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  • जेल प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम: 6 वरिष्ठ अधिकारियों को मिला नया पदभार

    जेल प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम: 6 वरिष्ठ अधिकारियों को मिला नया पदभार

    चंडीगढ़: प्रदेश में जेलों के कार्यप्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक मिसाली कदम में, जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने आज यहां पंजाब सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में नव-पदोन्नत जेल अधिकारियों का सम्मान किया। इस मौके पर 6 ए.आई.जी./सुपरिंटेंडेंट सेंट्रल जेल अधिकारियों के कंधों पर स्टार लगाए गए।

    उल्लेखनीय है कि कुल 14 अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है, जिनमें 6 ए.आई.जी./सुपरिंटेंडेंट सेंट्रल जेल और 8 डी.एस.पी. ग्रेड-1 शामिल हैं।

    जेल मंत्री ने पदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस कदम का उद्देश्य पंजाब में जेलों के बुनियादी ढांचे के अधिक प्रभावी प्रबंधन के साथ-साथ स्टाफ की आवश्यकता को पूरा करना और प्रशासनिक दक्षता में और सुधार करना है। उन्होंने आगे बताया कि उच्च रैंक प्राप्त होने से जिम्मेदारी के साथ-साथ निर्णय लेने का अधिकार भी मिल जाता है, जो पदोन्नत अधिकारियों को सुरक्षा, अनुशासन सुनिश्चित करने और कैदियों की भलाई के लिए विभिन्न उपाय करने में सक्षम बनाएगा।

    उन्होंने आगे कहा कि ये पदोन्नतियां योग्यता और कुशलता को दर्शाती हैं तथा इस तरह कर्मचारियों को ईमानदारी और पेशेवराना उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करती हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इन अधिकारियों के पास वर्षों की विशेषज्ञता है और सुधारात्मक प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता एवं कुशल प्रणाली सुनिश्चित करेंगे। पदोन्नत अधिकारियों से बातचीत के दौरान मंत्री ने जेलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने तथा कैदियों के लिए व्यापक शैक्षणिक, व्यावसायिक और अन्य कई कल्याण-केंद्रित कदमों की तैयारी के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

    एडीजीपी (जेल) अरुण पाल सिंह ने नव-पदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए विभाग के समग्र कार्यप्रणाली में हर अधिकारी और स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया। इस मौके पर जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग ने भी नव-पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

  • शहीदी दिवस विशेष: पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की

    शहीदी दिवस विशेष: पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की

    श्री आनंदपुर साहिब: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के विचार को अमली जामा पहनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री आनंदपुर साहिब में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की।

    यहां के गुरुद्वारा बुड्डा दल छावनी में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर ‘सरबत दा भला’ एकत्रीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वरोसाई पवित्र नगरी में स्थापित की जाने वाली यह यूनिवर्सिटी गुरु साहिब जी के महान संकल्प को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी नौवें पातशाह जी की अद्वितीय शहादत, महान जीवन और दर्शन के बारे में गहन शोध के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रतिष्ठित संस्था हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ महान गुरु साहिब जी के जीवन और दर्शन का प्रसार करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता की जीवंत मूर्ति थे क्योंकि गुरु साहिब जी ने देश में मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए महान बलिदान दिया। भगवंत सिंह मान ने लोगों से ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी की आत्म-बलिदान की भावना को अपनाने की अपील की, जिन्होंने मानवीय अधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों-कीमतों को कायम रखने के साथ-साथ धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज श्री गुरु तेग बहादुर जी की पावन बाणी एकता, विश्व-व्यापी भाईचारे, धार्मिकता, बहादुरी और दया का संदेश देती है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए गुरु साहिब की अद्वितीय शहादत मानवता के इतिहास में बेमिसाल है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने सच्चाई और धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्यों को कायम रखने के लिए अपनी कुर्बानी दी और इसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित की जा रही विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी दुनिया के कोने-कोने में गुरु साहिब के जीवन और दर्शन का प्रचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और दर्शन समूची मानवता के लिए एक प्रकाश बिंदु है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी एक ओर इस शानदार विरासत को कायम रखने और दूसरी ओर लोगों के बीच साझ को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दी गई कुर्बानी बेमिसाल है और ऐसी मिसाल दुनिया के किसी अन्य इतिहास में नहीं मिलती। भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब से पहले शासकों द्वारा भारी जुल्म किए जाते थे लेकिन गुरु साहिब कभी ऐसी चालों के आगे नहीं झुके और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, जिसकी विश्व में कोई मिसाल नहीं मिलती।

    इस नेक कार्य को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार का समर्थन करने पर संत समाज का धन्यवाद किया और कहा कि प्रदेश सरकार ने अपना फर्ज पूरी तनदेही और श्रद्धा भावना से निभाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस पवित्र स्थान पर पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र आयोजित करवाया जो अत्यंत बेमिसाल था क्योंकि पूरी विधान सभा को गुरु साहिब के चरणों में लाया गया था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विधान सभा ने सर्वसम्मति से सभी तख्तों वाली सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का फैसला किया है।

