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  • प्रधान सचिव की अध्यक्षता में बैठक, हरियाणा बना योजना के क्रियान्वयन में देश का चौथा अग्रणी राज्य

    प्रधान सचिव की अध्यक्षता में बैठक, हरियाणा बना योजना के क्रियान्वयन में देश का चौथा अग्रणी राज्य

    चंडीगढ़: विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के तहत भारत सरकार ने देश में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए 1 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना लागू की है जिसके तहत 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजन के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि रोजगार प्रादाताओं एवं रोजगार प्राप्तकर्ताओं को प्रदान की जाएगी। इस योजना के त्वतरित कार्यान्वयन के दृष्टिगत हरियाणा राज्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़कर देशभर में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

    हरियाणा श्रम तथा युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन की अध्यक्षता में आज इस योजना की जागरूकता के लिए कौशल भवन, पंचकूला में रोजगार मेले लगाने वाले तकनीकी शिक्षा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, रोजगार विभाग, कौशल विभाग के अधिकारियों तथा आई.टी.आई. के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक का आयोजन हुआ ।

    प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि इस योजना की संरचना में 2 मुख्य भाग है जिसमें यदि नये कर्मचारी ने ईपीएफओ 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच पंजीकरण किया हो, मासिक वेतन एक लाख रुपए से कम हो, ऐसे नये कर्मचारी को 15,000 रुपये तक ‘कर्मचारी भविष्य निधि‘ में अतिरिक्त भत्ता दो किस्तों में भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जायेगा।

    उन्होंने बताया कि दूसरी किस्त वित्तीय साक्षरता कार्यकम से जुड़ी होगी। इस स्कीम में लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को एक प्रतिष्ठान में 12 महीने $ सारक्षता मॉडयूल पूरा होना अनिवार्य है। रोजगार प्रादाताओं प्रतिष्ठान को लाभ प्राप्त करने के लिए ‘कर्मचारी भविष्य निधि संगठन‘ में पंजीकृत होना चाहिए। यदि प्रतिष्ठान में 50 श्रमिकों से कम संख्या है तो दो या इससे अधिक पद सृजित करना तथा प्रतिष्ठान में यदि 50 से अधिक श्रमिकों की संख्या है तो पांच या उससे अधिक पद सृजित कर सकते हैं। इस योजना में प्रतिष्ठान को 3000 रुपये तक प्रति कर्मचारी प्रति मास की प्रोत्साहन राशि 2 वर्ष के लिए प्रदान की जायेगी। निर्माण क्षेत्र में यह लाभ दो वर्ष की अपेक्षा चार वर्ष तक दिया जाएगा।

    इस योजना में आवेदन लिए श्रम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा pmvbry.epfindia.gon.in / pmvbry.labour.gov.in पोर्टल बनाया गया है। प्रधान सचिव ने जानकारी दी कि यदि किसी प्रतिष्ठान में किसी भी कारण से ई.पी.एफ. के रिटर्न आज तक भी नहीं भरी है और वह इस योजना का लाभ लेने का इच्छुक है, तो ई.पी.एफ. की पुरानी रिटर्न भरने पर उस पर कोई भी पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी। यह योजना रोजगार प्रोत्साहन के क्षेत्र में अभी तक की सर्वश्रेष्ठ योजना है।

    इस अवसर पर कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक एवं सचिव डॉ विवेक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • नशा मुक्त भारत अभियान में सिरसा की बड़ी उपलब्धि, शपथ में मिला पहला स्थान

    नशा मुक्त भारत अभियान में सिरसा की बड़ी उपलब्धि, शपथ में मिला पहला स्थान

    चण्डीगढ़: नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा विरोधी शपथ कार्यक्रम में प्रदेशभर मे सिरसा जिला ने प्रथम स्थान हासिल किया है। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सिरसा जिले में अब तक 88,200 लोगों ने ऑफलाइन माध्यम से तथा 10,145 लोगों ने क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन माध्यम से नशा विरोधी शपथ ली है। साथ ही 1,200 अधिकारी एवं कर्मचारी, 25,000 महिलाएँ तथा 62,000 से अधिक युवाओं ने इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन प्रयासों के बल पर सिरसा ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है, जो जिले के लिए गौरव का विषय है।

