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  • श्री आनंदपुर साहिब सजा सफेदी की चादर में, गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी दिवस पर ‘व्हाइट सिटी’ प्रोजेक्ट की शुरुआत

    श्री आनंदपुर साहिब सजा सफेदी की चादर में, गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी दिवस पर ‘व्हाइट सिटी’ प्रोजेक्ट की शुरुआत

    श्री आनंदपुर साहिब: आध्यात्मिक और ऐतिहासिक नगरी श्री आनंदपुर साहिब की सुंदरता और पवित्रता को नए शिखर पर ले जाने तथा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी जयंती को श्रद्धापूर्वक मनाने के उद्देश्य से आज ‘व्हाइट सिटी’ प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई।

    इस अवसर पर किला आनंदगढ़ साहिब कार सेवा के बाबा सतनाम सिंह जी द्वारा अरदास की गई और पंजाब के शिक्षा मंत्री एवं श्री आनंदपुर साहिब से विधायक हरजोत सिंह बैंस ने स्थानीय बस स्टैंड से पूरे शहर को सफेद रंग में रंगने के इस महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट का शुभारंभ स्वयं ब्रश चलाकर किया।

    प्रोजेक्ट की दृष्टि के बारे में जानकारी देते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “आज हम श्री आनंदपुर साहिब को सुंदरता, शांति और श्रद्धा का प्रतीक बनाने की दिशा में अग्रसर हुए हैं। यह परियोजना हमारी समृद्ध विरासत और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक वचन है। हम इस पवित्र नगरी की आत्मा को महसूस कर रहे हैं — क्योंकि हम हर गली और कोने को स्वच्छ बना रहे हैं, सड़कों का नवीनीकरण कर रहे हैं और शहर को सफेद रंग में रंग रहे हैं।”

    सभी समुदायों से मिल रहे समर्थन का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि लोक-सेवा के भाव से प्रेरित व्यक्तियों ने प्रारंभिक चरण के लिए 20,000 लीटर से अधिक सफेद पेंट का योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहल सामुदायिक भावना और एकजुटता का सजीव उदाहरण है।

    युवाओं और पंचायतों से इस महान सेवा में भाग लेने की अपील करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “हम अगले पाँच से सात दिनों में हर गली और हर मोहल्ले को कवर करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सफेद रंग इस पवित्र नगरी की सुंदरता को और भी निखारे।”

    उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रोजेक्ट को प्रशासन का पूरा सहयोग प्राप्त रहेगा और इसे एक सतत अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके मौजूदा चरण के तहत श्री आनंदपुर साहिब के व्यापक और स्थायी सौंदर्यीकरण को सुनिश्चित किया जाएगा ताकि नौवें पातशाह की 350वीं शहीदी जयंती के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह नगरी गुरु साहिब की विरासत का आध्यात्मिक प्रतीक बन सके।

    गुरु साहिब जी की शिक्षाओं की भावना को उजागर करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “इस पवित्र नगरी में, जहाँ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने एक आध्यात्मिक दुर्ग की नींव रखी थी, हम गुरु साहिब की रूहानियत को दुनिया भर की संगत तक पहुँचाने के लिए यह विनम्र सेवा आरंभ कर रहे हैं।”

  • Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पुस्तक ‘साडा पंजाब’ का पंजाबी संस्करण रिलीज़

    Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पुस्तक ‘साडा पंजाब’ का पंजाबी संस्करण रिलीज़