    सिखों के पांच तख्त साहिब हैं जिनमें से तीन श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों की पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए और पंजाब विधान सभा के इस सत्र को यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इन शहरों को पंजाब के पवित्र शहर घोषित किया है। उन्होंने कहा कि संगत की पुरानी मांग को पूरा करने के लिए इन शहरों में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध होगा।

    इन शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस नेक कार्य के लिए फंडों एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने इन शहरों में नतमस्तक होने आने वाली संगत के लिए ई-रिक्शा, मिनी बसें और अन्य मुफ्त जन परिवहन प्रणाली की भी घोषणा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन शहरों के विकास को और गति देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे क्योंकि इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।

    श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को नम्र श्रद्धांजलि भेंट करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा गुरु साहिब के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित पूरे प्रदेश में क्रमवार समागम करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की अनुपम शहादत सर्वोच्च और बेमिसाल है क्योंकि इस शहादत का उद्देश्य दूसरों के धर्म की रक्षा करना था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए महान कुर्बानी दी ताकि दुनिया के लिए मिसाल कायम की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने लोगों को गुरु साहिब द्वारा दिखाए मानवता और सच्चाई के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नौवें सिख गुरु साहिब का संदेश धर्मनिरपेक्षता, एकता और विश्वव्यापी भाईचारे का सच्चा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन और दर्शन हमेशा मानवता के लिए प्रकाश बिंदु बना रहेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये समागम आने वाले समय में भी जारी रहेंगे और आने वाले वर्षों में भी शहीदी दिवस को समर्पित पूरे प्रदेश में समागम करवाए जाएंगे।

    इन समागमों का एकमात्र उद्देश्य महान गुरु साहिब की महान विरासत को हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। भगवंत सिंह मान ने पवित्र नगरी में मौजूदा चरण गंगा स्टेडियम के नवीनीकरण और अपग्रेड की योजनाओं की भी घोषणा की ताकि हर साल होला मोहल्ला के अवसर पर पवित्र नगरी आने वाली संगत को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए वचनबद्ध है और इस संबंध में पहले से ही ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

    अपने संबोधन में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पिछले तीन दिनों से वे अपनी पत्नी के साथ इस पवित्र धरती को नमन करने यहां मौजूद हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कि उन्हें गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब में नतमस्तक होने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि इस पवित्र दिवस के अवसर पर और श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की याद में आयोजित समागमों की लड़ी में शामिल होना उनके लिए एक अनूठा अनुभव था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस पवित्र नगरी में नतमस्तक होने आने वाली संगत की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि यदि इस सेवा में कोई कमी रह गई हो तो पंजाब सरकार प्रदेश के लोगों और महान गुरु साहिब से क्षमा की याचक है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि श्री गुरु तेग बहादुर जी के संदेश को लोग अपने जीवन में अपनाएं तो दुनिया में किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का प्रेम, दया और मानवता का संदेश विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

    अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन समागमों के लिए सारे प्रबंध इसलिए संभव हो सके क्योंकि प्रदेश सरकार महान गुरुओं द्वारा दिखाए मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी के रास्ते पर चलते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए एक-एक पैसा पूरी सूझबूझ और सजगता के साथ खर्च किया गया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में भी किसानों को नहरी पानी मिल रहा है और साथ ही प्रदेश के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सौभाग्यशाली है कि उन्हें प्रदेश के लोगों की सेवा करने और गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित समागम करवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि समूचा सिख इतिहास चढ़दी कला का प्रतीक है जो लोगों को मेहनत करने, परमात्मा का नाम जपने, दूसरों के साथ बांटकर खाने और कमजोर व दबे-कुचले लोगों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।

    अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज भी पंजाबी महान गुरुओं से जुल्म, जबर और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार इस पवित्र नगरी के विकास के लिए अधिक से अधिक योगदान देना अपना फर्ज समझती है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि मंत्री से लेकर अधिकारी तक प्रदेश सरकार से जुड़ा हर व्यक्ति ने गुरु साहिब की सेवा में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समागमों को सुचारु रूप से संपन्न कराना उनके सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल चीमा, हरजोत सिंह बैंस, तरुणप्रीत सिंह सौंद, लाल चंद कटारूचक्क, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., लोक सभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

     

     

     

  • मान सरकार का अहम कदम, आनंदपुर साहिब, अमृतसर और तलवंडी साबो के गुरुद्वारों में मुफ्त बस व ई-रिक्शा सेवा की शुरुआत

    मान सरकार का अहम कदम, आनंदपुर साहिब, अमृतसर और तलवंडी साबो के गुरुद्वारों में मुफ्त बस व ई-रिक्शा सेवा की शुरुआत

