Category: Government News>Punjab Govt

  • CM Mann का जापान दौरा इंडस्ट्रियल ग्रोथ का बनेगा मजबूत आधार: हरजोत बैंस

    CM Mann का जापान दौरा इंडस्ट्रियल ग्रोथ का बनेगा मजबूत आधार: हरजोत बैंस

    चंडीगढ़: पंजाब के शिक्षा तथा सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की जापान यात्रा के सकारात्मक नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से राज्य में बड़ा निवेश आएगा और रणनीतिक संबंध मजबूत होंगे।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की दूरदर्शी कूटनीतिक पहल पंजाब के मानव संसाधनों को उभरते अवसरों से जोड़ेगी, जिससे राज्य में विकास को नई गति मिलेगी।

    हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ठोस प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब ने जापानी उद्योग जगत की अग्रणी कंपनी टोपन स्पेशियलिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (टी.एस.एफ.) के साथ एक ऐतिहासिक निवेश समझौता किया है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी पंजाब में 400 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है और यह समझौता प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 से पहले राज्य को विश्व स्तर पर पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में एक अहम मील का पत्थर होगा।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह समझौता राज्य के औद्योगिक विकास और तकनीकी शैक्षणिक क्षमता के बीच तालमेल को मजबूत करेगा, जो मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्किलिंग एक्सीलेंस सेंटर उद्योग-अनुकूल कौशल का विस्तार करेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और राज्य के आर्थिक विकास को गति देते हुए पंजाब को उत्तर भारत की कौशल राजधानी के रूप में स्थापित करेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक पहल पंजाब की प्रशासनिक सफलताओं और भविष्य-उन्मुख योजनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर राज्य की सकारात्मक पहचान को और मजबूत करेगी, जिससे दुनिया को पता चलेगा कि पंजाब न केवल कारोबार के लिए खुला है बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक साझेदारियां भी विकसित कर रहा है, जो अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और लोगों में निवेश के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराती हैं।

    बैंस ने बताया कि पंजाब का प्रतिनिधिमंडल फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम, ऑटो-डीम्ड अनुमतियाँ और प्रोग्रेसिव पंजाब राइट टू बिज़नेस एक्ट सहित राज्य के अभूतपूर्व शासन सुधारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है। नई औद्योगिक नीति 2022 में शामिल व्यवस्थाओं और उद्योगपतियों की अध्यक्षता वाली 24 सेक्टर-आधारित समितियों के मार्गदर्शन से राज्य पहले ही इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित कर चुका है।

    बैंस ने कहा कि राज्य सरकार विश्वभर के निवेशकों और साझेदारों को आगामी प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होकर पंजाब की सफल विकास यात्रा के साक्षी बनने का आमंत्रण देती है।

  • Punjab News: AAP विधायक धालीवाल की बड़ी पहल, 68 करोड़ से बनेगी 40 किमी सड़क, 70 गांवों को फायदा

    Punjab News: AAP विधायक धालीवाल की बड़ी पहल, 68 करोड़ से बनेगी 40 किमी सड़क, 70 गांवों को फायदा

    चंडीगढ़, 3 दिसंबर 2025: आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने अपने क्षेत्र की एक बहुत पुरानी मांग को पूरा करते हुए नई सड़क परियोजना की शुरुआत कर दी है। इस सड़क को बनाने पर 68 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह 40 किलोमीटर लंबी होगी। इस सड़क से फौज, BSF के जवानों और लगभग 70 गांवों के लोगों की आवाजाही आसान और सुरक्षित हो जाएगी।

    धालीवाल ने बताया कि यह सड़क बाढ़ प्रभावित इलाकों में बनाई जा रही है। बाढ़ के समय लोगों को गांव से बाहर निकलने में दिक्कत होती है। नई सड़क बनने से राहत और बचाव कार्य भी तेज़ी से हो पाएंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

    विधायक ने कहा कि ग्रामीणों को इस सड़क का इंतज़ार लंबे समय से था। पिछली सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन आप सरकार ने इसे प्राथमिकता दी और अब इस पर तेज़ी से काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के हर वादे को जमीन पर उतार रही है।

    कुलदीप सिंह धालीवाल खुद विकास कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचते रहते हैं। वे केवल दफ्तर में बैठकर काम करने वाले नेता नहीं हैं। बाढ़ के दौरान भी वे प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की मदद करते रहे हैं। इसी कारण ग्रामीणों में उनके प्रति भरोसा और सम्मान लगातार बढ़ा है।

    स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। एक ग्रामीण ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने उनकी परेशानी को समझा है। एक महिला निवासी ने बताया कि सड़क बनने से अस्पताल ले जाना और ज़रूरी कामों के लिए बाहर जाना आसान हो जाएगा।

    पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार गांवों के विकास पर ज़ोर दे रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पानी जैसी ज़रूरी सुविधाओं में सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि असली विकास तभी होगा जब गांव खुशहाल होंगे।

    धालीवाल ने बताया कि सड़क निर्माण के साथ बाढ़ नियंत्रण के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। नदियों और नहरों की सफाई और रखरखाव पर काम हो रहा है, ताकि बाढ़ की स्थिति में नुकसान कम किया जा सके।

    नई सड़क बनने के बाद 70 गांव सीधे जुड़ जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास होगा और फौज व BSF की आवाजाही सुगम हो जाएगी। लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना जल्द पूरी होगी और उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

