Category: Himachal

  • सुलझा JE का ब्लाइंड मर्डर केस, डॉक्टर से अवैध संबंध बने वजह, 4 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    सुलझा JE का ब्लाइंड मर्डर केस, डॉक्टर से अवैध संबंध बने वजह, 4 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू सब डिवीजन में जल शक्ति विभाग के जई के ब्लाइंड मर्डर केस में 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी को लेकर खुलासा नहीं किया है। कुल्लू के एसपी मदन कौशल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। बताया जा रहा हैकि पुलिस ने लेडी डॉक्टर, उसके डॉक्टर पति, ससुर और देवर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार अवैध संबंधों के शक के चलते जई को मौत के घाट उतारा गया था। जेई को घर बुलाकर उनसे मारपीट की गई। प्रेस कॉन्प्रेंस में एसपी कुल्लू मदन कौशल ने बताया कि लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें कुल्लू अस्पताल की महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई है।

    इसके अलावा, लाहौल में आयुर्वेदिक अस्पताल में आरोपी महिला के आयुर्वेदिक डॉक्टर पति कर्ण सिंह, ससुर विजय और देवर दिनेश को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने महिला डॉक्टर की पहचान जाहिर नहीं की है। एसपी ने बताया कि 24 जुलाई को घायल हाल में जई लाभ सिंह गुलेरिया मिले थे और फिर 26 जुलाई को एम्स बिलासपुर में सुबह उनकी मौत हो गई थी। पुलिस जांच में यह सामने आया कि वारदात के बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर बदलकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस अब इस पहलू की भी वैज्ञानिक तरीके से जांच की।

    स हत्याकांड में सबसे अहम सुराग महिला डॉक्टर के घर की नौकरानी रही। पुलिस ने उसके बयान कोर्ट में दर्ज करवाए। नौकरानी ने ही पुलिस को मारपीट और उस रात का कहानी बताई। 24 जुलाई की शाम को करीब साढ़े छह बजे जेई लाभ सिंह महिला डॉक्टर के घर गए थे। दोनों के बीच अवैध संबंध थे. पानी की सप्लाई ठीक करने के बहाने ही जई को महिला डॉक्टर ने घर बुलाया था और फिर प्लानिंग के तहत आरोपियों ने घर के कमरे में जेई से मारपीट की और उसे दफ्तर के करीब सड़क किनारे अधमरी हालत में फेंक गए। बता दें कि महिला डॉक्टर कुल्लू के गांधीनगर में रहती है।

  • गेहूं से लदा ट्रक खड्ड में गिरा, दो लोगों की मौत; चालक फरार

    गेहूं से लदा ट्रक खड्ड में गिरा, दो लोगों की मौत; चालक फरार

    कांगड़ाः पंजाब से पालमपुर जा रहा गेहूं से लदा ट्रक देर रात 53 मील पुल की रेलिंग तोड़कर खड्ड में गिर गया है। हादसे में ट्रक में सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चालक फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार ट्रक पंजाब से गेहूं लेकर पालमपुर की ओर जा रहा था। देर रात कांगड़ा के पास ट्रक अनियंत्रित हो गया और पुल की रेलिंग तोड़ते हुए गहरे खड्ड में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    ट्रक के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही फरार चालक की तलाश भी शुरू कर दी है। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोग एकत्र हो गए। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

     

  • दर्दनाक हादसाः खाई में कार गिरने से परिवार के 5 लोगों की मौत, देखें वीडियो

    दर्दनाक हादसाः खाई में कार गिरने से परिवार के 5 लोगों की मौत, देखें वीडियो

    चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के बीच देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। दरअसल, भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहड़ क्षेत्र के पास ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि परिवार अपनी मासूम बच्ची का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में कराने के बाद घर लौट रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। कई घंटों की मशक्कत के बाद बचाव दल ने खाई से सभी शवों को बाहर निकाला।
     
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    एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने पुष्टि की कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 5 लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि दुर्घटना के समय इलाके में तेज बारिश, घना कोहरा और सड़क पर फिसलन थी। खराब दृश्यता के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार गहरी खाई में गिर गई। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। एसपी विजय कुमार सकलानी ने दुर्घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि, “हादसा सोमवार देर रात हुआ है। प्रशासन की ओर से भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और मृतकों की पहचान और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. फिलहाल पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में लाने में जुटी है।” पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुई ऑल्टो कार भरमौर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गैहरा के निवासी पप्पू राणा की बताई जा रही है। कार किसी कारणवश अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक मासूम बच्चा भी शामिल है।
  • बारिश का कहरः NH समेत 100 सड़कें बंद, फ्लैश फ्लड-लैंडस्लाइड से कारों समेत 12 वाहनों को नुकसान, देखें वीडियो

