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  • CM मान का बड़ा कदम: नरेगा के तहत अब घर पर काम करने पर भी पूरी मजदूरी तय

    CM मान का बड़ा कदम: नरेगा के तहत अब घर पर काम करने पर भी पूरी मजदूरी तय

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मनरेगा योजना में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब मजदूरों को सिर्फ सरकारी प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं, बल्कि अपने घर पर काम करने पर भी पूरी मजदूरी मिलेगी।

    जिन मजदूरों ने नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है और जिनके पास नरेगा कार्ड है, उन्हें अब अपने घर में काम करने का भी पूरा लाभ मिलेगा। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। अगर कोई मजदूर अपने घर पर 90 दिन काम करता है, तो उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसे 31,140 रुपये की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

    नरेगा योजना के तहत अब कई सुविधाएं शामिल की गई है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, तालाब निर्माण, नहर की सफाई, वृक्षारोपण और जल संरक्षण के काम शामिल है। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में मेड़बंदी, कुआं खुदाई और सिंचाई की सुविधाएं बनाने के लिए भी मजदूरी मिलेगी।

    योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब मज़दूर अपने घर पर शौचालय निर्माण, पक्का फर्श बनाना, छत की मरम्मत और अन्य घरेलू निर्माण कार्य करके भी मज़दूरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे गरीब परिवारों को दोहरा फायदा होगा – एक तरफ उनके घर का विकास होगा, दूसरी तरफ उन्हें रोज़गार भी मिलेगा।

    नरेगा के तहत प्रत्येक मज़दूर को 346 रुपये प्रति दिन की दर से मज़दूरी दी जाती है। एक वित्तीय वर्ष में हर परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार की गारंटी दी जाती है। अगर किसी मजदूर को 15 दिन के अंदर काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोज़गारी भत्ता भी दिया जाता है।

    योजना के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल कार्यबल का कम से कम 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित है। काम के दौरान कार्यस्थल पर पीने के पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी अनिवार्य है। छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए क्रेच की व्यवस्था भी की जाती है।

    मजदूरों का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते या डाकघर खाते में किया जाता है, जिससे बिचौलियों का खात्मा होता है। काम शुरू होने के 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान करना जरूरी है। अगर देरी होती है तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाती है।

    नरेगा योजना में रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी 18 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति जो ग्रामीण क्षेत्र में रहता है और अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार है, वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के 15 दिनों के अंदर जॉब कार्ड जारी किया जाता है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह फैसला गरीब मज़दूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने सभी पात्र मज़दूरों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। इस योजना से न केवल रोज़गार मिलेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास भी होगा।

  • पंजाब सरकार ने सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2025 से पेश किए व्यापक सुधार: संजीव अरोड़ा

    पंजाब सरकार ने सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2025 से पेश किए व्यापक सुधार: संजीव अरोड़ा

    चंडीगढ़: पंजाब में चल रही सोसाइटीज़ के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने ‘आप’ के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई में 1860 के पुराने सोसाइटीज़ एक्ट में संशोधन कर सोसाइटी रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025 पेश किया है।

    कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि नया कानून विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, समाज भलाई और चैरिटेबल गतिविधियों में शामिल सोसाइटीज़ के नियामक ढांचे को आधुनिक बनाता है। ये संशोधन सभी सोसाइटीज़ को समान, पारदर्शी शासन के अधीन लाकर सार्वजनिक फंड और कर-मुक्त स्रोतों के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करते हैं।

