Category: Himachal

  • मणिकर्ण में मलबे में धंसे वाहन, लोग हुए परेशान, देखें Live

    मणिकर्ण में मलबे में धंसे वाहन, लोग हुए परेशान, देखें Live

    कुल्लू: हिमाचल में मानसून सीजन ने इस बार प्रदेश में जन जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। दरअसल, प्रदेश में 3 महीनों से हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। हजारों की संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं। प्रदेशभर में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जहां लोग भारी बारिश के कहर से परेशान हैं वहीं, कुल्लू जिले में एक नाला ऐसा भी है जो बिना बारिश के भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते भुंतर से मणिकर्ण सड़क जगह-जगह पर लैंडस्लाइड के कारण अवरुद्ध हो गई थी।

    ऐसे में अब मौसम साफ होने पर सड़क को बहाल किया गया है, लेकिन जछनी नाला बिना बरसात के भी मलबा लेकर सड़क पर आ रहा है। ऐसे में मणिकर्ण सड़क मार्ग पर जछनी नाला इन दिनों घाटी के लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। मलबे में यहां से गुजर रही कई गाड़ियां भी फंस रही हैं। जिन्हें दूसरी बड़ी गाड़ियों की मदद से निकाला जा रहा है। नाले से लगातार निकल रहा ये मलबा यहां पर दलदल जैसी स्थिति पैदा कर रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से नाले की समस्या को लेकर स्थायी हल निकालने की मांग की है।

    मणिकर्ण घाटी के निवासी गिरीश ठाकुर, किशन ठाकुर, रमेश कुमार, दिलीप सिंह का कहना है, “घाटी के किसान और बागवान अपने उत्पाद को लेकर भुंतर सब्जी मंडी पहुंचते हैं, लेकिन इस नाले में कभी भी मलबा नीचे आ गिरता है। जिसके चलते तय समय पर कृषि उत्पाद भी सब्जी मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, छोटी और बड़ी गाड़ियों का भी यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। अब प्रशासन को चाहिए कि वह यहां इस नाले पर कोई स्थायी व्यवस्था करें, ताकि मलबे के चलते लोगों को दिक्कत न उठानी पड़े।” कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि “जछनी नाले में अब वैली ब्रिज लगाया जाएगा और इसके लिए अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। भुंतर से मणिकर्ण सड़क मार्ग में गिरे मलबे को हटाया जा रहा है और सड़क को भी चौड़ा किया जा रहा है, ताकि लोगों को ट्रैफिक जाम की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।”

  • भूस्खलन से मलबे में दबे परिवार के 5 सदस्य, डूबा बस स्टैंड, वाहन बहे, देखें वीडियो

    भूस्खलन से मलबे में दबे परिवार के 5 सदस्य, डूबा बस स्टैंड, वाहन बहे, देखें वीडियो

    मंडीः हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर बरकरार है। मंडी ज़िले की निहारी तहसील के बोई पंचायत में पहाड़ी में दरार आने के कारण जमीन खिसकने की घटना हुई। जमीन खिसकने से एक ही परिवार के 5 लोग मलबे के नीचे दब गए। अब तक 2 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि एक महिला की लाश बरामद की गई है। बाकी दो लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण राहत और बचाव कार्य मुश्किल हो गया है।

    मंडी में आई आफत से गाड़ियां बह गई, धर्मपुर में बस स्टैंड और दर्जनों दुकानें पानी में डूब गई, चारों तरफ तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। वहीं इस घटना में कई वाहन भी बह गए। दूसरी ओर सड़क बंद होने के कारण बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय स्थानीय गांववासी खुद मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

    प्रशासन ने बचाव टीमों को मौके पर भेजा है, पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। उधर, कुल्लू के निरमंड के शमारनी गांव में सोमवार की रात करीब डेढ़ बजे पहाड़ी से भूस्खलन हुआ और इसकी चपेट में परिवार के 5 लोग आ गए। बता दें कि आज राज्य के 6 जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बीते दिन तक राज्य में 490 सड़कें, 352 बिजली ट्रांसफार्मर और 163 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं। बदलते मौसम के बीच राज्य में सुबह और शाम को ठंड भी बढ़ गई है।

     

