Category: Jammu and Kashmir

  • बड़ा हादसाः बस पलटने से अमरनाथ यात्रा के 39 यात्री घायल, रेस्क्यू जारी, देखें वीडियो

    बड़ा हादसाः बस पलटने से अमरनाथ यात्रा के 39 यात्री घायल, रेस्क्यू जारी, देखें वीडियो

    गांदरबलः जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले से मंगलवार यात्रियों से भरी बस हादसे का शिकार हो गई। गांदरबल के गुंड इलाके में 39 तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पलटने से 39 तीर्थयात्री घायल हो गए हैं। बस में सवार तीर्थयात्री अमरनाथ के दर्शन कर के वापस आ रहे हैं। हालांकि, रास्ते में बस खतरनाक रास्ते पर बेकाबू हो गई और हादसे का शिकार हो गई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस हादसे का संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि गांदरबल में यह हादसा तब हुआ जब गाड़ी खतरनाक रास्ते पर बेकाबू हो गई और बस सड़क से फिसल कर एक मकान पर जा गिरी।

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, ITBP, CRPF, सेना और स्थानीय लोगों ने तेजी से बचाव अभियान चलाकर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया और अब सभी की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि हादसे में ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आई हैं। घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीर्थयात्रियों से भरी बस पलटने की घटना को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा- “मैंने गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की और आज सुबह गांदरबल के गनीवान में हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में घायल हुए श्री अमरनाथ जी यात्रा के तीर्थयात्रियों की सेहत के बारे में जानकारी ली।

    बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट रहे 39 तीर्थयात्री घायल हो गए हैं और अभी उनका SKIMS में इलाज चल रहा है। मैंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर जरूरी मदद और बेहतरीन मेडिकल देखभाल सुनिश्चित करें। मैं भगवान शिव से घायल श्रद्धालुओं के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करता हूं। बता दें कि अमरनाथ यात्रा की शुरुआत दो जुलाई से हुई थी। ये यात्रा 28 अगस्त तक यानी कुल मिलाकर 57 दिनों तक चलेगी। जानकारी के अनुसार, अब तक 4.15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। आपको बता दें कि अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अमरनाथ यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल रूट से एक साथ शुरू होती है।

  • लाल चौक पर आतंकी हमले में Head Constable की मौत, देखें वीडियो

    लाल चौक पर आतंकी हमले में Head Constable की मौत, देखें वीडियो

    श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में लाल चौक पर सदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे अनंतनाग के लाल चौक पर संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी की। इस फायरिंग में गोली लगने से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। जिसकी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) के फाल्कन दस्ते ने ली है। टीआरएफ की स्थापना लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तानी सहयोग से साल 2019 में की थी। इस संगठन ने भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का फैसला किया था। हालांकि भारत ने पांच जनवरी, 2023 को टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था।

    घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे लाल चौक और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी। अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गए और आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इलाके में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों और लोगों की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में कितने आतंकी शामिल थे और फायरिंग के बाद वे किस दिशा में भागे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल इलाके में पहले से चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान आतंकियों के संपर्क में आए थे। इसके बाद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। अधिकारियों का मानना है कि हमलावर आसपास के इलाके में छिपे हो सकते हैं।

    बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर 17 जुलाई की रात संदिग्ध गतिविधि देख भारतीय सेना ने फायरिंग की। अधिकारियों के मुताबिक, तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में रात करीब 10 बजे सैनिकों ने कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधि देखी, जिसके बाद फायरिंग की गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक दोनों ओर से रुक-रुककर गोलीबारी हुई। हालांकि उस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था। सेना का मानना है कि संदिग्ध आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

     

     

  • बड़ा हादसाः चलती बस और अन्य वाहनों पर गिरेे पत्‍थर, 2 की मौत और कई घायल, देखें वीडियो

    बड़ा हादसाः चलती बस और अन्य वाहनों पर गिरेे पत्‍थर, 2 की मौत और कई घायल, देखें वीडियो

