Category: Punjab

  • CM Mann ने होशियारपुर में सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन

    CM Mann ने होशियारपुर में सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन

    कहा, ‘आप’ सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित करके युवाओं को दे रही है रोजगार

    होशियारपुर: सलेरन डैम स्थल पर पर्यावरण-अनुकूल हट्स का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि इससे राज्य में इको-टूरिज्म और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने साथ ही कहा कि आम आदमी पार्टी (‘आप’) की सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित करके रोजगार के अवसर बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अमृतसर, पटियाला और चमरौड़ झील पर फिल्मों की शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग से भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सलेरान डैम प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को टक्कर देगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने खंडहर का रूप धारण कर चुके 52 रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित किया है, जिनसे अब किराए के माध्यम से एक करोड़ रुपए मासिक राजस्व उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी संपत्तियां अपने चहेतों को बहुत कम कीमत पर बेच दी थी, जबकि उनकी सरकार ने कार्रवाई करके वही संपत्तियां वापस हासिल कर ली हैं।

    सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज हमने राज्य में पर्यटन बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले चौहाल डैम प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चल रहा है और यह नई पहल पर्यटकों के लिए एक और आकर्षक स्थान उपलब्ध करवाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर लगभग 2.80 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है और इससे वार्षिक 18 लाख रुपए से अधिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।

    प्रोजेक्ट के तहत प्रदान की गई सुविधाओं के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए 16,000 वर्ग फुट में फैला विशेष खेल मैदान बनाया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन गतिविधियों का प्रबंध किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पर्यटकों के ठहरने के लिए चार इको हट्स और 80 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक कैफेटेरिया भी बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सलेरन डैम के सुंदर दृश्यों का आनंद लेने के लिए एक बड़ा एम्फीथिएटर भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पंजाब में इको-टूरिज्म को बड़ा प्रोत्साहन देने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संवेदनशीलता और जागरूकता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जिसमें पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार पंजाब के कंडी क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अथाह संभावनाएं हैं, जिन्हें दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आदर्श पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।

    पिछली सरकारों के समय में इन क्षेत्रों की उपेक्षा पर अफसोस जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली राज्य सरकारों की लगातार उपेक्षा के कारण ये क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ गए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अब इन क्षेत्रों में, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं, अनदेखी पर्यटन संभावनाओं को उपयोग में ला रही है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र को विकसित करने के लिए पहले से ही सख्त प्रयास जारी हैं ताकि राज्य में पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन दिया जा सके। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

     

     

     

     

     

     

  • Jalandhar News: सड़क हादसे में 13 वर्षीय बच्ची की मौत , देखें वीडियो

    Jalandhar News: सड़क हादसे में 13 वर्षीय बच्ची की मौत , देखें वीडियो

    जालंधर (Ens): फिल्लौर के गांव गढ़ा में रात को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इसमें 13 साल की मासूम बच्ची की मौके पर ही मृत्यु हो गई है। सरबजीत कुमार ने बताया कि बच्ची मुस्कान अपनी बुआ के साथ गुरुद्वारे साहिब से माथा टेककर घर लौट रही थी।

    जब वे रास्ते पर पहुंचे तो पीछे से नगर साइड की ओर से आ रही एक तेज़ रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी, जिससे बच्ची एक पेड़ से जा टकराई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी बुआ घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजन दोषी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में थाना फिल्लौर के एएसआई जसविंदर सिंह ने बताया कि परिवार के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • Punjab News: व्यक्ति की गला रेतकर हत्या, इलाके में दहशत का माहौल

    Punjab News: व्यक्ति की गला रेतकर हत्या, इलाके में दहशत का माहौल

    मोगा: जिले के कस्बा निहाल सिंह वाला की धानका बस्ती में देर रात हत्याकांड सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार एमपी नामक 55 साल के व्यक्ति की गला रेतकर हत्या की गई है। निहाल सिंह वाला की पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस हत्या से इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है।

  • Punjab News: 26 IAS और PCS अधिकारियों के हुए तबादलें, 4 डीसी भी बदले, देखें लिस्ट

    Punjab News: 26 IAS और PCS अधिकारियों के हुए तबादलें, 4 डीसी भी बदले, देखें लिस्ट

    मोहालीः पंजाब में अधिकारियों के तबादलों का दौर लगातार जारी है। वहीं आज जारी आदेशों के अनुसार 4 जिलों के डीसी सहित 26 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादलें हुए है। आदेशों के अनुसार 20 IAS और 6 PCS का तबादला किया। जिसमें IAS अधिकारी आदित्य डेचलवाल को रूपनगर का DC लगाया गया है। इसके साथ विजय नामदेव राव को सचिव वित्त विभाग और एडिशनल चार्ज सचिव प्रवासी भारतीय मामले खाली विभाग लगाया गया है। देखें लिस्ट

     

  • Punjab News: 8 सीनियर IPS अफसरों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

    Punjab News: 8 सीनियर IPS अफसरों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

    चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने सूबे के कई सीनियर आईपीएस (IPS) अफसरों का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल के तहत कुल 8 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की गई हैं। सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है उनकी लिस्ट नीचे दी गई है…

    सुखचैन सिंह गिल बने पंजाब इंटेलिजेंस के IG
    इस फेरबदल में IPS अधिकारी सुखचैन सिंह गिल को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पंजाब इंटेलिजेंस का इंस्पेक्टर जनरल (IG) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से राज्य की खुफिया व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

    मनिंदर सिंह को दोहरी जिम्मेदारी
    IPS अधिकारी मनिंदर सिंह को एक साथ दो अहम पदों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें एआईजी वेलफेयर, पंजाब और एसएसपी रोपड़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ पुलिस वेलफेयर और जिला पुलिस प्रशासन दोनों को मिलेगा।

    कंवलदीप सिंह बने एआईजी पर्सोनल
    इस फेरबदल के तहत कंवलदीप सिंह को एआईजी पर्सोनल नियुक्त किया गया है। वे अब पुलिस विभाग से जुड़े कार्मिक मामलों और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करेंगे।

    पीके सिन्हा को मिली विजिलेंस ब्यूरो की कमान
    वहीं पीके सिन्हा को विजिलेंस ब्यूरो का चीफ डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किए जाने की उम्मीद है।

    प्रशासनिक मजबूती की दिशा में कदम
    पंजाब सरकार द्वारा किया गया यह फेरबदल पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए अधिकारियों की तैनाती से कानून व्यवस्था, खुफिया तंत्र और विजिलेंस विभाग में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

     

     

     

     

  • Punjab कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी, देखें वीडियो

    Punjab कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः पंजाब कैबिनेट की बैठक मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री योगी सरकार की तरह, पंजाब सरकार ने भी जनता और विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य में भगवान श्री राम के जीवन पर आधारित नाटक ‘हमारे राम’ को 40 जगहों पर प्रस्तुत किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में देश के कई नामी कलाकार भाग लेंगे। साथ ही कई प्रशासनिक और विकास संबंधी फैसलों को भी मंजूरी दी गई।
    1. सार्वजनिक जमीन देने के नियमों में बदलाव पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट 2020 की धारा 4 के तहत, नगर परिषद की जमीन को अब किसी विभाग या संस्था को देने की प्रक्रिया आसान हो गई है। अब डिप्टी कमिश्नर की अगुआई वाली कमेटी सभी फैसले लेगी। यह कमेटी तय करेगी कि जमीन लीज, बिक्री या नीलामी के लिए किन नियमों के तहत दी जाएगी। पहले यह प्रक्रिया महीनों में पूरी होती थी, लेकिन अब जल्दी निर्णय लिए जा सकेंगे। मंत्री ने बताया कि उन्हें पुलिस विभाग को जमीन देने में पहले लगभग 8 महीने लग गए थे, अब यह समय कम होगा।
    1. कच्चे रास्तों से लोकल बॉडी को राजस्व कई सरकारी रास्ते, जो पहले कच्चे या अधूरे थे, अब शहरों और कॉलोनियों में शामिल हो चुके हैं। इनसे अब राज्य को कोई राजस्व नहीं मिलता था। अब लोकल बॉडी विभाग को इन रास्तों से राजस्व प्राप्त होगा। पहले यह व्यवस्था केवल गमाडा और ग्लाडा में लागू थी।
    1. प्रोजेक्ट में तीन साल का एक्सटेंशन पंजाब में कॉलोनाइज़र को अपने प्रोजेक्ट के लिए पहले 5 साल की स्वीकृति दी जाती थी। अब प्रोजेक्ट की समयसीमा बढ़ाने के लिए केवल एक बार 3 साल का एक्सटेंशन मिलेगा। इसके लिए कॉलोनाइज़र को प्रति एकड़ 25 हजार रुपए शुल्क देना होगा। कुल मिलाकर यदि एक प्रोजेक्ट का एक्सटेंशन लेना है तो 75 हजार रुपए प्रति एकड़ भरने होंगे।
    1. FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) चार्ज घटाया गया पहले फ्लोर एरिया बढ़ाने पर 50% चार्ज लगते थे। अब यह चार्ज घटाकर 25% कर दिया गया है। इससे जमीन मालिकों और डेवलपर्स को फायदा होगा।
    1. चार अस्पताल बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के अंतर्गत चार अस्पताल अब बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आ जाएंगे। जिनमें सिविल अस्पताल बादल (मुक्तसर साहिब), सिविल अस्पताल खडूर साहिब (तरनतारन), सीएचसी जलालाबाद (फाजिल्का), टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर फाजिल्का। पहले इन अस्पतालों को पंजाब सरकार चला रही थी।
    1. 1,000 नए योगा ट्रेनर भर्ती सीएम योगशाला प्रोजेक्ट में पहले 635 योगा ट्रेनर काम कर रहे थे। अब 1,000 नए योगा ट्रेनर भर्ती होंगे। उन्हें पहले 8 महीने फील्ड ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें 8,000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। प्रशिक्षण के बाद उनकी सैलरी 25,000 रुपए प्रति माह होगी।
    1. पंजाब सिविल सर्विसेज में योग्यता नियम तय पदों के लिए विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता स्पष्ट करनी होगी। आवेदन की आखिरी तारीख तक निर्धारित शिक्षा योग्यता पूरी होनी चाहिए। इससे अदालतों में आने वाले विवाद कम होंगे।
    1. आबकारी और कर विभाग के सर्विस रूल्स पंजाब आबकारी और कर विभाग में सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-वन के नियम अब तय किए गए हैं। इससे लंबे समय से अधूरे नियमों की कमी पूरी हो गई।
    1. बागबानी क्षेत्र का विस्तार बागबानी क्षेत्र को बढ़ाने के लिए जापान के साथ प्रोजेक्ट मंजूर हुआ। फिलहाल बागबानी क्षेत्र 6% है, इसे अगले 10 सालों में 15% तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरे राज्य में लागू किया जाएगा और लोगों को फायदा होगा।
         
  • पंजाब सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है: CM MANN

    पंजाब सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है: CM MANN

    कहा- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करने हेतु जिला पुस्तकालय में ‘मिशन प्रगति’ की शुरुआत 

    बठिंडा: युवाओं को करियर निर्माण के लिए तैयार करने पर और अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को बठिंडा की जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत नामांकित अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया। इस पहल के अंतर्गत नौकरी तलाशने वालों को नौकरी देने वालों में बदलने के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में एसएसबी, पुलिस और सशस्त्र बलों सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी हेतु ग्रामीण और मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त अकादमिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    बठिंडा जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के अंतर्गत विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ठंड के बावजूद उपस्थित लोगों का स्वागत किया और इस कार्यक्रम को पंजाब के बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, पंजाब सरकार ने जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत यह कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करना है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण और किफायती कोचिंग सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिल पाती।

    इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले बैच में 40 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, अकादमिक कोचिंग के साथ-साथ विद्यार्थियों को शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ रहें। यह शारीरिक प्रशिक्षण पंजाब पुलिस और सी-पाइट के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा सी-पाइट मैदान में दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को एसएसबी, पंजाब पुलिस, सीपीओ, सशस्त्र बलों तथा अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।

    प्रतिस्पर्धी माहौल में अभ्यर्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आवश्यक अध्ययन सामग्री और महंगी किताबें अक्सर विद्यार्थियों की पहुंच से बाहर होती हैं। उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों को पुस्तकालय के सदस्य के रूप में चुना जाएगा और आवश्यक पुस्तकें मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कार्यक्रम मौजूदा बुनियादी ढांचे और संसाधनों का उपयोग करके शुरू किया गया है, जिससे महत्वपूर्ण वित्तीय बचत होती है।

    इस ढांचे का वर्णन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षक-मार्गदर्शक मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें फैकल्टी सदस्य स्वयं वे अभ्यर्थी होते हैं जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया है। उन्होंने कहा, यह पहल ‘युवाओं की मदद करने वाले’ मॉडल के रूप में उभरी है और इसे शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस, खिलाड़ियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और समाज के हर वर्ग का समर्थन प्राप्त है। इस सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को एक समुदाय-संचालित और सहयोगात्मक मॉडल में परिवर्तित कर दिया है।

    मिशन प्रगति के मार्गदर्शक दर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह “कोई भी पीछे न रहे” के सिद्धांत पर आधारित है और युवा सशक्तिकरण, समान शैक्षिक अवसरों तथा सरकारी सेवाओं में बठिंडा के विद्यार्थियों की प्रतिनिधित्व बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उपस्थित लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और पंजाब के सर्वांगीण विकास तथा लोगों की खुशहाली के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

    राज्य सरकार के व्यापक दृष्टिकोण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरी खोजने वालों के बजाय नौकरी देने वालों में बदलकर उनकी किस्मत बदलने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब शिक्षा क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है और यह क्रांति विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार कर तथा उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाकर परिणाम दे रही है। युवाओं को नौकरियां प्रदान करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं, वहीं उनकी असीम ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए समानांतर प्रयास भी किए जा रहे हैं।

    उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिस प्रकार एक रनवे विमान को सुचारु रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, उसी प्रकार राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। अतीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह निराशाजनक है कि एक समय गलत नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखा गया, लेकिन अब यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं कि पंजाब के बच्चे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें और जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकें।

  • मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड

    मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड

    6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

    चंडीगढ़: पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ पहल पंजाब की संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रणाली में एक नया मील का पत्थर साबित हुई है, जिससे पूरे राज्य में मज़बूत और लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

    राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि जुलाई 2025 में इसकी शुरुआत से लेकर दिसंबर 2025 तक कुल 370967 रजिस्ट्रियां की गईं, जो पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और नागरिक-हितैषी सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री को मिली लोगों की प्रतिक्रिया स्पष्ट करती है कि लोग ऐसी प्रणाली पर भरोसा करते हैं, जो पारदर्शी, समयबद्ध और परेशानी-मुक्त हो। उन्होंने बताया कि सिर्फ छह महीनों के दौरान संपत्ति से संबंधित 3.70 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं, जो इन सुधारों की सफलता की गवाही देती हैं।

    इस संबंध में महीनावार आंकड़े साझा करते हुए राजस्व मंत्री ने बताया कि जुलाई 2025 में 64965 दस्तावेज़ रजिस्टर किए गए, अगस्त में 62001, सितंबर में 55814 और अक्टूबर में 53610 दस्तावेज़ रजिस्टर किए गए। उन्होंने कहा कि नवंबर में रजिस्ट्रियों से संबंधित 58200 दस्तावेज़ दर्ज किए गए जबकि दिसंबर में सबसे अधिक 76377 रजिस्ट्रियां की गईं। उन्होंने कहा, ‘‘रजिस्ट्रेशनों में यह निरंतर वृद्धि आसान और तकनीकी-आधारित संपत्ति रजिस्ट्रेशन ढांचे में बढ़ते लोगों के भरोसे को स्पष्ट करती है।’’

    इन ढांचागत सुधारों के बारे में विस्तार से बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री के तहत दस्तावेज़ों की ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी शुरू की गई है, कार्यालय कार्यवाही में होने वाली देरी को काफी हद तक कम किया गया है और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में पहुंच आसान हुई है। मंत्री ने बताया, ‘‘सेल डीड की हस्ताक्षर-रहित प्रतियों की अब 48 घंटों के अंदर ऑनलाइन जांच की जाती है, जिससे परेशानी काफी घटी है और भ्रष्टाचार के रास्ते प्रभावी ढंग से बंद हुए हैं।’’ उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान उठाई गई सभी आपत्तियों की निगरानी सीधे तौर पर डिप्टी कमिश्नरों और एस.डी.एमज़. द्वारा की जाती है ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और अनावश्यक रुकावटों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    राजस्व मंत्री ने कहा कि ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत को लागू करने से लंबी-लंबी कतारें और पक्षपातपूर्ण व्यवहार से निजात मिली है, जिससे संपत्ति रजिस्ट्रेशन के दौरान वी.आई.पी. संस्कृति का खात्मा हुआ है। मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा, ‘‘लोगों को अब अपने ज़िले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज़ रजिस्टर करवाने की आज़ादी है। इससे एकाधिकार का खात्मा हुआ है और सभी के लिए निष्पक्ष एवं समान सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है।’’

    इस पहल के एक और लोक-हितैषी पहलू को उजागर करते हुए मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि आवेदकों को उनके दस्तावेज़ों संबंधी कार्यवाही के हर चरण जैसे जांच, भुगतान और अपॉइंटमेंट के बारे में ऑटोमेटेड व्हाट्सएप अपडेट भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी रूप में रिश्वत मांगने की रिपोर्ट करने के लिए एक सीधी शिकायत प्रणाली भी बनाई गई है ताकि ज़िला स्तर पर तुरंत निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।

    अन्य सुविधाओं का विवरण देते हुए मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि लोग ‘ड्राफ्ट माई डीड’ मॉड्यूल के माध्यम से सेल डीड खुद तैयार कर सकते हैं या किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में स्थापित सेवा केंद्र काउंटरों से यह सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं या फिर घर बैठे ही हेल्पलाइन 1076 के द्वारा रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेज़ तैयार करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 25 बैंकों के द्वारा एक बार में स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन भुगतान करने से यह प्रक्रिया और भी सुगम हो गई है जिससे लोगों के लिए सुविधा बढ़ी है।

    राजस्व मंत्री ने बताया कि पहले से अपॉइंटमेंट ले चुके और पूरे दस्तावेज़ों वाले नागरिकों को प्राथमिकता देने के लिए एक ‘एकीकृत टोकन प्रबंधन प्रणाली’ भी लागू की गई है। उन्होंने बताया कि इससे लोगों को ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ता और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एकसमान सेवा प्रदान करने को सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपग्रेड किए गए सर्वर, प्रशिक्षित स्टाफ और मानकीकृत प्रक्रियाओं ने लोगों का भरोसा और बढ़ाया है जिससे राज्य में राजस्व संग्रहण में भी सुधार हुआ है।

  • ਆਤਿਸ਼ੀ ਦੀ ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਦੇ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਜਲੰਧਰ ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰੇਟ ਵਿਖੇ ਐਫ.ਆਈ.ਆਰ. ਦਰਜ

    ਆਤਿਸ਼ੀ ਦੀ ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਦੇ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਜਲੰਧਰ ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰੇਟ ਵਿਖੇ ਐਫ.ਆਈ.ਆਰ. ਦਰਜ

    ਆਡੀਓ ਦੀ ਫੋਰੈਂਸਿਕ ਜਾਂਚ ਚ ਹੋਇਆ ਖੁਲਾਸਾ ਆਤਿਸ਼ੀ ਦੁਆਰਾ “ਗੁਰੂ” ਸ਼ਬਦ ਬੋਲਿਆ ਨਹੀਂ ਗਿਆ

    ਜਲੰਧਰ : ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰੇਟ ਦੇ ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਅੱਜ ਇੱਥੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ‘ਤੇ ਦਿੱਲੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ‘ਚ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰ ਦੀ ਨੇਤਾ ਅਤੇ ਐਮ.ਐਲ.ਏ. ਆਤਿਸ਼ੀ ਦੀ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਤੇੜ-ਮਰੋੜ ਕੇ ਅਤੇ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਨਾਲ ਬਦਲ ਕੇ ਗਲਤ ਢੰਗ ਨਾਲ ਅਪਲੋਡ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸਾਰਿਤ ਕਰਨ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਐਫਆਈਆਰ ਦਰਜ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਦੱਸਣਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਦਿੱਲੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰ ਦੀ ਨੇਤਾ ਆਤਿਸ਼ੀ ਨੂੰ ਗੁਰੂਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਅਪਮਾਨਜਨਕ ਅਤੇ ਨਿੰਦਿਆ ਭਰੀਆਂ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਦਿਖਾਉਂਦਿਆਂ ਭੜਕਾਊ ਸੁਰਖੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਇੱਕ ਛੋਟੀ ਵੀਡੀਓ ਕਲਿੱਪ ਵਾਲੀਆਂ ਕਈ ਪੋਸਟਾਂ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਪਲੇਟਫਾਰਮਾਂ ‘ਤੇ ਅਪਲੋਡ/ਪ੍ਰਸਾਰਿਤ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।

    ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਕਲਿੱਪ ਦੀ ਜਾਂਚ ਵਿਗਿਆਨਕ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇenco ਆਤਿਸ਼ੀ ਦੀ ਆਡੀਓ ਵਾਲੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਕਲਿੱਪ ਸ੍ਰੀ ਕਪਿਲ ਮਿਸ਼ਰਾ ਦੇ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਪਲੇਟਫਾਰਮ (https://x.com/kapilmishra_ind/status/2008811019158847790?s=48) ਤੋਂ ਡਾਊਨਲੋਡ ਕਰਕੇ ਫੋਰੈਂਸਿਕ ਜਾਂਚ ਲਈ ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਫੋਰੈਂਸਿਕ ਸਾਇੰਸ ਲੈਬਾਰਟਰੀ, ਪੰਜਾਬ, ਐਸਏਐਸ ਨਗਰ ਨੂੰ ਭੇਜੀ ਗਈ ਸੀ।

    ਦੱਸਣਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਦੀ ਫੋਰੈਂਸਿਕ ਰਿਪੋਰਟ 09-01-2026 ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇਹ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ ਕਿ ਆਤਿਸ਼ੀ ਦੁਆਰਾ ਆਪਣੀ ਆਡੀਓ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਵੀ “ਗੁਰੂ” ਸ਼ਬਦ ਨਹੀਂ ਬੋਲਿਆ ਗਿਆ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ‘ਤੇ ਪ੍ਰਸਾਰਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਵੀਡੀਓ ਕਲਿੱਪਾਂ ਵਿੱਚ ਦਿਖਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਨਾਲ ਛੇੜ-ਛਾੜ ਕਰਕੇ ਇਸਨੂੰ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਨਾਲ ਤੋੜ ਮਰੋੜ ਕੇ ਅਪਲੋਡ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੇ ਕੁਝ ਸ਼ਬਦ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਜੋ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਆਤਿਸ਼ੀ ਦੁਆਰਾ ਬੋਲੇ ਹੀ ਨਹੀਂ ਗਏ।

  • Punjab कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, इन मंत्रियों को मिला ये विभाग

    Punjab कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, इन मंत्रियों को मिला ये विभाग

    चंडीगढ़। पंजाब कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में गुरुवार को फेरबदल किया गया है। संजीव अरोड़ा को लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट मिला है। वहीं, डॉ. रवजोत को NRI डिपार्टमेंट दिया गया है। दोनों मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया है। पहले NRI डिपार्टमेंट संजीव अरोड़ा के पास था और लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट डॉ. रवजोत के पास था। दोनों विभागों में फेरबदल किया गया है।

    डॉ. रवजोत को मिला NRI विभाग का जिम्मा
    2024 से लेकर अबतक डॉ. रवजोत पंजाब के लोकल बॉडीज विभाग को संभाल रहे थे, लेकिन अब उन्हें NRI (नॉन-रेजिडेंट इंडियन) विभाग सौंपा गया है। यह विभाग विदेशों में रहने वाले पंजाबी लोगों से संबंधित मुद्दों को देखता है।

    संजीव अरोड़ा बने पावरफुल मंत्री
    संजीव अरोड़ा को पंजाब सरकार का सबसे महत्वपूर्ण विभाग, यानी लोकल बॉडीज विभाग सौंपा गया है। पहले यह विभाग डॉ. रवजोत के पास था, लेकिन अब संजीव अरोड़ा के पास यह जिम्मेदारी है। उनके प्रमोशन का कारण यह भी है कि वे शहरी क्षेत्रों से आते हैं और उन्हें शहरी मुद्दों की अच्छी समझ है।

    नगर निगम चुनाव को ध्यान में रखते हुए फेरबदल
    यह फेरबदल खासतौर पर नगर निगम चुनाव को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पंजाब सरकार चाहती है कि आने वाले दिनों में पार्टी शहरी क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करे। संजीव अरोड़ा की नियुक्ति इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि वे शहरी क्षेत्रों से हैं और वहां के मुद्दों को अच्छे से समझते हैं।