  • इस इलाके में बादल फटने से मलबे में दबीं कई गाड़ियां, देखें वीडियो

    इस इलाके में बादल फटने से मलबे में दबीं कई गाड़ियां, देखें वीडियो

    भूस्खलन से 3 नेशनल हाईवे सहित 577 सड़कें बंद

    बिलासपुरः हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की उप तहसील नम्होल के गांव गुतराहन में शनिवार सुबह बादल फटने से तबाही हुई है। कई वाहन मलबे में दब गए हैं। वहीं ग्रामीण कश्मीर सिंह के खेतों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। फसलों को भारी क्षति हुई है। गनीमत रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। दो दिन से हो रही लगातार बारिश के कारण घुमारवीं में सीर खड्ड का जलस्तर बढ़ गया है। इस बरसात में यह स्तर सबसे ज्यादा है। राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे सहित 577 सड़कें बंद रहीं। 389 बिजली ट्रांसफार्मर व 333 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। कुल्लू जिले में 174, मंडी 166, शिमला 48, कांगड़ा 45, चंबा 44 व सिरमाैर में 28 सड़कें बंद हैं। उधर,भरमौर-पठानकोट हाईवे पर तुन्नूहट्टी, लाहड़, मैहला के समीप बीती रात भारी बारिश से भूस्खलन हुआ है। इससे हाईवे पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रफ्तार थमने से वाहन चालकों और यात्रियों को वाहनों में बैठकर हाईवे बहाल होने का इंतजार करना पड़ा। एनएच मंडल के अधिशासी अभियंता मीत शर्मा ने बताया कि भारी बारिश के कारण हाईवे पर पेड़ गिरने, मलबा आने से वाहनों की रफ्तार थमी। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 19 सितंबर तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। 13 व 14 सितंबर के लिए कुछ स्थानों पर भारी बारिश, अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अलर्ट के बीच शनिवार सुबह से कई भागों में झमाझम बारिश हो रही है। इस मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 4,465 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। 20 जून से 12 सितंबर तक 386 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 451 लोग घायल हुए हैं। 41 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान 168 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। राज्य में 538 पक्के, 834 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 1878 पक्के और 4005 कच्चे मकानों को आंशिक तौर पर नुकसान हुआ है।
  • सांगला बाज़ार में जमीन धंसने से हवा में लटका ट्रक, देखें Live

    सांगला बाज़ार में जमीन धंसने से हवा में लटका ट्रक, देखें Live

    किन्नौरः हिमाचल प्रदेश में लगातार हुई बारिश से लैंडस्लाइड और बादल फटने की घटनाएं सामने आई है। हिमाचल में इस साल आई आपदा में काफी नुकसान हुआ है। जहां कई सड़कें बंद पड़ी है। वहीं अब किन्नौर जिले के सांगणा में बस स्टैंड के पास अचानक जमीन धंसने की घटना सामने आई है। सड़क धंसने के कारण ट्रक का आधा हिस्सा हवा में लटक गया। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। ट्रक को निकालने के लिए जेसीबी मंगवाई गई है। जहां 2 जेसीबी की मदद से ट्रक को सही सलामत बाहर निकाल लिया गया।

  • बागबानों का फूटा गुस्सा, नाले में फेंके सेब

    बागबानों का फूटा गुस्सा, नाले में फेंके सेब

    ननखड़ीः हिमाचल में लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों का काफी नुकसान हुआ है। दरअसल, वर्षा व भूस्खलन के कारण शिमला जिले में कई संपर्क सड़कें बाधित हैं। रामपुर उपमंडल के ननखड़ी क्षेत्र में भी सड़कें बाधित होने से बागबानों का सेब मंडियों तक पहुंच नहीं पा रहा है। वहीं, बागबानों का आरोप है कि कृषि उपज एवं विपणन समिति (एचपीएमसी) सी ग्रेड सेब की खरीद से इनकार कर रही है। इसके विरोध में कुछ बागबानों ने सेब नालों में फेंक दिया। बागबानों ने सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

