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  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘चरण सुहावे’ यात्रा में लिया हिस्सा, फरीदाबाद बना श्रद्धा का केंद्र

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘चरण सुहावे’ यात्रा में लिया हिस्सा, फरीदाबाद बना श्रद्धा का केंद्र

    हरियाणा : हरियाणा की पावन धरती आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनी, जब ‘सरबंसदानी’ दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज और माता साहिब कौर जी के ‘पवित्र जोड़ा साहिब’ की ‘चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा’ का फरीदाबाद में भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धा, भक्ति और एकता का यह अनुपम संगम शहर के प्रत्येक कोने में दिखाई दिया। इस स्वागत कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिकरत की। मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद के एनआईटी-5 स्थित श्री गुरु दरबार साहिब गुरुद्वारा में “चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा” का स्वागत किया। नायब सिंह सैनी ने यात्रा के साथ चल रहे केंद्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी का हरियाणा आगमन पर स्वागत किया। उन्होंने श्री गुरु दरबार साहिब गुरुद्वारा में साध- संगत और यात्रा की अगवानी करने वाले पंज प्यारों का भी पटका ओढ़ा कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने यात्रा की रवानगी से पहले गुरुद्वारा में मत्था टेका और अरदास सुनी। इसके उपरांत उन्होंने पवित्र जोड़ा साहिब के भी दर्शन किए। इससे पहले हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार रविंदर सिंह राणा, श्री गुरु दरबार साहिब गुरुद्वारा के प्रधान सरदार इंदर जीत सिंह व सिख समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि दिल्ली से आरंभ होकर बिहार स्थित तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब तक जाने वाली इस महान यात्रा का पहला विश्राम स्थल फरीदाबाद रहा। दिल्ली का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला यह शहर आज गुरु चरणों की धूल से पावन हो उठा है। जिस नगर में गुरु के पवित्र चरण रुकें, वह नगर अपने आप ही तीर्थ बन जाता है और आज फरीदाबाद लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक महान तीर्थ स्थल बन चुका है। उन्होंने इस यात्रा के आयोजन के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और इस यात्रा के आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

    गुरु गोबिंद सिंह जी: त्याग, वीरता और न्याय के प्रतीक

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जब यह पवित्र जोड़ा साहिब यहाँ पहुँचा है तो दशमेश पिता का सम्पूर्ण तेज, त्याग और बलिदान हमारे बीच साकार हो उठा है। उन्होंने धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल अत्याचार के विरुद्ध बलिदान दिया। उन्होंने अन्याय से लड़ने के लिए एक साधारण मनुष्य को खालसा बनाया, एक ऐसी शक्ति बनाया जिसका संकल्प धर्म की रक्षा और निर्बलों की सहायता करना था। यह जोड़ा साहिब हमें उनकी उस महान प्रतिज्ञा की याद दिलाता है कि “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, तबै गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ।” यह प्रतिज्ञा केवल युद्ध की नहीं थी, बल्कि आत्म-सम्मान, साहस और न्याय की थी, जो आज भी हर भारतीय के लिए जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने चारों पुत्रों का बलिदान दिया ताकि देश के अन्य पुत्र-पुत्रियाँ सुरक्षित रह सकें।

    माता साहिब कौर जी: करुणा और शक्ति की प्रतिमूर्ति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा में माता साहिब कौर जी का भी पवित्र जोड़ा साहिब शामिल है। माता साहिब कौर जी को खालसा पंथ की माँ होने का गौरव प्राप्त है। जब गुरु जी ने खालसा पंथ की स्थापना की, तो उन्होंने माता साहिब कौर जी से ‘अमृत’ में पताशे डलवाए, ताकि खालसा के अनुयायियों में वीरता के साथ-साथ मिठास और करुणा भी बनी रहे।