    डोडाः जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश होने से जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। वहीं खराब मौसम के कारण मां वैष्णों यात्रा भी रोक दी गई है। इसी के साथ अब डोडा जिले के रग्गी नाला क्षेत्र में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसे की घटना सामने आई है। जहां लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा, जिसकी चपेट में एक यात्री बस समेत कई वाहन आ गए। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए। बस संख्या JK02BA-4877 भद्रवाह से जम्मू की ओर जा रही थी।
     
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    सुबह करीब 10 बजे रग्गी नाला के पास अचानक पहाड़ी से बोल्डर गिरने लगे। देखते ही देखते एक बड़ा पत्थर बस पर आ गिरा, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ छोटे यात्री वाहन भी हादसे की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने बताया कि अचानक पत्थरों और मलबे के खिसकने से हाईवे पर मौजूद गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। इस घटना के बाद, इलाके में मडस्लाइड (कीचड़ खिसकने) और लगातार गिरते पत्थरों के कारण हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अभी बहाली और सफाई का काम चल रहा है, लेकिन मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए इसमें काफी समय लगने की संभावना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक मौसम ठीक नहीं हो जाता और सड़क को ट्रैफिक के लिए सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक इस रास्ते पर अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
  • मां वैष्‍णो देवी यात्रा पर लगी रोक, श्राइन बोर्ड ने लोगों से की ये अपील, देखें वीडियो

    मां वैष्‍णो देवी यात्रा पर लगी रोक, श्राइन बोर्ड ने लोगों से की ये अपील, देखें वीडियो

    जम्मूः माता वैष्‍णो देवी यांत्रा पर रोक लग गई है। मिली जानकारी के अनुसार खराब मौसम के चलते रोक लगाई गई है। जम्‍मू-कश्‍मीर के जम्‍मू संभाग में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। किश्‍तवाड़ में बादल फटने से हालात बेकाबू हो गए हैं, जबकि राजौरी में बहुत भारी बारिश से व्‍यापक पैमाने पर तबाही मची है। पुंछ में फ्लैश फ्लड और लैंडस्‍लाइड की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई। वहीं, कटरा में भी जोरदार बारिश हो रही है। श्राइन बोर्ड और स्‍थानीय प्रशासन ने पवित्र यात्रा को फिलहाल अस्‍थायी तौर पर रोकने का फैसला किया है। ऐसे में श्राइन बोर्ड और स्‍थानीय प्रशासन ने वैष्‍णो देवी यात्रा को अस्‍थायी तौर पर रोकने का निर्णय लिया है।

    अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा को दोबारा शुरू करने का निर्णय मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा और इसकी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से साझा की जाएगी। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और यात्रा संबंधी आधिकारिक अपडेट जरूर जांच लें तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही श्राइन बोर्ड ने कर्मचारियों और मशीनों को मौके पर भेजकर मलबा हटाने का काम शुरू कराया। मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।

    जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला पर समुद्र तल से करीब 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थलों में से एक है। यहां माता वैष्णो देवी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के प्रतीक तीन स्वयंभू पिंडियों के रूप में विराजमान हैं। कटरा से भवन तक श्रद्धालुओं को करीब 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। इसके अलावा हेलीकॉप्टर और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू की जाएगी। तब तक श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और केवल अधिकृत स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

  • जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से तबाही, 13 लोगों की मौत, कई लापता

    जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से तबाही, 13 लोगों की मौत, कई लापता

    जम्मूः जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी में रविवार को मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ से अब तक 13 लोगों की मौत होने की सूचना है जबकि 7 लोग लापता है। प्रशासन अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा तबाही पुंछ में हुई। लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे रहे। नदियों और नालों के उफान पर आने तथा तटबंधों के टूटने से कई वाहन बह गए। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    उधर, दिल्ली गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर दोपहर में जम्मू लौटने का निर्णय लिया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली।

    अधिकारियों ने बताया कि सुरनकोट के लोअर मुराह गांव में मूसलाधार बारिश के कारण तड़के भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया, जिससे आठ लोग मलबे में दब गए। बचाव दल को पांच लोगों के शव मिले, जबकि शेष की तलाश जारी है।

