Category: Government News>Punjab Govt

  • 8 जुलाई को ‘ऑनलाइन एन.आर.आई. मिलनी’ आयोजित करेगी पंजाब सरकार

    8 जुलाई को ‘ऑनलाइन एन.आर.आई. मिलनी’ आयोजित करेगी पंजाब सरकार

    एन.आर.आई. मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह विदेशों में बसे पंजाबियों की समस्याएं सुनेंगे

    चंडीगढ़ : विदेशों में बसे पंजाबियों के मसलों का पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से समाधान करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए एन.आर.आई. मामले विभाग द्वारा पंजाब के प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह की अगुवाई में बुधवार, 8 जुलाई, 2026 को सुबह 11:00 बजे ‘ऑनलाइन एन.आर.आई. मिलनी’ आयोजित की जाएगी।

    इस संबंध में विवरण साझा करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि ‘ऑनलाइन एन.आर.आई. मिलनी’ विदेशों में बसे पंजाबियों को सीधे तौर पर उनसे बातचीत करने तथा अपनी शिकायतें, सुझाव और समस्याएं साझा करने के लिए समर्पित मंच प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों पर संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ विचार किया जाएगा, जिससे उनके त्वरित और प्रभावी निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएंगे।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस मिलनी में भाग लेने के इच्छुक एन.आर.आई. अपनी शिकायतें पहले ही minister.pa0@punjab.gov.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। वे ‘ऑनलाइन एन.आर.आई. मिलनी’ के लिए https://forms.gle/PZjpvKu512iPR”649 लिंक के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं। डॉ. रवजोत सिंह ने आगे बताया कि पंजीकृत एन.आर.आई. निर्धारित तिथि और समय पर https://new.bharatvc.nic.in/join/6978389091 लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इसमें शामिल होने के लिए आई.डी.: 6978389091 तथा पासवर्ड: 968369 होगा।

    दुनिया भर में बसे पंजाबियों से बड़ी संख्या में इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनने की अपील करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार प्रवासी भारतीय समुदाय के हितों की रक्षा करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि उनकी शिकायतों का निपटारा निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से किया जाए।

  • हर बच्चे की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार ने ‘सेफ स्कूल वाहन’ अभियान किया तेज: डॉ. बलजीत कौर

    हर बच्चे की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार ने ‘सेफ स्कूल वाहन’ अभियान किया तेज: डॉ. बलजीत कौर

    चंडीगढ़ : स्कूल जाने वाले प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ‘सेफ स्कूल वाहन नीति’ को पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ लागू कर रही है, ताकि बच्चों का स्कूल आना-जाना पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और नियमों के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।

    डॉ. बलजीत कौर ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रारंभिक दो महीनों (अप्रैल और मई) के दौरान राज्यभर में 1,842 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया। इस व्यापक जांच अभियान का उद्देश्य हजारों स्कूली बच्चों की दैनिक यात्रा को सुरक्षित बनाना था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली 526 बसों के चालान किए गए, जबकि नियमों की गंभीर अनदेखी करने वाली 3 बसों को मौके पर ही जब्त (इंपाउंड) कर लिया गया।

    मंत्री ने कहा कि ‘सेफ स्कूल वाहन नीति’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा स्कूल वाहनों की नियमित जांच की जा रही है। जून माह की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद जुलाई में स्कूल पुनः खुलने के मद्देनज़र सभी जिला अधिकारियों को इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं तेज़ी से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाले सभी वाहन तकनीकी रूप से फिट हों तथा उनमें निर्धारित सभी सुरक्षा व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों।

    डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही को पंजाब सरकार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ‘सेफ स्कूल वाहन नीति’ का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान को और अधिक सघन बनाया जाए।

