Category: Jammu and Kashmir

  • डल झील से मिला Pakistan की हार का सबूत, Operation Sindoor के दौरान गिरा मलबा बरामद

    डल झील से मिला Pakistan की हार का सबूत, Operation Sindoor के दौरान गिरा मलबा बरामद

    जम्मू-कश्मीर: डल झील से पाकिस्तानी मिसाइल का एक मलबा मिला है। पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान श्रीनगर पर मिसाइल से अटैक की कोशिश की थी। डल झील की सफाई के दौरान यह मलबा मिला है। पाकिस्तान ने कश्मीर के साथ-साथ और भी जगहों पर अटैक को नाकाम करने की कोशिश की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, डल झील में रविवार को सफाई अभियान चलाया गया था। इस दौरान पाकिस्तान मिसाइल का मलबा झील में से मिला है। जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने खुद इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मिसाइल के कंपोनेंट को दूसरी जगह भेजा जा रहा है। पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह मिसाइल कश्मीर पर डाली थी।

    कश्मीरियों को बनाया था निशाना

    डल झील में जो मिसाइल मिली है वो साफ तौर पर पाकिस्तान की हार को दर्शाती है। पाकिस्तान की मिसाइल बेकार साबित हुई। आए दिन पाकिस्तान कश्मीर को लेकर विवादित बयान देता रहता है परंतु ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने कश्मीरियों को ही निशाना बनाने की कोशिश की। पाकिस्तान ने कश्मीर के साथ-साथ बॉर्डर के साथ सटे हुए कई इलाकों पर अटैक की कोशिश की थी परंतु भारतीय सेना ने उसके हमलों को नाकाम कर दिया था।

    पाकिस्तान के कई ठिकानें किए थे तबाह

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों के साथ अटैक करने की कोशिस की थी परंतु भारत का एयर डिफेंस सिस्टम इतना मजबूत था कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। भारत ने पाकिस्तान के कई ठिकाने जैसे नूरखान एयरबेस, मुरीदके समेत कई जगहों पर हमला कर दिया था।

    बॉर्डर पर सेना अभी भी हाई अलर्ट पर

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब तक घुसपैठ की कोशिश करते हुए कई आतंकी मारे जा चुके हैं। पाकिस्तान आए दिन भारत के खिलाफ साजिश करता ही रहता है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लगाकर बदला लिया था। वहीं सेना अभी भी बॉर्डर पर हाई अलर्ट पर है।
  • भारी बारिश और लैंडस्लाइड से क्षतिग्रस्त सड़क, Vaishno Devi Road के बाद अब National Highway पर गिरा मलबा, देखें वीडियो

    भारी बारिश और लैंडस्लाइड से क्षतिग्रस्त सड़क, Vaishno Devi Road के बाद अब National Highway पर गिरा मलबा, देखें वीडियो

    राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में हाल ही में निर्मित 32 किलोमीटर लंबी कोटरंका-खवास सड़क पिछले 2 हफ्तों से लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। भूस्खलन से कोटरंका-खवास सड़क को भारी नुकसान हुआ है। 2023-24 की अवधि में पूरी होने वाली यह सड़क कोटरंका उप-मंडल और खवास तहसील के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग का काम करती थी। गौर हो कि जम्मू-कश्मीर में भारी और भूस्खलन के तांडव के कारण हाल ही में वैष्णो देवी मार्ग को बंद कर दिया गया था। जिसके बाद अब नेशनल हाईवे पर मलबा गिरने से यात्रियों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है।

    श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नितिन गडकरी से बात की और राजमार्ग को सुचारू रूप से शुरू करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राजमार्ग की बहाली सुनिश्चित करने को कहा है। पिछले 15 दिनों से यह मार्ग पूरी तरह से कटा हुआ है। इससे स्थानीय निवासियों में भारी परेशानी है। इस व्यवधान ने दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बीमार लोगों को चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है। कई ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है।

