Category: Jammu and Kashmir

  • खाई में आर्मी की बस गिरने से 10 जवान शहीद, रेस्क्यू जारी, देखें वीडियो

    खाई में आर्मी की बस गिरने से 10 जवान शहीद, रेस्क्यू जारी, देखें वीडियो

    डोडाः जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बड़ा हादसा हो गया। जहां भद्रवाह-चांबा के करीब खानी टॉप इलाके सेना की गाड़ी गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में 10 जवान शहीद हो गए। घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया गया। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने कहा कि हमारे 10 वीर जवानों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। चश्मदीदों के मुताबिक हादसा इतना भयानक था कि आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। बचाव दल को नीचे उतरने में काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि वहां का रास्ता बहुत संकरा है। अधिकारियों ने बताया कि डोडा जिले में सेना का वाहन सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि सेना की बुलेट प्रूफ वाहन कुल 17 जवानों को लेकर के ऊंचाई वाले पोस्ट की तरफ जा रही थी। तभी ड्राइवर ने गाड़ी पर कंट्रोल खो दिया और गाड़ी 200 फीट गहरी खाई में पलट गई। सेना और स्थानीय पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन शुरू कर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने बताया का गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करके उन्हें उधमपुर सैन्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया है। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अभियान जारी है। सेना के उच्च अधिकारी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। मौके पर अतिरिक्त एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट भद्रवाह-चंबा रोड पर खन्नीटॉप में आर्मी की गाड़ी के साथ हुए हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना की, साथ ही बचाव और निकालने के तेज कामों की तारीफ की।
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी, जैश के कई आतंकी घिरे

    जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी, जैश के कई आतंकी घिरे

    नेशनल डेस्क। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंगपोरा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के फंसे होने की वजह से हुई है।गोलीबारी अभी भी जारी है। सुरक्षाबल आतंकियों को जवाब दे रहे हैं। इलाके में हाई अलर्ट जारी है। सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकवादी लगातार भारत के खिलाफ साजिशें रचते रहते हैं, लेकिन भारतीय जवान उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते हैं।

    कठुआ में आतंकियों के ठिकानों का भंडाफोड़
    हाल ही में कठुआ जिले में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों के ठिकानों का भंडाफोड़ किया था। इन ठिकानों में देसी घी, बादाम और अन्य सामान बरामद हुआ। आतंकियों ने जंगल का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाबलों का एक जवान घायल हुआ।

    राजौरी में ड्रोन की गतिविधि से हड़कंप
    राजौरी सेक्टर में हाल ही में ड्रोन उड़ते हुए देखा गया था। ड्रोन की यह गतिविधि सीमा पार से निगरानी या संदिग्ध उद्देश्य से की जा रही हो सकती थी। इसकी सूचना मिलते ही भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई की और गोलीबारी की।

    रफीक नाई उर्फ सुल्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
    जनवरी की शुरुआत में पुलिस ने रफीक नाई उर्फ सुल्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। उसकी 10 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी गई। यह संपत्ति मेंढर तहसील के नक्का मझारी इलाके के गांव नर में स्थित 4 मरला और 2 सरसाई कृषि भूमि थी।

    रफीक नाई पाकिस्तान से जुड़े प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन/जम्मू कश्मीर गजनवी फोर्स का हैंडलर और लॉन्च कमांडर है। उसे आतंकवादी घोषित किया गया है। वह कई गंभीर मामलों में वांछित है।

    सुरक्षाबल अलर्ट मोड में…
    पहलगाम आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबल अलर्ट मोड में हैं। हर छोटी से छोटी गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आतंकियों पर लगातार नकेल कसी जा रही है।

     

     

  • जम्मू में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, जैश का आतंकी चारों ओर से घिरा

    जम्मू में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, जैश का आतंकी चारों ओर से घिरा

    Encounter in Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। यह मुठभेड़ बिलवार इलाके के कहोग गांव के पास जंगली क्षेत्र में हो रही है। सुरक्षाबलों को यहां आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

    सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने की गोलीबारी
    सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही सुरक्षाबल जंगल में तलाशी अभियान चला रहे थे, उसी दौरान आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन और मुठभेड़ दोनों जारी हैं।

