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  • पंजाब में निवेश के नए अवसर, CM मान जापान में 25 बड़ी कंपनियों से करेंगे मुलाकात

    पंजाब में निवेश के नए अवसर, CM मान जापान में 25 बड़ी कंपनियों से करेंगे मुलाकात

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान एक दिसंबर से जापान की 10 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे, जो राज्य सरकार की आर्थिक विकास योजना में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरे की खास बात यह है कि मान सरकार ने पारंपरिक निवेश सम्मेलनों के बजाय सीधे विदेशी धरती पर जाकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के उद्योगपतियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अनूठा तरीका अपनाया है। यह रणनीति दर्शाती है कि आम आदमी पार्टी की सरकार पारंपरिक तरीकों से हटकर सक्रिय और प्रत्यक्ष दृष्टिकोण अपना रही है।

    जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मान टोक्यो और साप्पोरो शहरों का दौरा करेंगे, जहां उनकी 25 बड़ी जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकातें निर्धारित की गई हैं। उद्योग मंत्री और मुख्य सचिव भी इस महत्वपूर्ण यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ होंगे, जो इस मिशन की गंभीरता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जापानी कंपनियां अपनी उन्नत तकनीक, अनुशासित कार्य संस्कृति और दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। यदि पंजाब इन कंपनियों को आकर्षित करने में सफल होता है, तो यह राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। जापान की ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और उन्नत विनिर्माण कंपनियां पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल सकती हैं।

    पंजाब सरकार की इस पहल को आर्थिक विशेषज्ञ सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं। एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री के अनुसार, “भगवंत मान सरकार ने यह समझा है कि वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए घर बैठे इंतजार करने के बजाय उनके दरवाजे पर दस्तक देनी होगी। यह दौरा दिखाता है कि पंजाब सरकार गंभीरता से अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहती है।” पिछले कुछ वर्षों में पंजाब ने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से औद्योगिक विविधीकरण की ओर बढ़ने का प्रयास किया है, और यह जापान दौरा उसी दिशा में एक सुनियोजित कदम प्रतीत होता है।

    इस यात्रा की तैयारियां काफी समय से चल रही थीं। सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने जापानी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिनमें भूमि आवंटन में सुविधा, कर छूट, और एकल खिड़की प्रणाली जैसे प्रावधान शामिल हैं। मुख्यमंत्री के साथ एक विशेषज्ञ टीम भी जाएगी जो जापानी उद्योगपतियों को पंजाब की भौगोलिक स्थिति, बुनियादी ढांचे, और कुशल जनशक्ति की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी। पंजाब का दिल्ली के निकट होना और राष्ट्रीय राजमार्गों से अच्छी कनेक्टिविटी इसे निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती है।

    भगवंत मान सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं जो निवेशकों को सकारात्मक संकेत देते हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश, प्रशासनिक पारदर्शिता, और व्यापार करने में आसानी की दिशा में उठाए गए कदमों ने पंजाब की छवि में सुधार किया है। अब यह जापान दौरा उन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बड़े निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी तकनीकी साझेदारियां स्थापित करना है जो पंजाब के युवाओं को नए कौशल सीखने और वैश्विक मानकों पर काम करने का मौका दें।

    सोशल मीडिया पर इस खबर की चर्चा तेजी से हो रही है। पंजाब के युवा इस पहल का स्वागत कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि यह दौरा रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा। एक स्थानीय उद्यमी ने कहा, “हमें ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत थी जो सिर्फ घोषणाएं न करें बल्कि खुद जाकर निवेशकों से मिलें और पंजाब को आगे बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करें। यह दौरा उसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।” कई व्यापारिक संगठनों ने भी मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की है और आशा व्यक्त की है कि यह यात्रा सफल हो।

    जापान के साथ पंजाब के संबंध नए नहीं हैं, लेकिन मुख्यमंत्री स्तर पर इतना लंबा और केंद्रित दौरा पहली बार हो रहा है। जापानी संस्कृति अनुशासन, गुणवत्ता, और नवाचार के लिए विश्वविख्यात है, और यदि यह संस्कृति पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश करती है, तो यह राज्य की कार्य संस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती है। साप्पोरो शहर, जो अपनी तकनीकी उन्नति और नवाचार केंद्रों के लिए जाना जाता है, में मुख्यमंत्री की मुलाकातें विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं क्योंकि वहां कई स्टार्टअप और मध्यम आकार की कंपनियां हैं जो विदेशों में विस्तार की योजना बना रही हैं।

    यह दौरा पंजाब सरकार की उस व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें राज्य को उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना शामिल है। हाल के महीनों में मान सरकार ने कई औद्योगिक पार्कों की घोषणा की है और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बड़े बजट आवंटित किए हैं। जापानी निवेश इन योजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पंजाब जापानी कंपनियों को आकर्षित करने में सफल होता है, तो यह अन्य विकसित देशों के निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत होगा।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह जापान दौरा न केवल एक राजनयिक यात्रा है, बल्कि पंजाब की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। 25 बड़ी कंपनियों से सीधी बातचीत, वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति, और 10 दिन का समर्पित कार्यक्रम यह दर्शाता है कि सरकार इस अवसर को गंभीरता से ले रही है। आने वाले दिनों में इस दौरे के परिणाम पंजाब के औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करेंगे, और राज्य की जनता उम्मीद भरी नजरों से मुख्यमंत्री की इस पहल के सकारात्मक परिणामों का इंतजार कर रही है।