    श्री आनंदपुर साहिब: पंजाब की पवित्र भूमि पर एक और ऐतिहासिक पहल हुई है। मान सरकार ने आनंदपुर साहिब, अमृतसर और तलवंडी साबो में ई-रिक्शा और बस सेवा को पूरी तरह से मुफ्त करने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय उन लाखों श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो रोज़ाना गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने आते हैं। यह कदम सिर्फ आवागमन को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब सरकार की जनता-सेवा और गुरु घर की मर्यादा को सम्मान देने की भावनाओं को भी दर्शाता है।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती से एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने ऐलान किया कि पंजाब विधानसभा द्वारा हाल ही में “पवित्र शहर” घोषित किए गए तीन शहरों श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो में जल्द ही फ्री ट्रांसपोर्ट सर्विस शुरू की जाएंगी। इस पहल में श्रद्धालुओं और वहां रहने वालों की सुविधा के लिए फ्री मिनी-बसें और ई-रिक्शा शामिल हैं।

    इस सर्विस का मकसद इन ऐतिहासिक और धार्मिक शहरों में, खासकर बड़े धार्मिक स्थलों और उन खास जगहों पर जहां श्रद्धालु अक्सर आते हैं, आसान और बिना किसी परेशानी के सफर पक्का करना है। मान ने कहा कि यह कदम सरकार के उस वादे का हिस्सा है जिससे वह आध्यात्मिक रूप से अहम शहरों में पहुंच को बेहतर बनाने, श्रद्धालुओं के लिए आना-जाना आसान बनाने और बेहतर पब्लिक सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    तीनों स्थलों- आनंदपुर साहिब, श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर), और तलवंडी साबो पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहले से ही अनेक सेवाएं उपलब्ध हैं। फ्री ई-रिक्शा और बस सेवा से यात्रियों की पहुंच और भी आसान होगी, जबकि गुरु घर के अंदर यह सेवाएँ उन्हें पूर्ण शांति व सम्मान से दर्शन करने में सहायक बनती हैं।

    गुरु का लंगर (मुफ़्त भोजन) 24 घंटे चलने वाला लंगर सभी को समानता, सेवा और प्रेम का संदेश देता है। लाखों लोग प्रतिदिन यहाँ बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं। गर्म, पौष्टिक और प्रेम से परोसा गया भोजन सभी थकान मिटा देता है। सरोवर में स्नान की सुविधा अमृतसर और तलवंडी साबो के सरोवर में श्रद्धालु अमृत-जल में डुबकी लगाकर मन की शांति पाते हैं। साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है। रहने की व्यवस्था (नि:शुल्क / न्यूनतम शुल्क पर) ,श्री हरमंदिर साहिब, आनंदपुर और तलवंडी साबो में श्रद्धालुओं के लिए सराय उपलब्ध हैं, जहाँ साफ कमरे, स्नानघर और मूलभूत सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

    शब्द-कीर्तन और गुरबाणी का 24 घंटे प्रसारण हर समय गुरबाणी की मधुर धुनें वातावरण को पवित्र बनाती हैं। श्रद्धालु यहाँ बैठकर मन की शांति व आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव करते हैं। चिकित्सा सेवा कुछ गुरुद्वारों में प्राथमिक चिकित्सा, फर्स्ट-एड और आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। जूता घर और सामान रखने की सुविधा का पूरा प्रबंध निशुल्क है ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के दर्शन कर सकें।

    मान सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दूर-दराज़ के यात्री बिना किसी आर्थिक चिंता के आराम से गुरुद्वारा साहिब तक पहुंच सकेंगे। यह फैसला न सिर्फ सुविधा देता है बल्कि मान सरकार की जनता के प्रति संवेदनशीलता और गुरु घर के सम्मान को भी दर्शाता है। पंजाब की पवित्र धरती पर यह पहल सेवा, समानता और मानवता के मूल्यों को और मजबूत करती है। यह कदम हर श्रद्धालु को याद दिलाता है कि सरकार तभी सफल होती है जब वह जनता की जरूरतों और भावनाओं को समझे और उन पर कार्य करे।

  • Punjab News: आसमान में लिखा गया इतिहास, आनंदपुर साहिब के आसमान में गूंजी हिन्द दी चादर, गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शाहदत दिवस के मौके उनकी महान शहादत की गाथा

    Punjab News: आसमान में लिखा गया इतिहास, आनंदपुर साहिब के आसमान में गूंजी हिन्द दी चादर, गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शाहदत दिवस के मौके उनकी महान शहादत की गाथा

    आनंदपुर साहिब, 25 नवंबर 2025: आनंदपुर साहिब में इतिहास रच दिया गया जब पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर दुनिया का पहला धार्मिक ड्रोन शो आयोजित किया। इस अनोखे कार्यक्रम को देखने के लिए पचास हजार से अधिक श्रद्धालु और मेहमान पहुंचे, जिन्होंने नौवें सिख गुरु की महान शहादत को एक अद्भुत तरीके से याद किया।