  • Shopian में सेना को मिली कामयाबीः लश्कर का टॉप कमांडर Zakir Ganai ढेर, हथियार बरामद

    Shopian में सेना को मिली कामयाबीः लश्कर का टॉप कमांडर Zakir Ganai ढेर, हथियार बरामद

    जम्मू-कश्मीरः जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सेना का पांचवें दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है। सेना का सूचना मिली थी कि लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े आतंकी एरिया में घुम रहे है। जिस पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थी। सेना ने एक आतंकी को मार गिराया है, जिससे हथियार भी बरामद हुए है। आतंकी की पहचान लश्कर-ए-ताइबा का टॉप कमांडर जाकिर गनई मारा गया है।

    जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF के साथ मिलकर चलाए एक ज्वाइंट ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।

    इस इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पक्की खुफिया जानकारी मिलने के बाद चार दिन पहले ये आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन शुरू किया गया था।

    सेना की काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट विक्टर फोर्स ने इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात किए थे, ताकि आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद किया जा सके। सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों आतंकी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। इनमें जाकिर वर्ष 2024 से लश्कर से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि लतीफ पिछले साल आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। जाकिर का नाम पहलगाम हमले में भी था।

  • भारी बारिश का कहर, 48 घंटे में तीसरी बार आई बाढ़, 10 घर और 25 दुकानें मलबे में दबीं, देखें वीडियो

    भारी बारिश का कहर, 48 घंटे में तीसरी बार आई बाढ़, 10 घर और 25 दुकानें मलबे में दबीं, देखें वीडियो

    डोडाः जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठठरी क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में मंगलवार तड़के भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से बड़े पैमाने पर तबाही मच गई। पहले धंसती जमीन और फिर बादल फटने की घटनाओं से चर्चा में रहा डोडा जिले का ठठरी कस्बा मंगलवार तड़के एक बार फिर प्रकृति के प्रकोप का गवाह बना। वहीं डोडा जिले के थथरी में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कई घरों, दुकानों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा तथा डोडा-किश्तवाड़ हाईवे बंद हो गया। राहत की बात यह है कि अब तक इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।

    जम्मू-कश्मीर के डोडा में 48 घंटे में तीसरी बार बाढ़ आई है। नीचे दिखाई गई तस्वीरों में डोडा में हुए लैंडस्लाइड से हुए नुकसान का मंजर बयां होता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा जमा होने से लोगों को नुकसान का जायजा लेने के लिए मलबे पर चढ़कर जाना पड़ा। कई वाहन पलट गए, जबकि कई कारें पत्थरों और मिट्टी के नीचे दब गईं। कुछ वाहन पूरी तरह मलबे में धंसे हुए दिखाई दिए। क्षेत्र के तहसीलदार सतीश राणा ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे से तेज बारिश शुरू हुई थी। उन्होंने आशंका जताई कि भारी बारिश के साथ शायद बादल फटने जैसी घटना हुई, जिसके कारण बड़ी मात्रा में मलबा और कीचड़ रिहायशी इलाके में आ गया।

    तहसीलदार ने कहा, ‘प्रारंभिक जांच के मुताबिक करीब 10 घर और 25 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई घरों में कीचड़ और पानी घुस गया है। नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है।’ शमाउद्दीन ने बताया कि कई लोगों के घर और वाहन या तो बह गए हैं या मलबे में दब गए हैं। उनके अनुसार अब तक केवल एसडीएम ही मौके का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। शमाउद्दीन ने कहा, ‘कई लोगों का सब कुछ बर्बाद हो गया है।

    उनके पास रात में ओढ़ने के लिए कंबल तक नहीं हैं। कम से कम उन्हें तुरंत राहत मिलनी चाहिए।’ IMD के मुताबिक, डोडा जिले में 6 जुलाई को भी सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई थी। सोमवार को जिले में 26.6 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि इस समय के लिए सामान्य वर्षा 4.1 मिलीमीटर मानी जाती है। IMD के मुताबिक डोडा के अलावा किश्तवाड़, उधमपुर, रियासी, जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