    उन्होंने स्कूल प्रबंधन, परिवहन संचालकों तथा अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन का पूरा सहयोग करें तथा यह सुनिश्चित करें कि स्कूल परिवहन के लिए केवल वही वाहन उपयोग में लाए जाएँ जो सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “हमारे बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि वह सुरक्षित रूप से स्कूल पहुँचे और सुरक्षित घर लौटे। पंजाब सरकार ‘सेफ स्कूल वाहन नीति’ को पूरी सख्ती से लागू कर इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।”

  • स्वतंत्रता सेनानियों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं : मोहिंदर भगत

    स्वतंत्रता सेनानियों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं : मोहिंदर भगत

    पंजाब सरकार स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार स्वतंत्रता सेनानियों तथा उनके परिजनों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। यह बात पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी कल्याण, रक्षा सेवाएं कल्याण एवं बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कही।

    कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर अद्वितीय बलिदान दिए हैं। उनका योगदान राष्ट्र के इतिहास का अमूल्य अध्याय है, जिसके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा तथा उनके सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों, उनकी विधवाओं, अविवाहित एवं बेरोजगार पुत्रियों तथा बेरोजगार पुत्रों को 11,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ सम्मानजनक जीवन-यापन सुनिश्चित किया जा सके।

    मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए जनहितैषी नीतियां लागू कर रही है। इसी क्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान सदैव अक्षुण्ण बना रहे।

  • डॉ. बलजीत कौर का बड़ा ऐलान: अनुसूचित जाति (एस.सी.) विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू

    डॉ. बलजीत कौर का बड़ा ऐलान: अनुसूचित जाति (एस.सी.) विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू

    अधिकारियों को गांव-गांव जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा राज्य के प्रत्येक वर्ग तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज घोषणा की कि अनुसूचित जाति (एस.सी.) के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (शैक्षणिक सत्र 2026-27) का पोर्टल आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है।

    योजना को अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से इसे नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जो 1 जुलाई 2026 से विद्यार्थियों के लिए सक्रिय हो चुका है। विद्यर्थी पक्षीय पहुंच पर बल देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का स्पष्ट मानना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपनों में बाधा नहीं बनना चाहिए।

    योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया गया है—

    योजना प्रारंभ होने की तिथि: 1 जुलाई 2026

    विद्यार्थियों द्वारा आवेदन करने की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026

    त्रुटिपूर्ण (Defective) आवेदनों में सुधार की अंतिम तिथि: 30 नवंबर 2026

    संस्थान स्तर पर सत्यापन की अंतिम तिथि: 30 नवंबर 2026

    डी.एन.ओ./एस.एन.ओ./एम.एन.ओ. स्तर पर अंतिम सत्यापन 15 दिसंबर 2026

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में “रंगला पंजाब” के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराकर राज्य में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना भी है। छात्रवृत्ति योजनाएं जहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का वित्तीय बोझ कम करेंगी, वहीं राज्य सरकार योग्यता के आधार पर हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर प्रतिभाओं के पलायन (ब्रेन ड्रेन) को रोकने की दिशा में भी प्रभावी कार्य कर रही है।

    योजना को जमीनी स्तर तक सफलतापूर्वक पहुंचाने के लिए डॉ. बलजीत कौर ने सभी जिला सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों एवं दूरदराज़ के इलाकों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जानकारी के अभाव अथवा प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों के कारण कोई भी पात्र विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।

    इसके अतिरिक्त उन्होंने उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, स्कूल शिक्षा तथा पशुपालन विभाग के निदेशकों सहित सभी संबंधित विभागों एवं उनके अधीन शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों को आवेदन भरने, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा समय पर आवेदन जमा कराने में सक्रिय सहयोग दें।