  • CM Mann की पहल: 400 करोड़ का निवेश और TSF के साथ स्किलिंग सेंटर की घोषणा

    CM Mann की पहल: 400 करोड़ का निवेश और TSF के साथ स्किलिंग सेंटर की घोषणा

    चंडीगढ़: राज्य में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए जापान की अग्रणी कंपनी टॉपन स्पेशलिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (टी.एस.एफ.) ने बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के साथ अपनी विस्तार योजना के हिस्से के रूप में 400 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए औपचारिक समझौता किया।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि टी.एस.एफ. और इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य में एक स्किल एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए साझेदारी और सहयोग पर सहमति जताई है, ताकि हुनरमंद/अर्ध-हुनरमंद व्यक्तियों, कामगारों और युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहल उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंजाब में नए रोजगार अवसर भी उत्पन्न करेगी।

    साझेदारी के क्षेत्रों की जानकारी देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सहयोग वर्तमान और उभरते उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने पर आधारित होगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यह साझेदारी उन आधुनिक और तकनीकी कौशलों पर भी केंद्रित है जो आज सामान्यत: उपलब्ध नहीं हैं। समझौते के तहत उद्योग और वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षण प्रमाणन भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता (एमओयू )पंजाब और पूरे भारत में टी.एस.एफ. तथा अन्य बड़े उद्योगों में अप्रेंटिसशिप और रोजगार अवसरों के नए रास्ते खोलेगा। मान ने बताया कि यह परियोजना किसी पॉलिटेक्निक/तकनीकी संस्थान के साथ संयुक्त रूप से प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग को भी मजबूत करेगी।

    उद्योग की आवश्यकताओं के आधार पर टी.एस.एफ. वित्तीय सहायता, तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण सहयोग और पाठ्यक्रम निर्माण में भी मदद करेगा। इस दौरान अप्रेंटिसशिप की सुविधा भी उपलब्ध होगी और योग्य प्रशिक्षुओं को उपयुक्त रोजगार अवसर मिलेंगे।

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों के कारण टी.एस.एफ. ने लगभग 400 करोड़ रुपए के निवेश से पंजाब में अपनी मौजूदा विनिर्माण सुविधा का विस्तार करने की औपचारिक इच्छा व्यक्त की है।

    इस निवेश का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, नये रोजगार सृजन, उन्नत तकनीक को शामिल करना और भारत में कंपनी की दीर्घकालिक उपस्थिति को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि टी.एस.एफ. ने पंजाब के प्रति अपनी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता दोहराई है। मान ने कंपनी को राज्य में विस्तार और संचालन से जुड़े सभी कार्यों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।

    इस दौरान टी.एस.एफ. समूह ने पंजाब में काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए इसे मजबूत उद्योग-सरकार साझेदारी, आसान प्रक्रियाएँ, उच्च गुणवत्ता वाले कार्यबल की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अनुकूल निवेश माहौल का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विस्तार परियोजना के माध्यम से यह साझेदारी और मजबूत होगी।

    उन्होंने इस परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियों और संचालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने में पंजाब सरकार और इन्वेस्ट पंजाब से निरंतर सहयोग की उम्मीद जताई।

  • मान सरकार की बड़ी पहल: पंजाब के सरकारी स्कूल बन रहे ‘खुशियों की पाठशाला’

    मान सरकार की बड़ी पहल: पंजाब के सरकारी स्कूल बन रहे ‘खुशियों की पाठशाला’

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में एक कमाल की ‘शिक्षा क्रांति’ शुरू की है। इसका सीधा फायदा बच्चों के अच्छे भविष्य के रूप में दिख रहा है। मान सरकार ने रट्टा लगाने के पुराने और मुश्किल तरीके को हटाकर, फिनलैंड के मशहूर ‘खुशी-आधारित’ (Happiness-First) शिक्षा मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल का मकसद बच्चों के बचपन को बचाना और उन्हें खुश इंसान बनाना है।

    सरकारी स्कूलों के मेहनती शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए सीधे फिनलैंड भेजना, दिखाता है कि सरकार शिक्षा के स्तर को दुनिया जैसा बनाना चाहती है। यह सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों पर हमारा पूरा भरोसा है। अब तक 200 से ज्यादा प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ तुर्कू में 15 दिन की खास ट्रेनिंग के लिए भेजा जा चुका है। यह पहल पिछली सरकारों के झूठे वादों से बिल्कुल अलग है—यह तो काम की गारंटी है! पहला बैच 18 अक्टूबर 2024 को गया, दूसरा 15 मार्च 2025 को और तीसरा 15 नवंबर 2025 को भेजा गया।

    हँसते-खेलते बच्चे, बेहतर भविष्य की गारंटी हैं, और यही कारण है कि शिक्षकों ने फिनलैंड से लौटकर कक्षा का माहौल पूरी तरह बदल दिया है। अब सरकारी स्कूल सिर्फ किताबें पढ़ने की जगह नहीं रहे, बल्कि खुशी, नई सोच और प्रैक्टिकल ज्ञान के केंद्र बन गए हैं। छोटे ब्रेक, बड़ा बदलाव, एकाग्रता में वृद्धि की यह नई नीति अब सरकारी स्कूलों में अपनाई जा रही है, क्योंकि हेड टीचर लवजीत सिंह ग्रेवाल जैसे शिक्षकों ने फिनलैंड से यह सबसे बड़ी सीख ली है कि “बच्चों को साँस लेने, खेलने और तरोताज़ा होने का मौका मिलना चाहिए।” इसीलिए, अब हर दो पीरियड के बाद बच्चों को छोटा ब्रेक दिया जाता है। इस छोटे से बदलाव ने कमाल का असर दिखाया है: अब बच्चे ज्यादा ध्यान, बेहतर एकाग्रता और ऊर्जा के साथ पढ़ाई पर लौटते हैं। हम बच्चों के बचपन का बोझ कम कर रहे हैं!