  • CM मान का खुला संदेश: SIR पर सवाल जनता का अधिकार है, चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाए

    CM मान का खुला संदेश: SIR पर सवाल जनता का अधिकार है, चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाए

    चंडीगढ़: आज देश में चुनावों को लेकर एक अजीब-सी बेचैनी फैली हुई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं, और अपने मन का संदेह खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है—जब जनता, जो लोकतंत्र की असली मालिक है, अपने ही चुनावी सिस्टम पर भरोसा खोने लगे, तो समझ जाइए कि समस्या बहुत गहरी है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर पैदा हुए संदेहों के बीच उन्होंने वह बात कही, जो करोड़ों भारतीयों के मन की आवाज़ थी—“सबूत जनता क्यों दे? जवाब तो चुनाव आयोग को देना चाहिए।”

    यह बात सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र की असली आत्मा की रक्षा करने वाला एक साहसिक संदेश था। जब जनता सवाल उठाती है, तो वह देश को कमजोर नहीं करती—वह लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। CM मान ने साफ कहा कि अगर वोटर चिंतित हैं, अगर प्रक्रिया पर शक है, तो इसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। जनता से सवाल पूछने के बजाय, उसका सम्मान किया जाए। क्योंकि लोकतंत्र जनता से ही चलता है, और जनता के भरोसे पर ही टिकता है।

    इस दौर में, जब कई नेता जनभावनाओं से जुड़ने से बचते हैं, CM मान का यह बयान लोगों के मन को छू गया। उन्होंने उन्हीं शब्दों में बात की, जिनमें आम आदमी सोचता है। यही कारण है कि उनका संदेश सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गूंज उठा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव किसी पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि जनता का पवित्र अधिकार है और जब इस अधिकार पर सवाल उठते हैं, तो चुप्पी समाधान नहीं- पारदर्शिता समाधान है। CM भगवंत मान का यह बयान —एक ऐसा सच है, जिसे कहने की हिम्मत बहुत कम नेताओं में होती है।

    CM मान ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया लोगों को भरोसा दे, डर नहीं। यह बात सुनकर हर वह नागरिक राहत महसूस करता है जो अपने वोट को अपनी आवाज़ समझता है। ऐसे समय में, जब लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बेचैन थे, CM मान की आवाज़ एक भरोसा बनकर उभरी। उन्होंने न जनता को दोषी ठहराया, न सवाल पूछने वालों को दबाया, बल्कि यह कहा कि सवाल उठाना जनता का हक है, और जवाब देना संस्था का कर्तव्य।

    ऐसे ही नेताओं से लोकतंत्र मजबूत होता है जो जनता की चिंता को समझते हैं और सच बोलने से नहीं डरते।भगवंत मान ने साबित कर दिया कि पंजाब सिर्फ बहादुरों की धरती नहीं, बल्कि सच्चाई बोलने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने वालों की धरती है। CM मान का यह बयान सिर्फ पंजाब की आवाज नहीं, पूरे भारत की आवाज है।यह याद दिलाता है कि अभी भी इस देश में ऐसे नेता हैं जो कुर्सी से नहीं, जनता के भरोसे से अपनी ताकत लेते हैं।

  • पंजाब सरकार की पहल: ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर रिसर्च के लिए युवाओं को मिलेगा पूरा सहयोग

    पंजाब सरकार की पहल: ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर रिसर्च के लिए युवाओं को मिलेगा पूरा सहयोग

    चंडीगढ़: पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। “यंग साइंटिस्ट्स ट्रैवल असिस्टेंस स्कीम” की शुरुआत के साथ, सरकार ने राज्य के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दूरदर्शी पहल पंजाब में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है, जिससे राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की स्पष्ट इच्छा दिखाई देती है।

    पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) द्वारा STEM आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह स्कीम, इस बुनियादी चुनौती को संबोधित करती है कि कई प्रतिभाशाली शोधकर्ता केवल आर्थिक सीमाओं के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ कॉन्फ्रेंसेज़ और रिसर्च प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाते। मान सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: पंजाब का कोई भी युवा वैज्ञानिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। यह योजना विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत 45 वर्ष से कम आयु के योग्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और शिक्षकों के लिए है, जिनके पास पीयर-रिव्यू वाली पत्रिकाओं (Scopus/SCI/Web of Science) में न्यूनतम दो प्रकाशन होना अनिवार्य है।

