Category: Sports
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श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान, पहली बार 2 नए खिलाड़ियों को मिली जगह
नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम का एलान कर दिया है। इस टीम में दो खिलाड़ियों को पहली बार जगह मिली है। वहीं वनडे डेब्यू कर प्रभावित करने वाले गुरनूर बराड़ को भी टेस्ट टीम में जगह मिली है। अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने वनडे डेब्यू किया था और फिर इंग्लैंड भी गए थे। अब वह श्रीलंका भी जाएंगे, लेकिन जर्सी का रंग अलग होगा। वहीं सारांश जैन को भी पहली बार टेस्ट टीम में मौका मिला है। मध्य प्रदेश से आने वाले इस ऑलराउंडर ने लगातार प्रभावित किया है।
उनको सुंदर की जगह टीम में जगह मिली है। सारांश ऑफ स्पिनर हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सीरीज से पहले, टीम 7 अगस्त से कोलंबो में 4 दिनों का एक प्रैक्टिस मैच खेलेगी। वॉशिंगटन सुंदर का नाम टीम में नहीं है। शुभमन गिल की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली है। दोनों टीमों के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी, जिसका आगाज 15 अगस्त से होना तय है। बीसीसीआई की ओर से आज यानी 28 जुलाई को 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। लाल गेंद के खेल में बदलाव के दौर से गुजर रही भारतीय टीम में सारंश जैन की एंट्री हुई है। वह संभावित रूप से वाशिंग्टन सुंदर की जगह लेते हुए नजर आएंगे जो चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मो. सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन शामिल हैं। भारतीय टेस्ट स्क्वाड के ऐलान के साथ ही कुछ अहम खिलाड़ियों की स्थिति को लेकर भी अपडेट जारी किया गया है। साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता बीसीसीआई सीओई (BCCI COE) से मिलने वाले फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी।
बता दें कि इंदौर के रहने वाले सारांश जैन घरेलू क्रिकेट के सबसे कामयाब खिलाड़ियों में से एक हैं। वह ऑफब्रेक गेंदबाजी के साथ ही निचले क्रम में बल्लेबाजी से भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं। मुख्य तौर से उन्हें लाल गेंद के खेल का स्पेशलिस्ट माना जाता है। यह उनके आंकड़ों में भी झलकता है। फर्स्ट क्लास में उन्होंने 54 मैचों की 97 पारियों में 188 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया है। वहीं 85 पारियों में 31 की औसत से 2223 रन भी बनाए हैं। खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में सारांश 2 शतक और 14 फिफ्टी लगा चुके हैं। इसके अलावा लिस्ट-ए और टी20 में उन्होंने क्रमश: 38 और 18 विकेट अपने खाते में जोड़े। जैन उन खिलाड़ियों से अलग हैं, जिन्होंने आईपीएल की चकाचौंध से अपना नाम नहीं बनाया। बल्कि घरेलू क्रिकेट के संघर्ष से आगे आए हैं। 33 साल की उम्र में उनके लिए नेशनल टीम के दरवाजे खुले हैं। देखना दिलचस्प होगा कि उनका करियर कैसा गुजरता है।
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Commonwealth Games 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर मेडल, भारत को दिलाया पांचवां पदक
खेल डेस्कः भारत की युवा स्टार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन से भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। इसके साथ ही ज्ञानेश्वरी इस संस्करण में पदक जीतने वाली चौथी भारतीय वेटलिफ्टर भी बन गई हैं। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड, जबकि ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया था। कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर जीता सिल्वर ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रतियोगिता में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस मुकाबले में नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने कुल 206 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं कनाडा की रेबेका ग्रौलक्स ने 178 किलोग्राम वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