    क्लासरूम से खेत तक: व्यावहारिक ज्ञान की शक्ति को समझते हुए, शिक्षा अब चार दीवारी तक सीमित नहीं है। बच्चों को मिट्टी और अपनी खेती-बाड़ी की जड़ों से जोड़ने के लिए उन्हें धान के खेतों में ले जाया गया, जहाँ उन्होंने देखा कि रोपाई कैसे होती है। ई.वी.एस. (पर्यावरण अध्ययन,EVS) के पाठ को समझने के लिए छात्रों को बाढ़ वाले इलाकों का दौरा कराया गया ताकि वे खुद समझ सकें कि पेड़ कटने से बाढ़ कैसे आती है—कम पेड़ वाले इलाके ज्यादा प्रभावित हुए। यह सीखने का अनुभव किताबों से कहीं ज्यादा बेहतर था। इसके साथ ही, फिनलैंड से प्रेरणा लेकर, अब स्कूलों में जीवन जीने के जरूरी कौशल (Life Skills) सिखाए जा रहे हैं, जहाँ पुरानी सोच को तोड़ते हुए लड़के सिलाई और लड़कियाँ वेल्डिंग जैसे काम सीखेंगे, क्योंकि वहाँ हर कोई ये हुनर सीखता है।

    माँओं की भागीदारी: घर और स्कूल का गठबंधन बनाने के लिए, पटियाला के कपूरी गाँव में, हेड टीचर जगजीत वालिया ने ‘मॉम वर्कशॉप्स’ शुरू की हैं। यहाँ माताएँ (जिनमें से ज्यादातर घरेलू काम करती हैं और शादी के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी) बच्चों के साथ पहेलियाँ सुलझाने और रंग भरने जैसी एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेती हैं। इससे अभिभावक और स्कूल का जुड़ाव बढ़ रहा है। हम पूरे परिवार को शिक्षा से जोड़ रहे हैं!

    तनाव-मुक्त शिक्षा! अनुपस्थिति हुई कम, क्योंकि शिक्षकों ने अब नोटबुक भरवाने पर नहीं, बल्कि रंग भरने, मिट्टी के मॉडल बनाने और सीखने को आसान बनाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। क्लस्टर हेड टीचर कविंदर कुमार का कहना है कि फिनलैंड ने उन्हें सिखाया कि आराम और खुशी से बच्चों की हाजिरी (Attendance) बढ़ती है और सुबहें खुशनुमा हो जाती हैं। यही कारण है कि नए बच्चों को खुश करने के लिए चिल्ड्रन डे (14 नवंबर) पर ‘जंबो’ नाम का गुब्बारों से बना एक ‘छात्र’ बनाया गया ताकि वे स्कूल आने के लिए उत्साहित हों। शिक्षक जसप्रीत सिंह के अनुसार, फिनलैंड में बाल देखभाल केंद्र स्कूलों से जुड़े होते हैं, जहाँ बच्चों के लिए थोड़ी देर सोने का समय (nap time) होता है और एक टीचर पर सिर्फ 20 छात्र होते हैं,यह तरीका प्यार, लचीलेपन और लगातार हौसला बढ़ाने पर टिका है।

    संस्थागत बदलाव: शिक्षा क्रांति की मज़बूत नींव और सरकार का दीर्घकालिक विज़न सुनिश्चित करते हुए, शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा ने भरोसा दिलाया है कि सरकार इन अच्छे बदलावों को पक्का करने के लिए एक मजबूत योजना पर काम कर रही है। जनवरी 2026 से, फिनलैंड से लौटे शिक्षक एक खास शेड्यूल के तहत अपने बाकी साथियों को ट्रेनिंग देना शुरू करेंगे, जिससे यह मॉडल पूरे राज्य में फैलेगा। इसके अलावा, फिनलैंड के साथ पढ़ाई का मटीरियल साझा करने और नई जानकारी लेने-देने की योजना पर भी काम चल रहा है। स्कूलों में हर बच्चे की ताकत जानने के लिए साइकोमेट्रिक लैब बनाने का काम भी जारी है।मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शिता के कारण, पंजाब के सरकारी स्कूल अब शिक्षा में सबसे आगे निकल रहे हैं। यह सिर्फ शिक्षा को सुधारना नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य में किया गया एक सच्चा निवेश है, जिससे कल पंजाब की तरक्की होगी।

  • बाढ़ के बाद राहत: पशुपालकों के लिए मान सरकार की 59 लाख की सहायता

    बाढ़ के बाद राहत: पशुपालकों के लिए मान सरकार की 59 लाख की सहायता

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में घोषित इस योजना के तहत होशियारपुर और तारागढ़ गांव के पशुपालकों और डेयरी किसानों को कुल 59 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल पंजाब में पशुपालन और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के सरकार के दृष्टिकोण का हिस्सा है। इस योजना के अंतर्गत राजपुरा में 17 लाख रुपये और तारागढ़ में 42 लाख रुपये की राशि वितरित की जाएगी, जिससे स्थानीय पशु चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

