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  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: विकसित भारत 2047 का आधार—‘वोकल फ़ॉर लोकल’

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: विकसित भारत 2047 का आधार—‘वोकल फ़ॉर लोकल’

    मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ से ‘आत्मनिर्भर भारत रेल यात्री–संपर्क अभियान’ की शुरुआत की

    केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रवनीत सिंह बिट्टू भी रहे मौजूद

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने का रास्ता वोकल फॉर लोकल से होकर ही गुजरेगा। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देश में बनी वस्तुओं का अधिकतम उपयोग होगा और लोकल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से आत्मनिर्भर भारत रेल यात्री–संपर्क अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत 2047 और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को आमजन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाकर तथा ट्रेन में मौजूद यात्रियों से संपर्क कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पत्रक वितरित किए।

    इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 12वीं–13वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल 11 वर्षों में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकल उत्पादों के उपयोग, उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता को अपनाने से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा।

    कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में विश्वास रखा

    उन्होंने रेलवे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहे हैं। चंडीगढ़, पंचकूला रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है। यह अभूतपूर्व विकास का उदाहरण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार में विश्वास रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है।

    हादसे पर जताया गहरा दु:ख, कहा—लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत खिलाड़ी हार्दिक राठी की मृत्यु के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। खेल विभाग और प्रशासन को लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी प्रदेश का गौरव हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। सरकार ने पूरे प्रदेश के स्टेडियमों में लगे खेल उपकरणों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट भी मांगी है।

    संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करें पंजाब सीएम

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा हरियाणा को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी द्वारा एक महीने में पंजाब से नशा खत्म करने का वायदा कर सरकार तो बना ली, लेकिन हालात कैसे हैं वो सबके सामने हैं। नशे की वजह से पंजाब के युवा बर्बाद हो रहे हैं, अपराध भी बढ़ रहा है। बजाय, उस पर कुछ करने के पंजाब सीएम केवल राजनीति कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सिख परंपरा का सम्मान बढ़ाया

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख परंपरा, गुरुओं की शिक्षाओं और उनके पवित्र स्थलों के सम्मान में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित लाने और करतारपुर कॉरिडोर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनके प्रयासों से संभव हो सके हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस केवल भ्रामक प्रचार कर समाज में विभाजन पैदा करने में लगे रहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय सहित अभियान से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।

  • डॉ. अंबेडकर पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल 29 दिसंबर तक पुनः खुला: डॉ. बलजीत कौर

    डॉ. अंबेडकर पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल 29 दिसंबर तक पुनः खुला: डॉ. बलजीत कौर

    2.70 लाख छात्रों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य: डॉ. बलजीत कौर

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (एस सी) के विद्यार्थियों को शैक्षिक सशक्तिकरण के माध्यम से मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार पूरी निष्ठा के साथ प्रयासरत है। यह बात सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही।

    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को और सुगम व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से डॉ. बी.आर. अंबेडकर पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 29 दिसंबर 2025 तक पुनः खोल दिया गया है। योग्य विद्यार्थी अब अपनी आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

    कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने वर्ष 2025-26 के दौरान 2.70 लाख छात्रों को इस योजना का लाभ पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 2,49,620 विद्यार्थी पोर्टल पर आवेदन कर चुके हैं, जिनमें से 1,26,722 मामलों का सत्यापन किया जा चुका है। वर्तमान वर्ष में अब तक 19,871 विद्यार्थियों को राज्य सरकार के हिस्से की राशि जारी की जा चुकी है और शेष को भी शीघ्र भुगतान किया जाएगा।

    योजना के तहत नए विद्यार्थियों को फ्री-शिप कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिनकी सहायता से वे निर्धारित नियमों के अनुसार ट्यूशन फीस में छूट प्राप्त कर मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं।

    डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सभी जिला अधिकारियों, शैक्षणिक संस्थानों और नोडल एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों तक इस योजना का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र विद्यार्थी स्कॉलरशिप से वंचित न रहे।

  • मान सरकार का बड़ा ऐलान: 45 MCCCs से पंजाब के हर बच्चे को मिलेगा पूरा संरक्षण

    मान सरकार का बड़ा ऐलान: 45 MCCCs से पंजाब के हर बच्चे को मिलेगा पूरा संरक्षण

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान की आप सरकार ने पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। यह बदलाव खासकर माताओं और बच्चों की सेहत पर ध्यान केंद्रित करता है। सरकार ने 45 खास मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र (MCCCs) बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इन केंद्रों का मकसद है कि माताओं की मृत्यु दर कम हो और हर बच्चे को सबसे अच्छी शुरुआत मिले। यह कदम ‘रंगला पंजाब’ (खुशहाल पंजाब) बनाने के सरकार के सपने को पूरा करता है, जहाँ अच्छी सेहत हर किसी का हक है।