    ‘चरण सुहावे’ यात्रा दिल्ली से पटना साहिब तक आध्यात्मिक सेतु

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह ‘चरण सुहावे’ यात्रा दिल्ली, जो भारत की राजधानी है, और पटना साहिब, जो गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मभूमि है, के बीच एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु का निर्माण कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार, गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलने और उनके बलिदान को चिरस्थायी बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश वर्ष, श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व को भव्य रूप से मनाने का काम किया। इसके अलावा, जिस भूमि पर श्री गुरु नानक देव जी ने 40 दिन रहकर तपस्या की, उस भूमि को सरकार ने सिरसा स्थित गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब को दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को राज्यभर में श्रृद्धा और सम्मान के साथ मनाएगी। 1 नवंबर से लेकर 24 नवंबर तक हरियाणा प्रदेश के चारों कौनों से चार यात्राएं निकलेंगी, जिनका समापन 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि, जहाँ समय-समय पर गुरुओं के चरण कमल पड़े, उस स्थान पर होगा। इसे लेकर सरकार ने व्यापक कार्य-योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में एक प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत ऐसे 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया जिनके किसी सदस्य की जान 1984 के दंगों में चली गई थी। इस निर्णय पर मंत्रिमंडल ने भी अपनी सहमति की मुहर लगाई है, जो सिख समाज के प्रति सम्मान और संवेदना का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा जहां एक ओर गुरु परंपरा की याद दिलाती है, वहीं दूसरी ओर भारत की एकता, साहस और करुणा के मूल्यों को सशक्त बनाती है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक मूल चंद शर्मा, सीमा त्रिखा, बावल से विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर प्रवीण बत्रा जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में कदम तेज , हरियाणा की नई ECMS पॉलिसी जल्द लागू

    इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में कदम तेज , हरियाणा की नई ECMS पॉलिसी जल्द लागू

    हरियाणा: हरियाणा केन्द्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत निवेश आकर्षित कर प्रदेश को ’इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग’ के एक प्रमुख हब के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस दिशा में राज्य जल्द ही अपनी ईसीएमएस पॉलिसी के तहत नई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करेगा, जिनमें निवेशकों को वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास को गति देने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की रणनीतियों की समीक्षा की गई। नई मसौदा ‘ईसीएमएस पॉलिसी’ के तहत पूंजीगत एवं परिचालन खर्च की प्रतिपूर्ति, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर व्यय, प्रौद्योगिकी अधिग्रहण, क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाओं के विकास हेतु समर्थन जैसे अनेक प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं।

    मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बड़े निवेश आकर्षित करना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में राज्य की भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि देश में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन वर्ष 2015 से अब तक 17 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ा है, जबकि डिजाइन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम अभी विकास के शुरुआती चरण में है। वर्तमान में हरियाणा देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग 2.9 प्रतिशत (0.8 बिलियन यूएसडी) का योगदान दे रहा है और इस क्षेत्र में लगभग 1.3 मिलियन रोजगार का सहयोग करता है। रस्तोगी ने कहा कि लक्षित नीतिगत सहयोग, रणनीतिक निवेशक सहभागिता और आईएमटी सोहना में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसे सक्षम बुनियादी ढांचे के निर्माण से राज्य के योगदान को बढ़ाने की अपार सम्भावनाएं हैं।

    उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की ’ईसीएमएस योजना’ के अंतर्गत कई तरह के लाभ दिए जाते हैं। इनमें 1 से 25 प्रतिशत तक टर्नओवर-लिंक्ड और पूंजी निवेश आधारित लाभ शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे प्रगतिशील राज्यों की तर्ज पर हरियाणा ’अतिरिक्त टॉप-अप इंसेंटिव देने की संभावनाएं तलाश रहा है, ताकि ईसीएमएस-अनुमोदित निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत हो सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को इस संबंध में विस्तृत योजना तैयार करने और तत्परता से निवेशकों से संपर्क साधने के निर्देश दिए। इसके तहत 10 नवंबर तक उन 11 आवेदकों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की जाएंगी, जिन्होंने प्रदेश में ईसीएमएस-अनुमोदित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इसके अतिरिक्त, 50 अन्य कंपनियों से भी संपर्क किया जाएगा, जिन्होंने अभी तक अपनी परियोजना का स्थान निर्धारित नहीं किया है।

    बेहतर समन्वय और निवेशक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक संभावित निवेशक के लिए समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त करेगी। ये अधिकारी भूमि की पहचान, नियामक स्वीकृतियांे, विभागीय समन्वय और इंसेंटिव प्रक्रिया से जुड़ी सहायता प्रदान करेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा का दृष्टिकोण सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धात्मक, दोनों तरह का होगा ताकि राज्य में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल इकोसिस्टम विकसित हो सके। बैठक में नागरिक संसाधन सूचना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री Nayab Saini ने वृद्धाश्रम में दीपावली की खुशियां बुजुर्गों के साथ साझा की