    पंजाब सरकार ने पशुपालकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस वर्ष 204 डेयरी किसानों को 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की है। यह राशि 2 से 20 पशुओं वाली डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए दी गई है। इसके अलावा, 9,150 बेरोज़गार युवाओं को डेयरी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे स्वरोज़गार के अवसर प्राप्त कर सके। प्रदेश भर में 47 राज्य और ज़िला स्तरीय सेमिनार और शिविर आयोजित किए गए है, जिनमें पशुधन किसानों को बीमा योजना के लाभ, दावा प्रक्रिया और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में शिक्षित किया गया है। यह पहल भागीदारी और विश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद सीज़न के दौरान 8 लाख से अधिक किसानों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर ज़िले में 3.14 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं आने की उम्मीद है, जबकि जालंधर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर क्रमशः 5.25 लाख, 3.61 लाख और 2.64 लाख मीट्रिक टन का योगदान देंगे। मंत्री ने किसानों द्वारा लाए गए प्रत्येक अनाज को खरीदने की सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब का डेयरी उद्योग उल्लेखनीय परिवर्तन देख रहा है। माझा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य स्टरलाइज्ड फ्लेवर्ड दूध और लस्सी तथा दही जैसे किण्वित डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। यह साहसिक कदम उच्च गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में पंजाब की स्थिति को मजबूत करता है। स्थानीय दूध संयंत्र में अपग्रेड की गई सुविधाएं उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएंगी, जो क्षेत्र और उससे आगे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मूल्य वर्धित दूध उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।

    पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 30,000 पशुओं का बीमा किया गया है और किसानों को 7 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। इस योजना के तहत, पशुओं की मृत्यु या बीमारी की स्थिति में किसानों को तुरंत वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण जारी रखने में मदद मिलती है। सरकार ने युवाओं को डेयरी खेती के बारे में सक्रिय रूप से शिक्षित करने और विभागीय योजनाओं के बारे में सूचित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि अधिकतम लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके।

    पशु चिकित्सालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना के तहत, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की खरीद और अनुकूलन के लिए 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह सेवा किसानों के दरवाजे पर टोल-फ्री नंबर के माध्यम से उपलब्ध है, जिसमें रोग निदान, उपचार, टीकाकरण, छोटी शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप और विस्तार सेवाएं शामिल हैं। पंजाब में वर्तमान में पशु चिकित्सा उपचार की सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं, जिससे पशुधन रोगों का शीघ्र पता लगाने और प्रबंधन की क्षमता बढ़ रही है।

    वेरका ब्रांडेड उत्पादों को अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जा रहा है, जिससे दूध, दही और लस्सी जैसे प्रतिष्ठित उत्पाद वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, सेलिब्रिटी ब्रांड एंबेसडर की शुरुआत और एक नए शुभंकर ‘वीरा’ सहित नवीन ब्रांडिंग प्रयास उपभोक्ता जुड़ाव को बढ़ाने और वैश्विक मंच पर ब्रांड दृश्यता को ऊंचा करने के लिए तैयार है। राज्य पारंपरिक पसंदीदा जैसे रबड़ी और काजू बादाम दूध सहित नए डेयरी उत्पादों को भी पेश कर रहा है। ये परिवर्धन उपभोक्ता स्वाद की गहरी समझ और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पिछले डेढ़ साल में पंजाब को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पूर्ण सांप्रदायिक सद्भाव है और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण है, जो राज्य के समग्र विकास और समृद्धि को गति दे रहा है। नीदरलैंड स्थित डी ह्यूस कंपनी द्वारा राजपुरा में 138 करोड़ रुपये के पशु आहार संयंत्र की स्थापना इस बात का उदाहरण है कि पंजाब किस प्रकार निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। यह संयंत्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार प्रदान करेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा।

    स्थानीय किसानों और पशुपालकों ने इस पहल का स्वागत किया है। होशियारपुर के एक डेयरी किसान ने कहा, “यह योजना हमारे लिए वरदान साबित होगी। सरकार की इस पहल से हमें अपने पशुओं के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और हमारी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।” पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जिला स्तर पर आधुनिक नैदानिक प्रयोगशालाओं की स्थापना से पशुधन क्षेत्र को बड़ी मदद मिलेगी। अधिकांश पशुधन किसान निजी परीक्षण का खर्च वहन नहीं कर सकते, इसलिए जिला स्तरीय सार्वजनिक नैदानिक प्रयोगशालाएं स्थापित करना एक स्वागत योग्य कदम है।

    पंजाब अपनी डेयरी विरासत को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ वैश्विक उत्कृष्टता के एक नए युग के लिए इसे फिर से परिभाषित कर रहा है। डेयरी किसानों और पशुपालकों के लिए उचित मूल्य निर्धारण और निरंतर विकास के अवसरों का आश्वासन देते हुए, सरकार उन्हें अपना योगदान बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। दिल्ली और एनसीआर जैसे नए बाजारों में सक्रिय विस्तार के साथ, राज्य का प्रमुख डेयरी सहकारी संगठन तेजी से पूरे भारत में अपना पदचिह्न बढ़ा रहा है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि पंजाब को डेयरी उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

  • सीएम मान का विजन: AI तकनीक से मोहाली में दुर्घटनाएं कम करने की तैयारी

    सीएम मान का विजन: AI तकनीक से मोहाली में दुर्घटनाएं कम करने की तैयारी

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मोहाली में एआई-पावर्ड सिटी सर्विलांस एंड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को सफलतापूर्वक संचालित कर रही है। मार्च 2025 से चल रही इस परियोजना पर 21.60 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो राज्य की प्रगति और आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है। यह प्रणाली न केवल यातायात को सुव्यवस्थित कर रही है बल्कि शहर की सुरक्षा को भी मजबूत बना रही है, जो पंजाब सरकार की जन-केंद्रित नीतियों का जीवंत उदाहरण है।