    पंचायत अड्डू के शीला गांव के बागबान देवराज, रमेश खंड, रमेश ठाकुर और अमित ने कहा कि उन्हें अब सेब नालों में फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बागबानों का कहना है कि इस वर्ष आपदा और ओलावृष्टि से पहले ही नुकसान झेलना पड़ा, अब एचपीएमसी द्वारा सी ग्रेड सेब न खरीदने से स्थिति और खराब हो गई है। पंचायत अड्डू के प्रधान पिंकू खंड ने एचपीएमसी से विक्रेता केंद्र खोलने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सेब की खरीद शीघ्र शुरू नहीं की तो बागबान सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार रामपुर के माध्यम से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को ज्ञापन भेजा।

    ज्ञापन में आरोप लगाया कि रामपुर, नरेण और ननखड़ी क्षेत्र के एचपीएमसी खरीद केंद्रों पर सेब की बोरियों को नहीं खरीदा जा रहा है। दाम न मिलने और परिवहन मार्ग बाधित होने के कारण बागबान प्रभावित हैं। भाजपा नेताओं ने सरकार से मांग की है कि एचपीएमसी तुरंत सी ग्रेड सेब की खरीद शुरू करे। एचपीएमसी जरोल टिक्कर के प्रबंधक विजय ने बताया कि सड़कों के बंद होने के कारण अड्डू, कुंगल बाल्टी, ननखड़ी, पनैल, शीलबाग और गाहन से सी ग्रेड सेब की बोरियां उठ नहीं रही हैं। उन्होंने बागबानों से सहयोग की अपील की है।

    बागबान सेब की बोरियों को खोलीघाट, टुटू पानी और टिक्कर तक पहुंचाएं, ताकि उनकी फसल की कीमत मिल सके। कुछ बागबान स्वयं जहां तक सड़कें बहाल हैं, फसल लेकर आ भी रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत जुब्बल के 28 केंद्रों में सेब खरीदा जा रहा है। अब तक 11000 मीट्रिक टन सेब खरीदा जा चुका है। वहीं, कुछ दिन पहले कुल्लू जिला के आनी उपमंडल में भी सड़कें बाधित होने के कारण बागबानों ने खराब हुआ सेब नाले में फेंक दिया है। कुल्लू जिला में नाले में दूध फेंकने का मामला भी आया था।

     

  • हिमाचल पहुंचे PM Modi ने किया 1500 करोड़ का किया ऐलान, देखें Live

    हिमाचल पहुंचे PM Modi ने किया 1500 करोड़ का किया ऐलान, देखें Live

    हिमाचल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे हैं। उन्होंने हेलिकॉप्टर से कुल्लू, मंडी और चंबा में हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण किया है। इसके बाद उन्होंने धर्मशाला में भी आपदा को लेकर अहम बैठक की। इसमें अधिकारियों ने उन्हें प्रेजेंटेशन के जरिए नुकसान की जानकारी दी। इस बैठक में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हुए। हिमाचल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने आज हिमाचल के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है। ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:
    ਹੜ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਾਰ ਹੇਠ ਆਏ ਹਿਮਾਚਲ ਲਈ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ 1500 ਕਰੋੜ ਦਾ ਰਾਹਤ ਪੈਕੇਜ ਜ਼ਾਰੀ!
    उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही बाढ़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके बाद पीएम ने मंडी, कुल्लू और चंबा जिले के 18 प्रभावित लोगों के साथ भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। इस दौरान पीएम ने एक साल की नीतिका के साथ मुलाकात की जिसके माता-पिता और दादा-दादी की 30 जून को मंडी में बादल फटने से आई बाढ़ के कारण मौत हो गई थी। पीएम ने नीतिका को गोद में भी लिया।

    शाम को पीएम आएंगे पंजाब

    बता दें कि शाम को पीएम पंजाब के गुरदासपुर में जाएंगे और बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। पंजाब सरकार के द्वारा केंद्र से 80 हजार करोड़ रुपये मांगे गए हैं। वहीं हिमाचल के सीएम सुक्खू ने भी किया है कि उन्हें स्पेशल रिलीफ पैकेज दिया जाए। इससे पहले 5 सितंबर को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अमृतसर, गुरदासपूर और कपूरथला में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए पीड़ितों से मुलाकात की थी।
  • बारिश का कहरः देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह धवस्त हुई स्कूल की इमारत, देखें Live

    बारिश का कहरः देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह धवस्त हुई स्कूल की इमारत, देखें Live

    कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में लगातार बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही है। हिमाचल में भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। देर रात भी बादल फटने और लैंडस्लाइड होने से 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं 2 घरों क्षतिग्रस्त हो गए। इसी बीच अब कुल्लू के बंजार में गुशैणी स्कूल की बिल्डिंग गिरने की घटना सामने आई है।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि ताश के पत्तों की तरह स्कूल की इमारत धवस्त हो गई। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला (IMD) के मुताबिक, 12 सितंबर तक राज्य में बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है। इस दौरान ज्यादातर भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। इससे सड़क, बिजली व पानी की बहाली के काम में तेजी आ सकेगी।

    प्रदेश में अभी भी 3 नेशनल हाईवे समेत 820 सड़कें बंद पड़ी हैं। इससे लोगों की आवाजाही और सेब व दूसरी फसलों की ढुलाई पर बुरा असर पड़ा है। देशभर में मशहूर लाहौल स्पीति का आलू मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला के कई भागों से सेब की फसल भी मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही।

     

  • बादल फटने और लैंडस्लाइड से 2 मकान क्षतिग्रस्त, महिला की मौत, 4 लापता, देखें वीडियो

    बादल फटने और लैंडस्लाइड से 2 मकान क्षतिग्रस्त, महिला की मौत, 4 लापता, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल में लगातार बादल फटने और लैंडस्लाइड होने की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं जिले के निरमंड उपमंडल की ग्राम पंचायत घाटू के शर्मानी गांव में सोमवार देर रात लगभग 1:30 बजे बादल फटने और भूस्खलन की घटना से बड़ा हादसा हो गया। इस प्राकृतिक आपदा में दो मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए।

    प्रशासन और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद ब्रेसती देवी (पत्नी शिव राम) का शव मलबे से बरामद किया गया, जबकि चुन्नी लाल, अंजू, जागृति और पुपेश अब भी लापता हैं। मौके पर ग्रामीण और राहत दल लगातार तलाश कर रहे हैं। इस हादसे से पूरे गांव में मातम का माहौल है। हादसे में धर्मदास, उनकी पत्नी कला देवी और शिव राम गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर उन्हें निरमंड अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त शिव राम बरामदे में सोए हुए थे, जिसकी वजह से वे जान बचाने में सफल रहे, हालांकि वे गंभीर रूप से घायल हैं। ग्राम पंचायत प्रधान भोगा राम ने बताया कि सूचना मिलते ही रात 2 बजे ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया गया था और तुरंत प्रशासन व एसडीएम को भी सूचित किया गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे मकान मलबे में बदल गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को तुरंत राहत और मुआवजा देने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं और लापता लोगों की तलाश जल्द पूरी की जाएगी।

     

  • Gandhi Nagar में Landslide से हुआ Blackout, मलबे में दबे लोग और गाड़ियां, देखें वीडियो

    Gandhi Nagar में Landslide से हुआ Blackout, मलबे में दबे लोग और गाड़ियां, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू शहर में कुदरत का कहर लगातार जारी है। 5 दिन में 2 लोगों की मौत, 8 लोग मलबे में दफ्न हो गए हैं। बीते 4 दिन से जहां दो लोग इनर अखाड़ा बाजार के घर के मलबे में दफ्न है। 48 घंटे से छह लोगों की तलाश अखाड़ा बाजार की एक अन्य लोकेशन पर चल रही है। उधर, वीरवार को जिले के भुंतर में भीषण फ्लेश फ्लैड देखने को मिला और पिपलागे नाले में पेड़, पत्थर और मलबा बहते हुए नजर आया। शुक्रवार सुबह 10 बजे एक शव बरामद हुआ है, जिसकी पहचान बंदरवाल कंगन तहसील निवासी 47 वर्षीय रसीद के रूप में हुई है।

    वहीं कुल्लू के भुंतर के पिपलागे नाले में फ्लैश फ्लड देखने को मिला। यहां पर पत्थर, मलबा और पेड़ बहते हुए नजर आए। कुछ लोग मौके पर मौजूद थे जो कि जान बचाकर भागे। इसी तरह कुल्लू के गांधीनगर में घर के साथ लैंडस्लाइड होने से गाड़ियां मलबे में दब गई और खासा नुकसान हुआ। बजौरा के 33 केबी सबस्टेशन की बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने से कुल्लू और आसपास में 12 घंटे से बत्ती गुल है जो कि शुक्रवार दोपहर तक बहाल होगी। साथ ही कुल्लू शहर में आसपास रात से ही ब्लैक आउट है। राहत की बात है कि आज मौसम कुछ हद तक खुला है और धूप खिली है।

