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  • हिमाचल में भारी बर्फबारी का मजा ले रहे पर्यटक, प्रशासन ने की लोगों से अपील

    हिमाचल में भारी बर्फबारी का मजा ले रहे पर्यटक, प्रशासन ने की लोगों से अपील

    शिमला: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भारी बर्फबारी और बारिश के कारण पूरे राज्य में 1250 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई। देश के अलग-अलग इलाकों में टूरिस्ट शिमला में पहुंचे थे परंतु अब उन्हें बर्फ देखने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल की वादियों में मौज लेने गए लोग सड़क जाम होने के कारण फंस गए हैं। लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सड़कों को बहाल करने के लिए करीबन 3,500 मशीनें और जेसीबी तैनात की हैं। लाहौल स्पीति के ताबो गांव में तापमान 0 से 10.2 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज किया गया है।

    पर्यटकों को हो रही मुश्किलें

    मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहौल स्पीति में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शिमला, सोलन और कांगड़ा सहित बाकी जिलों में बिजली और तेज हवाओं के साथ येलो अलर्ट प्रभावी है। पर्यटकों को भारी ट्रैफिक जाम और पानी की किल्लत जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है हालांकि सरकार की ओर से इस बर्फबारी को फसलों और जल स्त्रोतों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। वहीं प्रशासन ने पर्यटकों से जिम्मेदारी से यात्रा करने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

    सड़कें खोलने के लिए सरकार कर रही पूरी कोशिश

    पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अनुसार, सरकार सड़कों को खोलने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। सूबे राज्य के कई हिस्सों में बर्फ ब्लोअर और मशीनें भी लगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल में कुल 3500 मशीनें काम पर लगी हुई हैं और जरुरत पड़ने पर इनकी तादाद बढ़ा दी जाएगी। मंत्री ने किसानों और बागवानों को बधाई देते हुए कहा कि यह बर्फबारी आगामी फसलों खासतौर पर पहाड़ी इलाकों के बगीचों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

    बर्फबारी का आनंद ले रहे पर्यटक

    सड़कें बंद होने और कड़ाके की ठंड के बाद भी पर्यटक भारी मात्रा में हिमाचल पहुंच रहे हैं। शिमला में स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, मंगलवार को भारी हिमपात की भविष्यवाणी की गई है। कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहौल स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बर्फबारी के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा शिमला, सोलन, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जैसे इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और शीत लहर चलने का अनुमान जताया जा रहा है।
  • बर्फबारी में खड़ी कार फिसली, बचाने गए नौजवान की अटकी सांसे, देखें वीडियो

    बर्फबारी में खड़ी कार फिसली, बचाने गए नौजवान की अटकी सांसे, देखें वीडियो

    मनालीः हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर इस समय जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। वहीं मनाली में हाल ही में हुई बर्फबारी से पहाड़ी सड़कें बेहद फिसलन भरी हो गई। इस बर्फबारी के कई वीडियो सामने आ रहे है। जिनमें से कुछ खूबसूरत हैं तो कुछ डरावने भरे है। ऐसा ही एक डरावना वीडियो मनाली से आया है, जो दिखाता है कि पहाड़ों पर लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

    दरअसल, वायरल वीडियो में एक कार बर्फ की परत पर संतुलन खोकर धीरे-धीरे खाई के किनारे की ओर फिसलती हुई दिखाई दे रही है। एक व्यक्ति ने वाहन को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन सड़क इतनी फिसलन भरी थी कि वह उसे रोक नहीं पाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस सीसीटीवी फुटेज में बर्फबारी का असली खतरा साफ देखा जा सकता है। वीडियो में सड़क किनारे खड़ी एक कार अचानक बर्फ के कारण अपनी जगह से फिसलने लगती है।

    इस दौरान ड्राइवर बोनट को अपने हाथों से पकड़कर कार को रोकने की कोशिश करने लगता है, लेकिन कार की रफ्तार कम होने की बजाय और तेज हो जाती है। इसके चलते ड्राइवर कार के साथ घिसटता हुआ चला जाता है। थोड़ी दूरी पर ड्राइवर का संतुलन बिगड़ जाता है और वह नीचे गिर पड़ता है। उस दौरान वह चलती कार के नीचे आने से बाल-बाल बच जाता है। यह मंजर इतना खौफनाक था कि देखने वालों की सांसें थम गईं। गनीमत रही कि ड्राइवर सही समय पर हट गया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।

     

     

     