    उन्होंने यह भी जोर दिया कि पंजाब में सभी पंजीकृत सोसाइटीज़ अब सूचना का अधिकार (आर टी आई ) एक्ट के तहत अनिवार्य रूप से कवर होंगी, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए लोगों के विश्वास को और मजबूत करेगा। सोसाइटीज़ द्वारा कानून की पालना सुनिश्चित करने और फंडों के दुरुपयोग या निर्धारित उद्देश्यों से भटकाव पर रोक लगाने के उद्देश्य से रजिस्ट्रारों को सोसाइटीज़ से किसी भी जानकारी या रिकॉर्ड मांगने का अधिकार दिया गया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सभी सोसाइटीज़ को अपनी सक्रियता बनाए रखने, सही और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने तथा अपने उद्देश्यों और प्रबंधन की समय-समय पर पुष्टि सुनिश्चित करने के लिए हर पांच साल बाद अपनी रजिस्ट्रेशन नवीनीकृत करनी होगी। पंजाब में सभी मौजूदा सोसाइटीज़ को संशोधित एक्ट लागू होने के एक वर्ष के भीतर इस एक्ट के तहत पुनः रजिस्टर करना होगा, जिससे उन्हें नए पालन और पारदर्शिता ढांचे के अधीन लाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र में एक से अधिक सोसाइटीज़ को एक ही नाम के तहत रजिस्टर नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह जनता को भ्रमित कर सकता है। किसी भी सोसाइटी को रजिस्ट्रार की पूर्व अनुमति के बिना अचल संपत्ति को बेचने, बदलने या निपटाने की अनुमति नहीं होगी, जो अनधिकृत लेन-देन पर रोक लगाने के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

    उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सोसाइटीज़ पंजीकृत हैं, वहां के डिप्टी कमिश्नरों (डी सीज ) द्वारा सोसाइटीज़ की निगरानी की जाएगी। शिकायतें मिलने की स्थिति में डिप्टी कमिश्नर को तहसीलदार रैंक के अधिकारी के माध्यम से जांच संबंधी आदेश देने का अधिकार होगा। यदि खामियां पाई जाती हैं और निर्धारित समय में इन्हें ठीक नहीं किया जाता, तो एस.डी.एम. स्तर के प्रबंधक को नियुक्त किया जाएगा और सुव्यवस्थित कामकाज बहाल किया जाएगा। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी।

    उन्होंने आगे कहा कि यदि चुनी हुई प्रबंधक कमेटी भंग कर दी जाती है या प्रबंधक की नियुक्ति की जाती है, तो समाजों के लोकतांत्रिक कामकाज को सुनिश्चित करते हुए छह महीने के भीतर नई चुनाव प्रक्रिया करवाई जानी चाहिए।

    मंत्री अरोड़ा ने कहा कि सोसाइटीज़ के रूप में पंजीकरण कर कई चैरिटेबल संस्थाएं आय अर्जित कर लाभ प्राप्त करती हैं। यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि सार्वजनिक और चैरिटेबल संस्थाओं को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी संस्थाएं लाभ प्राप्त करना जारी रखने हेतु संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन करें।

    उन्होंने कहा कि ये संशोधन विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक संस्थाओं, खेल संस्थाओं और अन्य लोक-हितैषी चैरिटेबल गतिविधियों में शामिल सोसाइटीज़ की निगरानी बढ़ाएंगे। हमारी सरकार का उद्देश्य सामाजिक ढांचे के दुरुपयोग को रोकना, लोकतांत्रिक और पारदर्शी कामकाज सुनिश्चित करना और सार्वजनिक संपत्तियों तथा चैरिटेबल स्रोतों की सुरक्षा करना है। उन्होंने आगे कहा कि सोसाइटी रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025 प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में बेहतर कामकाज सुनिश्चित करेगा।

    उन्होंने बताया कि इस एक्ट का मसौदा उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव के. के. यादव की अगुवाई वाली टीम, निदेशक उद्योग सौरभि मलिक और पंजाब विकास आयोग की वाइस चेयरपर्सन सीमा बांसल द्वारा समयबद्ध ढंग से तैयार किया गया है।

  • रबी मंडीकरण 2026-27 की तैयारियाँ शुरू

    रबी मंडीकरण 2026-27 की तैयारियाँ शुरू

    लाल चंद कटारूचक्क ने आगामी गेहूं खरीद सीज़न की समीक्षा की

    चंडीगढ़: खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज गेहूं के खरीद सीज़न 2026-27 की तैयारी की समीक्षा करने के लिए दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

    आज यहां अनाज भवन में हुई इस बैठक के दौरान रबी मंडीकरण सीज़न (आरएमएस)–2026-27 को ध्यान में रखते हुए आवश्यक लकड़ी के क्रेटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