    जमीन धंसने के कारण सड़क पुनर्निर्माण के काम बाधिक है। ये एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। राजौरी जिले के बधाल गांव में रहने वाले जतिंदर शर्मा ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी को बताया, ‘पिछले 15 दिनों से यहां सड़क बंद है। बाढ़ के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इस सड़क से और भी कई रास्ते जुड़े हैं। इस वजह से बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की तरफ से कोई भी सड़क की मरम्मत के लिए नहीं आया है। हम अनुरोध करते हैं कि सड़क को बहाल किया जाए।’

    कुछ हिस्सों में जमीन धंसने से संकट और बढ़ गया है। इससे बड़े इलाके खतरे में पड़ गए हैं। कम से कम सात घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनमें से एक दो मंजिला घर अपनी मूल जगह से लगभग 50 मीटर नीचे खिसक गया है। हालांकि ये अभी भी सीधा खड़ा है। ऐसी घटनाओं से निवासियों में व्यापक दहशत फैल गई है। कोटरंका के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) दिलमीर चौधरी के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

    स्थानीय प्रशासन भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहा है। राहत और मुआवजा देने के प्रयास सक्रिय रूप से जारी हैं। अधिकारी, एक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन के सहयोग से विस्थापित परिवारों को राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर रहे हैं। प्रशासन ने कलाबन को असुरक्षित घोषित कर दिया है और निवासियों को अगली सूचना तक वहाँ से निकलने का निर्देश दिया है।

  •  फिर स्थगित हुई श्री माता वैष्णो देवी यात्रा, इस वजह से Shrine Board ने लगाई रोक

     फिर स्थगित हुई श्री माता वैष्णो देवी यात्रा, इस वजह से Shrine Board ने लगाई रोक

    जम्मू-कश्मीर: मां वैष्णो देवी मार्ग पर शनिवार शाम को भारी बारिश हुई है। ऐसे में 18 दिन के बाद आज यात्रा शुरु होने वाली थी परंतु उसको फिर से स्थगित कर दिया गया है। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यह साफ कर दिया है कि मौसम की स्थिति को देखते और रास्ते की सुरक्षा का आकलन करने के बाद यात्रा फिर से शुरु करने का फैसला किया जाएगा। ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:
    ਭਾਰੀ ਬਾਰਿਸ਼ ਕਾਰਨ ਵੈਸ਼ਨੋ ਦੇਵੀ ਯਾਤਰਾ ਫ਼ਿਰ ਮੁਲਤਵੀ, ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਨਿਰਾਸ਼
    शनिवार को सुबह जो श्रद्धालु कटड़ा पहुंचे थे उन्हें निराश होकर अचानक मौसम बिगड़ने के कारण वापिस लौटना पड़ा। बता दें कि 26 अगस्त को अर्द्धकुंवारी मार्ग पर भूस्खलन हुआ था जिसमें 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी हल्की से तेज बारिश हो सकती है। Read in English:
    Vaishno Devi Yatra Postponed Again Amid Continuous Rainfall in Jammu Region

    एक्स पर दी जानकारी श्राइन बोर्ड ने जानकारी

    श्राइन बोर्ड ने रात को करीब 8:00 बजे एक्स हैंडल पर यात्रा स्थगित करने की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा कि- ‘भवन और यात्रा मार्ग पर लगातार हो रही बारिश के चलते 14 सितंबर से शुरु होने वाली श्री माता वैष्णो देवी यात्रा अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है। भक्तों से यह अनुरोध है कि वह अगले आधिकारिक आदेश की प्रतीक्षा करें’। श्रद्धालुओं को अब फिर से यात्रा के लिए इंतजार करना पड़ेगा। शाम को शुरु हुई बारिश देर रात तक भवन और सभी मार्गों में रुक-रुक कर जारी थी। कटड़ा में भी तेज बारिश हो रही है। कटड़ा में श्रद्धालु वैष्णो देवी दर्शन के लिए पहुंचे थे परंतु यात्रा स्थगित होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। कुछ श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही घर वापिस आऩे लगे हैं। यात्रा को लेकर सभी काफी उत्साहित थे परंतु शाम को हुई अचानक बारिश के चलते यात्रा स्थगित हो गई। यात्रा मार्ग पर बोर्ड के आपदा प्रबंधन दल और अधिकारी बैटरी कार मार्ग और पारंपरिक मार्ग की पूरी जानकारी ले रहे हैं। ऐसी सूचना मिली है कि बैटरी कार मार्ग पर कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में पहाड़ से पत्थर गिरे हैं।