    उन्होंने बताया कि सिरसा जिला के सभी विभागों विशेष रूप से शिक्षा, पुलिस, समाज कल्याण, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, पंचायत तथा खेल आदि विभागों की टीम सहित सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्य किया है। अभियान में जिले की निरंतर उत्कृष्टता सभी विभागों के सामूहिक प्रयास और जनता के सहयोग का परिणाम है। जिला प्रशासन अभियान को और व्यापक रूप से लागू कर सिरसा को नशा मुक्त जिले का मॉडल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

    नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में लघु सचिवालय के सभागार में तथा जिला के प्रत्येक कार्यालय के कर्मचारियों को नशा के विरुद्ध शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। पांच वर्ष पूर्व प्रारंभ किए गए नशा मुक्त भारत अभियान ने जन-जागरूकता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने विभिन्न माध्यमों-रैलियों, कार्यशालाओं, जनसंवाद और डिजिटल अभियानो के जरिये समाज के सभी वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया है।

    सिरसा जिले में स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों व विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से निरंतर जागरूकता गतिविधियां चलाई गई हैं। युवाओं, महिलाओं और आमजन को नशा विरोधी संदेश से जोड़ने के लिए विशेष अभियान संचालित किए गए, जिनका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

     

     

     

  • हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग का इंडस्ट्री कनेक्ट पर फोकस, टॉपर छात्रों ने इन्फोसिस चंडीगढ़ में सीखे AI और IT के उभरते अवसर

    हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग का इंडस्ट्री कनेक्ट पर फोकस, टॉपर छात्रों ने इन्फोसिस चंडीगढ़ में सीखे AI और IT के उभरते अवसर

    चंडीगढ़: हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक प्रभजोत सिंह के नेतृत्व में 16 उत्कृष्ट (टॉपर) छात्रों ने इन्फोसिस, राजीव गांधी आईटी पार्क, चंडीगढ़ का शैक्षणिक दौरा किया। यह दौरा छात्रों को उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली, नई तकनीकों तथा आधुनिक शोध गतिविधियों से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

    महानिदेशक प्रभजोत सिंह ने कहा कि छात्रों को वैश्विक स्तर पर बदलते तकनीकी परिदृश्य के साथ जोड़ने के लिए इंडस्ट्री एक्सपोज़र अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के तहत विभाग लगातार ऐसे शैक्षणिक दौरों का आयोजन कर रहा है।

    इस संबंध में विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शैक्षणिक दौरे में हरियाणा के सभी पाँच एसआईटी तथा गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार और दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के कंप्यूटर साइंस फाइनल ईयर के छात्रों ने भाग लिया।

    इन्फोसिस पहुँचने पर डिंपल भसीन और हरप्रीत सिंह द्वारा विभागीय टीम एवं छात्रों का स्वागत किया गया। इन्फोसिस की ओर से छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च कार्य तथा आईटी उद्योग में उभरते अवसरों पर एक विशेष इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया।

    इसके उपरांत छात्रों को इन्फोसिस कैंपस का विस्तृत भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने नवीनतम प्रौद्योगिकियों, अत्याधुनिक लैब्स, वर्क कल्चर तथा उद्योग के वास्तविक वातावरण को देखा और समझा।

    प्रवक्ता ने बताया कि इससे पूर्व तकनीकी शिक्षा विभाग 28 छात्रों को इसरो अहमदाबाद का शैक्षणिक दौरा भी कराया गया था। इन्फोसिस का यह दौरा भी उसी श्रृंखला का अगला महत्वपूर्ण चरण है। हाल ही में कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को इसरो, अहमदाबाद, सीएसआईआर-सीएसआईओ, चंडीगढ़, पीईसी चंडीगढ़, एससीएल, मोहाली, एनएबीआई, आईआईटी एक्सटेंशन कैंपस के अध्ययन दौरे पर ले जाया गया।

