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  • नागरिक सुविधाओं में ढिलाई पर सख्त हुए सीएम, टैंकर माफिया और लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश

    नागरिक सुविधाओं में ढिलाई पर सख्त हुए सीएम, टैंकर माफिया और लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम प्रदेश का सबसे तेज़ी से विकसित होता शहर है, इसलिए यहां नागरिक सुविधाओं के संचालन में किसी भी स्तर की ढिलाई या कोताही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में पानी, सीवर और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि गुरुग्राम में बसने वाला हर नागरिक तय समयावधि में उच्च स्तरीय मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पटौदी विधायक बिमला चौधरी, सोहना विधायक तेजपाल तंवर तथा गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 15 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 2 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।

    मुख्यमंत्री ने शहर में टैंकर माफिया पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान शहर में सक्रिय टैंकर माफिया पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे आधुनिक शहर में अवैध रूप से पानी की सप्लाई करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी रूप से जल आपूर्ति या शोधन का कार्य करता पाया जाता है तो संबंधित विभाग तुरंत नियमानुसार कार्रवाई करे। साथ ही, उन्होंने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित क्षेत्र के एसएचओ द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति में कोई बाधा न हो।

    बिल्डर तय एग्रीमेंट के तहत रेजिडेंट्स को उपलब्ध कराए मूलभूत सुविधाएं, अन्यथा होगी कार्रवाई

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिल्डर्स से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी बिल्डर अपने प्रोजेक्ट से जुड़े निवासियों को एग्रीमेंट में तय की गई मूलभूत सुविधाएं—जैसे पानी, बिजली, सीवर, सड़क और सुरक्षा व्यवस्था—समय पर उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि यदि कोई बिल्डर ऐसा करने में लापरवाही बरतता है या नागरिकों के साथ अनुबंध के विपरीत व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इंतकाल को ऑनलाइन न करने पर नायब तहसीलदार के खिलाफ जांच के निर्देश

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पटौदी के लोकरा गांव से आए एक शिकायतकर्ता की बात पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित नायब तहसीलदार के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसका इंतकाल लंबे समय से ऑनलाइन दर्ज नहीं किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ होना चाहिए और किसी भी अधिकारी द्वारा लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। गांव बहोड़ा कला में तीन साल से अधूरे पड़े सीवर कार्य पर मुख्यमंत्री ने दिखाई सख्ती, लापरवाह अधिकारी का इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश। बैठक में गांव बहोड़ा कला के सरपंच मनवीर सिंह ने अवगत कराया कि गांव में सीवर लाइन बिछाने का कार्य पिछले तीन वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस दौरान विभाग ने पूरे मार्ग की खुदाई कर दी है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न विभागों से अनुमति और एनओसी जारी होने में देरी के कारण कार्य अधूरा रह गया। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में देरी अस्वीकार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस अधिकारी की लापरवाही से फाइल पेंडिंग रही है, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उसका इंक्रीमेंट रोका जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी अपने दायित्वों से विमुख न हो। इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, जीएमडीए के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी, मंडलायुक्त आर.सी बिढान, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  
  • हरियाणा में बैंकिंग की रफ्तार बढ़ेगी, मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक

    हरियाणा में बैंकिंग की रफ्तार बढ़ेगी, मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि लाभार्थियों के ऋण स्वीकृति और वास्तविक वितरण के बीच की खाई को तुरंत पाटना आवश्यक है। वे आज यहां हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 174वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    मुख्य सचिव ने बैंकों से अपनी नीतियों की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों सहित सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर तथा पर्याप्त मात्रा में ऋण उपलब्ध कराया जाए। बैठक में राज्य के बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन का विस्तृत आकलन करने के लिए विभिन्न बैंकों, सरकारी विभागों और वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    रस्तोगी ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सहयोग प्रदान करने में बैंकों और सरकारी विभागों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तथा आकांक्षी ब्लॉकों में वित्तीय सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए बैंकों और जिला प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है।

    मुख्य सचिव ने सभी बैंकों से अप्रयुक्त सरकारी जमा राशि का विस्तृत ब्यौरा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में एक समग्र रिपोर्ट वित्त आयुक्त एवं सचिव को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख परिचालन मुद्दों पर चर्चा की और वित्तीय पहुँच एवं दक्षता में सुधार हेतु ठोस सुझाव साझा किए।