    बारिश का कहरः NH समेत 100 सड़कें बंद, फ्लैश फ्लड-लैंडस्लाइड से कारों समेत 12 वाहनों को नुकसान, देखें वीडियो

    चंबाः हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। सरोल मोहल्ले समेत आसपास के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान परेल में खासा नुकसान देखने को मिला है और यहां पर घोलटी में डंगा गिरने कई गाड़ियां मलबे में दब गई और हाईवे पर कुछ ट्रक मलबे में दब गए। चंबा पठानकोट नेशनल हाईवे मलबा आने से बंद हो गया है, वहीं 100 सड़के बंद हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, करीब 12 कार, बाइक और ट्रकों को नुकसान हुआ है। सुल्तानपुर मोहल्ले में रात को अफरातफरी मच गई और लोगों ने जाग कर ही रात काटी। यहां पर बाइक मलबे में दब गई उधर, एक घर पर बड़े बड़े पत्थर और नाले का पानी बहने से काफी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सुल्तानपुर, घोलटी, हरदासपुर, माई का बाग और परेल शामिल हैं।
     
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    इन इलाकों में भारी मलबा आने से लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। चम्बा डिग्री कॉलेज परिसर भी पूरी तरह कीचड़ और मलबे से भर गया, जिससे परिसर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। घोलटी में स्थित शिव मंदिर तथा एक प्राकृतिक पेयजल स्रोत भी मलबे की चपेट में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन से सुरक्षा दीवार बनाने और नालियों को चौड़ा करने की मांग की थी, लेकिन समय रहते आवश्यक कार्य नहीं किए गए। आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आज उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने सुबह साढ़े आठ बजे अलर्ट जारी किया है कि अगले 4 घंटों में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग जगहों पर तेज़ से बहुत तेज़ बारिश होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, मूसलाधार बारिश ने परेल, सुल्तानपुर और घोलटी में तांडव मचाया है और काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश से चंबा-पठानकोट एनएच मार्ग बंद हो गया है और परेल और तड़ोली में सड़क पर टनों के हिसाब से मलबा आया है। सरोल मोहल्ले में फ्लैश फ्लड आने से सभी लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे और कुछ लोगों ने सड़क किनारे रात बिताई। इस बीच भारी मात्रा में लोगों के घरों में मलबा भी घुस गया है। एक मकान की पूरी मंजिल मलबे में दब गई। कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, भारी बारिश के चलते पक्काटाला–बालू मार्ग पर डंगा (रिटेनिंग वॉल) गिर गया है और नजदीकी स्कूल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। उधर, भारी बारिश के बाद भठी नाले में सड़क को बहाल करने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मलबा हटाते समय एक जेसीबी मशीन अनियंत्रित होकर पलट गई। मूसलाधार बारिश के चलते परेल में हालात गंभीर हो गए हैं। तेज़ बहाव के कारण सड़क पर मलबा और पानी भर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि कई घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात को मूसलाधार बारिश के चलते पीजी कॉलेज सुल्तानपुर, चंबा के आसपास कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इसके अलावा, चंबा सब-स्टेशन में पानी भर जाने से एहतियातन कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति बंद की गई थी। उधर, शिमला में अगले कुछ दिन पानी की सप्लाई पर संकट रहेगा, क्योंकि ट्रांसफॉर्मर खराब और भारी सिल्ट के चलते सप्लाई शेड्यूल प्रभावित हुआ है।
  • औहर पंचायत में हुई हाथापाई, पूर्व महिला प्रधान ने प्रधान की पत्नी को जड़ा थप्पड़, बेहोश, देखें वीडियो

    औहर पंचायत में हुई हाथापाई, पूर्व महिला प्रधान ने प्रधान की पत्नी को जड़ा थप्पड़, बेहोश, देखें वीडियो