    इस शानदार प्रदर्शन में तीन हजार से अधिक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने पंजाब के आसमान में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए उनकी शहादत की कहानी को रोशनी से लिखा। जैसे ही अंधेरा छाया, ड्रोन एक साथ आसमान में उठे और पवित्र खंडा का निर्माण किया, जो रात के अंधेरे में सोने की तरह चमक रहा था। यह देखकर पूरी भीड़ में श्रद्धा और आश्चर्य की लहर दौड़ गई।

    पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक शो का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह पहल सिख विरासत का सम्मान करने और आधुनिक तकनीक को अपनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। “गुरु तेग बहादुर जी ने सभी लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। आज हम आधुनिक तकनीक का उपयोग करके उनके सहिष्णुता और साहस के संदेश को दुनिया के हर कोने तक पहुंचा रहे हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा।

    पंद्रह मिनट के इस प्रदर्शन ने दर्शकों को इतिहास की एक भावनात्मक यात्रा पर ले गया। ड्रोन ने गुरु जी के ध्यान में बैठने, लाल किले में उनकी कैद और मुक्ति के प्रतीक के रूप में टूटती जंजीरों की तस्वीरें बनाईं। हर तस्वीर के साथ पवित्र कीर्तन और ऐतिहासिक महत्व की व्याख्या की गई, जिससे यह युवा पीढ़ी के लिए एक दृश्य चमत्कार और शैक्षिक अनुभव दोनों बन गया।

    तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि इस जटिल शो को अंजाम देने में महीनों की योजना और समन्वय लगा। टीम ने सिख विद्वानों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ मिलकर काम किया ताकि हर छवि और प्रतीक सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त और आध्यात्मिक रूप से सटीक हो। धार्मिक प्रतीकों को पूरे सम्मान और सटीकता के साथ दिखाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

    कार्यक्रम समाप्त होते ही सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरों की बाढ़ आ गई। ड्रोन शो से संबंधित हैशटैग राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेंड किए, विभिन्न धर्मों के लोगों ने पंजाब सरकार के इस अभिनव दृष्टिकोण की सराहना की। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इस खबर को उठाया और इसे तकनीक और आध्यात्मिकता के संगम का अनूठा उदाहरण बताया।

    कार्यक्रम में मौजूद धार्मिक नेताओं ने इस पहल को युवाओं को सिख इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का एक शक्तिशाली तरीका बताया। प्रमुख सिख विद्वान बाबा हरजिंदर सिंह ने कहा, “गुरु का संदेश समय से परे है, और यह शो साबित करता है कि भक्ति हर युग की भाषा बोल सकती है। पारंपरिक तरीके जरूरी हैं, लेकिन ऐसे नवीन प्रस्तुतीकरण युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से सार्थक तरीके से जोड़ने में मदद करते हैं।”

    पंजाब सरकार ने इस ड्रोन शो को दस्तावेजी रूप देने और दुनिया भर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए उपलब्ध कराने की योजना की घोषणा की है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम एक मिसाल कायम करता है कि कैसे राज्य गरिमा और श्रद्धा बनाए रखते हुए तकनीक के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मना सकते हैं। आनंदपुर साहिब में हुए इस पहले धार्मिक ड्रोन शो की सफलता ने पूरे देश में चर्चा शुरू कर दी है।

  • गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पर पंजाब सरकार ने आयोजित किया ऐतिहासिक सत्र

    गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पर पंजाब सरकार ने आयोजित किया ऐतिहासिक सत्र

    चंडीगढ़: पंजाब की विधानसभा ने इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जोड़ते हुए पहली बार अपना विशेष सत्र राजधानी चंडीगढ़ से बाहर पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किया। यह ऐतिहासिक निर्णय गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित करते हुए लिया गया, जिसने पूरे राज्य में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण बना दिया।

    आनंदपुर साहिब सिख इतिहास में विशेष महत्व रखता है। यह वही पावन धरती है जहां दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी और जहां सिख धर्म की अनेक महत्वपूर्ण घटनाएं घटी। इस पवित्र स्थल पर विधानसभा सत्र आयोजित करने का निर्णय केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम बना।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया, जिसमें आनंदपुर साहिब, तलवंडी साबो और स्वर्ण मंदिर परिसर को “पवित्र नगर” घोषित करने की मांग की गई। विधानसभा ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया, जो पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

    इस विशेष सत्र के साथ-साथ पूरे राज्य में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भव्य नगर कीर्तन निकाले गए, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक और सामाजिक विषयों पर सेमिनार आयोजित किए गए, जहां विद्वानों ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान और उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। रक्तदान शिविर लगाए गए और वृक्षारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

    गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता, धर्म की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जो मानव इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता और भाईचारे की अद्वितीय मिसाल है। इस विशेष सत्र के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके त्याग और बलिदान की गाथा से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