    मौसम ठीक होने पर शुरु होगी यात्रा

    अर्द्धुकुंवारी मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण उस क्षेत्र में पानी जमा हुआ है। श्राइन बोर्ड के अनुसार, अगले सोमवार तक मौसम सुधरेगा तो ही यात्रा फिर से शुरु होगी। बोर्ड ने यह पहले साफ कर दिया है कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए ही यात्रा सुचारु तौर पर शुरु होगी।  
  • नवरात्रि से पहले भक्तों को तोहफा, इस दिन शुरू होगी Mata Vaishno Devi यात्रा

    नवरात्रि से पहले भक्तों को तोहफा, इस दिन शुरू होगी Mata Vaishno Devi यात्रा

    कटरा: देश के कई राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण काफी नुकसान हुआ है। वहीं जम्मू में बारिश और भूस्खलन के कारण 26 अगस्त को यात्रा बंद कर दी गई थी। वहीं अब नवरात्रों से पहले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, वैष्णो देवी यात्रा अब 17 दिन बाद दोबारा शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने घोषणा की है कि 14 सितंबर, रविवार से यात्रा पुनः आरंभ होगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग की मरम्मत और व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा शुरू होने की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह और राहत का माहौल है।

    बता दें कि 26 अगस्त को कटरा क्षेत्र की त्रिकुटा पहाड़ियों में अधकुवारी में बादल फटने से हुए भूस्खलन में 34 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। इसके बाद यात्रा उसी दिन अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई थी। श्राइन बोर्ड ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वो अपनी वैलिड आइडेंटिफिकेशन साथ रखें और तय किए गए रास्तों का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा, ग्राउंड स्टाफ के साथ पूरा कोऑपरेशन करें ताकि यात्रा स्मूद और सेफ रहे।

    अगर आपको लाइव अपडेट्स, बुकिंग सर्विसेज या हेल्पलाइन सपोर्ट चाहिए, तो आप श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट www.maavaishnodevi.org पर विजिट कर सकते हैं। वहां आपको हर तरह की लेटेस्ट इन्फॉर्मेशन और गाइडलाइंस मिलेंगी। श्राइन बोर्ड के अनुसार, तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान वैध पहचान पत्र साथ रखें। इसके साथ ही निर्धारित मार्गों का पालन करें और जमीनी कर्मचारियों के साथ सहयोग करें। यात्रा के समय RFID-आधारित ट्रैकिंग कार्ड पहनना भी अनिवार्य होगा।

  • नवरात्रि से पहले Shrine Board का बड़ा ऐलान, इस दिन से शुरू हो रही श्री माता वैष्णो देवी यात्रा

    नवरात्रि से पहले Shrine Board का बड़ा ऐलान, इस दिन से शुरू हो रही श्री माता वैष्णो देवी यात्रा

    कटड़ाः नवरात्रि से पहले श्रद्धालुओं को बड़ी खुशखबरी मिली है। पिछले 17 दिनों से स्थगित श्री माता वैष्णो देवी यात्रा अब फिर शुरू होने वाली है। इसको लेकर श्राइन बोर्ड ने बड़ा ऐलान किया है। श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा 14 सितंबर यानी रविवार से एक बार फिर शुरू की जाएगी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया कि खराब मौसम की स्थिति और ट्रैक के आवश्यक रखरखाव के कारण अस्थायी निलंबन के बाद श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा 14 सितंबर से अनुकूल मौसम की स्थिति के अधीन फिर से शुरू होगी।