    इस अत्याधुनिक प्रणाली में 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं, जो ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और ई-चालान सुविधाओं से लैस हैं। कंट्रोल रूम में लाइव कैमरा फीड्स और डेटा डैशबोर्ड के माध्यम से रीयल-टाइम यातायात निगरानी जारी है। पंजाब सरकार की यह पहल तकनीकी नवाचार को अपनाकर राज्य को स्मार्ट सिटी की दिशा में आगे बढ़ा रही है, जिससे नागरिकों का जीवन आसान और सुरक्षित हो रहा है।

    प्रणाली के शुरू होने के पहले सप्ताह में ही 1.40 करोड़ रुपये के जुर्माने जारी किए गए थे, जो यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाती है। अब रोजाना 5,000 से 6,000 चालान जारी हो रहे हैं, जो न केवल राजस्व बढ़ा रहे हैं बल्कि लोगों में नियम पालन की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने इस माध्यम से कानून व्यवस्था को मजबूत करने का सराहनीय प्रयास किया है, जो अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहा है।

    यह प्रणाली आपातकालीन प्रतिक्रियाओं में सुधार लाकर दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बेहतर समन्वय के जरिए पुलिस और अन्य एजेंसियां त्वरित कार्रवाई कर रही हैं, जिससे नागरिकों की जान-माल की रक्षा हो रही है। पंजाब सरकार की यह पहल स्वास्थ्य, परिवहन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में एकीकृत दृष्टिकोण अपनाती है, जो राज्य के विकास मॉडल को मजबूत बना रही है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के विजन के तहत यह प्रणाली पंजाब को डिजिटल इंडिया की मुख्यधारा में शामिल करने का माध्यम बन रही है। एआई तकनीक का उपयोग न केवल यातायात प्रबंधन में बल्कि अपराध नियंत्रण और शहर नियोजन में भी क्रांति ला रहा है। सरकार की यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच असमानता को कम करने की दिशा में एक कदम है, जो समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही है।

    इस प्रणाली से प्राप्त डेटा का उपयोग भविष्य की नीतियों के निर्माण में किया जा रहा है, जो पंजाब को एक मॉडल राज्य बना रहा है। नागरिकों की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि यह बदलाव उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है, जैसे ट्रैफिक जाम में कमी और सुरक्षित यात्रा। पंजाब सरकार की यह उपलब्धि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

    मोहाली की यह एआई प्रणाली पंजाब सरकार की प्रगतिशील सोच का प्रमाण है, जो भविष्य में पूरे राज्य में विस्तारित होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी टीम को इस नवाचार के सफल संचालन के लिए बधाई, जो पंजाब को एक सुरक्षित, स्मार्ट और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है। यह पहल न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार कर रही है।

  • पंजाब पुलिस का गौरव: कांस्टेबल गुरसिमरन बैंस वायुसेना अधिकारी बने, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    पंजाब पुलिस का गौरव: कांस्टेबल गुरसिमरन बैंस वायुसेना अधिकारी बने, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के लिए यह गौरव का क्षण है। राज्य पुलिस विभाग के एक कांस्टेबल ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर वह मुकाम हासिल किया है जो हर युवा का सपना होता है। पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात गुरसिमरन सिंह बैंस को भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित फ्लाइंग ब्रांच में अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल गुरसिमरन के लिए बल्कि पूरे पंजाब पुलिस विभाग और राज्य सरकार के लिए गर्व की बात है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

    डीजीपी पंजाब पुलिस ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो और कभी हार मत मानो—यही महानता का रास्ता है।” उन्होंने कहा कि कांस्टेबल गुरसिमरन सिंह बैंस ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ निश्चय, समर्पण और साहस के साथ कोई भी व्यक्ति आसमान को छू सकता है। डीजीपी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उन्हें गुरसिमरन को मार्गदर्शन देने का सौभाग्य मिला है और उनकी लगन वाकई प्रेरणादायक रही है। यह कहानी हर युवा के लिए एक मिसाल बनेगी कि सही दिशा में प्रयास करने से असंभव भी संभव हो जाता है।

    पंजाब सरकार ने हमेशा से अपने कर्मचारियों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है। पुलिसकर्मियों को न केवल बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, बल्कि उनके कौशल विकास और उच्च शिक्षा के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। गुरसिमरन की यह उपलब्धि पंजाब सरकार की इसी दूरदर्शी सोच और सकारात्मक कार्य संस्कृति का परिणाम है। विभाग में ऐसा माहौल बनाया गया है जहां हर कर्मचारी अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करता है।

    पंजाब पुलिस विभाग देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों में से एक है जो अपने जवानों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करता है। विभाग में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम, मेंटरशिप सेशन और करियर काउंसलिंग की व्यवस्था की जाती है। कई पुलिसकर्मियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विशेष प्रशिक्षण के लिए अवकाश और सहायता भी प्रदान की जाती है। इस तरह की नीतियों का नतीजा है कि पंजाब पुलिस के जवान न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि व्यक्तिगत उत्कृष्टता हासिल करने में भी अग्रणी हैं। गुरसिमरन का उदाहरण इस बात को पुख्ता करता है कि पंजाब पुलिस अपने कर्मियों की प्रतिभा को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ती।

