Category: Himachal

  • पैराग्लाइडर के बीच सड़क पर लैंडिंग में गिरा व्यक्ति, देखें वीडियो

    पैराग्लाइडर के बीच सड़क पर लैंडिंग में गिरा व्यक्ति, देखें वीडियो

    कुल्लूः जिले के रायसन क्षेत्र में एक पैराग्लाइडर की बीच सड़क पर लैंडिंग होने की घटना सामनेे आई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान मौसम और हवा की दिशा में अचानक बदलाव के कारण पैराग्लाइडर निर्धारित लैंडिंग स्थल तक नहीं पहुंच सका और उसे सड़क पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। वीडियो में देखा जा सकता हैकि बीच सड़क पर लैंडिंग के दौरान व्यक्ति गिर गया। हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं आई है। व्यक्ति के सड़क पर गिरते ही उसे बचाने के लिए लोग भाग कर आ गए। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। घटना के दौरान सड़क से वाहन गुजर रहे थे। ऐसे में वाहन के ऊपर अगर व्यक्ति गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    बता दें कि कुल्लू में आज सुबह से हो रही बारिश के बाद आज पागल नाला में बाढ़ आ गई। इससे सारा मलबा हाईवे पर आ गया। इसके बाद लारजी को सैंज से जोड़ने वाला हाईवे वाहनों के लिए बंद हो गया है। कांगड़ा में भी सुबह पांच बजे से निरंतर बारिश हो रही है। कांगड़ा में सुबह दो घंटे तक भारी बारिश हुई। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिला में कुछेक स्थानों पर आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। चंबा, मंडी और शिमला जिलों में भी आज कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

    हमीरपुर, ऊना व सोलन के कुछेक क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हो रही है। वहीं शिमला में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। सवा 10 बजे कुछ देर को हल्की धूप भी खिली। इस दौरान निचले इलाकों में जलभराव और धुंध के कारण कम विजिबिलिटी का भी अलर्ट जारी किया गया है। IMD टूरिस्ट समेत लोकल लोगों को नदी-नालों, लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों व अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में नहीं जाने तथा यातायात संबंधी एडवाइजरी का पालन करने को कहा है। कल (7 जुलाई को) कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में बारिश का दौर 11 जुलाई तक जारी रहेगा।

     

     

  • कोतवाली बाजार में अचानक धू-धू कर जली Royal Enfield bike, देखें वीडियो

    कोतवाली बाजार में अचानक धू-धू कर जली Royal Enfield bike, देखें वीडियो

    धर्मशालाः हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित कोतवाली बाज़ार में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक रॉयल एनफील्ड बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
    लोगों ने बुझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकी बाइक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बहुत तेजी से फैली। मौके पर मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि बाइक को बचाया नहीं जा सका। कुछ ही मिनटों में बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई। सूचना मिलते ही पहुंची फायर ब्रिगेड घटना की जानकारी मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाया, जिससे आग आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोक ली गई। फायर कर्मियों की तत्परता के कारण बड़ा नुकसान होने से बच गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग बड़ी संख्या में देख और साझा कर रहे हैं। कोई जनहानि नहीं गनीमत रही कि इस हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। हालांकि बाइक पूरी तरह नष्ट हो गई, लेकिन समय रहते लोगों के सुरक्षित हट जाने से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
  • Highway पर बेकाबू टैंकर ने सड़क पार कर रहे व्यक्ति को कुचला, देखें CCTV

    Highway पर बेकाबू टैंकर ने सड़क पार कर रहे व्यक्ति को कुचला, देखें CCTV

    मनालीः चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर मंडी जिले में तेल से लोडेड एक बेकाबू टैंकर ने सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया। मृतक की पहचान जीवन लाल निवासी मंडी के रूप में हुई है। इस घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि व्यक्ति सड़क पार कर रहा था कि अचानक मोड़ पर कैंटर बेकाबू हो गया और टैंकर की चपेट में व्यक्ति के आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद टैंकर सड़क किनारे खड़ी बस से भी टकराया। हालांकि घटना में टैंकर पलटने से बच गया। दरअसल, व्यक्ति सड़क क्रॉस कर रहा होता है।
     