    उल्लेखनीय है कि पनग्रेन द्वारा रबी मंडीकरण सीज़न 2026-27 के लिए खरीद और भंडारण की आवश्यकता को पूरा करने हेतु विभिन्न एजेंसियों को 12 लाख लकड़ी के क्रेटों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें से पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने 1 लाख लकड़ी के क्रेट उपलब्ध कराने की पेशकश की है।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभागों के प्रभारी मंत्री होने के नाते, कटारूचक्क ने दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पनग्रेन को 1 लाख से अधिक लकड़ी के क्रेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि रबी मंडीकरण सीज़न 2026-27 के दौरान गेहूं की खरीद एवं भंडारण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए।

    इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव राहुल तिवारी, वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव प्रियंक भारती, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा, मुख्य प्रधान वनपाल (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) धर्मेंद्र शर्मा, विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर तथा पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के एम.डी. प्रवीन कुमार भी मौजूद थे।

  • पंजाब में जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे: राज कमल चौधरी

    पंजाब में जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे: राज कमल चौधरी

    इन चुनावों के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू

    चंडीगढ़: पंजाब पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 209 के अंतर्गत ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25.09.2025 के अनुसार राज्य चुनाव आयोग ने राज्य में जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के सामान्य चुनावों की घोषणा कर दी है।

    राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इन चुनावों के लिए उम्मीदवार 01.12.2025 (सोमवार) को सुबह 11:00 बजे से शाम 03:00 बजे तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों में नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 04.12.2025 (गुरुवार) होगी। नामांकन पत्रों की जांच 05.12.2025 (शुक्रवार) को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 06.12.2025 (शनिवार) शाम 03:00 बजे तक होगी। सभी नामांकन पत्रों के साथ निर्धारित शपथ-पत्र तथा यदि उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल द्वारा अधिकृत है, तो संबंधित राजनीतिक दल का आधिकारिक पत्र संलग्न होना आवश्यक है।

    उन्होंने बताया कि मतदान 14.12.2025 (रविवार) को सुबह 08:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक बैलेट पेपर के माध्यम से होगा। पोल की गई वोटों की गिनती 17.12.2025 (बुधवार) को स्थापित गिनती केंद्रों पर की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव 23 जिला परिषदों के 357 जोनों तथा 154 पंचायत समितियों के 2863 जोनों के सदस्यों (प्रति जोन 1 सदस्य) के लिए कराया जाएगा। कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 1,36,04,650 है, जिनमें 71,64,972 पुरुष, 64,39,497 महिलाएँ और 181 अन्य मतदाता शामिल हैं। इन चुनावों के लिए सभी ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करते हुए कुल 19,181 बूथ स्थापित किए गए हैं।

    अन्य विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि आयोग ने जिला परिषद उम्मीदवार के लिए व्यय सीमा 2,55,000/रुपए तथा पंचायत समिति उम्मीदवार के लिए 1,10,000/रुपए निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि लगभग 96,000 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। प्रत्येक जिले में चुनावों की सुव्यवस्थित निगरानी के लिए एक आईएएस/सीनियर पीसीएस अधिकारी को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा।

    आयोग ने इन चुनावों को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही संबंधित जिला परिषदों और पंचायत समितियों के अधीन आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के राजस्व क्षेत्र में आदर्श चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। यह आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। आचार संहिता की प्रति आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

  • शरद ऋतु के लिए तैयारियों का जायजा, समीक्षा में मुख्य सचिव रहे मौजूद

    शरद ऋतु के लिए तैयारियों का जायजा, समीक्षा में मुख्य सचिव रहे मौजूद

    संबंधित विभागों को सभी आवश्यक इंतजाम करने के दिए निर्देश

    मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने शरद ऋतु से संबंधित विभिन्न तैयारियों को लेकर आज कांगड़ा जिले के धर्मशाला में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को सर्दियों के मौसम में बर्फबारी और बारिश के दृष्टिगत पुख्ता इंतज़ाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से भारी बर्फबारी की स्थिति में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने और चिन्हित स्थानों पर बर्फ हटाने के लिए पर्याप्त मशीनरी और श्रमशक्ति तैनात करने को कहा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जिला प्रशासन को हर विभाग के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा, ताकि सर्दियों में समन्वय और कार्य प्रबन्धन बेहतर तरीके से सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी मौसम से जुड़े विभिन्न क्रियाकलापों की निगरानी करेंगे।