    गुरसिमरन सिंह बैंस की सफलता की कहानी युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि पद चाहे छोटा हो या बड़ा, महत्व इस बात का है कि आप अपने लक्ष्य के प्रति कितने समर्पित हैं। एक कांस्टेबल से फ्लाइंग ऑफिसर तक का सफर आसान नहीं रहा होगा, लेकिन गुरसिमरन ने हर चुनौती को अवसर में बदल दिया। उन्होंने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी और अपने वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार मार्गदर्शन प्राप्त किया। उनकी इस यात्रा में पंजाब पुलिस के अधिकारियों का सहयोग और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण रहा है। यह सहयोग ही है जो किसी संगठन को महान बनाता है।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि गुरसिमरन की सफलता पंजाब के हर नौजवान के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। चाहे वह शिक्षा हो, रोज़गार हो या खेल, सरकार युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरसिमरन जैसे युवा पंजाब का गौरव है और उनकी सफलता से पूरे प्रदेश का मस्तक ऊंचा हुआ है। उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि वे भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और कड़ी मेहनत से अपने सपनों को साकार करे।

    सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया है। लोगों ने गुरसिमरन को बधाई देते हुए उन्हें रोल मॉडल बताया है। कई युवाओं ने कमेंट करके अपनी प्रेरणा साझा की है और कहा है कि यह कहानी उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए प्रोत्साहित करती है। पंजाब पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने भी गुरसिमरन की इस उपलब्धि को विभाग के लिए गर्व का विषय बताया है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऐसी सफलताएं विभाग की सकारात्मक छवि को मज़बूत करती है और अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करती है।

    पंजाब सरकार की गुड गवर्नेंस की नीति का यह एक शानदार उदाहरण है। जब सरकार अपने कर्मचारियों के विकास में निवेश करती है, तो परिणाम इसी तरह के होते है। पंजाब पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि अपने जवानों के व्यक्तित्व विकास में भी अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा पुलिस कल्याण, आधुनिक उपकरण, बेहतर वेतन और प्रशिक्षण पर किया गया निवेश अब फल देने लगा है। विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रोत्साहन की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका सीधा असर कर्मचारियों के मनोबल और प्रदर्शन पर दिख रहा है।

    गुरसिमरन सिंह बैंस अब भारतीय वायुसेना में एक अधिकारी के रूप में देश की सेवा करने के लिए तैयार हैं। उनका यह सफर न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय है। डीजीपी पंजाब पुलिस ने अपने संदेश में कहा कि “गुरसिमरन, तुम्हारी उपलब्धि से मैं गर्व से भरा हुआ हूं। मैं दुनिया के शिखर पर हूं।” यह भावनात्मक संदेश इस बात का प्रतीक है कि पंजाब पुलिस अपने हर सदस्य को परिवार का हिस्सा मानती है। गुरसिमरन की इस सफलता से पंजाब सरकार की छवि एक संवेदनशील, प्रगतिशील और कर्मचारी-केंद्रित प्रशासन के रूप में और मज़बूत हुई है। यह कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और साबित करेगी कि सही नेतृत्व और माहौल में हर सपना पूरा हो सकता है।

  • गुणवत्ता से समझौता नहीं: पंजाब में सड़कों का 5 साल रखरखाव और पंचायत की मंजूरी अनिवार्य, ठेकेदारों पर लगेगी कड़ी कार्रवाई

    गुणवत्ता से समझौता नहीं: पंजाब में सड़कों का 5 साल रखरखाव और पंचायत की मंजूरी अनिवार्य, ठेकेदारों पर लगेगी कड़ी कार्रवाई

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक सुधार लाने के उद्देश्य से ‘सीएम फ्लाइंग स्क्वाड’ की शुरुआत की है। अक्टूबर 2025 में शुरू हुई यह पहल 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण की 16,209 करोड़ रुपये की विशाल योजना का हिस्सा है। इसका मकसद सड़क निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों से होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य यह है कि सड़क निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि सड़क घटिया गुणवत्ता की पाई गई या समय पर रखरखाव नहीं किया गया, तो संबंधित ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके साथ ही हर ठेकेदार को 5 वर्ष तक सड़क की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे सड़कों को लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बनाए रखा जा सके। देश के कुछ राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश और झारखंड में जहां सड़क परियोजनाएं अक्सर देरी और खराब गुणवत्ता के चलते प्रभावित होती हैं, वहां पंजाब का यह मॉडल एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

    सरकार द्वारा गठित यह फ्लाइंग स्क्वाड पंजाब मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर बना है, जो विभिन्न जिलों में आकस्मिक निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। विशेष रूप से 3,425 करोड़ रुपये की ग्रामीण लिंक रोड परियोजना पर इसकी कड़ी नजर है। जहां भी खराब निर्माण कार्य पाया गया, वहां तुरंत ठेकेदारों के अनुबंध रद्द किए गए। पंचायतों की संतुष्टि के बाद ही भुगतान जारी करने का नियम ठेकेदारों को जिम्मेदारी से काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

    अब तक सात जिलों में किए गए निरीक्षणों से पता चला है कि सड़कों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फ्लाइंग स्क्वाड की कार्रवाइयों ने ठेकेदारों को एक स्पष्ट संदेश दिया है—रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में चूक पर ब्लैकलिस्टिंग तय है। इससे न सिर्फ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है। बेहतर संपर्क से किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंच रहा है।

    पंजाब का यह सख्त और पारदर्शी मॉडल उन राज्यों के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है, जहां सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और ठेकेदारों की मनमानी एक आम समस्या है। असम, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी सड़कों का रखरखाव लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। पंजाब ने यह साबित किया है कि यदि रखरखाव को अनुबंध का अनिवार्य हिस्सा बना दिया जाए, तो सड़कें न केवल टिकाऊ बन सकती हैं बल्कि विकास भी निरंतर आगे बढ़ सकता है।

    इस पूरी प्रक्रिया में पंचायतों की भूमिका अहम है। ठेकेदारों को भुगतान तभी मिलेगा जब पंचायतें कार्य से संतुष्ट होंगी। यह नीति स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करती है और विकास की प्रक्रिया में लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण सड़कों के चलते शिक्षा, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पहले से अधिक सुगम हो रही है।