    लंबे समय तक यात्रा स्थगित रहने से श्रद्धालुओं में निराशा थी। वहीं यात्रा पर निर्भर स्थानीय व्यवसायों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने जनता और तीर्थयात्रियों से धैर्य बनाए रखने और अगली सूचना तक मंदिर की ओर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की थी। 26 अगस्त को हुए भूस्खलन के बाद वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी, जिसमें 34 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। आपदा दोपहर बाद लगभग 3 बजे आई, जब भारी बारिश के कारण कटड़ा से मंदिर तक 12 किलोमीटर की यात्रा के बीच में, अर्धकुंवारी में इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भारी भूस्खलन हुआ था।

  • National Highway NH-44 लगातार 10वें दिन बंद, Maa Vaishno Devi Yatra यात्रा स्थगित, यातायात ठप

    National Highway NH-44 लगातार 10वें दिन बंद, Maa Vaishno Devi Yatra यात्रा स्थगित, यातायात ठप

    नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्ग और क्षेत्र की कई सड़कें बंद कर दी गईं। जम्मू-श्रीनगर NH44 लगातार 10वें दिन बंद है। दरअसल, भारी बारिश के कारण हुए नुकसान और भूस्खलन के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) को बंद कर दिया गया है। मलबा हटाने और मार्ग को फिर से खोलने का काम जारी है। क्योंकि यह कश्मीर घाटी के लिए एक महत्वपूर्ण जमीनी संपर्क मार्ग है।

    जबकि मुगल रोड और सिंथन रोड जैसी अन्य अंतर-क्षेत्रीय सड़कें भूस्खलन और भूस्खलन के बाद बंद कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि मरम्मत कार्य चलने के कारण वाहनों को रोक दिया गया। इसके बाद, राजमार्ग पर ट्रकों की लंबी कतार लग गई।राजौरी यातायात पुलिस अधिकारी बोध राज ने समाचार एजेंसी को बताया, “सड़क बंद होने के कारण हमने सभी वाहनों को रोक दिया है। जब हमें ऊपर से आदेश मिलेगा, तो हम यहां से वाहनों को छोड़ देंगे… लगातार भूस्खलन के कारण हमने इन वाहनों को रोक दिया है।”

    वहीं मां वैष्णो देवी यात्रा भी लगातार 10 दिनों से स्थगित रही। समाचार एजेंसी के अनुसार, बारिश के कारण यात्रा मार्ग की ढलान अस्थिर हो गई है, जो तीर्थयात्रियों के लिए हानिकारक हो सकती है। श्राइन बोर्ड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मलबा हटाने का काम कर रही हैं। 27 अगस्त को मंदिर के पास हुए भूस्खलन में कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई थी।

  • फिर हुई Landslide, माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित

    फिर हुई Landslide, माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित

    नई दिल्लीः पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर तक सभी जगह भारी बारिश ने त्राहि-त्राहि मचा रखी है। देश के हर एक कोने में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। ऐसी ही कुछ वीडियो कटरा के माता वैष्णो देवी के यहां से आ रही हैं, जहां लगातार बारिश होने के कारण भवन जाने वाले मार्ग पर भूस्खलन हुआ है, जिसकी वजह से भारी तबाही हुई है। जम्मू-कश्मीर में बीते कई दिनों से भारी बारिश का दौर जारी है। इस कारण बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदा सामने आ रही है। अब बुधवार को माता वैष्णो देवी भवन मार्ग पर एक बार फिर से भूस्खलन हुआ है। गनीमत रही कि कोई भी श्रद्धालु भवन मार्ग पर नहीं था जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

    लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन के मामले सामने आ रहे हैं। आपको बता दें कि मां वैष्णो देवी की यात्रा आज लगातार नौवे दिन स्थगित की गई है। बीते 26 अगस्त को माता वैष्णो देवी मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास लैंडस्लाइड की घटना हुई थी। इस हादसे में 34 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई और 20 अन्य घायल हुए थे। आपको बता दें कि त्रिकुटा पर्वतों में स्थित वैष्णो देवी मंदिर भारत के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां हर साल करीब एक करोड़ से अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    जम्मू क्षेत्र में बुधवार को भी मूसलाधार बारिश देखने को मिली है। बारिश के कारण एक मकान ढह गया जिसमें महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई। वहीं, एक बाढ़ग्रस्त गांव में 40 लोग फंस गए। भारी बारिश के कारण नदियों, नालों और छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। ये खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं। वहीं, उधमपुर और बनिहाल के बीच कई जगह भूस्खलन देखने को मिला है। इस कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख सड़कें दूसरे दिन भी बंद रहीं।

