Category: Chandigarh

  • CM और 7 स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    CM और 7 स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    चंडीगढ़ः शहर मे आज से छुट्टियां खत्म होने के बाद स्कूल खुल गए है। वहीं स्कूल खुलते ही एक बार फिर से 7 स्कूलों को बम से उडाने की धमकी मिली है। ई-मेल के जरिए मिली धमकी के बाद स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं धमकी भरे ई-मेल में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को बम से उडाने की धमकी दी गई है। धमकी मिलने के बाद चंडीगढ़ पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सभी स्कूलों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। एहतियात के तौर पर स्कूल परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ई-मेल में सेक्टर-37 गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल 37 बी और केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-47 का जिक्र किया गया है। मेल में कहा कि बम धमाके आईडी ड्रोन से चंडीगढ़ के सारे स्कूलों में दोपहर 1.11 बजे होंगे। इसके बाद मेल में हरियाणा के सीएम नायब सैनी के ऑफिस में दोपहर 3.11 बजे धमाका करने का जिक्र किया गया है।

    पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार सबसे पहले सेक्टर-31 स्थित एयर फोर्स स्कूल को धमकी भरा ई-मेल मिला। इसके बाद कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-37बी, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-37डी, विवेक हाई स्कूल सेक्टर-38, सेक्रेड हार्ट स्कूल सेक्टर-26, स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल सेक्टर-26, डीपीएस सेक्टर-40 और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल सेक्टर-9 को भी इसी तरह की धमकी मिली है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड प्रत्येक स्कूल के भवन, कक्षाओं, पार्किंग और अन्य संवेदनशील स्थानों की तलाशी ले रहे हैं।

    प्रारंभिक जांच में मामला ई-मेल के जरिए भेजी गई धमकी का प्रतीत हो रहा है। साइबर सेल ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई है। फिलहाल किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

  • साइबर ठगों ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले में दपंति को डराया

    साइबर ठगों ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले में दपंति को डराया

    दूसरे मामले में पुलिस अधिकारी बता किया डिजिटल अरेस्ट, ठगे 2:15 करोड रुपए

    चंडीगढ़ः साइबर ठग अब लोगों को डराने के लिए देश के चर्चित और संवेदनशील मामलों का सहारा ले रहे हैं। हाल ही में सामने आए दो मामलों में रिटायर्ड बुजुर्ग दंपतियों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर निशाना बनाया गया। एक मामले में बेटी की सतर्कता के कारण परिवार करोड़ों की ठगी से बच गया, जबकि दूसरे में ठगों ने खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर रिटायर्ड दंपती से 2.15 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। दोनों मामलों की जांच चंडीगढ़ साइबर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। सेक्टर-49 निवासी एक युवक ने साइबर थाने में शिकायत दी कि उसके माता-पिता एसबीआई से वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त हैं। पिछले सप्ताह जब वह काम से बाहर था, तभी उसके माता-पिता के पास वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के आरोपियों से उनका मोबाइल नंबर मिला है। उनका इस मामले से संबंध है। उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। गिरफ्तारी के डर से दंपती करीब तीन घंटे तक कमरे में बंद रहे। इस दौरान ठगों ने उनसे बैंक खातों की पूरी जानकारी ले ली और एफडी तुड़वाने तक के लिए राजी कर लिया। घर में मौजूद उनकी बेटी को शक हुआ कि माता-पिता कमरे से बाहर नहीं आ रहे हैं। उसने लगातार करीब आधे घंटे तक दरवाजा खटखटाया। ठग वीडियो कॉल पर दंपती को धमका रहे थे कि दरवाजा खोला तो बेटी को भी मामले में फंसा दिया जाएगा। आखिरकार मां ने दरवाजा खोला। बेटी ने तुरंत मोबाइल लेकर कॉल काट दी और अपने भाई को सूचना दी। इसके बाद परिवार ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। दूसरा मामला पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त दरबारा सिंह और उनकी पत्नी का है। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, दंपती को वीडियो कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई के बांद्रा थाने का आईपीएस अधिकारी रवि कुमार बताया। उसने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी ने उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया है और मुंबई पुलिस उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है। कुछ देर बाद दूसरी वीडियो कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। ठगों ने दंपती से उनकी संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी मांगी तथा कहा कि जांच पूरी होने तक उनकी रकम सरकारी कस्टडी में रखी जाएगी और बाद में लौटा दी जाएगी। ठगों ने दंपती को लगातार धमकाया कि उनके लोग आसपास नजर रख रहे हैं और यदि किसी को जानकारी दी तो तुरंत जेल भेज दिया जाएगा। डर के कारण दंपती बैंक पहुंचे, लेकिन पूरी प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉल चालू रही। बैंक परिसर में कार के अंदर बैठकर उन्होंने आरटीजीएस के जरिए 2.15 करोड़ रुपए ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
  • यूनिवर्सिटी में कल रहेगा वाहन मुक्त दिवस, शटल बस-ई-रिक्शा से मिलेगी Free सुविधा