    अंततः, सीएम फ्लाइंग स्क्वाड पंजाब सरकार की दूरदर्शिता और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है। इस पहल ने ठेकेदारों को पूरी तरह जवाबदेह बनाकर सड़क निर्माण में गुणवत्ता के नए मानक स्थापित किए हैं। इससे पंजाब न केवल अपने बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बढ़ रहा है, बल्कि यह सख्त नीति राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह पहल निश्चित रूप से पंजाब को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही है।

  • पराली प्रदूषण में 94% कमी का बड़ा परिणाम, केंद्र ने मान सरकार के ‘पंजाब मॉडल’ को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दी मंजूरी

    पराली प्रदूषण में 94% कमी का बड़ा परिणाम, केंद्र ने मान सरकार के ‘पंजाब मॉडल’ को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दी मंजूरी

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने आज गर्व के साथ घोषणा की है कि राज्य ने खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को अभूतपूर्व 94% तक कम करने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। यह सफलता भारत के लिए एक मिसाल है और यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में अपनाई गई किसान-प्रथम, विज्ञान-आधारित रणनीति कितनी प्रभावी है। जहाँ 2016 में 80,879 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर केवल 5,114 रह गई है, जो 2024 से 53% की कमी है। यह उपलब्धि एक दशक लंबे संघर्ष की परिणति है, जिसने पंजाब को वायु प्रदूषण, मिट्टी के क्षरण और व्यापक स्वास्थ्य समस्याओं में योगदानकर्ता के रूप में टैग किए जाने की छवि को पूरी तरह से बदल दिया है।

    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पंजाब के इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की बात कहना, इस सफलता की महत्ता को और अधिक बल देता है। यह उपलब्धि एक सतत, विज्ञान-आधारित और किसान-प्रथम रणनीति के माध्यम से संभव हुई है, जिसने दंड के बजाय सहयोग और समाधान पर ध्यान केंद्रित किया है।

    सफलता के मूल मंत्र: सहयोग, समर्थन और समाधान, यह ऐतिहासिक बदलाव केवल इसलिए संभव हुआ है क्योंकि सरकार ने किसानों को सज़ा देने के बजाय, उन्हें सहयोगी बनाकर ठोस समाधान दिए हैं।

    आधुनिक मशीनरी की व्यापक तैनाती और रिकॉर्ड सब्सिडी के माध्यम से सफलता मिली। पराली प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी पहल फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) कार्यक्रम रही, जिसे 2018-19 में लॉन्च किया गया था। किसानों को लाखों की संख्या में हैप्पी सीडर्स, सुपर सीडर्स, मल्चर, एम.बी. हल और बेलर्स जैसी उन्नत मशीनें उपलब्ध कराई गईं। कृषि विभाग के निदेशक जसवंत सिंह ने बताया कि शुरुआत में मशीनें अपनाने की गति धीमी थी। हालाँकि, सरकार ने जब सुपर सीडर्स जैसी मशीनरी का वितरण बढ़ाया, तो किसानों ने इसे अपनाया। विशेष रूप से, छोटे किसानों के लिए मशीनरी खरीद पर 80% तक की भारी सब्सिडी प्रदान की गई, जो पहले 50% थी। 2018-19 में लगभग 25,000 मशीनों से शुरुआत करते हुए, 2025 तक 1.48 लाख से अधिक CRM मशीनें वितरित की जा चुकी हैं, जिनमें 66,000 सुपर सीडर्स शामिल हैं। इन मशीनों ने पराली को मिट्टी में शामिल करने और गेहूँ की बुवाई करने की अनुमति दी।

    एक्स-सीटू समाधानों का महाअभियान चलाया गया: पराली अब बेकार नहीं, व्यापार है,कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने स्पष्ट किया कि यह केवल मशीनें प्रदान करने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के बारे में है जहाँ किसान गैर-दहन प्रथाओं के लाभों को समझते हैं और यह उनकी दीर्घकालिक उत्पादकता तथा कई उद्योगों की सफलता में कैसे योगदान देता है। इन-सीटू समाधानों के साथ-साथ, सरकार ने एक्स-सीटू समाधान भी विकसित किए। बायोमास पावर प्लांट्स, पेपर मिल्स और बायो-सीएनजी प्लांट्स के नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया, जो सीधे किसानों से पराली खरीदते हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक और CRM कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जगदीश सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष अकेले, 27.6 लाख टन से अधिक पराली का उद्योगों द्वारा पुन: उपयोग किया गया, जबकि इस वर्ष अकेले 75 लाख टन (7.50 मिलियन टन) पराली को एकत्र करके औद्योगिक उपयोग के लिए पुन: उपयोग किया गया है। यह ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ दृष्टिकोण किसानों के लिए एक अतिरिक्त आय का स्रोत बन गया है। जसवंत सिंह ने पुष्टि की कि बायोमास पावर प्लांट्स, पेपर मिल्स और पैडी स्ट्रॉ पैलेट-मेकिंग यूनिट्स का बढ़ता नेटवर्क पंजाब की पराली प्रबंधन रणनीति का आधार बन गया है।