    मौसम विभाग ने अगले 14 से 16 घंटे के दौरान जम्मू, कठुआ, रियासी, डोडा, उधमपुर, राजौरी और रामबन जिले में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। अगले 14 से 16 घंटों के दौरान किश्तवाड़, पुंछ, अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम में भारी बारिश और इसके साथ ही पीर पंजाल रेंज और दक्षिण कश्मीर के कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश या कुछ समय के लिए तीव्र वर्षा का पूर्वानुमान जताया गया है। इस दौरान कुछ जगहों पर बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और जलजमाव की संभावना है।

     

  • गुरेज सेक्टर पर मुठभेड़, सेना के जवानों ने 2 आतंकी किए ढेर

    गुरेज सेक्टर पर मुठभेड़, सेना के जवानों ने 2 आतंकी किए ढेर

    जम्मूः गुरेज सेक्टर में एक बड़े ऑपरेशन में भारतीय सेना ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त आप्रेशन चलाकर 2 आतंकवादियों को मार गिराया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सेना को घुसपैठ की गोपनीय सूचना मिली थी।

    Read in English:

    Two Militants Gunned Down in Anti-Infiltration Operation in Gurez Sector, Bandipora

    सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए भारतीय सेना ने बताया कि गोपनीय सूचना मिलने के बाद गुरेज सेक्टर में तलाशी अभियान चलाया गया था। इस दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस क्षेत्र में अक्सर घुसपैठ की कोशिशें होती रहती हैं। इससे पहले भी ऐसी मुठभेड़ हो चुकी है। इसी महीने की शुरुआत में, 2 अगस्त को, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल देवसर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान दो आतंकवादी मारे गए थे।

    सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ रही हैं, लेकिन सेना के जवान पूरी सतर्कता से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीमा पट्टी पर निगरानी कड़ी कर दी गई है और स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।

  • श्री वैष्णो देवी मार्ग पर Landslide में अब तक 34 लोगों की मौत, मौसम विभाग ने जारी किया Red Alert

    श्री वैष्णो देवी मार्ग पर Landslide में अब तक 34 लोगों की मौत, मौसम विभाग ने जारी किया Red Alert

    जम्मू-कश्मीर: लगातार हो रही भारी बारिश के चलते हालात बिगड़ चुके हैं। कटरा स्थित मां वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बुधवार को भूस्खलन हुआ जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई है और 23 लोग घायल हो चुके हैं। कई जगहों पर भूस्खलन के बाद मलबा जमा होने और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-कटरा राजमार्ग भी बंद हो गया है। भारी बारिश के चलते नॉर्दन रेलवे ने बुधवार को 22 ट्रेनें भी रद्द कर दी हैं। वहीं 27 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट कर दिया गया है। इसमें वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली 9 ट्रेंने शामिल है। Read in english:
    Death Toll in Landslide On Vaishno Devi Yatra Route Rises to 31

    पीएम मोदी ने जताया घटना पर दुख

    इस घटना पर पीएम मोदी ने भी दुख जताया है। एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि – ‘श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण हुई जनहानि बहुत ही दुखद है, मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ में हैं। घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों और प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है’।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:

     
    ਮਾਤਾ ਵੈਸ਼ਣੋ ਦੇਵੀ ਯਾਤਰਾ ਮਾਰਗ ‘ਤੇ ਭਿਆਨਕ ਭੂ-ਸਖਲਨ, ਮੌਤਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 5 ਤੋਂ 31 ਹੋਈ – ਬਚਾਅ ਕਾਰਜ ਜਾਰੀ
    गौरतलब है कि बीते दिन त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित मंदिर के मार्ग का एक बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया था। बचाव अभियान इसमें जारी है और आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। लगातार बारिश ने जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बना दी है। जम्मू में पुल ढह चुके हैं, बिजली लाइनों और मोबाइल टावरों को भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार को सुबह 11:30 से लेकर शाम 5:30 बजे के बीच में जम्मू में 6 घंटे में 22 सेंटीमीटर बारिश हुई है हालांकि आधी रात के बाद बारिश में कमी भी आई जिससे जिले को थोड़ी राहत मिली है। वैष्णो देवी धाम के रास्ते पर भूस्खलन की घटना में जान गंवाने वालों में 9 लोगों की अभी तक पहचान नहीं हुई है हालांकि केंद्रशासित प्रदेश के कई हिस्सों में टेलीकॉम ब्लैकआउट हो चुका है जिसके कारण लाखों लोग संपर्क से बाहर आ चुके हैं। प्रशासन का ध्यान हाई-रिस्क इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने पर है।

    हल्की बारिश ने मचाई तबाही

    वर्तमान समय में जम्मू और आस-पास के इलाकों में तेज आंधी-तूफान और बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है जम्मू-कश्मीर, आरएसपुरा, सांबा, अखनूर, नगरोटा, कोट भलवाल, बिश्नाह, विजयपुर, पुरमंडल, कठुआ और उधमपुर। इसके अलावा रियासी, रामबन, डोडा, बिलावर, कटरा, रामनगर, हीरानगर, गूल और बनिहाल में हल्की बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादल 12 किलोमीटर ऊंचाई तक जा रहे हैं जो काफी एक्टिव तूफानों का संकेत माने जा रहे हैं। सिस्टम ईस्ट-नॉर्थईस्ट की ओर बढ़ रहा है और पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश हो सकती है। भारी बारिश के चलते नॉर्दन रेलवे की ओर से बुधवार को 22 ट्रेनें रद्द कर दी गई और 27 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई है। कटरा, जम्मू और ऊधमपुर से चलने वाली कई सर्विस भी प्रभावित हुई है। इसमें वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली 9 ट्रेनें शामिल हैं। चक्की नदी में बाढ़ आने के कारण पठानकोट-कंदरोरी के बीच में रेल यातायात भी रोक दी गई है हालांकि कटरा-श्रीनगर मार्ग इससे प्रभावित नहीं है।  
  • जम्मू तवी नदी पर बना पुल धंसने से कई गाड़ियां दबी, मची चीख पुकार, देखें वीडियो

    जम्मू तवी नदी पर बना पुल धंसने से कई गाड़ियां दबी, मची चीख पुकार, देखें वीडियो

    डोडाः जम्मू में लगातार तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में भारी नुकसान हुआ है और दुखद जनहानि हुई है। 3 दिन से जारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। डोडा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी, रामबन, पुंछ सहित कई जिलों में व्यापक क्षति पहुंची है। कई गांव बाढ़ की चपेट में है। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।

    बादल फटने से हुई भारी बारिश ने कई नदियों के जलस्तर को भी बढ़ा दिया है। जम्मू में तवी नदी सबसे ज्यादा प्रलय मचाती नजर आ रही है। इसी तवी नदी पर बना एक पुल बारिश के बीच धंस गया। इस पुल के धंसने के तुरंत बाद का लाइव वीडियो भी सामने आया है। जिसमें बारिश के बीच लोग अपनी गाड़ियों से पुल पार करते नजर आ रहे है।

    तभी अचानक पुल धंसता है। एक स्कॉर्पियो और दो कार पुल के धंसे हुए इलाके में फंस जाती हैं। लाइव वीडियो में नजर आ रहा है कि पुल धंसने के बाद जैसे ही गाड़ियां फंसी, गाड़ियों में सवार लोग अपने सामान और गाड़ी की चिंता छोड़ गेट खोलकर बारिश में भींगते हुए ही बाहर निकल जाते हैं। लोग भागो, भागो की आवाज देते भागते हुए नजर आ रहे हैं। पुल धंसने की घटना के बाद यहां से आवाजाही रोक दी गई।