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  • संविधान दिवस पर सीएम सैनी का संदेश— ‘देश की मजबूती ही संविधान की असली भावना’

    संविधान दिवस पर सीएम सैनी का संदेश— ‘देश की मजबूती ही संविधान की असली भावना’

    चंडीगढ़: संविधान दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को हरियाणा विधानसभा पहुंचे और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, न्याय और गरिमा के साथ आगे बढ़ने का अधिकार प्रदान किया है।

    मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राष्ट्र को मजबूत, सशक्त और एकजुट करना ही संविधान की मूल भावना है और इसी संकल्प के साथ हरियाणा सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, सुशासन, सामाजिक न्याय और नागरिकों की भागीदारी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की आत्मा हैं और सरकार की नीतियां इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज संविधान पूरी तरह सुरक्षित है और ‘सबका साथ—सबका विकास—सबका विश्वास—सबका प्रयास’ संविधान की भावना का सच्चा प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले मजबूत लोकतांत्रिक ढांचे ने संविधान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि देशहित और संविधान की गरिमा सबसे ऊपर है।

    मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से संविधान में निहित मूल कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और युवाओं को संविधान की समझ के साथ समाज और देश के प्रति कर्तव्य निर्वहन का संकल्प लेना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व मंत्री विपुल गोयल, खाद्य आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर सहित अनेक विधायक, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • चंडीगढ़ में पहुंची ‘शीश मार्ग यात्रा’, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया स्वागत

    चंडीगढ़ में पहुंची ‘शीश मार्ग यात्रा’, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया स्वागत

    चंडीगढ़: श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष को समर्पित शीश मार्ग यात्रा बुधवार को चंडीगढ़ स्थित सीआरपीएफ कैंपस पहुंची, जहां पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने पवित्र पालकी साहिब को नमन किया। कैंपस आगमन पर सीआरपीएफ यूनिट ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर पुष्प वर्षा की और गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का अद्वितीय बलिदान संपूर्ण मानवजाति के लिए मार्गदर्शक है। जिस साहस और तपस्या के साथ उन्होंने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश समर्पित किया, वह पूरे विश्व के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि शीश मार्ग यात्रा हमें सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारे, कर्तव्य और साहस के पथ पर चलने की प्रेरणा देती है। हरियाणा सरकार ऐसे आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों के साथ सदैव खड़ी है। यह यात्रा 24 नवंबर को शीश गंज गुरुद्वारा, नई दिल्ली से प्रारंभ हुई और 26 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में पवित्र समापन के साथ श्रद्धार्पित होगी।

    इस यात्रा की अगुवाई बाबा मंजीत सिंह जीरकपुर वाले कर रहे हैं और यह 15वीं शीश मार्ग यात्रा है, जिसमें भारी संख्या में संगत शामिल हो रही है। यात्रा के हरियाणा आगमन पर बड़खालसा, तरावड़ी, करनाल, पानीपत, अंबाला सहित अनेक नगरों में भव्य स्वागत हुआ। जगह–जगह संगत द्वारा फूल वर्षा, कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा के साथ आध्यात्मिक वातावरण चरम पर दिखाई दिया।

    यात्रा के चंडीगढ़ आगमन के दौरान संगत ने पवित्र शब्द, कीर्तन और अरदास के साथ वातावरण को गुरु प्रेम, बलिदान और आध्यात्मिक शांति से भर दिया। सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन करने और इस दिव्य यात्रा का हिस्सा बने।

    इस मौके पर हरियाणा साहित्य अकादमी पंजाबी सैल के निदेशक सरदार हरपाल सिंह गिल, संजय टंडन, सीआरपीएफ के पूर्व आईजी जसवीर सिंह संधू, डीआईजी हरजिंदर सिंह, सीओ विशाल व विक्रम सिंह, डीएसपी कुलविंदर सिंह और सरपंच सुखजीत सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

     

  • हरियाणा में शहीदी दिवस पर आयोजित भावपूर्ण कार्यक्रम, सीएम सैनी ने किया पवित्र कार्य

    हरियाणा में शहीदी दिवस पर आयोजित भावपूर्ण कार्यक्रम, सीएम सैनी ने किया पवित्र कार्य

