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  • टोरंटो में पंजाबी युवती की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

    टोरंटो में पंजाबी युवती की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

    टोरंटोः कनाडा के टोरंटो में पंजाबी मूल की एक युवती की गोली मारकर हत्या कर देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पंजाबी मूल के (37) युवक को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    टोरंटो पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान नवनीत कौर (26) के रूप में हुई है, जो टोरंटो की रहने वाली थी। वहीं आरोपी की पहचान शरणजीत सिंह (37) के रूप में हुई है, जो ब्रैम्पटन का निवासी है।

    पुलिस के मुताबिक ये घटना शुक्रवार तड़के एटोबिको में हुई, जिसे प्रारंभिक जांच में टारगेटेड अटैक माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार घटना से पहले आरोपी और मृतका के बीच कुछ देर बातचीत हुई, जिसके बाद आरोपी ने युवती पर गोलियां चला दीं।

    गोलीबारी की सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवाओं की टीम मौके पर पहुंची और नवनीत कौर को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। बाद में ओंटारियो प्रांतीय पुलिस की मदद से चलाए सर्च ऑपरेशन में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस ने बताया कि आरोपी को शनिवार सुबह टोरंटो स्थित ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस में पेश किया गया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी और मृतका के बीच क्या संबंध था और हत्या के पीछे क्या कारण था।

    घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। टोरंटो पुलिस ने मामले की जांच जारी रखते हुए लोगों से घटना से संबंधित कोई भी जानकारी या वीडियो उपलब्ध कराने की अपील की है।

  • Operation Hardball: पंजाबी युवक हरमनवीर सिंह गिरफ्तार

    Operation Hardball: पंजाबी युवक हरमनवीर सिंह गिरफ्तार

    वॉशिंगटनः अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने कनाडा से चल रहे रविंदर ढांडा गैंग के लिए ड्रग तस्करी में कथित भूमिका के आरोप में पंजाबी युवक हरमनवीर सिंह को गिरफ्तार किया है। एफबीआई ने बताया कि कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल के अधिकारियों ने मंगलवार को स्टॉकटन, कैलिफोर्निया में सिंह को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारी ऑपरेशन हार्डबॉल के तहत की जो लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर ढांडा के गैंग को निशाना बनाने वाला एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन है।

    जांच एजेंसी ने कहा कि सिंह एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन में कथित संलिप्तता के मामले में वांछित था। इस संगठन पर नियंत्रित दवाओं (प्रतिबंधित नशीले पदार्थों) के वितरण और भंडारण की साजिश रचने और उन्हें निर्यात करने की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के बयान में कहा कि रविंदर ढांडा का संगठित अपराध समूह वैंकूवर, कनाडा से काम करता है और उस पर अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में ड्रग तस्करी करने वाले संगठनों के लिए बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करने का आरोप है।

    23 जून को लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय द्वारा सिंह के खिलाफ एक संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इसमें उस पर नियंत्रित पदार्थों के वितरण और कब्जे की साजिश रचने, उन्हें निर्यात करने की साजिश रचने और वितरण के इरादे से उन्हें अपने पास रखने का आरोप लगाया गया था। इस महीने की शुरुआत में, अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया और भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों से जुड़े 24 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें से 11 लोगों को कैलिफोर्निया में गिरफ्तार किया गया था। इन समूहों पर कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। अमेरिकी न्याय विभाग ने ऑपरेशन हार्डबॉल के तहत कुल 37 लोगों पर आरोप तय किए है।

     

  • पंजाबी युवती ने Canada में 17 लोगों से धोखाधड़ी कर ठगे 41 लाख

    पंजाबी युवती ने Canada में 17 लोगों से धोखाधड़ी कर ठगे 41 लाख

    ब्रैम्पटनः पंजाबी की युवती ने कनाडा में लोगों को मकान रेंट पर दिलाने के नाम पर 41 लाख रुपए की ठगी की है। (27) की युवती ने लोगों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से फंसाया। युवती ने अलग-अलग जगह के मकान रेंट पर देने के लिए पोस्ट डाली हुई थी। हर मकान का रेंट 1700 डॉलर रखा गया था, इस दौरान लोगों ने युवती को मैसेज करने शुरू कर दिए। उसने लोगों में झांसे में लेकर पैसे ले लिए। लोगों को पता तब चला जब वह शिफ्ट करने के लिए वहां पहुंचे। इस दौरान लोगों को अपने साथ हुई ठगी का पता चला।