    बिलासपुरः जिले के घुमारवीं में ग्राम पंचायत औहर में हाथापाई हो गई। दरअसल, ग्राम सभा में पूर्व पंचायत कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों की जांच के मुद्दे पर हंगामा हुआ। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। इस दौरान दोनों में जमकर हाथापाई हुई। जहां पूर्व महिला प्रधान ने प्रधान की पत्नी को थप्पड़ जड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। हाथापाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
     
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    दरअसल, ग्राम सभा की बैठक के दौरान प्रधान देशराज शर्मा अपनी बात रख रहे थे और उन्होंने पूर्व प्रधान के कार्यकाल के दौरान हुए कुछ विकास कार्यों का ब्योरा रखा और धांधली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। इस बात पर पूर्व प्रधान प्रेम लता ठाकुर उखड़ गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हंगामे के बीच वर्तमान मौजूदा प्रधान की पत्नी और पूर्व प्रधान में मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि बाद में पूर्व प्रधान ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। गहमागहमी के बीच प्रधान की पत्नी गश खाकर बेहोश हो गई और जमीन पर गिर गईं। घुमारवीं पुलिस को घटना का जानकारी दी गई और फिर प्रधान ने पूर्व प्रधान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पूर्व प्रधान प्रेम लता ठाकुर ने कहा कि ग्राम सभा में लोकतांत्रिक तरीके से अपना पक्ष रखने के लिए जब मैंने माइक मांगा, जिस पर प्रधान ने बदसलूकी की गई। मेरे चरित्र पर कीचड़ उछालने के साथ-साथ मेरे पति और पूरे परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए। उपप्रधान ने भी अभद्र व्यवहार किया। पंचायत प्रधान देशराज शर्मा ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधान ने उसे गले से पकड़ लिया और मारपीट की। मेरी पत्नी ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो महिला ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी जिससे वह बेहोश हो गईं। घुमारवीं थाना में शिकायत दी है और मेरी पत्नी का मेडिकल भी करवाया गया है। इस दौरान हुए बवाल का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें की काफी लोग नजर आ रहे हैं और पूर्व महिला प्रधान सफेद सूट में प्रधान की पत्नी के साथ हाथापाई धक्का मुक्की करती दिख रही हैं।
  • जेई को ऑफिस के पास अधमरा कर फेंका; मौत

    जेई को ऑफिस के पास अधमरा कर फेंका; मौत

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में जलशक्ति विभाग के जेई की अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। शुक्रवार रात को जेई के साथ मारपीट हुई थी व घायल अवस्था में कार्यालय से लगभग 50 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे मिला था। गंभीर रूप से घायल जेई को पहले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते चिकित्सक ने एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया था, जहां उपचार के दौरान रविवार सुबह जेई ने दम तोड़ दिया।

    कुल्लू के खौला निवासी कांता देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि उनके पति लाभ सिंह गुलेरिया 24 जुलाई को ड्यूटी पर गए थे। लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। उन्होंने बताया कि रात लगभग 11 बजे उनके पति ने फोन किया और बताया कि पिरड़ी पुल के पास एक दुर्घटना हुई है और वह घर लौट रहे है, लेकिन काफी देर तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की थी, जिस पर वह कार्यालय के बाहर घायल मिले थे। हालांकि मारपीट क्यों की गई, इसकी अभी जानकारी नहीं है।

  • Punjab के पड़ोसी राज्य में दर्दनाक हादसाः टाटा सूमो पर भरभराकर गिरा चट्टान

    Punjab के पड़ोसी राज्य में दर्दनाक हादसाः टाटा सूमो पर भरभराकर गिरा चट्टान

    हादसे में 13 लोगों की मौत, 2 घायल

    Himachal Accident News: हिमाचल प्रदेश में एक दर्दनाक हादसा हो गया है। जहां, लाहौल स्पीति के पांगी-उदयपुर मार्ग पर बड़ा हादसा हुआ। जहां मिली जानकारी के अनुसार एक टाटा सूमो गाड़ी के ऊपर चट्टान गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं, दो लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। साथ ही घटना की जांच में जुट गई।

    बताया जा रहा है कि लाहौल घाटी से करीब 60-70 किमी दूर कुडूनाला के पास यह घटना हुई है। चलती टाटा सूमो पर पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर गई। मलबे से एक व्यक्ति को घायल अवस्था में निकाला गया है। हादसे के शिकार हुए लोग चंबा के रहने वाले थे। हादसा उदयपुर–किलाड़ सड़क मार्ग पर कडू नाला के पास हुआ। यहां अचानक पहाड़ी दरकने से कुल्लू से पांगी जा रही टैक्सी मलबे में दब गई। एक घायल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य यात्रियों की तलाश के लिए पुलिस और बचाव दल अभियान चला रहे हैं।