    • पंजाब के इतिहास और संस्कृति सहित पूर्ण ज्ञान प्रदान करने वाली पुस्तक की सराहना की
    • पुस्तक पंजाब की मिट्टी, मातृभाषा और पंजाबियत की आत्मा को समर्पित है – मुनीश जिंदल
    धूरी/संगरूर, 10 नवंबर (2025) – पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बीते दिन प्रसिद्ध लेखक मुनीश जिंदल द्वारा लिखित लोकप्रिय पुस्तक साडा पंजाब का पंजाबी संस्करण मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय धूरी में रिलीज़ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी में जन्मे लेखक मुनीश जिंदल को बधाई दी और पंजाब के इतिहास तथा संस्कृति सहित पूर्ण ज्ञान प्रदान करने वाली इस व्यापक पुस्तक के पंजाबी संस्करण को प्रस्तुत करने के लिए उनकी सराहना की। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक में पंजाब का भूगोल, प्राचीन, मध्यकालीन, वर्तमान इतिहास और संस्कृति को शामिल किया गया है, साथ ही पंजाब में चलीं सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों तथा पंजाब के निर्माण के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई है। इस पुस्तक में सिख इतिहास को अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में पंजाब के सभी ज़िलों के इतिहास से अब तक की जानकारी विस्तार से दी गई है। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु द्वारा भारत की आज़ादी के लिए दी गई शहादतों का विस्तृत अध्याय पंजाब की नौजवान पीढ़ी को प्रेरित करता है। इस किताब के बारे में विस्तार से बताते हुए लेखक मुनीश जिंदल ने कहा कि इस किताब का उद्देश्य समाज में पंजाब और पंजाबियत के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने बताया कि पिछले 13 वर्षों से प्रकाशित हो रहे इस किताब के अंग्रेज़ी संस्करण को लाखों पाठकों से प्रशंसा और प्यार मिला है। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि लंबे समय से प्रतीक्षित इसके पंजाबी रूप के प्रकाशित होने से यह किताब हर पंजाबी को पंजाब से जोड़ेगी। यह किताब प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी बहुत सहायक सिद्ध होगी। लेखक मुनीश जिंदल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि पंजाब की मिट्टी, मातृभाषा और पंजाबियत की आत्मा को समर्पित इस किताब का पंजाब के मुख्यमंत्री के हाथों जारी होना हमारे पंजाब के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर मौजूद पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों, पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम के चेयरमैन दलवीर सिंह ढिल्लों ने भी लेखक मुनीश जिंदल को इस कार्य के लिए बधाई दी।
  • मुख्यमंत्री Mann ने श्रद्धालुओं की बसों के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी, पवित्र स्थलों की यात्रा का हुआ शुभारंभ

    मुख्यमंत्री Mann ने श्रद्धालुओं की बसों के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी, पवित्र स्थलों की यात्रा का हुआ शुभारंभ

    संगरूर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पवित्र शहर अमृतसर में धार्मिक स्थानों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को ले जाने वाली बसों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह योजना 29 अक्टूबर, 2025 को गांव बरड़वाल से शुरू की गई थी और इन श्रद्धालुओं का चयन पारदर्शी ढंग से ड्रॉ के माध्यम से किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पवित्र स्थानों की यात्रा की सुविधा देकर पंजाबियों में सामाजिक और धार्मिक सद्भावना को मजबूत करने के लिए यह एक विनम्र पहल है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उन बुजुर्ग नागरिकों की दिल की इच्छा को पूरा कर रही है, जो लंबे समय से पवित्र धार्मिक स्थानों के दर्शन-दीदार की तमन्ना रखे बैठे थे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जलियांवाला बाग, पार्टिशन म्यूजियम और अमृतसर के अन्य धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थानों के दर्शन करवाए जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह योजना सभी जातियों, धर्मों, आय वर्गों और हर क्षेत्र से संबंधित लोगों के लिए है।

    अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए तीन दिन और दो रातों की मुफ्त ठहरने के लिए विस्तृत प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष या इससे अधिक आयु के श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए पंजीकृत किया गया है और पंजीकरण के लिए वोटर आईडी कार्ड अनिवार्य किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्रद्धालुओं को एसी बसें, एसी होटल आवास और भोजन मुफ्त प्रदान किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बस में यात्रियों की सहायता के लिए एक सहायक होगा और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए एक मेडिकल टीम भी श्रद्धालुओं के साथ होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा की समाप्ति के बाद, सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, देवी-देवताओं, संतों-पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है जिन्होंने हमें आपसी भाईचारे, साझेदारी और एकता का संदेश दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली समझते हैं कि परमात्मा ने उन्हें इस नेक कार्य के माध्यम से लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना महान गुरु साहिबान, जिन्होंने लोगों को आपसी भाईचारा, एकता और शांति का संदेश दिया, की शिक्षाओं और दर्शन के अनुसार तैयार की गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश में समाज का एक बड़ा वर्ग किसी न किसी कारण से देश भर में इन पवित्र स्थानों के दर्शन नहीं कर सका।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार ने यह योजना देश और प्रदेश भर के विभिन्न पवित्र स्थानों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के लिए शुरू की है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस की याद में विभिन्न जिलों और श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक समागमों और मुख्य कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए क्रमवार समागमों का कार्यक्रम तैयार किया है।

    एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं जिसके कारण वे गैर-जिम्मेदार और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे निरर्थक बयान किसी साधारण या समझदार व्यक्ति द्वारा नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि तरन तारन चुनावों में अपनी पार्टी की स्पष्ट हार को महसूस करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बौखलाए हुए हैं, जिसके कारण वे ऐसी घटिया हरकतें कर रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि कूड़े के ढेरों और भाजपा नेताओं के घरों से क्रमशः वीवीपैट और ईवीएम की पर्चियां मिलना भारत के चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली के साथ-साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा करता है।

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि भारतीय चुनाव आयोग की घटती विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक पार्टी ईवीएम और वोट चोरी पर सवाल उठा रही है तो चुनाव आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि चुनाव आयोग इस पर चुप है जबकि भाजपा इसके प्रवक्ता की तरह काम कर रही है, जो कि सरासर गलत है।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले दरवाजे से दाखिल होने की जद्दोजहद कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ हमारे प्रदेश की भावनात्मक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और समृद्ध विरासत का हिस्सा है। भगवंत सिंह मान ने अफसोस जताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के अस्तित्व को बदलने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन पंजाब सरकार छात्रों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी ऐसे मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी।

    भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता से पीड़ित है जिसके कारण वह प्रदेश को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश की झांकियों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समागमों में भाग लेने की इजाजत नहीं देती। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसी तरह बीबीएमबी, पंजाब यूनिवर्सिटी और अन्य मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप भगवा पार्टी के प्रदेश के प्रति विरोधी रवैये को दर्शाता है।

    कांग्रेस के नेता, जो भारत सरकार में पदों के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, वे सिर्फ ‘सजावटी मंत्री’ हैं क्योंकि उनके पास किसी भी प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की शक्ति नहीं है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, रवनीत बिट्टू और ऐसे कई अन्य नेताओं के पास राज्यों को कोई प्रोजेक्ट देने की शक्ति ही नहीं है और वे सिर्फ नाम के केंद्रीय मंत्री हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा मुख्य क्षेत्रों के निजीकरण को बड़ा प्रोत्साहन देने के साथ इन मंत्रियों के पास करने को कुछ नहीं है।

    इस गंभीर संकट की घड़ी में प्रदेश के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बाढ़ राहत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपए अभी तक नहीं मिले हैं, स्थिति को और बिगाड़ने के लिए केंद्र सरकार इन फंडों में से भी चल रही अन्य योजनाओं के खर्चों को समायोजित करने की कोशिश कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेश, जो देश का अन्नदाता और खड्ग भुजा है, के साथ यह दुर्व्यवहार बंद करना चाहिए।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आए बाढ़ों के दौरान प्रदेश के अन्न उत्पादकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है, इसलिए राज्य सरकार उन्हें 74 करोड़ रुपए का दो लाख क्विंटल बीज मुफ्त प्रदान कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को मुफ्त बीज वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को फसलों के नुकसान के लिए 20,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा वितरित किया है, जो कि अब तक देश में किसी भी राज्य सरकार द्वारा दिया गया सबसे अधिक मुआवजा है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और अन्य उपस्थित थे।

  • दिव्यांगों के जीवन में नई रोशनी, पंजाब सरकार ने बाँटे 287 करोड़ से ज़्यादा की सहायता

    दिव्यांगों के जीवन में नई रोशनी, पंजाब सरकार ने बाँटे 287 करोड़ से ज़्यादा की सहायता