    यह सहायता युवा वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैज्ञानिक आयोजनों, जैसे कि कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, सिम्पोज़िया, कार्यशालाओं, अल्पकालिक स्कूल/पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने या अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगी। योजना के अंतर्गत, प्रतिभागियों को अधिकतम ₹15,000 तक की ट्रैवल असिस्टेंस प्रदान की जाएगी, जिसमें हवाई किराए या रखरखाव भत्ते का 50 प्रतिशत और पंजीकरण फीस शामिल है। यह सहयोग युवा वैज्ञानिकों को दुनिया भर में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास और तकनीकी रुझानों से परिचित होने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने का अवसर देगा। यह कदम पंजाब की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देगा।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को पंजाब की प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि पंजाब के युवा भी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा बनें और अपनी शोध को दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रगति में दृढ़ विश्वास रखती है। यह स्कीम केवल एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि हमारे युवा शोधकर्ताओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।” मान सरकार लगातार यह साबित कर रही है कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। पहले जहां सरकारी योजनाएँ अक्सर कागज़ों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब पंजाब में वास्तविक और दृश्यमान परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

    यह योजना स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब का युवा अब पीछे नहीं रहने वाला। यह पहल न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि पंजाब की नई पीढ़ी को उच्च स्तर पर सोचने, सीखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी। पंजाब के मतदाता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार कार्यरत है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन पर अमल भी करती है, और यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है जो अवसर, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने के मान सरकार के लक्ष्य को दर्शाती है। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए, आवेदक पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST), डिपार्टमेंट ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी & एनवायरनमेंट, Govt. of Punjab की आधिकारिक वेबसाइट www.pscst.punjab.gov.in पर जा सकते हैं।

  • केंद्र की नीति पर सवाल: क्यों पंजाब पीछे, जबकि दूसरे राज्यों को मिल रहा तुरंत पैसा?

    केंद्र की नीति पर सवाल: क्यों पंजाब पीछे, जबकि दूसरे राज्यों को मिल रहा तुरंत पैसा?

    चंडीगढ़: 2025 के भयानक बाढ़ ने पंजाब को तबाह कर दिया था। लाखों एकड़ फसल डूब गई, सैकड़ों गांव पानी में समा गए, हजारों परिवार बेघर हो गए। उस मुश्किल घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पंजाब आए थे। हवाई सर्वे किया, कैमरों के सामने बड़े-बड़े वादे किए और ऐलान किया कि केंद्र सरकार पंजाब को बाढ़ राहत के लिए 1600 करोड़ रुपये की विशेष सहायता देगी। पंजाब के लोगों ने राहत की सांस ली थी कि अब कम से कम केंद्र सरकार तो साथ खड़ी है।

    लेकिन आज कई महीने बीत जाने के बाद भी उस 1600 करोड़ में से एक रुपया भी पंजाब के खाते में नहीं आया। न एक पैसा। न केंद्र ने कोई आधिकारिक पत्र भेजा, न कोई किस्त जारी की। प्रधानमंत्री का वह भव्य ऐलान सिर्फ़ कैमरों और हेडलाइनों तक सीमित रह गया। पंजाब की जनता आज भी उसी बाढ़ के घाव चाट रही है और केंद्र सरकार मुँह फेरे बैठी है।

    पंजाब सरकार ने बार-बार केंद्र को पत्र लिखे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को चिट्ठियां लिखीं, मीटिंग मांगी, रिमाइंडर भेजे। हर बार जवाब मिला – “विचार किया जा रहा है”, “प्रक्रिया चल रही है”। लेकिन प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हुई। सैकड़ों मौतें हुईं, अरबों का नुकसान हुआ, फिर भी केंद्र सरकार की नींद नहीं टूटी।

    दूसरी तरफ जब बिहार, असम या गुजरात में बाढ़ आती है तो केंद्र सरकार तुरंत पैकेज घोषित करती है, तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देती है। वहाँ के मुख्यमंत्री अगर भाजपा के हैं तो राशि दोगुनी-तिगुनी हो जाती है। लेकिन पंजाब? पंजाब तो आम आदमी पार्टी की सरकार है, इसलिए यहाँ भेदभाव, उपेक्षा और सज़ा। भाजपा को लगता है कि पंजाब को सबक सिखाना है, भले इसके लिए लाखों किसान और मज़दूर भुखमरी की कगार पर पहुँच जाएँ।

    केंद्र के मंत्री कभी 411 करोड़, कभी 480 करोड़, कभी 800 करोड़ दिए जाने का दावा करते हैं, लेकिन पंजाब के खजाने में एक भी रुपया नहीं आया। ये झूठी प्रेस रिलीज़ सिर्फ़ जनता को गुमराह करने के लिए हैं। सच तो आरटीआई और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है – 1600 करोड़ का एक पैसा भी नहीं आया। यह सिर्फ़ धोखा नहीं, पंजाब के साथ विश्वासघात है।

    पंजाब ने हमेशा देश को अनाज दिया, देश की सीमाओं की रक्षा की, सबसे ज़्यादा सैनिक दिए। लेकिन जब पंजाब मुसीबत में है तो केंद्र सरकार उसकी पीठ पर छुरा घोंप रही है। यह राजनीतिक बदला है, क्षेत्रीय भेदभाव है, संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

    पंजाब की जनता यह सब देख रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव दूर नहीं। जिस दिन पंजाब जवाब देगा, उस दिन दिल्ली की सत्ता के गलियारे कांप उठेंगे क्योंकि पंजाब माफ़ नहीं करता, पंजाब याद रखता है।