    चंडीगढ़: कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर मंगलवार को आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सिर पर उठा कर मुख्य मंच तक ले जाने की पवित्र ‘पालकी सेवा’ निभाई।

    पंज प्यारों की अगुवाई में “जो बोले सो निहाल… सत श्री अकाल!” की गूंज के बीच संगत ने विनम्रता और भक्ति से भरे इस क्षण का स्वागत किया। मुख्यमंत्री द्वारा निभाई गई यह सेवा सिख परंपरा में अत्यंत सम्मान और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। संगत की उपस्थिति में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सम्मानपूर्वक दरबार हॉल में लाया गया और अरदास कर के विधिवत प्रकाश किया गया। पूरे परिसर में श्रद्धा, भक्ति और शांति का वातावरण बना रहा।

    शहीदी दिवस के मुख्य कार्यक्रम में कीर्तन, गुरबाणी पाठ, समागम, और गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान पर आधारित विशेष प्रस्तुतियाँ भी शामिल रहीं।

  • कर्मचारियों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता: श्रुति चौधरी

    कर्मचारियों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता: श्रुति चौधरी

    चण्डीगढ़: हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है। विभाग में ऑपरेशन सर्कल के साथ-साथ कर्मचारियों के पदों का भी तर्कसंगतिकरण किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक कर्मचारी को उसके पद अनुरूप ही कार्य सौंपा जा सके। इस दिशा में ठोस प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि बेलदार और कैनाल गार्ड विभाग की रीढ़ हैं। इनमें स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें उनके पदों के अनुसार अलग-अलग रंग की वर्दी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे फील्ड में कार्य व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।

    श्रुति चौधरी आज यहां विभाग से संबंधित ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन, चरखीदादरी और कुरुक्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने यूनियन द्वारा प्रस्तुत मांग-पत्र और समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आष्वस्त किया कि सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इस संबंध में वे मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह से भी विस्तृत चर्चा करेंगी।

    उन्होंने कहा कि हाल ही में जल संरक्षण में हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान मिला है, जिसका श्रेय विभाग के फील्ड कर्मचारियों की निष्ठा और परिश्रम को जाता है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की प्रभारी मंत्री के रूप में हरियाणा को यह प्रतिष्ठा दिलाना उनके लिए सम्मान की बात है। इस उपलब्धि से उनके दादा स्वर्गीय चौधरी बंसी लाल द्वारा प्रदेश में बनाए गए नहर नेटवर्क और उठान सिंचाई प्रणाली के सपने साकार हो रहे हैं।

    बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने कहा कि मंत्री को आश्वासन दिया कि जो भी निर्णय व दिशा निर्देश आज की बैठक के उपरांत दिए जाएंगे उनकी फाइल प्रक्रिया वित्त विभाग व अन्य विभागों से प्रशासनिक स्वीकृतियां शीघ्र अतिशीघ्र दिलवाई जाएंगी।

    यूनियन के पदाधिकारियों ने विभागीय मंत्री श्रुति चौधरी द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तार से सुनने एवं समाधान करने हेतु आश्वासन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया । बैठक में विभाग के प्रमुख अभियंता राकेश चौहान, बीरेन्द्र सिंह, डॉ. सतबीर कादयान सहित अन्य अधिकारी व यूनियन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

  • श्री श्री रवि शंकर और सचिव विजय सिंह दहिया की उपस्थिति में आर्ट ऑफ लिविंग व पशुपालन विभाग का एमओयू सम्पन्न

    श्री श्री रवि शंकर और सचिव विजय सिंह दहिया की उपस्थिति में आर्ट ऑफ लिविंग व पशुपालन विभाग का एमओयू सम्पन्न

    चण्डीगढ़: हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के प्रशिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (टीटीआई), हिसार व आर्ट ऑफ़ लिविंग, बेंगलूरु (व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए । यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय सिंह दहिया, आईएएस और आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्थापक श्री श्री रवि शंकर जी की उपस्थिति में चंडीगढ़ में संपन्न हुआ।

