Category: Punjab>Hoshiarpur

  • कई बीमारियों के बचाता है बेबी कॉर्न,  जानें कैसे

    कई बीमारियों के बचाता है बेबी कॉर्न, जानें कैसे

    Baby Corn Benefits : बेबी कॉर्न एक ऐसी सुपरफूड है जिसे हमें अपने रोजाना आपको अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। बेबी कॉर्न में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं । जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. बेबी कॉर्न में विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर होते हैं जो हमें कैंसर, दिल की बीमारियों, मोटापा और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। यह हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करता है और त्वचा, बालों और आँखों के लिए भी बहुत लाभदायक होता है।बेबी कॉर्न को हम सलाद, सब्जी, सूप के रूप में आसानी से अपने भाजोन में शामिल कर सकते हैं। इसे खाने से हमारा पाचन तंत्र भी ठीक रहता है।आइए जानते हैं इसके और फायदे।

    कैंसर में मदद

    बेबी कॉर्न में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकते हैं।दूसरे फलों और सब्जियों के साथ पकाने से बेबी कॉर्न के एंटीऑक्सीडेंट और भी बढ़ जाते हैं. इसमें फेरुलिक एसिड भी होता है जो कैंसर से लड़ने में मदद करता है. यह स्तन कैंसर और लिवर कैंसर जैसे कैंसर से बचाव करता है. बेबी कॉर्न का सेवन करने से हम कैंसर जैसी बीमारियों से बच सकते हैं. 

    एनीमिया मरीजों के लिए फायदेमंद

    बेबी कॉर्न एनीमिया (कम रक्ताल्पता) से लड़ने में मदद करता है। बेबी कॉर्न में लोहे की उच्च मात्रा होती है, जो हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है. इसलिए, बेबी कॉर्न का सेवन एनीमिया यानी खून की कमी से पीड़ित लोगों को फायदा पहुंचा सकता है। यह उनके रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाकर एनीमिया को दूर करने में मदद करता है।

    डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद 

    बेबी कॉर्न में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जो इसे डायबिटीज वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद बनाता है। यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है। बेबी कॉर्न में मौजूद फाइबर भी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक है। इसलिए डायबिटीज़ के मरीज बेबी कॉर्न का सेवन अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। यह उनके ब्लड ग्लूकोज को संतुलित रखने में मदद करेगा। 

    त्वचा के लिए फायदेमंद

    बेबी कॉर्न में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन E की भरपूर मात्रा होती है जो त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभदायक है।एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते हैं और इसे चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं। विटामिन E त्वचा को हाइड्रेट रखता है। इसलिए बेबी कॉर्न का सेवन मुंहासे, झुर्रियों, सूजन जैसी त्वचा समस्याओं से निजात दिला सकता है और त्वचा की चमक बढ़ाने में मददगार है।

  • इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स

    इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स

    Ayurvedic Tips: बदलता मौसम साथ में संक्रमण और कई बीमारियां लेकर आता है, इससे बचने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो जाता है। इसीलिए अपनी डाइट में कुछ हेल्दी चीजों को शामिल करना अच्छा रहता है। साथ ही इस मौसम में अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं।आयुर्वेद का मानना ​​है कि, हमें पाचन को मजबूत बनाए रखना चाहिए। ऐसा इसलिए है ताकि हम जो खाना खाते हैं ,वह आसानी से पच जाए. बहुत अधिक या बहुत कम खाने से हमारा पाचन खराब हो सकता है।आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए किन आयुर्वेदिक टिप्स को आज़माना चाहिए।

    आयुर्वेदिक सुपरफूड्स

    – आंवला 

    – खजूर 

    – शुद्ध मक्खन या घी

    – गुड़

    – तुलसी के पत्ते

    – हल्दी

    – अदरक

    काढ़ा या हर्बल चाय

    मुलेठी, तुलसी, दालचीनी, अदरक, लौंग, हल्दी, गिलोय और काली मिर्च से बना काढ़ा या हर्बल चाय में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुण होते हैं।एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर, काढ़ा या हर्बल काढ़ा न केवल प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है, बल्कि शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। पाचन स्वास्थ्य में सहायता करता है, और श्वसन वायरस से भी लड़ता है।यह सूजन को कम करता है, बढ़ती उम्र को धीमा करता है, और वजन घटाने में भी मदद करता है।