स्नैच राउंड में दिखाई दमदार शुरुआत 23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच राउंड की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 82 किलोग्राम वजन आसानी से उठा लिया। इसके बाद दूसरे प्रयास में 85 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 88 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इस तरह स्नैच राउंड में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88 किलोग्राम रहा। हालांकि, इस राउंड के बाद वह पहले स्थान पर नहीं पहुंच सकीं, क्योंकि नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने 93 किलोग्राम वजन उठाकर बढ़त बना ली थी। क्लीन एंड जर्क में आखिरी तक चली कड़ी टक्कर क्लीन एंड जर्क राउंड में ज्ञानेश्वरी ने शानदार शुरुआत करते हुए 103 किलोग्राम वजन उठाया और कुछ समय के लिए लीडरबोर्ड में सबसे ऊपर पहुंच गईं। लेकिन नाइजीरिया की डिडिह ने अपने पहले प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाकर फिर से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ज्ञानेश्वरी ने दूसरे प्रयास में 107 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया, लेकिन वह फिर भी दूसरे स्थान पर ही बनी रहीं। नाइजीरिया की खिलाड़ी ने अगली कोशिश में 110 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल लगभग पक्का कर लिया। आखिरी प्रयास में भी दिखाई शानदार हिम्मत मुकाबले के आखिरी प्रयास में ज्ञानेश्वरी यादव ने पूरा दम लगाते हुए 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और कुल 199 किलोग्राम के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। हालांकि उनका यह प्रयास गोल्ड मेडल दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था, लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया। छत्तीसगढ़ से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। उन्होंने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की और लगातार मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई। फिलहाल वह पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NS NIS) में राष्ट्रीय कोचिंग कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण ले रही हैं। भारत के लिए गर्व का पल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव का यह सिल्वर मेडल भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने न केवल देश को पांचवां पदक दिलाया, बल्कि यह भी साबित किया कि भारत की नई पीढ़ी की महिला वेटलिफ्टर अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी से कम नहीं हैं। उनके इस प्रदर्शन से आने वाले वर्षों में भारतीय वेटलिफ्टिंग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।Gyaneshwari Yadav Wins Silver Medal. The Indian weightlifter clinched the silver medal in the women’s 53kg weightlifting event at the Commonwealth Games in Glasgow, adding another medal to India’s tally. #Glasgow2026 #Cheer4Bharat pic.twitter.com/FeT6cWNvdJ
— BJP SC MORCHA भाजपा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा (@BJPSCMorcha) July 27, 2026 -

Test Match में WestIndies पर भारी पड़ा PAK, तीन विकेट पर पड़ोसी देश ने बनाए 199 रन
खेल: पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इस टेस्ट के पहले दिन वेस्टइंडीज पर मैच भारी रहा है परंतु दूसरे दिन पाकिस्तान की ओर से पलटवार किया गया। इसके अलावा बाबर आजम की टीम का भी पलड़ा भारी हो गया। दूसरे दिन वेस्टइंडीज की टीम पहली पारी में 311 रनों पर ऑलआउट हुई है। पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने सभी 10 विकेट चटकाएं हैं। इसके बाद दिन का खेल खत्म होने तक पाकिस्तान ने तीन विकेट पर 199 रन बना लिए हैं। पूर्व कप्तान शान मसूद 88 रनों पर टिके रहे।पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने झटके कई विकेट
वेस्टइंडीज के लिए पहली पारी में केवम हॉज ने 84 और शाई होप ने 92 रनों की पारी खोली है। दोनों शतक से चूक गए हैं। अंत में तेज गेंदबाज शमार जोसेफ ने 13 गेंद में 4 चौकों और एक छक्के की बदौलत 23 रनों की जरुरी पारी खेली। पाकिस्तान के लिए गेंदबाजी में मोहम्मद अली ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके हैं। इसके अलावा मोहम्मद अब्बास को तीन और खुर्रम शहजाद को दो विकेट मिले हैं। आमेर जमाल ने एक विकेट भी निकाला है और ऐसे ही सभी 10 विकेट पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों की ओर से लिए गए हैं।88 रनों पर नाबाद हैं
पाकिस्तान की बैटिंग शुरुआत में ही खराब रही। अजान ओवैस 0 पर आउट हो गए। 1 रन पर पहला विकेट गिरा परंतु फिर इमाम उल हक और शान मसूद के बीच में 155 रनों की साझेदारी हुई है। इमाम ने 102 गेंद में 63 रनों की पारी खेली है. उनके बल्ले से 7 चौके निकले हैं। शान मसूद 137 गेंद में 11 चौकों के साथ 88 रनों पर नाबाद है। कप्तान बाबर आजम का बल्ला नहीं चला परंतु लंबे समय के बाद दोबारा से कप्तान बने बाबर आजम ने 38 गेंद में तीन चौकों की मदद से 23 रन बनाकर आऊट हो गए। उन्हें जेडन सील्स ने आउट कर दिया। वहीं शान मसूद के साथ अली आगा भी नाबाद लौटे वहीं सलमान का खाता ही नहीं खुला है। -