    मुख्य सचिव ने आपात की स्थिति में समयबद्ध प्रतिक्रिया पर बल देते हुए संबंधित विभागों से हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए, ताकि जान-माल का नुकसान न हो। उन्होंने मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों को समयबद्ध और सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए। संजय गुप्ता ने कहा कि सर्दियों में खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और आग से बचाव के लिए ठोस योजना बनाने को कहा। उन्होंने अग्निशमन विभाग को लोगों को जागरूक करने और अस्पतालों, कार्यालयों, विद्यालयों जैसे महत्त्वपूर्ण भवनों के फायर ऑडिट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

    उन्होंने अधिकारियों से राहत सामग्री पहले से ही पर्याप्त मात्रा में जमा करने को कहा। जिला स्तर की जरूरत और पिछले अनुभवों के आधार पर सामान की अग्रिम खरीद की जानी चाहिए। उन्होंने बर्फबारी वाले क्षेत्रों में ईंधन, खाद्यान्न, एलपीजी और अन्य जरूरी वस्तुओं का स्टॉक पहले से रखे जाने पर भी बल दिया गया। मुख्य सचिव ने लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के अपने कर्मचारी और मशीनरी पहले से ऐसे स्थानों पर तैनात करने को कहा, जहां बर्फबारी के दौरान प्रभावित स्थानों में बहाली का काम जल्दी शुरू किया जा सके।

    उन्होंने संयुक्त प्रतिक्रिया टीम बनाने पर भी बल दिया, ताकि बर्फबारी के समय सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय हो सके। उन्होंने बिजली लाइनों की अग्रिम मरम्मत और अस्पतालों, संचार नेटवर्क और पंपिंग स्टेशनों के लिए बैकअप पावर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने पर्यटन स्थलों के लिए विशेष शीतकालीन यातायात प्रबन्धन योजना बनाने पर बल दिया, ताकि सर्दियों में प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने आईसैट फोन की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए।

    इस अवसर पर अवगत करवाया गया कि प्रदेश के सभी पुलिस स्टेशनों में आपात स्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए वीसैट सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

  • IFFI 2025: हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिखेरी अपनी संस्कृति की छटा

    IFFI 2025: हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिखेरी अपनी संस्कृति की छटा

    हरियाणा की शानदार झांकी नॉनस्टॉप फिल्मी हरियाणा” को मिला पुरस्कार

    राज्य की समृद्ध संस्कृति, फिल्मी विरासत और जीवंत पहचान अब देश के साथ – साथ पहुंचेगी वैश्विक मंच पर

    ‌ महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने दी अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई

    सिनेमा पृष्ठभूमि के लिए हरियाणा को विशेष आकर्षक स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास – के. मकरंद पांडुरंग

    चंडीगढ़: गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI 2025) में इस बार हरियाणा ने सांस्कृतिक भव्यता के साथ अपनी एक अनूठी छाप छोड़ी है। पारंपरिक रंगों, लोकनृत्यों, संगीत, इतिहास और आधुनिक फिल्मी उपलब्धियों को समेटे हरियाणा की झांकी ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि निर्णायक मंडल को भी गहराई से प्रभावित किया। इसी का परिणाम रहा कि राज्य की आकर्षक और सजीव झांकी को महोत्सव में पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    गोआ में 20 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित नौ-दिवसीय प्रतिष्ठित महोत्सव के पहले दिन 28 प्रतिभागियों ने अलग-अलग थीम पर अपनी झांकिया प्रस्तुत की। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ऑफ इंडिया की ओपनिंग परेड में हरियाणा ने पहली शानदार राज्य झांकी प्रस्तुत की। सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग, हरियाणा के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग के दिशा-निर्देशन में ‌‌विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया और संयुक्त निदेशक ‌फिल्म नीरज टुटेजा ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया।

    “नॉन स्टॉप फिल्मी हरियाणा” की थीम पर तैयार झांकी ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति और सिनेमा के रंगों से सराबोर एक अनोखा “चलित उत्सव” प्रदान किया। हरियाणा की झांकी ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों, फिल्म निर्माताओं और दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में झांकियों के प्रदर्शन के उपरांत 28 नवंबर, 2025 को निर्णायक मंडल द्वारा टॉप-5 अचीवर्स को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें हरियाणा, आंध्र प्रदेश, हॉम्बेल मूवी मेकर्स, वेव्स ओटीटी और ज़ी स्टूडियोज शामिल हैं।