    यूनिवर्सिटी में कल रहेगा वाहन मुक्त दिवस, शटल बस-ई-रिक्शा से मिलेगी Free सुविधा

    चंडीगढ़ः पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर को प्रदूषण मुक्त बनाने और ईंधन की बचत के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। ‘सेव पीयू कैंपेन’ के तहत अब हर बुधवार को यूनिवर्सिटी परिसर में ‘वाहन-मुक्त दिवस’ मनाया जाएगा। इस दिन छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से निजी वाहनों का उपयोग न करने की अपील की गई है। व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरे दिन मुफ्त शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि ई-रिक्शा रियायती दरों पर कैंपस में संचालित किए जाएंगे। पीयू के रजिस्ट्रार प्रो. वाई.पी. वर्मा ने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय के वेब पोर्टल पर सर्कुलर जारी कर दिया गया है।

    पहले से संचालित ई-रिक्शा चालकों को बुधवार के दिन विशेष रूप से नियमित सेवा देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्रों और कर्मचारियों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। दरअसल, पंजाब यूनिवर्सिटी का सेक्टर-14 और सेक्टर-25 स्थित परिसर करीब 550 एकड़ में फैला है, ऐसे में पूरे कैंपस में पैदल आना-जाना आसान नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शटल बस और ई-रिक्शा की व्यवस्था की है। साथ ही हॉस्टलों के बाहर साइकिल उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है। हालांकि, पहले खरीदी गई अधिकांश साइकिलें रखरखाव के अभाव में अनुपयोगी हो चुकी हैं।

    ट्रैफिक और ईंधन की खपत कम करने के लिए विश्वविद्यालय ने कई प्रशासनिक गतिविधियों को भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। रीजनल सेंटरों के साथ होने वाली बैठकों के अलावा छात्रों की काउंसलिंग भी ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, ताकि बाहरी आवाजाही कम हो और अनावश्यक ईंधन की बचत हो सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों से हर बुधवार निजी वाहन न लाने और कारपूलिंग अपनाने की अपील की है। नए नियमों के तहत निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग तक ही अनुमति दी जाएगी। विभागों और प्रशासनिक भवनों तक जाने के लिए शटल बस या ई-रिक्शा का उपयोग करना होगा। यदि किसी के पास वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होगी तो उसे परिसर के अंदर वाहन ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

  • कांग्रेस में फेरबदल, शुभम देवगन बनें पंजाब प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष

    कांग्रेस में फेरबदल, शुभम देवगन बनें पंजाब प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष

    चंडीगढ़ः पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर लगातार कांग्रेस हाईकमान की मीटिंग चल रही है। वहीं मीटिंग के दौरान कांग्रेस में फेरबदल देखने को मिला है। पार्टी हाईकमान ने राज्य में नई नियुक्ति की है। पंजाब युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के पद पर शुभम देवगन के नाम को मंजूरी दी गई है। शुभम देवगन मोहित मोहिंद्रा की जगह लेंगे। मोहित मोहिंद्रा से पहले बरिंदर सिंह ढिल्लों पंजाब युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे। शुभम देवगन की नियुक्ति इसलिए अहम है क्योंकि उन्हें पंजाब में कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का करीबी माना जाता है। युवा कांग्रेस के चुनाव में शुभम देवगन को अमरिंदर सिंह का समर्थन हासिल था जबकि गगनदीप सिंह का समर्थन पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कर रहे थे। चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

    करणवीर सिंह ढिल्लों के साथ प्रताप सिंह बाजवा का समर्थन होने की बात सामने आई थी। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व बहुत जल्द अमरिंदर सिंह को हटाकर किसी दूसरे नेता को राज्य में पार्टी की कमान सौंप सकता है। इस तरह शुभम देवगन की नियुक्ति को अमरिंदर सिंह के खेमे के लिए कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। पंजाब में अगले कुछ महीनों के भीतर विधानसभा के चुनाव होने हैं और इससे पहले पार्टी नेतृत्व संगठन में बदलाव की तैयारी में जुटा हुआ है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पंजाब कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के साथ पिछले कुछ दिनों में बातचीत कर चुके हैं।