    ज़मीनी स्तर पर जागरूकता और भागीदारी का माहौल तैयार किया गया,गाँव-स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन कमेटियाँ बनाई गईं। डोर-टू-डोर किसान आउटरीच के तहत, कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने निरंतर जागरूकता अभियान चलाए। किसानों को उनकी मिट्टी के स्वास्थ्य और दीर्घकालिक उत्पादकता पर पराली जलाने के नुकसान के बारे में समझाया गया, जिससे उनकी मानसिकता में एक स्पष्ट और सकारात्मक बदलाव आया। जसवंत सिंह ने जिला नागरिक और पुलिस प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिन्होंने बिना रुके जागरूकता अभियान चलाए और नियमों को लागू किया। उन्होंने कहा कि सरकारी हस्तक्षेपों, मीडिया आउटरीच, पर्यावरण एनजीओ और शैक्षिक कार्यक्रमों का संयोजन महत्वपूर्ण रहा है, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और जिला-स्तरीय एजेंसियों ने एक साथ काम किया है। इसके साथ ही, सरकार ने समय पर फसल की खरीद और नकद प्रवाह की स्थिरता सुनिश्चित की, ताकि किसान जल्दबाजी में खेत साफ करने के लिए पराली जलाने को मजबूर न हों।

    सख्त निगरानी रखी गई, लेकिन दंड के बजाय समर्थन पर ध्यान केंद्रित किया गया। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग ने 2006 से ही सैटेलाइट ट्रैकिंग (PRSC) के माध्यम से निगरानी को मजबूत किया। NASA इमेजरी से समस्या की पहचान हुई थी। प्रवर्तन के मामले में, सरकार का फोकस समर्थन पर रहा, न कि केवल दंड पर। हालाँकि, नियमों को लागू करने के लिए केवल बार-बार और जानबूझकर उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ ही 1963 FIRs दर्ज की गईं। अतीत में पराली जलाने का समर्थन करने वाली किसानों की यूनियनों ने भी हाल के वर्षों में इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। खुड्डियां ने कहा कि किसानों की मानसिकता में एक स्पष्ट बदलाव आया है, वे अब मानते हैं कि पराली जलाना उनके दीर्घकालिक मिट्टी की उत्पादकता को नुकसान पहुँचाता है।

    यह उपलब्धि दर्शाती है कि पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान जी के मार्गदर्शन में, किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लेकर चल सकती है। जसवंत सिंह ने कहा कि अब ध्यान मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और यह सुनिश्चित करने पर होना चाहिए कि CRM मशीनरी सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुँचे। यह भारत का सबसे सफल प्रदूषण विरोधी अभियान बन गया है, जो पूरे देश को दिशा दे रहा है।

    यह उपलब्धि दर्शाती है कि पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के मार्गदर्शन में, किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लेकर चल सकती है। जसवंत सिंह ने कहा कि अब ध्यान मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और यह सुनिश्चित करने पर होना चाहिए कि CRM मशीनरी सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुँचे। यह भारत का सबसे सफल प्रदूषण विरोधी अभियान बन गया है, जो पूरे देश को दिशा दे रहा है।

  • एक ही छत के नीचे 173 सेवाओं के साथ निवेशकों को मिलेगा पूरा सहारा, CM मान की बड़ी योजना

    एक ही छत के नीचे 173 सेवाओं के साथ निवेशकों को मिलेगा पूरा सहारा, CM मान की बड़ी योजना

    चंडीगढ़: पंजाब ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सशक्त नेतृत्व में फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल के फेज-2 का शुभारंभ कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अब निवेशकों को एक छत के नीचे पूरे 173 सरकारी सेवाएं उपलब्ध होंगी, जो पंजाब को देश का सबसे निवेश-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

    उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि 15 प्रमुख विभागों की ये 173 जी2बी (Government-to-Business) सेवाएं अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। एक छत के नीचे इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देने वाला पंजाब शायद देश का पहला राज्य बन गया है, जो निवेशकों के लिए स्वर्ग समान सुविधा प्रदान कर रहा है।

    पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट (RTBA) के तहत किए गए क्रांतिकारी सुधारों ने भूमि आबंटन, निर्माण अनुमति, पर्यावरण मंजूरी और PSIEC औद्योगिक पार्कों से जुड़ी दस बड़ी मंजूरियों को भी फास्ट-ट्रैक में शामिल कर लिया है। ये सभी सेवाएं अब इसी एक छत के नीचे, पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हैं।

    सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि स्वीकृत औद्योगिक पार्कों में आने वाली पात्र परियोजनाओं को मात्र 5 कार्यदिवसों में सैद्धांतिक मंजूरी मिल जाएगी। दुनिया के सबसे तेज़ औद्योगिक क्षेत्र भी इस गति का मुकाबला नहीं कर सकते। भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया कि नौकरशाही को निवेशकों का सबसे बड़ा सहयोगी बनाया जा सकता है।

    गैर-RTBA मामलों में भी अब अधिकतम 45 कार्यदिवसों में सभी मंजूरियां अनिवार्य रूप से पूरी हो जाएंगी। पहले जहाँ सालों लग जाते थे, वहीं अब कानूनी समय-सीमा के साथ एक छत के नीचे 173 सेवाओं का पूरा लाभ मिलेगा। यह विश्वास निवेशकों में नई ऊर्जा का संचार करेगा।

    यह सुधार केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे-मध्यम उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए भी वरदान साबित होगा। लाखों नए रोज़गार सृजित होंगे और पंजाब फिर से देश का औद्योगिक पावरहाउस बनेगा। भगवंत मान का सपना साकार हो रहा है।

    एक छत के नीचे 173 सेवाएं उपलब्ध कराकर भगवंत मान सरकार ने पंजाब के सुनहरे भविष्य की नींव रख दी है। यह सिर्फ एक पोर्टल नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्धि और खुशहाली का नया द्वार है। जय पंजाब! जय भगवंत मान सरकार!