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  • अनुसूचित जाति के लोगों के लिए मत्स्य पालन विभाग की विशेष योजना, अनुदान हेतु आवेदन आमंत्रित

    अनुसूचित जाति के लोगों के लिए मत्स्य पालन विभाग की विशेष योजना, अनुदान हेतु आवेदन आमंत्रित

    चंडीगढ़ : मत्स्य पालन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों के लिए “डेवलपमेंट ऑफ शेड्यूल्ड कास्ट फैमिली अंडर फिशरीज सेक्टर स्पेशल कंपोनेंट योजना” के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को मछली पालन व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य रखा गया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत पंचायत तालाब पट्टे पर लेने के लिए प्रथम वर्ष में पट्टा राशि का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त द्वितीय एवं आगामी वर्षों में पट्टा राशि पर 40 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता प्रदान की जाएगी।

    रेहड़ी, जाल व खाद-खुराक पर भी सहायता

    मत्स्य पालन विभाग द्वारा अधिसूचित पानी में मछली पकड़ने के लिए ठेकेदारों को स्वीकृत बोली का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं रेहड़ी (स्टोव, गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित) खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 36 हजार रुपये प्रति लाभार्थी का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार मछली पालन हेतु खाद-खुराक पर कुल लागत 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, जाल खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 24 हजार रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसी भी मद में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन सरल पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।

  • फील्ड में रह कर समस्याओं का समाधान करें अधिकारी 

    फील्ड में रह कर समस्याओं का समाधान करें अधिकारी 

    चंडीगढ़ : हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने दोनों विभागों के अधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि भीषण गर्मी के दौर में आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध करवाना तथा मानसून से पहले सड़क मरम्मत एवं निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में जितना हो सके, फील्ड में रह कर समस्याओं का समाधान करें। बकायदा उन्होंने इस संबंध में एक्सईएन, एसडीओ को लेकर भी निर्देश दिये है।

    साथ ही उन्होंने प्रदेशभर के उपायुक्त को पत्राचार करते हुए कहा कि प्रदेशभर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी, जल संकट से संबंधित शिकायतों के समाधान, सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने तथा अन्य विकास कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं। ऐसे समय में अधिकारियों का अधिक समय फील्ड में लगना आवश्यक है, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी तथा वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा भी तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    उन्होंने इसी उद्देश्य से सभी उपायुक्तों से आग्रह किया गया है कि वर्तमान गर्मी के मौसम में, जहां तक संभव हो, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित समीक्षा बैठकों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया जाए। इससे अधिकारियों का अधिक समय फील्ड कार्यों में लगेगा, प्रशासनिक समय एवं ईंधन की बचत होगी तथा पेयजल एवं सड़क संबंधी कार्यों में और अधिक तेजी लाई जा सकेगी। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जन सुविधाओं को मजबूत करने, विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है।

  • मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन बड़ी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए

    मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन बड़ी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में एक उच्च स्तरीय ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्यभर में चल रही 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने प्रत्येक परियोजना का कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र की तीन बड़ी परियोजनाओं पर विशेष चर्चा हुई। फरीदाबाद सिविल अस्पताल में बनने वाले ‘मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ एवं सर्विस ब्लॉक के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका कार्य 28 प्रतिशत पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना 18 जनवरी 2028 तक पूर्ण हो जाएगी। इसके साथ ही, सोनीपत सिविल अस्पताल परिसर में 138.12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 100 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि इसका 20 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना 19 अक्टूबर 2027 तक पूर्ण कर ली जाएगी। वहीं, असंध, करनाल में 76.19 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण कार्य के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी कि इसका 25 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।

    विकासात्मक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने पर जोर

    विकासात्मक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने के लिए सरकार द्वारा प्रशासनिक निगरानी को और कड़ा किया गया है। फरीदाबाद के सेक्टर-78 में 378.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका 50 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना फरवरी 2027 तक पूर्ण होने का अनुमान है। शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र के तहत करनाल में 422.54 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (MHU) परिसर के निर्माण कार्य के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि इसका कार्य 43 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

    अग्निशमन सेवा के आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन को मिलेगा बल

    मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि अग्निशमन सेवा को आधुनिक बनाने के लिए जींद के खेड़ी मसानिया में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फायर ट्रेनिंग सेंटर के लिए भूमि की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है तथा ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि PWD (B&R) को हस्तांतरित कर दी गई है।इसके साथ ही, आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 120 करोड़ रुपये की लागत से 104 मीटर ऊंचे एरियल लैडर प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए मंजूरी उपरांत संशोधित RFP सरकार को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी परियोजनाओं में निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा का पालन अनिवार्य है तथा किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) की समीक्षा