    जैश के आतंकी के फंसे होने की आशंका
    मिली जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद संगठन का एक आतंकी शामिल बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि जैश का कमांडर मावी इस इलाके में फंसा हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र को घेरकर आतंकियों की तलाश में जुटी हैं।

    कहोग गांव के पास जंगल बना मुठभेड़ का केंद्र
    यह मुठभेड़ बिलवार के कहोग गांव के नजदीक स्थित घने जंगलों में हो रही है। कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में 2 से 3 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद से यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

    स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर खास ध्यान
    जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक (IG) भीम सेन तुती ने बताया कि स्थानीय पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कठुआ के कमाध नाले के जंगल में आतंकियों से मुठभेड़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

    कठुआ में लगातार बढ़ रही आतंकी गतिविधियां
    बताया जा रहा है कि कठुआ जिले में पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। जनवरी 2026 से पहले, 7 और 8 जनवरी को भी इसी क्षेत्र में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक जवान घायल हो गया था।

    2025 में भी हुए थे कई एनकाउंटर
    साल 2025 के दौरान भी कठुआ में कई बार आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो चुकी है। मार्च 2025 में हुए एक एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 2 से 3 आतंकियों को मार गिराया था। इन घटनाओं के बाद से सुरक्षा एजेंसियां इलाके में लगातार सतर्कता बरत रही हैं।

     

     

  • बड़ी कार्रवाईः 5 सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज, किया बर्खास्त

    बड़ी कार्रवाईः 5 सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज, किया बर्खास्त

    श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवादियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के अभियान को तेज करते हुए 5 सरकारी कर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया है। इस दौरान एलजी ने आज 5 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। अधिकारी के मुताबिक, इस कदम का मकसद‘सरकारी तंत्र के भीतर मौजूद आतंकी तंत्र और उसके बुनियादी ढांचे की जड़ों को निशाना बनाना है। अब तक कुल 85 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त किए जा चुके हैं।

    वहीं बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में मोहम्मद इश्तियाक (शिक्षक), तारिक अहमद शाह (लैब टेक्नीशियन) बशीर अहमद मीर (असिस्टेंट लाइनमैन), फारूक अहमद भट, (वन विभाग में फील्ड वर्कर) और मोहम्मद यूसुफ जो कि स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर भी शामिल है। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने सरकारी मशीनरी में घुसे ओवरग्राउंड वर्कर और आतंकवादियों को जड़ से खत्म करने के अपने अभियान को तेज कर दिया है।

    जांच में पता चला कि ये लोग लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। सार्वजनिक विश्वास के पदों पर रहते हुए, वे सरकारी खजाने से वेतन ले रहे थे, जबकि वे गुप्त रूप से आतंकवादी समूहों के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे थे। आरोपी कर्मचारी आसपास की सूचनाएं लीक कर रहे थे। इन्हीं सब को देखते हुए आरोपी सरकारी कर्मचारियों की पहचान की गई और उन्हें नौकरी से तुरंत निकाल दिया गया।

  • श्राइन बोर्ड ने श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर जारी की एडवाइजरी

    श्राइन बोर्ड ने श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर जारी की एडवाइजरी

    जम्मूः श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अहम खबर है। दरअसल, श्रद्धालुओं को लेकर श्राइन बोर्ड ने एडवाइजरी जारी की है। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों को श्री माता वैष्णो देवी की बुकिंग को लेकर सावधान किया है। दरअसल, हाल के दिनों में ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग से जुड़ी ऐसी कई ठगी सामने आई हैं, जिनके चलते यात्रियों को न सिर्फ परेशानी झेलनी पड़ी, बल्कि पैसों का नुकसान भी उठाना पड़ा है।

    ऐसे में माता के दरबार जाने से पहले इस बड़े अलर्ट को जानना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और बिना किसी आर्थिक झटके के पूरी हो सके। श्राइन बोर्ड ने मिलती-जुलती वेबसाइट या किसी भी व्यक्ति द्वारा दर्शन के नाम पर पैसा मांगने वालों पर सख्ती दिखाते हुए आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, झूठा दावा करने वाले फर्जी संदेशों, फोन कॉल या व्हाट्सएप फॉरवर्ड के जवाब में कोई भी भुगतान न करें। उन्होंने कहा कि कृपया अनाधिकृत वेबसाइटों या व्यक्तियों द्वारा जारी किए गए धोखे वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं।