    मुख्यमंत्री Nayab Saini ने वृद्धाश्रम में दीपावली की खुशियां बुजुर्गों के साथ साझा की

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीपावली के पावन अवसर पर पंचकूला के सेक्टर-15 स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों के साथ दीपोत्सव मनाया। इस अवसर पर उनके साथ उनकी धर्मपत्नी सुमन सैनी भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने वृद्धजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी, उन्हें मिठाइयां वितरित की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मुख्यमंत्री सैनी ने वृद्धजनों के साथ आतिशबाजी कर इस उत्सव की खुशियां सांझा कीं। उन्होंने कहा कि पंचकूला के वृद्धाश्रम में पहुंचकर सम्माननीय वृद्धजनों के साथ दीपोत्सव मनाना एक अत्यंत आत्मीय, प्रेरणादायी और आनंददायक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रेम, स्नेह और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक है, जो हमें यह सिखाता है कि सच्चा उत्सव वही है, जिसमें हर चेहरे पर मुस्कान और हर हृदय में अपनत्व का प्रकाश झिलमिलाता हो।

    इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी पंचकूला की सचिव सविता अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

  • हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के नेतृत्व में फरीदाबाद में आशादीप ने बिखेरी उम्मीद की किरणें

    हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के नेतृत्व में फरीदाबाद में आशादीप ने बिखेरी उम्मीद की किरणें

    चंडीगढ: प्रकाश के पावन पर्व दीपावली के शुभ अवसर पर, हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में फरीदाबाद के लेबर चौक पर 15 फीट ऊँचे भव्य आशादीप के प्रज्ज्वलन का भव्य आयोजन हुआ। यह दीप न केवल एक प्रतीक है, बल्कि एकता, सद्भाव और आशा के अमृतमयी प्रकाश का संदेशवाहक बनकर समूचे फरीदाबाद को आलोकित करेगा।

    विपुल गोयल ने दीप प्रज्ज्वलन के अवसर पर अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। जब हम समाज के प्रत्येक वर्ग तक इस प्रकाश को पहुँचाने का संकल्प लेते हैं, तभी यह पर्व अपने सच्चे अर्थों में सार्थक होता है। इस भव्य आयोजन में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसने इस आयोजन को एक जनोत्सव का स्वरूप प्रदान किया। दीप जलाओ, आशा बढ़ाओ के गूंजते नारों ने वातावरण को उत्साह और उमंग से सराबोर कर दिया।

    यह 15 फीट ऊँचा आशादीप, परंपरा और पर्यावरणीय चेतना के अद्भुत समन्वय का प्रतीक है। जिसे पुराने घी और तेल के डिब्बों से रचनात्मक ढंग से निर्मित किया गया। आयोजन स्थल पर भजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और दीपदान के माध्यम से प्रेम, भाईचारे और सकारात्मकता का संदेश प्रसारित हुआ। फरीदाबाद वासियों ने इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे न केवल दीपावली का उत्सव, बल्कि अमृतकाल की भावना और नए भारत की आशा का प्रतीक बताया।

    गोयल ने कहा कि यह आशादीप हमारे उस अटूट संकल्प का प्रतीक है, जो प्रत्येक फरीदाबादी के हृदय में धड़कता है। फरीदाबाद को न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश में उत्कृष्टता का पर्याय बनाना। दीपावली का अर्थ केवल घरों को रोशन करना नहीं, अपितु समाज और राष्ट्र में नई ऊर्जा, प्रेरणा और अवसरों का प्रकाश फैलाना है। जब हर कोई अपने घर को सजाने में व्यस्त है, हम सब मिलकर अपने शहर को आलोकित करने का महान कार्य कर रहे हैं। यही फरीदाबाद की पहचान है। यह शहर उत्सव भी मनाता है और विकास का दीप भी प्रज्वलित करता है।

    उन्होंने ने कहा कि यह आशादीप उन असंख्य हाथों की मेहनत का प्रतीक है, जो दिन-रात फरीदाबाद को सुंदर, सशक्त और आधुनिक बनाने में जुटे हैं। यह उन कर्मठ कामगारों, पेशेवरों, कर्मचारियों और नागरिकों का सम्मान है, जिन्होंने इस शहर को संवारने में अमूल्य योगदान दिया है। गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विकसित हरियाणा तथा उत्कृष्ट फरीदाबाद के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि यह आशादीप इन संकल्पों की दिशा में एक और सशक्त कदम है।