    शुभम देवगन के अलावा गगनदीप सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और करणवीर सिंह ढिल्लों को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। युवा कांग्रेस के चुनाव नतीजे पिछले सप्ताह घोषित किए गए थे जिसमें देवगन को 1,60,154 वोट मिले थे। उन्होंने गगनदीप सिंह को मामूली अंतर से हराया था। गगनदीप को 1,56,271 वोट मिले। करणवीर सिंह ढिल्लों 94,181 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे। चुनाव में कुल 4,68,614 वोट डाले गए थे। युवा कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया में ज्यादा वोट हासिल करने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं मिलता। शीर्ष स्तर पर आए तीन उम्मीदवारों का कांग्रेस नेतृत्व द्वारा इंटरव्यू लिया जाता है और उसके बाद पार्टी हाई कमान इस मामले में फैसला लेता है। इसलिए देवगन की नियुक्ति अमरिंदर सिंह के गुट के लिए अहम है।

  • नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, देखें वीडियो

    नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक के प्रश्नकाल के दौरान पार्षदों ने शहर में पीने के पानी की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। सेक्टर-40 की पार्षद गुरबख्श रावत ने सदन में अपने वार्ड में कथित रूप से दूषित पानी की आपूर्ति का मामला उठाते हुए एक महिला की मौत का मुद्दा भी रखा। वहीं कांग्रेस ने सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर 20 हजार लीटर मुफ्त पानी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।+

    पार्टी का आरोप है कि नगर निगम हाउस से प्रस्ताव पारित होने के बावजूद इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी का लाभ मिलना उनका अधिकार है और प्रशासन को बिना किसी देरी के इस निर्णय को लागू करना चाहिए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

    इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर निगम हाउस के फैसले को तत्काल लागू करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने प्रशासन से नगर निगम हाउस के निर्णय का सम्मान करते हुए शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी की सुविधा शीघ्र लागू करने की मांग की।

     

  • Chandigarh और Jammu-Kashmir में लगे भूकंप के झटके, जानें क्या रही तीव्रता

    Chandigarh और Jammu-Kashmir में लगे भूकंप के झटके, जानें क्या रही तीव्रता

    चंडीगढ़ः चडीगढ़ में भूकंप के झटके महसूस किये गये है। साथ ही खबर आ रही है कि जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के झटके लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार 7 बजकर 8 मिनट पर लोगों ने ये झटके महसूस किये है। जिसके बाद घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आये। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर करीब 6.2 मापी गई और इसकी गहराई लगभग 215 किलोमीटर बताई जा रही है। फिलहाल चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

    दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा में भी लगे भूकंप झटके
    भूकंप का असर भारत, पाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान और किर्गिस्तान तक देखा गया। भारत में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया।

    घरों से बाहर निकले लोग
    जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा और जम्मू सहित कई इलाकों में हल्के से मध्यम झटके महसूस होने के बाद लोग एहतियातन घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। वहीं, दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में भी कुछ सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।

    अभी नुकसान की जानकारी नहीं
    फिलहाल जम्मू-कश्मीर या देश के अन्य प्रभावित क्षेत्रों से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप की पुष्टि की है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

     

     

     

     

     

     

     

  • मेयर के अपने वार्ड में निवासियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बुकिंग हेतु एक भी सामुदायिक केंद्र नहींः संदीप दहिया

    मेयर के अपने वार्ड में निवासियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बुकिंग हेतु एक भी सामुदायिक केंद्र नहींः संदीप दहिया

    चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी के नेता संदीप दहिया ने कहा कि वार्ड 12 के स्थानीय पार्षद, जो अब चंडीगढ़ के मेयर हैं, वार्ड 12 (सेक्टर 15, 16, 17 और 24) के कम्युनिटी सेंटरों की ओर न तो ध्यान दे रहे हैं और न ही उनकी कोई चिंता कर रहे हैं। संदीप दहिया ने बताया कि वार्ड 12 के निवासी, विशेष रूप से सेक्टर 15 के लोग, सेक्टर 15C स्थित कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि वह मरम्मत/नवीनीकरण के कार्य के कारण बंद है। यह नवीनीकरण कार्य दो वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ है। इसके कारण मेयर अप्रत्यक्ष रूप से वार्ड 12 (विशेषकर सेक्टर 15) के निवासियों को अपने पारिवारिक एवं सामाजिक कार्यक्रम वार्ड के बाहर आयोजित करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