    आपको बताते चलें कि उदयपुर–किलाड़ सड़क मार्ग एक दिन पहले भूस्खलन के कारण बंद कर दिया गया था। जिसके बाद सड़क की मरम्मत होने के बाद उसे शुरू कर दिया गया। इसके बाद रूके हुए टैक्सी सवार यात्री वहां से रवाना हो गये, लेकिन कडू नाला के पास अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और टैक्सी उसकी चपेट में आ गई। जिससे ये हादसा हो गया।

    चंबा जिले के रहने वाले थे सभी मृतक
    मिली जानकारी के अनुसार हादसे में सभी मृतक चंबा जिले के पांगी क्षेत्र के रहने वाले थे। जबकि दो लोग घायल हैं और उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। हादसा चंबा जिले के पांगी और लाहौल स्पीति जिले के सीमावर्ती इलाके में हुआ। लाहौल की पुलिस चौकी तिंदी और उदयपुर थाना पुलिस मौके पर मौजूद है और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

  • बारिश-भूस्खलन का कहरः गहरे नाले में ट्रक गिरने से पिता-पुत्र की मौत; 281 सड़कें बंद, देखें वीडियो

    बारिश-भूस्खलन का कहरः गहरे नाले में ट्रक गिरने से पिता-पुत्र की मौत; 281 सड़कें बंद, देखें वीडियो

    शिमलाः मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच राजधानी शिमला समेत सभी जिलों में झमाझम बारिश हुई। लाहौल-स्पीति में बारिश के बीच ट्रक नंबर एचपी-65ए-3396 के सड़क पर फिसलकर गहरे नाले में गिरने से पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि एक बाइक सवार लापता है। मृतकों की पहचान मंडी जिले के गांव ऊबा, डाकघर डचोरी निवासी लियाकत अली पुत्र शुकरदीन और उनके पुत्र दुरशाद के रूप में हुई है। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल केलांग भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक किलिंग सराय से भरतपुर की ओर जा रहा था, तभी वह सड़क पर नियंत्रण खोकर नाले में गिर गया। संबंधित एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही हैं। मुख्य सचिव केके पंत ने सभी उपायुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्हें अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने भारी वर्षा, अचानक बाढ़, भूस्खलन या बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को कहा। संवेदनशील स्थानों की बारीकी से निगरानी करने और राज्य तथा सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र ने वीरवार के लिए पूरे प्रदेश में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम के मद्देनजर राज्य सरकार ने भी प्रदेश के सभी उपायुक्तों को अलर्ट करते हुए भारी वर्षा, अचानक बाढ़, भूस्खलन या बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। पूरे प्रदेश में बुधवार शाम तक आनी-कुल्लू नेशनल हाईवे समेत 281 सड़कें, 164 पेयजल योजनाएं और 19 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे।

    शिमला में देर रात बादल झमाझम बरसे। वीरवार को भी दोपहर तक बारिश जारी रहने की संभावना। सोलन जिले में शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर दाड़लाघाट के पास भारी भूस्खलन हुआ। इसमें वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। चंबा जिले में सलूणी उपमंडल के बणी गांव में बिजली गिरने से 3 खच्चरों की मौत हो गई। बरसाती पानी ट्राउट मछली के टैंक में घुसने से करीब 5000 मछलियां मर गईं। चंबा में मणिमहेश जाने पर दो दिन के लिए फिर रोक लगा दी गई है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति में मंगलवार रात से सुबह तक रुक-रुक कर बारिश जारी रही है। भूस्खलन के कारण आनी-कुल्लू एनएच कारशा में बंद हो गया है।