    उन्होंने अगली दीपावली तक फरीदाबाद को एक नेक्स्ट लेवल डेवलपमेंट सिटी बनाने का संकल्प दोहराया। जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण और स्मार्ट शहरी सेवाओं के हर मानक पर फरीदाबाद को देश का सर्वश्रेष्ठ शहर स्थापित किया जाएगा। जैसे हम दीपावली से दीपावली तक अपने घरों को और सुंदर बनाते हैं, वैसे ही हमें अपने फरीदाबाद को और उत्कृष्ट बनाना है। यह आशादीप हमें यही प्रेरणा देता है कि जब हम एकजुट होकर संकल्प लेते हैं, तो कोई भी अंधकार हमें रोक नहीं सकता। यही दीपावली का संदेश है, यही हमारा संकल्प है।

    यह आयोजन फरीदाबाद के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बन गया, जो न केवल दीपावली के उल्लास को दर्शाता है, बल्कि एक उज्ज्वल, समृद्ध और विकसित फरीदाबाद के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है।

  • मुख्यमंत्री ने टूटीकंडी बाल आश्रम में बच्चों के साथ मनाई दिवाली

    मुख्यमंत्री ने टूटीकंडी बाल आश्रम में बच्चों के साथ मनाई दिवाली

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां टूटीकंडी बाल आश्रम का दौरा किया और आश्रम में रहने वाले बच्चों के साथ दीपोत्सव भी मनाया। आश्रम के बच्चों और कर्मचारियों ने मिट्टी के दीये जलाकर और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मिठाइयां और उपहार बांटे और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवाली का असली मतलब खुशियां, करुणा और एकजुटता बांटना है। ये बच्चे हमारा भविष्य हैं और यह हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है, कि हम सुनिश्चित करें कि उनकी परवरिश प्यार, सम्मान और उचित अवसरों के साथ हों।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को ‘राज्य के बच्चों’ के रूप में गोद लिया है। इन बच्चों की शिक्षा का सारा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रति माह 4000 रुपये पॉकेट मनी भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के बाल आश्रमों में आवासीय सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा और अन्य सुविधाओं में भी वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार जल्द ही अनाथ और कमजोर बच्चों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करेगी।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाल आश्रम के बच्चों के लिए हर साल 14 नवंबर को खेल दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार पर्याप्त बजट का प्रावधान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल आश्रमों के छात्रों को बेहतर अनुभव प्राप्त करने के लिए राज्य से बाहर शैक्षणिक दौरों पर भेजा जाएगा। उन्होंने बच्चों से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और उसके बाद विभिन्न क्षमताओं में राष्ट्र की सेवा करके देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर महापौर सुरेन्दर चौहान, उप-महापौर उमा कौंडल, निदेशक महिला एवं बाल कल्याण पंकज ललित और उपायुक्त अनुपम कश्यप भी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा, विश्वकर्मा दिवस और भाई दूज की दी बधाई

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा, विश्वकर्मा दिवस और भाई दूज की दी बधाई

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी नागरिकों को दीपावली, गोवर्धन पूजा, विश्वकर्मा दिवस और भाई दूज के पावन पर्वों के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही, उन्होंने हरियाणा सरकार के तीसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों के सहयोग और विश्वास के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।

    नायब सिंह सैनी ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली का पवित्र त्यौहार प्रकाश, समृद्धि और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहार हमारी संस्कृति की पहचान है। ये हमें एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सहयोग और एकता की भावना को और मजबूत करने की प्रेरणा देते है। गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की याद दिलाती है। विश्वकर्मा दिवस हमारे कारीगरों, शिल्पकारों और श्रमिकों के अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर है, जो प्रदेश की प्रगति की नींव हैं। भाई दूज का पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते को और सुदृढ़ करता है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का गौरव है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के एक वर्ष में जनकल्याण, समावेशी विकास और सुशासन के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए शुरू की गई योजनाओं ने लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां प्रदेशवासियों के अटूट समर्थन और सहयोग का परिणाम हैं।

