भी प्रकार के उल्लंघन या कमी को तुरंत दूर किया जाना चाहिए और इसके लिए कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वे सात दिनों के भीतर विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट, साथ ही उठाए गए या प्रस्तावित कार्रवाई के विवरण के साथ भेजें। वित्त आयुक्त के अनुसार, यह पहल राज्य की अग्नि सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने और हरियाणा के सार्वजनिक स्थलों को किसी भी संभावित दुर्घटना से सुरक्षित रखने के लिए की जा रही है।

     

  • बिजली बिलिंग गड़बड़ी पर बड़ी सख्ती: राइट टू सर्विस कमीशन ने मुआवजा दस गुना बढ़ाया

    बिजली बिलिंग गड़बड़ी पर बड़ी सख्ती: राइट टू सर्विस कमीशन ने मुआवजा दस गुना बढ़ाया

    चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने गलत औसत बिलिंग के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि अब RAPDRP सिस्टम को लगातार बहाना मानना स्वीकार्य नहीं होगा। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि साल 2024 में कार्य-निष्पादन में सुधार दिखने पर इस श्रेणी की समीक्षा अस्थायी रूप से रोकी गई थी, लेकिन हाल ही में बड़ी संख्या में आए मामलों ने आयोग को दोबारा सक्रिय समीक्षा पर विचार करने को मजबूर किया है।

    प्रकरण की सुनवाई के दौरान महेंद्रगढ़ उपभोक्ता ने बताया कि उसका घरेलू कनेक्शन सामान्यतः 600–650 यूनिट की औसत रीडिंग देता है, परंतु मई 2025 में उसे लगभग 41,000 रुपये का अत्यधिक बिल जारी कर दिया गया। उपभोक्ता ने इसे एकमुश्त जमा करने में असमर्थता जताई। वहीं, उपमंडल अधिकारी बिल को 2021 से ओवरहॉल करने का ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सके, जबकि रीडिंग एजेंसी ने 2023 से रीडिंग बंद कर दी थी। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों का समाधान प्रभागीय स्तर पर हो जाना चाहिए था।

    आयोग ने ध्यान दिलाया कि औसत बिलिंग पर नीति बनाने के लिए पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिसकी संशोधित समय सीमा 31 दिसंबर, 2025 निर्धारित है। आयोग ने आशा जताई है कि निगम शीघ्र प्रभावी नीति लागू करेगा।

    निर्णय में आयोग ने कहा कि उपभोक्ता को जारी आठ गलत बिलों पर जो मुआवजा दिया गया था, वह वास्तविक असुविधा का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करता। आयोग ने पाया कि 23 बिलिंग चक्र प्रभावित हो सकते थे, जिनके आधार पर मुआवजा कहीं अधिक बनता। एसजीआरए के दृष्टिकोण को अपनाते हुए आयोग ने मुआवजा बढ़ाकर 8,000 रुपये (प्रति बिलिंग चक्र 1,000 रुपये ) करने का आदेश दिया है। निगम आवश्यकता अनुसार यह राशि संबंधित दोषी कर्मियों या मीटर-रीडिंग एजेंसी से वसूल सकेगा।

    उपभोक्ता को अपने बैंक विवरण निगम के प्रबंध निदेशक एवं आयोग को भेजने निर्देशित किया गया है, ताकि मुआवजा भुगतान सुनिश्चित हो सके। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को आदेश दिया गया है कि भुगतान का अनुपालन कर 26 दिसंबर 2025 तक आयोग को रिपोर्ट भेजें।

  • नए प्रशासनिक ढांचे की तैयारी: विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में सब-कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक

    नए प्रशासनिक ढांचे की तैयारी: विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में सब-कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक

    चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में नए जिले, तहसील और उप–तहसील निर्माण से संबंधित सब–कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कमेटी के सदस्य के रूप में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त, डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को अधिक परिणामकारी बनाने की दिशा में कदम— पंवार

    बैठक उपरांत कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नई इकाइयों के गठन पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों द्वारा गांवों को तहसील एवंनए प्रशासनिक ढांचे की तैयारी: विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में सब-कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक उप–तहसील में शामिल करने संबंधी सरकार के पास अनेक प्रस्ताव आ रहे हैं, जिनमें से आज की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और मानदंडों के अनुसार सिफारिशें तय की गई हैं। पंवार ने बताया कि कमेटी द्वारा प्राप्त सभी प्रस्तावों व मानदंडों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे अब अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा। उप तहसील बनाने के लिए निर्धारित मानदंडों में 10 से अधिक गांव, 5 से 10 पटवार सर्कल, 60 हजार से अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा उप मंडल मुख्यालय 15 किलोमीटर की दूरी पर होना चाहिए। इसी प्रकार तहसील के लिए निर्धारित मापदंडों में 20 या इससे अधिक गांव, दो उप-तहसील, पांच से अधिक पटवार सर्कल, 80 हजार या अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल तथा एक उपमंडल से दूरी 15 किलोमीटर होनी चाहिए। उपमंडल के लिए यह मापदंड 40 या इससे अधिक गांव, एक या उससे अधिक तहसील/उप तहसील, 15 या इससे अधिक पटवार सर्कल, ढाई लाख या इससे अधिक जनसंख्या,15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल व जिला मुख्यालय से दूरी 10 किलोमीटर या इससे अधिक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नए जिलों के मामलों में यह मानदंड 125 से 200 गांव, एक या दो उपमंडल, एक से तीन तहसील या उप तहसील, चार लाख या इससे अधिक की जनसंख्या, 80 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा किसी अन्य जिला मुख्यालय से दूरी 25 से 40 किलोमीटर होनी चाहिए।