    जाहलमा नाले में आई बाढ़ के बाद बंद मार्ग को सीमा सड़क संगठन ने अस्थायी रूप से बहाल कर दिया है। करीब 48 घंटे बाद यातायात शुरू होने से दोनों ओर फंसे लगभग 400 वाहनों को निकाल लिया गया। कांगड़ा जिले में बुधवार सुबह खराब मौसम के कारण दिल्ली से आने वाली दो उड़ानें हवाई अड्डे पर नहीं उतर सकीं। मंडी जिले में बुधवार तड़के बारिश से सराज और थलौट मंडलों में भूस्खलन से कई सड़कें बंद हो गई हैं। ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ने पर पंडोह बांध से 26 हजार क्यूसिक पानी छोड़ने का अलर्ट है। सिरमौर जिले में मंगलवार रात और बुधवार तड़के मूसलाधार बारिश से नाहन-कुमारहट्टी एनएच चट्टान गिरने से कई घंटे बंद रहा। गिरी नदी में जलस्तर बढ़ने पर गेट नंबर पांच से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।

     

     

  • बादल फटने और बारिश से तबाही, फ्लैश फ्लड में बहे घर व स्कूल, देखें वीडियो

    बादल फटने और बारिश से तबाही, फ्लैश फ्लड में बहे घर व स्कूल, देखें वीडियो

    पशुशालाएं हुई क्षतिग्रस्त, नेशनल हाईवे रहा बाधित

    कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी के स्पैड़ा और गढ़गून गांवों में भारी बारिश के बाद अचानक फ्लैश फ्लड आया। कई इलाकों में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बन गए। इससे लोक निर्माण विभाग की लापरवाही भी खुलकर सामने आ गई है। 32 मील स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर नाली निर्माण न होने के कारण पूरा चौक खड्ड में तब्दील हो गया। क्षेत्र की बराहल, बाड़ा, देहर और भेड़ खड्डों सहित स्थानीय नाले उफान पर आने से आवागमन ठप हो गया। प्राकृतिक शिव मंदिर त्रिलोकपुर के साथ बहती तोतकी खड्ड का पानी मंदिर परिसर में घुस गया। इससे वहां कई फीट कीचड़ जमा हो गया। वहीं शाहपुर की बोह घाटी के स्पैड़ा और गढ़गून गांव में बादल फटने से आई बाढ़ में 18 मकान और एक स्कूल भवन बह गया। अचानक आई बाढ़ व मलबे से कई लोग बचने में कामयाब रहे, लेकिन एक महिला और दो बच्चे इसकी चपेट में आ गए। बच्चों को तो कुछ देर में ही निकाल लिया गया, लेकिन महिला दो घंटे तक मलबे में फंसी रही। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद महिला को बाहर निकाला जा सका। वहीं दूसरी ओर, भारी बारिश के चलते पेड़ गिरने से पठानकोट-मनाली नेशनल हाईवे भी कई घंटों तक बाधित रहा, यहां कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात को बहाल किया गया। प्रशासन की टीम ने सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्र का रुख कर लिया। गढ़गून में 12 घर और स्पैड़ा में 6 मकान व पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। पशुशालाओं में मवेशी भी दब गए। बताया जा रहा है लोगों ने भागकर जान बचाई। पहाड़ी पर धमाका होने के बाद अचानक बाढ़ और मलबा आ गया, जो मकानों व पशुशालाओं को अपने साथ बहाकर ले गया। फ्लैश फ्लड में मकानों के बहने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्यों के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम को तत्काल रवाना किया गया, ताकि लोगों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। एसडीएम शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर स्वयं प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुए, लेकिन डिब्बा और मानेड़ नाला क्षेत्र में भारी लैंडस्लाइड के कारण सड़क बंद होने से राहत दलों को मौके तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन सड़क बहाल करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
  • बारिश को लेकर मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, सभी स्कूल बंद

    बारिश को लेकर मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, सभी स्कूल बंद

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश में अगले 2 दिन मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आज 20 जुलाई और कल 21 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बहुत भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने, निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संभावित प्राकृतिक आपदा और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आनी और निरमंड उपमंडलों के सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों को मंगलवार, 21 जुलाई को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने तक सतर्कता बरती जाएगी। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुराग चन्द्र शर्मा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 तथा 34(एम) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किए हैं। आदेश के दायरे में सरकारी और निजी स्कूलों के अलावा डाइट, आंगनवाड़ी केंद्र, महाविद्यालय, आइटीआइ, पालिटेक्निक, इंजीनियरिंग तथा फार्मेसी कॉलेज भी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार यह निर्णय आनी और निरमंड के उपमंडल अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

    लगातार हो रही वर्षा, भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की आशंका को देखते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम आवश्यक माना गया। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, शिक्षण संस्थानों और अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि रेड अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के समीप न जाएं और मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।