    कृपया अनधिकृत वेबसाइटों या व्यक्तियों द्वारा जारी किए गए धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं। सभी बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट: http://maavaishnodevi.org के माध्यम से ही की जाती हैं। भुगतान करने से पहले पुष्टि करें। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया श्राइन बोर्ड के हेल्प डेस्क से +91 9906019494 पर संपर्क करके पुष्टि करें। सतर्क रहें, सुरक्षित यात्रा करें। वैष्णो देवी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड की ओर से स्मार्ट लॉकर की व्यवस्था की गई है।

    यात्रियों के लिए यह सुविधा भवन में कमरा नंबर 04, वेटिंग हॉल (राम मंदिर), दुर्गा भवन, पार्वती भवन, गेट नंबर 03 और अधकुंवारी में उपलब्ध कराई गई है, जिससे श्रद्धालु अपने सामान को सुरक्षित रखकर निश्चिंत होकर दर्शन कर सकें। खास बात यह है कि भवन स्थित कमरा नंबर 04 में स्मार्ट लॉकर की सुविधा कुछ चुनिंदा यात्रियों के लिए पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। जिन श्रद्धालुओं की SSVP, अटका आरती, नव चंडी पाठ, ग्रुप अटका, कटरा–पंछी हेलीकॉप्टर या जम्मू–भवन–जम्मू पैकेज की बुकिंग कन्फर्म है, वे इस सुविधा का मुफ्त लाभ उठा सकते हैं।

    हालांकि, निशुल्क स्मार्ट लॉकर सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को अपनी बुकिंग रसीद पर कमरा नंबर 04 स्थित रिसेप्शन काउंटर से मुहर लगवाना अनिवार्य होगा। बिना मुहर लगी रसीद पर मुफ्त सुविधा मान्य नहीं होगी। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले इन नियमों की जानकारी जरूर लें, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर पुलिस की रेड, देखें वीडियो

    जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर पुलिस की रेड, देखें वीडियो

    जम्मूः कश्मीर में शोपियां पुलिस शोपियां ज़िले में कई जगहों पर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर तलाशी ले रही है। जिन ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है उनमें डॉ. हमीद फ़याज़ (नदीगाम), मोहम्मद यूसुफ़ फलाही (चित्रगाम) और अन्य के घर शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुलगाम पुलिस ने आज जिले भर में 200 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। जमीनी स्तर पर आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र और उसके समर्थन ढांचे को ध्वस्त करने के निरंतर प्रयासों के तहत, जेईआई सदस्यों और उनके सहयोगियों के घरों और परिसरों पर छापे मारे गए। मिली जानकारी के अनुसार पिछले 4 दिनों के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ओजीडब्ल्यू, जेकेएनओपीएस, पूर्व में मुठभेड़ वाले स्थानों पर कार्रवाई की गई है। आतंकवादियों के ठिकानों पर 400 से अधिक घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाए गए हैं। इन अभियानों के तहत जेकेएनओपी और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लगभग 500 व्यक्तियों से पूछताछ की गई है। जिनमें से कई को प्रतिबंधात्मक कानूनों के तहत जिला जेल मट्टन, अनंतनाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। छापेमारी के दौरान, आपत्तिजनक सामग्री और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए तथा कई JeI सदस्यों से पूछताछ की गई और आतंकवाद को सहायता देने वाले नेटवर्क का पता लगाने के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया है। दरअसल, कुलगाम पुलिस आतंकवाद और उसके पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता की नीति पर अडिग है, तथा यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी तत्व को जिले में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने की अनुमति न दी जाए।
  • डॉक्टर के लॉकर से AK 47 बरामद, गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद के लगाए थे पोस्टर

    डॉक्टर के लॉकर से AK 47 बरामद, गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद के लगाए थे पोस्टर

    अनंतनागः श्रीनगर में उस समय सनसनी फैल गई, जब अनंतनाग के पूर्व सरकारी डॉक्टर आदिल अहमद राठेर के लॉकर से एके-47 राइफल बरामद हुई। आदिल 24 अक्टूबर, 2024 तक जीएमसी अनंतनाग में कार्यरत थे। वह अनंतनाग के जलगुंड के निवासी हैं। पुलिस स्टेशन नौगाम में भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 162/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस जांच मेंं सामने आया है कि श्रीनगर में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोप में सहारनपुर के निजी अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया। आदिल अहमद सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत था। उसे श्रीनगर पुलिस ने वहां दर्ज एक मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया था।

    पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस मामले की गंभीरता से जाँच कर रही हैं। आदिल अहमद राठेर के खिलाफ हथियार रखने और आतंकवादी गतिविधियों में उसकी संभावित संलिप्तता का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसके कब्जे से जब्त हथियारों और अन्य सबूतों की समीक्षा करेगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। एक एके-47 राइफल बरामद की गई है।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के कई लोग सहारनपुर के निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों में कार्यरत हैं और स्थानीय खुफिया इकाई को उनकी पृष्ठभूमि की पुष्टि के लिए अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस के अनुसार श्रीनगर पुलिस ने हाल ही में शहर के कई हिस्सों में जैश-ए-मोहम्मद के प्रचार वाले पोस्टर मिलने के बाद मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति पोस्टर लगाते हुए दिखाई दिया जिसकी पहचान बाद में अनंतनाग निवासी आदिल अहमद के रूप में हुई।

    जम्मू-कश्मीर पुलिस आरोपी पर नजर रख रही थी और उसे सहारनपुर में पाया गया। पुलिस ने बताया कि श्रीनगर पुलिस की एक टीम ने सहारनपुर की स्थानीय पुलिस और विशेष अभियान समूह की सहायता से अंबाला रोड स्थित निजी अस्पताल पर छापा मारा और अहमद को हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि बाद में उसे एक अदालत में पेश किया गया जहां से श्रीनगर पुलिस को उसकी ट्रांजिट रिमांड मिल गई जो उसे आगे की जांच के लिए वापस ले गई है।

     

  • इस इलाके में आतंकवादी घुसपैठ का प्रयास, फौजियों ने 2 को किया ढेर

    इस इलाके में आतंकवादी घुसपैठ का प्रयास, फौजियों ने 2 को किया ढेर

    जम्मू-कश्मीरः सरहदी इलाके स्थित कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में 2 आतंकवादियों को जवानों ने ढेर किया। सेना के व्हाइट चिनार कॉर्प्स ने एक्स पर बताया कि 7 नवंबर को खुफिया जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन पिंपल शुरू किया गया था। घुसपैठ की कोशिश में जुटे 2 आतंकवादियों को घेर लिया गया और फिर कार्रवाई की गई।

    जानकारी देते चिनार कॉर्प्स ने बताया कि ऑपरेशन पिंपल तहत सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है। 7 नवंबर को, एजेंसियों से मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, घुसपैठ की कोशिश के संबंध में कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आतंकवादी फंस गए। इससे पहले 5 नवंबर को जम्मू और कश्मीर के किस्तवाड़ जिले के छत्तरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।

    अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ तब शुरू हुई जब जम्मू और कश्मीर पुलिस को भारतीय सेना की मदद से आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली। इसी के आधार पर छत्तरू इलाके में एक संयुक्त अभियान चलाया। इलाके में आतंकवादियों की घुसपैठ और गतिविधियां फिर बढ़ने लगी है। इसे रोकने के लिए सुरक्षा बल लगातार अलर्ट हैं।

  • तीन दिनों बाद फिर शुरु हुई श्री माता वैष्णो देवी यात्रा, श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं को दी जानकारी

    तीन दिनों बाद फिर शुरु हुई श्री माता वैष्णो देवी यात्रा, श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं को दी जानकारी

    जम्मू-कश्मीर: श्री माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। तीन दिनों के अंतराल के बाद आज से माता वैष्णो देवी यात्रा सुबह 6 बजे से दोबारा शुरु हो रही है। ऐसे में अब श्रद्दालु माता के दर्शन के लिए जा सकते हैं। इसकी जानकारी खुद श्राइन बोर्ड के द्वारा दी गई है। श्राइन बोर्ड ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री वैष्णो देवी यात्रा दोबारा से शुरु हो रही है।

    श्राइन बोर्ड ने दी जानकारी

    माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इससे जुड़ी एक पोस्ट शेयर की गई थी। पोस्ट में श्राइन बोर्ड ने कहा था कि – ‘जय माता दी जैसे कि पहले ही बताया जा चुका है कि सभी यात्रा रजिस्ट्रेशन काउंटर बुधवार 8 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से खुल जाएंगे’। श्राइन बोर्ड ने यह सलाह भी दी कि वैष्णो देवी यात्रा से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए श्रद्धालुओं को आधिकारिक चैनलों के जरिए अपडेट रहें।

