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  • मान सरकार का सामाजिक सुरक्षा पर बड़ा फोकस, 35 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को मिल रही आर्थिक सहायता

    मान सरकार का सामाजिक सुरक्षा पर बड़ा फोकस, 35 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को मिल रही आर्थिक सहायता

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर जन-हितैषी नीतियां लागू कर रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 6175 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें से नवंबर 2025 तक 4683.94 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। वर्तमान में 35.29 लाख से अधिक लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन और अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जो सरकार की मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बाल भिक्षावृत्ति और तस्करी रोकने के लिए प्रोजेक्ट जीवनजोत और जीवनजोत 2.0 के तहत सख्त अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक 766 बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा और पुनर्वास से जोड़ा गया है। वहीं, वर्ष 2025 में 64 बाल विवाह समय रहते रोके गए हैं और राज्य भर में नियुक्त 2076 बाल विवाह निषेध अधिकारी इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सेफ स्कूल वाहन नीति के तहत हजारों स्कूली बसों की जांच कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

    महिलाओं और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को लेकर भी सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से हिंसा पीड़ित महिलाओं को समग्र सहायता, आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए मुफ्त सेनेटरी पैड वितरण और गर्भवती व धात्री महिलाओं को डीबीटी के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं, दिव्यांगजनों के लिए यात्रा रियायतें और विधानसभा कार्यवाही को संकेत भाषा में लागू करने जैसी पहलें की गई हैं। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास के माध्यम से एक सुरक्षित और खुशहाल पंजाब के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • मान सरकार की किसान-हितैषी नीतियों से गेहूं-धान खरीद सीजन रहा सफल

    मान सरकार की किसान-हितैषी नीतियों से गेहूं-धान खरीद सीजन रहा सफल

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की किसान-हितैषी नीतियों के परिणामस्वरूप तथा कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के नेतृत्व में खाद्य, सिविल आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने वर्ष 2025-26 के दौरान गेहूं एवं चावल के खरीद सीजन की सफलता सुनिश्चित की। दोनों सीजनों में मंडियों में सभी हितधारकों जैसे किसानों, आढ़तियों, मजदूरों के लिए उचित सफाई, पानी एवं बारदाने के पुख्ता प्रबंध किए गए, जिन्होंने निर्विघ्न एवं सुचारू खरीद सीजन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    अप्रैल-मई के दौरान गेहूं के खरीद सीजन में 72 घंटों के समय में किसानों की 130 लाख मीट्रिक टन से अधिक उपज की खरीद एवं उठान किया गया। इसके साथ ही 27000 करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों के खातों में जमा करवाई गई। प्रदेश में भयानक बाढ़ की मार से प्रभावित होने के बावजूद चावल का खरीद सीजन (अक्टूबर-नवंबर) भी सफल रहा। विभाग ने बाढ़ से उत्पन्न चुनौती का सामना किया तथा 156 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल की खरीद करके तथा किसानों के खातों में 37000 करोड़ रुपये से अधिक की अदायगी करके चावल के खरीद सीजन का सफल होना सुनिश्चित किया।

    इस सीजन की विशेषता प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ‘सुक्का झोना मंडियां विच लिआओ’ मुहिम की शानदार सफलता थी जिसमें किसानों को सूखी फसल मंडियों में लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था ताकि उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एन.एफ.एस.ए.) के अंतर्गत गेहूं का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने तथा जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता एवं कुशलता लाने के लिए प्रत्येक राशन डिपो पर एक समर्पित ई.पी.ओ.एस. यंत्र एवं इलेक्ट्रॉनिक वेइंग (भार मापतौल) स्केल (ई.डब्ल्यू.एस.) लगाए गए हैं तथा प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक तौलने वाली मशीन को ई.पी.ओ.एस. यंत्र से जोड़ा गया है। इसके अलावा अब तक लगभग 1.31 करोड़ (86.46 प्रतिशत) लाभार्थियों ने अपनी ई.के.वाई.सी. प्रक्रिया पूरी करवा ली है। इसके अलावा विभाग के लीगल मेट्रोलॉजी विंग का मुख्य कार्य उपभोक्ताओं के सही वजन एवं माप के अधिकारों की रक्षा करना तथा लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 के अंतर्गत बने नियमों की उल्लंघना के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 31 अक्टूबर, 2025 तक 16.41 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित हुआ है।