    वित्तीय जागरूकता के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों की भी सराहना की गई। ‘योर मनी योर राइट’ अभियान के तहत 825 निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय किया गया तथा 2.87 करोड़ रुपये से अधिक राशि सही लाभार्थियों को लौटाई गई। यह पहल नागरिकों को उनके भूले-बिसरे जमा धन से जोड़ने में प्रभावी साबित हो रही है।

    बैठक में बताया गया कि राज्य का बैंकिंग क्षेत्र निरंतर मजबूत वृद्धि के साथ आगे बढ़ रहा है। सितंबर 2025 तक राज्य में कुल जमा राशि 8,68,918 करोड़ रुपये तथा अग्रिम ऋण 7,69,537 करोड़ रुपये रहा। जमा में 12.48 प्रतिशत और अग्रिमों में 14.36 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो हरियाणा की सशक्त आर्थिक गतिविधियों और व्यापक ऋण प्रवाह को दर्शाती है।

    राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात 87 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत 60 प्रतिशत से काफी अधिक है। सभी जिलों द्वारा इस लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया गया है, जिससे संतुलित एवं समावेशी ऋण प्रसार का संकेत मिलता है।

    हरियाणा का बैंकिंग नेटवर्क भी निरंतर विस्तार पर है। राज्य में बैंक शाखाओं की कुल संख्या बढ़कर 5,582 हो गई है, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र की 2,733, निजी क्षेत्र की 1,941, स्मॉल फाइनेंस बैंकों की 218 और हरियाणा ग्रामीण बैंक की 690 शाखाएँ शामिल हैं।

    प्राथमिक क्षेत्र ऋण वितरण (प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग) में बैंकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अर्धवार्षिक लक्ष्य का 121 प्रतिशत प्राप्त किया। बैंकों द्वारा 1,56,572 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1,89,741 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। कृषि क्षेत्र ने 99 प्रतिशत और एमएसएमई क्षेत्र ने 145 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया, जो लघु उद्यमों को सशक्त करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

    बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 30,754 आवेदकों ने कौशल प्रशिक्षण पूरा किया तथा बैंकों ने 7,000 से अधिक मामलों को स्वीकृति प्रदान की। पारंपरिक व्यवसायों के लिए 14,306 टूलकिट वितरित की गईं, जिससे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिली है।

    प्रधानमंत्री स्वनिधि 2.0 योजना (पीएम स्वनिधि) में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख बैंकों ने रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को ऋण वितरण में अग्रणी भूमिका निभाई है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्या घर : मुफ्त बिजली योजना में प्रदेशभर में उत्साहजनक भागीदारी दर्ज हुई है। इसके तहत अब तक 34,799 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 42 प्रतिशत लाभार्थियों को राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे परिवार सौर ऊर्जा की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

    कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के तहत 931.8 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जो वार्षिक लक्ष्य का 61 प्रतिशत है।

    डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में भी हरियाणा अग्रणी बना हुआ है। राज्य में बचत और चालू खातों की 97 प्रतिशत से अधिक डिजिटल कवरेज प्राप्त की जा चुकी है। इसके अलावा, 18 बैंकों ने शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन पूरा किया है, जिससे ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएँ और अधिक सुलभ एवं प्रभावी हुई हैं।

    बैठक में वित्तीय समावेशन योजनाओं के शत-प्रतिशत कवरेज, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन, बिना बैंक शाखा वाले ग्रामीण क्षेत्रों में नई शाखाएँ खोलने तथा कमजोर वर्गों और छोटे किसानों को ऋण प्रवाह बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक में वित्त आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, पंजाब नेशनल बैंक के कार्यकारी निदेशक डी. सुरेन्द्रन, भारतीय रिजर्व बैंक चंडीगढ़ के महाप्रबंधक पंकज सेतिया, नाबार्ड हरियाणा की मुख्य महाप्रबंधक निवेदिता तिवारी तथा एसएलबीसी हरियाणा के संयोजक ललित तनेजा सहित विभिन्न बैंकों और सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • बागवानी फसलों की खेती बनेगी अब और फायदेमंद, सरकार दे रही आर्थिक सहयोग

    बागवानी फसलों की खेती बनेगी अब और फायदेमंद, सरकार दे रही आर्थिक सहयोग

    चण्डीगढ़: हरियाणा सरकार किसानों को बागवानी फसलों की खेती के लिए नए प्रावधान कर रही है। इसके लिए किसानों को बागवानी, फलों, सब्जियों फूलों और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    उद्यान विभाग के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बागवानी खेती में फलों के नए बाग लगाना, सब्जियों की खेती एकीकृत मॉडल के साथ करना, फलों की खेती, मसालों की खेती तथा खुशबूदार पौधों की खेती करना जैसे मद शामिल हैं।