    पंजाब सरकार की यह पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है। इससे न केवल राज्य की आध्यात्मिक परंपराओं को सम्मान मिला, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी फैला। यह कदम दर्शाता है कि राजनीतिक संस्थाएं किस प्रकार सांस्कृतिक मूल्यों को संजोते हुए समाज को प्रेरित कर सकती है।

    इस ऐतिहासिक आयोजन ने पंजाब की पहचान को और मज़बूत किया है। विधानसभा के इस विशेष सत्र ने यह संदेश दिया कि हमारी लोकतांत्रिक परंपराएं और आध्यात्मिक विरासत एक-दूसरे के पूरक है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और पंजाब के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगी।

     

  • पंजाब में तीन तख्त साहिब शहर पवित्र घोषित, सरकार ने शराब-मांस पर लगाया बैन

    पंजाब में तीन तख्त साहिब शहर पवित्र घोषित, सरकार ने शराब-मांस पर लगाया बैन

    श्री आनंदपुर साहिब: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसले में अमृतसर शहर के आंतरिक हिस्से (वॉल्ड सिटी), तलवंडी साबो और श्री अनंदपुर साहिब, जहां तख्त साहिबान स्थित हैं, को पवित्र शहर का दर्जा देने का निर्णय लिया है।

    पत्रकारों से बातचीत करते हुए इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दशकों से श्रद्धालु लोग इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिखों के पांच तख्त साहिबान हैं, जिनमें से तीन तख्त – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में स्थित हैं। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित समारोहों के दौरान श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर पंजाब विधानसभा का यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि महान सिख गुरुओं ने हमेशा सर्व कल्याण के आदर्श को कायम रखा है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मानव अधिकारों की रक्षा के लिए महान बलिदान दिया। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब ने स्वयं अपने हाथों से श्री आनंदपुर साहिब शहर बसाया था। बताया जाता है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने शहर बसाने के लिए जमीन खरीदी थी और गुरु साहिब के इकलौते पुत्र श्री गुरु गोबिंद सिंह जी इस पवित्र धरती पर लगभग तीस वर्ष तक रहे।

    मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि इसी पवित्र धरती पर गुरु गोबिंद सिंह जी ने जुल्म, अत्याचार और अन्याय के खिलाफ डटकर मुकाबला करने तथा कौम की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों में से तीन साहिबजादों का जन्म यहीं हुआ था, जिन्होंने दी गई कुर्बानियां विश्व इतिहास में अनुपम हैं। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए और पंजाब विधानसभा के इस सत्र को इतिहास में स्थायी रूप से यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इन शहरों को पंजाब के पवित्र शहर घोषित किया है।

    मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए इन शहरों में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ये शहर केवल धार्मिक आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इसलिए यह मांग किसी एक राजनीतिक पार्टी, समुदाय या धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की संरक्षा और इसके वैश्विक प्रसार की दिशा में आवश्यक कदम है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार इन शहरों के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इनके सर्वांगीण विकास को भी सुनिश्चित करेगी।

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने पंजाब विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। उन्होंने कहा कि साथ ही इन पवित्र शहरों में सभी धार्मिक संस्थाओं से संबंधित सर्व-धर्म समिति गठित की जाएगी, जिसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार इन पवित्र शहरों के सर्वांगीण विकास, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक पर्यटन के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा आवश्यक बजट प्रावधान किया जाएगा और केंद्र सरकार से भी फंड मांगे जाएंगे क्योंकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन शहरों की विरासत को संजोए रखना अत्यंत आवश्यक है।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को नम्र श्रद्धांजलि के रूप में प्रदेश सरकार ने नौवें पातशाह के 350वें शहीदी दिवस को बड़े स्तर पर मनाने के लिए पूरे प्रदेश में क्रमवार समारोह आयोजित किए हैं। उन्होंने कहा कि आज का सत्र केवल इन्हीं समारोहों को समर्पित था। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की महान कुर्बानी सर्वोच्च और अद्वितीय है, क्योंकि गुरु साहिब ने दूसरों के धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने मानवता और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए बलिदान देकर विश्व के लिए मिसाल कायम की।

    मुख्यमंत्री ने लोगों से गुरु साहिब द्वारा दिखाए मानवता की भलाई और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मानव अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिल्ली जाकर शहादत दी, जिसकी मिसाल विश्व इतिहास में कहीं नहीं मिलती। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नौवें पातशाह धर्मनिरपेक्षता, एकता और आपसी भाईचारे के सच्चे प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन और दर्शन संपूर्ण मानवता के लिए प्रकाश-स्तंभ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ये समारोह आने वाले समय में भी जारी रहेंगे और गुरु साहिब के शहीदी दिवस को हर साल मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र उद्देश्य हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए महान गुरु साहिब जी की शानदार विरासत को जीवित रखना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पवित्र स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

  • भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने संगत संग की प्रदेश की तरक्की व खुशहाली की अरदास

    भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने संगत संग की प्रदेश की तरक्की व खुशहाली की अरदास

    श्री आनंदपुर साहिब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को संगत में शामिल होकर प्रदेश की तरक्की और पंजाबी भाइयों की खुशहाली के लिए अरदास की।

    दोनों नेताओं ने गुरुद्वारा बाबा बुढ़ा दल छावनी में श्री गुरु तेग बहादुर जी और महान सिख शहीदों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी के 350वें शहादत दिवस की याद में आयोजित श्री अखंड पाठ साहिब के भोग समारोह के बाद की गई अरदास में हिस्सा लिया। वे शुक्राने के लिए पहुंची बड़ी संख्या में संगत के साथ शामिल हुए और सबकी भलाई के लिए अरदास की। दोनों नेताओं ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस संबंधी आयोजनों के दौरान सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए बहुत गर्व की बात है।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि सिख धर्म ने दुनिया में बराबरी और धर्मनिरपेक्षता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर इंसान के लिए भाईचारे, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद का प्रकाश स्तंभ हैं। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों को, खासकर सिखों को, महान सिख गुरुओं से कुर्बानी और बहादुरी का जज़्बा विरासत में मिला है, जिन्होंने अत्याचार, जुल्म और अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया।

    मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि राज्य सरकार का यह फ़र्ज़ है कि वह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा सुरक्षित रखे। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लाखों-करोड़ों लोगों की इच्छा है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस गुरु साहिब की सर्वोच्च कुर्बानी के अनुरूप बड़े स्तर पर मनाया जाए। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लाखों-करोड़ों लोगों की उम्मीदों के अनुसार राज्य सरकार ने आयोजनों को यादगार बनाने के लिए विनम्र प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और पंजाब के लोग इस शानदार और पवित्र ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर स्वयं को अत्यंत भाग्यशाली मानते हैं।

  • वित्त मंत्री चीमा ने गुरु तेग बहादुर जी को नमन किया, देश में फैल रही नफरत और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर पड़ने पर जताई चिंता

    वित्त मंत्री चीमा ने गुरु तेग बहादुर जी को नमन किया, देश में फैल रही नफरत और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर पड़ने पर जताई चिंता

    श्री आनंदपुर साहिब: भाई जैता जी स्मारक पर बुलाए गए पंजाब विधान सभा के ऐतिहासिक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने नौवें पातशाह श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    ‘रंगरेटा गुरु का बेटा’ भाई जैता जी को समर्पित इस स्थान से संबोधन करते हुए वित्त मंत्री ने गुरु साहिब की अनुपम शहादत को मानव इतिहास में सर्वाेच्च बताया और कहा कि गुरु साहिब ने दूसरे धर्म और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

    सदन में अपने संबोधन के दौरान एडवोकेट चीमा ने सिख इतिहास में बलिदान की अनुपम परंपरा का जिक्र करते हुए श्री गुरु अर्जन देव जी से शुरू होकर चार पीढ़ियों तक चले बलिदानों को याद किया, जिसमें गुरु अर्जुन देव जी के बाद श्री गुरु तेग़ बहादुर जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, माता गुजरी जी और चार साहिबजादों ने अपनी शहादत दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी इतिहास में अभी तक ऐसा इतिहास नहीं पढ़ा जिसमें शांति, एकता और सभी धर्मों के सम्मान के लिए इतनी कुर्बानियां दी गई हों। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए अत्याचार के सामने डटकर मुकाबला किया और उनका यह संदेश आज भी मानवता के लिए प्रकाश-स्तंभ बना हुआ है।

    देश के मौजूदा हालात पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ रही नफरत और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई। मणिपुर और उत्तर प्रदेश में हिंसा के अन्य वक्ताओं द्वारा दिए गए हवालों का जिक्र करते हुए उन्होंने जातीय आधार पर हो रहे अत्याचारों को उजागर किया।

    चीमा ने कहा कि पंजाब को भी सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जिसमें प्रदेश की कृषि, शिक्षा व्यवस्था और दरियाओं के पानी पर डाका डालने की संकुचित चालें शामिल हैं। उन्होंने राजधानी चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे संबंधी हाल ही में उठ रही चुनौतियों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान की शिक्षाओं का पालन करते हुए पंजाब के तीन करोड़ लोग देश की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं और प्रदेश के हक़ों के लिए दृढ़ता से लड़ेंगे।

    वित्त मंत्री ने भाई जैता जी की विरासत को प्रतीकात्मक पहल के साथ-साथ विधायी कार्रवाई के द्वारा सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। उन्होंने ‘आप’ सरकार द्वारा पेश किए गए पंजाब लॉ ऑफिसर्स बिल की महत्ता पर प्रकाश डाला, जो हाईकोर्ट में हाशिए पर रहे समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह वह कदम है जो पिछले 75 वर्षों में नहीं उठाया गया।