  • बेघर से स्वाभिमानी, मान सरकार ने पट्टी के 674 परिवारों को सौंपे नए घरों की मंजूरी

    बेघर से स्वाभिमानी, मान सरकार ने पट्टी के 674 परिवारों को सौंपे नए घरों की मंजूरी

    चंडीगढ़: पंजाब की मान सरकार लगातार आम लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।  इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री ललजीत सिंह भुल्‍लर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पट्टी विधानसभा क्षेत्र के 674 पात्र परिवारों को नए घरों के निर्माण हेतु मंज़ूरी पत्र सौंपे हैं। यह सिर्फ कागज़ के कुछ पन्ने नहीं ,यह उन परिवारों की खुशियों का दरवाज़ा है,यह बच्चों के सुरक्षित भविष्य का आधार है और यह हर मां-बाप के उस सपने का पहला कदम है, जो वे वर्षों से दिल में दबाए बैठे थे।

    यह पहल सिर्फ सरकारी योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो वर्षों से अपने पक्के घर का सपना देख रहे थे। कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन परिवारों को योजना का लाभ बिना किसी देरी, बाधा या भेदभाव के मिले। यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बात लोगों को सबसे ज़्यादा छूती है क्योंकि जब सरकार हाथ पकड़कर साथ चलती है, तभी असली बदलाव होता है।

    पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने पट्टी में अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े 674 लाभार्थी परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी पत्र जारी किए। इन लाभार्थी परिवारों में नगर परिषद पट्टी के तहत 237 और पट्टी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से जुड़े 437 परिवार शामिल हैं। इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने कहा कि शहरी इलाकों से जुड़े लाभार्थी परिवारों को घर बनाने के लिए ₹2.5 लाख और ग्रामीण इलाकों से जुड़े लाभार्थी परिवारों को घर बनाने के लिए ₹1.2 लाख और MGNREGA स्कीम के तहत घर पर मजदूरी के लिए ₹31,000 दिए जाएंगे, जिसमें बाथरूम बनाने के लिए ₹12,000 अलग से शामिल हैं।

    कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि पिछले दिनों पट्टी हलके में बाढ़ के पानी से फसलों और रिहायशी घरों को भारी नुकसान हुआ है और सरकार की तरफ से प्रभावित किसानों को खराब फसलों का मुआवजा पहले ही जारी किया जा चुका है और अब ग्रामीण इलाकों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त रिहायशी घरों को फिर से बनाने के लिए भी इस स्कीम का फायदा दिया जा रहा है। मंत्री भुल्लर ने कहा कि वह बिना किसी भेदभाव के पट्टी हलके के लोगों के दुख-दर्द दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

    पट्टी क्षेत्र के कई परिवारों ने इस पहल के लिए मंत्री भुल्लर और मान सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ घर बनाने की मंज़ूरी नहीं, बल्कि उनके सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार बिना छत के न रहे और हर जरूरतमंद को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर मिले।

    मान सरकार की यही सोच उसे जनता के दिलों में एक जन-सरकार बनाती है जो न केवल सुनती है, बल्कि हर वादा निभाती भी है। इस कदम से न केवल पट्टी क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत होगी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। मान सरकार का यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि जब नीयत साफ़ हो और सोच जन-कल्याण की हो, तो बदलाव दूर नहीं होता।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही मान सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह सरकार जनता की तकलीफ समझती है, उनके सपनों की कीमत जानती है, और उन सपनों को पूरा करने के लिए दिल से काम करती है। मान सरकार का यह संदेश हर परिवार तक पहुंच रहा है -“आप अकेले नहीं हैं। आपकी सरकार आपके साथ है।”यह कदम लोगों के जीवन में नई उम्मीद, नए सपने और एक बेहतर कल की दिशा में मजबूत कदम है।

    पट्टी क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में हजारों मुस्कानें, नए सपने और बेहतर जीवन की कहानियाँ लिखेगी। यह सिर्फ विकास नहीं—यह इंसानियत का उत्सव है। कैबिनेट मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर और मान सरकार को इस संवेदनशील, दूरदर्शी और दिल छू लेने वाली पहल के लिए दिल से सलाम। उनकी यह कोशिश कई परिवारों की ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदल देगी।

    आज जब 674 परिवार अपने नए घर का सपना साकार होते देख रहे हैं, तो उनके दिलों से निकली दुआएँ पूरे पंजाब में एक नई सकारात्मक ऊर्जा फैला रही हैं। यह सिर्फ एक योजना का लाभ नहीं, बल्कि उस विश्वास का फल है जो लोगों ने अपनी सरकार पर रखा था। मान सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब नीयत साफ़ हो और दिल जनता के लिए धड़कता हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। कैबिनेट मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर और मान सरकार का यह कदम उन परिवारों के लिए वरदान बनकर आया है, जिनकी आँखों में अब न सिर्फ खुशी झलकती है बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य का उजाला भी चमक रहा है।

  • पंजाब की अर्थव्यवस्था को ₹4,700 करोड़ का निवेश और 9,200 नई नौकरियों से मिला बूस्ट