    इस काम में AAP सरकार ने बहुत तेज़ी दिखाई है। 45 MCCCs बनाने के लक्ष्य में से, 35 से ज़्यादा केंद्र तो पहले ही शुरू हो चुके हैं। यह दिखाता है कि सरकार समय पर काम पूरा करने और लोगों की भलाई के लिए कितनी गंभीर है। ये केवल नई बिल्डिंग नहीं हैं, बल्कि ये बेहतरीन इलाज के केंद्र हैं। इन्हें सोच-समझकर गाँवों और छोटे शहरों में बनाया गया है। उदाहरण के लिए, मानसा में बुढलाडा केंद्र ₹5.10 करोड़ की पूरी पारदर्शिता के साथ बनाया गया, जो बताता है कि सरकारी पैसा सही जगह और सही तरीके से खर्च हो रहा है।

    हर MCCC को ऐसी सेवाएं देने के लिए बनाया गया है जिससे माँ और बच्चे दोनों को सबसे अच्छी देखभाल मिल सके। इन सेवाओं में सुरक्षित डिलीवरी, डिलीवरी से पहले और बाद की पूरी देखभाल, नवजात शिशु की देखभाल, और खतरे वाली माताओं की खास निगरानी शामिल है। ये केंद्र उन इलाकों को चुनकर बनाए गए हैं जहाँ सेहत के मामले कमजोर हैं, जैसे जहाँ खून की कमी (एनीमिया) ज़्यादा है। MCCCs के आने से अब लोगों को महंगे प्राइवेट अस्पतालों या दूर-दराज के शहरों में भागना नहीं पड़ता। इस तरह, इलाज की सुविधा गाँवों और गरीब लोगों तक सीधे पहुँच रही है।

    MCCCs के साथ-साथ, सरकार ने ‘आम आदमी क्लीनिकों’ (AACs) का भी जाल बिछाया है, जो बिल्कुल शुरुआती स्वास्थ्य सेवा को घर के पास ले आए हैं। राज्य में 800 से ज़्यादा AACs चल रहे हैं, जहाँ 80 तरह की मुफ्त दवाएं और 41 तरह के मुफ्त टेस्ट होते हैं। यह एक दोहरी व्यवस्था है: AACs छोटे-मोटे इलाज देखते हैं, जबकि MCCCs बड़े और खास इलाज के लिए तैयार रहते हैं। हाल ही में, AACs में गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त टेस्ट और देखभाल शुरू हुई है, जिससे MCCCs पर बेवजह का बोझ कम हुआ है और सही मरीज को सही इलाज मिल रहा है।

    सरकार केवल बिल्डिंग बनाकर रुक नहीं गई है, बल्कि वह यह भी देखती है कि सेवाओं की गुणवत्ता और जिम्मेदारी बनी रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद समय-समय पर अस्पतालों का दौरा करते हैं। इस सीधे दखल से स्टाफ की कमी (जैसे नर्स या सफाई कर्मचारी) जैसी दिक्कतें तुरंत पकड़ में आती हैं और दूर की जाती हैं। यह पक्का करता है कि जो पैसा लगाया गया है (जैसे ₹5.10 करोड़), वह एक पूरी तरह से काम करने वाली, 24 घंटे चलने वाली अच्छी सेवा प्रणाली में बदल जाए। सरकार का यह कदम साफ दिखाता है कि अस्पताल बनाना जितना जरूरी है, उनका ठीक से चलना उससे भी ज़्यादा जरूरी है।

    MCCCs को बनाने और चलाने का यह तरीका पंजाब सरकार के अच्छे प्रशासन और पैसों के सही इस्तेमाल को भी दिखाता है। सरकारी पैसा पूरी पारदर्शिता से ऐसे कामों में लगाया जा रहा है, जिनका सीधा फायदा लोगों की सेहत और समाज कल्याण पर पड़ता है। स्वास्थ्य के ढांचे में यह निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए लंबे समय में फायदेमंद होगा, क्योंकि स्वस्थ लोग ज़्यादा काम कर पाते हैं। सरकार बचे हुए MCCCs को भी जल्दी पूरा करने के लिए लगी हुई है, ताकि 45 केंद्रों का यह मजबूत नेटवर्क पंजाब के कोने-कोने में माताओं और बच्चों की सेहत की पूरी सुरक्षा कर सके।