    उन्होंने बताया कि इन फसलों की खेती के लिए किसानों को अनुदान के रूप में नए बाग लगाने पर 24,500 रुपये से 1,40,000 रुपये तक प्रति एकड़, सब्जियों की खेती पर एकीकृत मॉडल के तहत 15,000 रुपये प्रति एकड़, अनुसूचित वर्ग के लिए 25,500 रुपये प्रति एकड़, मसालों की खेती पर 15,000 रुपये से 30,000 रुपये प्रति एकड़, फूलों की खेती पर 8,000 रुपये से 40,000 रुपये प्रति एकड़ तथा खुशबूदार पौधों की खेती पर 8,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। अनुदान का भुगतान सीधे किसान के खाते में किया जाएगा। अनुदान सहायता सीमा अधिकतम 5 एकड़ तक ही दी जाएगी।

    प्रवक्ता ने बताया कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने, आवेदन प्रक्रिया व अनुदान क्षेत्र सीमा के लिए किसान मेरी फसल, मेरा ब्यौरा, होर्टनेट पोर्टल ( hortnet.hortharyana.gov.in ) पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, लाभ प्राप्त करने वाले किसान के पास अपना आवेदन और व्यक्तिगत विवरण, परिवार पहचान पत्र, आवेदक के बैंक खाते का पूर्ण विवरण तथा जहां आवश्यक हो तो अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।

     

  • दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं विद्यार्थी

    दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का आह्वान, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं विद्यार्थी

    चण्डीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा जैसे प्रगतिशील राज्य में ‘‘द टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्सटाइल एंड साइंसेज’’ जैसी संस्थाएं राज्य की औद्योगिक क्षमता और मानव संसाधन को सशक्त बना रही हैं। भविष्य के भारत को ऐसे ही संस्थानों की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षण के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी जीवन में धारण करें और समाज व राष्ट्र की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। डिग्री केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदारी का प्रतीक और समाज के प्रति एक वचन है।

    राज्यपाल आज ‘‘द टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्सटाइल एंड साइंसेज’’ के दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। दीक्षांत समारोह में उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष भी मौजूद रहीं।

    इस दौरान राज्यपाल प्रो. घोष ने विभिन्न विषयों से पास आउट लगभग 300 स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की। उन्होंने कहा कि टीआईटीएंडएस जैसी संस्थाएं तकनीकी और औद्योगिक शिक्षा के भविष्य की दिशा निर्धारित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भावना से कार्य करें।

    उन्होंने कहा कि आज का यह दिन केवल डिग्रियां प्रदान करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह बुद्धिमत्ता, परिश्रम और ज्ञान की साधना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अंत दीक्षांत के साथ नहीं होता, बल्कि यह हर नए चुनौती के साथ पुनः प्रारंभ होती है। इस तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में, हमारी सच्ची विजय मशीनों को अधिक बुद्धिमान बनाने में नहीं, बल्कि स्वयं को अधिक मानवीय बनाने में निहित है।

    राज्यपाल ने कहा कि हमारा देश एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। विकसित भारत 2047 के आह्वान के साथ, भारत का सपना है, एक ऐसे भविष्य का, जो युवा शक्ति, वैज्ञानिक प्रगति और नैतिक नेतृत्व से प्रेरित हो। सच्ची शिक्षा का मूल्य इस बात से नहीं आंका जाता कि आप कितनी ऊंचाई तक पहुंचे, बल्कि इस बात से देखा जाता है कि आपने कितनों को अपने साथ ऊपर उठाया है। सफलता में विनम्रता और आपकी समृद्धि में सेवा की भावना होनी चाहिए।

  • हरियाणा सचिवालय में ‘वंदे मातरम्’ का जश्न, स्कूली बच्चों के स्वर से गूंजा देशभक्ति का संदेश

    हरियाणा सचिवालय में ‘वंदे मातरम्’ का जश्न, स्कूली बच्चों के स्वर से गूंजा देशभक्ति का संदेश

    चंडीगढ़: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का स्मरणोत्सव आज पूरे हरियाणा में पूरी गरिमा और शालीनता से मनाया गया। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। रस्तोगी ने कहा कि अपने ही देश में पराधीनता की पीड़ा कितनी कष्टदायी होती है, इसकी कल्पना ही बड़ी मुश्किल है। सन 1857 में स्वतंत्रता के पहले संग्राम का बिगुल बजा और प्रबुद्ध नागरिकों ने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ बोलना शुरू किया।