    चंडीगढ़: सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए वचनबद्ध है और विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की सहायता एवं उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर केंद्रित होकर कार्य कर रही है।डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अब तक दिव्यांग व्यक्तियों को वित्तीय सहायता के रूप में 287.95 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिनका लाभ 2,76,175 योग्य लाभार्थियों को प्राप्त हुआ है।

    उन्होंने कहा कि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान 495 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। इस दिशा में सरकार न केवल वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें रोज़गार के अवसर, कौशल विकास प्रशिक्षण और सुविधाजनक बुनियादी ढांचे के माध्यम से सशक्त बनाने के कदम भी तेजी से उठा रही है।

    उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि हर दिव्यांग व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाना है। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए चलाई जा रही वित्तीय सहायता योजना का लाभ हर योग्य लाभार्थी तक पहुँचाया जाए, ताकि कोई भी हकदार व्यक्ति इस सहायता से वंचित न रह जाए।

  • कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने दी जानकारी, बुड्ढा दरिया पुनरुद्धार के कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

    कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने दी जानकारी, बुड्ढा दरिया पुनरुद्धार के कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

    चंडीगढ़: बुड्ढा दरिया के पुनरुद्धार के लिए गठित उच्च-स्तरीय समिति ने पर्यावरण के दृष्टिकोण से इस जल स्रोत को बहाल करने की दिशा में बड़े पैमाने पर हो रही प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की है। हाल ही में की गई समीक्षा के अनुसार, जुलाई-अगस्त 2025 की बैठकों के दौरान लिए गए लगभग 90% निर्णय लागू किए जा चुके हैं।

    इस उच्च-स्तरीय समिति का गठन पंजाब सरकार द्वारा 14 जुलाई 2025 के अधिसूचना के माध्यम से किया गया था। इसकी अध्यक्षता पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने की, जबकि पंजाब के मुख्य सचिव इसके उपाध्यक्ष हैं। इसमें स्थानीय निकाय, जल संसाधन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, पीपीसीबी, पेडा, लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर), पीडीसी, आईआईटी रोपड़ के वरिष्ठ अधिकारी तथा लुधियाना के उपायुक्त और नगर निगम आयुक्त सदस्य हैं।

    जुलाई से अक्तूबर 2025 तक की प्रमुख उपलब्धियों में ₹650 करोड़ का बुनियादी ढांचा नवीनीकरण प्रोजेक्ट शामिल है। गऊघाट इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन अब पूरी तरह से क्रियाशील है। संवेदनशील स्थानों पर ढलान और निकासी से जुड़े मुद्दे निरंतर निगरानी द्वारा हल किए गए हैं। एनआईएच रुड़की के अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि वर्तमान एसटीपी में कोई भी क्षमता की कमी नहीं है।

    गौ-गोबर और डेयरी अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में बताते हुए कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि ज़ीरो-डिस्चार्ज नीति को 100% लागू किया गया है। नगर निगम द्वारा घर-घर जाकर अपशिष्ट एकत्र किया जा रहा है। आरएफपी के माध्यम से दीर्घकालिक प्रबंधन साझेदार को शामिल किया जा रहा है, जो नवंबर 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। संयुक्त विभागीय पैदल सर्वेक्षण के बाद 21 अवैध डिस्चार्ज बिंदुओं की पहचान की गई है और एफआईआर दर्ज की गई हैं।

    उन्होंने कहा कि शहर की सीमाओं से बाहर अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसमें जिला टास्क फोर्स ने 76 में से 71 अवैध डेयरियों को बंद कराया है। शेष 5 डेयरियां प्रदूषणमुक्त पाई गई हैं और निगरानी में रखी गई हैं।

    उन्होंने बताया कि सीबीजी प्लांट और अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन के दीर्घकालिक उपायों पर काम किया जा रहा है। वर्तमान 200 एमटीपीडी सीबीजी प्लांट पूरी तरह से चालू हैं। एचपीसीएल का 300 एमटीपीडी सीबीजी प्लांट निर्माणाधीन है और एक अन्य ऐसा संयंत्र जल्द शुरू होगा। पेडा ने इन निवेशों के लिए मंजूरी और स्वीकृतियाँ प्रदान की हैं।