    पंजाब सरकार का 45 MCCCs का वादा केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं है, बल्कि यह समाज को पूरी तरह से बदलने की पहल है। AAP सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, तेज़ काम और शुरुआती तथा खास इलाज के बीच बेहतरीन तालमेल ने एक ऐसा मॉडल खड़ा किया है जो देश के बाकी राज्यों के लिए एक मिसाल है। यह प्रगति साफ बताती है कि पंजाब एक स्वस्थ, मजबूत और सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवा वाला राज्य बनने के अपने सपने को पूरा कर रहा है, जिससे राज्य में हर माँ और बच्चे का भविष्य सुरक्षित और चमकदार हो रहा है।

  • श्री आनंदपुर साहिब: 350वें शहीदी समागम की तैयारियों ने जीता संगत का दिल

    श्री आनंदपुर साहिब: 350वें शहीदी समागम की तैयारियों ने जीता संगत का दिल

    आनंदपुर साहिब: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा किए गए विश्व स्तरीय प्रबंधों ने सुशासन की एक नई मिसाल कायम की है। इन इंतज़ामों की तारीफ़ सिर्फ श्रद्धालुओं ने ही नहीं की, बल्कि राजनीतिक विरोधी भी मुख्यमंत्री मान की नेक नीयत और जनसेवा की प्रशंसा करने को मजबूर हो गए हैं।

    अक्सर राजनीतिक मंचों पर आलोचनाएँ देखने को मिलती हैं, लेकिन शहीदी समागम के दौरान मान सरकार के इंतज़ामों की गुणवत्ता ने सभी को अचंभित कर दिया। इस आयोजन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह रहा कि एक कट्टर कांग्रेस समर्थक ने भी स्वयं मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने रुककर कहा, “हम कांग्रेसी हैं, पर आपकी तारीफ़ करते हैं। मान सरकार द्वारा किए गए शहीदी समागम के प्रबंध ने संगत का दिल जीत लिया है।”

    यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में किया गया काम ऐसा है कि यह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सच्ची जनसेवा का प्रमाण बन गया है। सरकार के इस कदम से यह सिद्ध हुआ है कि ‘काम ऐसा करो कि विरोधी भी तारीफ़ करने को मजबूर हो जाए।’

    श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसे इंतज़ाम नहीं देखे। एक श्रद्धालु ने सीधे मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा, “मैं कई सालों से यहां आ रहा हूं और कभी इतने शानदार इंतज़ाम नहीं देखे। यहाँ हर तरह की सुविधा है, रात रुकने की भी व्यवस्था है। धन्यवाद!”

    मान सरकार ने ‘संगत से ऊपर कुछ नहीं’ के भाव को चरितार्थ करते हुए श्रद्धालुओं के लिए व्यापक और उच्च कोटि की सुविधाएँ प्रदान कीं, मान सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए दस हज़ार से अधिक लोगों की क्षमता वाली तीन विशाल टेंट सिटी स्थापित की गईं, जिनमें रहने की उत्तम व्यवस्था थी। साथ ही, 24 घंटे लंगर और उच्च कोटि की स्वच्छता सुनिश्चित की गई।

    इसके अतिरिक्त, दूर-दराज से आई संगत के लिए मुफ्त बसें और समागम स्थल पर मुफ्त ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए 19 ‘आम आदमी क्लीनिक’ सहित 24 घंटे मुफ्त आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। मुफ्त आँखों की जाँच के लिए ‘निगाह लंगर’ भी लगाया गया।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम सुनिश्चित किए गए, जिसके लिए 8,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती और हाई-टेक कैमरों से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी गई। इतिहास और विरासत की जानकारी देने के लिए शानदार ड्रोन शोQR कोड के साथ प्रदर्शनियां लगाई गईं, जिससे नई पीढ़ी को सिख इतिहास से जुड़ने का मौका मिला।

    ये विश्व स्तरीय प्रबंध सिर्फ़ सेवा नहीं थे, बल्कि यह दिखाने का प्रयास था कि गुरु साहिब के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कला, संगीत और सिनेमा जगत से जुड़ी हस्तियों ने भी इन प्रबंधों की सराहना की।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह सिद्ध कर दिया कि नेक नीयत से जनहित और सेवा को समर्पित होकर किया गया काम हमेशा प्रशंसा पाता है, और जब सरकार गुरु साहिब का ओट-आसरा लेकर सेवा करती है, तो वह हर श्रद्धालु की यादों में एक ना-भूलने वाला अनुभव बन जाता है।

