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  • मान सरकार की “ऑनलाइन मिलनी” विदेशों में बसे पंजाबियों के लिए बनी भरोसेमंद मंच

    मान सरकार की “ऑनलाइन मिलनी” विदेशों में बसे पंजाबियों के लिए बनी भरोसेमंद मंच

    एनआरआई मामलों के मंत्री ने संपत्ति विवाद, वैवाहिक मामलों और पेंशन संबंधी शिकायतें सुनीं; अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा एनआरआई समुदाय के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज सरकार की मासिक “ऑनलाइन मिलनी” के दौरान विदेशों में बसे पंजाबियों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतें और समस्याएं सुनीं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं के पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि विभिन्न देशों में रह रहे पंजाबियों ने इस ऑनलाइन मिलनी में भाग लेकर अपनी शिकायतें साझा कीं। बैठक के दौरान संपत्ति एवं भूमि विवाद, वैवाहिक मामलों, धोखाधड़ी तथा अन्य व्यक्तिगत मामलों से संबंधित शिकायतें सुनी गईं।

    उन्होंने आगे बताया कि पंजाब सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी रहे एनआरआई पंजाबियों ने अपनी पेंशन से संबंधित समस्याएं भी उठाईं। इनमें विदेश में रहने के कारण वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त न होने की समस्या तथा पेंशन सत्यापन (वेरिफिकेशन) प्रक्रिया से जुड़ी अन्य तकनीकी कठिनाइयां शामिल थीं। इस बात पर जोर देते हुए कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना ही नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है, डॉ. रवजोत सिंह ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत की प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से जांच करने तथा नियमों के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मासिक “ऑनलाइन मिलनी” पहल पंजाब सरकार और विदेशों में बसे पंजाबियों के बीच संपर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक भरोसेमंद और प्रभावी मंच के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि सरकार एनआरआई समुदाय के अधिकारों एवं हितों की रक्षा, उनकी शिकायतों के शीघ्र निपटारे तथा पंजाब के साथ उनके संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस ऑनलाइन मिलनी के दौरान एनआरआई मामलों के सचिव मोहम्मद तैयब, एडीजीपी एनआरआई विंग आर.के. जायसवाल, एनआरआई मामलों की विशेष सचिव श्रीमती अमनदीप कौर तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

     

  • विजिलेंस ब्यूरो ने जून माह के दौरान रिश्वतखोरी के 6 मामलों में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया

    विजिलेंस ब्यूरो ने जून माह के दौरान रिश्वतखोरी के 6 मामलों में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अपने अभियान के तहत जून माह के दौरान 6 अलग-अलग ट्रैप मामलों में रिश्वत लेते हुए पांच सरकारी अधिकारियों तथा एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों काबू करने में सफलता प्राप्त की है। आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो ने इस अवधि के दौरान सरकारी कर्मचारियों तथा सभी क्षेत्रों से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए अपने प्रयास पूरी दृढ़ता से जारी रखे हैं।

    प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो ने पिछले महीने विभिन्न सक्षम न्यायालयों में विजिलेंस के 15 मामलों से संबंधित चालान प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने आगे बताया कि 15 आरोपियों के विरुद्ध 9 आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिनमें 13 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। अधिक जानकारी साझा करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि पिछले महीने एक सक्षम न्यायालय ने ब्यूरो द्वारा दर्ज एवं पैरवी किए गए एक रिश्वतखोरी मामले में फैसला सुनाते हुए छह व्यक्तियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने सभी दोषियों को 5-5 वर्ष के कारावास तथा 27,000 रुपये से 31,000 रुपये तक के जुर्माने की सजा सुनाई।

  • हरदीप सिंह मुंडियां ने जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के 52 नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे

    हरदीप सिंह मुंडियां ने जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के 52 नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे

    चंडीगढ़ : पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने आज विभाग के 52 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। पंजाब भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि ये नियुक्तियाँ न केवल विभाग में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने में सहायक साबित होंगी, बल्कि विभाग की चल रही और नई परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन 52 उम्मीदवारों की भर्ती तरस के आधार पर नौकरी देने संबंधी नीति के तहत की गई है। नियुक्त किए गए उम्मीदवारों में 3 जूनियर नक्शा नवीस, 9 क्लर्क, 31 सेवादार, 1 सफाई सेवक, 7 जूनियर तकनीशियन और 1 हेल्पर तकनीशियन शामिल हैं। स. हरदीप सिंह मुंडियां ने नव-नियुक्त कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी, लगन और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार लोगों को बेहतर पेयजल और स्वच्छता सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ-साथ योग्य नौजवानों को रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई भर्तियों से विभाग की कार्यक्षमता में और सुधार होगा और विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक मान सरकार ने नौजवानों को 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रदान की हैं। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी के तहत जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग द्वारा आज की नियुक्तियों सहित वर्ष 2022 से अब तक विभिन्न श्रेणियों में कुल 520 नियुक्तियाँ की जा चुकी हैं। इससे पहले की गई 468 नियुक्तियों में 44 उप मंडल इंजीनियर, 97 जूनियर इंजीनियर, 81 जूनियर नक्शा नवीस, 41 क्लर्क, 27 स्टेनोटाइपिस्ट, 25 जूनियर तकनीशियन, 76 हेल्पर टेक्नीकल, 71 सेवादार, 1 चौकीदार और 5 सफाई सेवक शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी राज्य के विभिन्न ज़िलों में अपनी सेवाएँ निभा रहे हैं।

    उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव-नियुक्त कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी लगन से निभाते हुए विभाग की प्रगति और जनसेवा को और मज़बूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

     

  • लॉजिस्टिक्स डिजिटलीकरण और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए पंजाब ने एनएलडीएसएल के साथ समझौता किया

    लॉजिस्टिक्स डिजिटलीकरण और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए पंजाब ने एनएलडीएसएल के साथ समझौता किया

    चंडीगढ़ : लॉजिस्टिक्स लागत कम करने तथा राज्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने राज्य की सप्लाई चेन को यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) से जोड़ने के लिए एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यहां उद्योग भवन में पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा की उपस्थिति में विभाग के निदेशक श्री जसप्रीत सिंह तथा एनएलडीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ताकायुकी कानो ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह भी उपस्थित थे। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह समझौता एकल इंटरफेस के माध्यम से विभिन्न सरकारी प्रणालियों और निजी लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के बीच रियल-टाइम डेटा साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि एक सक्षम एवं कुशल लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। यह साझेदारी व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, रियल-टाइम निगरानी के माध्यम से माल की आवाजाही को अधिक प्रभावी बनाएगी तथा निर्यातकों, एमएसएमई और परिवहन क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि पंजाब को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे लेन-देन की लागत कम होगी तथा राज्य की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस संबंधी साख और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यूएलआईपी एकीकरण से सरकारी विभागों, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं तथा उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे सप्लाई चेन की दृश्यता बढ़ेगी, अक्षमताओं में कमी आएगी तथा पंजाब की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को नया बल मिलेगा। अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आधुनिक, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। एनएलडीएसएल के साथ यह समझौता राज्य के लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा उद्योग एवं निवेशकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन और उद्योगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। यह प्लेटफॉर्म बुनियादी ढांचे के विकास के लिए तथ्य आधारित योजना निर्माण में सहायता करेगा तथा उत्तर भारत में माल परिवहन के दौरान आने वाली प्रमुख बाधाओं की पहचान करने में भी मददगार साबित होगा। समझौते के उपरांत एनएलडीएसएल ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के लिए एक तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें तीन प्रमुख समाधानों पर प्रस्तुति दी गई, जिनमें कंटेनर दृश्यता के लिए लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक, रियल-टाइम शिपमेंट ट्रैकिंग के लिए ट्रैक योर ट्रांसपोर्ट तथा फ्लीट एवं माल प्रबंधन के लिए ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं।
     