    सिनेमा पृष्ठभूमि के लिए हरियाणा को विशेष आकर्षक स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास – के. मकरंद पांडुरंग

    सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग, हरियाणा के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा हैं। हरियाणा ‌में फिल्म सिटी बनाई जा रही है, ताकि निर्माता, निर्देशक राज्य में आकर सिनेमा के माध्यम से यहां की संस्कृति को प्रदर्शित करें, जिससे हरियाणा की पहचान वैश्विक पटल पर बने।

    फिल्म-कैमरे के अद्भुत रूप में सजी झांकी हरियाणा की रचनात्मक शक्ति का बनी प्रतीक

    फिल्म-कैमरे के अद्भुत रूप में सजी झांकी हरियाणा की रचनात्मक शक्ति के प्रतीक के रूप में संस्कृति, अपने लोगों और अपनी आवाज़ को दुनिया के सामने नए अंदाज़ में प्रस्तुत करती नज़र आई। कैमरे से निकलती सुनहरी किरणें राज्य की रचनात्मक चेतना, ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनीं। डिजिटल स्क्रीन पर उभरती झलकियों में हरियाणा की विरासत, पर्यटन, लोक-संस्कृति, थिएटर-कला और फिल्मांकन स्थलों की अनोखी दुनिया एक ही परदे पर जीवंत दिखाई दी।

    झांकी में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सिनेमा में हरियाणा, लोकेशन्स को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। हरियाणा की झांकी को लेकर देशी-विदेशी पर्यटक काफी आकर्षित नजर आए। “नॉनस्टॉप फिल्मी हरियाणा” की थीम के साथ झांकी में दर्शया गया कि हरियाणा एक ऐसा प्रदेश है जहाँ कहानियाँ मिट्टी में अंकुरित होती हैं और कला फसलों की खुशबू में अपना सौंदर्य सँवारती है।

    इस झांकी में हरियाणा की फिल्म नीति का प्रभावी संदेश भी प्रदर्शित किया गया। झांकी में प्रदर्शित किया गया कि किस तरह गाँव की चौपालों से निकली कहानियाँ आज विश्व के बड़े परदों तक पहुँच रही हैं। नीचे लहलहाते सरसों के सुनहरे खेत हरियाणा की समृद्ध परंपरा और इस मिट्टी में जन्म लेने वाली कहानियों की अनंत यात्रा के प्रतिबिंब की कहानी कहते नज़र आए। राज्य की इस उपलब्धि से अब हरियाणा सिनेमा और फिल्मी जगत में देश के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भी अपनी एक अनूठी पहचान बनाने में सफल होगा।

  • कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 460 करोड़ मंजूर: मुख्यमंत्री

    कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 460 करोड़ मंजूर: मुख्यमंत्री

    सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत तंगरोटी में सुनीं जन शिकायतें

    टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में 28 करोड़ रुपये की पैट स्कैन मशीन लगाने की घोषणा

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा ज़िला के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तंगरोटी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत जन शिकायतें सुनी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय महिला मंडलों के लिए एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने रामेड़-तंगरोटी सम्पर्क मार्ग, तंगरोटी सम्पर्क मार्ग की टारिंग और निकटवर्ती सड़क मार्गों के लिए भी धनराशि जारी करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिला को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया है, जिसके दृष्टिगत क्षेत्र में अनेक पर्यटन परियोजनाओं को साकार रूप दिया जा रहा है। इससे आगामी समय में स्थानीय लोगों के लिए आमदनी के नए साधन सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 460 करोड़ रुपये जारी किए हैं और इसका कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से इसके समीपवर्ती क्षेत्रों में ज़मीन की कीमतों में वृद्धि होगी और क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में भी बढ़ोतरी होगी जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गाय के दूध के समर्थन मूल्य को 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के समर्थन मूल्य को 61 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया है। किसानों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए, सरकार ने प्राकृतिक पद्धति से उगाई गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पादित गेहूं 60 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 40 रुपये प्रति किलोग्राम और कच्ची हल्दी 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही है। उन्होंने लोगों से प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को घरद्वार के निकट रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।