    ऑयल पुलिंग थेरेपी

    आपका मुंह सैकड़ों जीवाणुओं का मेजबान है।जहां आपके मुंह में कुछ बैक्टीरिया फायदेमंद होते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं। जो आपके स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार ऑयल पुलिंग थेरेपी आपको इन बैक्टीरिया से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकती है।ऑयल पुलिंग बैक्टीरिया को दूर करने के लिए अपने मुंह में तेल डालकर की जाने वाली एक प्राचीन प्रथा है। यह मौखिक स्वच्छता को बढ़ावा देता है, और बीमारियों और संक्रमणों को दूर रखता है।आप नारियल के तेल, तिल के तेल या अरिमेदी थैलम के साथ ऑयल पुलिंग का अभ्यास कर सकते हैं।

  • सेहत के लिए लाभकारी है गुड़ की चाय

    सेहत के लिए लाभकारी है गुड़ की चाय

    Benefits Of Jaggery Tea : आमतौर पर हम चाय में चीनी मिलाकर पीते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चीनी की जगह अगर गुड़ का प्रयोग किया  
    जाए तो कैसा रहेगा? चीनी की तुलना में गुड़ में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं,  जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकते हैं।  गुड़ की चाय पीने से आपका वजन कंट्रोल में रहता है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। ऊर्जा लेवल बढ़ता है, और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है।  नियमित रूप से गुड़ की चाय पीने से सेहत के कई लाभ मिलते हैं. आइए जानते हैं गुड की चाय के कुछ अन्य फायदे। 

    पाचन तंत्र मजबूत 

    गुड़ की चाय पाचन क्रिया को मजबूत करने में लाभदायक होती है। इसके नियमित सेवन से पाचन संबंधी कई समस्याएं दूर हो जाती हैं।  गुड़ में पाए जाने वाले फ्रुक्टोज और फाइबर आसानी से पच जाते हैं, और पेट को हल्का रखते हैं। यह एसिडिटी को कम करके पेट संबंधी जलन और अल्सर जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।  गुड़ में पाए जाने वाले प्रोबायोटिक गुण आंतों में स्वस्थ बैक्टीरिया का विकास करते हैं। यह पाचन एंजाइम्स के उत्पादन को भी बढ़ाता है। इस प्रकार गुड़ की चाय पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में एक प्राकृतिक और असरदार उपाय है। 

    एनीमिया से राहत 

    एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जहां शरीर में रक्त की कमी हो जाती है। गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम, मैंगनीज और जिंक जैसे खनिज पाए जाते हैं।  ये खनिज एनीमिया में कम होने वाले रक्त के घटकों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। गुड़ रक्त में हीमोग्लोबिन स्तर को बढ़ाने में भी सक्षम होता है। इसके अलावा गुड़ की चाय एनीमिया के कारण होने वाली कमजोरी और थकान को दूर करने में मदद कर सकती है।  

    वजन कम करनें मदद करता है 

    चीनी की जगह गुड़ की चाय पीने से वजन कम हो सकता है।  गुड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स जैसे कि कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन आदि मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन घटाने में मदद करते हैं। गुड़ की चाय का सेवन करने से पेट भरा रहता है, और भूख कम लगती है।  जिससे कैलोरी इनटेक कम होता है। यह पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है जो वजन नियंत्रण के लिए बहुत जरूरी है।  गुड़ में मौजूद फाइबर पेट को भरा रखकर भूख कम करता है। 

  • फ्रिज का ठंडा पानी रोक सकता है दिल की धड़कन

    फ्रिज का ठंडा पानी रोक सकता है दिल की धड़कन

    Health Tips:गर्मियों के मौसम में ठंडा पानी किसी अमृत से कम नहीं लगता. चिलचिलाती धूप से घर लौटने के बाद ठंडा पानी पीते ही काफी रिलैक्स महसूस होता है. हालांकि अक्सर हमें सीधे फ्रिज या फ्रीजर से ठंडा पानी पीने के खिलाफ चेतावनी दी जाती है. हमें बताया जाता है कि ठंडा पानी पीने से कई सारे नुकसान हो सकते हैं. इसका दिल पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. गले खराब होना या फिर बुखार आना ये सब बात तो ठीक है लेकिन क्या सच में ठंडा पानी पीने से दिल पर बुरा असर होता है. चलिए जानते हैं कि आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है.