  • पंजाब सरकार ने दूध में मिलावट रोकने के लिए शुरू किया ‘शुद्ध दूध’ अभियान

    पंजाब सरकार ने दूध में मिलावट रोकने के लिए शुरू किया ‘शुद्ध दूध’ अभियान

    चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने ‘शुद्ध दूध, तंदुरुस्त पंजाब’ अभियान के तहत दूध में मिलावट पर रोक लगाने तथा दूध की गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-2202 शुरू की है तथा एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। इस अभियान संबंधी जानकारी देते हुए पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि डेयरी विकास विभाग ने 1 अप्रैल, 2026 से अब तक 160 कैंपों में दूध के 6000 नमूनों की जांच की है। उन्होंने बताया कि घर-घर जाकर जांच करने के लिए 4 मोबाइल प्रयोगशाला वैन पहले से कार्यरत हैं तथा 5 और मोबाइल वैन विभाग के बेड़े में शामिल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में जिला डिप्टी डायरैक्टर कार्यालयों में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक नियमित रूप से दूध की जांच की जाती है।

    गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना के सहयोग से विभाग ने जिला डेयरी विकास कार्यालयों के लिए दूध में मिलावट की जांच हेतु 5000 पोर्टेबल किटें तथा पशुपालन विभाग के वेटरनरी पॉलीक्लीनिकों एवं जागरूकता कैंपों के लिए 500 किटें खरीदी और वितरित की हैं। इन किटों के माध्यम से फैट, एस.एन.एफ., प्रोटीन के साथ-साथ यूरिया, स्टार्च और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड जैसे मिलावटी पदार्थों की मौके पर ही जांच की जा सकती है। इससे अधिकारी और किसान तुरंत दूध की गुणवत्ता का परीक्षण कर सकते हैं। इससे केंद्रीय प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी और मिलावट करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी तेज होगी। खुड्डियां ने ज़ोर देकर कहा, “मिलावटी दूध उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है और इससे डेयरी व्यवसाय से जुड़े किसानों की आय भी प्रभावित होती है। इस समस्या से निपटने के लिए हमने मोबाइल लैब तैनात की हैं, परीक्षण किटें वितरित की हैं और आम जनता से सीधे फीडबैक प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री नंबर भी शुरू किया है, ताकि हर स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।”

    पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने कहा कि अब नागरिक सभी जिला डिप्टी डायरेक्टरों के कार्यालयों में दूध के नमूनों की निःशुल्क जांच करवा सकते हैं। अभियान संबंधी किसी भी जानकारी के लिए राज्य नोडल अधिकारी मनदीप सिंह से 98784-41386 तथा 0172-5027285 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध दूध के उनके अधिकार के प्रति जागरूक करने तथा दूध में मिलावट पर रोक लगाने के उद्देश्य से पूरे राज्य में बड़े स्तर पर ‘शुद्ध दूध, तंदुरुस्त पंजाब’ अभियान शुरू किया है।

  • स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा लेक्चरार पदों की भर्ती के संबंध में एस.सी. आयोग को रिपोर्ट पेश

    स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा लेक्चरार पदों की भर्ती के संबंध में एस.सी. आयोग को रिपोर्ट पेश

    चंडीगढ़ : शिक्षा विभाग के भर्ती बोर्ड द्वारा लेक्चरारों के पदों के लिए जारी विज्ञापन में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए लागू आरक्षण नीति की अनदेखी करने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग, पंजाब सरकार के सचिव द्वारा पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग को रिपोर्ट पेश की गई।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए आयोग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग, पंजाब के सचिव को 3 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया था, जिसका अनुपालन करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती सोनाली गिरि आयोग के समक्ष पेश हुए और उन्होंने इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान अनुसूचित जाति से संबंधित उम्मीदवारों के लिए पदों के न होने संबंधी दस्तावेज़ प्रस्तुत किए, जिसके संबंध में आयोग द्वारा 72 घंटों के भीतर इन दस्तावेज़ों का अध्ययन करके उचित आदेश जारी किए जाएंगे।

  • ‘सेफ पंजाब’ गुप्त व्हाट्सएप हेल्पलाइन के द्वारा भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’

    ‘सेफ पंजाब’ गुप्त व्हाट्सएप हेल्पलाइन के द्वारा भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’

