सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि ऑफिस के अंदर लोग सामान्य तरीके से काम कर रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार कार बाहर से आती है और सीधे ऑफिस के अंदर घुस जाती है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑफिस के सामान को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के दौरान वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। वीडियो में एक युवक कार की चपेट में आता भी दिखाई दे रहा है, जिसे चोटें आई हैं। घटना के बाद कुछ लोग तुरंत घायल युवक की मदद के लिए पहुंचे। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ऑफिस के बाहर खड़ी भीड़ और लोगों की घबराहट का माहौल काफी देर तक बना रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखकर लोग भी हैरानी जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार चालक नशे में लग रहा था। हालांकि पुलिस अभी इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चालक की मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हादसे के समय कार की स्पीड कितनी थी और चालक ने अचानक नियंत्रण कैसे खोया। फिलहाल घायल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई लोग तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखकर लोग सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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तेज रफ्तार कार का कहरः प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में घुसी ब्रेजा कार, युवक घायल, देखें वीडियो
पलवलः हरियाणा के पलवल में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। दरअसल, एक बेकाबू ब्रेजा कार सीधे प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में घुस गई। इस घटना में एक युवक घायल हो गया। घटना के दौरान ऑफिस में लोग बातचीत कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार दफ्तर में घुस गई। जिसके बाद दफ्तर में मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार चालक नशे की हालत में बताया जा रहा है और वह काफी तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। बताया जा रहा है कि अचानक चालक कार से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद गाड़ी सीधे ऑफिस के अंदर जा घुसी। हादसे के समय ऑफिस में काम चल रहा था और लोग अपनी सीटों पर मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से लोग घबरा गए और तुरंत बाहर की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। -

महिला थाने की SHO गिरफ्तार, जांच अधिकारी को लिया हिरासत में
भिवानीः लिव-इन पार्टनरों में चल रहे केस में समझौता करवाने के मामले में रिश्वत लेने के दोष में महिला थाने की एसएचओ को विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार महिला थाना की एसएचओ कमलेश को केस में 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है और वह केस करीब 2 साल पहले दर्ज हुआ था। लिव-इन पार्टनरों में चल रहे केस में समझौता करवाने के लिए 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। एसएचओ के बाद इस केस की जांच अधिकारी मंजू को भी विजिलेंस ने हिरासत में लिया। दोनों से 7 हजार रिश्वत मामले में छानबीन की। एसएचओ द्वारा 7 हजार रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत हिसार विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो टीम को दी।
टीम ने प्लानिंग के तहत छापेमारी की और एसएचओ को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसके पास से टीम ने 7 हजार रुपए बरामद किए हैं। भिवानी के गांव बड़ाला निवासी संदीप ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हिसार को शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया कि भिवानी के एक गांव की महिला उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। जिस महिला ने उसके विरुद्ध 26 अप्रैल 2024 को बीएनएस की धारा 296, 308 (2), 351, 61, 78 व 67 आइटी एक्ट के तहत महिला थाना में दर्ज करवाया था। इस केस में महिला थाना एसएचओ कमलेश ने संदीप कुमार का उक्त महिला से समझौता करवाने की एवज में 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता संदीप की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी एसएचओ कमलेश को महिला थाना भिवानी से गिरफ्तार किया गया है। केस में महिला ने अश्लील कृत्य करने, धमकी देने, आपराधिक षड्यंत्र, पीछा करने, अश्लील सामग्री वायरल करने के आरोप लगाए गए थे, जो केस महिला थाने में चल रहा था। केस में समझौता करने व रियायत देने के ऐवज में 7 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। एसीबी इंस्पेक्टर दलबीर सिंह ने बताया सूचना मिली थी कि भिवानी महिला थाने में एसएचओ कमलेश ने सरकारी काम करने के बदले पैसों की डिमांड की थी। मंगलवार रात को छापेमारी करने के बाद एसीबी टीम एसएचओ को अपने साथ ले गई। इस दौरान एसएचओ कमलेश सिविल ड्रेस में ही नजर आई। वहीं एसीबी ने कुछ डॉक्यूमेंट भी जब्त किए हैं। फिलहाल टीम मामले की जांच कर रही है।
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अतिक्रमण हटाने पहुंचे SDO को व्यक्ति ने दी धमकी, बोला- नौकरी खा जाऊंगा