    युवा सशक्तिकरण एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) की भी समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को उद्योगों एवं संस्थानों से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर जॉब फेयर की संख्या बढ़ाई जाए तथा उन्हें नियमित एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण एवं रोजगार विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक माह रोजगार सृजन की दिशा में ठोस परिणाम दिखाई देने चाहिए तथा युवाओं को अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं को प्रभावी बनाया जाए।

     
  • उत्तर हरियाणा बिजली निगम उपभोक्ता शिकायत मंच की बैठक 27 मई को आयोजित होगी

    उत्तर हरियाणा बिजली निगम उपभोक्ता शिकायत मंच की बैठक 27 मई को आयोजित होगी

    चंडीगढ़ : उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके। उक्त जानकारी देते हुए बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों (करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर और रोहतक) के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण रोहतक जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 27 मई 2026 को राजीव गांधी विद्युत भवन, पावर हाउस रोहतक के कांफ्रेंस हॉल में प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक किया जायेगा।

    उन्होंने बताया कि रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरूप्योग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तिय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष पेंडिंग (लंबित) नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा।

    उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे अपनी बिजली से संबंधित समस्याओं का समाधान कार्यवाही 27 मई, 2026 को राजीव गांधी विद्युत भवन, पॉवर हाउस रोहतक के कांफ्रेंस हॉल में प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक होने वाली कार्यवाही में सम्मिलित होकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएं। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को निरंतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है।

  • निजी साझीदारी के प्रयोग में कमी के लिए हर गांव और शहर को बस सेवा से जोड़ा जाए

    निजी साझीदारी के प्रयोग में कमी के लिए हर गांव और शहर को बस सेवा से जोड़ा जाए

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पेट्रोल व डीजल की खपत को कम करने के लिए निजी वाहनों के प्रयोग में कमी लाना जरूरी है और यह तभी होगा जब अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी बसों की सुविधा पहुंचेगी। इसलिए परिवहन विभाग ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बढ़ी हुई आबादी तथा भविष्य में पैदा होने वाली मांग के अनुरूप पूरे प्रदेश का रूटमैप बनाए और रिवाइज रूट प्लान के अनुरूप ज्यादा से ज्यादा गांवों व शहरों को बस सुविधा से जोडे़। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत परिवहन विभाग के अगले 5 वर्षों के रोडमैप व कार्ययोजना के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस दौरान उन्होंने भविष्य में मांग के अनुरूप परिवहन विभाग द्वारा अपनाई जाने वाली की नई तकनीकों व योजनाओं की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि परिवहन विभाग उचित प्रबंधन करें तो बसों की कमी भी दूर हो सकती है और अधिक से अधिक लोगों तक परिवहन सुविधाओं तक पहुंच भी सुनिश्चित की जा सकती है।

    शहरों के भीतर चलाई जाएं लोकल बसें:

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शहरों के आंतरिक हिस्सों में लोकल बसें चलती थी जो शहर के एक हिस्से को दूसरे से जोड़ती थीं लेकिन अब ऐसी बसों की संख्या बहुंत कम हो गई है जबकि शहरी क्षेत्रों का काफी विस्तार हो गया है। इससे शहरों के बाहरी हिस्सों में स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों के कामगारों को अपने वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी शहरों में प्रमुख अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थानों तक सिटी बसों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों के लिए विशेष बसें चलाई जाएं और मैट्रो स्टेशनों तथा बस स्टैंडों तक मिनी बसें चलाई जाएं।

    एक साल में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनेंगे:

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा भविष्य में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें ही खरीदी जाएं। इनकी चार्जिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रदेश में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाए जाएंगे। बस स्टैंड पर सवारियों के लिए जहां इलेक्ट्रिक बस खड़ी होगी वहीं पर उनके चार्जिंग प्वाइंट लगवाए जाएं। बस में सवारियों के चढ़ने और उनकी टिकट काटने के दौरान ही बसों को चार्ज करने की व्यवस्था की जाए। हर जिले व हर शहर में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएं। इसी प्रकार प्रदेश के अधिक से अधिक हिस्सों में पीपीपी मोड में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करवाए जाएं। सभी बस स्टैंडों पर रूफटोप सोलर सिस्टम भी स्थापित करवाए जाएं ताकि ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी की जा सके।

    पात्र व्यक्तियों को 20 लाख नए हैप्पी कार्ड वितरित किए जाएंगे:

    नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में हैप्पी कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक लगभग 20 लाख व्यक्तियों को हैप्पी कार्ड दिए जा चुके हैं तथा 20 लाख नए कार्ड जल्द वितरित किए जाएंगे। नए कार्डों के वितरण के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आईटी बेस्ड स्मार्ट ड्राइविंग टेªनिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से निजी व व्यावसायिक वाहनों के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गाड़ी पास करने की मैनुअल प्रक्रिया को बंद कर इसे भारत सरकार द्वारा जारी नए प्रावधानों के अनुसार ऑटोमैटिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गाड़ी पास करने के लिए प्रतीक्षा में लगने वाले समय को कम किया जाए।

  • सामाजिक संस्थाएं भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए तत्पर

    सामाजिक संस्थाएं भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए तत्पर

    चंडीगढ़ : अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंदरू ने कहा कि हरियाणा सरकार की तर्ज पर स्वयंसेवी एवं सामाजिक संस्थाएं भी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए कार्य कर रही हैं ताकि प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ और सुखमय जीवन व्यतीत कर सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन डॉ. राजा सेखर वुंदरू गुरु रविदास भवन सैक्टर 15 पंचकूला में अमर शहीद रामानन्द महाराज के 17वें शहीदी दिवस पर गुरु रविदास डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी के  शुभारंभ कार्यक्रम में संबोधित रहे थे। उन्होंने कहा कि सभा द्वारा लेबोरेटरी शुरू करना बड़ा ही सराहनीय कार्य है। शिक्षा और स्वास्थ्य नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं में शामिल हैं। यदि नागरिकों को उचित समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा मिल जाए तो वह समाज एवं देश विकसित देशों की श्रेणी में शुमार    हो जाएगा।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा नागरिकों की सुविधाओं के लिए डायलिसिस जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं भी सरकारी अस्पतालों में मुहैया करवाई जा रही हैं। विशेषकर बुजुर्गों एंव महिलाओं के लिए अलग से आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। वृ़द्ध सेवा एवं स्वास्थ्य पोर्टल विकसित किया जा रहा है जो बुजुर्गों के जीवन स्तर को सुधारने और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ करवाने में कारगर साबित होगा। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की पारदर्शी निगरानी करना है। इसके अलावा हर जिला स्तर के अस्पताल में सभी प्रकार की जांच, अल्ट्रासाउण्ड एमआरआई जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कार्यक्रम के दौरान गुरु रविदास डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी  में उपयोग होने वाले केमिकल का एक साल का खर्च उठाने की भी घोषणा की। उन्होंने लेबोरेटरी में कार्यरत चिकित्सक एवं कर्मचारियों से विस्तार से जानकारी ली और गुरु रविदास महाराज के चरणों में मत्था टेका। इस अवसर पर नागरिकों के लिए दिनभर मेगा स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में मरीजों के ब्लड एवं पेशाब के नमूनों की जांच की गई। इसके अलावा चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परामर्श  और आवश्यक दवाइयां भी वितरित की। समारोह के अध्यक्ष पूर्व चीफ इंजीनियर हरपाल सिंह ने सुपोत्र इधंत की स्मृति में चार लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च कर लेबोरेटरी संचालित करने में अहम भूमिका निभाई है।

    सभा के प्रधान कृष्ण कुमार ने बताया कि लेबोरेटरी में आधुनिक स्तर की मशीनें लगाई हैं जिनमें हर प्रकार ब्लड एवं पेशाब के नमूनों की जांच की सुविधा सामान्य दर पर प्रदान की गई है। सभा की ओर से भविष्य में एमआरआई, अल्ट्रासाउंड आदि मशीनें भी लगाए जाने की योजना है ताकि रोगियों को अधिकांश स्वास्थ्य जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जा सकें। इसके अलावा नशा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए मुहिम चलाए जाने पर बल दिया।

    समारोह में आने वालों के लिए लंगर की सुविधा के साथ छबील भी लगाई गई

    सभा के महासचिव जयबीर रंगा, सेवानिवृत्त महाप्रबंधक आर पी  साहनी, महंत मनदीप दास, पूर्व विधायक लहरी सिंह, प्रधान सत्यवान पपोसा, अम्बेडकर महासभा के पूर्व प्रधान सुरेश मोरका, बी एस रंगा, राज कपूर अहलावत सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। शिविर में सेवानिवृत महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. डीपी लोचन, रिटायर्ड सिविल सर्जन मिलिट्री डॉ. संध्या, डॉ. एपी राठी, रिदम, डॉ. मंजीत सिंह बल सहित कई चिकित्सकों ने स्वास्थ्य सेवाएं दी। सभा की ओर से मेगा स्वास्थ्य शिविर एवं लैब में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

  • हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को रफ्तार, अस्पताल परियोजनाओं पर सरकार का बड़ा फोकस

    हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को रफ्तार, अस्पताल परियोजनाओं पर सरकार का बड़ा फोकस

    चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को तेज़ी से पूरा करने, निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। सरकार अब केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित न रहकर जवाबदेही आधारित कार्यप्रणाली के तहत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े बड़े निर्माण कार्यों हेतु 815 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में निर्धारित 210 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 288 प्रतिशत अधिक है। सरकार की कार्य निष्पादन आधारित सोच को दर्शाते हुए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही 203.75 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) को जारी कर दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

    सरकार ने एक बड़े सुधारात्मक कदम के तहत सभी नई स्वास्थ्य परियोजनाओं में क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से थर्ड पार्टी क्वालिटी जांच व्यवस्था लागू की है। अब स्वतंत्र ऑडिट और नियमित रिपोर्टिंग के माध्यम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।स्वास्थ्य परियोजनाओं की बेहतर निगरानी और समन्वय के लिए सरकार ने एक समर्पित नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। बैठक में जिला अस्पतालों में मरीजों की सुविधाओं और सेवा गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी सीएमओ और पीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक 15 दिन में पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट भेजें। अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, कार्यशील शौचालय, निर्बाध पेयजल आपूर्ति, एयर कंडीशनिंग सिस्टम तथा डीजी पावर बैकअप जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में शामिल किया गया है। अस्पतालों में बार-बार महंगे बाथरूम फिटिंग चोरी होने की घटनाओं को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक टैप लगाने का निर्णय लिया गया है।

    हरियाणा के दीर्घकालिक स्वास्थ्य विजन के तहत डॉ. सुमिता मिश्रा ने अस्पताल नियोजन, सिविल इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं के डिजाइन में विशेषज्ञ निजी सलाहकारों को आगामी परियोजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए हैं, विशेषकर प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य मिशन के तहत बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए। इससे आधुनिक, तकनीक आधारित और मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य संस्थान विकसित किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल परिसरों में हरियाली बढ़ाने और गर्मी कम करने के उद्देश्य से बागवानी एवं ग्रीन लैंडस्केपिंग कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के 10 जिला अस्पतालों में लंबित नवीनीकरण कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा गया है। सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) परियोजनाओं को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही है। पंचकूला में लंबित कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा कर भवन हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पानीपत स्थित नवनिर्मित एमसीएच भवन को एक माह के भीतर पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपने को कहा गया है।

  • मेदांता अस्पताल के सहयोग से सुदृढ़ होंगी अटेली क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं 

    मेदांता अस्पताल के सहयोग से सुदृढ़ होंगी अटेली क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं 

    चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग, मेदांता फाउंडेशन के माध्यम से मेदांता अस्पताल के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल अटेली और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) फर्रुखनगर व मीरपुर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) सेवाओं को अपग्रेड करना और उन्हें और अधिक मजबूत बनाना है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अनुसार, यह पूरी सहभागिता पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के तहत संचालित की जाएगी। इस सहयोग के अंतर्गत प्रसूति कक्षों (Labour rooms) और सिजेरियन सेक्शन (C-Section) ओटी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। नवजात शिशुओं की देखभाल (Neonatal care), उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएं और एम्बुलेंस सहायता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा ,स्वास्थ्य कर्मचारियों की स्किल और कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह समझौता ज्ञापन (MoU) शुरुआत में तीन वर्षों के लिए प्रस्तावित किया गया है। दोनों पक्षों की आपसी सहमति और संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। आरती सिंह राव ने उम्मीद जताई है कि इस एमओयू पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद अटेली  क्षेत्र में और इसके छह महीने के भीतर फर्रुखनगर और मीरपुर के सीएचसी (CHC) में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार होगा। यह कदम राज्य के पिछड़े या कम सेवा वाले क्षेत्रों में माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण (Secondary healthcare delivery) को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
  • मेधावी विद्यार्थियों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों का अहम योगदान

    मेधावी विद्यार्थियों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों का अहम योगदान

    चंडीगढ़ : हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थिय़ों की मार्कशीट केवल अंकों का एक कागज नहीं है। यह उनकी रातों की नींद, उनके माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के निस्वार्थ मार्गदर्शन का जीवंत प्रमाण है। शिक्षा मंत्री आज पंचकूला के शिक्षा सदन में सरकारी स्कूलों के हरियाणा शिक्षा बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड के 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में 22 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मंत्री ने परीक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को क्रमश 11 हजार, 8100 व 5100 रुपये से सम्मानित किया।