    अभियान के तहत 21900 से अधिक गिरफ्तार

    चंडीगढ़ : पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही लड़ाई अब जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है, जिसके तहत गांवों और शहरी क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में आगे आकर ‘सेफ पंजाब’ व्हाट्सएप हेल्पलाइन 97791-00200 पर नशा तस्करों और सप्लायरों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी साझा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान का हिस्सा है। लोगों की बढ़ती भागीदारी से न केवल पुलिस को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में मदद मिल रही है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ा है। उन्हें विश्वास है कि उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उनके द्वारा दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसी कारण यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान का मजबूत आधार बनकर उभरी है, जिसके तहत लोगों की भागीदारी और सख्त कानूनी कार्रवाई से नशों को जड़ से समाप्त किया जा रहा है।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक पंजाब भर से 43,520 गुप्त सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इन सूचनाओं और आगे की जांच के आधार पर 17,120 मामले दर्ज किए गए और 21,962 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को अभियान का हिस्सा बनाना है ताकि वे बिना किसी डर के नशे के खिलाफ जानकारी साझा कर सकें। शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। इसी कारण ‘सेफ पंजाब’ व्हाट्सएप हेल्पलाइन के माध्यम से समाज के हर वर्ग के लोग संदिग्ध गतिविधियों और नशा बिक्री के बारे में रिपोर्ट करने के लिए आगे आ रहे हैं।

    व्हाट्सएप हेल्पलाइन के अलावा पंजाब में चल रही ई-रिक्शाओं के माध्यम से भी गुप्त रूप से जानकारी साझा करने की व्यवस्था की गई है। इन ई-रिक्शाओं के माध्यम से अब तक लगभग 3440 गांवों तक पहुंच बनाई जा चुकी है, जो राज्य के लगभग एक-तिहाई गांवों के बराबर है। ये दोनों तरीके नशा तस्करों और नशा कारोबारियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण जानकारी के स्रोत बनकर उभरे हैं। इस पहल के तहत प्राप्त हर शिकायत की पहले पूरी जांच की जाती है। जानकारी सही पाई जाने पर उसे तुरंत संबंधित जिला पुलिस इकाई को कार्रवाई के लिए भेजा जाता है ताकि लोगों द्वारा दी गई पुख्ता सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

    इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “‘सेफ पंजाब’ पहल पर लोगों की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि वे नशा मुक्त माहौल में रहना चाहते हैं और यदि उन्हें उनकी पहचान गुप्त रखे जाने का भरोसा मिलता है तो वे कानूनी कार्रवाई में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। लोगों ने इस पहल में बड़ी संख्या में सक्रियता दिखाई है और पुलिस ने भी पूरी सतर्कता एवं सहृदयता के साथ कार्रवाई की है।”
    शिकायतों की बढ़ती संख्या को पुलिस पर जनता के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है। अब लोग मूक दर्शक बने रहने के बजाय नशा तस्करी से जुड़ी घटनाओं की जानकारी पुलिस को दे रहे हैं, जिससे समय पर कार्रवाई करने में मदद मिल रही है।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “इस पहल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान को और मजबूत किया है, जिसमें कार्रवाई, जन-भागीदारी, जागरूकता और पुनर्वास शामिल हैं। नशों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इस लड़ाई में स्थायी सफलता के लिए जनता का निरंतर सहयोग अत्यंत आवश्यक है।” इस प्लेटफॉर्म पर प्राप्त सभी शिकायतें पूरी तरह गुप्त होती हैं और जानकारी देने वालों की पहचान भी गुप्त रखी जाती है। नागरिकों को नशा तस्करों और नशे के कारोबारियों के बारे में बिना किसी डर के जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    इन गुप्त सूचनाओं के आधार पर 17,000 से अधिक मामलों में कार्रवाई हुई है, जो दर्शाता है कि लगभग 40 प्रतिशत शिकायतों के आधार पर गिरफ्तारियां हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि ‘सेफ पंजाब’ व्हाट्सएप हेल्पलाइन राज्य के नशा विरोधी अभियान में एक प्रभावी साधन के रूप में उभर रही है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि लोगों की निरंतर भागीदारी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्प और मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकेगा।