    ठगी का पता चलने पर पील रीजनल पुलिस से संपर्क किया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर युवती को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवती की पहचान सवरीत कौर के रूप में हुई है। वह कनाडाई नागरिक है और ब्रैम्पटन में ही रह रही है। पुलिस ने युवती की फोटो जारी कर लिखा है कि लोग इसे देख लें और इस ठग से अलर्ट रहें।

    13 जुलाई को सवरीत कौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे बेल हियरिंग के लिए ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस की हिरासत में रखा गया है। पील रीजनल पुलिस ने आम जनता, अप्रवासी और नए किराएदारों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर रेंटल प्रॉपर्टी खोजते समय ज्यादा सावधानी बरतें। पुलिस ने सलाह दी है कि ​पैसे ट्रांसफर करने से पहले प्रॉपर्टी को खुद जाकर देखें। बिना पूरी जांच के किसी भी प्रकार की एडवांस पेमेंट न भेजें।

     

  • Operation Hardball: FBI की वॉन्टेड लिस्ट में एक और पंजाबी युवक शामिल

    Operation Hardball: FBI की वॉन्टेड लिस्ट में एक और पंजाबी युवक शामिल

    वॉशिंगटनः अमेरिका फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) कनाडा के रविंदर ढांडा गैंग के लिए ड्रग तस्करी में कथित तौर पर शामिल पंजाब का हरमनवीर सिंह को वॉन्टेड लिस्ट में शामिल कर दिया है। हरमनवीर सिंह एक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट में शामिल होने के कारण वॉन्टेड है। उस पर विदेशों में नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके परिवहन की साजिश रचने का आरोप है।

    FBI का ये ऑपरेशन ऑपरेशन हार्डबॉल का हिस्सा है, जो लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर ढांडा द्वारा चलाए जा रहे संगठित अपराध सिंडिकेट को निशाना बनाने वाला एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन है।

    आपको बता दें रविंदर ढांडा कनाडा के वैंकूवर से एक संगठित अपराध सिंडिकेट चलाता है, जो कथित तौर पर अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में काम करने वाले ड्रग तस्करी सिंडिकेट के लिए बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता है।

    विदेशों में ड्रग्स की तस्करी, उन्हें जमा करने और उनके परिवहन की साजिश रचने का आरोप लगने के बाद लॉस एंजिल्स की एक संघीय अदालत ने हरमनवीर सिंह की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट के 24 संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

     

  • Canada सरकार का लोगों को झटका, फैमिली स्पॉन्सरशिप पर लगाई रोक

    Canada सरकार का लोगों को झटका, फैमिली स्पॉन्सरशिप पर लगाई रोक

    ओटावाः कनाडा सरकार ने फैमिली री-यूनिफिकेशन कार्यक्रम को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आव्रजन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 के दौरान कनाडा में रहने वाले स्थायी निवासी और पात्र नागरिक अपने माता-पिता तथा दादा-दादी को स्थायी रूप से बुलाने के लिए नई स्पॉन्सरशिप आवेदन नहीं कर सकेंगे।

    सरकार के अनुसार यह फैसला इमीग्रेशन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और लंबित आवेदनों के निपटारे में तेजी लाने के उद्देश्य से लिया गया है। वर्तमान में इस योजना के तहत करीब 60,500 आवेदन प्रक्रिया में हैं। इनमें क्यूबेक प्रांत में औसतन साढ़े पांच वर्ष और अन्य प्रांतों में करीब तीन वर्ष का इंतजार करना पड़ रहा है।

    आव्रजन विभाग ने बताया कि पहले से लंबित आवेदनों का निपटारा होने के बाद ही आने वाले वर्षों के लिए नई नीतियां और आवेदन प्रक्रिया तय की जाएगी। वर्ष 2020 में इस योजना के लिए लॉटरी सिस्टम शुरू किया गया था, जिसमें दो लाख से अधिक पात्र लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से ड्रॉ के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को ही आगे की प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया जाता है।

    विभाग के अनुसार चालू वर्ष में केवल 15,000 पुराने आवेदकों को ही आवेदन आगे बढ़ाने का निमंत्रण भेजा जाएगा। भविष्य में भी निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने माता-पिता और दादा-दादी के साथ रहने के इच्छुक लोगों के लिए सुपर वीजा को बेहतर विकल्प बताया है। इस योजना के तहत कनाडा के नागरिक और स्थायी निवासी अपने माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी को लगातार पांच वर्ष तक अपने साथ कनाडा में रहने की अनुमति दिला सकते हैं।