हिसारः सेक्टर-33 में अतिक्रमण हटाने गई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम को फिर विरोध का सामना करना पड़ा। सेक्टर-33 में एक व्यक्ति ने एसडीओ रामप्रसाद को धमकी देते हुए कहा, “मैं तेरी नौकरी खा जाऊंगा, तू जानता नहीं है मैं कौन हूं।” इसके बाद एसडीओ और उनके साथ आई टीम ने सख्ती दिखाते हुए व्यक्ति से घर बनाने का नक्शा मांगा। व्यक्ति ने जवाब दिया कि उसने नक्शे के लिए आवेदन किया हुआ है। इस पर एसडीओ ने कहा कि कोई बात नहीं, नक्शा उनके पास ही आएगा। इसके बाद व्यक्ति के तेवर ढीले पड़ गए और वह वहां से चला गया।
एसडीओ रामप्रसाद ने कहा, “किसी को भी सरकारी जमीन पर कब्जे का अधिकार नहीं है। पहले लोग कब्जा कर लेते हैं, और फिर उस जगह को अपना समझने लगते हैं। यह जमीन सरकारी है, और सड़क के बीच में जो भी चीजें बाधा बनेंगी, उन्हें हटाया जाएगा। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही है।” ये वही एसडीओ रामप्रसाद हैं जिनके पीछे 8 दिन पहले एक दुकानदार झाड़ू लेकर मारने दौड़ा था। हालांकि, बाद में दुकानदार ने उनसे माफी मांग ली थी। टीम ने सेक्टर-14 में कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के अवैध कब्जे को भी हटा दिया। कांग्रेस नेता ने रैंप के साथ खाली जगह को कवर कर वहां पौधे लगाए हुए थे। टीम ने जेसीबी के माध्यम से कब्जे वाली जगह को हटा दिया।
इस कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेता घर के अंदर ही रहे और बाहर नहीं निकले। कांग्रेस नेता ने इस कार्रवाई पर पूरी तरह चुप्पी साधी हुई है। एसडीओ रामप्रसाद ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि सड़क पूरी तरह से साफ होनी चाहिए। इसी को लेकर हम अतिक्रमण पर कार्रवाई कर रहे हैं। आगे अभी सेक्टर 14, 14 पार्ट टू, सेक्टर 33, सेक्टर 1-4 सहित अन्य जगहों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
इसके बाद जहां अतिक्रमण हटा चुके हैं, वहां भी दोबारा जाकर जांच करेंगे। 19 मई को यही टीम अतिक्रमण हटाने सेक्टर 14 मार्केट में पहुंची थी। टीम जब कब्जे हटाने की कार्रवाई कर रही थी, तभी एक दुकानदार झाड़ू लेकर वहां आ गया और एसडीओ रामप्रसाद को मारने के लिए दौड़ा। दुकानदार ने एसडीओ के साथ गाली-गलौज भी की। इसके बाद एसडीओ ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को दुकानदार को पकड़ने के निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी दुकानदार को हिरासत में लेकर थाने ले गई थी। विवाद के बाद दुकानदार एसडीओ के पास पहुंचा और उसने माफी मांग ली।
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School पर मकान की निर्माणाधीन दीवार गिरने से मलबे में दबे 10 बच्चे, 4 की हालत नाजुक, देखें वीडियो
फरीदाबादः हरियाणा के औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के खेड़ी पुल थाना क्षेत्र से शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां के भारत कॉलोनी स्थित 35 फुट रोड पर चल रहे ‘हंस मेमोरियल पब्लिक स्कूल’ पर पास ही बन रहे एक बहुमंजिला मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार का वजन अधिक होने के कारण स्कूल की छत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और सीधे नीचे क्लासरूम में जा गिरी। इस खौफनाक हादसे के वक्त कक्षा में पढ़ रहे करीब 10 मासूम बच्चे मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में मातम और चीख-पुकार मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर अचानक फरीदाबाद में मौसम का मिजाज बिगड़ गया और तेज धूलभरी आंधी चलने लगी। स्कूल परिसर से बिल्कुल सटकर एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी नई दीवार बिना किसी पुख्ता सपोर्ट के खड़ी की गई थी।तेज अंधड़ के दबाव को यह नई-नवेली दीवार झेल नहीं पाई और उसका एक बड़ा हिस्सा जोरदार धमाके के साथ स्कूल की छत पर जा गिरा। लोहे और भारी कंक्रीट का मलबा गिरते ही स्कूल की कमजोर छत नीचे बैठे बच्चों पर आ गिरी, जिससे पल भर में पूरा कमरा धूल के गुबार में तब्दील हो गया। छत गिरते ही स्कूल स्टाफ ने अदम्य साहस का परिचय दिया। बिना एक पल गंवाए शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने अपने हाथों से मलबे और भारी पत्थरों को हटाना शुरू किया और नीचे दबे सभी 10 बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाला। जैसे ही हादसे की खबर कॉलोनी में फैली, बच्चों के माता-पिता बदहवास हालत में स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल बच्चों को फरीदाबाद के बीके अस्पताल (सिविल अस्पताल) ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को घर भेज दिया गया है, लेकिन 4 बच्चों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में बिल्डर और मकान मालिक लागत बचाने के लिए घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाकर ऊंची इमारतें खड़ी की जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। निर्माणाधीन मकान के मालिक और ठेकेदार की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों में लापरवाही और अवैध निर्माण की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास सहित सुसंगत धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल और घटनास्थल का दौरा कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक और असुरक्षित निर्माण कार्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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हरियाणा ईवी और ऑटोमोबाइल विनिर्माण का बनेगा वैश्विक हब : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और ऑटोमोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को लेकर नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।