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    वह लगभग पूरी सड़क पार कर चुका होता है। तभी कुल्लू की तरफ जा रहे तेज रफ्तार टैंकर ने मोड़ पर कट मारा। इससे वह अनियंत्रित हो गया और कंडक्टर साइड का पिछला हिस्सा सड़क क्रॉस कर रहे व्यक्ति से टकरा गया।हादसे को लेकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। वहीं घटना के बाद लोगों ने ड्राइवर को काबू करके पुलिस के हवाले कर दिया। लोगों का कहना था कि यदि टैंकर भी पलट जाता तो उसके ज्वलनशील तेल के फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही पंडोह पुलिस चौकी के प्रभारी अशोक पठानिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा। वहीं, टैंकर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे लोगों ने पकड़ रखा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने फोरलेन निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। बीडीसी सदस्य सौरव गुलरिया ने बताया कि टैंकर ने बेरहमी से जीवन लाल को उड़ाया है। उन्होंने NHAI के सड़क के डिजाइन को भी फॉल्टी बताया। उन्होंने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ है, वहां तीखा कर्व बनाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे हर वक्त अवैध पार्क रहती है। हादसे के वक्त भी सड़क किनारे एक बस पार्क थी। उन्होंने मांग की मृतक के परिजनों को टैंकर मालिक से उचित मुआवजा दिलाया जाए। बताया जा रहा है कि मृतक जीवन लाल मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी समेत 3 बेटे पीछे छूट गए हैं। जीवन लाल किसी काम से पंचायत घर गए थे और लौटते वक्त हादसे का शिकार हो गए। उनका आज पैतृक गांव में अंतिम संस्कार होगा।    
  • Himachal News: लोगों को राहत, फिर से बहाल हुआ नेशनल हाईवे-5, देखें वीडियो

    Himachal News: लोगों को राहत, फिर से बहाल हुआ नेशनल हाईवे-5, देखें वीडियो

    किन्नौरः हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित हो गया। दरअसल, किन्नौर में बादल फटने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग NH 5 भी बाधित हो गया था, जिससे आवागमन पर व्यापक असर पड़ा। घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंची तथा मलवा हटाने का कार्य आरम्भ कर रास्ता बहाल कर दिया गया।
     
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    डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चोलिंग के पास मार्ग को साफ करने और फंसे वाहनों को निकालने के लिए भारी मशीनरी को काम पर लगा दिया गया है।उन्होंने कहा कि राहत की खबर ये है कि बादल फटने और भारी मलबा आने से बाधित हुआ शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) चोलिंग के पास बहाल कर दिया गया है। नेशनल हाईवे बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली। अधिकारियों द्वारा बताया कि पोकलेन मशीनों की मदद से मलबे में दबे वाहनों को निकालने का काम जारी है। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मार्ग बहाल होने के बाद शिमला और किन्नौर के बीच वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। अधिकारी ने बताया कि इस अचानक आई आपदा में किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है और सभी लोग सुरक्षित हैं।  
  • बारिश का कहरः काजा-किन्नौर-शिमला को जोड़ने वाला National Highway हुआ बंद, मलबे में दबी गाड़ियां, देखें वीडियो

    बारिश का कहरः काजा-किन्नौर-शिमला को जोड़ने वाला National Highway हुआ बंद, मलबे में दबी गाड़ियां, देखें वीडियो

    किन्नौर: हिमाचल प्रदेश मानसून की एंट्री के साथ कई जिलों में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं किन्नौर जिले में भारी बारिश के बाद चोलिंग में मीरू नाले में फ्लैश फ्लड आ गया। इस दौरान काजा-किन्नौर -शिमला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे बंद हो गया है। दरअसल, मलबा और पत्थर सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके अलावा, किन्नौर के ही रिब्बा में भी फ्लैश फ्लड आया और लोगों ने जागकर ही रात काटी। सुबह 3 बजे के करीब यहां रिब्बा में बाढ़ आई गई। फिलहाल, जानी नुकसान की सूचना नहीं है।

    बाढ़ की चपेट में वाहन भी आए हैं। चोलिंग से आगे करछम की ओर असुरक्षित स्कूल भवन के पास मलबा आने से लोग सहमे हुए हैं। बाढ़ की चपेट में दो छोटे वाहन भी आए हैं। काजा-किन्नौर-शिमला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतारें लग गई हैं। प्रशासन के अनुसार सड़क मार्ग बहाल होने में करीब 5 घंटे का समय लग सकता है। किन्नौर प्रशासन को सूचना मिलते ही पुलिस एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गई है। वहीं, जिला किन्नौर के रिब्बा गांव में भी बाढ़ आ गई है।

    डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि, “चोलिंग के पास मार्ग को साफ करने और फंसे वाहनों को निकालने के लिए भारी मशीनरी लगी हुई है। प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद है और बंद पड़े राष्ट्रीय उच्च मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।” किन्नौर प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि नदी-नालों और जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं. इसके अलावा अनावश्यक यात्रा और ट्रैकिंग से बचने की भी अपील की गई है। पहाड़ी एवं भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। किसी भी तरह की आपदा होने पर आपदा प्रबंधन दल या जिला प्रशासन किन्नौर को सूचित करें।

     

  • Himachal के चोलिंग में फटा बादल, संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त, देखें वीडियो

    Himachal के चोलिंग में फटा बादल, संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल में जुलाई माह शुरू होते ही बरसातों का दौर शुरू हो चुका है। जिससे कई शहरों में भारी तबाही हुई है। किन्नौर के चोलिंग क्षेत्र में शुक्रवार तड़के बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आ गया, जिससे कई रास्ते बंद हो गए। वहीं घटना से 2 वाहन भी फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचनी शुरू हो गई। रास्ते से मलबा हटाया जा रहा है।

    प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। राहत की खबर ये है कि बादल फटने और भारी मलबा आने से बाधित हुआ शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) चोलिंग के पास बहाल कर दिया गया है।

    किन्नौर जिले की रिब्बा खड्ड में वीरवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब तीन बजे अचानक बाढ़ आ गई। खड्ड का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण पानी मलबे के साथ रास्तों और सड़कों पर बहने लगा। पानी की तेज आवाज सुनकर ग्रामीण दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।

    बाढ़ के कारण रिब्बा से कंडे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो खड्ड के आसपास और रास्तों पर मलबे का ढेर दिखाई दिया। कई स्थानों पर सड़क और मार्ग मलबे से पट गए थे।

    चकुरठा गांव में एक ढाई मंजिला मकान पर भूस्खलन के कारण एक बड़ा पत्थर गिर गया, जिससे मकान को भारी क्षति पहुंची है। जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। रोहतांग में भी बारिश हुई। राजधानी शिमला में बूंदाबांदी हुई जबकि ऊना जिले में सुबह हल्के बादल छाए रहे। वीरवार शाम तक प्रदेश में 49 सड़कें, 42 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। कांगड़ा में सुबह बादल छाए। इसके बाद पूरा दिन मौसम साफ रहा और धूप भी खिली रही। साफ मौसम के बीच तापमान में भी बढ़ोतरी हुआ और लोगों को गर्मी का एहसास हुआ।

    मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कांगड़ा और मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश होने के आसार हैं। चार जुलाई को कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 और 6 जुलाई को भी कुछ जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।

     

     

  • भारी बारिश में 2 दिनों से फंसे 24 श्रद्धालुओं का किया रेस्क्यू, देखें वीडियो

    भारी बारिश में 2 दिनों से फंसे 24 श्रद्धालुओं का किया रेस्क्यू, देखें वीडियो

    चंबाः हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर के पहाड़ी इलाके में 2 दिन से 24 श्रद्धालु फंसे हुए थे। भारी बारिश के बीच प्रशासन ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित निकाला। मिली जानकारी के अनुसार करीब 20 घंटे की चढाई करने के बाद मौके पर टीम पहुंची और फिर लोगों को नाले के ऊपर रस्सी बांधकर रेस्क्यू किया गया। एडीएम भरमौर ने रेस्क्यू की पुष्टि की है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) भरमौर विकास शर्मा ने सफल रेस्क्यू आपरेशन की पुष्टि करते हुए अभियान में शामिल पर्वतारोहण संस्थान के जांबाजों, एनडीआरएफ की टीम, लोक निर्माण विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों और खराब मौसम के बावजूद टीम ने अदम्य साहस का परिचय देकर सभी की जान बचाई।

