Category: Jammu and Kashmir

  • अमरनाथ यात्रा के लिए जा रही 3 बसों की भयानक टक्कर, 10 से ज्यादा लोग घायल

    अमरनाथ यात्रा के लिए जा रही 3 बसों की भयानक टक्कर, 10 से ज्यादा लोग घायल

    अमरनाथ यात्रा के दौरान आज एक और बड़ा हादसा हो गया है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के खुडवानी इलाके में बालटाल की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा के काफिले में तीन बसें आपस में टकरा गई हैं। इस हादसे में 10 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों को पास के अस्पताल में इलाज देने के बाद अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की मानें तो सभी यात्रियों की हालत अब स्थिर है और उनको मामूली चोटें आई हैं।

    इस तरह हुआ हादसा

    यह हादसा रविवार को सुबह के समय हुआ जब अमरनाथ यात्रियों का एक काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टचलू क्रासिंग के पास से गुजर रहा था। कुलगाम जिले के खुडवानी क्षेत्र में जैसे ही बसें टचलू क्रासिंग के पास में पहुंची। इस दौरान तीन बसें एक-दूसरे से टकरा गई। माना जा रहा है कि बसों की रफ्तार और ब्रेकिंग में हुई चूक के चलते यह टक्कर हुई है हालांकि हादसे का असली कारण क्या है इसकी जांच अभी की जा रही है।

    लोगों में मची अफरा-तफरी

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद आस-पास के लोगों और प्रशासन की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरु कर दिया है। वहीं घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया जहां पर नौ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अनंतनाग के जीएमसी अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है।

    बसों की हो रही है जांच

    हादसे की जानकारी जैसे ही मिली कुलगाम पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले की तुरंत जांच भी शुरु कर दी है। पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हादसे के पीछे का कारण जल्द ही साफ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया है कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सभी जरुरी इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं बसों की नियमित जांच भी हो रही है।

    यात्रियों की जारी हुई एडवाइजरी

    प्रशासन ने यात्रियों से यह अपील भी की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का पालन भी करें। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन चालकों के पास वैध लाइसेंस हो और वह तय गति सीमा का पालन जरुर करें।  
  • Kashmir के लिए Train यात्रा आज से शुरू, कितना होगा किराया, देखें Video

    Kashmir के लिए Train यात्रा आज से शुरू, कितना होगा किराया, देखें Video

    जम्मू-कश्मीरः पूरे देश को आधुनिक रेल यातायात की दिशा में एक और बड़ी सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक साथ 2 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को रवाना किया, जो माता वैष्णो देवी (कटरा) से श्रीनगर के बीच चलेंगी। कश्मीर के लिए पहली ट्रेन शनिवार सुबह 8:10 बजे कटरा स्टेशन से रवाना हुई। कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस 3 घंटे के सफर के बाद 11:10 बजे श्रीनगर स्टेशन पहुंची।

    PM ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब पुल और देश के पहले केबल स्टे अंजी ब्रिज का भी इनॉगरेशन किया था। कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के टिकट IRCTC की वेबसाइट से बुक किए जा सकते हैं। ट्रेन में दो ट्रैवल क्लास हैं। चेयरकार का किराया 715 रुपए और एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 1320 रुपए है। हफ्ते में 6 दिन दो ट्रेनें कटरा और श्रीनगर के बीच चलेंगी। ये अभी ट्रेनें सिर्फ बनिहाल में रुकेंगी, अन्य स्टॉपेज पर फैसला बाद में होगा।

    रूट पर दो ट्रेन चलेंगी। पहली ट्रेन कटरा से सुबह 8:10 बजे चलेगी और सुबह 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। यही ट्रेन दोपहर 2 बजे श्रीनगर से वापस आएगी और शाम 5:05 बजे कटरा पहुंचेगी। ये ट्रेनें (26401/26402) मंगलवार को नहीं चलेंगी। दूसरी ट्रेन दोपहर 2:55 बजे कटरा से चलेगी और शाम 6:00 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। यही ट्रेन अगले दिन सुबह 8 बजे श्रीनगर से वापस आएगी और सुबह 11:05 पर कटरा पहुंच जाएगी। ये ट्रेनें (26403/26404) बुधवार को नहीं चलेंगी।