    प्रवक्ता ने बताया कि प्रभजोत सिंह के मार्गदर्शन में सिविल, टेक्सटाइल, मैकेनिकल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक और कम्युनिकेशन शाखा के 400 से अधिक संकाय सदस्यों ने आईआईटी कैंपस, नई दिल्ली का भी दौरा किया है।

  • 6 से 9 दिसंबर तक पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित होगा ‘स्टूडेंट साइंस विलेज’ कार्यक्रम

    6 से 9 दिसंबर तक पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित होगा ‘स्टूडेंट साइंस विलेज’ कार्यक्रम

    चंडीगढ़: विद्यार्थियों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें आधुनिक वैज्ञानिक सोच से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय तथा भारतीय मौसम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल–2025 (IISF–2025) का आयोजन किया जा रहा है।

    इस श्रृंखला के अंतर्गत पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में 6 से 9 दिसंबर, 2025 तक ‘स्टूडेंट साइंस विलेज’ कार्यक्रम आयोजित होगा। हरियाणा सरकार के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय, उत्तर, शिक्षा विभाग हरियाणा के महानिदेशक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

    उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के प्रत्येक जिले से कक्षा 8वीं से 11वीं तक के 35 विद्यार्थी तथा 5 अध्यापक भाग लेंगे। कार्यक्रम स्थल तक पहुँचाने और वापस लाने के लिए बसों की व्यवस्था अलग से की जाएगी।

    प्रवक्ता ने आगे बताया कि पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन 2000 विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके साथ ही उच्चतर शिक्षा व स्कूल शिक्षा, परिवहन विभाग, पर्यटन विभाग, होस्पिटलिटी विभाग तथा उपायुक्त पंचकूला को कार्यक्रम की सूचना स्वरूप एक-एक प्रति भेज दी गई है ताकि सभी विभाग समन्वय के साथ अपना सहयोग प्रदान कर सकें।

  • गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन, हरियाणा सरकार ने मनाया 350वां शहीदी दिवस

    गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन, हरियाणा सरकार ने मनाया 350वां शहीदी दिवस

    चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी वह महापुरुष थे, जिन्होंने अपने शीश की कुर्बानी देकर मानवता व धर्म की स्वतंत्रता की रक्षा की थी। श्री गुरु तेग बहादुर जी को हिंद की चादर इसलिए कहा गया, क्योंकि वे केवल सिख धर्म के ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की अस्मिता की ढाल बन गए थे। दिल्ली के चांदनी चौक में जब उन्होंने अपना शीश बलिदान किया, तो वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति की आजादी के लिए किया था। उनका संदेश था निडर बनो, डर से मुक्त रहो, और सच्चाई के मार्ग पर चलो, ऐसे संदेश को हमें आत्मसात करना चाहिए। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने शीश दिया, लेकिन धर्म नहीं झुकाया। उनका यह बलिदान हमें यह सिखाता है कि सत्य का मार्ग कठिन हो सकता है, पर वही अमरता का मार्ग है। कृष्ण लाल पंवार सोमवार को देर सायं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में उनकी शहादत पर आधारित भव्य लाइट एंड साउंड शो आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। लाइट एंड साउंड के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन वृतांत को इस तरह संजोया गया जैसे सभी दृश्य प्रत्यक्ष रूप से सजीव हो उठे हों। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार करनैल सिंह आदि उपस्थित रहे।

    गुरु जी ने मानवता, धर्म व राष्ट्र की रक्षा के लिए किया सर्वस्व न्यौछावर

    पंवार ने कहा कि यह कार्यक्रम श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन आदर्शों, त्याग, बलिदान और अमर विरासत को समर्पित है। गुरु जी ने धर्म, मानवता और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनका बलिदान राष्ट्र की अस्मिता और एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार द्वारा हरियाणा में गत एक नवंबर से श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला आरंभ की गई है। राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन 25 नवम्बर को कुरुक्षेत्र में किया जाएगा।

    श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म व देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च कुर्बानी दी

    सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि सिख धर्म विश्व के सभी देशों में सबसे मजबूत धर्म है। इस धर्म में अनुशासन का अपना अलग महत्व है। संस्कारों को बचाने के लिए कुर्बानी से भी पीछे नहीं हटा जाता। श्री गुरु तेग बहादुर जी उत्तरी भारत के हर क्षेत्र में घूमे तथा वे कश्मीरी पंडितों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए आनंदपुर साहिब से आगरा गए। उन्होंने धर्म व देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च कुर्बानी दी।
  • सूरजकुंड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक आयोजित

    सूरजकुंड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक आयोजित

    चंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री व उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् चेयरमैन अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की 32वीं बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री व उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के वाइस- चेयरमैन नायब सिंह सैनी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जम्मू एवं कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला, लदृाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राजस्व मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा सहित संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उच्चाधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में आगमन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच सतत सहयोग के माहौल का होना अति महत्वपूर्ण है। अपने संसाधनों को एकत्रित करके, अपने ज्ञान को सांझा करके और एक दूसरे की सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाकर ही हम एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के दृढ़ संकल्प को साकार करने की दिशा में हरियाणा ने कई सफल प्रयास किये हैं।

    पंजाब से आग्रह, जल विवाद पर गुरुओं की महान परंपराओं का रखा जाए ध्यान

    नायब सिंह सैनी ने बैठक के महत्वपूर्ण एजेंडा मदों पर चर्चा के दौरान कहा कि सभी राज्यों के पानी के हिस्से को संबंधित राज्य तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। हरियाणा लगातार दिल्ली को उसके हिस्से से अधिक पानी अपने हिस्से से देता रहा है। जबकि, एस.वाई.एल. न बनने के कारण हरियाणा को पंजाब से अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। अगर एस.वाई.एल. के रास्ते हरियाणा को अपने हिस्से का पूरा पानी मिलता है, तो राजस्थान को भी उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है। यह वह पावन धरा है, जहां भाई कन्हैया जी जैसे गुरु सेवक हुए, जिन्होंने युद्ध भूमि में घायल पड़े दुश्मनों के सैनिकों को भी पानी पिलाया। उन्होंने परिषद के माध्यम से पंजाब से आग्रह किया कि जल विवाद पर गुरुओं की महान परंपराओं का ध्यान अवश्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी हम सबका सांझा है, तो इसको स्वच्छ बनाए रखना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारी संस्कृति में नदियों को माता कहा गया है। उन्होंने विशेष रूप से यमुना नदी का उल्लेख करते हुए हरियाणा की ओर से विश्वास दिलाया कि यमुना के पानी को स्वच्छ रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

    पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से हरियाणा के कॉलेज संबद्ध होने से हरियाणा के विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय दोनों को होगा लाभ

    नायब सिंह सैनी ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार इसमें अपना योगदान करना चाहती है। यदि हरियाणा के कुछ कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हो जाएंगे, तो हरियाणा के विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय दोनों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। तीन नए आपराधिक कानून हरियाणा में लागू हो जाने से पॉक्सो अधिनियम के तहत मामलों का तेजी से निपटान कर पाने में सफल हो रहे हैं।

    हरियाणा सरकार ने हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवा की सुनिश्चित

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने अपनी चिरायु योजना इसके साथ जोड़ी है। यह ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा दोगुणी गति से विकास का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक छोटे से छोटे गांव में भी अब बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है।

    हरियाणा सरकार ने एक साल में ही 47 संकल्पों को किया पूरा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गत विधानसभा चुनावों के दौरान जारी किए गए संकल्प-पत्र के 217 में से 47 वादों को पहले वर्ष में ही पूरा कर दिखाया है। उन्होंने केवल एक संकल्प का उल्लेख करते हुए बताया कि गत 25 सितंबर को ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ ऐप का शुभारंभ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्म दिवस के अवसर पर किया गया। गत 1 नवम्बर हरियाणा दिवस पर सरकार ने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र 5 लाख 22 हजार 162 महिला लाभार्थियों को 2100-2100 रुपये की राशि बैंक खातों में जारी की। अब तक 8 लाख 5 हजार आवेदन हो चुके हैं और शीघ्र ही यह संख्या 15 लाख हो जाएगी।

    उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का बनेगी उदाहरण

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस बैठक के एजेंडे की हर मद पर राज्य की विस्तृत टिप्पणियां परिषद् को प्रस्तुत की गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस बैठक के विचार-मंथन से राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, अंतर्राज्यीय व केन्द्र राज्यों के बीच कई मुद्दों को सुलझाने में सहमति बनाने में सफल होंगे और उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की यह बैठक ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण बनेगी ।  
  • शहरी स्वास्थ्य मिशन ने बदली तस्वीर, अब हर गरीब तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा

    शहरी स्वास्थ्य मिशन ने बदली तस्वीर, अब हर गरीब तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि “शहरी स्वास्थ्य मिशन” द्वारा शुरू की गई 12 प्रकार की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवायें शहरी क्षेत्र के गरीबों के जीवन में व्यापक बदलाव ला रही हैं।

    उन्होंने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब 107 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHCs) और 165 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (UAAMs) कार्यरत हैं। सरकार का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति गरीबी या निवास परिवर्तन करने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मिशन की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में अपग्रेड किया गया है। अब इनमें शहरी गरीब मरीजों को 12 प्रकार की व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। इनमें मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार नियोजन, संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन, दंत चिकित्सा और नेत्र देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, वृद्धों के लिए पलियेटिव देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।

    राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन जून 2013 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत लॉन्च किया गया था। यह मिशन हरियाणा के शहरों और कस्बों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। यह मिशन शहरी गरीबों, विशेषकर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों, दिहाड़ी मजदूरों, निर्माण कार्य में लगे कर्मियों, रिक्शा चालकों, कचरा बीनने वालों, सड़क किनारे रहने वाले बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों की सेवा के लिए समर्पित है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से ये स्वास्थ्य केंद्र अच्छे स्वास्थ्य अभ्यासों के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं, नियमित टीकाकरण कर रहे हैं और आवश्यक मातृ और शिशु देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मुफ्त आवश्यक दवाइयां और नैदानिक सेवाएं उपलब्ध हैं। समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उक्त स्वास्थ्य केंद्रों में योग सत्र और टेली-कंसल्टेशन सेवाएं आयोजित की जा रही हैं।”

    उन्होंने यह भी बताया कि कुछ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को स्पेशलिस्ट शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अपग्रेड किया गया है, जहां नागरिकों को अपने घरों के पास विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध हो रहे हैं। आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग और “शहरी स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा” प्रदेश को स्वस्थ, मजबूत और समावेशी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक तक पहुंचे, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कमजोर वर्गों तक भी पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं।

    प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की भांति शहरी गरीब आबादी के लिए भी सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक नया मानक स्थापित किया है।

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, स्थापित होंगे डेयरी विकास केंद्र

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, स्थापित होंगे डेयरी विकास केंद्र

    चंडीगढ़: हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मार्च-2025 के बजट में की गई विभागीय घोषणाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करें। राणा आज यहां पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    इस अवसर पर विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय सिंह दहिया, महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कैबिनेट मंत्री ने बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि पशुपालन से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ हर पशुपालक तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने राज्य में बकरी और भेड़ के दूध के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने, भेड़ों की उच्च नस्लें बीपीएल परिवारों को नि:शुल्क उपलब्ध कराने और भेड़-बकरी बीमा योजना को अगले वर्ष से पूरी तरह नि:शुल्क करने की समीक्षा की।

    राणा ने कहा कि बकरी का दूध औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसके उत्पादन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा। उन्होंने महिलाओं को डेयरी स्थापित करने के लिए एक लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त ऋण देने, बकरी एवं भेड़ पालन को बढ़ावा देने के लिए बीटल, सिरोही, मुंजल जैसी उच्च आनुवंशिक नस्लें पशुपालकों को उपलब्ध करवाने, नस्ल सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सैक्सड सोर्टिड सीमन प्रयोगशाला की स्थापना तथा पशु चिकित्सा संस्थाओं में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की।