  • “प्रदेश सरकार की प्राथमिकता: ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सर्वांगीण सुदृढ़ीकरण”

    “प्रदेश सरकार की प्राथमिकता: ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सर्वांगीण सुदृढ़ीकरण”

    धर्मशाला में पशुपालन विभाग के नए कार्यालय भवन का किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज धर्मशाला में पशु पालन विभाग के उप-निदेशक कार्यालय के नए भवन का उद्घाटन किया। यह भवन 3.21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है जिससे कांगड़ा जिला के पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले अढ़ाई वर्ष में दूध के मूल्य में 21 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा दूध पर परिवहन अनुदान 1.50 रुपये से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति लीटर किया गया है। 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित खरीद केन्द्रों तक दूध पहुंचाने के लिए किसानों को 2 रुपये प्रति लीटर की दर से अनुदान दिया जा रहा है। सरकार के इन प्रयासों से पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला के ढगवार में 1.50 लाख लीटर का दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। शिमला जिला के दत्तनगर स्थित दूध प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप मिल्कफेड अब राज्य में हर दिन 3 लाख लीटर दूध की खरीद कर रहा है जबकि पूर्व सरकार के समय केवल 90,000 लीटर दूध की खरीद की जाती थी।

    इस अवसर पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, विधायक सुरेश कुमार, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी और राम चंद्र पठानिया, सचिव पशुपालन रितेश चौहान, निदेशक पशुपालन संजीव कुमार धीमान, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक पुलिस मयंक चौधरी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • Punjab News: प्रमुख जापानी कंपनियों ने पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों की सराहना

    Punjab News: प्रमुख जापानी कंपनियों ने पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों की सराहना

    चंडीगढ़, 27 नवंबर 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान के साथ उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की।

    मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के साथ जापान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वर्चुअल विचार-विमर्श किया, जिसमें जापानी दूतावास, जेट्रो, जे.सी.सी.आई.आई. और भारत भर में कार्यरत 25 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियां जैसे पैनासोनिक, सुमितोमो, निप्पॉन, एनईसी, टोयोटा आदि शामिल थी। यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आई.एस.बी.), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा था। इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य के आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ एक ही प्राधिकरण के तहत कई विभागों की क्षमताओं को एकीकृत करने वाले अनूठे इन्वेस्ट पंजाब यूनिफाइड रेगुलेटरी मॉडल को प्रदर्शित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वह भूमि है जो साहस, लचीलापन, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और सामुदायिक साझेदारी के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में, विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योग, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग के मोर्चे पर अग्रणी केंद्र बनने के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने अपने मुख्य संबोधन में जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए हार्दिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्यों को साझा करते हैं, जो राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जापानी कंपनियों ने पंजाब में पहले से ही मजबूत पकड़ बना ली है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है। जापानी उद्योग के साथ पंजाब की साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये संबंध पहले से ही मजबूत हैं और नई दिशाओं की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान की कई प्रसिद्ध कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब के ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्र में माज़दा, सुमितोमो, एसएमएल इसुज़ु, यानमार, आइची स्टील और गुनमा सीको ने अपने पैर पसार लिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है। रिटेल और उपभोक्ता उत्पादों में यूनिक्लो ने जापानी गुणवत्ता हमारे लोगों तक पहुंचाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी हमारे हरित दृष्टिकोण में योगदान दे रही है और यह साझेदारी स्थिरता, कौशल और विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता में जापानी निवेशकों द्वारा दिखाए गए भरोसे को दर्शाती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार पंजाब की औद्योगिक क्षमताओं पर प्रकाश डाल रही है, सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज कर रही है और जापानी उद्योग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब आज भारत के सबसे अधिक कारोबार-अनुकूल राज्यों में से एक है और भारत सरकार ने 2024 की बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बी.आर.ए.पी.) रैंकिंग में पंजाब को प्रथम स्थान दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की कारोबार में सुगमता, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन को दर्शाती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का दृष्टिकोण सरल और स्पष्ट है – नीतिगत स्थिरता, त्वरित निर्णय लेना और निवेशकों के समय व विश्वास का सम्मान करने वाली शासन प्रणाली लाकर पंजाब को वैश्विक उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण साझेदारी और उद्योगों के साथ मिलकर काम करने, उनकी जरूरतों को समझने और यह सुनिश्चित करने पर आधारित है कि सरकार विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और औद्योगिक क्षमता का विस्तार कर निवेश के लिए नए रास्ते खोले हैं।