    मुख्यमंत्री ने धर्मशाला उप-चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी देवेंद्र जग्गी बहुत कम अंतर से हारे थे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में झूठ की जीत और सत्य की हार हुई। कांग्रेस से भाजपा में गए उम्मीदवार से देवेंद्र जग्गी हारे, लेकिन क्षेत्र के लोग देवेंद्र जग्गी के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दे रही है। हिमाचल प्रदेश ने हाल ही में 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य की उपलब्धि हासिल की है। राज्य अब पढ़ने और लिखने की कुशलता में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किए गए वर्तमान राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में देश में 5वें स्थान पर है, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल 21वें स्थान पर था।

    उन्होंने कहा कि पहली बार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सुधार कार्य किए हैं। एम्ज की तर्ज पर कांगड़ा जिला में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और शिमला जिला के अटल आयुर्विज्ञान चिकित्सा अस्पताल चमियाना में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में पैट स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 28 करोड़ रुपये जारी गए हैं। इसके अलावा, एडवांस्ड सीटी स्कैन और एक्स-रे मशीनें भी लगाई जा रही हैं।

    इस अवसर पर कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं पंचायतों का दौरा कर जनता से सुझाव ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला से भाजपा विधायक जनता और जन शिकायतों से अनजान हैं। उन्होंने दूध के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसान और पशुपालक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तंगरोटी में दूध संग्रहण केन्द्र का विस्तार किया जाएगा।

    इस अवसर पर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, धर्मशाला की महापौर नीनू शर्मा, एपीएमसी कांगड़ा के अध्यक्ष निशु मोंगरा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • मान सरकार का ‘रंगला पंजाब’ मास्टर प्लान: 213 करोड़ से संवरेंगे गांव, 2850 घर होंगे रोशन

    मान सरकार का ‘रंगला पंजाब’ मास्टर प्लान: 213 करोड़ से संवरेंगे गांव, 2850 घर होंगे रोशन

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि ‘रंगला पंजाब योजना’ के तहत तय किए गए 585 करोड़ रुपये के कुल बजट में से पहली किस्त के रूप में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए 213 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।

    पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस साल के बजट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में ‘रंगला पंजाब योजना’ पेश की गई थी, जिसके अंतर्गत हर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए विशेष रूप से 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे। उन्होंने बताया कि फंडों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विधायकों और अधिकारियों की कमेटियां बनाई गई हैं। इन कमेटियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर अलग-अलग पंचायतों को 213 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है।

    वित्त मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ये कमेटीयाँ ‘रंगला पंजाब योजना’ के तहत निरंतर विकास कार्यों की सिफारिशें कर रही हैं, और उसी अनुसार आवश्यक फंड उपलब्ध कराए जाते रहेंगे। इस अवसर पर उन्होंने ‘रंगला पंजाब योजना’ शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद भी किया।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदृष्टि के अनुसार राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे व्यापक प्रयासों पर जोर देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि हाल ही में पंचायतों, ज़िला परिषदों और पंचायत समितियों को 334 करोड़ रुपये के विकास फंड भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के गांवों और शहरों का विकास लगातार जारी है तथा इस प्रयास में कोई भी गांव, कस्बा या शहर पीछे नहीं रहेगा।

    इसके अलावा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब में युवाओं को खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराते हुए उन्हें ओलंपिक तक पहुँचने योग्य बनाने के लिए 3,000 से अधिक स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 19,000 किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं। वित्त मंत्री ने विकास के इस दृष्टिकोण की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए कहा कि पहले की सरकारें अपने आखिरी वर्ष में ही विकास कार्य शुरू करती थीं, जबकि ‘आप’ सरकार पहले दिन से ही अपनी गारंटियों को पूरा करने में जुटी हुई है।

  • बाढ़ के बावजूद पंजाब ने देश को दिया अनाज, केंद्र ने तोड़ा वादा: मुख्यमंत्री मान

    बाढ़ के बावजूद पंजाब ने देश को दिया अनाज, केंद्र ने तोड़ा वादा: मुख्यमंत्री मान

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य ने देश को 150 लाख मीट्रिक टन चावल और सवा सौ लाख मीट्रिक टन गेहूं देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी की, लेकिन केंद्र सरकार अपने वादे से मुकर गई।