    दिल को कैसे नुकसान पहुंचाता है ठंडा पानी

    विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्मियों में ठंडा पानी पीना हर किसी की जरूरत होती है. लेकिन इससे कई दुष्परिणाम हो सकते हैं. गर्मियों में अचानक से ज्यादा मात्रा में ठंडा पानी पीने से धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है.धमनियों में अचानक वैसोस्पास्म पैदा होने के कारण इनमें प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैं. ये समस्या ना सिर्फ ठंडा पानी पीने से बल्कि बहुत अधिक ठंडे पानी से नहाने से भी यह दिक्कत हो सकती है. ऐसे में जो पहले से हृदय रोगी हैं, उन्हें इन चीजों को लेकर सावधान रहना चाहिए. उन्हें जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए. क्योंकि यह हार्ट को ट्रिगर कर सकता है और वैसोस्पास्म भी पैदा कर सकता है. इससे कभी-कभी दिल का दौरा भी पड़ सकता है.

    वैसोस्पास्म क्या होता है?

    वैसोस्पास्म ऐसी स्थिति है जहां पर ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती है और रक्त के प्रभाव में रुकावट पैदा होने लगती है. यह कई प्रकार के होते हैं जैसे कोरोनरी वैसोस्पास्म, सेरेब्रल वैसोस्पास्म, निप्पल वैसोस्पास्म और हाथ और पैर की उंगलियों में वैसोस्पास्म.

    पानी पीने का सही तरीका क्या है?

    विशेषज्ञों के मुताबिक, रूम टेंपरेचर पर पानी पीना सबसे अच्छा होता है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि पाचन को बढ़ावा देने के लिए खाना खाने के बाद गुनगुने पानी का ही सेवन करना चाहिए. इसके साथ ही अगर आप गर्मियों में थोड़ा ठंडा पानी पीना चाहते हैं तो आपको मटके के विकल्प के बारे में भी सोचना चाहिए.

  • मीट-मछली से भी ज्यादा ताकत देती है यह सब्जी

    मीट-मछली से भी ज्यादा ताकत देती है यह सब्जी

    नई दिल्ली : लूंगडू, भारत के हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाली एक अद्भुत प्रकृतिक सब्जी है जिसे वहां के लोग खाने का आनंद लेते है। यह खासतर गर्मियों के मौसम में प्राकृतिक रूप से पैदा होता है और इसका स्वाद बेहद मजेदार होता है। स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह एक बहुत पौष्टिक सब्जी भी है। इसमें विभिन्न लाभकारी गुण होते हैं, जो हमारे शरीर के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं वह खासकर के लूंगडू का उपयोग कर सकते है। लूंगडू में विटामिन ए, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, पोटाशियम, कॉपर, आयरन, फैटी एसिड, सोडियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, कैरोटिन और मिनरल्स के बहुत अच्छे स्रोत होते हैं. यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है और आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधार ने में मदद करता है।

    1.विटामिन और खनिज लूंगडू में विटामिन

    A, विटामिन B-कॉम्प्लेक्स, पोटाशियम, कॉपर, आयरन, सोडियम, फास्फोरस, और मैग्नीशियम जैसे विटामिन और खनिज होते हैं, जो हमारे शरीर के सही फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण होते है।

    2. इम्यूनिटी को बढ़ाता है

    लूंगड़ू में मौजूद विटामिन C और अंटीऑक्सीडेंट्स इम्यूनिटी को बढ़ावा देने में मदद करता हैं और आपको संक्रमणों से भी बचाता है।

    3. पाचन क्रिया

    लूंगड़ू में फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को सुधार सकता है और कब्ज को दूर करने में मदद करता है। 

    4. स्वस्थ त्वचा और बाल

    विटामिन A और कैरोटिन का स्रोत के रूप में, लूंगड़ू स्वस्थ त्वचा और बाल के लिए भी फायदेमंद होता है. 

  • सेहत का खजाना है Silent Walking, जानें इसके कितने फायदे

    सेहत का खजाना है Silent Walking, जानें इसके कितने फायदे

    Silent Walking : सेहत को दुरुस्त रखना है तो सुबह-शाम पैदल चलने की सलाह दी जाती है. बचपन से ही हमें सुनने को मिलता आया है कि पैदल चलना शरीर के लिए जबरदस्त फायदेमंद होता है. कई लोग मॉर्निंग या इवनिंग वॉक पर निकलते हैं. आजकल साइलेंट वॉकिंग (Silent Walking) भी ट्रेंड में है. सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है. यह खुद को फिट रखने और बीमारियों से दूर रहने के लिए अच्छा बताया जा रहा है. तो चलिए जानते हैं आखिर क्या है साइलेंट वॉकिंग और इससे क्या-क्या बेनिफिट्स हैं…
     