    राज्य में उभरती नई संभावनाओं की खोज के लिए जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि ये वे प्रमुख क्षेत्र हैं जहां जापान की क्षमताएं और पंजाब की संभावनाएं स्वाभाविक रूप से मेल खाती हैं। उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालेगा, प्रमुख औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा और साझेदारी व सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को साझा करते हैं और राज्य सरकार इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से समृद्ध भविष्य सृजन के लिए दृढ़ है। निवेशकों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने पंजाब के साथ उनके निरंतर संबंधों के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग की मांग की।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि फास्टट्रैक पंजाब डिजिटल प्लेटफॉर्म अब 45 कार्य दिवसों के भीतर गारंटीड मंजूरियों के साथ 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें कानूनी रूप से लागू ऑटो-डीम्ड मंजूरियां भी शामिल हैं। उन्होंने निवेशकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और प्रवासी भारतीय मामलों में किए गए सुधारों को रेखांकित किया। मंत्री ने जोर दिया कि पंजाब ने 1.39 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक निवेश आकर्षित किए हैं, जिससे 5.09 लाख नौकरियां सृजित हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक और नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए की लागत से बिजली अवसंरचना को और मजबूत कर रही है।

    इस दौरान जापानी और इंडो-जापानी उद्योगपतियों, जिनमें यानमार होल्डिंग्स और टी.टी.सी. ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे, ने पंजाब में काम करने के अपने अनुभव साझा किए और मानव पूंजी की गुणवत्ता, सहायक नीतिगत वातावरण और इन्वेस्ट पंजाब द्वारा दी जा रही निर्बाध सुविधाओं पर प्रकाश डाला। जेट्रो और दूतावास के अधिकारियों ने पंजाब की सक्रिय पहुंच की सराहना की और विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन तथा एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों में संभावित क्षेत्र-विशेष साझेदारियों पर चर्चा की।

  • Punjab News: CM मान ने 30,000 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों को वितरित की 377 करोड़ मुआवज़ा राशि

    Punjab News: CM मान ने 30,000 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों को वितरित की 377 करोड़ मुआवज़ा राशि

    डेरा बाबा नानक, 27 नवंबर 2025: राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 30,000 से अधिक उन परिवारों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की है, जिनके घर हाल ही में आए भयानक बाढ़ों में क्षतिग्रस्त हो गए थे।

    जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भयानक बाढ़ों के कारण पंजाब के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है और प्रभावित परिवारों का दर्द बयान नहीं किया जा सकता। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अपने दौरों के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लोगों का दुख सुना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि इस दुख की घड़ी में वह हर प्रभावित परिवार के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने पंजाब तथा अन्य राज्यों के सामाजिक-धार्मिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा इस आपदा के दौरान निस्वार्थ सेवा के लिए किए गए अथक प्रयासों की सराहना की। पंजाबियों के जुझारू जज्बे की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने एक बार फिर मुसीबत से उबरने के अपने बेमिसाल जज्बे का प्रदर्शन किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का यह फर्ज बनता है कि वह कठिन समय में अपने लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहे और उनकी सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के दौरान किसानों को हुई फसल क्षति के लिए 20,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजे का भुगतान पहले ही शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह देश की किसी भी सरकार द्वारा दिया गया अब तक का सबसे अधिक फसली मुआवजा है। उन्होंने आगे कहा कि घरों के नुकसान के लिए सरकार ने एक व्यापक पुनर्वास पैकेज भी शुरू किया है, जिसके तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए प्रभावित परिवारों को 1.20 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने बताया कि बाढ़ के दौरान पूरे राज्य में क्षतिग्रस्त हुए लगभग 30,000 घरों में से अकेले गुरदासपुर जिले के 8,056 घर शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रभावित परिवारों को 377 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा रहा है ताकि वे अपने घर दोबारा बना सकें। उन्होंने आगे बताया कि घरों की पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार ने हर योग्य परिवार को पहली किस्त के रूप में 70,000 रुपए पहले ही जारी कर दिए हैं, जबकि शेष राशि दो अतिरिक्त किस्तों में दी जा रही है ताकि निर्माण कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। पुनर्निर्माण के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान करने हेतु भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण कार्य मनरेगा के अंतर्गत लाया गया है, जिससे लाभार्थियों को अपने घर बनाने के लिए 90 दिनों का रोजगार मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह 90 दिन का रोजगार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हर घर के लिए दी जा रही 1.20 लाख रुपए की ग्रांट से अलग है। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ रोजगार भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के बावजूद पंजाब ने राष्ट्रीय पूल में लगभग 150 लाख टन चावल का योगदान देकर एक बार फिर देश के अन्नदाता के रूप में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। भगवंत सिंह मान ने बताया कि बाढ़ से राज्य को लगभग 13,500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने अपनी जोरदार मांग दोहराई कि केंद्र सरकार सार्वजनिक रूप से घोषित 1,600 करोड़ रुपए के राहत पैकेज को तुरंत जारी करे।