  • 20 हजार करोड़ तक के पैकेज और आंगनवाड़ी कर्मचारियों के वेतन सुधार की मांग, AAP सांसद ने संसद में उठाया मुद्दा

    20 हजार करोड़ तक के पैकेज और आंगनवाड़ी कर्मचारियों के वेतन सुधार की मांग, AAP सांसद ने संसद में उठाया मुद्दा

    चंडीगढ़: संगरूर से आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने संसद में सप्लीमेंट्री मांगों पर चर्चा के दौरान आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के स्थायीकरण और उनके मानदेय वृद्धि की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्करों को वर्तमान में केवल 4,500 रुपये और हेल्परों को 2,250 रुपये मिलते हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं। मीत हेयर ने केंद्र सरकार से उनके वेतन को स्थायी और नियमित करने की अपील की।

    सांसद ने पंजाब में आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये के पैकेज के बावजूद अब तक कुछ भी जारी नहीं हुआ है और मांग की कि बाढ़ के वास्तविक नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल 20 हजार करोड़ रुपये प्रदान किए जाएं। इसके अलावा, उन्होंने जनगणना न होने के कारण बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नए राशन कार्ड तुरंत बनाने की भी आवश्यकता बताई।

    खेलों के अनुदानों में भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए मीत हेयर ने कहा कि खेलो इंडिया ग्रांटों में पंजाब की अनदेखी की जा रही है, जबकि 2024 में गुजरात को करोड़ों रुपये दिए गए। उन्होंने उल्लेख किया कि पेरिस ओलंपिक 2024 में पंजाब के आठ खिलाड़ियों ने पदक जीते, जबकि गुजरात ने कोई पदक नहीं जीता। मीत हेयर ने खेलों में अनुदान राज्यों को उनके प्रदर्शन के आधार पर देने और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सप्लीमेंट्री ग्रांट की व्यवस्था करने की मांग भी की।

  • पंजाब में मुफ्त चिकित्सा सुविधा, Aam Aadmi Clinics से आम जनता को लाभ

    पंजाब में मुफ्त चिकित्सा सुविधा, Aam Aadmi Clinics से आम जनता को लाभ

    चंडीगढ़ : भगवंत मान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आम आदमी क्लीनिक पंजाब में आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया अध्याय लिख रही है। बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिक अब मुफ्त परामर्श, दवाइयां और जरूरी जांच की सुविधा पा रहे हैं, जबकि पहले उन्हें निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता था। मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की दूरदर्शी सोच और अथक प्रयासों से राज्यभर में स्थापित ये क्लीनिक जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।

    इन क्लीनिकों में सामान्य बीमारियों जैसे बुखार, सर्दी-जुकाम, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप आदि का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। प्रत्येक क्लीनिक में अनुभवी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक चिकित्सा उपकरण हैं, साथ ही 100 से अधिक प्रकार की दवाइयां और आवश्यक जांच सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक क्लीनिक स्थापित करना है, ताकि सभी नागरिकों को अपने घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।

    आम आदमी क्लीनिक योजना जनता में व्यापक प्रशंसा पा रही है और सोशल मीडिया पर लोग अपनी संतुष्टि व्यक्त कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने और गंभीर बीमारियों की रोकथाम में कारगर मानते हैं। मान सरकार इस नेटवर्क को और विस्तृत करने की योजना बना रही है, ताकि राज्य के प्रत्येक नागरिक को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके। यह पहल पंजाब में जनोन्मुखी नीतियों और जनता के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गई है।