India vs Zim: दूसरे T-20 मुकाबले में Abhishek Sharma ने बनाया महारिकॉर्ड
तीन मैचों की सीरीज की अपने नाम
खेल: भारतीय टीम के स्टार अभिषेक शर्मा ने जिम्बाव्बे के खिलाफ दूसरे टी-20 के मुकाबले में ऐसा कारनामा कर दिखाया है। उनसे पहले कोई भी भारतीय ओपनर नहीं कर सका था। बल्लेबाजी में सस्ते में आउट होने के बाद अभिषेक ने गेंद से जबरदस्त वापसी की और टी-201 इंटरनेशनल में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। अभिषेक शर्मा ने 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 विकेट झटके और भारत की 90 रनों की शानदार जीत के सबसे बड़े नायकों में शामिल रहे हैं। उनकी खतरनाक गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरज अपने नाम कर ली है। टी-20 इंटरनेशनल में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी आंकड़े दर्ज करने वाली भारतीय सलामी बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में सभी भारतीय ओपनरों को पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ अभिषेक का नाम भारतीय क्रिकेट के दो महान ऑलराउंडरों वीनू मांकड़ और रवि शास्त्री की खास सूची में शामिल हो गया है। मैच की शुरुआत अभिषेक शर्मा के लिए अच्छी नहीं रही है। भारतीय ओपनर को तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी ने 8 रनों की निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया है। तब ऐसा लगा कि उनका दिन खराब रहने वाला है लेकिन गेंद हाथ में आते ही अभिषेक ने पूरी कहानी बदल दी है। कप्तान ने उन्हें पार्ट टाइम स्पिनर के रुप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया है। अपनी सटीक लाइन लेंथ और विविधता से उन्होंने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया है।लगातार बनाए रखा दबाव
अभिषेक शर्मा ने लगातार दबाव बनाए रखा और तीन अहम विकेट लेकर मेजबान टीम की वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दी है। इससे पहले भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने सिर्फ 29 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। ऐसे मुश्किल समय में ईशान किशन और तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली है।ईशान किशन ने संभाली पारी
ईशान किशन ने पहली पारी को संभाला है। इसके बाद फिर आक्रामक अंदाज में खेलते हुए 81 रनों की शानदार पारी खेली है। दूसरी ओर तिलक वर्मा ने नाबाद 60 रन बनाए हैं। दोनों की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 219 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया है। 220 रनों के लक्ष्य को पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत आक्रामक रही परंतु भारतीय गेंदबाजों ने जल्द ही मैच पर पकड़ बना ली है। यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट झटके वहीं अभिषेक शर्मा ने तीन विकेट लेकर जीत की पटकथा लिखी। भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 129 रनों पर समेट दिया है। भारती ने 90 रनों की बड़ी जीत दर्ज करते हुए सीरीज भी अपने नाम कर ली है। -

टी-20 में छाए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान Jos Butler, गेल को पीछे छोड़ बनाया रिकॉर्ड
खेल: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर ने टी-20 क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है। द हंड्रेड 2026 में मैनचेस्टर सुपर जॉयंट्स और लंदन स्पिरिट के बीच में खेले गए है। इस मुकाबले के दौरान उन्होंने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 23 जुलाई को लंदन के लॉडर्स मैदान पर आयोजित इस मैदान पर आयोजित इस मैच में बटलर ने मैनचेस्टर सुपर जॉयंट्स के लिए 11 गेंदों पर सिर्फ 16 रन बनाए हैं परंतु यही छोटी पारी उनको रिकॉर्ड बुक में ऊपर ले जाने के लिए काफी रह चुकी है।बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंचे जोस बटलर
बता दें कि जोस बटलर ने वेस्टइंडीज के सबसे महान बल्लेबाज क्रिस गिल को पीछे छोड़ दिया है और वह टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं। बटलर के नाम अब 487 टी20 पारियों में 14572 रन बन गए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 146.74 रहा है वहीं उन्होंने 9 शतक और 102 अर्धशतक भी जड़े हैं।तीसरे नंबर पर पहुंचे गेल