    हालांकि, हल्के बादल भी मौजूद हैं। उधर, सीएम सुक्खू भी आज कुल्लू और मनाली के दौरे पर पहुंच रहे हैं और हालात का जायजा लेंगे। बता दें कि बिजली महादेव की पहाड़ियों से भी वीरवार को लैंडस्लाइड हुआ और नाले में पत्थर गिरते नजर आए। दरअसल, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में 2 और 4 सितंबर को इनर अखाड़ा बाजार में दो लोकेशन पर पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। इसमें 2 सितंबर को एक घर में कश्मीरी मजदूर के अलावा, एनडीआरएफ का जवान दबे हुए हैं। वहीं, 4 सितंबर को मलबे में दबे छह लोगों के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन 32 घंटे से चल रहा है।

    घटनास्थल पर पहाड़ी से बार-बार मलबा आने की वजह से बीते दिन शाम को सर्च ऑपरेशन रोका गया था औऱ अब सुबह 6:00 बजे शुरू हुआ है। जानकारी के अनुसार, दो घरों पर हुए भूस्खलन में 2 युवक की मौत, तीन लोग घायल और 5 लोग मलबे में दफन है। इसमें वीरवार को महिला के सिर का कुछ हिस्सा बरामद हुआ है। लेकिन जम्मू एवं कश्मीर के 5 लोगों का अब तक कोई भी सुराग नहीं मिला है।

    एसपी कुल्लू डॉक्टर कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने कहा कि इनर अखाड़ा बाजार में वीरवार सुबह करीब 6:30 बजे के आसपास भूस्खलन हुआ था और अब भी 6 लोगों के दबे होने की आशंका है। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग आईटीबीपी और पुलिस की टीम लगी हुई है। लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मशीनरी भी इस्तेमाल की जा रही है। सर्च ऑपरेशन में शरीर का कुछ हिस्सा बरामद हुआ है।

  • यात्रा में फंसे सैकड़ों श्रद्धालु, हेलीकॉप्टर से किया जा रहा रेस्क्यू, देखें वीडियो

    यात्रा में फंसे सैकड़ों श्रद्धालु, हेलीकॉप्टर से किया जा रहा रेस्क्यू, देखें वीडियो

    चंबाः मणिमहेश यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं का रेस्क्यू ऑपरेशन आज सुबह 6:30 बजे से शुरू हुआ। वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान में 50 श्रद्धालु भरमौर से चंबा सुरक्षित लाए गए। मौसम अनुकूल बना हुआ है और उम्मीद है कि आज सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल उनके गंतव्य भेजा जाएगा। वहीं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जी ग्राउंड ज़ीरो से निगरानी कर रहे हैं। वह ज़िला प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।

    इस अभियान के तहत श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर द्वारा निःशुल्क चंबा लाया जा रहा है, जहां से उन्हें आगे गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से निःशुल्क की गई है। बुधवार को भी प्रशासन ने राहत कार्य करते हुए 90 श्रद्धालुओं और चार मरीजों को एयरलिफ्ट किया था। इसके अलावा 112 श्रद्धालु, जो पैदल भरमौर से निकलकर चंबा पहुंचे थे, उन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से निशुल्क पठानकोट भेजा गया। प्रशासन का कहना है कि किसी भी श्रद्धालु को दिक्कत न हो, इसके लिए हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हेलीकॉप्टर से निकाले जा रहे श्रद्धालुओं को जहां तत्काल राहत मिल रही है, वहीं पैदल आने वालों के लिए बसों की व्यवस्था से उनके घर तक पहुंचने का रास्ता भी आसान हो गया है।

    चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने बताया कि भरमौर में फंसे किसी भी श्रद्धालु को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। आज सुबह 7 बजे से हेलीकॉप्टर के माध्यम से श्रद्धालुओं को निःशुल्क चंबा लाया जा रहा है और यहां से उन्हें उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था भी निःशुल्क की गई है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जाए।