  • पंजाब जल आपूर्ति में ऐतिहासिक उपलब्धि, हर गांव तक पहुंचा नल से पानी

    पंजाब जल आपूर्ति में ऐतिहासिक उपलब्धि, हर गांव तक पहुंचा नल से पानी

    चंडीगढ़ : पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्यभर में जल आपूर्ति और स्वच्छता के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,900 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इस निवेश से प्रमुख परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, नवीन तकनीकों के विस्तार और जल गुणवत्ता व स्वच्छता प्रणालियों को सुदृढ़ किया गया है, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि 100 प्रतिशत ग्रामीण नल जल कवरेज के साथ राज्य में 34 लाख से अधिक परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रामीण स्वच्छता क्षेत्र हेतु 2,190.80 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना को मंजूरी दी गई है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब देश का पांचवां राज्य बन गया है जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल आपूर्ति का लक्ष्य हासिल किया है। जल गुणवत्ता से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 सतही जल परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो 1,706 गांवों को कवर करती हैं, जिनमें से चार परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं और शेष अंतिम चरण में हैं। इसके अतिरिक्त, चालू वित्तीय वर्ष में 278.37 करोड़ रुपये की लागत से 205 ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं पूरी की गईं। वहीं 160 करोड़ रुपये की लागत से 144 योजनाओं के अपग्रेडेशन और श्री मुक्तसर साहिब में 140 करोड़ रुपये के जल आपूर्ति व सीवरेज उन्नयन कार्यों से शहरी-ग्रामीण समन्वित ढांचे को मजबूती मिली है।

    मंत्री ने बताया कि तकनीक आधारित शासन के तहत 346 जल योजनाओं में आईओटी आधारित निगरानी लागू की गई है, जिससे 897 गांवों में रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हुई है। जल गुणवत्ता निगरानी के लिए तीन-स्तरीय एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं का नेटवर्क स्थापित किया गया है। साथ ही, आर्सेनिक, यूरेनियम, फ्लोराइड एवं अन्य भारी धातुओं से प्रभावित गांवों में आरओ और जल शुद्धिकरण संयंत्र लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण स्वच्छता क्षेत्र में 1,598 सामुदायिक शौचालय परिसरों का निर्माण किया जा चुका है और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को भी गति मिली है। ओडीएफ दर्जा प्राप्त करने के बाद अब पंजाब 31 मार्च 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस (मॉडल) बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

     

  • पंजाब में औद्योगिक विकास को रफ्तार, अंबर ग्रुप का ₹500 करोड़ का R&D प्रोजेक्ट

    पंजाब में औद्योगिक विकास को रफ्तार, अंबर ग्रुप का ₹500 करोड़ का R&D प्रोजेक्ट

    चंडीगढ़ : पंजाब उन्नत निर्माण और नवाचार के क्षेत्र में तेज़ी से एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। इसी कड़ी में अंबर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज ने राजपुरा में ₹500 करोड़ के निवेश से एक अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। यह केंद्र अगली पीढ़ी के HVAC उत्पादों की डिजाइन, प्रमाणीकरण और परीक्षण पर केंद्रित होगा तथा इससे लगभग 1,000 उच्च-गुणवत्ता और अच्छी सैलरी वाली नौकरियां सृजित होंगी।

    इस निवेश का स्वागत करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और प्रवासी भारतीय मामलों के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि अंबर ग्रुप का यह निर्णय पंजाब की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों, कुशल मानव संसाधन और निवेशक-अनुकूल माहौल पर भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उन्नत इंजीनियरिंग और उत्पाद डिज़ाइन में पंजाब की स्थिति को और मजबूत करेगी तथा राज्य को उच्च-स्तरीय अनुसंधान और वैश्विक निर्यात के केंद्र के रूप में विकसित करने के दृष्टिकोण से पूरी तरह मेल खाती है।