    चीमा ने इस बात पर भी गर्व जताया कि यह सत्र भाई जैता जी की यादगार पर आयोजित किया गया है और यह कदम उन वीर योद्धाओं को बनता सम्मान देता है जिन्होंने गुरु साहिब का पूरी निष्ठा से साथ दिया। अंत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस पवित्र धरती पर विधान सभा सत्र करवाने की ऐतिहासिक पहल के लिए स्पीकर और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस सत्र और वर्तमान पंजाब सरकार द्वारा गुरु साहिब तथा उनके पैरोकारों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी व भाई दयाला जी प्रति दिखाए गए गहरे सम्मान को देख रही है।

  • Punjab News: पंजाब सरकार की इस पहल ने रचा इतिहास, जब दुनिया के सभी धर्मों ने एक साथ झुकाया सिर, गुरु तेग बहादुर जी के चरणों में सबने मिलकर किया नमन

    Punjab News: पंजाब सरकार की इस पहल ने रचा इतिहास, जब दुनिया के सभी धर्मों ने एक साथ झुकाया सिर, गुरु तेग बहादुर जी के चरणों में सबने मिलकर किया नमन

    आनंदपुर साहिब, 24 नवंबर 2025: रविवार को पंजाब की पवित्र धरती आनंदपुर साहिब में कुछ ऐसा हुआ जो शायद इतिहास में पहली बार देखने को मिला। दुनिया के अलग-अलग धर्मों और मजहबों के बड़े-बड़े धार्मिक नेता एक मंच पर इकट्ठे हुए, हिन्द दी चादर गुरु तेग़ बहादुर जी को याद करने के लिए। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ विश्वभर से आए धार्मिक गुरुओं ने गुरु के चरणों में नमन किया, जिन्होंने अपने से अलग धर्म वालों की रक्षा के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी थी।

    बड़ी संख्या में जुटी संगत को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने एक गहरी बात कही जो सबको सोचने पर मजबूर कर देती है। उन्होंने कहा कि पूरे इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता जब किसी ने दूसरे धर्म को बचाने के लिए अपनी शहादत दी हो। बहुत से लोगों ने अपने धर्म के लिए, अपने विश्वास के लिए जानें कुर्बान की, लेकिन गुरु तेग बहादुर जी ने दूसरों के धर्म की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। जो ये दर्शाता है की हम सब एक है और हर धर्म सर्वोपरि है यही वह खास बात है जो उन्हें पूरी दुनिया में अनोखा बनाती है। केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि दुनियाभर के धार्मिक नेता महान गुरु साहिब को श्रद्धांजलि देने के लिए पंजाब सरकार के साथ इस पवित्र धरती पर पहुंचे है।

    केजरीवाल ने यह भी बताया कि गुरु साहिब के चरणों ने जिन 142 गांवों को पवित्र किया था, पंजाब सरकार उन सभी गांवों का कायाकल्प कर रही है। सरकार इन गांवों को विकसित करने के लिए फंड दे रही है ताकि जहां-जहां गुरु साहिब के पैर पड़े, वहां-वहां खुशहाली और समृद्धि आए। यह सिर्फ विकास की योजना नहीं, बल्कि गुरु साहिब की याद को जीवित रखने का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि हर धर्म हमें मानवता, दया और शांतिपूर्ण तरीके से साथ रहने की शिक्षा देता है। इस सर्व धर्म सम्मेलन का मकसद सरबत दा भला यानी सबकी भलाई का संदेश देना है, ठीक वैसे ही जैसे हमारे सिख गुरुओं ने हमें सिखाया है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में साफ कहा कि पंजाब सरकार हमेशा से सभी धर्मों का सम्मान करने और प्रदेश में शांति, भाईचारा और सद्भावना बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब एक ऐसी धरती है जहां महान गुरुओं, संतों, फकीरों और शहीदों ने जन्म लिया। यह धरती की समृद्ध विरासत है जिसे संभालकर रखना और आगे बढ़ाना प्रदेश सरकार का फ़र्ज़ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब ने जो बलिदान दिया, वह सबसे ऊंचा और बेमिसाल है क्योंकि उन्होंने दूसरों के धर्म की रक्षा के लिए यह कुर्बानी दी थी।

    भगवंत मान ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की याद में सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि पूरे साल अलग-अलग समागम और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह सिलसिला आने वाले सालों में भी जारी रहेगा। हर साल गुरु साहिब के शहीदी दिवस पर बड़े कार्यक्रम होंगे ताकि आने वाली पीढ़ियां भी गुरु साहिब की महान शिक्षाओं और उनके बलिदान से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी जरूरी बदलाव करेगी ताकि बच्चे गुरु तेग बहादुर साहिब और भाई सती दास, भाई मती दास, भाई दयाला जी जैसे महान शहीदों के योगदान को समझ सकें।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आनंदपुर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। 700 इलेक्ट्रिक रिक्शा मुफ्त सेवा के लिए लगाए गए है, 20 मिनी बसें चलाई गई है, टेंट सिटी बनाई गई है और विशाल पार्किंग की व्यवस्था की गई है। ये सभी सुविधाएं इसलिए दी गई हैं ताकि संगत को माथा टेकने में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा श्रीनगर से एक बड़ा नगर कीर्तन निकाला गया है जो पठानकोट, होशियारपुर और दूसरे जिलों से होते हुए आनंदपुर साहिब पहुंचेगा।