    सैनी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के इस अवसर पर पर्यावरण के प्रति जागरूक रहें, प्रदूषण मुक्त उत्सव मनाएं और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना भी की ।

  • बिहार में पहुंचे CM Nayab Saini, विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- ‘पिछली सरकारों ने गरीबों के हितों की अनदेखी की’

    बिहार में पहुंचे CM Nayab Saini, विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- ‘पिछली सरकारों ने गरीबों के हितों की अनदेखी की’

    चण्डीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बिहार अब विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनता का विश्वास एनडीए सरकार में और मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में पुनः एनडीए की सशक्त, स्थिर और सुशासित सरकार का गठन होगा, जिससे प्रदेश तीव्र गति से विकास एवं समृद्धि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने आज बिहार के दौरे पर चुनावी सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में बिहार ने विकास की नई दिशा प्राप्त की है। यहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आरजेडी–कांग्रेस गठबंधन पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबों के हितों की अनदेखी की और बिहार को पिछड़ेपन की ओर धकेला। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं ने झूठे वादों से सत्ता हासिल की और जनता को गुमराह किया।

    उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार को “जंगलराज” से निकालकर विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया है। आज बिहार में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंची है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा–जदयू गठबंधन सरकार ने बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार अब नए युग में प्रवेश कर रहा है और जनता का उत्साह इस बात का प्रमाण है।

    अपने बिहार प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे विकास, सुशासन और स्थिरता के पक्ष में एकजुट होकर भाजपा–जदयू गठबंधन का समर्थन करें। बिहार पहुंचने पर नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।

  • Haryana News: एक साल में सरकार ने 46 संकल्प किए पूरे, देखें वीडियो

    Haryana News: एक साल में सरकार ने 46 संकल्प किए पूरे, देखें वीडियो

    25 हजार लोगों को रोजगार और 24 हजार युवाओं की नियुक्तियां शामिल

    अंबालाः हरियाणा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को यमुनानगर सचिवालय के सभागार में जन विश्वास, जन विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते एक साल में सरकार ने अपने 46 संकल्प पूरे किए हैं और जनता को सीधा लाभ पहुंचाया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना-2 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों को प्लॉट आवंटन से जुड़े प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व कृषि मंत्री कंवरपाल गुज्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा, उपायुक्त पार्थ गुप्ता, जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठसका, पूर्व विधायक बलवंत सिंह सढौरा सहित बड़ी संख्या में जनसाधारण मौजूद रहा। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बीते एक वर्ष में आमजन के हित में अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर, कर्मचारी और व्यापारी सभी वर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार ने अपने पहले वर्ष में 25,000 लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, जिसमें से 24,000 युवाओं को नियुक्तियां पहले ही वर्ष में प्रदान कर दी गईं। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में अन्य युवाओं को भी निरंतर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार ने सामाजिक कल्याण योजनाओं में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है ताकि उनके भविष्य को सशक्त बनाया जा सके। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में कदम उठाते हुए सिविल अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
  • हरियाणा में अधिकारी-कर्मचारियों की विदेश यात्राओं के संबंध में जारी हुए नए दिशा-निर्देश

    हरियाणा में अधिकारी-कर्मचारियों की विदेश यात्राओं के संबंध में जारी हुए नए दिशा-निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा के वित्त विभाग ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की विदेश यात्राओं के सम्बन्ध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और पूर्व में सभी आदेशों को निरस्त समझा जाएगा।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा जारी ये दिशा-निर्देश ग्रुप ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ एवं ‘डी’ के सरकारी कर्मचारियों के साथ ही हरियाणा से जुड़े अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों पर भी लागू होंगे।

    वित्त विभाग (एफ.आर. शाखा) इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक विभाग की सिफारिश पर अनुमोदन प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की विदेश यात्राओं के संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। हालांकि अब वित्त विभाग से वित्तीय स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।

    सरकारी खर्च पर की जाने वाली आधिकारिक विदेश यात्राओं के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम एक आधिकारिक और एक निजी यात्रा की अनुमति दी जाएगी। दोनों यात्राओं की कुल अवधि तीन सप्ताह से अधिक नहीं होगी। प्रस्तावों को संबंधित अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित ‘चेक-लिस्ट’ के साथ मुख्यमंत्री की स्वीकृति प्राप्त कर वित्त विभाग को भेजना अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि विदेश यात्रा भत्ता हेतु बजट का पर्याप्त प्रावधान उपलब्ध है।