लंबे समय तक इस लिस्ट में शीर्ष रहने वाले क्रिस गेल अब तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। गेल ने 455 टी-20 पारियों में 14562 रन बनाए थे। उनके नाम पर 22 शतक और 88 अर्धशतक दर्ज हैं। बटलर इस समय टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने से सिर्फ 231 रन दूर है। पहले नंबर पर कीरेन पोलार्ड के नाम पर 14803 रन है। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए बटलर के पास इस सीजन में ही पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका है। बता दें कि कुछ समय पहले तक जोस बटलर अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। रन नहीं बन रहे थे और इस साल टी20 विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 8 पारियों में सिर्फ 87 रन बनाए थे और उनका औसत सिर्फ 10.67 ही रहा है परंतु आईपीएल 2026 उनकी लिए पूरी तरह से बदलाव लेकर आया है।गुजरात टाइटन्स के लिए भी खेल चुके हैं बटलर
आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटन्स के लिए खेलते हुए जोस बटलर ने 152.46 की स्ट्राइक रेट से 526 रन बनाए हैं। इसके बाद अब भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 64 गेंदों पर नाबाद 131 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। जोस बटलर का दबदबा सिर्फ फ्रेंचाइजी क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है इंग्लैंड के लिए उन्होंने 160 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 4212 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 28 अर्धशतक निकले। टी-20 इटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ बाबर आजम (4596) रन और रोहित शर्मा (4231 रन) हैं। 35 साल के बटलर इंग्लैंड के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 3000 और 4000 रनों का आंकड़ा पार कर लिया है। -

टी-20 में छाए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान Jos Butler, गेल को पीछे छोड़ बनाया रिकॉर्ड
खेल: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर ने टी-20 क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है। द हंड्रेड 2026 में मैनचेस्टर सुपर जॉयंट्स और लंदन स्पिरिट के बीच में खेले गए है। इस मुकाबले के दौरान उन्होंने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 23 जुलाई को लंदन के लॉडर्स मैदान पर आयोजित इस मैदान पर आयोजित इस मैच में बटलर ने मैनचेस्टर सुपर जॉयंट्स के लिए 11 गेंदों पर सिर्फ 16 रन बनाए हैं परंतु यही छोटी पारी उनको रिकॉर्ड बुक में ऊपर ले जाने के लिए काफी रह चुकी है।बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंचे जोस बटलर
बता दें कि जोस बटलर ने वेस्टइंडीज के सबसे महान बल्लेबाज क्रिस गिल को पीछे छोड़ दिया है और वह टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं। बटलर के नाम अब 487 टी20 पारियों में 14572 रन बन गए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 146.74 रहा है वहीं उन्होंने 9 शतक और 102 अर्धशतक भी जड़े हैं।तीसरे नंबर पर पहुंचे गेल
लंबे समय तक इस लिस्ट में शीर्ष रहने वाले क्रिस गेल अब तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। गेल ने 455 टी-20 पारियों में 14562 रन बनाए थे। उनके नाम पर 22 शतक और 88 अर्धशतक दर्ज हैं। बटलर इस समय टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने से सिर्फ 231 रन दूर है। पहले नंबर पर कीरेन पोलार्ड के नाम पर 14803 रन है। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए बटलर के पास इस सीजन में ही पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका है। बता दें कि कुछ समय पहले तक जोस बटलर अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। रन नहीं बन रहे थे और इस साल टी20 विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 8 पारियों में सिर्फ 87 रन बनाए थे और उनका औसत सिर्फ 10.67 ही रहा है परंतु आईपीएल 2026 उनकी लिए पूरी तरह से बदलाव लेकर आया है।गुजरात टाइटन्स के लिए भी खेल चुके हैं बटलर
आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटन्स के लिए खेलते हुए जोस बटलर ने 152.46 की स्ट्राइक रेट से 526 रन बनाए हैं। इसके बाद अब भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 64 गेंदों पर नाबाद 131 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। जोस बटलर का दबदबा सिर्फ फ्रेंचाइजी क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है इंग्लैंड के लिए उन्होंने 160 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 4212 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 28 अर्धशतक निकले। टी-20 इटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ बाबर आजम (4596) रन और रोहित शर्मा (4231 रन) हैं। 35 साल के बटलर इंग्लैंड के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 3000 और 4000 रनों का आंकड़ा पार कर लिया है। -

रोहित शर्मा पहुंचे द हंड्रेड लीग, नीता अंबानी के साथ देखा MI लंदन का मैच, पूरन-करन ने 40 गेंदों में रचा इतिहास
नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा अभी भी इंग्लैंड में हैं। इस दौरान वह 21 जुलाई से शुरू हुई प्रतिष्ठित क्रिकेट लीग द हंड्रेड 2026 के उद्घाटन मुकाबले का आनंद लेते नजर आए। रोहित शर्मा लंदन के ओवल मैदान में MI लंदन और सनराइजर्स लीड्स के बीच खेले गए पहले मैच को देखने पहुंचे, जहां उन्होंने टीम की मालकिन नीता अंबानी के साथ बैठकर मुकाबला देखा। उनकी मौजूदगी में MI लंदन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सनराइजर्स लीड्स को 7 विकेट से हरा दिया।
मैच के दौरान रोहित शर्मा की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। MI लंदन ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर रोहित के स्टेडियम पहुंचने का वीडियो साझा किया। ओवल स्टेडियम के बाहर भी भारतीय कप्तान को देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस पहुंचे, जिन्होंने उनके साथ फोटो और सेल्फी लेने की कोशिश की।
MI लंदन ने 7 विकेट से दर्ज की शानदार जीत
द हंड्रेड लीग का पहला मुकाबला 100-100 गेंदों के प्रारूप में खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स लीड्स की टीम पूरे 100 गेंद भी नहीं खेल सकी और 99 गेंदों में 143 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
MI लंदन की ओर से गेंदबाज रिचर्ड ग्लीसन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 गेंदों में 25 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं कप्तान सैम करन ने भी गेंद से अहम योगदान देते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। दोनों गेंदबाजों की बदौलत सनराइजर्स लीड्स बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
144 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी MI लंदन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 44 गेंदों पर 51 रन तक अपने तीन प्रमुख बल्लेबाज विल जैक्स, जेम्स विंस और जेसन रॉय के विकेट गंवा दिए थे। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला रोमांचक हो सकता है, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी करने आए निकोलस पूरन और कप्तान सैम करन ने मैच का पूरा रुख बदल दिया।
पूरन और सैम करन ने 40 गेंदों में बनाई रिकॉर्ड साझेदारी
तीसरे विकेट के बाद निकोलस पूरन और सैम करन ने सनराइजर्स लीड्स के गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने केवल 40 गेंदों में नाबाद 93 रन की साझेदारी कर टीम को आसान जीत दिला दी। यह MI लंदन के लिए चौथे विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी भी बन गई।
निकोलस पूरन ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे और उनका स्ट्राइक रेट 263.63 का रहा। दूसरी ओर कप्तान सैम करन ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 39 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 3 छक्के लगाए।
पूरन और करन की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत MI लंदन ने 144 रन का लक्ष्य सिर्फ 84 गेंदों में ही हासिल कर लिया और मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। निकोलस पूरन ने बल्लेबाजी के अलावा फील्डिंग में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच के दौरान दो शानदार कैच लपके, जिसके चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। वहीं कप्तान सैम करन ने गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
रोहित शर्मा की मौजूदगी में मिली इस शानदार जीत ने MI लंदन के अभियान की दमदार शुरुआत कराई है। अब टीम अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखना चाहेगी, जबकि रोहित शर्मा की स्टेडियम में मौजूदगी ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच इस मुकाबले को और भी खास बना दिया।
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Spain vs Argentina: फेरान टोरेस के गोल से स्पेन ने रचा इतिहास, बना फुटबॉल विश्व चैंपियन