    उन्होंने कहा कि गीत-संगीत, की हमारे देश में एक लम्बी परम्परा रही है। ऐसा ही एक गीत है-वंदे मातरम्। इस अमर गीत ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों से ग्रस्त और त्रस्त जनमानस को उद्वेलित कर जन-जन में देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित की, राष्ट्रीय चेतना को स्वर प्रदान किया और भारत के स्वाधीनता संग्राम को दिशा दी। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश बड़े ही गर्व और गौरव के साथ ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, यह भारत माता की आराधना है, हमारे राष्ट्रीय चरित्र की आत्मा है।

    मुख्य सचिव ने कहा कि जो देश-प्रदेश अपने इतिहास को याद नहीं रखते, उनका अस्तित्व भी ज्यादा समय तक नहीं रहता। इसलिए हमें अपने देश के गौरवशाली इतिहास को, इसकी अमूल्य धरोहर को निरंतर स्मरण रखना है। हमारे महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के दिखलाए मार्ग पर चलना है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर इस अमर गीत के रचयिता श्री बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें उनके जीवन के जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे इस प्रदर्शनी को जरूर देखें और इससे कुछ न कुछ सीखकर जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय गीत को हिन्दी में भी उच्चारण किया।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर भारत माता के चरणों में पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने राष्ट्रीय गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर ‘वंदे मातरम्’ गाया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ-साथ राज्य गीत ‘जय जय जय हरियाणा’ भी गाया गया। इससे पूर्व, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और कार्यक्रम के अंत में उन्हें ‘वंदे मातरम्’ गीत का चित्र भेंट किया।

    कार्यक्रम में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुमिता मिश्रा, स्वास्थ्य एवं परिवार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, नगर एवं ग्राम आयोजना तथा शहरी सम्पदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा, सभी के लिए आवास विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री रजनीकांथन, मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव पी.सी. मीणा, खेल विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क, धरोहर एवं पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती कला रामचंद्रन कार्मिक, प्रशिक्षण एवं संसदीय मामले विभाग के विशेष सचिव डाॅ. आदित्य दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक श्रीमती प्रियंका सोनी और सचिवालय स्थापना के अतिरिक्त सचिव सम्वर्तक सिंह खंगवाल समेत हरियाणा सिविल सचिवालय के कर्मचारी तथा सीआईएसएफ के अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने टेस्ला को हरियाणा में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का आमंत्रण दिया

    मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने टेस्ला को हरियाणा में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का आमंत्रण दिया

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वप्रसिद्ध इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला को हरियाणा में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने टेस्ला प्रतिनिधियों को हरियाणा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की प्रति भेंट की और बताया कि हरियाणा इस क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    नायब सिंह सैनी आज यहां टेस्ला कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि टेस्ला हरियाणा में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करती है, तो इससे कंपनी की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और भारतीय उपभोक्ताओं को टेस्ला इलेक्ट्रिक कारें अधिक किफायती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा की इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन, सुदृढ़ बुनियादी ढांचा और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरियाणा निवेश और नवाचार के लिए आदर्श गंतव्य बन चुका है। राज्य सरकार उद्योगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में टेस्ला की उपस्थिति राज्य के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति देगी।

    इस अवसर पर टेस्ला की वरिष्ठ निदेशक इसाबेल फैन ने मुख्यमंत्री को भारत के पहले एकीकृत टेस्ला सेंटर के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, जो आगामी 27 नवंबर को गुरुग्राम में आयोजित किया जाएगा। यह सेंटर एक ही परिसर में एक्सपीरियंस सेंटर, डिलीवरी सेंटर, सर्विस सेंटर, ऑफिस स्पेस और सुपरचार्जिंग स्टेशन को सम्मिलित करेगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसाबेल फैन को श्रीमद्भगवद गीता की प्रति भी भेंट की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • ‘वंदे मातरम’ गीत के 150 वर्ष पूरे, हरियाणा में 7 नवम्बर को राज्य स्तरीय समारोह