बैठक में हरियाणा के औद्योगिक विकास, निवेश संभावनाओं तथा एकीकृत ईवी एवं ऑटोमोटिव विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की रणनीति पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान वैश्विक ईवी निर्माता कंपनी VinFast से संबंधित केस प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें हरियाणा में संभावित निवेश एवं विनिर्माण अवसरों को रेखांकित किया गया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार निवेशकों को उद्योग स्थापना के लिए पारदर्शी नीतियां, बेहतर कानून व्यवस्था, कुशल मानव संसाधन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्कृष्ट कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर से निकटता, राष्ट्रीय राजमार्गों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मजबूत उपलब्धता हरियाणा को ऑटोमोबाइल एवं ईवी उद्योग के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन सेंटर के माध्यम से निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी आवश्यक अनुमतियां और सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और अधिक मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नई तकनीकों, हरित ऊर्जा और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हरियाणा में ईवी निर्माण, बैटरी उत्पादन, ऑटो कंपोनेंट्स और अनुसंधान एवं विकास से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग जगत और सरकार के बीच मजबूत समन्वय से हरियाणा आने वाले समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऑटोमोटिव विनिर्माण क्षेत्र में वैश्विक पहचान स्थापित करेगा।
मीटिंग में हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, विनग्रुप एशिया के सीईओ एवं विनफास्ट इंडिया के एमडी राजदूत फाम सन्ह चौ, राजदूत चौ के सहायक न्गुयेन फाम वान होआन, डॉ नीना मल्होत्रा आईएफएस सचिव साउथ, इंडस्ट्री एंड कॉमर्स विभाग हरियाणा के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक डॉ यश गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योगपति मौजूद थे।
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रिश्ते तार-तारः पोते ने दादा का किया Murder, जांच में जुटी पुलिस
हांसीः शहर के गांव कुंभा में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां, बीती देर रात युवक ने अपने 80 वर्षीय दादा की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पोते को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान बरखा राम के रूप में हुई है। वहीं आरोपी पोते का नाम अंकित है, जो अविवाहित है।

मृतक की फाइल फोटो। जानकारी मुताबिक, पारिवारिक विवादों के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। पड़ोसियों ने बताया कि अंकित अक्सर शराब के नशे में अपने दादा के साथ मारपीट करता था और उन्हें खाना भी नहीं देता था। बरखा राम अधिकतर समय अपनी बेटियों के पास रहते थे और करीब 15 दिन पहले ही अपने गांव लौटे थे। वीरवार रात करीब 10 बजे दादा-पोते के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर अंकित ने बरखा राम पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ डंडे बरामद किए हैं, हालांकि हमले में किस वस्तु का इस्तेमाल हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सदानंद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शेखपुरा चौकी पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी अंकित को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह और नशे की आदत को घटना का मुख्य कारण बताया जा रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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Covid-19 से भी ज्यादा खतरा बनेगी यह बीमारी, अगली महामारी के लिए क्या तैयार है दुनिया
सेहत: कोविड-19 के बाद दुनिया ने सोचा था कि अब अगली महामारी से निपटने की तैयारी पहले से बेहतर होगी लेकिन नई रिपोर्ट् ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मिडिल अफ्रीका के कई हिस्सों में इबोला के नए प्रकोप। साथ ही हंतावायरस मंकीपॉक्स और बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरे के बीच एक ग्लोबल रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि दुनिया भविष्य की महामारियों के लिए पहले से ज्यादा कमजोर होती जा रही है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और वर्ल्ड बैंक के समर्थन से बने स्वतंत्र संगठन ग्लोबल प्रिपेयर्डनेस मॉनिटरिंग बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इंफेक्शन बीमारियों का खतरा अब पहले से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले दस सालों की तुलना में अब देश और स्वास्थ्य व्यवस्था महामारी से उबरने में कम सक्षम हो गए हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैले इबोला के नए प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इस बार इबोला का कम समझा जाने वाला बुंडिबुग्यो स्ट्रेन सामने आया है जिसने चिंता और बढ़ा दी है।क्यों तेजी से फैल रहा है इंफेक्शन का खतरा?