  • पहाड़ों से गिरा मलबा, बाल-बाल बची यात्रियों से भरी बस, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    पहाड़ों से गिरा मलबा, बाल-बाल बची यात्रियों से भरी बस, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    मंडीः हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंडोह-चैलचौक-मोवीसरी मार्ग पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होने से टल गया। स्यांज के थमलाह के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा गिर गया। एक निजी बस इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। भूस्खलन पंडोह से चैलचौक जा रही निजी बस के सामने कुछ ही दूरी पर हुआ। बताया जा रहा है कि इस स्थान पर सड़क को चौड़ा करने का कार्य भी चल रहा है और लगातार दो दिन से बारिश के चलते यह भूस्खलन हुआ। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई यात्री घंटों तक फंसे रहे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार सड़क को पूरी तरह बहाल होने में कम से कम दो से 3 घंटे का समय लग सकता है। हालांकि पहाड़ी की स्थिति और मौसम को देखते हुए इसमें और समय भी लग सकता है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि लोग जोखिम उठाकर मलबे के पास न जाएं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों में बढ़ी नमी के कारण इस क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया, “जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल चैलचौक–पंडोह मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है और सड़क सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा।” उपायुक्त ने यात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है।  
  • 2 National Highway सहित 563 सड़कें बाधित, कई वाहन और पर्यटक फंसे

    2 National Highway सहित 563 सड़कें बाधित, कई वाहन और पर्यटक फंसे

    शिमला: हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश और भारी बर्फबारी ने पहाड़ों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। जहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों ने पर्यटन कारोबारियों और बागवानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। दूसरी ओर इस मौसम ने आम जनजीवन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।

    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश में 2 नेशनल हाईवे और कुल 563 सड़कें बंद हो चुकी हैं। बर्फबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला लाहौल-स्पीति रहा है, जहां नेशनल हाईवे-3 और नेशनल हाईवे-505 पूरी तरह बाधित है। जिले में करीब 290 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जिससे दुर्गम इलाकों का संपर्क टूट गया है।

    बता दें कि भारी बर्फबारी-बारिश के चलते अपर शिमला समेत प्रदेश के कई इलाके कट गए हैं। विभिन्न स्थानों पर हजारों पर्यटक फंस गए हैं। कुफरी-फागू से 100 और आनी के रघुपुरगढ़ से 48 को किया रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश में 10,384 ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में बिजली नहीं है। बारिश-बर्फबारी से फसलों को संजीवनी के साथ पर्यटन को भी पंख लगने की उम्मीद है। शुक्रवार को भी शिमला-मनाली में पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच मस्ती की। उधर, मनाली और बंजार उपमंडल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।

    मनाली विंटर कार्निवल के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा जिले के कई क्षेत्रों में दिनभर बर्फबारी का दौर जारी रहा। शिमला, लाहौल-स्पीति में बर्फीला तूफान भी चला। तूफान के बीच भारी बर्फबारी के चलते शिमला में लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।

    राजधानी की सड़कों पर भी सैकड़ों पर्यटक वाहन बर्फ में घंटों फंसे रहे। आनी-कुल्लू, शिमला-किन्नौर, मनाली-लेह, हाटकोटी-पांवटा साहिब व चंबा-भरमौर एनएच समेत सैकड़ों सड़कें बंद होने से परिवहन सेवाएं भी ठप हो गई है। सैकड़ों बसें जगह-जगह फंसी है। दूध, ब्रेड और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित रही। बर्फबारी-बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला, मनाली और डलहौजी में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंच गया।

  • रेल बजट 2026-27 से ज़िला ऊना हिमाचल को बहुत उम्मीदें, बेहतर कनेक्टिविटी, विकास और रोजगार की नई किरण

    रेल बजट 2026-27 से ज़िला ऊना हिमाचल को बहुत उम्मीदें, बेहतर कनेक्टिविटी, विकास और रोजगार की नई किरण

    ऊना /सुशील पंडित : वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी रेल बजट से हिमाचल प्रदेश के ज़िला ऊना और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की उम्मीदें बहुत अधिक हैं।वर्तमान समय में ज़िला ऊना में भारत के विभिन्न क्षेत्रों से दर्जनों रेलगाड़ियां पहुंच रहीं हैं। हज़ारों लोग प्रतिदिन रेल सुविधा का लाभ उठा रहें है, इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन जैसी आधुनिक सेवाएं शुरू हो चुकी हैं लेकिन स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, पर्यटकों और युवाओं की मुख्य उम्मीदें निम्नलिखित प्रमुख परियोजनाओं पर टिकी हुई हैं:

    ऊना-हमीरपुर नई ब्रॉड गेज रेल लाइन

    यह लंबे समय से प्रस्तावित परियोजना ऊना हिमाचल को ज़िला हमीरपुर से जोड़ेगी, जिससे ज़िला मुख्यालयों के बीच सीधी कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इस लाइन पर सर्वे और भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्य पहले से चल रहे हैं। बजट में इसके लिए पर्याप्त फंड और तेजी से कार्य शुरू होने की उम्मीद है, जो ऊना को हिमाचल के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ेगा। जैजों -ऊना व होशियारपुर – अंब अंदौरा नई रेल लाइन परियोजना: जैजो और होशियारपुर क्षेत्र से ज़िला ऊना तक रेल कनेक्शन बढ़ाने की मांग लंबे समय से है।इससे औद्योगिक क्षेत्रों और पर्यटन को बल मिलेगा।वहीं पंजाब से माता चिंतपूर्णी व अन्य धार्मिक स्थलों को जाने में आसानी होगी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ऊना हिमाचल स्टेशन का और उन्नयन : आधुनिक सुविधाओं, बेहतर पार्किंग, लिफ्ट, एक नया प्लेटफ़ार्म, एस्केलेटर, फुट ओवरब्रिज और यात्री सुख-सुविधाओं में वृद्धि की उम्मीद।

    रेलगाड़ियों के समय में परिवर्तन

    गाड़ी संख्या 22448 अंब अंदौरा- नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का समय दोपहर 01 बजे के बजाय शाम 05 बजे किया जाए , वहीं 64512 पैसेंजर को अंब अंदौरा से हरिद्वार के लिए रात के समय में चलाने की मांग भी लंबे समय से लंबित हैं। वहीं 74992 पैसेंजर को दौलतपुर चौक से सुबह 06:20 की बजाय सुबह 07:00 बजें चलाया जाए व वापसी में 74991 पैसेंजर को अंबाला छावनी से दोपहर 02:30 बजे रवाना किया जाए।

    चंडीगढ़ व नंगल डैम तक सीमित रेलगाड़ियों की दौलतपुर चौक/ अंब अंदौरा तक विस्तार

    पिछले लंबे समय से चंडीगढ़- बांद्रा टर्मिनस द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस, चंडीगढ़- अजमेर गरीब रथ एक्सप्रेस, नंगल डैम- कोलकाता ( गुरुमुखी सुपर फास्ट वीकली) एक्सप्रेस के अंब अंदौरा तक और नंगल डैम- अमृतसर एक्सप्रेस समेत दो पैसेंजर ट्रेनों के ऊना हिमाचल तक विस्तार की मांग समय समय पर कई बुद्धिजीवियों व संगठनों द्वारा उठाई जाती रही हैं। राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी व डॉ सिकंदर कुमार द्वारा भी राज्यसभा में भी रेल मंत्री के समक्ष मांग रखी गई थी।

    एक नए स्टेशन व हाल्ट स्टेशन को क्रासिंग स्टेशन में परिवर्तन की मांग 

    ऊना हिमाचल- अंब अंदौरा रेलवे सेक्शन पर बसाल में डेरा बाबा रूद्रानंद आश्रम के समीप एक नए स्टेशन बनाने और ऊना हिमाचल- नंगल डैम रेल सेक्शन के बीच पड़ते राय मेहतपुर हाल्ट स्टेशन को क्रासिंग स्टेशन में बदलने की मांग भी कई सालों से अटकी हुई हैं।

    सरहिंद – नंगल डैम- अंब अंदौरा दोहरीकरण

    बीते कई वर्षों से इस सेक्शन पर आवाजाही बढ़ी है। इससे समय के साथ-साथ इस 148 किलोमीटर लंबे रूट को डबल करने की ज़रूरत भी महसूस होने लगी हैं। इस सेक्शन के दोहरीकरण होने से जहां रेलगाड़ियों की रफ़्तार बढ़ेगी वहीं यात्रियों का समय भी बचेगा। आपको बता दें कि वर्तमान केंद्र सरकार ने हिमाचल के रेल विकास के लिए 2009-14 ( कांग्रेस काल ) के औसत 108 करोड़ रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 2025-26 में 2716 करोड़ रुपये (25 गुना अधिक) किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026-27 के बजट में रेलवे के कुल कैपेक्स में स्थिर या मामूली वृद्धि के साथ पहाड़ी राज्यों की नई लाइनों, सुरक्षा (कवच सिस्टम) और स्टेशन आधुनिकीकरण पर फोकस रहेगा।    
  • 20वें ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास जोड़ मेले का भव्य समापन देखो वीडियो