    मंत्री ने गौशालाओं की सुविधाओं में सुधार पर भी बल दिया। राणा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर पशुपालक आत्मनिर्भर बने और पशुपालन हरियाणा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने।

  • हरियाणा में खरीफ सीजन की बड़ी सफलता, किसानों को मिला 14,336 करोड़ का भुगतान

    हरियाणा में खरीफ सीजन की बड़ी सफलता, किसानों को मिला 14,336 करोड़ का भुगतान

    चंडीगढ़: हरियाणा में खरीफ खरीद सीजन 2025-26 के दौरान किसानों के खातों में अब तक 14336.92 करोड़ रुपये की अदायगी उनके बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित की जा चुकी है। इस तरह सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान सुनिश्चित किया है।

    हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हितों को देखते हुए जिला की सभी अनाज मंडियों में धान की खरीद का कार्य सुचारू रूप से जारी है।

    उन्होंने कहा कि जिले में हैफेड, वेयर हाउस और फूड एंड सप्लाई एजेंसियों द्वारा धान की खरीद की जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि धान की फसल बेचने में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से धान की खरीद की जा रही है। राज्य में अब तक ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल’ पर पंजीकृत 2,99,696 लाख किसानों से धान की खरीद की गई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों की मंडियों से अब तक 60,58,470 मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। अब तक मंडियों से 61,48, 624 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।

    उल्लेखनीय है कि राज्य में धान की खरीद भारत सरकार द्वारा धान की खरीद न्यूनतम समर्थन में करती हुए फसल का भुगतान किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर स्थानांतरित किया जाता है। सरकार द्वारा किसान भाइयों से बार – बार अपील की जा रही है कि वे अपनी फसल की मंडी में अच्छी तरह सुखाकर भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों (जैसे कि नमी 17 प्रतिशत) की सीमा अनुसार लेकर आएं।

    राज्य की खरीद संस्थाओं द्वारा धान की खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध किये हुए हैं और धान के उठान कार्य में भी तेज़ी लाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य की खरीद संस्थाओं द्वारा खरीद किये गए धान के भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य की अदायगी किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर स्थानांतरित की जाती है। भारत सरकार द्वारा धान के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2389 प्रति क्विंटल में कोई कटौती नहीं की गई है।

    विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मंडियों में बिजली, स्वच्छ पानी, शौचालयों आदि सुविधाओं को दुरूस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसान मंडी में अपनी धान की फसल सुखाकर ही लाएं ताकि किसानों को फसल का सही समय पर उचित मूल्य मिल सके। जिलों के प्रशासन को अपने – अपने क्षेत्र की अनाज मंडियों का समय – समय पर निरीक्षण करते रहने के के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को धान की फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

    इसके अतिरिक्त राज्य की मंडियों और खरीद केंद्रों में किसानों द्वारा लाए गए धान की साफ़ – सफाई का कार्य आढ़तियों द्वारा अपने स्तर पर किया जा रहा है। इसके साथ – साथ मंडियों और खरीद केंद्रों पर होने वाले मंडी श्रम कार्य (जैसे कि भराई, तुलाई, सिलाई, लदाई इत्यादि) के शुल्क दरों की अदायगी भी सरकार द्वारा वहन की जाती है।

     

  • पंजाब में बिजली कनेक्शन प्रक्रिया हुई आसान, 50 किलोवाट तक के लोड पर अब स्व-प्रमाणीकरण से मिलेगी सुविधा

    पंजाब में बिजली कनेक्शन प्रक्रिया हुई आसान, 50 किलोवाट तक के लोड पर अब स्व-प्रमाणीकरण से मिलेगी सुविधा

    चंडीगढ़: पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने घोषणा की है कि लाइनमैन ट्रेड में 2,600 अप्रेंटिस (इंटर्न) संबंधी चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है, जिसमें पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) के लिए 2,500 अप्रेंटिस और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पी.एस.टी.सी.एल.) के लिए 100 अप्रेंटिस शामिल हैं।

