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  • भुने चने के साथ खाएं यह चीज़, मिलेगी डबल एनर्जी

    भुने चने के साथ खाएं यह चीज़, मिलेगी डबल एनर्जी

    हैल्थ टिप्स : भुने चने सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। अगर भुने चने के साथ गुड़ को खाया जाए तो सर्दियों में ये सोने पर सुहागा जैसा हो जाता है। गुड़ के साथ चना खाना सेहत के लिए काफी लाभदायक होते हैं। इसके साथ ही गुड़ चना प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स का पावर हाउस भी होता है। भुने हुए चने के साथ गुड़ को खाने से ये न सिर्फ इम्यूनिटी को बूस्ट करता है बल्कि कैल्शियम से भरपूर होने की वजह से हड्डियों में भी मजबूती लाता है। गुड़-चना साथ खाने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होने के साथ ही मेमोरी में भी सुधार आता है।

    चना और गुड़ साथ खाने के कई फायदे हैं 

    इम्यूनिटी बूस्टर – भुना हुआ चना हो या फिर सादा चना दोनों ही सेहत को बराबर फायदा पहुंचाते हैं। विंटर में रोस्टेड चने के साथ गुड़ को भी खाया जाए तो ये शरीर की एनर्जी को बढ़ाने के साथ ही इम्यूनिटी भी बूस्ट करते हैं।

    कब्ज – गुड़ और चना साथ खाने से ये हमारे शरीर में डाइजेस्टिव एंजाइम को सक्रिय कर देते हैं, जिससे खाने का सही पाचन होता है। यही वजह है कि बड़े-बुजुर्ग खाने के बाद गुड़ खाते रहे हैं। ये डिटॉक्स का भी काम करते हैं और लिवर को साफ करने में मदद करते हैं।

    हड्डियों को करता है मजबूती – चना और गुड़ में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम होता है जो कि मसल्स को स्ट्रांग करने के साथ ही हड्डियां भी मजबूत करते हैं। अगर गुड़ और चने का नियमित सेवन किया जाए तो हड्डियों से संबंधित कई बीमारियों से बचा जा सकता है। 

    स्किन के लिए फायदेमंद – भुने हुए चने और गुड़ को साथ खाना स्किन के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। गुड़ में एंटी-एजिंग प्रॉपर्टीज होती हैं और ये ग्लाइकोलिक एसिड का नेचुरल सोर्स हो सकता है। इसे खाने से फाइन लाइंस कम होने के साथ ही एजिंग स्पॉट्स भी घटते हैं और स्किन टोन में आती है। इसी तरह चना में मौजूद एंटी एजिंग प्रॉपर्टीज रिकल्स को कम करती हैं और स्किन में ग्लो लाती हैं।

    दांतों के लिए फायदेमंद – भुने चने और गुड़ को साथ खाना दांतों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इन्हें नियमित खाने से कैविटी को रोका जा सकता है क्योंकि इनमें काफी मात्रा में फास्फोरस होता है. इन्हें खाने से दांतों में मजबूती भी आती है।

  • गर्म कपड़े पहनकर सोना पड़ सकता है भारी, इन बीमारीयों का हो सकते हैं शिकार

    गर्म कपड़े पहनकर सोना पड़ सकता है भारी, इन बीमारीयों का हो सकते हैं शिकार

    हैल्थ टिप्स: भारत में लुढ़कते तापमान के चलते ठंड अपने चरम पर है। ठंड से बचाव के लिए लोग गरम कपड़े की कई कई लेयर पहनकर घर से निकल रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए कुछ लोग रात के समय भी गर्म कपड़े पहन कर सोते हैं। रात को सोते समय गर्म कपड़े पहनना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। रात के समय गर्म कपड़े पहनने से न केवल ब्लड सर्कुलेशन स्लो होता है वही स्किन से संबंधित बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक रात के समय गर्म कपड़े पहनने से कई तरह की स्किन प्रॉब्लम हो सकती है। रात को गर्म कपड़े पहन कर सोने से शरीर में नमी की कमी हो जाती है ऐसे में आपको एग्जिमा तथा इचिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा मोजे पहन कर सोने की वजह से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है। अगर आप रात को स्वेटर या अन्य गर्म कपड़े पहनकर सोते हैं तो आपको ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। 

    स्वेटर या गर्म कपड़े पहन कर सोने से शरीर में हवा का प्रेशर डाउन हो जाता है जिसकी वजह से शरीर का टेंपरेचर बढ़ जाता है। यदि हम काफी लंबे समय तक स्वेटर या गर्म कपड़े पहन कर सोते हैं तो हृदय से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रात को ठंड से बचाव हेतु कंबल या रजाई का इस्तेमाल बेहतर है।

  • Geyser का प्रयोग करने वालों के लिए खास खबर, भूलकर भी न करें ये गलितयां…

    Geyser का प्रयोग करने वालों के लिए खास खबर, भूलकर भी न करें ये गलितयां…

    नई दिल्ली: सर्दियों के मौसम में लोग गर्म पानी से नहाने के लिए Geyser से पानी गर्म करते हैं। गीजर की वजह से लोग सुबह -शाम आसानी से गर्म पानी कर सकते हैं । हालांकि, गीजर का इस्तेमाल करना आपके लिए जितना फायदेमंद है उतना ही खतरनाक भी है। ऐसे में गीजर इस्तेमाल करने के साथ हमें कई सावधानियां बरतनी चाहिए। अगर ये सावधानियां न बरती जाएं तो गीजर आपके लिए जान लेवा भी हो सकता है।

    दरअसल, कई बार हम अपने गीजर को ऑन करके भूल जाते हैं। ऐसे में अगर गीजर बहुत देर तक ऑन रह जाए, तो उससे में ब्लास्ट हो सकता है. हालांकि, कुछ सावधानी बरत कर आप इस तरह किसी भी अप्रिय घटना से बच सकते हैं।  आपको गीजर ऑन करने से पहले ही गीजर बंद करने का समय तय कर लेना चाहिए, जिससे आप भूल ही न पाएं गीजर बंद करना। वैसे आजकल गीजर में ऑटोमैटिक स्विच मिलता है जिससे वह खुद ही ऑफ हो जाते हैं, लेकिन आज भी कुछ लोग पुराने गीजर इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपको यह ध्यान रखना होगा कि गीजर को बंद करना है।

    आप गीजर की फिटिंग खुद से न करें। अगर आप ऐसा करते हैं, तो हो सकता है कि गीजर की कोई तार इधर-उधर हो जाए। ऐसे में यह गलती आपको भारी पड़ सकती है। इसके अलावा गीजर खरीदते समय ISI मार्क जरूर देखें। आपको गीजर लगवाते समय बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन जरूर रखवाना चाहिए, क्योंकि गीजर में ब्यूटेन और प्रोपेन नाम की गैस होती हैं, जो कार्बन डाई ऑक्साइड पैदा करती हैं, ये गैसें आपके शरीर के लिए अच्छी नहीं होती हैं और आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं।

  • कम पानी पीने वाले सावधान, हो सकते हैं ये नुकसान

    कम पानी पीने वाले सावधान, हो सकते हैं ये नुकसान

    हैल्थ टिप्स : आपको यह पता होगा कि शरीर में पानी की मात्रा का एक निश्चित स्तर तक बने रहना कितनी जरूरी है, यह हमें दिन-प्रतिदिन के शारीरिक कार्यों, जैसे तापमान को नियंत्रित करना और त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। पर्याप्त मात्रा में  पानी पीने से पुरानी बीमारियों के विकसित होने का काफी कम जोखिम होता है, जल्दी मरने का कम जोखिम होता है और आप अपनी आयु के विपरीत कम बूढे लगते हैं ।

    चूहों पर किए अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने उनके शरीर में पानी की मात्रा काफी कम कर दी। इसने चूहों के सीरम सोडियम में 5 मिलीमोल प्रति लीटर की वृद्धि की और उनके जीवन काल को 6 महीने तक छोटा कर दिया, जो कि नए अध्ययन के अनुसार मानव जीवन के लगभग 15 वर्ष के बराबर है।

    दरअसल जो व्यक्ति जितना कम तरल पदार्थ का सेवन करता है, उसके खून में उतनी ज्यादा सोडियम पाई जाती है। ऐसे में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिनके खून में ज्यादा सोडियम थे, वे निम्न सोडियम स्तर वाले वाले प्रतिभागियों के मुकाबले शारीरिक रूप से जल्दी बूढ़े हुए। इसके साथ ही उनमें हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शूगर जैसी बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियां भी पाई गईं। 

  • Belly Fat को घटाने के लिए फॉलो करें ये डाइट टिप्स

    Belly Fat को घटाने के लिए फॉलो करें ये डाइट टिप्स

    हैल्थ टिप्स: हमारे शरीर में सबसे पहले पेट के आसपास चर्बी जमा होती है और इससे छुटकारा पाना भी बहुत मुश्किल होता है। पेट में जमा फैट न केवल देखने में खराब होता है, बल्कि कई मेटाबॉलिज्म संबंधी बीमारियों जैसे टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज के जोखिम को भी बढ़ता है। ऐसे में तुरंत बैली फैट के निवारण की आवश्यकता होती है। इसके लिए नियमित एक्सरसाइज के साथ ही अपने इटिंग हैबिट में भी सुधार करना जरूरी होता है।

    इसके लिए हमें डाइट टिप्स को फाॅलो करना चाहिए। इसे नियमित फॉलो करके जिद्दी पेट की चर्बी से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है।  ज्यादातर लोग इसे कम करने के लिए सभी प्रकार के आहार और व्यायाम को ट्राई करने की कोशिश करते हैं। आप में से कुछ लोगों ने कुछ इंच पेट कम किया होगा, लेकिन यदि आपने डाइट में सुधार नहीं किए तो आपका अधिकांश वजन अभी भी वैसे ही होगा ।

    बेली फैट कम करने में मददगार

    फाइबर में वसा जलाने का कोई जादुई गुण नहीं होता है। यह बस आपके आहार में बहुत अधिक कैलोरी शामिल किए बिना आपको भरा हुआ महसूस करने में मदद करता है। जिससे आप ओवरइटिंग से होने वाले मोटापे से बच जाते हैं। इसलिए एक्सपर्ट भी खाने में हाई फाइबर फूड के इस्तेमाल की सलाह देती हैं। गेहूं का चोकर, जई का चोकर और ज्वार एक बेहतरीन हाई फाइबर फूड हैं।

    ​एसी चीज़ों से करें परहेज

    रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट में फाइबर, विटामिन और खनिज कम होते हैं। जिससे ये बॉडी को लगभग कोई लाभ नहीं देती है। बल्कि इसके सेवन से हार्मोन असंतुलन, मोटापे और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में न्यूट्रिशनिस्ट सफेद चावल, सफेद ब्रेड, केक और पिज़्ज़ा जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से परहेज की सलाह देती हैं।

    कार्ब्स का सेवन कम करें

    एक्सपर्ट के अनुसार 40 वर्ष की आयु के बाद अपने कार्ब का सेवन 40% तक कम करना सेहतमंद होता है। क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, बॉडी की कार्ब्स बर्न करने की क्षमता कम होती जाती है, जिससे पेट के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगता है।

    ​मिनी मील्स है फायदेमंद

    मोटापा कम करने के लिए एक टाइम खाने की जगह कम मात्रा में बार-बार खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। एक मिनी मील आपके नियमित भोजन का आधा आकार का होता है। यह पेट के पास जमा फैट को भी कम करने में मदद करता है।

    ​खाने में निश्चित समय का अंतराल जरुरी

    पेट को बढ़ने से रोकने के लिए खाने से दूर भागने की जगह एक निश्चित समय अंतराल में भोजन करना कारगर होता है। एक्सपर्ट बेली फैट को कम करने के लिए हर 4 घंटे के गैप में खाने की सलाह देती है।

    यह लेख एक सामान्य जानकारी के लिए है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें ।

  • जिम जाने वालों के लिए खास खबर, इन गलतियों से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

    जिम जाने वालों के लिए खास खबर, इन गलतियों से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

    हैल्थ टिप्स: आज के युग में युवाओं में बेहतर बॉडी बनाने का क्रेज इन दिनों काफी जोरों पर है । अधिकतर जिम सेंटर्स में युवाओं को अपनी शानदार फिटनेस के लिए पसीना बहाते हुए देखा जा सकता है। जिम करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इस दौरान कुछ गलतियां करने से आप हार्ट अटैक का शिकार हो सकते हैं। तमाम लोग बॉडी बनाने के चक्कर में कई ऐसे तरीके अपनाते हैं, जिनसे उनकी हार्ट हेल्थ को गंभीर नुकसान होता है। लंबे समय तक ऐसा करने से जानलेवा कंडीशन पैदा हो सकती है।

    जिम के साथ सप्लीमेंट लेना खतरनाक
    नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा के मुताबिक लोगों को जिम करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि उनकी हार्ट हेल्थ पर बुरा प्रभाव ना पड़े। आज के जमाने में तमाम लोग अच्छी बॉडी बनाने के चक्कर में सप्लीमेंट इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस तरह के सप्लीमेंट में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो हार्ट की फंक्शनिंग को बिगाड़ देते हैं और हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकते हैं। एक्सपर्ट कभी भी सप्लीमेंट लेने की सलाह नहीं देते।

    जिम शुरू करने से पहले कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह लें

    डॉ. वनीता अरोरा कहती हैं कि आज के जमाने में लोग अपनी मर्जी से जिम करना शुरू कर देते हैं और इसकी वजह से हार्ट अटैक जैसे मामले देखने को मिलते हैं. सभी को जिम शुरू करने से पहले कार्डियोलॉजिस्ट से जरूर मिलना चाहिए ताकि इस बात का पता चल जाए कि उन्हें इससे हार्ट की कोई दिक्कत तो नहीं हो सकती। खासतौर से जिन लोगों की उम्र 40 साल से ज्यादा है या जो लोग हार्ट की किसी समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें जिम करने से पहले कार्डियोलॉजिस्ट से कंसल्ट जरूर करना चाहिए।ऐसा न करना जानलेवा साबित हो सकता है.

    कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार इन दिनों कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक का खतरा खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान, अत्यधिक तनाव, स्मोकिंग और कोविड की वजह से बढ़ गया है। सभी लोगों को इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए और हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सभी प्रयास करने चाहिए। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव करें, हेल्दी डाइट लें, हर दिन 40 मिनट में 4 किलोमीटर वॉक करें, तनाव कम लें, जिम के साथ सप्लीमेंट न लें और स्मोकिंग से दूरी बनाएं। अल्कोहल भी कम मात्रा में ही लेना चाहिए।

  • तनाव से बचने के लिए आपनाएं ये 4 तरीके, जिएं तनावमुक्त जीवन

    तनाव से बचने के लिए आपनाएं ये 4 तरीके, जिएं तनावमुक्त जीवन

    नई दिल्ली : यदि आप भी तनाव के शिकार हो चुके हैं तो यह खबर आपके काम की है। अक्सर देखा जाता है कि नौकरी के दबाव, वित्तीय अस्थिरता, व्यक्तिगत चिंताओं या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण लोग तनावग्रस्त हो जाते हैं। मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरोंके अनुसार, तनाव बुरा नहीं है लेकिन यह शक्तिशाली है और यह इंगित करता है कि कुछ बदलने की जरूरत है। इसके साथ ही यह इशारा करता है कि कुछ कार्रवाई करने की भी जरूरत है। तो हम बताने जा रहे हैं कि कैसे तनाव के दौरान आप दूसरों के साथ अपने संबंध बेहतर कर सकते हैं।

    योग :-
    योग-आधारित ध्यान का अभ्यास सहानुभूतिपूर्ण और पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है। साथ ही सांस लेने, शरीर की चेतना, चयनात्मक जागरूकता और विज़ुअलाइज़ेशन जैसी तकनीकों के साथ एकीकृत ध्यान के तौर-तरीके न केवल मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर करते हैं बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करते हैं।


    डायरी लिखें :-
    दैनिक रूप से डायरी लिखना सकारात्मक विश्वास प्रणालियों को मजबूत करने और न्यूरोपैथवे बनाने का एक अविश्वसनीय तरीका है जो आपकी उच्चतम क्षमता को प्रकट करने में मदद करता है। सही इरादे और भावना के साथ दैनिक आधार पर अपने तत्काल, मध्यावधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों का विवरण देखें और लिखें, यह तनाव को नियंत्रण करने में मदद करता है।


    आभार व्यक्त करें:- 
    आभार व्यक्त करने की भावना में तनाव को नियंत्रण करने की शक्ति होती है। दिन में आपके द्वारा अनुभव की गई छोटी-छोटी चीजों के लिए आभार व्यक्त करने का अभ्यास करें, और वह सब जो आपको सीखने, बढ़ने और विकसित होने में मदद करता है।

    अपने आप में जागरूकता लाएं:-

    अपने विचारों, शब्दों और कार्यों के प्रति सचेत रहें। यहां तक कि जब आप बैठते हैं, खाते हैं या बोलते हैं, तब भी जागरूकता लाएं. दिन में कम से कम एक एक्टिविटी पूरे ध्यान से करें। वर्तमान पर ध्यान दें और अपने जीवन में एक सक्रिय प्रेरणा शक्ति बनें। उद्देश्यपूर्ण जीवन जिएं और जीवन को अपने आप ही न होने दें।

  • Health Tips: सर्दियों में मोजे पहनकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान

    Health Tips: सर्दियों में मोजे पहनकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान

    नई दिल्ली। सर्दियां आते ही लोग ठंड से बचने के लिए कई उपाय करते हैं। खुद को गर्म रखने के लिए लोग सिर से लेकर पैर तक ढंककर रखते हैं। दिनभर गर्म कपड़े पहनने के अलावा कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो रात में सोते समय मोजे पहनकर सोते हैं। ठंड में खुद को गर्म रखने के लिए ज्यादातर लोग इस तरह से सोना पसंद करते हैं। सर्दियों में मोजे पहनकर सोने से बेशक आपको गर्मी मिलती हो,लेकिन इससे आपकी सेहत को कई तरह के नुकसान भी होते हैं, जिससे ज्यादातर लोग अनजान हैं। ऐसे में अगर आप भी इस आदत का शिकार हैं, तो हम आपको बताएंगे रात में मोजे पहनकर सोने से होने वाले नुकसानों के बारे में, जिसे सुन आप तुरंत अपनी इस आदत में सुधार कर लेंगे।

    ब्लड सर्कुलेशन में होती है परेशानी

    अगर आप भी सोते समय मोजे पहनते हैं, तो इससे आपके ब्लड सर्कुलेशन में परेशानी हो सकती है। दरअसल, टाइट मोजे पहनने से शरीर में खून का प्रवाह कम और धीमा हो सकता है,जिससे सही तरह से ब्लड सर्कुलेशन में परेशानी आ सकती है। ऐसे में अगर आप रात में मोजे पहनना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि ढीले मोजे ही पहनें।

    बढ़ सकता है शरीर का तापमान

    रात को सोते समय मोजे पहनने से आपके शरीर का तापमान भी बढ़ सकता है। अगर मोजे पहनकर सोते समय हवा सही ढंग से पास नहीं हो पाई, तो इससे ओवरहीटिंग की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से आपके सिर पर गर्मी चढ़ सकती है, जिससे आपको बैचेनी भी महसूस हो सकती है।

    सर्दियों में अक्सर कई लोग दिनभर मोजे पहनकर घूमते हैं। इसके अलावा अगर आप रात में भी मोजे पहनकर सो रहे हैं, तो आपको स्किन एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इतना ही नहीं कई लोगों नाएलॉन के मोजों से भी दिक्कत हो सकती है, जो स्किन से जुड़ी समस्या की वजह बन सकती है।

    हृदय पर पड़ता है बुरा प्रभाव

    रात में मोज पहनकर सोने से आपके हृदय पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। दरअसल, कसे हुए मोजे पहनने से आपकी पैरों की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे आपके हार्ट को ब्लड पंप करने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इस वजह से कई बार सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।

  • भूलकर भी न करें यह काम, हो सकती हैं यह स्किन प्राॅबलम्स

    भूलकर भी न करें यह काम, हो सकती हैं यह स्किन प्राॅबलम्स

    नई दिल्ली: आजकल की खराब लाइफस्टाइल और बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा स्किन और बाल की सेहत पर इसका असर हुआ है। इसके चलते चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां , झाइयां नजर आने लगी है। जिससे समय से पहले चेहरा बूढ़ा लगने लगता है। ऐसे में आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की जरूरत होती है। तो चलिए जानते हैं किन गलत आदतों से दूरी बनाकर हम अपने चेहरे को चमकदार और जवां बना सकते हैं।

    • जो लोग बहुत ज्यादा स्मोकिंग करते हैं उनके चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां और झाइयां नजर आने लगती है। तो आपको अपनी इस गलत आदत को जितनी जल्दी है छोड़ देना है.
    • बहुत ज्यादा देर तक धूप में रहना भी आपकी स्किन के लिए नुकसानदायक होता है। ये चेहरे की नमी को छीनकर झुर्रियां और झाईं लाने का काम करता है फेस पर.
    • गलत ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी चेहरे के लिए नुकसानदायक है। इसलिए कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें तो पहले अपनी स्किन टाइप के बारे में जानें उसके बाद ही चेहरे पर अप्लाई करें। 
    • सर्दियों में बहुत ज्यादा गरम पानी से नहाना भी स्किन की परेशानी खड़ा कर सकता है। इसके कारण भी चेहरे पर पिगमेंटेशन हो सकती है.
  • लड़कियों को शादी से तुरंत पहले कभी नहीं कराने चाहिए ये ब्यूटी ट्रीटमेंट्स, पड़ सकता है पछताना

    लड़कियों को शादी से तुरंत पहले कभी नहीं कराने चाहिए ये ब्यूटी ट्रीटमेंट्स, पड़ सकता है पछताना

    शादी का दिन हर लड़की के लिए बेहद खास होता है और इसमें कोई दोराय नहीं कि सभी की इच्छा होती है कि वह अपनी शादी में सबसे खूबसूरत नजर आए. लेकिन, होने वाली दुल्हनें (Brides) शादी से कुछ ही दिन पहले ऐसे ब्यूटी ट्रीटमेंट्स (Beauty Treatments) ले लेती हैं जिनमें हुई जरा सी गड़बड़ शादी वाले दिन को बर्बाद भी कर सकती है. कुछ ट्रीटमेंट्स के साइड इफेट्स भी हो सकते हैं. इस चलते इन ट्रीटमेंट्स को शादी से एक महीने पहले या 20 दिन पहले तक करवा लेना चाहिए. यहां जानिए कौनसे हैं ये ट्रीटमेंट्स। 

    शादी से पहले केमिकल पील लेना एक बेहद ही गलत फैसला साबित हो सकता है. केमिकल पील (Chemical Peel) स्किन को स्मूद बनाने के लिए करवाए जाते हैं लेकिन इनका असर देर से दिखता है. दूसरा, केमिकल पील शादी से एक हफ्ते पहले भी करवाया जाए तो स्किन इरिटेटेड हो सकती है और लाल पड़कर दानेदार नजर आ सकती है। 

    नया हेयर कलर 

    बालों को कलर करवाने के बाद कई चीजों को ध्यान में रखना पड़ता है. कई बार हेयर कलर ऑक्सीडाइज होकर रंग भी बदल लेते हैं. इसलिए अगर अपने बालों को रंगना है तो शादी से हफ्तों पहले करवाएं ताकि आप अपनी इच्छानुसार रंग बदलवा भी सकें। 

    वैक्सिंग 

    शादी से तुरंत पहले या कहें एक दो दिन पहले वैक्सिंग (Waxing) करवाने से परहेज करना चाहिए. खासकर फेशियल वैक्स से बचना चाहिए. कई बार वैक्स ज्यादा गर्म होने पर स्किन झुलस सकती है या लाल पड़ सकती है. आपको मेकअप करवाने में भी दिक्कत होने लगेगी। 

    थ्रेडिंग 

    अगर आपकी शादी एक दिन बाद ही है तो थ्रेंडिंग (Threading) करवाना किसी रिस्क से कम नहीं है. शादी से कई दिन पहले ही थ्रेडिंग करवाएं जिससे अगर शेप खराब हो या कट्स लगें तो ठीक होने का समय मिले. खासकर कट्स लगने की दिक्कत थ्रेडिंग से हो जाती है। 

    हेयरकट 

    बालों को कटवाने के लिए 2 हफ्ते पहले का समय चुनें या फिर बाल बहुत अलग तरह से कटवाने से परहेज करें. शादी (Wedding) वाले दिन तो आप अपने अजीबोगरीब हेयरस्टाइल से बच जाएंगी लेकिन उसके बाद और पहले ऐसे कई फंक्शन होते हैं जहां आपको बाल खोलने होंगे. ऐसे में खराब हेयरस्टाइल काम बिगाड़ सकता है।