    20वें ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास जोड़ मेले का भव्य समापन देखो वीडियो

    पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी रहे समापन समारोह में मुख्य अतिथि

    ऊना, सुशील पंडित : संतोषगढ़ में मीरा बाई को समर्पित 20वें विशाल एवं ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास जोड़ मेले का समापन समारोह गुरुवार को श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकता के वातावरण में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने श्री गुरु रविदास मंदिर में माथा टेका तथा मंदिर के गौरवशाली इतिहास से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। श्री गढ़ी ने जोड़ मेले में उमड़े विशाल जनसमूह एवं मेला प्रबंधक समिति को इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए जसबीर सिंह गढ़ी ने संत श्री गुरु रविदास के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन में समाज से भेदभाव मिटाने और लोगों को एकजुट करने का निरंतर प्रयास किया। उनके विचार सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और समानता का संदेश देते हैं। संत रविदास की शिक्षाएं हमें मिल-जुलकर रहने तथा आदर्श, न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने अपने संबोधन में भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज को शिक्षित, संगठित और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास और उत्थान के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है और युवा पीढ़ी को डॉ. अंबेडकर के जीवन एवं समाज सुधार के कार्यों से प्रेरणा लेकर शिक्षा को जीवन का लक्ष्य बनाना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने श्री गुरु रविदास मंदिर संतोषगढ़ के निर्माण एवं समाज के उत्थान के लिए संघर्ष करने वाले समर्पित व्यक्तियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। इस दौरान जोड़ मेले के संस्थापक स्वर्गीय सिंगारा राम सिंहुंगड़ा के सुपुत्र कुंवर जगवीर सिंह सिंहुंगड़ा ने समारोह में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जोड़ मेला कमेटी के प्रधान बलवंत सिंह, गुरु रविदास धार्मिक सभा संतोषगढ़ के प्रधान कुलविंद्र बैंस, संत बाबा केवल सिंह सुरालगढ़, संत बाबा सुरेंद्र सिंह सुरालगढ़, संत बाबा सुच्चा सिंह भौरिया साहिब, संत बाबा जगदीश सिंह, गुरलाल, सैला गोल्डी, सुरजीत, रिंकू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
  • गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच, साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बना अंदरोली क्षेत्र

    गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच, साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बना अंदरोली क्षेत्र

    स्पीड बोट, जेट स्की, हॉट एयर बैलून और ड्रैगन राइड सहित विभिन्न गतिविधियों का आनंद ले रहे लोग उपायुक्त ने स्वयं लिया अनुभव..लोगों से परिवार सहित आने का किया आह्वान ऊना, सुशील पंडित: ऊना जिले की बंगाणा तहसील में गोविंद सागर झील से सटा अंदरोली क्षेत्र अब एडवेंचर टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का नया केंद्र बनकर तेजी से उभर रहा है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप गोविंद सागर झील में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुनियोजित ढंग से ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के माध्यम से मेफील्ड एडवेंचर्स कंपनी के साथ वाटर स्पोर्ट्स संचालन का करार किया गया है। कंपनी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को वास्तविक गति मिली है। उपायुक्त ने कहा कि देवभूमि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सदैव पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। अब प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं।

    प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का अद्भुत संगम

    चारों ओर पहाड़ों से घिरी गोविंद सागर झील की मनोहारी छटा और जल-पर्यटन की नई गतिविधियों ने अंदरोली क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलानी शुरू कर दी है। यहां बोटिंग, कयाकिंग, जेट स्की, एटीबी राइड, हॉट एयर बैलून, स्पीड बोट और ड्रैगन राइड सहित विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव मिल रहा है। उपायुक्त ने बताया कि भविष्य में यहां बनाना-बम्पर राइड, वाटर जेटोवेटर, शिकारा, 100 से अधिक सीटर क्रूज, जिप लाइन, पैरा मोटरिंग, फ्लोटिंग जेट्टी तथा पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यटन को नया आयाम देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यावसायिक अवसर भी सृजित करेगी।