ईस्ट रदरफोर्डः फुटबॉल विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेरान टोरेस के निर्णायक गोल ने स्पेन को दूसरा विश्व कप खिताब दिलाया, जबकि लियोनेल मेस्सी का लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने का सपना टूट गया।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार रक्षण करने वाली स्पेनिश टीम ने फाइनल में भी अर्जेंटीना को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन अतिरिक्त समय में स्थानापन्न खिलाड़ी फेरान ने शानदार शॉट लगाकर स्पेन को बढ़त दिलाई। अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज इस प्रयास को रोक नहीं सके।
टोरेस 75वें मिनट में मैदान पर उतरे और अतिरिक्त समय में निको विलियम्स के हेडर से मिले पास को गोल में बदल दिया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि ये गोल मैंने नहीं, स्पेन के 4.7 करोड़ लोगों ने किया है।
स्पेन ने पूरे विश्व कप में आठ मैचों के दौरान केवल एक गोल गंवाया और किसी भी विश्व चैंपियन द्वारा सबसे कम गोल खाने का नया रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही स्पेन लगातार 38 अंतरराष्ट्रीय मैचों से अपराजित है, जिसमें 29 जीत और नौ ड्रॉ शामिल हैं। यह किसी भी यूरोपीय टीम का सबसे लंबा अपराजेय अभियान है।
39 वर्षीय लियोनेल मेस्सी पहले ही संकेत दे चुके थे कि यह उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है। फाइनल हारने के बाद उपविजेता पदक लेते समय उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा कि हमें दुख है, लेकिन स्पेन ने बेहतर खेल दिखाया। हमने पूरी कोशिश की और अपने देश के लिए सब कुछ दिया। फाइनल में स्पेन के मजबूत डिफेंस के सामने मेस्सी प्रभाव नहीं छोड़ सके और अर्जेंटीना पूरे मैच में एक भी बड़ा आक्रमण नहीं बना सकी।
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Fifa World Cup के फाइनल से पहले Lionel Messi का Emotional Post, टीम का किया धन्यवाद
खेल: स्पेन के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले से पहले अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने पूरी टीम के नाम एक भावुक संदेश शेयर किया है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ट्रॉफियों से ज्यादा उस सफर और रिश्तों को खास बताया है जो उन्होंने राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए हुए हैं।मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ मिला
लियोनेल मेसी ने लिखा है कि – ‘इन सालों की सबसे खूबसूरती बात सिर्फ खिताब नहीं रहे हैं बल्कि यह पूरा सफर रहा है। इस टीम के साथ हर दिन बिताना साथ में मिलकर संघर्ष करना, मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देना और हर पल का आनंद लेना सबसे खास रहा है’। इसके अलावा लियोनेल मेसी ने कोचिंग स्टाफ और पर्दे के पीछे काम करने वाले सभी लोगों का आभार जताया है। मेसी के अनुसार, पूरी टीम एक परिवार की तरह से है और यही एकजुटता अर्जेंटीना की लगातार सफलता का सबसे बड़ा कारण रह चुकी है। उन्होंने आगे लिखा कि – ‘मेरे सभी साथियों, कोचिंग स्टाफ और उन सभी लोगों का धन्यवाद जो हर दिन उस राष्ट्रीय टीम को एक परिवार बनाए रखने के लिए काम करते हैं’।View this post on Instagramटीम के सफर की बात
इसके अलावा फाइनल से पहले लियोनेल मेसी ने जीत-हार से ऊपर उठकर टीम के सफर की बात की है। मेसी के अनुसार, परिणाम चाहे जो भी हो। यह टीम पहले ही इतिहास रच चुकी है। मेसी ने अपने संदेश में लिखा कि – ‘कल जो भी हो इस टीम ने ऐसी कहानी लिख दी है जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे और जिसे कोई मिटा नहीं सकेगा’।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ संदेश
लियोनेल मेसी का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दुनियाभर के फैंस ने उन्हें शुभकामनाएं दी और कई लोगों ने इसे उनके अंतरराष्ट्रय करियर से संभावित विदाई का संकेत भी माना है। मेसी की पत्नी एंटोनेला रोकुजो भी इस पोस्ट को पढ़कर भावुक हो गई है और उन्होंने इमोजी के जरिए अपनी भावनाएं शेयर की हैं। यदि अर्जेंटीना स्पेन को हराकर वर्ल्ड कप जीतने में सफल रहता है तो यह मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का यादगार और ऐतिहासिक विदाई पल भी बन सकता है। यदि अर्जेंटीना स्पेन को हराकर वर्ल्ड कप जीतने में सफल रहेगा तो यह मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का यादगार और ऐतिहासिक विदाई पल भी बन सकता है।