    भारी बारिश के चलते स्थगित हुई थी यात्रा

    यात्रा भारी बारिश के चलते स्थगित कर दी गई थी। चेतावनी के कारण श्राइन बोर्ड ने पांच से सात अक्टूबर तक यात्रा को स्थगित कर दिया था। कटड़ा में यात्रा के आधार शिविर में करीबन दो हजार श्रद्धालु अभी भी रुके हुए हैं। श्रद्धालु दोबारा से यात्रा शुरु होने का इंतजार कर रहे थे। अब उनका इंतजार खत्म हो गया है और आज सुबह छ बजे से श्राइन बोर्ड के द्वारा सभी रजिस्ट्रेशन केंद्र भी खोल दिए जाएंगे।

    प्रशासन ने किए सुरक्षा के इंतजाम

    कटरा में जो यात्री रुके हुए थे उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई थी। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर रख रहा था। बोर्ड ने यह साफ किया था कि मौसम में जैसे ही सुधार होगा तो यात्रा शुरु कर दी जाएगी। ऐसे में आज मौसम साफ होने के बाद श्रद्धालुओं के जत्थे को कटरा से भवन की ओर रवाना कर दिया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की मुश्किल का सामना न करना पड़े।
  • सुरक्षाबलों ने किया 2 आतंकियों को ढेर, घुसपैठ की कोशिश की नाकाम

    सुरक्षाबलों ने किया 2 आतंकियों को ढेर, घुसपैठ की कोशिश की नाकाम

    जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों ने आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी है। केरन सेक्टर में रविवार को कुछ आतंकियों द्वारा घुसपैठ करने की कोशिश की गई परंतु सुरक्षाबलो ने फायरिंग की जिसमें दोनों मारे गए। इस बारे में जानकारी देते हुए सीनियर अधिकारी ने कहा कि आतंकवादियों का एक समूह नियंत्रण रेखा को पार करने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा बलों ने इस दौरान तुरंत कार्रवाई की और गोलीबारी के दौरान 2 आतंकी ढेर हो गए। मारे गए आतंकवादियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि शुरुआती जांच से यह पता चला है कि ये आतंकी पाकिस्तान से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। उनकी पहचान और संगठन का अभी पता नहीं चल पाया है और तलाशी अभियान चल रहा है।

    सुरक्षाबलों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

    सुरक्षाबलों के द्वारा पूरे इलाके की घेराबंद कर दी गई है। हैदर चौकी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है ताकि और कितने आतंकी मौजूद है इस बात की पुष्टि हो पाए। स्थानीय सूत्रों की मानें तो मुठभेड़ स्थल के आस-पास लोगों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी है। कुपवाड़ा और केरन सेक्टर में काफी समय से घुसपैठ की कोशिश की जा रही है। सर्दियों और बर्फबारी से पहले आतंकवादी भारत की सीमा में आने की कोशिश करते हैं परंतु सुरक्षाबलों के चलते बार-बार इनके प्रयास नाकाम कर दिए जाते हैं।

    पहले भी मारे गए थे तीन आतंकी

    इससे पहले 29 जुलाई को मुठभेड़ हुई थी। इसमें सेना के विशिष्ट पैरा कमांडो की ओर से श्रीनगर के बाहरी इलाकों में तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। इसमें सुलेमान उर्फ आसिफ नाम का आतंकी भी शामिल था। सुलेमान को 22 अप्रैल के पहलगाम अटैक का मास्टरमांइड माना जाता है।

    पिछले हफ्ते गिरफ्तार हुआ था एक आतंकी

    गौरतलब है कि पिछले हफ्ते सुरक्षा बलों के द्वारा पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को कथित तौर पर आतंकियों को सहायता देने के आरोप में दक्षिण कश्मीर से एक व्यक्ति गिरफ्तार किया था। पाकिस्तान के कुछ आतंकवादियों ने इस साल अप्रैल से जम्मू-कश्मीर की बैसरन घाटी में 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इसमें ज्यादातर पर्यटक ही शामिल थे।