    व्यक्तिगत कारणों से स्वयं के व्यय पर विदेश यात्रा के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में केवल एक निजी यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इस स्थिति में उस देश का नाम अनुमोदन पत्र में स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा, जहां की यात्रा की जानी है। यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध अपराध से जुड़ा कोई मामला लंबित है या मुख्य दंड हेतु आरोप पत्र जारी किया गया है, तो ऐसे मामलों में अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि निजी यात्रा का खर्च विभाग से जुड़ी किसी निजी संस्था द्वारा वहन किया जा रहा है तो अनुमति नहीं दी जाएगी।

    किसी भी परिस्थिति में विदेश यात्रा के लिए एक्स-पोस्ट फैक्टो अप्रूवल प्रदान नहीं की जाएगी। बिना पूर्व अनुमति के विदेश जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, विदेश में रहने के दौरान अधिकारी-कर्मचारी को बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी प्रकार का कार्य (नौकरी) करने या निर्धारित अवधि से अधिक रुकने की अनुमति नहीं होगी।

    जहां कार्यभार सौंपने या ग्रहण करने की व्यवस्था लागू है, वहाँ अधिकारी-कर्मचारी को विदेश जाने से पूर्व अपना कार्यभार अपने वैकल्पिक अधिकारी-कर्मचारी को सौंपना होगा। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विभाग द्वारा हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के अंतर्गत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    वित्त विभाग ने साफ किया है कि इन दिशा-निर्देशों की व्याख्या, संशोधन या इनमें का अधिकार केवल वित्त विभाग (एफ.आर. शाखा) के पास रहेगा।

  • सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को प्राइवेट आयुष अस्पतालों में दी जा रही इलाज की सुविधा

    सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को प्राइवेट आयुष अस्पतालों में दी जा रही इलाज की सुविधा

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों/पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के इलाज के लिए काफी सुविधाएं दे रही है। सरकारी अस्पतालों के अलावा कई प्राइवेट अस्पतालों को भी इम्पैनल्ड किया है ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी अस्पताल में इलाज करवा सकें। कर्मचारियों की मांग पर प्रदेश सरकार ने कई प्राइवेट आयुष अस्पतालों को भी इम्पैनल्ड किया है। इस दिशा में कदम उठाते हुए विभाग ने दो और आयुष अस्पतालों को इम्पैनल्ड कर दिया है जिससे संख्या बढ़कर अब करीब एक दर्जन हो गई है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से झज्जर जिला में आयुष अस्पताल “संस्कारम हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर” , खेड़ी तालुका , पटौदा तथा हिसार जिला के बरवाला में स्थित “वेदामृता हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड” को इम्पैनल्ड किया है। हरियाणा के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स तथा उनके आश्रित अब इन प्राइवेट आयुष अस्पतालों में भी इलाज करवा सकेंगे। सरकार द्वारा निर्धारित बीमारियों की जांच एवं ईलाज करवा कर इन अस्पतालों के मेडिकल बिल पास करवा सकेंगे।

    हरियाणा आयुष निदेशालय के प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इन इम्पैनल्ड प्राइवेट आयुष अस्पताल के स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। नोडल अधिकारी किसी भी शिकायत के मामले में आयुष विभाग से संपर्क करेगा।

    उन्होंने इम्पैनल्ड अस्पतालों की शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी आपात स्थिति/आपदा/मरीजों की अधिकता की स्थिति में इम्पैनल्ड अस्पताल आवश्यकतानुसार अपनी एम्बुलेंस, आईसीयू, बर्न यूनिट, वार्ड बेड आदि साझा करने के लिए सहमत होंगे।

    उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी सभी वैधानिक नियमों/दिशानिर्देशों/अधिनियमों/अधिसूचनाओं का इम्पैनल्ड प्राइवेट आयुष अस्पताल द्वारा पालन किया जाएगा। उपर्युक्त एनएबीएच मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक अस्पताल मान्यता प्रमाणपत्र की वैधता के अधीन तीन वर्षों की अवधि के लिए इम्पैनल्ड रहेगा। इसके बाद अस्पताल को नए दोबारा से आवेदन करना होगा।