    साइलेंट वॉकिंग क्या है

    साइलेंट वॉकिंग यानी कि वॉक करते समय किसी भी तरह के आर्टिफिशियल आवाज से दूर रहना. टिक टॉक इंफ्लुएंसर मेडी माओ ने आधे घंटे का वॉकिंग का एक वीडियो शेयर किया है. यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और ट्रेंड बन गया. साइलेंट वॉकिंग में 30 मिनट तक सामान्य तौर पर पैदल चलना होता है. इसमें अकेले चलना पड़ता है. इस दौरान किसी भी तरह की चहल पहल यानी ध्यान भटकाने वाली जगह से दूर जाकर शांत जगह वॉक करना होता है. वॉकिंग के दौरान बिल्कुल शांत रहना पड़ता है.
     
    साइलेंट वॉकिंग के फायदे

    स्ट्रेस की छुट्टीद नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपी एक स्टडी में बताया गया है कि मेंटल हेल्थ के लिए साइलेंट वॉकिंग बेहद फायदेमंद है. प्रकृति में शांत होकर सिर्फ कुछ मिनट चलने से ही स्ट्रेस कम हो सकता है. रोजाना इसे करने से मानसिक बीमारियों को बढ़ाने वाली न्यूरल प्रक्रिया में सुधार आता है. इससे स्ट्रेस और मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं.
     
    खुद रहने का मंत्र

    शोधकर्ताओं के अनुसार, साइलेंट वॉकिंग से आप खुद को खुश रख सकते हैं. ट्रिपल बोर्ड सर्टिफाइड साइकैट्रिस्ट डॉ. राफात डब्लू गिरजिस का कहना है कि साइलेंट वॉकिंग बिल्कुल मेडिटेशन की तरह है. दरअसल, बाहर की आवाजें जब दिमाग में जाती हैं तो स्ट्रेस बढ़ता है. ऐसे में साइलेंट वॉकिंग से स्ट्रेस दूर होता है और मन प्रसन्न.

  • छीलें या न छीलें:  क्या है बादाम खाने का सबसे अच्छा तरीका?

    छीलें या न छीलें: क्या है बादाम खाने का सबसे अच्छा तरीका?

    Soaked Almonds Benefits : बादाम भिगोकर खाने की प्राचीन परंपरा भारत से कायम है. भिगोने का मुख्य उद्देश्य है इसके पोषक तत्वों को सहजता से पाचने में सहायक बनाना और छिलका आसानी से हटा पाना बादाम को भिगोने से उसमें मौजूद पोषक तत्व अधिक उपलब्ध हो जाते हैं।  लेकिन क्या वाकई हमें बादाम की छिलका हटाकर ही खानी चाहिए? चलिए इस के बारे में जानते हैं। बादाम के छिलके में टैनिन नामक एक पदार्थ होता है, जो बादाम के पोषक तत्वों को अवशोषित होने से रोकता है। इसलिए छिलका हटाने से बादाम के पूरे पोषक तत्व आसानी से शरीर में अवशोषित हो पाते हैं। बादाम के छिलके को हटाने के अन्य फायदे भी हैं।बादाम का छिलका कड़वा होता है जिससे बादाम का स्वाद खराब हो जाता है। छिलके को हटाने से बादाम की मिठास बरकरार रहती है। छिलके में कीटनाशक और रसायन भी हो सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इनको हटाने से बादाम 100% शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक बना रहता है। 

    बादाम उन मेवों में से एक है जिसमें सेहत के अनगिनत फायदे हैं. यहां बादाम के कुछ प्रमुख फायदे यहां देखें 