  • रिंदर कुमार गोयल ने शाहपुरकंडी के दो नए वाटर चैनलों का किया उद्घाटन

    रिंदर कुमार गोयल ने शाहपुरकंडी के दो नए वाटर चैनलों का किया उद्घाटन

    चंडीगढ़ / पठानकोट : पजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज शाहपुरकंडी के दो नव-निर्मित वाटर चैनलों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन वाटर चैनलों के निर्माण से किसानों को सिंचाई के लिए सीधे पानी उपलब्ध होगा। इसके अलावा उन्होंने जिला पठानकोट में रंजीत सागर डैम, शाहपुरकंडी डैम बैराज परियोजना तथा माधोपुर हेडवर्क्स का दौरा कर पिछले वर्ष आई बाढ़ से हुए नुकसान के बाद कराए गए पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लिया।

    इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एस.ई. गुरपिंदर संधू, रंजीत सागर डैम के प्रमुख शेर सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

    दौरे के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य में नहरी सिंचाई को मजबूत करने, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने तथा भूजल संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 5 नवंबर 2025 को शाहपुरकंडी डैम परियोजना के लोकार्पण के बाद शाहपुरकंडी चैनल के माध्यम से खेतों तक नहरी पानी की आपूर्ति शुरू होने से कंडी क्षेत्र के किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है।

    उन्होंने बताया कि पहले लगभग 6,900 एकड़ भूमि को लिफ्ट सिंचाई के माध्यम से पानी मिलता था, लेकिन पिछले 15 वर्षों से यह सुविधा बंद थी। पंजाब सरकार ने शाहपुरकंडी चैनल नंबर 3 और 4 का पुनर्निर्माण कर अतिरिक्त 6,000 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई के दायरे में लाया है। इसके परिणामस्वरूप अब लगभग 13,000 एकड़ भूमि को नहरी पानी उपलब्ध हो रहा है। लगभग 25 किलोमीटर लंबी इन चैनलों की कंक्रीट लाइनिंग और पुनर्निर्माण पर 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे जुगियाल, माधोपुर, रानीपुर सहित 15 गांवों की बंजर एवं पथरीली भूमि खेती योग्य बनी है और वर्षों बाद इन क्षेत्रों में नहरी पानी से खेती संभव हुई है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब सरकार ने कंडी क्षेत्र तक नहरी पानी पहुंचाने की घोषणा की थी, तब कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए थे, लेकिन आज यह वादा पूरी तरह साकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि खेतों तक नहरी पानी पहुंचाकर सरकार ने न केवल किसानों को बड़ी राहत दी है, बल्कि भूजल संरक्षण की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यदि भूजल स्तर लगातार गिरता रहता तो भविष्य में पंजाब को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ता।

    श्री गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार ने हजारों किलोमीटर नहरों और खालों के निर्माण एवं मरम्मत के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है। पहले पंजाब के हिस्से का केवल 26 प्रतिशत पानी ही सिंचाई में उपयोग होता था, जबकि अब यह बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसे 86 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    माधोपुर हेडवर्क्स के संबंध में उन्होंने बताया कि 27 अगस्त 2025 को आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान के बाद विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए दोनों ओर लगभग 500 मीटर लंबे सुरक्षा बांधों का निर्माण किया। अस्थायी रिंग बांध बनाकर 1 अक्टूबर 2025 से पंजाब और जम्मू-कश्मीर की नहरों में पुनः पूर्ण क्षमता के साथ पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई। उन्होंने बताया कि 54 गेटों का आधुनिकीकरण कर उन्हें विद्युत मोटरों से संचालित करने योग्य बनाया गया तथा क्षतिग्रस्त तीन गेटों का नए डिजाइन के अनुसार रिकॉर्ड समय में पुनर्निर्माण किया गया। इन सभी कार्यों पर लगभग 50 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 17 किलोमीटर लंबे वाटर कोर्सों की लाइनिंग पर 3.61 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे पानी की बचत हुई है तथा टेल एंड तक नहरी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

    बरसात के मौसम की तैयारियों के संबंध में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान जिन-जिन स्थानों को कमजोर एवं संवेदनशील पाया गया था, वहां सुदृढ़ीकरण और मरम्मत के सभी कार्य पहले ही पूरे कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कर दिए हैं, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

  • विजिलेंस ब्यूरो ने रिकवरी एजेंट को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू

    विजिलेंस ब्यूरो ने रिकवरी एजेंट को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान, सेवियर रिकवरी एजेंसी, लुधियाना की कंपनी में कार्यरत रिकवरी एजेंट रवनीत सिंह को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। आज यहां यह खुलासा करते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को कबीर नगर, बस्ती जोधेवाल, लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता वर्ष 2007 से अपने आवास की पहली मंजिल पर “जी.एन.डब्ल्यू.” नाम से एक कपड़ा फैक्ट्री चला रहा है। शिकायतकर्ता ने फैक्ट्री के लिए आईडीबीआई बैंक से 40 लाख रुपये की नकद क्रेडिट (सीसी) सीमा/ऋण प्राप्त किया था। भुगतान न होने के कारण ऋण का मामला वर्तमान में चंडीगढ़ स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) में विचाराधीन है।

    25-05-2026 को रवनीत सिंह नामक एक व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। स्वयं को तहसील पूर्वी, लुधियाना का कर्मचारी बताते हुए रवनीत सिंह ने शिकायतकर्ता को तहसील पूर्वी प्राधिकरण के हस्ताक्षर वाला एक नोटिस दिया। उसने शिकायतकर्ता को बताया कि आईडीबीआई बैंक 28-05-2026 को संपत्ति पर कब्जा करने वाला है। आरोपी रवनीत सिंह ने कब्जा दिलाने में देरी करवाने के लिए 60,000 रुपये रिश्वत की मांग की और वादा किया कि वह ऋण के निपटारे के लिए तीन माह की अवधि बढ़वाने में मदद करेगा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि रवनीत सिंह पहले ही निपटारे की सुविधा दिलाने के नाम पर कथित रूप से अन्य अधिकारियों के नाम पर 20,000 रुपये की पहली किस्त ले चुका था। अब वह 10,000 रुपये की दूसरी किस्त की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगते हुए आरोपी की बातचीत रिकॉर्ड कर ली।

    अवैध रिश्वत देने के लिए तैयार न होने के कारण शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में आरोपी रिकवरी एजेंट को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी रवनीत सिंह तहसील पूर्वी, जिला लुधियाना का कर्मचारी नहीं पाया गया, बल्कि वह सेवियर रिकवरी एजेंसी, लुधियाना में रिकवरी एजेंट के रूप में कार्यरत पाया गया। यदि आईडीबीआई बैंक या तहसील पूर्वी के किसी अधिकारी/कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो जांच के दौरान उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की जांच जारी है।

  • पंजाब सरकार सुरक्षित मानसून सीजन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार: बरिंदर कुमार गोयल

    पंजाब सरकार सुरक्षित मानसून सीजन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार: बरिंदर कुमार गोयल

    चंडीगढ़, 7 जुलाईः पंजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में बाढ़ एवं मानसून संबंधी सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। मानसून के दौरान किसी भी संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से लोगों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में लोगों के जान-माल, कृषि भूमि तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और सुरक्षा तंत्र विकसित किया है।

    बता दें कि हाल ही में कैबिनेट मंत्री ने बाढ़ संभावित विभिन्न संवेदनशील स्थानों का व्यापक दौरा कर वहां चल रहे तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का जायजा लिया था और विभाग की तैयारियों की गहन समीक्षा की थी।आज उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री ने पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा एवं ड्रेनेज प्रबंधन से संबंधित किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इसमें ड्रेनों की सफाई, बोल्डर स्टोन (बड़े पत्थरों के साथ) एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, बाँधों को ऊंचा एवं मजबूत करना, फ्लड कंट्रोल गेटों की कार्यशीलता तथा संवेदनशील स्थानों पर ठोस बाढ़ सुरक्षा उपाय शामिल थे। श्री बरिंदर कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा दरियाओं, ड्रेनों, बांधों और बाढ़ सुरक्षा ढांचे की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत की कि जहां भी कोई कमी दिखाई दे, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि मानसून के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    राज्यभर में गाद निकालने के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने विभिन्न कार्यान्वयन मॉडलों के तहत किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन किया। इनमें टेंडर आधारित परियोजनाएं, वॉल्यूम शेयरिंग व्यवस्था, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को स्वीकृति के लिए भेजे गए स्थल तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के चरम दौर से पहले गाद निकालने के सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं, ताकि सुचारू निकासी को और बेहतर बनाया जा सके और भारी वर्षा के दौरान जलभराव को रोका जा सके। अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों के तहत 101 बोल्डर स्टोन एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, 17 बांधों को ऊंचा उठाने, 22 तटबंधों को मजबूत करने, 188 ड्रेनों की सफाई तथा पांच फ्लड कंट्रोल गेटों के संचालन संबंधी कार्य किए गए हैं, जिन पर लगभग 414.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