    एमओयू पर प्रशिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, हिसार के प्रधानाचार्य डॉ सुखदेव राठी और व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया, चण्डीगढ़ के चेयरमैन ब. प्रज्ञाचैतन्य ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर टी.टी.आई. हिसार के पशु चिकित्सक डॉ रविन्द्र सैनी ने विशेष साक्षी के रूप में एमओयू पर अपने हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों को नई दिशा देगी और इससे बेहतर परिणाम सुनिश्चित होंगे। इस दौरान डॉ रामकरण भी उपस्थित रहे।

    उन्होंने बताया कि एमओयू का उद्देश्य विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों (पशु चिकित्सक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन करने के लिए दोनों संस्थानों के बीच सहयोगात्मक ढाँचा बनाना है।

    उन्होंने बताया कि एमओयू के तहत प्रशिक्षण करवाने का उद्देश्य विभाग के अधिकारियों की व्यक्तिगत उत्कृष्टता को बढ़ावा देना और हरियाणा राज्य प्रशिक्षण पॉलिसी, 2020 व राष्ट्रीय प्रशिक्षण पॉलिसी, 2012 की दिशानिर्देश के तहत नीति, सत्यनिष्ठा, व्यवहारिक कौशल, उत्कृष्ट टीम निर्माण, मोटिवेशन, सुदर्शन क्रिया, भाषा व शिष्टाचार और तनाव प्रबंधन पर प्रशिक्षण देना है।

    एमओयू के तहत करवाए जाने वाले कार्यक्रमों में अधिकारियों की व्यक्तिगत उत्कृष्टता के लिए योग्यताएँ बनाना, सरकारी कार्यकारी कार्यक्रम और सरकारी कर्मचारियों के लिए ध्यान और श्वास कार्यशाला शामिल है, जिनमें सार्वजनिक सेवा वितरण में नैतिक तर्क, जवाबदेही, पारदर्शिता और नैतिक फैसले लेने सम्बंधित सत्र करवाए जाऐंगे।

  • ब्रह्मसरोवर पावन तट पर 5 दिसंबर तक चलने वाला अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव शुरू

    ब्रह्मसरोवर पावन तट पर 5 दिसंबर तक चलने वाला अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव शुरू

    चंडीगढ़: मंत्रोच्चारण और शंखनाद की गुंजायमान ध्वनि के बीच आज कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया गया। पवित्र ग्रंथ गीता के महापूजन तथा गीता के श्लोकों के उच्चारण के बीच कुरुक्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 का शुभारंभ हुआ।

    इसके साथ ही आज ब्रह्मसरोवर के चारों तरफ पवित्र ग्रंथ गीता के श्लोकोच्चारण से समस्त वातावरण गीतामय हो उठा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री अनिल विज, कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कुरुक्षेत्र लोकसक्षा क्षेत्र के सांसद श्री नवीन जिंदल, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने गीता यज्ञ में पूर्ण आहुति डाली और ब्रह्मसरोवर का पूजन किया।

    ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में मेहमानों आगमन हुआ और मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार भारत भूषण भारती, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। यहां पर देश के विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों ने अपने – अपने प्रदेश की वेशभूषा में सुसज्जित होकर परंपरा अनुसार सभी मेहमानों और पर्यटकों का कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पहुंचने पर अभिनंदन किया।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गीता यज्ञ में पूर्ण आहुति डालने के बाद पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया गया। उन्होंने देश और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आध्यात्मिक, संस्कृति, ज्ञान एवं कला का दिव्य संगम हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का दर्जा मिला। उन्होंने कहा कि इस पावन धरा पर सरस्वती के तट पर ही वेद, उपनिषद और पुराणों की रचना हुई। इतना ही नहीं सम्राट हर्षवर्धन की वैभवशाली राजधानी थानेसर भी यहीं पर है। कुरुक्षेत्र की इसी महत्व को जानते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने इसे महाभारत युद्ध के लिए चुना था, यहीं पर अर्जुन को कर्मयोग का दिव्य संदेश दिया, जो आज भी मानव के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।

    कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि गीता केवल दार्शनिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसकी व्यावहारिक जीवन में भी उपयोगिता है। यह ज्ञान – विज्ञान का अनूठा उदाहरण है, यहीं कारण है कि गीता भारतीयों को ही नहीं बल्कि विदेशियों को भी प्रिय है। पिछले 9 वर्षों से महोत्सव को अपार सफलता और लोकप्रियता मिली, वर्ष 2019 में यह महोत्सव देश से बाहर मॉरीशस, लंदन, कनाडा, आस्ट्रेलिया एवं श्रीलंका आदि देशों में भी मनाया गया।

    कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा इस महोत्सव में हर साल लाखों की संख्या में लोग शिरकत करते है और इस महोत्सव का आनंद लेते है। महोत्सव 5 दिसंबर तक जारी रहेगा। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मध्य प्रदेश सहयोगी राज्य के रूप में शिरकत कर रहा है। इन प्रयासों से पवित्र ग्रंथ की ख्याती और गीता महोत्सव की लोकप्रियता आज भी देश की सीमाओं को लांघ कर विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रही है।

    गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गीता जयंती पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में सरस और शिल्प मेले का आगाज 15 नवंबर से हो चुका है।

  • शिल्प और कलाकारी की विविधता ने महोत्सव की फिजा में घोला इंद्रधनुषी रंग

    शिल्प और कलाकारी की विविधता ने महोत्सव की फिजा में घोला इंद्रधनुषी रंग

    चंडीगढ़: जब शिल्पकारों की अदभुत शिल्पकला को देखकर आश्चर्य चकित हुए पर्यटक, जहां एक ओर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज हो चुका है, वहीं दूसरी ओर दूसरे प्रदेशों से ब्रह्मसरोवर के तट पर पहुंचे शिल्पकारों की अदभुत शिल्पकला ने पर्यटकों को आश्चर्य चकित कर दिया है। इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर का तट शिल्पकारों की शिल्पकला से सज चुका है और इस शिल्पकला को देखने वाले दूसरे प्रदेशों के पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी इन शिल्पकला को देखकर हैरान हो रहे है।

    अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में 5 दिसंबर 2025 तक चलने वाले सरस और क्राफ्ट मेले में आने वाले पर्यटकों को इस बार अनोखी शिल्पकला देखने को मिल रही है और यहां पर आने वाले सभी पर्यटक इन सभी शिल्पकारों की शिल्पकला से निर्मित वस्तुओं की जमकर खरीदारी कर रहे है। इस महोत्सव में शिल्पकारों की अविश्वसनीय शिल्पकला और हाथ की कारीगरी ने ब्रह्मसरोवर के तट पर लगने वाले सरस और क्राफ्ट मेले की फिजा में इंद्रधनुष के सातों रंगों को एक सूत्र में पिरोकर भरने का काम किया है, जिससे यहां पर आने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस महोत्सव की जमकर प्रशंसा कर रहे है।

    महोत्सव के दौरान कुरुक्षेत्र-धर्मक्षेत्र की पावन धरा पर आने वाला प्रत्येक पर्यटक इस महोत्सव का भरपूर आनंद ले रहा है। इस महोत्सव में जहां एक ओर शिल्पकार अपनी शिल्पकला से महोत्सव में चार चांद लगा रहे है, वहीं दूसरी ओर ब्रह्मसरोवर के तट पर पर्यटकों के मनोरंजन के लिए एनजेडसीसी की तरफ से बहरूपिए लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बने हुए है और सभी स्थानीय और दूर-दराज से आने वाले पर्यटक इन बहरूपियों के साथ सेल्फी लेकर इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का लुफ्त उठा रहे है।

     

  • ब्रह्मसरोवर में हरियाणा पवेलियन का शुभारंभ 24 नवंबर को – रक्षा मंत्री होंगे मुख्य अतिथि, मंदिरों की रोशनी से शहर बनेगा आलोकित

    ब्रह्मसरोवर में हरियाणा पवेलियन का शुभारंभ 24 नवंबर को – रक्षा मंत्री होंगे मुख्य अतिथि, मंदिरों की रोशनी से शहर बनेगा आलोकित

    चंडीगढ़: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश की कई महान हस्तियां शिरकत कर रही हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में तैयार हरियाणा पवेलियन का 24 नवंबर को शुभारंभ करेंगे। इसके अगले दिन 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाआरती में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के प्रति लोगों में आस्था बढ़ती जा रही है, इस बार महोत्सव में लगभग 70 लाख से ज्यादा लोगों की पहुंचने की संभावना है।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कुरुक्षेत्र में 15 नवंबर से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव चला हुआ है। विदेश मंत्रालय के सहयोग से 50 देशों में गीता जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस बार मध्य प्रदेश को सहयोगी राज्य के तौर पर लिया गया है।