    • .ह्रदय के लिए लाभकारी: बादाम में सेहतमंद फैटी एसिड, विशेष रूप से मोनोअंसैच्युरेटेड और पॉलीअंसैच्युरेटेड फैट्स पाए जाते हैं जो ह्रदय के लिए अच्छे होते हैं। 
    • वजन घटाने में सहायक: बादाम में फाइबर, प्रोटीन, और अच्छा वसा होता है जो भूख को नियंत्रित करने में सहायक है और आपको ज्यादा समय तक संतुष्ट महसूस कराता है। 
    • ब्लड शुगर को नियंत्रित करना : बादाम में मौजूद मैग्नीशियम ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है। 
    • उचित पोषण: बादाम विटामिन E, मैग्नीशियम, और अन्य महत्वपूर्ण मिनरल्स से भरपूर होते हैं। 
    • बढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना: बादाम में स्टेरॉल्स और फाइबर होते हैं जो बढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। 
    • एंटीऑक्सीडेंट स्रोत:  विटामिन E एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर के सेल्स को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त रेडिकल्स से बचाव करता है। 
    • जोड़ों और मांसपेशियों के लिए: बादाम में मौजूद मैग्नीशियम और पोटैशियम जोड़ों और मांसपेशियों के स्वस्थ रहने में महत्वपूर्ण होते हैं। 
    • मास्टिक और त्वचा के लिए: बादाम तेल का उपयोग त्वचा के लिए मॉइस्चराइज़र के रूप में होता है, और यह त्वचा को नरम और मुलायम बनाए रखता है। 
    • इन सभी फायदों को देखते हुए, बादाम को आपकी दैनिक डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है। फिर भी, इसे सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए, क्योंकि यह कैलोरी में काफी ऊंचा है।
  • Water Apple खाने से मिलेंगे शरीर को ये 6 फायदे

    Water Apple खाने से मिलेंगे शरीर को ये 6 फायदे

    Water Apple Health Benefits: शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन करने की जरूरत होती है। सेब, केला, अमरूद और अंगूर जैसे फलों का सेवन तो हर कोई करता है.। आप ज्यादातर फलों के फायदों के बारे में भी भलिभांति जानते होंगे, लेकिन क्या आपने कभी ‘वॉटर एप्पल’ का नाम सुना है, या कभी इस करिश्माई फल का सेवन किया है? अगर नहीं तो आज हम आपको इस फल के ऐसे फायदों के बारे में बताएंगे, जिन्हें जानने के बाद आप वॉटर एप्पल का सेवन करना भी शुरू कर देंगे। वॉटर एप्पल एक उष्णकटिबंधीय फल है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में ज्यादातर देखा जाता है। यह फल भारत के भी कुछ राज्यों जैसे- केरल और आंध्र प्रदेश में भी पाया जाता है। आइए जानते हैं आपको वॉटर एप्पल क्यों खाना चाहिए। 

    Water Apple क्यों फायदेमंद

    1. बॉडी को रखता है हाइड्रेट: गर्मी के मौसम में अक्सर शरीर में पानी की कमी देखी जाती है और डिहाइड्रेशन हो जाता है। इस समस्या से बचने के लिए आप वॉटर एप्पल का सेवन कर सकते हैं।  यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।  

    2. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: वॉटर एप्पल गैलिक एसिड, टैनिन और क्वेरसेटिन जैसे स्ट्रॉन्ग एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। ये फ्री रेडिकल्स से शरीर को होने वाले नुकसान से बचाता है। इसके अलावा, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को भी कम करता है। 

    3. वजन घटाना: वॉटर एप्पल का सेवन करके आप अपने बढ़े हुए वजन को भी कम कर सकते हैं।  इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट को लंबे वक्त तक भरे रखने का काम करता है।  इससे आपको कुछ भी अनहेल्दी खाने की क्रेविंग नहीं होगी और आप ओवरईटिंग से भी बचे रहेंगे। 

    4. डायबिटीज: डायबिटीज के मरीजों के लिए भी वॉटर एप्पल बहुत फायदेमंद है। क्योंकि इसमें पॉवरफुल एंटीहाइपरग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं। जिसका मतलब है कि इसका सेवन करने से ब्लड शुगर के लेवल को कम किया जा सकता है। बायोएक्टिव क्रिस्टलीय अल्कलॉइड ‘जंबोसिन’ वॉटर एप्पल में मौजूद होता है। ये स्टार्च को शुगर में तब्दील होने से रोकता है। यही वजह है कि वॉटर एप्पल खाने से ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल में रहता है। 

    5. दिल के स्वास्थ्य में सुधार: वॉटर एप्पल में पोटेशियम की मात्रा अच्छी खासी होती है। यही वजह है कि इसे खाने से दिल को सेहतमंद रखने में मदद मिलती है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी दूर हो सकती है। 

  • डायबिटीज में खत्म न हो जाए आंखों की रोशनी,रखें इन बातों का ध्यान 

    डायबिटीज में खत्म न हो जाए आंखों की रोशनी,रखें इन बातों का ध्यान 

    Eye Care in Diabetes :  आजकल ड्राई आई सिंड्रोम (DES) की समस्या काफी कॉमन हो गई है. यह आंखों से जुड़ी एक ऐसी प्रॉब्लम है, जो पर्याप्त मात्रा में आंसू न बनने के कारण होती है. इसकी वजह से आंखें लाल होने लगती हैं, उसमें जलन महसूस होती है, कई बार धुंधला-धुंधला भी दिखता है. आंखों की इस समस्या का एक नहीं कई कारण है. उम्र बढ़ना, हॉर्मोनल बदलाव इस समस्या के काफी आम कारण हैं. हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक, डायबिटीज और ड्राई आई सिंड्रोम का भी संबंध है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्लड शुगर जब सामान्य से ज्यादा बढ़ता है, तब आंखों की रक्त वाहिकाओं पर असर डालता है. जिससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं. यहां तक की आंखें कमजोर होने लगती हैं

    डायबिटीज और ड्राई आई सिंड्रोम का क्या संबंध:

    इस बात की पुष्टि कई अध्ययनों में हुई है कि डायबिटी और डीईएस का संबंध है. जर्नल डायबिटीज केयर में छपे एक अध्ययन के अनुसार, ऐसे लोग जो डायबिटीज से पीड़ित हैं, उनमें डीईएस की आशंका दूसरों की तुलना में ज्यादा होती है.  इस अध्ययन में करीब 1,000 लोगों को शामिल किया गया. जिसमें पाया गया कि डायबिटीज मरीजों की आंखों में आंसू कम बनते हैं या फिर उनके आंसुओं की गुणवत्ता में कमी आ जाती है. ब्लड शुगर लेवल जब ज्यादा होता है तो आंसू बनाने वाले ग्लैंड्स को नुकसान पहुंचता है. जिससे ड्राई आई सिंड्रोम की आशंका बढ़ जाती है.

    डायबिटीज में इस तरह बचाएं आंखें:

    1. अगर डायबिटीक को ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
    2. चूंकि ब्लड शुगर लेवल का बढ़ना आंखों के लिए ठीक नहीं होता है. ये ब्लड वैसल्स को नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में ब्लड शुगर कंट्रोल करने पर ध्यान देना चाहिए.
    3. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आंखें और बॉडी हाइड्रेट रहती हैं और ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा कम होता है.
    4. लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठते हैं तो डीईएस के लक्षण नजर आने पर फोन, लैपटॉप की स्क्रीन से ब्रेक लें. पलकों को झपकाना न भूलें.
    5. यूवी किरणों से आंखों की ये समस्या और भी बढ़ सकती है. इसलिए आंखों को धूप से बचाना चाहिए.
    6. धूम्रपान से डीईएस के लक्षण गंभीर हो सकते हैं. इसलिए शराब-सिगरेट से दूरी बनाएं.

  • रसोई में मौजूद एक ऐसा जादुई मसाला, जिसमे छुपे है सुन्दर त्वचा के कई नुस्खे

    रसोई में मौजूद एक ऐसा जादुई मसाला, जिसमे छुपे है सुन्दर त्वचा के कई नुस्खे

    Health Tips: हींग हमारी रसोई का एक बहुत ही खास मसाला है. दाल हो या सब्जी, एक चुटकी हींग का इनमे तड़का लग जाए तो स्वाद दोगुना हो जाता है. वहीं पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी हींग कमाल कर सकती है.  अक्सर गैस या अपच की शिकायत होती है तो सबसे पहले बड़े बुजुर्ग हींग खाने की सलाह देते हैं.लेकिन क्या आपको मालूम है की हींग आपकी त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. जी हां हींग का इस्तेमाल करके आप बेदाग और निखरी हुई त्वचा पा सकते हैं आइए जानते हैं कैसे…

    त्वचा के लिए हींग के फायदे जानिए 

    1.ये स्किन इंफेक्शन से भी बचाता है.इचिंग को दूर करता है औऱ कॉर्न्स जैसी समस्या से बचाता है.हींग में कूलिंग इफेक्ट होता है.ये स्किन प्रॉब्लम्स के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया दूर करने में हेल्प करता है.

    2.पिंपल की समस्या में हींग का फेस पैक काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. ये इन्फेक्शन पैदा करने वाले कीटाणुओं से लड़ती है और त्वचा को मुंहासे दाग धब्बे से बचाता है.

    3.धूल-मिट्टी प्रदूषण की वजह से अगर आपकी त्वचा डल औरत ड्राई हो गई है तो हींग इसमें भी फायदा पहुंचा सकता है. यह त्वचा को नमी देने के साथ ग्लोइंग बनाए रखता है.