    अरोड़ा ने कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. को स्टाफ और तकनीकी कुशलता के मामले में मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 2,106 (2,023 सहायक लाइनमैन, 48 आंतरिक ऑडिटर और 35 राजस्व लेखाकार) की नियुक्ति के साथ अप्रैल 2022 के बाद नई भर्तियों की कुल संख्या 8,984 हो गई है जो रोजगार के अवसर प्रदान करने और राज्य के बिजली बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    “व्यवसाय करने में सुगमता” को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बड़े उपभोक्ता-हितैषी सुधारों की ओर कदम बढ़ाते हुए, पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने घोषणा की कि राज्य सरकार द्वारा नए बिजली कनेक्शन प्राप्त करने और लोड क्षमता में परिवर्तनों संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

    इस कदम के बारे में जानकारी देते हुए अरोड़ा ने कहा कि नई प्रणाली के तहत, एल.टी. (लो टेंशन) श्रेणी के तहत 50 किलोवाट तक के लोड में नए कनेक्शन या परिवर्तनों की मांग करने वाले आवेदकों या उपभोक्ताओं को किसी लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल ठेकेदार से कोई टेस्ट रिपोर्ट या भवन में बिजली संबंधी व्यवस्था के लिए कोई स्व-प्रमाणीकरण/हस्ताक्षरित दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में एक घोषणा होगी जिसमें आवेदक घोषणा करेगा “कि भवन में आंतरिक तारें एक लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल ठेकेदार/सरकार के नामित अधिकारी द्वारा लगाई गई हैं और टेस्ट की गई हैं तथा टेस्ट सर्टिफिकेट आवेदक के पास उपलब्ध है।” उल्लेखनीय है कि, पीएसपीसीएल (एपी को छोड़कर) में 50KW से कम लोड वाले कुल कनेक्शन 99.5% से अधिक हैं।

    उन्होंने कहा कि एल.टी. सप्लाई पर 50 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए, टेस्ट रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य रहेगा, लेकिन पीएसपीसीएल अधिकारियों को ऐसी रिपोर्टों की पुष्टि करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसी तरह, सभी नए एच.टी. (हाई टेंशन) और ई.एच.टी. (एक्स्ट्रा हाई टेंशन) आवेदकों के लिए, चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर (सीईआई) द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट अनिवार्य रहेगी; हालांकि, टेस्ट रिपोर्ट जमा करना अब आवश्यक नहीं होगा।

    अरोड़ा ने आगे कहा कि लोड एक्सटेंशन की मांग करने वाले मौजूदा एच.टी./ई.एच.टी. उपभोक्ताओं की श्रेणी में, सीईआई निरीक्षण केवल तभी आवश्यक होगा जब एक नया ट्रांसफॉर्मर लगाया जाएगा। अन्य सभी मामलों में, सीईआई प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फैसला प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करेगा, पारदर्शिता बढ़ाएगा और कनेक्शन जल्द जारी करने में सक्षम बनाएगा।

    बिजली मंत्री ने कहा कि आवेदक/उपभोक्ता द्वारा नया कनेक्शन/अतिरिक्त लोड/मांग/नाम बदलने आदि के लिए लाइसेंस प्राप्त बिजली ठेकेदार के माध्यम से जमा कराई गई टेस्ट रिपोर्ट (जहां भी लागू हो) की तस्दीक पीएसपीसीएल द्वारा नहीं की जाएगी।

    बिजली मंत्री ने दोहराया कि सुरक्षा नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी मौजूदा एच.टी./ई.एच.टी. उपभोक्ता सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सीईआई द्वारा वार्षिक निरीक्षण करवाते रहेंगे।

    उन्होंने आगे कहा कि ये निर्देश ए.पी. (कृषि बिजली) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए लागू नहीं होंगे। इस सुधार को कुशलता और विश्वास-आधारित प्रशासन की ओर एक प्रगतिशील कदम बताते हुएअरोड़ा ने कहा कि यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पंजाब में उपभोक्ता-हितैषी, पारदर्शी और समयबद्ध जनसेवाएं प्रदान करने के दृष्टिकोण से मेल खाता है।

    उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल में अब लगभग 30,000 कर्मचारी हैं और अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के अनुसार 30 या इससे अधिक कर्मचारियों वाली प्रत्येक संस्था को कुल स्टाफ के 2.5 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक अप्रेंटिस (इंटर्न) नियुक्त करने की आवश्यकता होती है। इस संबंध में, पीएसपीसीएल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अप्रेंटिस (इंटर्न) की चयन प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिससे युवाओं के कौशल विकास और भविष्य के रोजगार के लिए राह प्रशस्त करते हुए राष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    उन्होंने बताया कि लाइनमैन ट्रेड में एक साल की अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए, योग्य उम्मीदवारों को मैट्रिक पास होना चाहिए, मैट्रिक स्तर तक पंजाबी भाषा का ज्ञान होना चाहिए और इलेक्ट्रीशियन या वायरमैन ट्रेड में आई.टी.आई. योग्यता होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से की जाती है, जिसके बाद चुने गए उम्मीदवारों को प्रमाणित शेड्यूल अनुसार विभिन्न डिवीजनों में प्रैक्टिकल और सैद्धांतिक ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें 7700 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाएगा।

    बिजली मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान, 1,500 अप्रेंटिस (इंटर्न) ने अक्टूबर 2024 में सफलतापूर्वक अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी। इस सफलता के आधार पर, नए बैच के लिए 52-सप्ताह का ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाएगा और यह ट्रेनिंग प्रोग्राम उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।

    बिजली मंत्री ने बताया कि ट्रेनिंग पाठ्यक्रम में आवश्यक सुरक्षा और तकनीकी पाठ शामिल होंगे – जिसमें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पी.पी.ई.), प्राथमिक सहायता तकनीकें और हाई-टेंशन (एच.टी.) तथा लो टेंशन (एल.टी.) लाइनों पर सुरक्षित कार्य करने के अभ्यास शामिल हैं। आने वाले सप्ताहों में, प्रशिक्षु वोल्टेज, करंट और प्रतिरोध का माप, एच.टी./एल.टी. लाइनों की स्थापना और रखरखाव, केबल जोड़ना, अर्थिंग सिस्टम और मीटर लगाना सीखेंगे। उन्नत मॉड्यूल में फॉल्ट डिटेक्शन, ट्रांसफॉर्मर रखरखाव, लाइनों की गश्त और तूफान या बारिश के बाद इमरजेंसी प्रतिक्रिया शामिल है।

    ट्रेनिंग के दौरान, अप्रेंटिस (इंटर्न) अनुभवी पीएसपीसीएल कर्मचारियों की निगरानी में काम करेंगे, अपनी दैनिक डायरियां बनाए रखेंगे जिनकी साप्ताहिक जांच उनके सुपरवाइजर द्वारा की जाएगी। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी होने पर उम्मीदवारों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक मूल्यांकनों के माध्यम से मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद नेशनल अप्रेंटिसशिप काउंसिल (एनएसी), नई दिल्ली द्वारा सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।

    इस पहल की महत्वता को उजागर करते हुए श्री अरोड़ा ने कहा, “यह अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम न केवल पंजाब के युवाओं को विशेष तकनीकी कौशलों से लैस करता है बल्कि बिजली क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की सीधी भर्ती को भी सुनिश्चित करता है। यह प्रोग्राम यह भी सुनिश्चित करता है कि हमारे युवा नौकरी के लिए तैयार, कुशल और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हों।”

    उन्होंने आगे कहा कि लाइनमैन ट्रेड में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग का सफलतापूर्वक पूरा होना पीएसपीसीएल में सहायक लाइनमैन (एएलएम) के पद के लिए प्रारंभिक योग्यता मानदंड को दर्शाता है और अप्रेंटिस (इंटर्न) को बिजली क्षेत्र में एक स्पष्ट और योग्यता-आधारित करियर प्रगति प्रदान करता है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली विभाग के सचिव बसंत गर्ग आई.ए.एस. भी मौजूद थे।