    पंजाब की अर्थव्यवस्था को ₹4,700 करोड़ का निवेश और 9,200 नई नौकरियों से मिला बूस्ट

    चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में औद्योगिक विकास ने एक नई ऊंचाई हासिल कर ली है। राज्य सरकार की निवेश-हितैषी नीतियां, पारदर्शी सरकारी कामकाज और सुरक्षित माहौल के कारण आज देश के बड़े-बड़े निवेशक पंजाब में अपने कारखाने और उद्योग लगाने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे यह राज्य निवेश की पहली पसंद बनकर उभरा है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उद्योगों को पंजाब की सरकार, माहौल और नीतियों पर पूरा भरोसा है।

    कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि – विश्वास केवल बातों तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस आंकड़ों में दिखाई देता है। सिर्फ अक्टूबर महीने में ही पंजाब में ₹4,700 करोड़ से ज़्यादा का निवेश दर्ज हुआ, जिसने करीब 9,200 युवाओं के लिए रोज़गार के रास्ते खोले और सरकार बनने के बाद से अब तक की उपलब्धि ऐतिहासिक है: पंजाब में कुल ₹1.34 लाख करोड़ का निवेश आ चुका है और लगभग 5 लाख नौजवानों को काम मिल चुका है। ये आँकड़े पंजाब की तेज़ी से बदलती आर्थिक तस्वीर और सरकार की सफलता की कहानी को दर्शाते हैं।

    नवंबर में एक और बहुत बड़ी खुशखबरी मिली है। ट्राइडेंट ग्रुप (Trident Group , जो पहले से ही पंजाब में लगभग 10,000 लोगों को रोज़गार दे रहा है, अब फिर से बड़ा निवेश करने जा रहा है। कंपनी पंजाब में कुल ₹2,000 करोड़ का निवेश करेगी, जिसमें बरनाला में नया टेक्सटाइल प्लांट और मोहाली में आईटी ऑपरेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इस निवेश से कुल 2,500 नई नौकरियां मिलेंगी। सबसे प्रशंसनीय बात यह है कि ट्राइडेंट ग्रुप इन नौकरियों में ज़्यादातर महिलाओं को प्राथमिकता देगा, जो पंजाब की बेटियों के लिए बड़ा अवसर है। यह बड़ा निवेश पंजाब के औद्योगिक विकास को एक बड़ा प्रोत्साहन देगा।

    ट्राइडेंट के अलावा, पंजाब में कई अन्य दिग्गज कंपनियों ने भी बड़ा निवेश किया है, जो राज्य को एक औद्योगिक हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं। इन प्रमुख निवेशों में आईओएल केमिकल्स (IOL Chemicals) द्वारा बरनाला में ₹1,400 करोड़, लुधियाना में वर्दमान स्पेशल स्टील द्वारा ₹2,500 करोड़ और हैप्पी फोर्जिंग्स (Happy Forgings) द्वारा ₹1,000 करोड़, साथ ही मोहाली में फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital) द्वारा ₹950 करोड़ का बड़ा निवेश शामिल है। निवेशक यहाँ इसलिए आ रहे हैं क्योंकि पंजाब में तेज़ सरकारी कामकाज और मेहनती युवा शक्ति उपलब्ध है। उद्योग जगत पंजाब की वृद्धि की कहानी में इतना मजबूत विश्वास दिखा रहा है, जिसे देखकर सब खुश हैं

    यह निवेश केवल संख्याएं नहीं हैं। ये बच्चों और पंजाब के उज्जवल भविष्य की गारंटी हैं। सरकार ने एक ऐसा अनुकूल माहौल बनाया है जहां कारोबार करना आसान है, और जहां युवा सम्मान के साथ अपनी क्षमता का उपयोग करके रोजगार पा सकते हैं। रोजगार अब पंजाब के घर-द्वार पर आ रहा है। उद्योगों का बढ़ना सिर्फ़ आंकड़े नहीं हैं, ये पंजाब के हर घर में खुशियां, तरक्की और बेहतर भविष्य लेकर आ रहे हैं। आज पंजाब आगे बढ़ रहा है,उद्योग पंजाब पर भरोसा कर रहे हैं।

  • पंजाब के स्कूल बने अंतरिक्ष की नर्सरी, मानसा की एस्ट्रोनॉमी लैब से साकार हो रहा मान सरकार का सपना

    पंजाब के स्कूल बने अंतरिक्ष की नर्सरी, मानसा की एस्ट्रोनॉमी लैब से साकार हो रहा मान सरकार का सपना

    चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी ‘क्रांति’ का शुरुआत की है जो शोरगुल की राजनीति से दूर, चुपचाप भविष्य का निर्माण कर रही है। यह बदलाव सिर्फ पुरानी दीवारों पर नया रंग लगाना नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों की पूरी सोच और संभावना को बदल रहा है। इस क्रांति का सबसे बड़ा प्रतीक है मानसा (Mansa) के सरकारी सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल में स्थापित की गई एस्ट्रोनॉमी लैब, जिसे पंजाब की पहली अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में जाना जा रहा है। यह सुविधा, जो कभी पिछड़े समझे जाने वाले मनसा जिले में शुरू की गई है , इस बात का प्रमाण है कि जब इरादे नेक और नियत साफ हो, तो हर सरकारी स्कूल ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ बन सकता है।