    पंजाब सरकार की यह पहल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण है। 30,000 से अधिक परिवारों को एक साथ राहत देना राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस ऐतिहासिक कदम के लिए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी सरकार की पूरे राज्य में खूब सराहना हो रही है। जनता मान रही है कि इस दुख की घड़ी में ‘मान सरकार’ ने न सिर्फ़ ज़िम्मेदारी निभाई है, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया है।

  • Punjab News: मान सरकार ने गन्ना किसानों को दिया देश का सबसे महंगा दाम, ₹416 प्रति क्विंटल, नई शुगर मिल और को-जनरेशन प्लांट की भी सौगात

    Punjab News: मान सरकार ने गन्ना किसानों को दिया देश का सबसे महंगा दाम, ₹416 प्रति क्विंटल, नई शुगर मिल और को-जनरेशन प्लांट की भी सौगात

    दीनानगर, 27 नवंबर 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत उन्होंने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का खरीद मूल्य (SAP) बढ़ाकर ₹416 प्रति क्विंटल करने की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही, पंजाब एक बार फिर देश में गन्ना किसानों को सबसे अधिक मूल्य देने वाला राज्य बन गया है, जो उनकी सरकार की किसानों के हितों की सुरक्षा के प्रति पक्की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री मान ने दीनानगर में एक नई चीनी मिल और को-जनरेशन प्लांट का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार का यह किसान-समर्थक कदम गन्ना उत्पादकों को, खासकर सीमावर्ती जिलों के किसानों को, बहुत अधिक फायदा पहुंचाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना पानी की अधिक खपत वाली फसलों (जैसे धान) का एक उत्तम विकल्प है और इससे राज्य के फसल विविधीकरण (Crop Diversification) प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह पानी बचाने वाली वैकल्पिक फसल के तौर पर गन्ने को मान्यता दे और उसे बढ़ावा दे।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गुरदासपुर (दीनानगर) में नवनिर्मित सहकारी चीनी मिल और 28.5 मेगावॉट के को-जनरेशन पावर प्लांट को जनता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि यह मिल 1980 में 1,250 TCD (टन गन्ना प्रति दिन) की क्षमता से शुरू हुई थी, जिसे बाद में 2,000 TCD तक बढ़ाया गया। अब इस नई मिल की पेराई क्षमता को 5,000 TCD तक विस्तारित किया गया है ताकि क्षेत्र के लगभग 80 लाख क्विंटल गन्ने की कुशल प्रोसेसिंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह नया कॉम्प्लेक्स प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाएगा, किसानों की आय बढ़ाएगा, चीनी की गुणवत्ता सुधारेगा, परिवहन का बोझ कम करेगा, और बिजली निर्यात से राजस्व का स्थायी स्रोत भी बनाएगा, जिससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इस परिसर में एक अत्याधुनिक सल्फर रहित (Sulphurless) रिफाइंड शुगर प्लांट भी लगाया गया है, जो प्रीमियम-ग्रेड चीनी का उत्पादन करेगा। इसके अलावा, 28.5 मेगावॉट का को-जनरेशन पावर प्लांट 20 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली PSPCL को निर्यात करेगा, जिससे मिल को हर पेराई सत्र में लगभग ₹20 करोड़ का वार्षिक राजस्व मिलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों की संख्या 2,850 से बढ़कर लगभग 7,025 होने की उम्मीद है, जिससे उनकी दूर की प्राइवेट मिलों पर निर्भरता कम होगी और उनका परिवहन समय और खर्च बचेगा।

    किसानों के साथ-साथ आम जनता की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की पुरानी मांग जल्द ही पूरी होगी। इसके अलावा, सरकार ने युवा महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए तरनतारन में सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए जंडियाला गुरु में रेलवे लाइन पर एक नया ओवर ब्रिज बनाने का काम जारी है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके तहत नागरिकों के लिए ₹10 लाख का बीमा कवर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि पंजाब ने यात्रियों पर बोझ कम करने के लिए सफलतापूर्वक 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में 90% घरों को घरेलू बिजली मुफ्त मिल रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने ‘फतेह शुगर’ ब्रांड की सल्फर रहित रिफाइंड शुगर (एक किलो पैक और 5 ग्राम सैशे) भी लॉन्च की, जो बटाला सहकारी चीनी मिल में उत्पादित की जा रही है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारुचक्क और शुगरफेड के चेयरमैन नवदीप सिंह जीदा भी मौजूद थे।