    अंबर एंटरप्राइज़िज़ इंडिया लिमिटेड के सीईओ जसबीर सिंह ने कहा कि पंजाब कुशल प्रतिभा, मजबूत औद्योगिक ढांचे और सहयोगी नीतिगत वातावरण का बेहतरीन संयोजन प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राजपुरा में दो चरणों में होने वाला यह निवेश नवाचार-आधारित विकास के प्रति अंबर ग्रुप की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि अंबर ग्रुप पहले से ही राजपुरा में निर्माण और R&D सुविधाएं संचालित कर रहा है तथा डाइकिन, एलजी, सैमसंग, पैनासोनिक, वोल्टास और गोडरेज जैसे कई वैश्विक ब्रांडों के लिए समाधान उपलब्ध कराता है, जिससे वैश्विक मूल्य श्रृंखला में पंजाब की भागीदारी और सशक्त होती है।

     

  • रंगला पंजाब के लिए बड़ा कदम: मान सरकार ने 54 नए सेवा केंद्रों की घोषणा की

    रंगला पंजाब के लिए बड़ा कदम: मान सरकार ने 54 नए सेवा केंद्रों की घोषणा की

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार नागरिक सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए 54 नए सेवा केंद्र खोलने जा रही है। इससे प्रदेश में सेवा केंद्रों की कुल संख्या 598 हो जाएगी। यह घोषणा सुशासन एवं सूचना तकनीकी मंत्री अमन अरोड़ा ने मगसीपा में नागरिक सेवा और सेवा केंद्र संचालन की समीक्षा बैठक के दौरान की। बैठक में सभी डिप्टी कमिश्नर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

    पंजाब के मौजूदा 544 सेवा केंद्र 465 सरकारी-से-नागरिक (G2C) और 7 कारोबार-से-नागरिक (B2C) सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। समीक्षा में पेंडेंसी, सेवा-वार प्रदर्शन और ऑनलाइन फील्ड सत्यापन पर चर्चा हुई। बताया गया कि “सेंड बैक” मामलों में कमी आई है और लगभग 96.3 प्रतिशत ऑनलाइन सत्यापन आवेदन पूरे किए जा चुके हैं। अधिकारियों को जीरो पेंडेंसी बनाए रखने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कार देने का निर्देश भी दिया गया।

    अमन अरोड़ा ने कहा कि नए सेवा केंद्रों का निर्माण 15 जनवरी, 2026 तक पूरा होना चाहिए। यह पहल ‘सरकार तुहाडे द्वार’ कार्यक्रम और नागरिक सेवा पोर्टल (connect.punjab.gov.in) के तहत सरकारी सेवाओं को आसान और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य में डिजिटल और प्रभावी सेवा वितरण को बढ़ावा देने के लिए यह महत्वपूर्ण परियोजना है।

  • Mann सरकार की पहल: दशकों पुराने पुल का निर्माण, जनता की सुरक्षा को दिया महत्व

    Mann सरकार की पहल: दशकों पुराने पुल का निर्माण, जनता की सुरक्षा को दिया महत्व

    चंडीगढ़: पंजाब के मेहंगोंवाल क्षेत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने दशकों से टूटे पड़े पुल का पुनर्निर्माण शुरू कर दिया है। यह पुल लगभग 50 गांवों के लिए जीवनरेखा साबित होगा। पुराने पुल के टूटे होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहन नहीं पहुंच पाते थे। अब नए पुल के बनने से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित होगी।

    इस पुल के निर्माण में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और स्थानीय मजदूरों को रोजगार भी मिल रहा है। सरकार ने पर्यावरण नियमों का पालन करते हुए इसे टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाला बनाने की योजना बनाई है। स्थानीय लोग मान सरकार की इस पहल से बहुत खुश हैं और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

    आम आदमी पार्टी के विधायक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस परियोजना की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह पुल केवल निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि 50 गांवों के लोगों की सुरक्षा, सुविधा और विकास का प्रतीक है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह परियोजना जल्द पूरी होगी और आने वाले समय में पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में और विकासकारी योजनाओं की शुरुआत होगी।