    मुख्यमंत्री मान ने कहा, “पंजाब के किसानों ने देश की खाद्य सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की। हमने केंद्र के गोदामों को भर दिया। लेकिन बदले में हमें क्या मिला? सिर्फ जुमले और खाली वादे।” उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये का वादा किया था, लेकिन एक रुपया भी नहीं भेजा गया। “यह सिर्फ एक जुमला था जिसे छोड़कर वे चले गए,” मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा।

    मान ने आगे कहा कि जो पैसा अन्य योजनाओं के तहत हर राज्य को मिलना चाहिए, केंद्र सरकार उसी को 1600 करोड़ में से काटने की बात कर रही है। “यह कैसा न्याय है? जो हमारा हक है, उसे भी हमें वादे के नाम पर बता रहे हैं,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को दबाना चाहती है। “लेकिन पंजाब अब हमारे हाथों में है। हम न दबे हैं और न दबने देंगे,” उन्होंने दृढ़ता से कहा।

    उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके अधिकारों के लिए हर मोर्चे पर लड़ेगी। “पंजाब के किसान देश का पेट भरते है, और हम उनके साथ खड़े हैं,” मान ने कहा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह तुरंत पंजाब का बकाया भुगतान करे और राज्य के साथ सौतेला व्यवहार बंद करे। उन्होंने कहा कि पंजाब की आवाज़ को अब और नहीं दबाया जा सकता।

  • पारदर्शी भर्ती प्रणाली से युवाओं के लिए खुले अवसर: हरपाल सिंह चीमा

    पारदर्शी भर्ती प्रणाली से युवाओं के लिए खुले अवसर: हरपाल सिंह चीमा

    कहा, अब शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और अटूट लगन ही उज्ज्वल भविष्य के लिए पर्याप्त

    वित्त मंत्री ने हैपी कौर को नियुक्ति पत्र सौंपा, साधारण पृष्ठभूमि से सफलता तक के प्रेरणादायक सफर की सराहना

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि पंजाब सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रणाली के माध्यम से सरकारी नौकरियों में केवल योग्यता और लगन को ही मापदंड बनाकर यह सुनिश्चित किया है कि वास्तविक प्रतिभा को उसका हक और मान्यता मिले। उन्होंने ये विचार नव-नियुक्त हैपी कौर को व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र भेंट करते हुए और वित्त विभाग में क्लर्क के रूप में आधिकारिक रूप से स्वागत करते हुए व्यक्त किए।

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हैपी कौर की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सफलता अनगिनत लोगों के लिए उम्मीद की किरण और प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हैपी कौर के अब तक के जीवन की कहानी एक सशक्त उदाहरण है कि दृढ़ निश्चय और योग्यता के साथ कोई भी व्यक्ति चुनौतियों पर काबू पाकर अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।

    यहां उल्लेखनीय है कि हैपी कौर का सफर बेहद प्रेरणादायक है, जो पूरी तरह मेहनत और लगन पर आधारित है। वे ऐसे परिवार से आती हैं, जहां हर कदम केवल मजबूत इरादों के साथ ही आगे बढ़ाया जा सकता है। उनके पिता लक्ष्मण सिंह परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पल्लेदार के रूप में कठोर मेहनत करते हैं, जबकि उनकी माता बलजीत कौर एक समर्पित घरेलू महिला हैं। परिवार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता उनके भाई में भी दिखाई देती है, जो आर्ट्स ग्रेजुएट हैं और मनरेगा योजना के अंतर्गत अनुबंध पर ग्राम सेवक के रूप में अपनी सेवाएं देकर समाज में योगदान दे रहे हैं।

    साधारण पृष्ठभूमि और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हैपी कौर ने अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को दृढ़ता से पूरा किया और मास्टर ऑफ साइंस इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आई.टी.) की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने पंजाब अधीन सेवा चयन बोर्ड (पी एस एस एस बी) की ओर से क्लर्क की पोस्ट के लिए आयोजित कठोर परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण किया।

    वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक मुश्किलों के बावजूद सफलता प्राप्त करने का यह उदाहरण परिस्थितियों के विरुद्ध अथक प्रयासों की जीत का सशक्त प्रमाण है, जो समाज के हर वर्ग में राज्य की क्षमता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने ऐसा वातावरण तैयार किया है, जहां शिक्षा के प्रति समर्पण और अटूट लगन सचमुच उज्ज्वल भविष्य के द्वार खोल सकती है।