    संदीप दहिया ने कहा कि यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि वार्ड 12 में नगर निगम के अधीन केवल दो कम्युनिटी सेंटर हैं। एक सेक्टर 16B में और दूसरा सेक्टर 15C में। लेकिन वार्ड 12 के निवासी न तो सेक्टर 16B के कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग कर सकते हैं और न ही सेक्टर 15C के कम्युनिटी सेंटर की। सेक्टर 16B में कई उच्च पदस्थ लोग रहते हैं और स्थानीय निवासियों की शिकायतों के कारण वहां तेज़ संगीत की अनुमति नहीं है। वहीं सेक्टर 15C का कम्युनिटी सेंटर अभी भी नवीनीकरण के अधीन है। संदीप दहिया ने कहा कि वार्ड 12 में सेक्टर 15, 16, 17 और 24 शामिल हैं, लेकिन सेक्टर 17 और सेक्टर 24 में नगर निगम द्वारा संचालित कोई भी कम्युनिटी सेंटर नहीं है। इन दोनों सेक्टरों के निवासी भी वार्ड 12 के स्थानीय पार्षद, जो अब चंडीगढ़ के मेयर हैं, की कार्यशैली के कारण अपने कार्यक्रम वार्ड के बाहर आयोजित करने के लिए मजबूर हैं।

    संदीप दहिया ने कहा कि वार्ड 12 के स्थानीय पार्षद, जो अब चंडीगढ़ के मेयर हैं, ने चुनाव जीतने के बाद सेक्टर 24 में नया कम्युनिटी सेंटर बनाने का वादा किया था। लेकिन चार वर्ष छह महीने बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ है। इसके कारण सेक्टर 24 के निवासियों को दूसरे सेक्टरों के कम्युनिटी सेंटरों या होटलों की बुकिंग करनी पड़ती है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्हें परिवहन, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। साथ ही, सभी व्यवस्थाओं को संभालने में समय की भी काफी बर्बादी होती है।

    संदीप दहिया ने कहा कि वार्ड 12 के वरिष्ठ नागरिक भी अपनी मासिक बैठकों और सामाजिक मिलन कार्यक्रमों के आयोजन में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्हें अपनी मासिक बैठकों के लिए दूसरे सेक्टरों में जाना पड़ता है, जो वरिष्ठ नागरिकों के हितों के लिए उचित नहीं है। कई वरिष्ठ नागरिक स्वयं वाहन नहीं चला सकते और न ही बार-बार कैब बुक करने में सक्षम हैं। संदीप दहिया ने चंडीगढ़ के प्रशासक और नगर निगम आयुक्त से मांग की कि सेक्टर 15C के कम्युनिटी सेंटर का नवीनीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि सेक्टर 15 के निवासी और वरिष्ठ नागरिक इसकी बुकिंग कर सकें। साथ ही, सेक्टर 16B के कम्युनिटी सेंटर में कार्यक्रमों के लिए तेज़ संगीत की अनुमति के साथ बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, सेक्टर 24 में निवासियों के मेहमानों के लिए 5–6 कमरों सहित एक नया कम्युनिटी सेंटर बनाया जाए।

  • 500 मीटर लंबा हाईलेवल पुल बनने से बारिश में नहीं टूटेगा संपर्क, लोगों को ट्रैफिक से मिलेंगी राहत

    500 मीटर लंबा हाईलेवल पुल बनने से बारिश में नहीं टूटेगा संपर्क, लोगों को ट्रैफिक से मिलेंगी राहत

    चंडीगढ़ः मनीमाजरा और सेक्टर-26 के बीच सुखना चोए पर बने मौजूदा लो-लेवल काजवे पर करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से 4लेन वाला हाईलेवल पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुल सेक्टर-26 के टी-पॉइंट को मनीमाजरा के शास्त्री नगर से जोड़ेगा। ऐसे में जल्द ही लोगों को ट्रैफिक की समस्या से राहत मिलने वाली है। दरअसल, पुल बनने के बाद बारिश और बाढ़ के दौरान भी मनीमाजरा, पंचकूला और आईटी पार्क के बीच यातायात निर्बाध रहेगा। प्रशासन ने निर्माण एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और परियोजना को एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रस्तावित पुल लगभग 500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा होगा। इसमें चार लेन के अलावा दोनों ओर साइकिल ट्रैक और दो-दो मीटर चौड़े पैदल मार्ग बनाए जाएंगे। यातायात को सुगम बनाने के लिए सेक्टर-26 जंक्शन को करीब दो मीटर ऊंचा किया जाएगा। साथ ही ट्रांसपोर्ट चौक की ओर स्लिप रोड और सेक्टर-26 से मनीमाजरा जाने वाले वाहनों के लिए फ्री लेफ्ट टर्न भी बनाया जाएगा। मौजूदा कॉजवे हर वर्ष भारी बारिश के दौरान पानी में डूब जाता है, जिससे चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच संपर्क बाधित हो जाता है।