  • मुख्यमंत्री मान ने शुरू की ‘ईज़ी रजिस्ट्री’, भूमि और संपत्ति के लेन-देन में आएगा सुधार

    मुख्यमंत्री मान ने शुरू की ‘ईज़ी रजिस्ट्री’, भूमि और संपत्ति के लेन-देन में आएगा सुधार

    फतेहगढ़ साहिब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक और क्रांतिकारी पहल करते हुए प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए ज़मीन-जायदाद की ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ (आसान व्यवस्था) को लागू कर दिया है।

    मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के मकसद से इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत के गवाह बने सभी लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दशकों से ज़मीन-जायदाद की रजिस्ट्रेशन को जटिल और समय बर्बाद करने वाली प्रक्रिया माना जाता रहा है। इसके लिए बार-बार सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, बहुत परेशानी होती थी और देरी व भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे अतिरिक्त बोझ और असुविधा होती थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब “आसान रजिस्ट्री” व्यवस्था लागू हो जाने से पंजाब में संपत्ति रजिस्ट्रेशन सरल, तेज़ और पारदर्शिता के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि “ईज़ी रजिस्ट्री” प्रणाली नागरिकों के लिए अनावश्यक देरी और परेशानी को पूरी तरह खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार किसी राज्य ने संपत्ति रजिस्ट्रेशन को इतना सरल बनाने की दिशा में ऐसा कदम उठाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल के तहत अब एक जिले के अंदर कोई भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय उस जिले के किसी भी क्षेत्र में स्थित संपत्तियों को रजिस्टर कर सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नागरिक मात्र 500 रुपए की नाममात्र फीस देकर ‘सेल डीड’ ऑनलाइन या सेवा केंद्रों के माध्यम से तैयार करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि “सरकार तुहाडे दुआर” योजना के तहत लोग इस सेवा का लाभ लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेज़ केवल 48 घंटे के अंदर ऑनलाइन जमा करवाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि अब तहसीलदार ज़मीन-जायदाद की रजिस्ट्रेशन पर अनावश्यक आपत्ति नहीं लगा सकेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके लिए 48 घंटे की समय-सीमा तय की गई है और यदि कोई आपत्ति लगाई जाती है तो उसे तुरंत संबंधित डिप्टी कमिश्नर को भेजा जाएगा, जो यह पुष्टि करेंगे कि आपत्ति वैध है या नहीं।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नागरिकों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के हर चरण की अपडेट मिलती रहेगी और यदि कोई रिश्वत मांगता है तो व्हाट्सएप पर ही शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि अब डिप्टी कमिश्नर यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि हर संपत्ति की रजिस्ट्रेशन सुचारू रूप से पूरी हो। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मोहाली के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को हेल्प डेस्क और आरामदायक प्रतीक्षा क्षेत्र के साथ अपग्रेड किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रजिस्ट्रेशन केवल उसी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में हो सकती थी जिसके अधिकार क्षेत्र में संपत्ति स्थित थी। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी रजिस्ट्रेशन की प्रगति या उठाई गई किसी भी आपत्ति की जानकारी तक नहीं मिलती थी। अब दस्तावेज़ जमा करने से लेकर मंजूरी, भुगतान, आपत्ति और अंतिम दस्तावेज़ तैयार होने तक हर चरण की पल-पल की जानकारी व्हाट्सएप पर मिलेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आपत्ति उठाने या दस्तावेज़ सत्यापन के लिए 48 घंटे की समय-सीमा तय की गई है और यह व्यवस्था सेल डीड रजिस्टर करने से जुड़े अतिरिक्त खर्चों को भी कम करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “ड्राफ्ट माई डीड” सुविधा के जरिए कोई भी व्यक्ति सेवा केंद्र या सेवा सहायक की मदद से अपने रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ खुद लिख सकेगा। उन्होंने कहा कि अलग से लेन-देन के सबूत पेश करने की जरूरत नहीं होगी, इससे नागरिकों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों को अब अपने रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ इकट्ठा करने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्रेशन पूरी होने के बाद नागरिकों को व्हाट्सएप पर ही पुष्टि की सूचना मिल जाएगी, जिससे वे एक ही विज़िट में अपना सेल डीड ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार और नागरिक-हितैषी सुधार लाने और सेवा केंद्रों व हेल्पलाइन नंबर 1076 को और सक्षम बनाने पर काम कर रही है ताकि नागरिकों को अपने काम के लिए अनावश्यक दफ्तरों में न जाना पड़े। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों में यह ऐतिहासिक मील का पत्थर लोगों को बड़े पैमाने पर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से है ताकि लोग सेवाएं सुचारू और परेशानी-मुक्त ढंग से प्राप्त कर सकें।