    कटरा-श्रीनगर ट्रेन कश्मीर को पूरे साल रेलवे के जरिए जोड़े रखने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का पहला चरण है। अगले चरणों में नई दिल्ली से जम्मू होते हुए श्रीनगर तक वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनें चलाने की योजना है। नई दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के इस साल अगस्त या सितंबर से शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, एक ही ट्रेन नई दिल्ली से सीधे श्रीनगर नहीं जाएगी। यात्रियों को नई दिल्ली से कटरा पहुंचने पर ट्रेन बदलनी पड़ेगी। यहां उनकी सुरक्षा जांच होगी। इस प्रक्रिया में 2-3 घंटे लग सकते हैं। इसके बाद यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर एक पर वापस आना होगा। यहां से दूसरी ट्रेन श्रीनगर के लिए रवाना होगी। श्रीनगर से नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी इसी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

  • बनकर तैयार हुआ Eiffel Tower से ऊंचा Chenab Arch Bridge, PM Modi ने किया उद्घाटन, देखें Video

    बनकर तैयार हुआ Eiffel Tower से ऊंचा Chenab Arch Bridge, PM Modi ने किया उद्घाटन, देखें Video

    रिहासीः कश्मीर जाने वालों के लिए अब सफर बिल्कुल अलग होने वाला है, क्योंकि अब ट्रेन से श्रीनगर तक जाया जा सकेगा। जम्मू और पीर-पंजाल में पहाड़ियों की ऊंचाई पार करते हुए ट्रेन अब चिनाब घाटी तक पहुंच सकेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जम्मू-कश्मीर में नए बने 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक के सबसे अहम पड़ाव कहे जाने वाले चिनाब रेलवे ब्रिज का पीएम मोदी ने शुक्रवार सुबह 11 बजे रेलवे आर्च ब्रिज का तिरंगा दिखाकर उद्घाटन किया। पीएम यहां करीब एक घंटा रहे। इस दौरान वे रेलवे के अफसरों और ब्रिज बनाने वाले कर्मचारियों से मुलाकात की। महज 1315 मीटर लंबा यह पुल पूरे प्रोजेक्ट का सबसे कठिन और सबसे ज्यादा समय लेने वाला हिस्सा है।

    इस तरह शुरू हुआ जम्मू-कश्मीर में रेल लाइन का सफर

    इस ब्रिज को बनाने के फैसले से लेकर उद्घाटन तक में 22 साल का समय लगा। दरअसल, 1897 में जम्मू-कश्मीर में पहली रेल लाइन जम्मू से सियालकोट जाने वाले 40-45 किलोमीटर के मैदानी रास्ते पर बिछाई गई। 1947 में बंटवारे के बाद सियालकोट पाकिस्तान के पास गया। अगले 28 साल तक जम्मू सिर्फ सड़क मार्ग से ही पूरे देश के बाकी हिस्सों से जुड़ा रहा। 1975 में पंजाब के पठानकोट से जम्मू को जोड़ने वाली रेल लाइन का उद्घाटन हुआ। 1983 में जम्मू-उधमपुर के बीच 53 किलोमीटर का रेल लाइन प्रोजेक्ट शुरू हुआ। इसमें 50 करोड़ के खर्च का अनुमान आया। 1994 में जम्मू-उधमपुर रेल लाइन को श्रीनगर और फिर बारामूला तक बढ़ाने का एलान कर दिया गया। 1995 में उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को मार्च में मंजूरी मिली। उस वक्त इसका अनुमानित खर्च 2500 करोड़ रुपये था। 1983 में मंजूर हुई जम्मू-उधमपुर परियोजना अपने तय समय से 16 साल बाद पूरी हुई। इसमें अनुमानित 50 करोड़ से 10 गुना ज्यादा 515 करोड़ का खर्च आया। इस परियोजना के तहत पहाड़ों के बीच से 20 बड़ी सुरंगों का निर्माण हुआ। इनमें सबसे बड़ी सुरंग 2.5 किमी तक लंबी है। इसके अलावा रूट पर 158 पुल भी हैं, जिनमें सबसे ऊंचा पुल 77 मीटर ऊंचा है। साल 2005 में ही उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस प्रोजेक्ट की कठिनाई को देखते हुए इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिला। हालिया समय तक प्रोजेक्ट का खर्च 35 हजार करोड़ से ज्यादा हो चुका है। इनमें करीब 1500 करोड़ रुपये का खर्च बक्कल और कौरी के बीच मौजूद चिनाब रेलवे ब्रिज को बनाने में ही आया है।