    उन्होंने बताया कि 24 नवंबर को तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का श्रीमद भागवद गीता सदन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में उद्घाटन किया जाएगा। इस महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए शहर को लाइटों के साथ सजाया जा रहा है। पूरे शहर में सफाई अभियान चलाया हुआ है।

    उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को ज्योतिसर में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शिरकत करेंगे। ज्योतिसर स्थित 155 एकड़ में विशाल पंडाल तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब डेढ़ लाख की संख्या में साधु संगत के पहुंचने की संभावना है। कुरुक्षेत्र के प्रत्येक चौक को महाभारत की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। अब शहर के सभी मंदिरों को सजाने के लिए लाइटें लगाने का काम किया जा रहा है।

  • देश में पहली बार नकली दवाइयों और NDPS पर अंतर्राज्यीय मंथन, सात राज्यों के कंट्रोलर हुए एक मंच पर

    देश में पहली बार नकली दवाइयों और NDPS पर अंतर्राज्यीय मंथन, सात राज्यों के कंट्रोलर हुए एक मंच पर

    चंडीगढ़: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) हरियाणा द्वारा नकली दवाइयों और एनडीपीएस (NDPS) के मुद्दे पर देश का पहला अंतर्राज्यीय सेमिनार चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में सात राज्यों के ड्रग्स कंट्रोलर, सीआईडी और पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

    इस सेमिनार का उद्देश्य पड़ोसी राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाकर नकली/जाली दवाओं की रोकथाम एवं एनडीपीएस दवाओं के नशे के तौर पर दुरुपयोग को रोकना था। इसके तहत विभिन्न राज्यों के विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और प्रवर्तन अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने पर जोर दिया गया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने किया। इस अवसर पर एफडीए हरियाणा के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार, राज्य औषधि नियंत्रक ललित कुमार गोयल सहित मुख्यालय एवं फील्ड अधिकारी मौजूद रहे।

    डॉ. मनोज कुमार ने सभी राज्यों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए एनडीपीएस मामलों में एफडीए हरियाणा की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों के बीच आपसी समन्वय की अहमियत पर जोर दिया।

    अपने संबोधन में सुधीर राजपाल ने एफडीए हरियाणा को अंतर्राज्यीय ज्ञान-साझा सेमिनार आयोजित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं और एनडीपीएस तस्करी का मुद्दा स्थानीय नहीं, बल्कि राज्यों के बीच साझा चुनौती है, जिसके लिए डेटा साझेदारी और पारदर्शी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

    सेमिनार में पूर्व डीजीपी एवं सीबीआई के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. केशव कुमार, महाराष्ट्र के सेवानिवृत्त संयुक्त आयुक्त व राज्य औषधि नियंत्रक ओ. एस. सधवानी तथा हरियाणा के राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल ने महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की।

    डॉ. केशव कुमार ने भारत फार्मास्यूटिकल एलायंस द्वारा बनाए जा रहे राष्ट्रीय डेटाबेस की जानकारी दी और फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला। ओ. एस. सधवानी ने हाल के मामलों में स्प्यूरियस/एएसक्यू दवाओं के कारण बच्चों की मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया।

    ललित गोयल ने नियंत्रित पदार्थों की अवैध तस्करी एवं दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए बहु-हितधारक रणनीति अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने लेबलिंग और पैक साइज पर सत्र का संचालन किया। उन्होंने बताया की सेमिनार के निष्कर्ष राज्य एवं केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे, जिससे भविष्य में अंतर्राज्यीय रणनीतियों को मजबूत किया जा सके। हिमाचल प्रदेश के राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर द्वारा पैनल चर्चा का आयोजन किया गया।

    इसके अतिरिक्त पंजाब, हिमाचल तथा अन्य राज्यों के ड्रग्स कंट्रोलर संजीव गर्ग, दीपक शर्मा एवं सुशांत शर्मा भी उपस्थित रहे। सात राज्यों के 70 से अधिक अधिकारियों ने इसमें भाग लिया। इस अवसर पर एफडीए हरियाणा के सहायक राज्य औषधि नियंत्रक करण सिंह गोदारा तथा परजिंदर सिंह भी उपस्थित थे।