प्रायोरिटीज फॉर ए पैंडेमिक-रेजिलिएंट फ्यूचर में कहा गया कि महामारी से निपटने की तैयारियों पर हुए तनाव, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी पर्यावरणीय गड़बड़ी, बढ़ती वैश्विक आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय विकास फंडिंग में कमी वर्ल्ड साबित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी पर्यावरणीय गड़बड़ी, बढ़ती वैश्विक आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय विकास फंडिंग में कमी वर्ल्ड हेल्थ सिक्योरिटी को कमजोर कर रही हैं।रिपोर्ट में किन बातों को लेकर की गई चर्चा
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2014-16 और 2019-20 के इबोल प्रकोप, कोविड-19 और मंकीपॉक्स जैसी बड़ी स्वास्थ्य आपात स्थितियों की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि कोविड के बाद नई स्वास्थ्य व्यवस्थाएं और योजनाएं तो बनाई गई लेकिन महामारी से निपटने की वैश्विक क्षमता अब भी बहुत असमान बनी हुई हैं। सबसे चिंताजनक बात वैक्सीन और दवाओं की पहुंच को लेकर सामने आई है। रिपोर्ट् के अनुसार, मंकीपॉक्स वैक्सीन गरीब देशों तक पहुंचने में करीब दो साल लग गए जो कोविड वैक्सीन से भी ज्यादा देरी थी। बोर्ड ने चेतावनी दी कि दुनिया वैक्सीन, जांच और इलाज की समान पहुंचे के मामले में पीछे की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महामारी अब सिर्फ स्वास्थ्य संकट नहीं रह गई बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और लोगों को भरोसे पर भी असर डाल रही है। कोविड और इबोला दोनों के दौरान राजनीति ध्रुवीकरण साइंटफिक संस्थाओं पर हमले और गलत सूचनाओं का तेज प्रसार देखने को मिला। इसके प्रभाव महामारी खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक बने रहते हैं।भारत के लिए रिपोर्ट क्यों अहम
यह रिपोर्ट भारत के लिए बहुत अहम मानी जा रही है। दुनिया के सबसे बड़े कोविड प्रकोपों में से एक झेल चुके भारत में घनी आबादी तेजी से बढ़ते शहर और बड़े पैमाने पर होने वाला आतंरिक पलायन भविष्य की महामारियों का खतरना बढ़ाते हैं। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि देश में बीमारी निगरानी व्यवस्था ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा और इमरजेंसी फंडिंग सिस्टम को और मजबूत करने की जरुरत है। भारत के लिए भी यह रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। दुनिया के सबसे बड़े कोविड प्रकोपों में से एक झेल चुके भारत में घनी आबादी तेजी से बढ़ते शहर और बड़े पैमाने पर होने वाला आंतरिक पलायन भविष्य की महामारियों का खतरा बढ़ाते हैं। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स पहले भी चेतावनी दे चुके हैं। देश में बीमारी निगरानी व्यवस्था, ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा, बड़े पैमाने पर होने वाला आंतरिक पलायन भविष्य की महामारियों का खतरा बढ़ाते हैं। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स पहले भी चेतावनी दे चुके हैं। देश में बीमारी निगरानी व्यवस्था, ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा और इमरजेंसी फंडिंग सिस्टम को और मजबूत करने की जरुरत है। -

रामपाल से मिलने पहुंची Navjot Kaur Sidhu, भगवान ने मेरी सुन लीं, देखें वीडियो
हिसारः पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू जेल से छूटे सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल से मिलने पहुंचीं। सिद्धू ने रामपाल के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। 11 साल जेल में रहने के बाद 10 अप्रैल को रामपाल जमानत पर बाहर आया है। उसके बाद से कई नेता आश्रम में नतमस्तक दिखे हैं। रामपाल के सोशल मीडिया चैनल ‘स्प्रीचुअल लीडर संत रामपाल जी’ पर इस मुलाकात का एक वीडियो शेयर किया गया है। वीडियो में नवजोत कौर और रामपाल की बीच बातचीत है।
कौर अपना परिचय करवाते हुए कहती हैं, मैं डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू पटियाला से आई हूं। मुझे आपसे मिलने जेल आना था, मगर भगवान ने मेरी सुन ली और आपको बाहर बुला दिया। इस पर रामपाल हंसकर बोला-आपकी दुआएं मुझे ले आई। लोगों की सेवा राजनीति से ही नहीं धर्मनीति से भी हो सकती है। बस लोगों को अपनी नीति ठीक करने की जरूरत है। यह वीडियो करीब 2 मिनट 4 सेकेंड का है, जिसे एडिट कर चलाया गया है। पंजाब विधानसभा चुनाव में कुछ महीने बचे हैं, रामपाल का पंजाब में भी आश्रम व अनुयायी हैं। लिहाज, मुलाकात को सियासी नजरिये से भी देखा जा रहा है।