    उपायुक्त ने स्वयं लिया रोमांचक अनुभव, परिवार सहित आने की अपील

    उपायुक्त जतिन लाल ने हाल ही में स्वयं गोविंद सागर झील के अंदरोली क्षेत्र में परिवार सहित पहुंचकर हॉट एयर बैलून राइड सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा अब परिवार, बच्चों और पर्यटकों के लिए घूमने-फिरने तथा वाटर स्पोर्ट्स व साहसिक गतिविधियों का बेहतरीन विकल्प बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले लोग इन गतिविधियों के लिए दूर-दराज पर्यटन स्थलों का रुख करते थे या सुविधाएं न होने के कारण निराश रहते थे, लेकिन अब अंदरोली में ही यह अवसर सहज रूप से उपलब्ध है। उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि वे परिवार एवं बच्चों के साथ आएं और सुरक्षित वातावरण में इन गतिविधियों का आनंद लें।

    पारदर्शी प्रक्रिया से मिला संचालन अनुबंध

    उपायुक्त ने बताया कि वाटर स्पोर्ट्स संचालन के लिए प्रतिस्पर्धी व पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसमें मेफील्ड एडवेंचर्स ने 80 लाख 500 रुपये की सर्वाधिक बोली लगाकर संचालन अनुबंध प्राप्त किया। पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करने हेतु अतिरिक्त उपायुक्त ऊना की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं।

    एडीबी से 10 करोड़ का निवेश प्रस्तावित

    उन्होंने बताया कि अंदरोली क्षेत्र को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए एशियन विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से 10 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्र को व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त गोविंद सागर पर मंदली-लठियाणी पुल व सड़क निर्माण परियोजना से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि बीते वर्षों में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित एडवेंचर स्पोर्ट्स मीट ने भी इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी, जिसमें देशभर से आए प्रतिभागियों ने साहसिक गतिविधियों में भाग लिया था। वहीं, वाटर स्पोर्ट्स का आनंद लेने पहुँची ऊना की रीना ने बताया कि अंदरौली का वातावरण बेहद शांत और सुकूनदायक है। उन्होंने यहां बाइक राइड, जेट स्की, कयाकिंग सहित अन्य रोमांचक गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया। रीना ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी ट्रेनर उपलब्ध हैं, जिससे पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित माहौल में वाटर स्पोर्ट्स का अनुभव कर सकते हैं। उन्होंने कहना है कि अंदरौली जैसे स्थल युवाओं के साथ-साथ परिवारों के लिए भी एक बेहतरीन पर्यटन गंतव्य हैं। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि इस सुदंर पर्यटन गंतव्य पर आकर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का आनंद लें।

    पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा ऊना जिला

    उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की प्राथमिकता है कि पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी और ऊना जिला पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

    मुख्यमंत्री के विजन को मिल रहा धरातल पर स्वरूप : विवेक शर्मा

    कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्पष्ट विजन है कि पर्यटन को प्रदेश के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाए। कुटलैहड़ विस के अंदरोली में गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की शुरुआत इसी विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे क्षेत्र में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
  • इस इलाके में घर में घुस गया तेंदुआ, लोगों में दहशत का माहौल, देखें CCTV

    इस इलाके में घर में घुस गया तेंदुआ, लोगों में दहशत का माहौल, देखें CCTV

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संजौली के नव बहार से बड़ी घटना सामने आई है, जहां देर रात एक घर में तेंदुआ घुस गया। हालांकि राहत की बात है कि तेंदुए ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि रात 11.44 बजे तेंदुआ दूसरी मंज़िल तक जाता हुआ दिखाई दिया। जिसके बाद शिकार ना मिलने पर वह शांतिपूर्वक नीचे उतर जाता है। यह मकान नंदिनी पठानिया का बताया जा रहा है। नवबहार इलाका चारों तरफ से जंगल से घिरा हुआ है। यहां पहले भी सड़क और रास्तों में तेंदुआ देखे फिलहाल, नवबहार में दहशत का माहौल है।

    वहीं स्थानीय निवासियों के अनुसार तेंदुए का इस तरह घर के अंदर घुसना बेहद खतरनाक है, क्योंकि नवबहार इलाका पूरी तरह से घनी आबादी वाला है। घटना के समय घर में मौजूद लोगों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित रखा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में भी लोग सहमे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार तेंदुए की चहलकदमी से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पिंजरे लगाए जाएं और तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए। वन विभाग की ओर से भी लोगों को सतर्क रहने, रात के समय बाहर न निकलने और अकेले न घूमने की सलाह दी गई है।