    अरविंद केजरीवाल ने अपनी बात खत्म करते हुए लोगों से अपील की कि वे गुरु तेग बहादुर साहिब की महान शिक्षाओं पर चलें। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने हमें मानवता का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाया। उन्होंने सिखाया कि हर इंसान को अपनी अंतरात्मा के अनुसार अपना धर्म चुनने का अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। केजरीवाल ने कहा कि अगर हम सचमुच गुरु साहिब का सम्मान करना चाहते हैं तो हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां सद्भावना हो, भाईचारा हो और एक-दूसरे के धर्म के प्रति सम्मान हो।

    यह सम्मेलन सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि आज के समय में सबसे जरूरी संदेश था कि अलग-अलग धर्म और मजहब होने के बावजूद हम सब एक साथ रह सकते हैं, एक-दूसरे का सम्मान कर सकते हैं और मिलकर एक बेहतर दुनिया बना सकते हैं। गुरु तेग बहादुर साहिब ने 350 साल पहले जो मिसाल कायम की थी, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है और शायद आज के दौर में पहले से भी ज्यादा जरूरी है।

  • Punjab News: 350वीं शहादत पर पंजाब सरकार के इंतज़ाम काबिले-तारीफ़, टैंट सिटी में मुफ्त सुविधाओं ने जीता लोगों का दिल

    Punjab News: 350वीं शहादत पर पंजाब सरकार के इंतज़ाम काबिले-तारीफ़, टैंट सिटी में मुफ्त सुविधाओं ने जीता लोगों का दिल

    आनंदपुर साहिब, 24 नवंबर 2025: गुरु तेग बहादुर जी के समारोह के लिए पंजाब प्रशासन ने तीन बड़ी टैंट सिटी तैयार की है। इन टैंट सिटी में हज़ारों श्रद्धालुओं के लिए बिल्कुल मुफ्त आवास की व्यवस्था की गई है। सबसे खास बात यह है कि ये टैंट सिटी बेहद शानदार तरीके से बनाई गई है।

    टैंट सिटी में ठहरे श्रद्धालुओं ने प्रशासन के इंतज़ामों की खूब तारीफ की है। आम लोगों को यहां बहुत सहूलियत मिली है। पूरी व्यवस्था निःशुल्क होने के बावजूद किसी भी तरह की कमी नहीं रखी गई है। हर टेंट में साफ-सुथरा और आरामदायक माहौल बनाया गया है।

    प्रशासन ने ठंड से बचाव के लिए भी बढ़िया इंतज़ाम किए है। हर टैंट में गर्म कंबल और गद्दे दिए गए है। सर्दी के मौसम को देखते हुए टेंटों को इस तरह लगाया गया है कि अंदर ठंडी हवा न आ सके। रात में तापमान गिरने पर भी श्रद्धालु आराम से सो सकें, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।

    टैंट सिटी की बनावट देखकर लोग हैरान है कि इतनी बढ़िया व्यवस्था बिल्कुल फ्री है। हर टैंट में बिजली और लाइट की सुविधा है। शौचालय और स्नानघर भी साफ-सुथरे है। पीने के पानी के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।

    परिवहन सुविधा भी पूरी तरह मुफ्त रखी गई है। टेंट सिटी से गुरुद्वारे तक जाने के लिए हर कुछ मिनट में शटल बस और ई-रिक्शा उपलब्ध है। श्रद्धालुओं को कहीं भी पैदल नहीं जाना पड़ता। यह सारी सेवा बिना किसी शुल्क के दी जा रही है।

    टेंट सिटी में चिकित्सा सुविधा भी दी गई है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे मौजूद रहता है। दवाइयां भी मुफ्त में मिल रही है। बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था है। लंगर में गर्म और पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है।

    सुरक्षा के भी पुख्ता इंतज़ाम किए गए है। पुलिस और स्वयंसेवक पूरे समय टेंट सिटी में तैनात है। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। रात में भी पूरी रोशनी रहती है।

    पंजाब सरकार की इस टेंट सिटी व्यवस्था ने साबित कर दिया है कि मुफ्त का मतलब बेकार नहीं होता। श्रद्धालुओं ने कहा कि ये बहुत बढ़िया इंतज़ाम है। टेंट सिटी में रहकर उन्हें घर जैसा आराम मिला है। गुरु तेग बहादुर जी के समारोह में शामिल होने आए हर व्यक्ति के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित हुई है। सरकार के इस प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है।