    वर्ष 2023 की मानसूनी बाढ़ में सुखना झील से पानी छोड़े जाने के कारण यह कॉजवे क्षतिग्रस्त हो गया था और कई दिनों तक यातायात बंद रखना पड़ा था। इसके बाद प्रशासन ने विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन और ट्रैफिक सर्वे कराकर हाईलेवल पुल की योजना तैयार की। यह मार्ग पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क से आने-जाने वाले हजारों वाहनों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, हरियाणा सचिवालय, सुखना लेक और उत्तरी सेक्टरों तक पहुंचना आसान होता है। प्रशासन का कहना है कि नया पुल शहर को बाढ़ के दौरान भी सुरक्षित और निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराएगा तथा ट्रैफिक जाम की समस्या में भी काफी कमी आएगी।

  • हज़ूर साहिब एक्ट-2026 से पीछे हटी सरकार, किया फ़ैसला

    हज़ूर साहिब एक्ट-2026 से पीछे हटी सरकार, किया फ़ैसला

    चंडीगढ़: प्रस्तावित हज़ूर साहिब एक्ट-2026 को लेकर उठे विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिल को महाराष्ट्र विधानसभा में पेश करने से पहले सिख धार्मिक जत्थेबंदियों, विद्वानों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ व्यापक सलाह-मशविरा किया जाएगा। इस फैसले का भाजपा पंजाब के प्रभारी केवल सिंह ढिल्लो ने स्वागत करते हुए इसे सिख भावनाओं का सम्मान बताया है। केवल सिंह ढिल्लो ने कहा कि तख़्त श्री हज़ूर साहिब से संबंधित किसी भी कानूनी ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले सिख पंथ की राय लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कानूनी या प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों सिखों की आस्था और धार्मिक विरासत से जुड़ा संवेदनशील विषय है।

    जानकारी के अनुसार इस मुद्दे पर हुई उच्च स्तरीय चर्चा में केवल सिंह ढिल्लो टेलीफोन के जरिए शामिल हुए। उन्होंने ज़ोर दिया कि नए कानून से पहले सिख प्रतिनिधियों, धार्मिक संस्थाओं और विद्वानों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। यह चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह की पहल पर हुई, जिन्होंने सिख समुदाय की चिंताओं को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस तक पहुंचाया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को इस मामले पर समन्वय और विस्तृत चर्चा की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके बाद सिख जत्थेबंदियों और अन्य पक्षों के साथ सलाह-मशवरे के लिए एक कमेटी बनाने पर सहमति बनी है।

    ढिल्लो ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने सिख समुदाय की चिंताओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि गठित कमेटी सभी पंथिक पक्षों की राय सुनेगी और भविष्य में तैयार होने वाला कानूनी ढांचा सिख समुदाय की भावनाओं और विश्वास पर खरा उतरेगा। केवल सिंह ढिल्लो ने कहा कि हज़ूर साहिब सिर्फ एक धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि सिख आस्था, सम्मान और विरासत का प्रतीक है। इससे जुड़ा हर फैसला सहमति से होना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनाई जाने वाली कमेटी सिख जत्थेबंदियों, विद्वानों और अन्य संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही बिल को अंतिम रूप देगी।

  • Punjab News: CM Mann का ऐलान, अब सरपंचों के बाद पार्षदों को मिलेंगी राहत

    Punjab News: CM Mann का ऐलान, अब सरपंचों के बाद पार्षदों को मिलेंगी राहत

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश के काउंसलरों (पार्षदों) के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। सरपंचों के मानदेय में वृद्धि करने के बाद अब सरकार ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों के काउंसलरों का मानदेय भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस ऐलान से स्थानीय सरकारों से जुड़े प्रतिनिधियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसलर शहरों के विकास, लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके मानदेय में वृद्धि करना समय की आवश्यकता थी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से काउंसलर और अधिक उत्साह के साथ जनता की सेवा कर सकेंगे और शहरी विकास कार्यों को अधिक गति मिलेगी।

    हालांकि, बढ़े हुए मानदेय की राशि और इसे लागू करने की तारीख के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी। इससे पहले पंजाब सरकार ने गांवों के सरपंचों और पंचों के मानदेय में भी वृद्धि की थी। अब काउंसलरों के लिये लिया गया यह फैसला स्थानीय सरकारों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।