  • AMRUT 2.0 योजना से बठिंडा में सुधरेगी जल आपूर्ति, मान सरकार ने दी मंजूरी

    AMRUT 2.0 योजना से बठिंडा में सुधरेगी जल आपूर्ति, मान सरकार ने दी मंजूरी

    चंडीगढ़: बठिंडा को AMRUT 2.0 योजना के तहत ₹26 करोड़ की बड़ी सौगात मिली है। इस निवेश के जरिए शहर में पानी की लगातार और गुणवत्तापूर्ण सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। मान सरकार ने यह प्रोजेक्ट सिर्फ़ पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे स्थायी और आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है ताकि आने वाली पीढ़ियों तक बठिंडा के नागरिकों को साफ़ पानी उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्राथमिकता है कि हर नागरिक का बुनियादी अधिकार—साफ़ पानी—सुरक्षित रहे।

    मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने बताया कि अमरपुरा बस्ती और मॉडल टाउन फेज 4-5 में दो नई पानी की टंकियां बनाई जाएंगी, प्रत्येक की क्षमता 2 लाख गैलन होगी। 63,000 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने से करीब 8,600 घरों को नए कनेक्शन मिलेंगे, जिससे सीधे तौर पर लगभग 35,000 लोगों को राहत मिलेगी। इससे शहर के कई हिस्सों में लंबे समय से पानी की कमी की समस्या समाप्त होगी और लोगों को भरोसेमंद जल आपूर्ति मिलेगी।

     

    यह परियोजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। साफ़ पानी की उपलब्धता से दूषित जल से होने वाली बीमारियाँ जैसे पेचिश और टाइफाइड कम होंगी। बच्चों और महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार आएगा, और यह निवेश न केवल वर्तमान की स्वास्थ्य समस्याओं को कम करेगा बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को स्वस्थ बनाने में भी मदद करेगा।

    मान सरकार ने इस प्रोजेक्ट के जरिए यह संदेश दिया है कि जनता की बुनियादी ज़रूरतें और जन-कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। यह ₹26 करोड़ का निवेश केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के भरोसे और बेहतर भविष्य में सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। बठिंडा के नागरिक अब जल-सुरक्षित शहर का लाभ सीधे महसूस करेंगे, जो पंजाब के विकास और मान सरकार की सेवा भावना का स्पष्ट उदाहरण है।

  • पंजाब बना देश में ऊर्जा विकास का रोल मॉडल: राष्ट्रपति मुर्मू ने PEDA को किया सम्मानित

    पंजाब बना देश में ऊर्जा विकास का रोल मॉडल: राष्ट्रपति मुर्मू ने PEDA को किया सम्मानित

    चंडीगढ: पंजाब सरकार की ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 में पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) को ‘स्टेट परफॉर्मेंस अवार्ड – ग्रुप 3’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री अरविंद केजरीवाल सहित देश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह पुरस्कार मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों और जनहित में काम करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण माना जा रहा है।

    ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि यह पुरस्कार आम आदमी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का परिणाम है। मान सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने, बिजली चोरी रोकने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले तीन वर्षों में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स को तेजी से बढ़ावा दिया गया है और किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। साथ ही, बिजली की गुणवत्ता सुधारने और लोडशेडिंग खत्म करने पर भी जोर दिया गया।

    PEDA ने पंजाब में ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई अभियान चलाए हैं। इनमें स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी भवनों में एनर्जी ऑडिट, एलईडी बल्ब वितरण और सोलर रूफटॉप योजनाओं का विस्तार शामिल है। राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में भी बिजली दरों को प्रतिस्पर्धी बनाया है। इन नीतियों से पंजाब में निवेश का माहौल बेहतर हुआ और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

    राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि पंजाब की छवि को नई ऊंचाई पर ले जाती है। केंद्र सरकार ने राज्य के प्रयासों की सराहना की है और भविष्य में केंद्रीय योजनाओं में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनका उद्देश्य हर घर को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना और ऊर्जा क्षेत्र में पंजाब को देश का रोल मॉडल बनाना है। आम आदमी पार्टी के नेताओं और जनता ने इस पुरस्कार का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।