    मानसा की यह लैब सिर्फ एक कमरा या कुछ मॉडल नहीं है। यह पंजाब की बेटियों के लिए सपनों का कारखाना है। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में बच्चियों को इंटरैक्टिव लर्निंग का अनुभव मिलता है, जहाँ वे सीधे दूरबीन (telescope) से तारों और ग्रहों को देखती हैं। इस लैब में भारत के अंतरिक्ष गौरव का प्रतीक चंद्रयान और मंगल ऑर्बिटर के प्रतिकृतियों (replicas) से लेकर PSLV और GSLV जैसे रॉकेटों के मॉडल तक मौजूद हैं। जो लड़कियाँ शायद पहले दूरबीन भी नहीं देख पाती थीं, आज वे उन रॉकेटों के मॉडल को छू रही हैं जिन्होंने वैश्विक मंच पर देश को गौरवान्वित किया है, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और खगोल विज्ञान में उच्च शिक्षा के लिए रुचि पैदा हो रही है।

    यह परिवर्तन किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संरचनात्मक बदलाव है जो पूरे राज्य के सरकारी शिक्षा तंत्र को उत्कृष्टता की ओर ले जा रहा है। AAP सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ (Schools of Eminence) मॉडल शुरू किया है, जिसके तहत प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चुने गए छात्रों को JEE, NEET और CLAT जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है । इसके साथ ही, ‘स्कूल ऑफ ब्रिलियंस’ और प्राथमिक विद्यालयों के लिए ‘स्कूल ऑफ हैप्पीनेस’ (Schools of Happiness) जैसी योजनाएँ भी शुरू की गई हैं, जहां छात्रों को फिनलैंड जैसे देशों के शैक्षणिक तरीकों से प्रेरित होकर सीखने का आनंददायक और सकारात्मक माहौल प्रदान किया जा रहा है ।

    मान सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि शिक्षा का यह भव्य निर्माण भ्रष्टाचार की नींव पर न टिके। इसीलिए, सभी विकास कार्यों और आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए सीधा फंड ट्रांसफर (Direct Fund Transfer) की व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रणाली के तहत विकास ग्रांट सीधे स्कूल के खातों में भेजी जाती है। इससे न केवल पैसों के दुरुपयोग पर लगाम लगी है, बल्कि स्कूल प्रमुखों को अपनी ज़रूरतों के अनुसार तेज़ी से निर्णय लेने की स्वायत्तता भी मिली है। यह पारदर्शी प्रक्रिया शिक्षा के बजट का अधिकतम हिस्सा सीधे बच्चों की बेहतरी पर खर्च करना सुनिश्चित करती है, बिचौलियों और रिश्वतखोरी के लिए कोई जगह नहीं छोड़ती।

    मानव संसाधन के मोर्चे पर भी सरकार ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने अब तक 55,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता के आधार पर (on merit) दी हैं । यह एक ‘फूलप्रूफ मैकेनिज्म’ है, जहाँ भर्ती प्रक्रिया में ‘पर्ची-खर्ची’ (भाई-भतीजावाद या रिश्वत) का कोई स्थान नहीं है । शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की पारदर्शी भर्ती से यह सुनिश्चित हुआ है कि आज स्कूलों में केवल वही लोग हैं जो शिक्षा के प्रति समर्पित हैं, जिससे वे बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के बच्चों के शैक्षणिक विकास पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

    AAP सरकार की यह शिक्षा नीति केवल अच्छी सुविधाएँ देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को ‘नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला’ बनाना है । दिल्ली में सफल रही सरकारी स्कूल क्रांति के नक्शे कदम पर चलते हुए, पंजाब भी अब अपने युवाओं को उद्यमशीलता और पहल करने के लिए प्रेरित कर रहा है । यह असली ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ मॉडल है जहां किसी पर एक जैसी शिक्षा थोपी नहीं जाती, बल्कि देश के हर बच्चे को गुणवत्ता और अवसर में समानता प्रदान की जाती है। यह साबित करता है कि जब ईमानदार लोग सत्ता में आते हैं, तो वे केवल सरकारें नहीं बनाते, बल्कि सुनहरे भविष्य की नींव रखते हैं।

    आज मानसा की जो लड़कियां अंतरिक्ष की ओर देख रही हैं, कल वे निश्चित रूप से ISRO और देश की अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर काम करेंगी। यही है भगवंत मान का पंजाब मॉडल, और यही है ‘केजरीवाल-मान गारंटी’ का वादा। पंजाब की इस शिक्षा क्रांति पर हम गर्व करते हैं!