  • महिला अधिकारी ने Jail में बनाए प्रेम संबंध, Canada में पंजाबी कैदी के पैसे से करवाई कॉस्मेटिक सर्जरी

    महिला अधिकारी ने Jail में बनाए प्रेम संबंध, Canada में पंजाबी कैदी के पैसे से करवाई कॉस्मेटिक सर्जरी

    कनाडाः कनाडा की जेल में तैनात जालंधर मूल की एक महिला अधिकारी पर पंजाबी कैदी से रिश्ते को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच के मुताबिक उसने अपनी ड्यूटी उसी ब्लॉक में लगवाई, जहां कैदी बंद था। वह ज्यादातर समय उसकी सेल के आसपास बिताती थी और जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा कथित तौर पर अवैध मोबाइल के जरिए भी उसके संपर्क में रहती थी। बदले में कैदी उस पर महंगे गिफ्ट लुटाता रहा। जांच दस्तावेजों के मुताबिक उसने महिला अधिकारी की कॉस्मेटिक सर्जरी और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया।

    पूरा मामला तब सामने आया, जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के घर पर जानलेवा हमले की साजिश की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जालंधर मूल की महिला अधिकारी ने ही उस अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो कैदी तक पहुंचाई थी। इसके बाद कथित तौर पर उसी जानकारी के आधार पर अधिकारी की पहचान कर पूरी साजिश रची गई। ये मामला बाद में कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट साउथ जांच का अहम हिस्सा बना।

    3 जुलाई को ऑन्टारियो सुपीरियर कोर्ट की अनुमति के बाद 563 पन्नों वाले ITO (इन्फॉर्मेशन टू ऑब्टेन) के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए गए, जिनसे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। महिला अधिकारी पेड लीव पर हैं, जबकि कैदी अब भी जेल में बंद है। जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांटेड ड्रग तस्कर रॉयन वेडिंग के कथित ड्रग नेटवर्क से भी जोड़ा है।

    कनाडा पुलिस के मुताबिक निशवंत कौर दोसांझ का परिवार पंजाब के जालंधर के दोसांझ कलां गांव से जुड़ा बताया जाता है। वह ब्रिटिश कोलंबिया के ऐबट्सफोर्ड में रहती हैं और टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में कॉर्पोरल थी। (32) गुरप्रीत सिंह पंजाब से ट्रक ड्राइवर के रूप में कनाडा गया था। बाद में जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांछित ड्रग तस्कर रायन वेडिंग के कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़ा। अक्टूबर 2024 से वह टोरंटो जेल में बंद है और अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहा है।

    गुरप्रीत के अक्टूबर 2024 में टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर पहुंचने से पहले से ही दोनों के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। गुरप्रीत के जेल पहुंचने के बाद निशवंत को पता चला तो उनके बीच का यह रिश्ता फिर से सक्रिय हो गया।

    जांच दस्तावेजों में दावा किया गया है कि निशवंत ने एक सहकर्मी को बताया था कि गुरप्रीत ने उन्हें महंगे गिफ्ट दिए, कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए पैसे दिए और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। जांच अधिकारी डिटेक्टिव कांस्टेबल एंटोनियो डी ओनोफ्रियो ने लिखा कि गुरप्रीत का निशवंत पर इतना प्रभाव था कि यह एक जेल अधिकारी और कैदी के रिश्ते के लिहाज से बेहद असामान्य था।

     

  • ब्रिटिश कोलंबिया में अवैध वसूली से जुड़े गोलीबारी मामले में पंजाब के युवाओं को जेल

    ब्रिटिश कोलंबिया में अवैध वसूली से जुड़े गोलीबारी मामले में पंजाब के युवाओं को जेल

    दिल्लीः कनाडा के सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में 1 फरवरी 2026 की सुबह गोलीबारी और आग लगने की घटना सामने आई थी, जिस पर पुलिस ने इस घटना को अवैध वसूली की घटना के साथ जोड़कर देखा और इस मामले में जांच शुरू की थी।

    इस मामले में पुलिस ने पंजाब के 3 युवाओं को गिरफ्तार किया था, जिसे कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने अवैध वसूली से जुड़े गोलीबारी मामले में पंजाब के तीन युवाओं को सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार तारणवीर सिंह को गैर-जिम्मेदाराना गोलीबारी के दोष में पांच साल जेल की सजा दी गई, जिसमें समय काटकर उन्हें लगभग 4.5 साल और जेल में रहना होगा।