    साथ ही विभाग द्वारा तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बावजूद इसके, नवबहार सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले शिमला के मलयाना क्षेत्र में भी एक तेंदुआ एक घर के बाहर पहुंच गया था, जहां से वह एक पालतू कुत्ते को उठाकर ले गया। इसके अलावा शिमला शहर की लिफ्ट, कैथू की पार्किंग और अन्य कई इलाकों में भी तेंदुए की आवाजाही देखी जा चुकी है। सर्दियों के मौसम में जंगलों में शिकार की कमी के चलते तेंदुआ अक्सर भोजन की तलाश में शहर के निचले और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहा है।

     

  • सड़क हादसे में बच्ची सहित 3 की मौत, देखें वीडियो

    सड़क हादसे में बच्ची सहित 3 की मौत, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली मार्ग पर बाबेली के पास कार सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भीषण था कि इस हादसे में बच्ची सहित दिल्ली के 3 की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार वाहन सड़क किनारे लगे खंभे और मुंडेर से टकरा गया। वहीं घटना में 3 अन्य घायल हुए है, जिन्हें इलाज अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बताया जा रहा है कि ये सैलानी मनाली घुमने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि एक कार बबेली में आईटीबीपी सेंटर के गेट के पास एक पोल और पैरापिट से जा टकराई। मतृकों की पहचान 40 वर्षीय सोनिया, 26 वर्षीय साक्षी और 5 वर्षीय देवीशा के रूप में हुई है। वहीं घायलों की पहचान सचिन, साहिल, अनिका के रूप में हुई हैं। हादसे की वजह सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि ये सैलानी मनाली घुमने आए थे। एसपी कुल्लू मदन लाल ने हादसे की पुष्टि की है और बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
  • सरकारी स्कूलों में लागू किया जा रहा सीबीएसई पाठ्यक्रम, बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री

    सरकारी स्कूलों में लागू किया जा रहा सीबीएसई पाठ्यक्रम, बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री

    प्रदेश के 117 स्कूल शामिल, ऊना के भी करीब एक दर्जन स्कूलों में लागू होगा पाठ्यक्रम
    ऊना, सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने चयनित सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है। प्रदेश सरकार राज्य के 117 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने जा रही है। इसके अंतर्गत ऊना जिले के भी करीब एक दर्जन विद्यालयों को सीबीएसई पैटर्न पर संचालित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री शनिवार को ऊना जिले के अंब उपमंडल के धुसाड़ा स्थित केवी इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिकोत्सव समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अकादमिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उपमुख्यमंत्री ने अपनी ऐच्छिक निधि से 31 हजार रुपये देने की घोषणा की।

    बच्चों के विकास में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बच्चे के जीवन में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि शिक्षकों द्वारा तराशे गए बच्चे ही आगे चलकर देश-दुनिया का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के वार्षिक कार्यक्रमों में अवश्य शामिल हों तथा बच्चों के लिए समय निकालें। साथ ही विद्यालय प्रबंधन से भी आग्रह किया कि आमंत्रण पत्र में दोनों माता-पिता को आमंत्रित करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे बच्चों की पढ़ाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उनके प्रदर्शन को देख सकें। उपमुख्यमंत्री ने अपने स्कूल जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस दौर में अध्यापकों का सम्मान बहुत ऊंचा होता था। उन्होंने आज भी अध्यापकों का सम्मान करने पर बल देते हुए कहा कि अभिभावकों को छोटी-छोटी बातों पर शिक्षकों से नहीं उलझना चाहिए। शिक्षक बच्चों के हित के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं।

    शिक्षा उज्ज्वल समाज की आधारशिला

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एक उज्ज्वल समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहले के दौर में निरक्षरता आम थी, लेकिन आज समय बदल गया है। उन्होंने हरोली क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले वहां शिक्षा की स्थिति कमजोर थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदली हैं। उन्होंने कहा कि जिसकी मां कभी निरक्षर थी, आज उसकी बेटी जज, वकील और अधिकारी बन रही है, जो शिक्षा की ताकत को दर्शाता है। विद्यालय के प्रबंध निदेशक विकास शर्मा ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों एवं गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष देशराज गौतम, कांग्रेस वरिष्ठ नेता अशोक ठाकुर, डॉ. रविंद्र शर्मा, स्थानीय प्रधान नीरू बाला, उपप्रधान सहदेव, समाजसेवी प्रवीण शर्मा, सुरेश शर्मा, महेश शर्मा, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, डीएसपी अंब अनिल पटियाल, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता होशियार सिंह, स्कूल प्रबंधन से नरेश शर्मा सहित अन्य प्रबंधक, स्कूल स्टाफ, विद्यार्थी एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।