  • सेना ने Lashkar के 2 आतंकियों को घेरा, इलाका किया Seal

    सेना ने Lashkar के 2 आतंकियों को घेरा, इलाका किया Seal

    जम्मू-कश्मीरः जम्मू-कश्मीर के शोपियां में रविवार को भी सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है। जानकारी के अनुसार जवानों ने शनिवार को लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों को घेर रखा था। जानकारी के अनुसार दोनों आतंकी स्थानीय बताए जा रहे है। जो अभी भी इलाके में छिपे बैठे है।

    भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। पूरे इलाके को सील किया हुआ है। ये जानकारी रविवार को सेना के अधिकारियों ने दी थी।

    सुरक्षा बलों की तकनीकी निगरानी के दौरान शुक्रवार को इन दोनों आतंकियों की गतिविधि मीमंदर इलाके में देखी गई थी। शनिवार को जब सेना की एक टीम तलाशी लेते आगे बढ़ी तो आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के बाद ये मुठभेड़ में बदल गई।

  • श्री अमरनाथ यात्रा से पहले नेशनल हाईवे पर भारी फोर्स तैनात, देखें वीडियो

    श्री अमरनाथ यात्रा से पहले नेशनल हाईवे पर भारी फोर्स तैनात, देखें वीडियो

    रामबनः श्रीनगर में 3 जुलाई से शुरू होने वाली सालाना श्री अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिसको लेकर वे आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल कर रहे हैं और यात्रा के रास्तों पर कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा बना रहे हैं। श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पठान चौक बेस कैंप में बने नए यात्री निवास, श्री प्रेम गर्ग भवन में आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल की। कश्मीर के आईजीपी वीके बिरदी ने कहा कि यात्रा वाले सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पुलिस, जवान, केंद्रीय अर्धसैनिक बल और सभी संबंधित लोग मिलकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कर रहे हैं। यात्रा वाले सभी ज़िलों में मॉक ड्रिल की जा रही है। आईजीपी ने सुरक्षा इंतजामों के बारे में और जानकारी देते हुए 24 घंटे सातों दिन निगरानी और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों की चुनौतियों से निपटने के लिए खास टीमों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था दिन-रात तैनात रहेगी। तीर्थयात्रियों के काफिले के प्रबंधन के लिए एक सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है।

    चूंकि यात्रा ऊबड़-खाबड़ और ज़्यादा ऊंचाई वाले इलाकों से भी गुज़रती है, इसलिए NDAM के विशेषज्ञ जिला आपदा प्रबंधन समितियों के साथ मिलकर यहां टेबल-टॉप एक्सरसाइज़ करते हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों की माउंटेन रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। इस साल 57 दिनों तक चलने वाली यह तीर्थयात्रा 3 जुलाई को अनंतनाग ज़िले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल ज़िले में छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल रूट से एक साथ शुरू होगी। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के त्योहार के साथ संपन्न होगी।

     

  • 2 बार बादल फटने से बनी बाढ़ की स्थिति, कई सड़कें अवरुद्ध, देखें वीडियो

    2 बार बादल फटने से बनी बाढ़ की स्थिति, कई सड़कें अवरुद्ध, देखें वीडियो

    डोडाः जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले और आस-पास के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। जिससे भलेसा इलाके के कलालगिसार गांव में 2 बार बादल फटने की घटनाएं हुईं। ज़ोरदार बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई और मलबे का बहाव हुआ। जिससे इलाके की कई सड़कें बंद हो गईं और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर, लोगों को सलाह दी गई है कि वे जोखिम वाले और निचले इलाकों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
     
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    वहीं भलेसा के कलालगिसर क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई, जिससे अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भारी मलबे के कारण क्षेत्र की कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं। लगातार हो रही वर्षा के चलते प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संबंधित विभाग सड़क संपर्क बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने में जुटे हैं। इसकी वीडियो भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता हैकि भारी मात्रा में पानी बह रहा है और बाढ़ की स्थिति बन गई है।