    दयाजीत बिलिंग और हरजोत सिंह ने विस्फोटक पदार्थ फेंकने का दोष स्वीकार किया और उन्हें लगभग दो साल की जेल की सजा दी गई। काटे गए समय के बाद बिलिंग को 20 महीने और हरजोत सिंह को 18 महीने और जेल में रहना होगा, इसके बाद दोनों को दो साल की परिवीक्षा भी होगी।

    इस मामले में तीनों की गिरफ्तारी सरे पुलिस सर्विस के प्रोजेक्ट एश्योरेंस एंटी-एक्सटॉर्शन पेट्रोल और मेजर क्राइम सेक्शन द्वारा की गई थी। पुलिस ने इन्हें विदेशी नागरिक बताया और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी के साथ कार्रवाई की।

    तीनों युवा कनाडा में अपनी सजा पूरी करेंगे और उसके बाद संभावित निर्वासन की कार्रवाई हो सकती है। घटना के दौरान युवाओं के चेहरे पर चोटें थीं और पुलिस ने उनके फोटो टर्बन के बिना जारी किए थे, जिससे मानवाधिकार और धर्म के प्रति सम्मान को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।

     

  • Canada में RapidX Transport के मालिक ने Driver को Paycheck देने से किया इनकार, निहंग से की मारपीट, देखें वीडियो

    Canada में RapidX Transport के मालिक ने Driver को Paycheck देने से किया इनकार, निहंग से की मारपीट, देखें वीडियो

    घटना के बाद वीडियो जारी कर कही ये बात

    ओटावाः कनाडा में ट्रांसपोर्ट कंपनी के ऑफिस में ट्रांसपोर्ट मालिक की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है जहां, एक निहंग सिंह के साथ मारपीट कर उनकी दाढ़ी भी खींची गई। वहीं घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें 2 लोगों के बीच झड़प होते हुए दिख रही है। मारपीट का करण ट्रक ड्राइवर के पैसों को लेकर बताया जा रहा है। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक भी सामने आया है। उसने विवाद बढ़ने पर माफी मांगी। ड्राइवर के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसकी कंपनी के ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसी कंपनी का दूसरा ड्राइवर ट्रक चला रहा था और वह खुद ट्रक के पीछे सो रहा था। नियमों के अनुसार उसकी कोई गलती नहीं थी, फिर भी कंपनी ने कहा कि उसके पैसे भी काट लिए जाएंगे। इसके बाद उसने यह बात निहंग सिंह को बताई। जब वह इस मामले में बात करने गया, तो वहां के मालिक रमन ने उस निहंग की दाढ़ी को पकड़ लिया और साथ ही उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान मालिक रमन ने कई अपशब्द भी बोले। वहीं, दूसरी ओर रैपिडएक्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक रमन ने वीडियो जारी कर कहा कि 23 अप्रैल को जब वह अपने ऑफिस से बाहर जा रहा था तो इस वक्त अपने ड्राइवर के साथ बातचीत कर रहा था। तभी निहंग वहां आया और वीडियो बनाने लगा, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। इसके बाद वह वहां से चला गया। बाद में वही निहंग उनके ऑफिस आया और वहां गलत व्यवहार करने लगा। उसने ऑफिस के फ्रंट गेट को भी नुकसान पहुंचाया और महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। रमन ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए उसने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान हम दोनों के बीच झड़प हो गई। वे उस व्यक्ति को न तो जानते हैं और न ही पहचानते हैं। अगर कोई इस तरह से ऑफिस में आकर हंगामा करेगा, तो कोई भी व्यक्ति आत्मरक्षा में कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था कि निहंग के केशों को छुएं या किसी भी तरह की बेअदबी करें। रमन ने ट्रक ड्राइवर के पैसों के विवाद को लेकर कहा कि ये सब झूठ है और कहा कि उसने कभी भी यह नहीं कहा कि वह उसके पैसे काटेगा। उसने सिर्फ इतना कहा था कि घटना की रिपोर्ट भर दो, क्योंकि जो ट्रक चलाया जा रहा था, उसके अंदर लगा कैमरा टूटकर गिर गया था, जिसकी वजह से उन्हें कोई वीडियो या फोटो नहीं मिल पाई। यह सब बीमा (इंश्योरेंस) के उद्देश्य के लिए जरूरी था, क्योंकि ड्राइवर का बयान होना आवश्यक होता है। इसके अलावा कोई भी गलत बात नहीं कही। उसने कहा कि उसे समझ नहीं आया कि यह मुद्दा इतना बड़ा कैसे बन गया और जो ड्राइवर उस समय ट्रक चला रहा था, वह आज भी उसकी कंपनी में काम कर रहा है।