    शानदार सफलता पर पूरे प्रदेश को है गर्व

    समारोह में शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए केवल एक मंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक अभिभावक के तौर पर बेहद गर्व और हर्ष का दिन है। आपकी इस शानदार सफलता पर पूरे हरियाणा को गर्व है। उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता का एक बड़ा श्रेय उनके माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा कि जब बच्चे पढ़ाई के लिए जाग रहे थे, तब माता-पिता भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ जाग रहे थे।

    हर बच्चे को मिलेगी आधुनिक शिक्षा

    श्री महीपाल ढांडा ने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए साफ किया कि वर्तमान सरकार का एकमात्र लक्ष्य हरियाणा के हर बच्चे को वैश्विक स्तर की आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत प्रदेश के शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि गांव के आखिरी छोर पर रह रहे बच्चे को भी आगे बढ़ने के समान और बेहतर अवसर मिल सकें। हरियाणा के युवाओं में हुनर की कोई कमी नहीं है और सरकार का काम उनकी इसी ऊर्जा को सही दिशा देना है।

    सफलता यात्रा का एक पड़ाव है, मंजिल नहीं

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थिय़ों की यात्रा का एक पड़ाव है, अंतिम मंजिल नहीं। आगे की राह में चुनौतियां और बड़ी होंगी, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि छात्रों का यही जज्बा उन्हें हर मोर्चे पर विजयी बनाएगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग केवल अपने करियर को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ही न करें, बल्कि इसका उपयोग समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी करें, क्योंकि देश और प्रदेश को उनसे बहुत उम्मीदें हैं।

    कम अंक लाने वाले विद्यार्थी निराश न हों

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि उम्मीद के मुताबिक अंक न ला पाने वाले विद्यार्थियों को निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। परीक्षा के अंक आपकी पूरी जिंदगी का फैसला नहीं कर सकते। असफलता केवल यह बताती है कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं हुआ। उन्होंने छात्रों को सीख दी कि वे अपनी कमियों को पहचानें और दुगनी ताकत से दोबारा उठ खड़े हों, आने वाला समय निश्चित रूप से उनका होगा। उन्होंने सभी मेधावी छात्रों को निरंतर आगे बढ़ने और वीर राज्य हरियाणा का नाम रोशन करने की शुभकामना दी। इस अवसर पर हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक श्री जितेंद्र दहिया, डायरेक्टर श्री मनिता मलिक, स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरियाणा स्कूल, शिक्षा परियोजना परिषद श्री स्वपनिल रवींद्र पाटिल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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    चंडीगढ़ : हरियाणा के गांवों की अब जल प्रबंधन में अहम भूमिका होगी। प्रदेश में ग्रामीण जल प्रबंधन को विकेंद्रीकृत और सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से एक खास पहल की गई है। ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) नीति-2026 के तहत गांव अपने जलापूर्ति तंत्र के संचालन, रखरखाव और दीर्घकालिक स्थायित्व में अधिक जिम्मेदारी निभा सकेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केवल आधारभूत ढांचा तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव के लिए मजबूत व्यवस्था भी आवश्यक है। इसके लिए निरंतर निगरानी, मजबूत संस्थागत सहयोग और समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन ने बताया कि ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को नीति के तहत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। ये समितियां जलापूर्ति की योजना तैयार करने से लेकर निगरानी, आधारभूत ढांचे के प्रबंधन, शिकायत निवारण, बिलिंग, उपभोक्ता शुल्क संग्रहण और रिकॉर्ड के रखरखाव का कार्य भी करेंगी। ये समितियां मरम्मत कार्यों और रखरखाव गतिविधियों की निगरानी के साथ-साथ विभाग की तकनीकी टीमों के साथ समन्वय भी स्थापित करेंगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी उपायुक्त जिला जल एवं सीवरेज मिशन की बैठकें नियमित रूप से करें, ताकि ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।

    नीति की एक विशेषता नीति-निर्धाण प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों में महिलाओं की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पानी के बिलों के वितरण, उपभोक्ता शुल्क संग्रहण, जल गुणवत्ता परीक्षण और शिकायत निवारण जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है। इससे न केवल सेवा वितरण मजबूत होगा बल्कि ग्रामीण महिलाओं मिलेंगे अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने जल प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीक आधारित पहलों की भी समीक्षा की। नागरिकों को भारत बिल पे और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे जल शुल्क का भुगतान अधिक सरल और त्वरित हो सकेगा।

    अधिकारियों ने बताया कि संचालन एवं रखरखाव नीति-2026 से ग्रामीण पेयजल ढांचे की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक स्थायित्व में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे स्थानीय समुदायों में स्वामित्व की भावना भी मजबूत होगी। बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक श्री अनीश यादव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।