     

  • Punjab News: AAP सरकार का 44,900 किमी का अब तक का सबसे बड़ा रोड डेवलपमेंट मिशन लॉन्च

    Punjab News: AAP सरकार का 44,900 किमी का अब तक का सबसे बड़ा रोड डेवलपमेंट मिशन लॉन्च

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 16,209 करोड़ रुपये की कुल लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लक्ष्य के साथ पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू करने जा रही है।

    जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले वर्ष के अंत तक पंजाब के सभी गांवों, कस्बों और शहरों में कुल 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन सड़कों के निर्माण में विश्व-स्तरीय मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन हो, और इसके लिए निर्माण के साथ पाँच वर्षों की रख-रखाव की अनिवार्य शर्त भी जोड़ी जाएगी।  इस कदम से राज्य में परिवहन सुचारू होगा और ग्रामीण अवसंरचना को नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही 4,092 करोड़ रुपये की लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण करा चुकी है। इस वर्ष बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को भारी नुकसान हुआ था, परन्तु सरकार ने कठिन परिश्रम से इस परियोजना को पूरा किया और ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया।  इन परियोजनाओं में भी पाँच वर्ष की रख-रखाव शर्त जोड़ी गई है, जो एक मिसाल है। इसके साथ-साथ सड़कों पर उचित दिशा-सूचक तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी सुनिश्चित की जाएँगी।  सभी ओर से यह मांग थी कि सड़क निर्माण में उच्च गुणवत्ता मानकों को बरकरार रखा जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी के तहत पंजाब सरकार ने पीएमबी, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकायों सहित कई एजेंसियों और जनप्रतिनिधियों को इस राज्यव्यापी अभियान से जोड़ा है। राज्य सरकार ने पंजाब की सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण कराकर उनकी मरम्मत और उन्नयन की जरूरी सूची तैयार की है। अब लक्ष्य है कि अगले वर्ष के अंत तक 16,209 करोड़ की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है।

    मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कोई भी ठेकेदार या कर्मचारी घटिया काम में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अभी तक केंद्र से आर डी एफ का एक भी रुपया नहीं मिला है और पंजाब सरकार यह पूरा निर्माण अपने संसाधनों से कर रही है।

    पंजाब में 44,900 किमी. सड़क विकास का यह अभूतपूर्व अभियान मान सरकार की प्रतिबद्धता और जनता के प्रति सच्ची सेवा का प्रमाण है। यह पहल हर घर में सुविधाएँ, हर दिल में विश्वास और हर दिशा में विकास का उजाला फैलाएगी। अब प्रदेश की पहचान मजबूत राहों, मजबूत इरादों और उज्जवल भविष्य से होगी।

    यह सिर्फ सड़कों का निर्माण नहीं, बल्कि लोगों के सपनों को जोड़ने वाली एक नई शुरुआत है। मान सरकार की दूरदर्शी सोच और मेहनत ने पंजाब में विकास की एक नई मिसाल कायम की है। अब हर गाँव और हर शहर तरक्की की उस राह पर आगे बढ़ रहा है, जहाँ उम्मीदें भी चमकेंगी और ज़िंदगी भी मुस्कुराएगी।

  • अब रट्टा मारने से काम नहीं चलेगा! मान सरकार ने बदल दिया एग्ज़ाम पैटर्न, 12वीं में उद्यमिता को भी मिली मंजूरी

    अब रट्टा मारने से काम नहीं चलेगा! मान सरकार ने बदल दिया एग्ज़ाम पैटर्न, 12वीं में उद्यमिता को भी मिली मंजूरी

    चंडीगढ़: पंजाब के लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए, भगवंत मान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने अपनी दशकों पुरानी प्रश्न पत्र प्रणाली में व्यापक परिवर्तन लागू किए हैं। इन परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा को केवल रटंत विद्या तक सीमित न रखकर, छात्रों की गहन समझ, आलोचनात्मक सोच, विश्लेषण क्षमता और वास्तविक जीवन के कौशल का मूल्यांकन करना है।

    मान सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि शिक्षा का उद्देश्य मात्र डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह से तैयार करना है। इसी उद्देश्य के साथ, PSEB के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह के नेतृत्व में 120 से अधिक शिक्षाविदों और विषय-विशेषज्ञों की एक तीन-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस पहल के तहत, रटने के रुझान को कम करके क्षमता-आधारित शिक्षण (Competency-Based Learning) को बढ़ाया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अब विद्यार्थी केवल तथ्यों को याद करने के बजाय सोचने, समझने, विश्लेषण करने और समस्याओं को रचनात्मक ढंग से हल करने में सक्षम बनेंगे।

    बोर्ड ने संशोधित ब्लूम टैक्सोनॉमी (Revised Bloom Taxonomy) के अनुसार प्रश्न पत्रों का एक नया, आधुनिक फॉर्मेट जारी किया है। यह नया ढाँचा यह सुनिश्चित करेगा कि प्रश्न केवल जानकारी याद करने पर केंद्रित न हों, बल्कि छात्रों की गहन समझ, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता की जाँच करें। अब सभी प्रश्न पत्र स्पष्ट ‘ब्लूप्रिंट’ और ‘आइटम मैट्रिक्स’ के आधार पर तैयार किए जाएंगे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी। वास्तविक जीवन से जुड़ाव बढ़ाने के लिए, विज्ञान, गणित, सामाजिक शिक्षा और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों में असली जीवन के उदाहरणों पर आधारित प्रश्न शामिल किए जाएँगे, जिससे छात्र कक्षा में सीखे गए ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सीख सकें।

    शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के युवाओं को स्व-रोजगार की ओर प्रेरित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए, PSEB ने 12वीं कक्षा के लिए उद्यमिता (Entrepreneurship) पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया है। यह कोर्स विद्यार्थियों को नौकरी खोजने वालों की जगह नौकरियाँ सृजित करने वाला (Job Creators) बनने के लिए प्रोत्साहित करेगा।यह व्यापक सुधार पंजाब के लगभग 13,000 सरकारी और निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के लिए एक उज्जवल भविष्य की नींव रखेगा। भगवंत मान सरकार पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक ऐसा परिवर्तन ला रही है, जिससे बच्चे केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि सक्षम और कुशल नागरिक बनेंगे।इन कदमों के साथ, पंजाब सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह राज्य के हर बच्चे को वैश्विक स्तर की शिक्षा, आधुनिक कौशल और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • पराली समाधान में पंजाब सबसे आगे, केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया देश का बेस्ट मॉडल

    पराली समाधान में पंजाब सबसे आगे, केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया देश का बेस्ट मॉडल

    चंडीगढ़: मोगा के रनसिह कला गांव का नाम अब पूरे देश में गूंज रहा है, और इसका श्रेय पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों को जाता है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव का दौरा करने के बाद खुलकर कहा कि पंजाब ने पराली प्रबंधन में जो मिसाल कायम की है, वह पूरे देश के लिए अनुकरणीय है। यह मान्यता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भगवंत मान सरकार ने पराली जैसी चुनौती को न केवल नियंत्रित किया, बल्कि इसे पंजाब मॉडल के रूप में देश के सामने रखा।

    रनसिह कला गांव पिछले छह वर्षों से एक भी पराली जलाने की घटना से मुक्त है—यह उपलब्धि दिखाती है कि पंजाब सरकार की नीतियां जमीन पर कितनी प्रभावी हैं। मान सरकार ने किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों, मशीनरी, प्रोत्साहन और प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम बनाकर पराली समाधान को व्यवहारिक और सफल बनाया। चौहान द्वारा दिए गए सार्वजनिक समर्थन ने इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत कर दिया है।

    केंद्रीय मंत्री ने गांव में ‘मक्की दी रोटी’ और ‘सरसों दा साग’ का स्वाद लेते हुए पंजाब की जनता के प्यार और भगवंत मान सरकार की ग्रामीण नीतियों की प्रशंसा की। उनका यह कदम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह स्वीकारोक्ति थी कि पंजाब पर्यावरण-अनुकूल खेती की दिशा में देश का नेतृत्व कर रहा है। चौहान ने कहा कि पंजाब आकर उन्हें महसूस हुआ कि पराली प्रबंधन का वास्तविक और सफल मॉडल यहीं तैयार हुआ है।

    रनसिह कला केवल पराली न जलाने के कारण विशेष नहीं है। यहां पंजाब सरकार द्वारा प्रेरित कई विकासात्मक अभियानों ने गांव को एक आदर्श ग्राम बना दिया है। किसानों को पराली न जलाने पर नकद प्रोत्साहन, फलदार पौधे लगाने के लिए इनाम योजना, गांव की लाइब्रेरी में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा, प्लास्टिक-फ्री गांव अभियान, रेन हार्वेस्टिंग और नशामुक्ति कार्यक्रम—ये सभी पहलें दिखाती हैं कि भगवंत मान सरकार गांवों को केवल कृषि नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से भी मजबूत बना रही है।

    पंजाब सरकार के प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह है कि इस वर्ष पराली जलाई गई घटनाओं में 83% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। यह वही राज्य था जिसे पराली मुद्दे पर लगातार निशाना बनाया जाता था, लेकिन आज यह राज्य केंद्र सरकार के मंत्री द्वारा प्रशंसित एक सफल मॉडल बन चुका है। यह उपलब्धि पंजाब सरकार के दृढ़ नेतृत्व और किसानों की सक्रिय भागीदारी का संयुक्त परिणाम है।

    कई किसानों के मन में यह प्रश्न रहता है कि यदि पराली न जलाई जाए, तो गेहूं की बुवाई कैसे होगी। रनसिह कला का उदाहरण इस शंका का सीधा जवाब है। यहां मिट्टी की उर्वरता बढ़ी है, रासायनिक उर्वरक 30% तक कम हुए हैं और खेतों में पर्यावरणीय संतुलन बेहतर हुआ है। यह मॉडल दिखाता है कि भगवंत मान सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए समाधान न केवल पर्यावरण सुरक्षित रखते हैं, बल्कि खेती को अधिक उत्पादक और आर्थिक रूप से लाभदायक भी बनाते हैं।

    अब पंजाब का यह मॉडल स्थानीय सीमा पार कर राष्ट्रीय पहचान बना चुका है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने इसे पूरे देश में अपनाने की अपील करते हुए स्पष्ट कहा कि वे इस सफलता को सभी राज्यों तक ले जाना चाहते हैं। यह पंजाब सरकार के लिए एक बड़ा सम्मान है और इस बात का प्रमाण भी कि भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य कृषि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में देश को नई राह दिखा रहा है।