    ‘वंदे मातरम’ गीत के 150 वर्ष पूरे, हरियाणा में 7 नवम्बर को राज्य स्तरीय समारोह

    चण्डीगढ़: हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7 नवम्बर को प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो राष्ट्रभक्ति, एकता और सांस्कृतिक गौरव से ओत-प्रोत होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अंबाला में राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    जिला मुख्यालयों पर आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न मंत्रिगण, सांसद, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यदि किसी कारणवश कोई मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाता है तो संबंधित उपायुक्त समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार, अंबाला जिले के नारायणगढ़ में पवन सैनी, मुलाना में संतोष सारवान तथा अंबाला शहर में असीम गोयल मुख्य अतिथि रहेंगे। भिवानी शहर में श्रुति चौधरी के साथ विधायक घनश्याम दास सर्राफ, लोहारू में जय प्रकाश दलाल और बवानीखेड़ा में विधायक कपूर सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

    चरखी दादरी में लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह और विधायक सुनील सतपाल सांगवान तथा बाढड़ा में विधायक उमेद सिंह अतिथि रहेंगे।

    फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर जबकि बड़खल में विधायक धनेश अदलखा, फरीदाबाद एनआईटी में सतीश कुमार फागना, बल्लभगढ़ में मूलचंद शर्मा और पृथला में टेकचंद शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

    फतेहाबाद में राज्यसभा सांसद किरण चैधरी के साथ दूड़ाराम, टोहाना में देवेन्द्र सिंह बबली और रतिया में सुनीता दुग्गल उपस्थित रहेंगी।

    गुरुग्राम में राजस्व मंत्री विपुल गोयल के साथ श्री ओम प्रकाश धनखड़ और विधायाक मुकेश शर्मा जबकि पटौदी में विधायक बिमला चैधरी और सोहना में विधायक तेजपाल तंवर समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    हिसार में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा के साथ विधायकसावित्री जिंदल तथा डा. कमल गुप्ता जबकि हांसी में विधायक विनोद भ्याना, नारनौंद में कैप्टन अभिमन्यु, उकलाना में अनुप धानक, नलवा में विधायक रणधीर पनिहार तथा आदमपुर में भव्य बिश्नोई कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    झज्जर में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा के साथ कप्तान बिरधाना, बहादुरगढ़ में विधायक राजेश जून और दिनेश कौशिक और बेरी में संजय कबलाना समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    जींद में सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, सफीदों में रामकुमार गौतम, उचाना में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री और जुलाना में कैप्टन योगेश बैरागी शामिल होंगे।

    कैथल में राज्यसभा सांसद रेखा के साथ लीला राम, पुंडरी में विधायक सतपाल जांबा, चीका में कुलवंत राम बाजीगर और कलायत में कमलेश ढांडा मुख्य अतिथि होंगी।

    करनाल में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण के साथ विधायक जगमोहन आनंद, असंध में विधायक योगेन्द्र सिंह राणा, इंद्री में रामकुमार कश्यप और नीलोखड़ी में भगवान दास समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    कुरुक्षेत्र में सांसद नवीन जिंदल, थानेसर में सुभाष सुधा, पेहोवा में जयभगवान शर्मा और शाहाबाद में सुभाष कलसाना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।

    महेंद्रगढ़ जिले में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के साथ विधायक कंवर सिंह, नारनौल में ओमप्रकाश यादव और नांगल चैधरी में अभय सिंह यादव समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    नूंह में राज्यसभा सांसद राम चंद्र जांगड़ा के साथ संजय सिंह, फिरोजपुर झिरका में नसीम अहमद और पुन्हाना में एजाज खान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    पलवल में विधायक हरेंद्र सिंह और हथीन में मनोज रावत समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

    पंचकूला में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ ज्ञान चंद गुप्ता, जबकि कालका में शक्ति रानी शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।

    पानीपत में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के साथ विधायक प्रमोद विज और समालखा में विधायक मनमोहन भड़ाना मुख्य अतिथि होंगे।

    रेवाड़ी में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के साथ विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली में अनिल यादव और बावल में डॉ. कृष्ण कुमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

    रोहतक में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा के साथ मनीष ग्रोवर, सांपला में मंजू हुड्डा, महम में दीपक हुड्डा और कलानौर में रेनू डाबला उपस्थित रहेंगी।

    सिरसा में विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढ़ा के साथ गोपाल कांडा, मंडी डबवाली में बलदेव सिंह मंगियाना, कालांवाली में राजेन्द्र देसूजोदा, ऐलनाबाद में अमीर चंद मेहता और रानियां में शिशपाल कम्बोज मुख्य अतिथि होंगे।

    सोनीपत में पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार के साथ विधायक निखिल मदान, गन्नौर में विधायक देवेंद्र कादयान और देवेन्द्र कौशिक, खरखौदा में पवन खरखौदा, राई में विधायक कृष्णा गहलावत और बरौदा में प्रदीप सांगवान कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