    क्यों पड़ी इस पुल की जरूरत

    भारतीय रेलवे की व्यवस्था इस पुल के बनने से पहले तक केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू क्षेत्र तक ही रही थी। यानी अगर आप ट्रेन की टिकटें बुक करेंगे तो पाएंगे कि जम्मू-कश्मीर जाने वाली ट्रेनें राजधानी श्रीनगर तक नहीं, बल्कि जम्मू तवी तक ही जाने की सुविधा देती हैं। इसके आगे या तो लोगों को सड़क मार्ग के जरिए श्रीनगर (कश्मीर घाटी) तक का 350 किलोमीटर का रास्ता तय करना होता है। ठंड के मौसम में बर्फबारी के बाद इस रास्ते के बंद होने का खतरा पैदा हो जाता है, जिससे कश्मीर तक जाने के लिए या तो मौसम के ठीक होने का इंतजार किया जाता है या फिर भारत के किसी भी शहर से हवाई मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। चिनाब रेलवे ब्रिज शुरू होने के बाद कश्मीर घाटी और जम्मू के बीच सीधा रेल लिंक बन जाएगा। यह पहली बार होगा कि लोग कन्याकुमारी से सीधा कश्मीर घाटी तक जा सकेंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट में एक बड़ी चुनौती रियासी में चिनाब नदी के ऊपर एक ब्रिज का निर्माण ही रहा, क्योंकि चिनाब नदी पहाड़ों के बीच एक ऐसे खाईनुमा रास्ते के बीच बहती है, जिसके ऊपर पुल बनाना दुष्कर कार्य था।

    चिनाब रेलवे ब्रिज की खासियतें

    • जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्र में रास्ते कहीं संकरे तो कहीं घुमावदार हैं। इस बीच कई खाई और मैदानी रास्ते भी हैं। चिनाब नदी पहाड़ों के बीच जिस खाई में मौजूद है, वह काफी गहरी है। आमतौर पर पुल को बनाने के लिए कैंटीलिवर तकनीक, सस्पेंशन ब्रिज तकनीक या केबल ब्रिज तकनीक इस्तेमाल की जाती है। लेकिन चिनाब के आसपास की जमीन को देखते हुए ब्रिज को स्टील आर्क डिजाइन की तर्ज पर बनाने का फैसला हुआ।
    • पुल -10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस के तापमान तक सामान्य तरीके से रेल संचालन की क्षमता रखता है।
    • वहीं 40 किलो टीएनटी ब्लास्ट को आसानी से झेल सकता है और पुल में 8.0 क्षमता वाला भूकम्प झेलने की भी क्षमता है और 260 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान को भी सह सकता है।
    • इस ब्रिज का डिजाइन कनाडा की कंपनी डब्ल्यूएसपी ने बनाया। इस ब्रिज को 17 स्टील के खंभों पर खड़ा किया गया है, जो कि एक आर्क (धनुषाकार) लोहे के बेस पर स्थापित हैं। यह आर्क चिनाब नदी के अगल-बगल मौजूद पहाड़ियों पर टिका है और यह पुल के बीचोंबीच 469 मीटर के दायरे से सटा है। बाकी का दायरा खंभों पर ही स्थापित है। इसे बनाने के लिए 3000 फीट ऊंचाई तक काम करने वाली केबल क्रेन्स को चिनाब नदी के दोनों किनारों पर स्थापित किया गया। इन क्रेन्स के जरिए ही स्टील को चरणबद्ध तरीके से पहाड़ी के बीच में पुल बनाने के काम में लाया गया।
    • ब्रिज के हर पार्ट को खासतौर पर 63 मिलीमीटर की विशेष ब्लास्ट-प्रूफ स्टील से तैयार किया गया है, जिससे आतंकी हमले की स्थिति में भी पुल पर फर्क न पड़े और धमाके के बाद भी ट्रेन कम से कम 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से पुल के पार चली जाए।
  • आकाशीय बिजली गिरने से 100 से अधिक जानवरों की मौत

    आकाशीय बिजली गिरने से 100 से अधिक जानवरों की मौत

    राजौरीः जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से खानाबदोश परिवारों की 100 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना बुधल उपखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात उस समय हुई, जब तेज गरज, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान के बीच आकाशीय बिजली एक चरवाहे के शिविर पर गिर गई।