     

  • अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पर्यटकों ने कला, संस्कृति और खरीदारी का उठाया आनंद

    अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पर्यटकों ने कला, संस्कृति और खरीदारी का उठाया आनंद

    चण्डीगढ़: हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र पटियाला के साथ-साथ राज्य सरकार की तरफ से हरियाणा ही नहीं विभिन्न प्रदेशों की लोक संस्कृति को संरक्षित करने और कलाकारों को एक मंच मुहैया करवाने का काम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के जरिए किया जा रहा है। इस महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों की लोक कला को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। इन प्रदेशों के उन लोक नृत्यों को कलाकार प्रस्तुत कर रहे हैं, जो लोक कला लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है। एक लोक कलाकार ने बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया कि हरियाणा प्रदेश में कुछ कलाकार ही बचे हैं जो बीन, तुंबा, ढोलक, खंजरी बजा कर जोगी नाथ बीन सपेरा परम्परा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हरियाणा की लोक कला और संस्कृति की लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी कई विधाओं को संरक्षित करने का काम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कर रहा है। इस महोत्सव में ढेरु गायन गाथा, बाजीगर कला और कच्ची घोड़ी जैसी लोक कलाओं को ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर देखा जा रहा है। इस महोत्सव से न केवल लोक संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास सरकार की तरफ से किया जा रहा है बल्कि लोक कलाकारों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं। अहम पहलू यह है कि ब्रह्मसरोवर के तट पर ढेरु गाथा गायन ग्रुप के कलाकार हरियाणवी संस्कृति का रंग जमा रहे हैं। लोक कलाकारों ने बातचीत करते हुए कहा कि ग्रुप में उनके अन्य साथी कलाकार भी उनके साथ इस कला को जीवित रखने का काम कर रहे हैं। सभी कलाकार पारम्पकि वेशभूषा से सुसज्जित होकर बीन, तुम्बा, ढोलक, खंजरी बजाकर लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। यह महोत्सव लोक कलाकारों का एक बड़ा मंच बन चुका है। राज्य सरकार द्वारा इस प्रकार के कलाकारों को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव जैसे मंच उपलब्ध करवाने का काम लगातार किया जा रहा है। महोत्सव के शिल्प और सरस मेले के सातवें दिन हरियाणा के विभिन्न गांवों के लोक कलाकारों ने ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर ढेरु गाथा गायन की प्रस्तुति देकर पर्यटकों को झुमने पर मजबूर कर दिया। इन लोक कलाकारों ने ढेरु गाथा गायन के जरिए गुरु गोरख नाथ जी की गाथा, जवाहर गोगा पीर की गाथाओं का गुणगान किया। इन लोक कलाकारों का कहना है कि यह लोक कला विलुप्त करने के कगार पर पहुंच चुकी है। सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से लोक कलाओं को जीवंत रखने का प्रयास किया जा रहा है।

    महोत्सव के सरस और शिल्प मेले में पर्यटकों ने खूब की खरीददारी

    अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के शिल्प और सरस मेले में पर्यटकों ने शुक्रवार को जमकर खरीदारी की है। एक तरफ जहां पर्यटक ब्रह्मसरोवर के तट पर खिली धूप में विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों का स्वाद चख रहे थे, वहीं अलग-अलग स्टॉलों पर जाकर खरीदारी भी कर रहे थे। इतना ही नहीं युवा वर्ग मेले में सेल्फी लेकर अपने आपको आनंदित महसूस कर रहे हैं।

    बिछड़ों को मिलाने का काम कर रहा है सूचना केन्द्र

    अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में ब्रह्मसरोवर के मुख्य द्वार पर जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग की तरफ से सूचना केन्द्र स्थापित किया गया है। इस सूचना केन्द्र के माध्यम से बिछड़ों को मिलाने का काम कर रहा है। डीआईपीआरओ डॉ. नरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस सूचना केन्द्र से पल-पल की सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ-साथ महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। इस सूचना केन्द्र पर विजय कुमार, राजकुमार शर्मा, शीश राम, जगदीश सहित अन्य कर्मचारी महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को विभिन्न सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं।