Category: Chandigarh

  • पंजाब: आज गुरवीन संग शादी के बंधन में बंधेंगे कैबिनेट मंत्री 

    चंडीगढ़ः पंजाब के खेल, सिंचाई व खनन विभाग के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर आज नयागांव के एक निजी रिजॉर्ट में मेरठ की डॉ. गुरवीन कौर के साथ परिण्य सूत्र में बंधेंगे। उनकी शादी में पंजाब कैबिनेट के मंत्रियों समेत बड़ी हस्तियों की पहुंचने की उम्मीद है। कैबिनेट मंत्री की शादी के चलते इलाके की सड़कों की मरम्मत आननफानन में करवाई गई। वहीं सड़कें साफ करने के लिए परिषद जुटी हुई है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर 12 बजे परिवार के साथ मीत हेयर नयागांव में पहुंचेंगे। गुरमीत सिंह मीत हेयर की दुल्हन बनने जा रही डॉ. गुरवीन कौर मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम में रेडियोलॉजिस्ट हैं। गुरमीत सिंह पंजाब के बरनाला से आम आदमी पार्टी से दूसरी बार विधायक बनकर मौजूदा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। डॉ गुरवीन के पिता भूपेंद्र सिंह बाजवा मेरठ गॉडविन ग्रुप के निदेशक और भारतीय ओलंपिक संघ के पदाधिकारी हैं। गुरमीत और गुरवीन दोनों को रिश्ता एक महीने पहले हुआ था। तब रोका की रस्म हुई थी। 

  • पंजाबः सीएम-राज्यपाल विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

    चंडीगढ़ः सुप्रीम कोर्ट ने विधेयकों को मंजूरी देने में राज्यपाल की ओर से देरी के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका पर पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के खिलाफ सख्स तेवर दिखाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आखिर राज्यपाल सरकार से तालमेल क्यों नहीं बिठा पाते। हर बार मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचता है। जबकि राज्यपाल को मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही सुलझा लेना चाहिए था।

    चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि राज्यपालों को थोड़ा आत्मावलोकन करने की आवश्यकता है। राज्यपालों को इस तथ्य से अनजान नहीं रहना चाहिए कि वह निर्वाचित अधिकारी नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा राज्य सरकारों के अदालतों में जाने के बाद ही राज्यपाल विधेयकों पर कार्रवाई क्यों करते हैं? इसे खत्म करना होगा कि राज्यपाल तभी काम करते हैं जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचता है। राज्यपालों को मामला कोर्ट में आने से पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए।

    वहीं, पंजाब के राज्यपाल की ओर से पेश हुएसॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य के राज्यपाल ने उनके पास भेजे गए विधेयकों पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से दायर याचिका एक अनावश्यक मुकदमा है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल को पंजाब विधानसभा की ओर से पारित विधेयकों पर राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित की ओर से उठाए गए कदमों परअद्यतन स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 10 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। 

  • Chandigarh में पलटा डीजल से भरा टैंकर, मच गई लूटने की होड़, वीडियो वायरल

    चंडीगढ़: सेक्टर 20/21 चौक पर रविवार रात एक डीजल टैंकर पलट गया। हादसा उस वक्त हुआ जब डीजल से भरा टैंकर चौक की ओर आ रहा था। टैंकर के सामने अचानक से एक कार आ गई, जिसे बचाने के दौरान टैंकर चालक नियंत्रण खो बैठा और अनियंत्रित होकर डीजल से भरा टैंकर सड़क पर पलट गया। इस कार को महिला चला रही थी। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने टैंकर से बह रहे तेल को देख किसी बड़े हादसे की संभावना के चलते टैंकर के एरिया को सुरक्षित कर दिया। पुलिस ने बैरिकेटिंग कर चौक के आधे रास्ते को बंद कर दिया, ताकि सड़क पर फैले हुए डीजल के चलते कोई और बड़ा हादसा न हो जाए। पलटे टैंकर को सीधा कराकर सड़क से हटवाने के लिए पुलिस की ओर से जेसीबी मंगवाई गई।

    हालांकि रात 10.30 बजे के करीब हुए हादसे के डेढ़ घंटे बाद देर रात 12 बजे तक टैंकर को हटाने के लिए जेसीबी मौके पर नहीं पहुंची थी, न ही स्टेट डिजास्टर की टीम के सदस्य मौजूद थे। गनीमत या रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हादसे के बाद से टैंकर सवार चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करने में जुटी है। हादसे के बाद टैंकर से निकाल कर सड़क पर बह रहे तेल को देख लोग काफी घबरा गए। तेल में आग लगने के खतरे की संभावना के चलते कई वाहन चालक ब्रेक लगाकर खड़े हो गए। चौक के एक तरफ फैले डीजल की वजह से पूरे चौक पर डीजल की बदबू फैली हुई थी।

    टैंकर के अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटने के बाद टैंकर में भरा हुआ डीजल सड़क पर बहने लगा। जिसे देख कई लोग डीजल को बाल्टियों में भरकर ले जाते हुए नजर आए। जिसे बाल्टी नहीं मिली तो उन्होंने प्लास्टिक की कैन और बाल्टी में ही डीजल को भरने की कोशिश की। इस मौके पर पुलिस की जिप्सी भी मौजूद रही, लेकिन उन्होंने भी डीजल चोरी को नहीं रोका। लोगों ने पुलिस की भी परवाह नहीं की और वह डीजल ले जाते नजर आए।

  • महशूर स्वीट शॉप को लेकर दो पक्षों में खूनी जंग, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः सेक्टर-7 की एक स्वीट शॉप में मारपीट और दुकान के शीशे तोड़ने और खोंचे से बुरी तरह हमला करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शुक्रवार को वायरल हुआ। इसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बुरी तरह हमला करते दिखे। इसमें स्वीट शॉप का एक कारिंदा भी हमला करता नजर आ रहा है। हमले में दोनों पक्षों को चोट आई है। शुक्रवार दिन में घटी इस घटना की जानकारी पाकर सेक्टर 26 पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और घायलों का सेक्टर 16 अस्पताल में मेडिकल करवाया। थाना पुलिस के मुताबिक दो भाइयों में संपत्ति विवाद के चलते झड़प हुई है। इसके बाद मामला मारपीट तक जा पहुंचा। इस घटना से आसपास के दुकानदार भी घबरा गए। हमले में चार से पांच लोगों के घायल होने की जानकारी है।

    पुलिस को मामले में एक पक्ष की तरफ से शिकायत दी गई है। पुलिस सारी घटना की जांच करते हुए कार्रवाई में लगी है। फिलहाल पुलिस ने देर शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं की थी। उधर, पुरानी रंजिश के चलते शुक्रवार शाम को सेक्टर 25/38 की सड़क पर दो गुटों के बीच जमकर पथराव हुआ। दोनों गुटों के लोगों ने व्यस्त सड़क पर ही एक-दूसरे पर ईंट और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। सरेआम बीच सड़क हो रहे इस पथराव की सूचना पाते ही एक के बाद एक कई पीसीआर की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पुलिस को आते देख दोनों गुट के लोग फरार हो गए।

    वहीं, हमले के दौरान सड़क पर जाने वाले यात्री भी पथराव को देख रुक गए और वहां पर कुछ समय के लिए यातायात जाम लगा रहा। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सेक्टर-25 से एक युवकों का गुट सेक्टर-38 पहुंचा। यहां पर किसी बात को लेकर दोनों गुटों के बीच गर्मागर्मी हो गई। इसके बाद एक-दूसरे पर पथराव करना शुरू कर दिया। किसी ने इस घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम पर दी। घटना के बाद एहतियातन इलाके में पुलिस बल खड़ा कर दिया गया है। पुलिस झगड़े का कारण और दोनों गुटों का पता लगाने में जुटी है।

  • पंजाबः सुखबीर बादल ने दिया CM मान को अल्टीमेटम, मांगे माफी, जाने मामला

    चंडीगढ़ः शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चुनौती दी कि वे पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) लुधियाना में आयोजित दिखावटी बहस के दौरान बादल परिवार के खिलाफ बोले गए दुर्भावनापूर्ण झूठ के लिए 10 दिन के भीतर माफी मांगें या आपराधिक मानहानि के मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार रहें। एक प्रेस बयान में शिअद अध्यक्ष ने कहा कि पीएयू लुधियाना में एक व्यक्ति का भाषण, जिसका पूरे विपक्ष ने बहिष्कार किया था, मुख्यमंत्री ने यह दावा करके चरित्र हनन किया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बाददल ने हरियाणा के बालासर गांव में बादल फार्म तक नहर का पानी पहुंचाने के लिए 1998 में भाखड़ा मेन लाइन नहर की ऊंचाई बढ़ाकर समझौता किया था। सुखबीर बादल ने कहा कि देवीलाल 1977 में पहली बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने थे, जबकि बालासर ब्रांच 12 मार्च 1964 को बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि बालासर ब्रांच बानी शाखा का हिस्सा थी, जो स्वयं भाखड़ा नहर प्रणाली पंजोआणा ब्रांच का हिस्सा थी।

    शिअद अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को वह पत्र दिखाने की चुनौती भी दी कि वह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का पत्र दिखाएं, जो उन्होने इमरजेंसी के दौरान जेल में रहते हुए एसवाईएल नहर के शीघ्र निर्माण के लिए केंद्र को लिखा था। उन्होंने कहा कि यह उन सरदार बादल की छवि को खराब करने का प्रयास है, जिन्होंने इमरजेंसी का डटकर मुकाबला किया। इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा भगवंत मान को उनके दुर्भावनापूर्ण बयानों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। सुखबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी यह आरोप लगाकर बादल परिवार को बदनाम करने की कोशिश करते रहे हैं कि उन्हें एसवाईएल के निर्माण के लिए सहमति देने के बदले गुड़गांव में एक होटल के लिए जमीन दी गई थी। सुखबीर ने कहा कि यह सफेद झूठ है। उन्होंने कहा कि गुड़गांव में होटल की जगह 1989 में राज्य की औद्योगिक नीति के तहत आवेदन करने पर बादल परिवार को दी गई, जबकि एसवाईएल नहर प्रोजेक्ट की शुरूआत पूर्व मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने 1976 में सैद्धांतिक मंजूरी देकर की थी। 

    उन्होंने कहा कि मैं भगवंत मान को याद दिलाना चाहता हूं कि जहां देवीलाल ने 1979 में एसवाईएल के निर्माण की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब पुनर्गठन एक्ट की धारा 78 को चुनौती दी थी।  उन्होंने कहा कि बादल ने यह सुनिश्चित करने के लिए कपूरी मोर्चे की अगुवाई की थी कि नहर का निर्माण न हो। सुखबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अकाली सरकारों के दौरान किए गए विकास कार्यों के बारे में भी झूठ बोला है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को याद दिलाना चाहता हूं कि वे थर्मल प्लांट, हवाई अडडों, राजमार्गों, सिंचाई चैनलों और मंडियों सहित राज्य में सभी बुनियादी ढ़ांचा परियोजनाओं को देखें और जांचें कि वे कब शुरू हुए। ये सभी पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल के दौरान ही स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आप सरकार के नाम एक भी उपलब्धि नहीं है, फिर भी उसने सरकार में पहले डेढ़ साल के दौरान 50 हजार करोड़ रूपये का कर्ज लिया है।

  • बाइक चैकिंग को लेकर युवक ने हेड कांस्टेबल का फोड़ा सिर 

    चंडीगढ़ः इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के युवक ने हेड कांस्टेबल का सिर फोड़ दिया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देर रात कुछ पुलिसकर्मी गश्त पर थे। इस बीच उन्होंने जांच के लिए एक मोटरसाइकिल चालक को रोका। चालक मोटरसाइकिल के कागज नहीं दिखा पाया था। पुलिसकर्मी उस मोटरसाइकिल को इंपाउंड कर थाने में खड़ी करने के लिए गए थे। इसके बाद मौके पर सिर्फ दो पुलिसकर्मी रह गए थे। जब दो पुलिसकर्मी गश्त कर रहे थे तो एक युवक आकर उनसे बहस करने लग गया। पुलिसकर्मी युवक को पुलिस बीट बॉक्स में ले गए। जहां पर युवक ने दोनों पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।

    जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो उसने एक पुलिसकर्मी को दांतों से काट लिया और वहां पर रखे गमले से उसके सिर पर वार कर दिया। घायल पुलिसकर्मी वीरेंद्र सिंह के सिर में कई टांके आए हैं। पुलिस ने आरोपी युवक अभिषेक कुमार (21 साल) निवासी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला मंगलवार रात का है। घटना के बाद घायल पुलिसकर्मी को सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर उसके सिर में टांके लगाए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

  • पंजाबः पू्र्व सीएम कत्ल केस के दोषी परमजीत को हाईकोर्ट से लगा झटका

    पंजाबः पू्र्व सीएम कत्ल केस के दोषी परमजीत को हाईकोर्ट से लगा झटका

    चंडीगढ़: पू्र्व सीएम बेअंत सिंह कत्लकांड के दोषी परमजीत सिंह भिओरा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में परमजीत ने पैरोल की याचिका की दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। भिओरा ने 29 अक्टूबर को दिल्ली में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने की इजाजत मांगी थी। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड और बुड़ैल जेलब्रेक मामले में दोषी परमजीत सिंह भिओरा ने सोमवार को हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 6 घंटे की पैरोल की मांग की थी।

    भिओरा ने अपनी याचिका में कहा कि उनकी भतीजी की शादी 29 अक्टूबर को दिल्ली में है जिसमें वह शामिल होना चाहते हैं, इसलिए उन्हें 29 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक इन 6 घंटों के लिए पैरोल दी जानी चाहिए। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। बता दें कि भिओरा पिछले 27 साल से जेल में है और फिलहाल चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में है। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

  • पंजाबः नशा तस्करी केस में बर्खास्त AIG राजजीत पहुंचे STF दफ्तर

    पंजाबः नशा तस्करी केस में बर्खास्त AIG राजजीत पहुंचे STF दफ्तर

    चंडीगढ़ः नशा तस्करी से जुड़े केस में पंजाब पुलिस के बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह आज पंजाब पुलिस की जांच में शामिल होने के लिए एसटीएफ दफ्तर पहुंचेे।  तीनों मामलों में अदालतों से जमानत मिलने के बाद उन्होंने इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन की। इस दौरान उनके वकील भी साथ थे। मार्च के बाद राजजीत सिंह आज पब्लिक के सामने आए हैं। उनका लुक पूरी तरह से बदला हुआ है। मार्च में जब उन पर केस दर्ज हुआ था उसके बाद से वह भूमिगत चल रहे थे।

    हालांकि उन्होंने अपनी कानूनी जंग जारी रखी थी, पंजाब पुलिस की टीमों ने भी उन्हें पकड़ने के लिए कई प्रयास किए, करीब 700 जगह पर रेड की गई और 300 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग पाया था। राजजीत सिंह ने स्पेशल टास्क फोर्स के सामने पेश होकर जांच ज्वाइन की क्योंकि उन पर पहला केस एसटीएफ में ही दर्ज हुआ था। एसटीएफ ने पहले जांच के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। उनके सहयोगी रहे इंस्पेक्टर इंदरप्रीत सिंह से एसटीएफ ने कुछ दिन पहले ही पूछताछ की है। एसटीएफ की टीम में उन्हें जेल से प्रोडक्शनमेंट पर लेकर आई थी। वह करीब 4 साल से जेल में बंद है ।

  • तेज बारिश से गिरा पेड़, 7 कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्‍त, देखें तस्वीरें

    तेज बारिश से गिरा पेड़, 7 कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्‍त, देखें तस्वीरें

    चंडीगढ़ः पंजाब सहित चंडीगढ़ में हो रही बारिश से तापमान में गिरवाट देखने को मिली है। वहीं बारिश के कारण सेक्टर 8 मध्य मार्ग की पार्किंग में एक बड़ा पेड़ गिरने का मामला सामने आया है। पेड़ गिरने से 7 कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के समय कार के भीतर कोई नहीं था। पुराना और विशाल होने के कारण पेड़ की टहनियां और तनो को अभी तक कारों के ऊपर से हटाया नहीं गया है।

    यह नगर निगम का पेड़ है। सुबह तेज बारिश होने के कारण जड़े कमजोर होने पर पेड़ गिर गया। मौके पर वार्ड पार्षद अब पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर महेश इंद्र सिद्धू पहुंच गए हैं। गिरे हुए पेड़ को कारों से उठने के लिए बागवानी विभाग ने क्रेन मंगवाई है। वार्ड पार्षद सिद्धू का कहना है कि शुक्र है कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। पार्किंग में कारें पार्क करने के बाद लोग अपने ऑफिस में चले गए थे। शहर में सुबह से तेज बारिश और हवाएं चल रही थी जो कि अब रुक गई है।

    मालूम हो कि शहर के कई पेड़ों की जड़े कमजोर हो चुकी हैं हर बारिश में कोई ना कोई बड़ा पेड़ गिर जाता है। पिछले साल सेक्टर 9 के कार्मल कान्वेंट स्कूल में पेड़ गिरने से एक छात्र की मौत भी हो चुकी है। वार्ड पार्षद का कहना है कि जल्द ही टूटे हुए पेड़ों को कारों के ऊपर से उठा लिया जाएगा।

    वहीं शहर के पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि प्रशासन और नगर निगम खुद ने पेड़ों को कमजोर किया है पेड़ों के रखरखाव के लिए कभी भी प्रयास नहीं किया जाता। हरे भरे पेड़ों के आसपास सीमेंट और पेवर ब्लाक के फर्श बना दिए गए हैं जिससे पानी की निकासी नहीं हो पाती और पेड़ कमजोर हो रहे हैं।

  • PGI के एडवांस आई-सेंटर में लगी आग, एक सप्ताह में दूसरी घटना, देखें वीडियो

    PGI के एडवांस आई-सेंटर में लगी आग, एक सप्ताह में दूसरी घटना, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः पीजीआई संस्थान में एक बार फिर से आग लगने का मामला सामने आया है। जहां पर सोमवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना फायर बिग्रेड को दे दी गई है। जिसके बाद करीब 5-6 फायर टैंडर मौके पर पहुंचे हैं औऱ आग बुझाने की कोशिशें कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में यह आग लगी है। फिलहाल, राहत और बचाव का काम जारी है और अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    जानकारी के अनुसार, पीजीआई के एडवांस आई सेंटर की यह घटना है। बताया जा रहा है कि एक दम से शॉर्ट सर्किट हुआ और फिर आग लग गई। आग लगने से मौके पर अफरातफर मच गई। इस दौरान सेंटर में धुआं फेल गया और फिर सेंटर के शीशे तोड़ने पड़े। वहीं, मरीजों को पार्किंग एरिया में ले जाया गया। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है। वहीं, किसी भी मरीज के झुलसने की खबर नहीं है।

    गौरतलब है कि इससे पहले, 9 और 10 अक्तूबर की मध्य रात्रि को भी पीजीआई में आग लग गई थी। 6 दिन पहले पीजीआई के नेहरू अस्पताल में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें 400 से ज्यादा मरीजों को रेस्क्यू कर निकाला गया था। अब तक पीजीआई की जांच कमेटी उस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है। इसी बीच एडवांस हाई सेंटर में आग लगी है और ऐसे में पीजीआई पर सवाल उठ रहे हैं।