    बुधल के तरगैन गांव के खानाबदोश परिवार हर साल की तरह इस बार भी अपने पशुओं के साथ बेहतर चारे की तलाश में पारंपरिक मौसमी पलायन के तहत ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर गए थे और ‘मर्ग टॉप’ के पास अस्थायी शिविर स्थापित किया था। बुधल भेड़ पालन विभाग के अधिकारियों के एक दल ने आज सुबह घटनास्थल का दौरा किया तथा प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। प्रभावित परिवारों ने तत्काल मुआवजे और पुनर्वास सहायता की अपील की है।

     

  • Ceasefire के 6 दिन बाद भी इस इलाके में स्कूल बंद

    Ceasefire के 6 दिन बाद भी इस इलाके में स्कूल बंद

    जम्मूः भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद 10 मई को हुए सीजफायर हो गया था जिसके बाद लोगों ने आम जीवन जीना शुरू कर दिया था। अगले ही दिन प्रशासन की हिदायतों पर बाजार भी खुल गए थे। वहीं 3 दिन बाद प्रशासन द्वारा स्कूल-कालेज भी खोल दिए थे। दूसरी और जम्मू के बॉर्डर इलाकों में 6 दिन बाद भी स्कूल बंद हैं। इसमें अरनिया, आरएस पुरा, मीरां साहिब, सतवारी, मढ़, अखनूर, जौरियां और खौर जोन के स्कूल शामिल हैं। हालांकि, चौकी चौरा, भलवाल, डंसल, गांधी नगर, जम्मू और पुरमंडल में स्कूल आज फिर से खुल गए।

    वहीं L0C के पास स्थित आखिरी गांव सलोत्री जो पीओके के बहुत करीब है। वहां रहने वाले लोग अब अपने घर लौट रहे हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद लोगों ने 6 मई को घर छोड़ दिया था। दिन प्रतिदिन स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन कुछ लोगों में अभी भी डर का माहौल बना हुआ है।

     

  • आर्मी ने मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों को किया ढेर

    आर्मी ने मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों को किया ढेर

    जम्मूः जम्मू-कश्मीर में लगातार आर्मी और आतंकियों में मुठभेड़ जारी है। वहीं दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के केलर इलाके के शुकरू जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकी मारे गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि आतंकियों की मौजूदगी की पक्की सूचना के आधार पर केलर के जंगलों में सुरक्षाबलों द्वारा एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जैसे ही पुलिस और सेना की टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया, छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकियों को मार गिराया गया।

    जबकि कई आतंकियों के अब भी इलाके में छिपे होने की आशंका है। फिलहाल मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है। इलाके में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर भेजी गई हैं। पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कड़ी कर दी गई है ताकि आतंकियों के फरार होने की कोई संभावना न बचे। दरअसल, इस मुठभेड़ से कुछ दिन पहले ही अनंतनाग जिले के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसके बाद से पूरी घाटी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सोमवार शाम को पाकिस्तान से आए एक ड्रोन के देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता और बढ़ा दी है। भारतीय सेना ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंक के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है।

    इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी। सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका निशाना केवल आतंकवाद है और आतंकियों का सफाया ही उद्देश्य है। सेना और अन्य सुरक्षाबलों की ओर से पिछले कई दिनों से घाटी में आतंकियों के खिलाफ सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शोपियां के केल्लर में आज की यह मुठभेड़ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सेना का कहना है कि जैसे ही आतंकियों ने खुद को घिरा हुआ पाया, उन्होंने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

  • अनियंत्रित होकर खाई में गिरी Swift Car, व्यक्ति की मौत

    अनियंत्रित होकर खाई में गिरी Swift Car, व्यक्ति की मौत

    रामबनः यहां से एक दर्दनाक हादसा होने का मामला सामने आया है। दरअसल, एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी जिससे कार में सवार व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।

    बचाव कार्य करते हुए अधिकारी।
    बचाव कार्य करते हुए अधिकारी।

    जानकारी मुताबिक, बुधवार को रामबन जिले के बैटरी चश्मा इलाके के पास एक कार के गहरी खाई में गिर गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। कार के खाई में गिरने से जोरधार धमाका हुआ जिससे स्थानीय लोग वहां इकट्ठे हो गए। लोगों ने तुरंत पुलिस, क्यूआरटी रामबन को सूचित किया। फिर लोगों और पुलिस की टीम ने बचाव अभियान शुरू किया, जिसके दौरान एक शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है तथा हादसे के कारणों तथा व्यक्ति की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है।

  • पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, वांछित अपराधी सहित 2 को लगी गोली

    पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, वांछित अपराधी सहित 2 को लगी गोली

    जम्मूः शहर के बाहरी इलाके मीरां साहिब में पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ का मामला सामने आया है। घटना में एक वांछित अपराधी घायल हो गया जबकि एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि कुख्यात अपराधियों दलजोत सिंह उर्फ दलजोत पंजाबी निवासी दशमेश नगर, सतवारी, जम्मू और अमन सिंह उर्फ अनु निवासी कठुआ के बारे में विश्वसनीय सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए हथियारों और गोला-बारूद से लदे हुए सांबा से जम्मू की ओर किसी जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए आ रहे थे, जिसके बाद मीरां साहिब थाना और सतवारी थाना की पुलिस टीम ने एक विशेष नाका स्थापित किया।

    पुलिस ने कहा, जब अपराधियों को मीरां साहिब इलाके में रिंग रोड पर रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने पुलिस पार्टी पर अपने वाहन से गोलीबारी की, जिसका पीछा किया गया और जवाबी कारर्वाई में दलजोत पंजाबी भी घायल हो गया। उन्होंने बताया कि उसे फिलहाल जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, दूसरे आरोपी अमन सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

    हाल ही में फलैन मंडल इलाके में एक घटना हुई थी, जहां कुछ बदमाशों ने अरुण चौधरी नामक व्यक्ति के वाहन पर गोलीबारी की थी और फिर घटनास्थल से भाग गए थे तथा बाद में उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने ही गोली चलाई है। सत्यापन करने पर पता चला कि ये अपराधी एक संगठित अपराध गिरोह का हिस्सा थे। इस बीच घटनास्थल से दो हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है, इस समूह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • लकड़ी की फैक्टरी में लगी भीषण आग, मशीने व दरवाजे जलकर राख

    लकड़ी की फैक्टरी में लगी भीषण आग, मशीने व दरवाजे जलकर राख

    जम्मू-कश्मीरः यहां फैक्टरी में आग लगने का मामला सामने आया है। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के राखी आशम, मालापोरा सोनावारी इलाके में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे भीषण आग लग गई। राखी आशम निवासी सैयद मुस्तफा शाह पुत्र सैयद हसन शाह की लकड़ी की वर्कशॉप में अचानक आग लग गई, जिससे पूरी फैक्टरी जलकर राख हो गई।

    वर्कशॉप में लाखों रुपए की लकड़ी के साथ-साथ पूरी तरह से तैयार लकड़ी के दरवाजे भी थे, जो पूरी तरह से जलकर राख हो गए। इसके अलावा, वर्कशॉप में मौजूद सभी मशीनें भी आग की भेंट चढ़ गईं। आग की सूचना मिलते ही सुंबल फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचीं और आग को आस-पास की संपत्तियों तक फैलने से रोकने के लिए बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन लकड़ी की कार्यशाला को बचाया नहीं जा सका। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

    इस बीच, नौगाम सोनावारी के निवासियों ने एक बार फिर सरकार से क्षेत्र में अग्निशमन और आपातकालीन सेवा इकाई स्थापित करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि ऐसी सुविधा न होने के कारण उन्हें सुंबल में स्थित अग्निशमन केंद्र पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां से मदद मिलने में कई घंटे लग जाते हैं। जब तक मदद पहुंचती है, तब तक नुकसान अक्सर अपूरणीय हो जाता है। इस बीच, पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • घरेलू विवाद से परेशान पति ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी की मौत

    घरेलू विवाद से परेशान पति ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी की मौत

    रियासीः यहां रिश्तों को तार-तार करने का मामला सामने आया है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में घरेलू विवादों के चलते पति ने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया है। यह घटना शनिवार को हुई, जिसमें 25 वर्षीय वैष्णो देवी की जान चली गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति की पहचान कमल चंद के रूप से हुई है, जो सरंगधर गांव के लामसोरा पंचायत का निवासी है।

    जानकारी देते हुए, पुलिस ने बताया कि कमल ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की देसी बंदूक से हत्या की है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कमल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह भी बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई बंदूक को बरामद कर लिया गया है।

    वहीं दूसरी और मृतक वैष्णो देवी का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे, जो इस दुखद घटना का कारण बने।