रामपाल से मुलाकात के दौरान नवजोत कौर से रामपाल से कहा कि मैं आपसे भक्ति लेने आई हूं। रामपाल ने कहा कि भक्ति और सेवा सबसे ऊपर है। नर ही नारायण सेवा है। नवजोत कौर ने कहा कि यह दोनों चीजें मैं आपसे लेने आई हूं बाकि सब बाय प्रोडेक्ट हैं। रामपाल ने कहा कि आप जैसे लोग जब मिलने आते हैं तो हमारा मनोबल बढ़ता है। नवजोत कौर ने कहा कि, मैं राजनीति से नहीं धर्म से देश की सेवा करना चाहती हूं। इस पर रामपाल ने कहा कि देश में जब राजाओं का शासन था तो सब धर्मनीति से चलते थे जनता की सेवा करते थे, मगर आजकल जनता द्वार पर जाए तब भी नहीं सुनते। रामपाल ने नवजोत कौर का धनाना आश्रम में आभार भी जताया।
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केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 7 लोग झुलसे, 10 किमी. से दिख रहा धुएं का गुब्बार, देखें वीडियो
रेवाड़ीः हरियाणा में बावल स्थित सेक्टर-5 इंडस्ट्रियल एरिया में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार आग लगने के कुछ ही देर बाद फैक्ट्री के अंदर जोरदार धमाके होने लगे और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के दौरान फैक्ट्री में 25 से 30 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से 7 कर्मचारी झुलस गए। आग इतनी भयानक थी कि काले धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। आग पर काबू पाने के लिए रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और महेंद्रगढ़ समेत कई जगहों से 35 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हैं। घायलों को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद फैक्ट्री के अंदर से लगातार धमाकों की आवाजें आने लगीं। आग की ऊंची लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। घटना में झुलसे 7 कर्मचारियों को सबसे पहले रेवाड़ी के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से दो कर्मचारियों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें गुरुग्राम रेफर कर दिया गया, जबकि चार का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक कर्मचारी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में केमिकल उत्पादों के साथ इंक और एल्युमिनियम फॉयल का निर्माण किया जाता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के समय फैक्ट्री के चिलिंग प्लांट में रिपेयरिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक ब्लास्ट हुआ और देखते ही देखते आग पूरी फैक्ट्री में फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार, जीएलएस कंपनी का कारोबार भारत समेत कई देशों में फैला हुआ है। कुछ महीने पहले इसी कंपनी में मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड भी हुई थी। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। कंपनी प्रबंधन की ओर से बताया गया कि हादसे के समय फैक्ट्री के अंदर करीब 25-30 कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में चिलिंग प्लांट की रिपेयरिंग के दौरान ब्लास्ट होने की बात सामने आई है। फिलहाल आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है।
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निजी कंपनी के कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
गुरुग्रामः हरियाणा में गुरुग्राम के मानेसर एरिया से बड़ी खबर सामने आई है। जहां सुनील नाहरपुर गांव में 24 साल के युवक की घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार नौजवान ने फंदा लगाकर सुसाइड किया। मृतक की पहचान सुनील पाठक निवासी गांव झर कुआं, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। सुनील नाहरपुर गांव में किराए के मकान में रहता था और मानेसर स्थित एक निजी कंपनी में काम करता था। बताया जा रहा है कि सुनील अविवाहित था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने परिजनों को भी सूचना भिजवा दी है। पुलिस सुसाइड के कारणों का पता लगाने के लिए उसके परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।