    कैबिनेट मंत्री ने सभी फील्ड अधिकारियों को मानसून के दौरान सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ संभावित संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शेष सभी कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं ताकि पंजाब के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी बाढ़ सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा सकें। जल संसाधन मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार बाढ़ सुरक्षा कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन, निरंतर फील्ड निगरानी तथा सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से किसी भी बाढ़ संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि जन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बाढ़ के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव श्री कृष्ण कुमार, मुख्य इंजीनियर (ड्रेनेज) सरदार हरदीप सिंह मैंदीरत्ता तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वेरका ने स्थापित किया नया कीर्तिमान; जून माह में 551 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वेरका ने स्थापित किया नया कीर्तिमान; जून माह में 551 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार

    चंडीगढ़ : वेरका (मिल्कफेड पंजाब) ने जून 2026 में 14.79 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 551 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है, जबकि जून 2025 में यह कारोबार 480 करोड़ रुपये था।
    यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अधिकतम दूध खरीद, प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि तथा दुग्ध उत्पादों पर विशेष जोर देकर सहकारी डेयरी क्षेत्र के विस्तार पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है।

    इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मिल्कफेड पंजाब ने जून 2026 के दौरान 551 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 480 करोड़ रुपये था। 71 करोड़ रुपये की यह उल्लेखनीय वृद्धि वर्ष-दर-वर्ष 14.79 प्रतिशत की विकास दर को दर्शाती है। यह वेरका ब्रांड के प्रति उपभोक्ताओं के निरंतर बढ़ते विश्वास तथा पंजाब के सहकारी डेयरी क्षेत्र की मजबूत होती स्थिति का स्पष्ट संकेत है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा, “जून माह के दौरान दूध की खरीद में भी प्रतिदिन लगभग दो लाख लीटर की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि दर राष्ट्रीय स्तर पर 5 से 6 प्रतिशत की औसत विकास दर से लगभग दोगुनी है, जो डेयरी क्षेत्र में पंजाब की सहकारिता लहर की निरंतर हो रही प्रगति का प्रमाण है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “यह उपलब्धि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने तथा पूरे पंजाब के डेयरी किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के हमारी सरकार के उद्देश्य के अनुरूप है। हमने लगातार प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, दुग्ध उत्पादों को प्रोत्साहित करने, बाजार तक पहुंच में सुधार करने तथा दूध उत्पादकों को बेहतर लाभ सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया है।”

    उन्होंने आगे कहा, “जून माह के दौरान कई दुग्ध उत्पादों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। टेबल बटर में 94 प्रतिशत, यूएचटी क्रीम में 213 प्रतिशत, यूएचटी मिल्क, आइसक्रीम, टेट्रा पैक लस्सी, घी में 41 प्रतिशत तथा डेयरी व्हाइटनर में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह स्पष्ट रूप से पूरे प्रदेश में वेरका के उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती पसंद को दर्शाता है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा, “यह शानदार प्रदर्शन बेहतर उत्पाद मिश्रण, प्रभावी विपणन रणनीति तथा वेरका के वैल्यू एडेड उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती प्राथमिकता का परिणाम है। हमारी सरकार डेयरी अवसंरचना में निरंतर निवेश, आधुनिक तकनीक को अपनाने, उत्पाद नवाचार, कोल्ड-चेन के विस्तार तथा बाजार विकास के माध्यम से मिल्कफेड को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब का सहकारी डेयरी आंदोलन ग्रामीण समृद्धि, रोजगार सृजन तथा किसानों के सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार बनकर उभर रहा है। मैं मिल्कफेड के प्रबंधन, कर्मचारियों, सहकारी समितियों तथा लाखों दुग्ध उत्पादकों को बधाई देता हूं, जिनकी सामूहिक मेहनत और समर्पण से यह उल्लेखनीय उपलब्धि संभव हो सकी है।”

    सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम दूध खरीद, आधुनिक प्रसंस्करण अवसंरचना, कोल्ड-चेन विकास, उत्पाद नवाचार तथा बाजार विस्तार में निरंतर निवेश जारी रखेंगे। ये पहल सहकारी डेयरी क्षेत्र को और अधिक मजबूत करेंगी, डेयरी किसानों की आय बढ़ाएंगी, भारतीय डेयरी बाजार में वेरका की अग्रणी स्थिति को और सुदृढ़ करेंगी तथा यह सुनिश्चित करेंगी कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद निरंतर उपलब्ध होते रहें।”

  • गिरफ्तार आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के इशारे पर कर रहे थे काम : डीजीपी गौरव यादव

    गिरफ्तार आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के इशारे पर कर रहे थे काम : डीजीपी गौरव यादव

    चंडीगढ़/अमृतसर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन व्यक्तियों को 25 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपिंदर सिंह निवासी गांव जंडौर (होशियारपुर), रवि कुमार निवासी कृपाल कॉलोनी, दसूहा (होशियारपुर) और विशाल सिंह निवासी फतेहपुर, अमृतसर के रूप में हुई है। हेरोइन की खेप बरामद करने के अलावा पुलिस टीमों ने आरोपियों की हुंडई वर्ना कार (पीबी-10-जीएस-7779), जिसका इस्तेमाल नशा तस्करी के लिए किया जा रहा था, भी जब्त कर ली है।

    यह कार्रवाई सीआई अमृतसर द्वारा एक दिन पहले दो नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन व्यक्तियों को 13 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार किए जाने के बाद की गई है।

    डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के निर्देशों पर काम कर रहे थे तथा विभिन्न स्थानों से हेरोइन की खेप प्राप्त कर उसे पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचा रहे थे।

    ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सीआई अमृतसर की पुलिस टीमों को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि संदिग्ध भूपिंदर सिंह और रवि कुमार हेरोइन की बड़ी खेप के सौदे के लिए अमृतसर के गांव गिल स्थित मेहता रोड पर अपने साथी विशाल सिंह से मिलने वाले हैं।

    उन्होंने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने नाकाबंदी की और अमृतसर के गांव गिल की दाना मंडी के पास से भूपिंदर सिंह, रवि कुमार और विशाल सिंह को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने विशाल सिंह के कब्जे से 8 किलो हेरोइन तथा भूपिंदर सिंह और रवि कुमार के कब्जे से 17 किलो हेरोइन बरामद की।

    डीजीपी ने कहा कि आरोपियों के आगे-पीछे के लिंक खंगाले जा रहे हैं तथा मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने और पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

    इस संबंध में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 44, दिनांक 07-07-2026 के तहत केस दर्ज किया गया है।

  • 20,000 रुपये की रिश्वत लेते सहायक सब-इंस्पेक्टर को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथ काबू किया

    20,000 रुपये की रिश्वत लेते सहायक सब-इंस्पेक्टर को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथ काबू किया

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान जिला बठिंडा के थाना तलवंडी साबो में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) बलजीत सिंह को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव बीड़ तलाब, जिला बठिंडा के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के रिश्तेदार और दूसरी पक्ष, जो शिकायतकर्ता के रिश्तेदार की जमीन पर खेती कर रहे थे, के बीच मारपीट हुई थी। इस झगड़े में शिकायतकर्ता के रिश्तेदार को चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एम्स बठिंडा में भर्ती कराया गया। एएसआई बलजीत सिंह घायलों के बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल पहुंचा था। प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी अधिकारी ने मौके पर ही 2,000 रुपये की शुरुआती रिश्वत ली थी। बाद में जब शिकायतकर्ता ने मामले की प्रगति के बारे में जानकारी ली, तो आरोपी एएसआई ने हमलावरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोपी पुलिस अधिकारी को बताया कि उसके पास केवल 10,000 रुपये हैं, लेकिन आरोपी एएसआई ने उसे शेष राशि की व्यवस्था करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने कुछ दिनों का समय मांगा और इस दौरान रिश्वत मांगने से संबंधित पूरी बातचीत रिकॉर्ड भी कर ली। अवैध रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी एएसआई को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।