     

  • CM मान का बड़ा ऐलान: चरन गंगा स्टेडियम को बनाया जाएगा इंटरनेशनल मार्शल आर्ट्स सेंटर

    CM मान का बड़ा ऐलान: चरन गंगा स्टेडियम को बनाया जाएगा इंटरनेशनल मार्शल आर्ट्स सेंटर

    चंडीगढ़: आनंदपुर साहिब का ऐतिहासिक चरन गंगा स्टेडियम जल्द ही एक नए रूप में दिखाई देगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पवित्र शहर आनंदपुर साहिब में मौजूदा चरन गंगा स्टेडियम के नवीनीकरण और उन्नयन की घोषणा की है । यह स्टेडियम हर साल होला मोहल्ला मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों की सुविधा के लिए विश्व स्तरीय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्टेडियम युवाओं के लिए मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

    चरन गंगा स्टेडियम सिख इतिहास और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह वही पवित्र स्थल है जहां 1701 में दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने निहंग सिंह जत्थेबंदियों या ‘गुरु की लाडली फौज’ की स्थापना की थी । यहां गुरु साहिब ने खालसा योद्धाओं को गतका और अन्य युद्ध कलाओं का प्रशिक्षण दिया था। आज भी हर साल होला मोहल्ला के दौरान यहां निहंग सिंह परंपरागत मार्शल आर्ट्स का शानदार प्रदर्शन करते हैं। हजारों की संख्या में दर्शक यहां तलवारबाजी, घुड़सवारी और टेंट-पेगिंग जैसे रोमांचक कार्यक्रम देखने के लिए आते हैं ।

    पंजाब सरकार ने आश्वासन दिया है कि स्टेडियम का निर्माण कार्य बिल्कुल परफेक्ट तरीके से किया जाएगा। यह विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होगा, जहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मार्शल आर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जा सकेंगे। स्टेडियम में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, दर्शक दीर्घाएं और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। यह पहल पंजाब की युवा पीढ़ी को परंपरागत मार्शल आर्ट्स से जोड़ने और गुरु साहिब की विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    पंजाब सरकार खेलों के विकास के लिए अभूतपूर्व काम कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पूरे पंजाब में 3,000 से अधिक खेल स्टेडियमों की आधारशिला रखी है, जिनपर 1,184 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा । यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है।

    मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब ने देश को अनेक महान खिलाड़ी दिए हैं और सरकार का उद्देश्य पंजाब की खेल महिमा को वापस लाना है। उन्होंने घोषणा की कि अमृतसर और जालंधर में जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट और हॉकी स्टेडियम बनाए जाएंगे । उनका मानना है कि सही सुविधाएं और माहौल मिलने पर युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में प्रवाहित होगी।

    पंजाब सरकार की खेल नीति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नशे के खिलाफ लड़ाई का सबसे मजबूत हथियार है। यह देखकर खुशी होती है कि पंजाब के युवा बड़ी संख्या में खेल के मैदानों की ओर लौट रहे हैं। सरकार ने ‘हर पिंड खेड मैदान’ योजना के तहत हर गांव में खेल का मैदान बनाने का लक्ष्य रखा है।

    पंजाब सरकार खिलाड़ियों का भी सम्मान कर रही है। नौ हॉकी खिलाड़ियों को DSP और PCS अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, ओलंपियनों को सम्मानित किया गया है और स्थानीय खिलाड़ियों को उनके योगदान के लिए मान्यता दी गई है । यह कदम युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

    चरन गंगा स्टेडियम का नवीनीकरण पंजाब सरकार की व्यापक खेल विकास योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना न केवल आनंदपुर साहिब की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगी, बल्कि युवाओं को मार्शल आर्ट्स और खेलों से जोड़कर उन्हें स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित भी करेगी। सरकार का संकल्प है कि पंजाब फिर से देश की खेल राजधानी बने और यहां के युवा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।