    जानकारी के अनुसार, भरमौर की लियूडांधार में ये सभी लोग 30 जून से फंसे हुए थे और वीरवार को भरमौर प्रशासन के समन्वित प्रयासों से बड़ग्राम के भद्रा क्षेत्र स्थित लियूडांधार में फंसे सभी श्रद्धालुओं का रेस्क्यू कर लिया। इस दौरान रेस्क्यू टीमों ने जिस नाले पर अस्थाई पुलिया बह गई थी, वहां पर आर पास पेड़ों से रेस्सियां बांधी औऱ फिर जिपलाइन की तरह लोगों को मौके से निकाला। प्रतिकूल मौसम और मूसलाधार वर्षा के बीच चले इस बेहद चुनौतीपूर्ण संयुक्त आपरेशन की कमान प्रशासन और पर्वतारोहण संस्थान की विशेषज्ञ टीम ने संभाली, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

    घटनाक्रम के अनुसार कुल 50 से 60 श्रद्धालुओं का एक दल भद्रा गांव होते हुए छड़ोले वाली माता मंदिर में आयोजित वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना में शामिल होने के लिए लियूंडी धार गया था। इसमें से करीब 25 से 30 लोग सुबह ही सुरक्षित वापस लौट आए थे, लेकिन शेष बचे श्रद्धालु लियूंडी नामक स्थान पर नाले को पार करते समय वहीं फंस गए। क्षेत्र में हुई भारी वर्षा के कारण लियूंडी नाले का जलस्तर अचानक अत्यधिक बढ़ गया था, जिसकी वजह से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा श्रमदान से तैयार की गई अस्थायी लकड़ी की पुलिया (तरंगड़ी) पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गई। नाले में पानी का रौद्र रूप होने के कारण श्रद्धालुओं का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया और वे बेहद दुर्गम इलाके में फंसकर रह गए।

    जैसे ही श्रद्धालुओं के फंसने की सूचना अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) कार्यालय भरमौर को प्राप्त हुई, प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एडीएम विकास शर्मा के निर्देशानुसार, रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से पहले ही लोक निर्माण विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से एक विशेष टीम तैयार की गई। इस टीम ने अत्यंत दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होते हुए फंसे हुए श्रद्धालुओं तक पर्याप्त मात्रा में राशन, खाद्य सामग्री और आवश्यक रसद पहुंचाई, ताकि कठिन मौसम में किसी भी श्रद्धालु को भूखा न रहना पड़े और उनकी ऊर्जा बनी रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए भरमौर से पर्वतारोहण संस्थान की छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को तुरंत लियूंडी धार के लिए रवाना किया गया था, जो भद्रा गांव में रात बिताने के बाद अगले दिन सुबह 10 किलोमीटर लंबे कठिन और दुर्गम पैदल रास्तों को पार कर घटनास्थल पर पहुंची।

    इसके साथ ही, चंबा से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक विशेष टुकड़ी भी किसी भी आपात स्थिति और बैकअप सहयोग के लिए मौके पर तैनात रही। पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने अपने पेशेवर कौशल और सूझबूझ का परिचय देते हुए रस्सी और आवश्यक उपकरणों की मदद से तेज बहाव वाले नाले के पार फंसे सभी 24 श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।

  • आफत की बारिश पेजर खड्ड में बाढ़, एकमात्र सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त, अगले 48 घंटे अलर्ट जारी, देखें वीडियो

    आफत की बारिश पेजर खड्ड में बाढ़, एकमात्र सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त, अगले 48 घंटे अलर्ट जारी, देखें वीडियो

    किन्नौर: हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही बारिश तबाही मचा रही है। किन्नौर जिले के रिस्पा में चेरंग खड्ड में गांव को जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। दरअसल, किन्नौर के रिस्पा गांव में आधी रात भारी बारिश के बाद पेजर खड्ड (नाला) में बाढ़ आ गई। इससे पुल और 3 से 4 घरों को खतरा पैदा हो गया है। वहीं रिस्पा गांव को जोड़ने वाली सड़क भी चेरंग खड्ड के तेज बहाव में बह गई। कांगड़ा और चंबा में भी रात से सुबह तक तेज बारिश होती रही। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के निचले व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी कर रखी है। पिछले वर्ष भी इस क्षेत्र में भारी बाढ़ आई थी, जिसमें चेरंग खड्ड पर बना मजबूत लोहे का पुल ताश के पत्तों की तरह बह गया था। आज कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू और सोलन जिला में यलो अलर्ट है। इस दौरान कुछेक भागों में दो से तीन स्पेल भारी बारिश के हो सकते है। राज्य में इससे फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड और जलभराव जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती है। किन्नौर व लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात और अन्य भागों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज तूफान चल सकता है।      
  • रेलिंग तोड़ पुल के सरियों पर लटकी स्कॉर्पियो, एक की मौत, 3 घायल, देखें वीडियो

    रेलिंग तोड़ पुल के सरियों पर लटकी स्कॉर्पियो, एक की मौत, 3 घायल, देखें वीडियो

    शिमला: हिमाचल प्रदेश में अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के पास एक बड़ा हादसा हुआ। स्कॉर्पियो के दुर्घटनाग्रस्त होने से एक पर्यटक की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। मृतक की पहचान राजस्थान के रहने वाले 34 वर्षीय कैलाश के तौर पर हुई है। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायल हुए तीन पर्यटकों की पहचान उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी के रहनेवाले आदित्य, सीकर खाटू श्यान के सिद्धार्थ सिंह शेखावत के तौर पर हुई है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ हो सकता है।
     
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    बताया जा रहा है कि टनल से बाहर निकलते ही ड्राइवर ने SUV पर से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद गाड़ी सड़क किनारे लगे बैरिकेड्स को तोड़ते हुए नीचे गिर गई और निर्माणाधीन पुल की ओर चली गई। एक्सिडेंट के बाद की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देनेवाले हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अधूरे बने ढांचे से निकली लोहे की छड़ें गाड़ी के अंदर घुस गईं, जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना स्थल के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, यह ग्रुप मनाली से लाहौल जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस, फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। गाड़ी बुरी तरह फंसी हुई थी, इसलिए बचाव अभियान मुश्किल भरा रहा। काफी मशक्कत के बाद, फायरफाइटर्स और पुलिसकर्मियों ने घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया। हालांकि एक्सीडेंट की मुख्य वजह तेज गाड़ी चलाना लग रही है, लेकिन पुलिस ने कहा कि वे हर एंगल से मामले की जांच करेंगे।  
  • ग्लेशियर पिघलने से भारी तबाही, मनाली-लेह हाइवे बंद, टूटा गांवों से संपर्क, कई पर्यटक फंसे, देखें वीडियो

    ग्लेशियर पिघलने से भारी तबाही, मनाली-लेह हाइवे बंद, टूटा गांवों से संपर्क, कई पर्यटक फंसे, देखें वीडियो

    मनालीः हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिलें ग्लेशियर पिघलने से भारी तबाही मच गई। दरअसल, लाहौल-स्पीति में लगातार बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से जाहलमा नाले में एक बार फिर बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। बाढ़ के चलते नाले पर बनाया गया अस्थायी वैकल्पिक मार्ग भी बह गया, जिससे दोनों ओर दर्जनों वाहन, पर्यटक, सरकारी कर्मचारी, विद्यार्थी और स्थानीय लोग फंस गए हैं। पहाड़ों में ग्लेशियर पिघलने से नालों में बाढ़ आ रही है। इससे दूर-दराज के इलाके को जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा बह गया और 50 से ज्यादा पर्यटकों की गाड़ियां फंस गईं। लाहौल-स्पीति की पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने बताया कि नाले में पानी बढ़ने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद पर्यटकों की 50 से ज्यादा गाड़ियां फंस गईं।
    पानी के बहाव में अचानक तेजी आने से जाहलमा नाले में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिससे मनाली-लेह हाईवे का एक हिस्सा बह गया। लाहौल-स्पीति जिले में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है और करीब एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। बाढ़ के साथ आए मलबे के कारण जिला मुख्यालय केलांग जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया। जिले के दूरदराज के इलाकों को जोड़ने वाला जॉबरंग पुल भी पानी में डूब गया है। अधिकारियों ने बताया कि जिस्पा में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राजमार्ग बंद हो गया। झालमा नाले में आई बाढ़ के चलते कई गांवों तक पहुंचना संभव नहीं है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बर्फ पिघलने से झालमा नाले का जलस्तर बढ़ गया है। अचानक आई बाढ़ के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 70 आरसीसी इकाई तीन मशीनों की मदद से मनाली-लेह राजमार्ग को बहाल करने के काम में जुटीं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए दो तथा तीन जुलाई को, जबकि कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए तीन जुलाई को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। शिमला, कांगड़ा और सुंदरनगर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हुईं।