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  • हरियाणा में यात्रियों की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा – परिवहन मंत्री अनिल विज

    हरियाणा में यात्रियों की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा – परिवहन मंत्री अनिल विज

    चंडीगढ़ : हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अब राज्य के बस अडडों पर यात्रियों की आवाजाही, स्वच्छता एवं सुरक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, बस अड्डों पर अवैध कब्जों, अतिरिक्त काउंटरों, रेहड़ी-फड़ी और अनधिकृत गतिविधियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी बस अड्डों पर अतिक्रमण रोकने तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि यह निर्देश गत दिनों परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दिए गए आदेशों के अनुपालना में परिवहन विभाग के महानिदेशक द्वारा हरियाणा रोडवेज के सभी महाप्रबंधकों को जारी किए गए हैं। परिवहन मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट तौर पर कहा कि बस अड्डे आमजन की सुविधा के लिए होते हैं और वहां यात्रियों की आवाजाही, स्वच्छता एवं सुरक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी और बस अड्डों पर अवैध कब्जों, अतिरिक्त काउंटरों, रेहड़ी-फड़ी और अनधिकृत गतिविधियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    बस अडडों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त- विज

    श्री विज ने जारी निर्देशों के अनुसार बताया कि कोई भी दुकानदार, वेंडर अथवा अन्य व्यक्ति बस अड्डे के प्लेटफॉर्म, सड़क, फुटपाथ, प्रतीक्षालय या सार्वजनिक स्थान पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं करेगा। दुकान से संबंधित सामान जैसे रैक, फ्रिज, क्रेट, टेबल, बेंच, बोर्ड अथवा अन्य सामग्री केवल निर्धारित दुकान क्षेत्र के भीतर ही रखी जा सकेगी। इसके अलावा, अस्थायी स्टॉल, फेरी लगाने वाले, अनधिकृत विक्रेता तथा दुकान के बाहर अतिरिक्त काउंटर लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। दुकानदारों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों, बसों, आपातकालीन वाहनों अथवा सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की रुकावट उत्पन्न न करें।

    अवैध बिजली कनेक्शन और अतिरिक्त विद्युत उपकरण लगाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई- विज

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिना अनुमति अतिरिक्त विद्युत उपकरण या अवैध बिजली कनेक्शन लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस अड्डों पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पाए जाने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाए। श्री विज ने बताया कि निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा। आवश्यक होने पर जुर्माना, दुकान आवंटन रद्द करना, दुकान सील करना अथवा सामान जब्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकेगी।परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के बस अड्डों को स्वच्छ, व्यवस्थित, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • बुजुर्गों के लिए शुरू होगा ‘वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य’ पोर्टल : आरती सिंह राव

    बुजुर्गों के लिए शुरू होगा ‘वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य’ पोर्टल : आरती सिंह राव

    चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य में नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए जल्द ही दो बड़ी कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बुजुर्गों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    बुजुर्गों के लिए हर गुरुवार लगेंगे विशेष स्वास्थ्य शिविर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AYUSH) में हर सप्ताह गुरुवार को विशेष स्वास्थ्य शिविर (Weekly Health Camps) आयोजित किए जाएंगे। इन स्वास्थ्य शिविरों के डेटा की सटीक मॉनिटरिंग और प्रबंधन के लिए ‘वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य’ पोर्टल विकसित किया गया है, इसको जल्द ही लांच किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्यभर के बुजुर्गों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की पारदर्शी निगरानी करना है।

    ओपीडी और आईपीडी मरीजों के लिए ‘संजीवनी योग’ कार्यक्रम

    आरती सिंह राव ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, निवारक (preventive) और समग्र (holistic) बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम “संजीवनी योग (SanYog)” शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ओपीडी (OPD) और वेटिंग एरिया में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए आयुष डॉक्टरों और योग सहायकों के माध्यम से योग सत्र, प्राणायाम और स्वस्थ जीवन शैली के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आईपीडी (IPD) वार्ड यानि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और डॉक्टरों की सलाह पर विशेष योग थेरेपी और लाइफस्टाइल काउंसिलिंग (परामर्श) प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि उक्त महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं , जल्द ही ‘वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य’ पोर्टल और ‘संजीवनी योग (SanYog)’ कार्यक्रम का आधिकारिक रूप से भव्य शुभारंभ किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि योग, प्राणायाम और आधुनिक चिकित्सा का यह अनूठा संगम हरियाणा को एक स्वस्थ और निरोगी प्रदेश बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

     
  • एचएसवीपी की लापरवाही पर सेवा का अधिकार आयोग सख्त, प्लॉट विकास कार्य बिना ई-ऑक्शन पर जताई नाराज़गी

    एचएसवीपी की लापरवाही पर सेवा का अधिकार आयोग सख्त, प्लॉट विकास कार्य बिना ई-ऑक्शन पर जताई नाराज़गी

    चंडीगढ़ : हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने फरीदाबाद स्थित प्लॉट संख्या-47, सेक्टर-89 के आवंटी श्री आयुष कटारिया की शिकायत पर सुनवाई करते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की है। शिकायतकर्ता ने अपनी अपील में कहा था कि उन्होंने एचएसवीपी की ई-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से उक्त प्लॉट खरीदा था तथा नवंबर 2023 में पूरी भुगतान प्रक्रिया एवं आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, लेकिन लगभग ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें प्लॉट का वास्तविक कब्जा नहीं दिया गया।

    शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि लंबे समय से कब्जा न मिलने के बावजूद विभाग की ओर से कोई स्पष्ट समयसीमा अथवा संतोषजनक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।लागत संभावित ऋण ब्याज और मानसिक व आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में एक अन्य मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने एचएसवीपी की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक सार्वजनिक प्राधिकरण होने के नाते एचएसवीपी का उद्देश्य “नो प्रॉफिट-नो लॉस” आधार पर किफायती आवास उपलब्ध कराना है, किंतु उसका रवैया लाभ-केंद्रित प्रतीत होता है, जो निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के हितों के प्रतिकूल है।

    साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया कि आवंटी अधिक मुआवजे, मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक हानि एवं अन्य कठिनाइयों के लिए उपयुक्त मंच जैसे उपभोक्ता आयोग, माननीय उच्च न्यायालय अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी का दरवाजा खटखटा सकता है। आयोग ने कहा कि वर्तमान में एस्टेट ऑफिसर द्वारा गलत कब्जा तिथि वापस लेने तथा विलंबित कब्जे पर ब्याज देने की प्रक्रिया शुरू करने जैसे सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं, किंतु आयोग परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल कब्जा सुनिश्चित कराने में असमर्थ है।आयोग ने आशा व्यक्त की कि एचएसवीपी इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए आवंटी को जल्द से जल्द प्लॉट का कब्जा उपलब्ध कराएगा।

  • हरियाणा में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती, CM Saini ने गिनाई उपलब्धियां

    हरियाणा में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती, CM Saini ने गिनाई उपलब्धियां

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को मानेसर में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों एवं उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 16 जनवरी को ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस’ मनाया गया था और आज का बजट-पूर्व परामर्श उसी उत्सव की कड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि “स्टार्टअप इंडिया” केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक ‘रेनबो विजन’ है, जो अलग-अलग सेक्टर्स को नई संभावनाओं से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप एक विचार है, जिसे मूर्त रूप देना होता है। यह एक छोटा बीज है, जिसे सही सहयोग मिलने पर विशाल वृक्ष बनाया जा सकता है। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम तथा गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर तेज़ गति से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज देश में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। चाहे सड़क और परिवहन अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का क्षेत्र हो या अन्य विकासात्मक परियोजनाएं, भारत अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई दिशा पकड़ी है और हर क्षेत्र में प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

    फंडिंग और तकनीकी सहयोग पर जोर

    मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप संस्थापकों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘फंडिंग’ और ‘तकनीकी सहयोग’ जैसे मुद्दों पर प्राप्त विचारों को नोट किया गया है। उन्होंने कहा, “आइडिया कितना भी छोटा क्यों न हो, यदि उसमें दम है, तो उसे दुनिया बदलने में समय नहीं लगता।” मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है। इसमें हरियाणा का योगदान अग्रणी रहा है, विशेषकर गुरुग्राम और मानेसर का। हरियाणा में अब 9,500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं और राज्य इस मामले में देश में सातवें स्थान पर है। साथ ही, हरियाणा से 19 यूनिकॉर्न्स भी सामने आए हैं।

    हरियाणा ए.आई. मिशन, रिसर्च फंड और फंड ऑफ फंड्स का गठन

    मुख्यमंत्री ने बजट 2025-26 में उठाए गए प्रमुख कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। इसी दृष्टि से हरियाणा सरकार द्वारा ‘हरियाणा ए.आई. मिशन’ की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए विश्व बैंक से 474 करोड़ रुपये की सहायता का आश्वासन मिला है। इसके तहत गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20 करोड़ रुपये के शुरुआती कोष से ‘हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड’ की स्थापना की गई है। इसके साथ ही 2,000 करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए HSIIDC के माध्यम से प्रति स्टार्टअप 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा ‘मुख्यमंत्री कौशल सम्मान योजना’ शुरू की गई है। हरियाणा में ‘हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022’ लागू है और हाल ही में 22 स्टार्टअप्स को 1 करोड़ 14 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्टार्टअप संस्कृति केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। आगामी शैक्षणिक सत्र से हर जिले में ‘उद्यमिता प्रतियोगिताएं’ आयोजित की जाएंगी, जिनमें चयनित टीमों को अपने आइडिया को ‘बिजनेस मॉडल’ में बदलने के लिए सरकार द्वारा एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानेसर के औद्योगिक हब होने को देखते हुए HSIIDC के सभी औद्योगिक एस्टेट्स में ‘इन्क्यूबेशन सेंटर्स’ स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप्स को सस्ती दरों पर कार्यस्थल उपलब्ध कराया जा सके। HSIIDC द्वारा इसके लिए तीन IMT क्षेत्रों में भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के विचार को दोहराते हुए कहा कि “रिस्क टेकिंग” अब मेनस्ट्रीम बन गई है। पहले लोग जोखिम लेने से डरते थे, लेकिन आज जोखिम न लेना ही सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है।” मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि हरियाणा में 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है और सरकार महिला उद्यमियों को हर कदम पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स नए भारत की पहचान हैं। चाहे स्पेस सेक्टर हो या डिफेंस सेक्टर, हरियाणा के युवा हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अनुरोध किया कि अगले 8 से 10 दिनों के भीतर अपने सुझाव चैटबॉट के माध्यम से भेजें और जब विधानसभा में बजट 2026-27 प्रस्तुत किया जाएगा, तो उसे अवश्य सुनें। उन्होंने कहा कि जिनके सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए विशेष निमंत्रण भेजा जाएगा, ताकि वे स्वयं साक्षी बन सकें कि सरकार ने उनके सुझावों को सम्मान दिया है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, नागरिक संसाधन सूचना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू भी उपस्थित रहे।