     

  • भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना से मोहाली के एक नाई के घुटने का निःशुल्क ऑपरेशन, फिर से काम पर लौटने की जगी उम्मीद

    भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना से मोहाली के एक नाई के घुटने का निःशुल्क ऑपरेशन, फिर से काम पर लौटने की जगी उम्मीद

    चंडीगढ़: एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद मोहाली के नाई मोहम्मद जुल्फिकार को यह लगने लगा था कि अब वे अपनी आजीविका का एकमात्र सहारा खो देंगे। घुटने में गंभीर चोट के उपचार का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था और वे अपने परिवार के भविष्य को लेकर गहरी चिंता में थे। लेकिन भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने उनके जीवन में नई आशा का संचार किया। योजना के अंतर्गत उनका घुटने का निःशुल्क ऑपरेशन हुआ और अब वे दोबारा अपने काम पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

    बता दें कि एक दिन वे मोटरसाइकिल से जा रहे थे कि अचानक सड़क पर एक गाय आ गई। उसे बचाने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर पड़े। उनकी एक टांग मोटरसाइकिल के नीचे फंस गई और इंजन चालू रहने के कारण वे कई मीटर तक सड़क पर घिसटते रहे। एक घुटने पर मामूली चोटें आईं, जबकि दूसरे घुटने में गंभीर चोट लग गई, जिससे चलना-फिरना भी कठिन हो गया।

    जुल्फिकार ने कहा, “मैं हर दिन दर्द से जूझ रहा था। बार-बार यही सोचता था कि यदि मैं ठीक से खड़ा ही नहीं हो सका तो काम कैसे करूंगा, और यदि काम नहीं कर पाया तो परिवार का गुजारा कैसे चलेगा?”

    ऑपरेशन का खर्च उनकी चिंता को और बढ़ा रहा था। उपचार काफी महंगा था और इतनी बड़ी राशि जुटाना उनके लिए लगभग असंभव था। इसी दौरान उन्हें पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के बारे में जानकारी मिली। मोहाली के जिला अस्पताल में उनका एंटीरियर आर्थ्रोस्कोपिक मेनिस्कस रिपेयर/मेनिसेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया। इस उपचार पर कुल 53,455 रुपये का खर्च आया, जिसे योजना के अंतर्गत पूरी तरह वहन किया गया। इससे उन्हें बिना किसी आर्थिक चिंता के आवश्यक उपचार मिल सका।

    उन्होंने कहा, “जब मुझे पता चला कि मेरे इलाज का पूरा खर्च योजना के तहत कवर होगा, तो ऐसा लगा जैसे मेरे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो। कई महीनों बाद पहली बार मुझे उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी।”

    ऑपरेशन के बाद जुल्फिकार तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और जल्द ही अपनी दुकान पर लौटकर पहले की तरह मुस्कुराहट और समर्पण के साथ ग्राहकों की सेवा करने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह सोचकर ही बहुत खुशी होती है कि मैं फिर से अपने काम पर लौट सकूंगा। मैं इस अवसर के लिए पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का दिल से आभारी हूं।”

    स्टेट हेल्थ एजेंसी, पंजाब के आंकड़ों के अनुसार, रिपोर्टिंग अवधि के दौरान मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 53.38 लाख रुपये की लागत से 190 ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाएं संपन्न की गईं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत फ्रैक्चर संबंधी सर्जरियां ऑर्थोपेडिक उपचार की सबसे बड़ी श्रेणी के रूप में सामने आई हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, कार्यस्थलों और खेल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने तथा बुजुर्गों को गिरने से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की।

     

  • मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए किसान ले सकते हैं 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी: Mohinder Bhagat

    मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए किसान ले सकते हैं 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी: Mohinder Bhagat

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से बागवानी की ओर प्रेरित करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए बड़ी सहृदयता से काम कर रही है। इस उद्देश्य के तहत बागवानी विभाग, पंजाब द्वारा स्टेट प्लान स्कीम के अंतर्गत किसानों को मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि किसान लगभग 2 लाख रुपये की लागत से एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित कर सकते हैं, जिस पर बागवानी विभाग द्वारा 40 प्रतिशत सब्सिडी, अधिकतम 80 हजार रुपये तक दी जाती है। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती कम जमीन और पानी के बहुत कम उपयोग से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कम लागत वाली इस काश्तकारी से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

    एक छोटी मशरूम इकाई लगभग 1800 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित की जा सकती है, इसलिए छोटे किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बागवानी क्षेत्र को और अधिक बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    सब्सिडी लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान अपने नजदीकी जिला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किसानों को मशरूम उत्पादन संबंधी तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण और हर संभव जानकारी भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

     

  • Punjab News : Uzbekistan के साथ व्यापार के अवसर तलाशने की खाद्य आयोग ने की शुरुआत

    Punjab News : Uzbekistan के साथ व्यापार के अवसर तलाशने की खाद्य आयोग ने की शुरुआत

    चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने उभरते बाजार के लिए एग्री-टेक को प्रमुख निर्यात स्तंभ के रूप में प्राथमिकता दी

    चंडीगढ़ : पंजाब राज्य खाद्य आयोग द्वारा मैग्सीपा में इन्वेस्ट पंजाब, पंजाब एग्रो और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के सहयोग से पंजाब और उज्बेकिस्तान गणराज्य के बीच व्यापार और व्यावसायिक अवसरों की खोज के लिए एक व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान यह पता चला कि उज्बेकिस्तान सरकार वहां निवेश चाहती है। हालांकि, पंजाब के उत्पादों की उज्बेक बाजार में अनुकूलता को परखने के लिए स्थानीय बाजार का विस्तृत सर्वेक्षण करना पहला और महत्वपूर्ण कदम होगा। खाद्य क्षेत्र को उज्बेकिस्तान में पंजाब के लिए एक निश्चित प्रारंभिक मंच के रूप में पहचाना गया। 15,000 से अधिक भारतीय छात्रों और दुनिया के चौथे सबसे बड़े सोने के उत्पादक होने के साथ-साथ एल्यूमीनियम जैसी दुर्लभ धातुओं से समृद्ध होने के कारण, उज्बेकिस्तान के पास पंजाब के साथ दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग बनाए रखने की क्षमता है। पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने बासमती चावल, कृषि मशीनरी, ट्रैक्टर, मसाले, सरसों का तेल, पाम तेल, देसी घी, चाय पत्ती, स्किम्ड मिल्क पाउडर, ड्रिप सिंचाई, जल संसाधन, नवीकरणीय ऊर्जा और सबसे महत्वपूर्ण मार्कफेड एवं मिल्कफेड के प्रोसेस्ड फूड के निर्यात की संभावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रोसेस्ड फूड का निर्यात रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उज्बेकिस्तान के पास कच्चे माल की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, लेकिन कोल्ड स्टोरेज की सुविधाएं सीमित हैं। बैठक के दौरान पंजाब से निर्यात किए जाने वाले माल के डिस्चार्ज पोर्ट के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। ताशकंद से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े ए.आई. विशेषज्ञ, उज्बेकिस्तान के वीजा निवासी और ए.के.ए.सी.ओ.आर.पी ग्लोबल टेक के जनरल डायरेक्टर योगेश कुमार ने कहा कि मध्य एशियाई बाजार पंजाब के लिए एक नई और आशाजनक सीमा है। उन्होंने आगे कहा कि उज्बेकिस्तान में डिजिटल क्रांति भी तेजी से जोर पकड़ रही है।