    यमुनानगर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ विधायक घनश्याम दास, सढौरा में बलवंत सिंह और जगाधरी में कंवर पाल गुर्जर समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

  • यमुनानगर बस हादसे पर हरियाणा सरकार का एक्शन, अनिल विज बोले – ‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा’

    यमुनानगर बस हादसे पर हरियाणा सरकार का एक्शन, अनिल विज बोले – ‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा’

    चंडीगढ़: हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा है कि यमुनानगर बस हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा यमुनानगर के प्रतापनगर में हुई दुखद बस दुर्घटना के संबंध में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।

    उन्होंने कहा कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि हादसे की हर संभावना की जांच की जाए, चाहे वह बस की तकनीकी स्थिति से संबंधित हो या चालक की लापरवाही से। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर यदि गलती पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।

    बता दें कि सुबह यमुनानगर के प्रतापनगर में एक बस में चढ़ने के दौरान कुछ छात्राएं फिसलकर नीचे गिर गईं, जिसमें एक छात्रा की मृत्यु हो गई तथा अन्य घायल हो गईं। घायल छात्राओं का उपचार जारी है।

  • सुक्खू सरकार के कार्यकाल में सड़क दुर्घटनाओं में आई भारी कमी, अनगिनत जिंदगियां बचीं

    सुक्खू सरकार के कार्यकाल में सड़क दुर्घटनाओं में आई भारी कमी, अनगिनत जिंदगियां बचीं

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा सुधार के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों के सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार कमी आई है, जिससे अनगिनत अमूल्य जीवन बचाए गए हैं।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में कुल 2,253 सड़क दुर्घटनाओं के मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 2,147 रह गई और वर्ष 2025 में अब तक केवल 1,457 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। सड़क दुर्घटनाओं में आ रही कमी प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियों, बेहतर निगरानी तंत्र और सड़क सुरक्षा पर व्यापक जन जागरूकता अभियानों की सफलता को प्रदर्शित कर रही है।

    प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सरकार की यह उपलब्धि विशेष महत्त्व रखती है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2023 और वर्ष 2025 में भारी भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से सड़क सुरक्षा उपायों की दिशा में सराहनीय कार्य किया जिसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।

    उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा क्षेत्र को प्रमुखता प्रदान कर वर्तमान प्रदेश सरकार ने अनेक प्रभावी कदम उठाएं है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी करने के लिए हर संभव उपाय करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं और सरकार का लक्ष्य न केवल दुर्घटनाओं की संख्या को कम करना है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है।

  • 350वें शहीदी दिवस पर CM Nayab Singh Saini ने की राज्यव्यापी निबंध व कहानी प्रतियोगिता की शुरुआत

    350वें शहीदी दिवस पर CM Nayab Singh Saini ने की राज्यव्यापी निबंध व कहानी प्रतियोगिता की शुरुआत

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज हरियाणा सचिवालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशभर के विद्यालयों में आयोजित निबंध लेखन एवं ‘सुनो कहानी श्री गुरु तेग बहादुर जी की’ प्रतियोगिता का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सैनी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के अदम्य साहस, त्याग और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि गुरु साहिब का जीवन सत्य, साहस और मानवता की अनुपम मिसाल है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रभलीन सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के विभिन्न स्कूल वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े।

    माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके विचार सुने और उन्हें श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से सीख लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर चार विद्यार्थियों ने ‘साखी वाचन’ प्रस्तुत कर श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को साझा किया।

    मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गुरुओं और राष्ट्र नायकों के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी से लेकर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी गुरुओं ने हरियाणा की धरती को अपनी चरण धूलि से पवित्र किया है और उनकी शिक्षाएं यहां के जनमानस में गहराई से रची-बसी हैं।

    मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि इस आयोजन में प्रदेशभर के विद्यालयों से साढ़े तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी हो रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अपने गुरुओं के आदर्शों और बलिदानों से प्रेरणा ले रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रतियोगिता में पूरे मन से हिस्सा लें और श्री गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, सहिष्णुता, समानता और न्याय के संदेश को अपने जीवन में उतारें।

    उन्होंने कहा कि आज की तकनीकी पीढ़ी को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का उपयोग मानवता, करुणा और भाईचारे का संदेश फैलाने में करना चाहिए। यही श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने कर्म और विचारों से राष्ट्र को और मजबूत बनाने का संकल्प लें। यही इस प्रतियोगिता का सच्चा उद्देश्य है।