    औद्योगिक अपशिष्ट और सीईटीपी अनुपालन पर जोर देते हुए, उन्होंने बताया कि 15 एमएलडी, 40 एमएलडी और 50 एमएलडी के सीईटीपी अब पीपीसीबी की निगरानी के तहत निर्धारित बीओडी/सीओडी स्तरों पर काम कर रहे हैं, हालांकि समानता को और मजबूत किया जा रहा है। सीईटीपी में टीडीएस को कम करने और ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेड एल डी) की दिशा में अतिरिक्त तकनीकों का परीक्षण किया जा रहा है। तमिलनाडु वॉटर इन्वेस्टमेंट कंपनी (टी डब्लू आई सी) द्वारा उन्नत अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

    इलेक्ट्रोप्लेटिंग इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में, उन्होंने बताया कि सभी इलेक्ट्रोप्लेटिंग इकाइयों की डिजिटल मैपिंग पूरी हो चुकी है। निरीक्षण जारी हैं, और गैर-अनुपालन इकाइयों को सील कर दिया गया है। पीपीसीबी और नगर निगम द्वारा कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।

    स्रोत वितरण और प्रदूषण विश्लेषण के लिए आईआईटी रोपड़ द्वारा वैज्ञानिक मूल्यांकन और डिजिटल निगरानी की जा रही है। प्रारंभिक निष्कर्ष नवंबर 2025 तक आने की उम्मीद है, जबकि अंतिम रिपोर्ट 2026 की दूसरी तिमाही तक तैयार होगी। प्रदूषण स्रोतों को अब डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा रहा है।

    कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि इन प्रयासों के असरदार परिणाम सामने आ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, बीओडी (जैव-रासायनिक ऑक्सीजन मांग) जनवरी 2025 में 155 से घटकर अक्तूबर 2025 में 50 मिलीग्राम/लीटर से नीचे आ गई है। इसी तरह, सीओडी (रासायनिक ऑक्सीजन मांग) 400 मिलीग्राम/लीटर से घटकर 150 मिलीग्राम/लीटर हो गई है। टीएसएस (कुल निलंबित ठोस) 300 मिलीग्राम/लीटर से घटकर लगभग 150 मिलीग्राम/लीटर रह गया है — ये अत्यंत उत्साहजनक परिणाम हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि पिछले चार महीनों में उच्च-स्तरीय समिति की सात बैठकों के साथ, बुड्ढा दरिया के पुनरुद्धार का कार्य अब बुनियादी ढांचे के निर्माण से आगे बढ़कर सख्त कार्यान्वयन, डिजिटल निगरानी और दीर्घकालिक पर्यावरणीय पुनर्स्थापना की दिशा में अग्रसर है।

    संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए एक स्थायी और लाभकारी मॉडल तैयार किया जा सके।

  • वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 15 कर्मचारी संगठनों के साथ की मैराथन बैठकें, समाधान के दिए निर्देश

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 15 कर्मचारी संगठनों के साथ की मैराथन बैठकें, समाधान के दिए निर्देश

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा, जो कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन भी हैं, ने आज 15 अलग-अलग कर्मचारी संगठनों से बैठकें की। इन संगठनों में शिक्षा विभाग के 7 संगठन, जल सप्लाई और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े संगठन, तथा ठेका मुलाज़म संघर्ष मोर्चा और पुरानी पेंशन बहाल संघर्ष कमेटी जैसे साझा हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन शामिल थे। लगभग पांच घंटे चली इन बैठकों के दौरान यूनियन नेताओं के साथ उनकी मांगों और मुद्दों पर गहराई से चर्चा की गई और उपयुक्त समाधान निकालने के प्रयास किए गए। शिक्षा विभाग से संबंधित यूनियनों के मुख्य मुद्दे वेतन और वरिष्ठता में अनियमितताएं, सेवाओं को रेगुलर करना और पंजाब स्टेट टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (पी.एस.टी.इ.टी) को समय पर आयोजित करने से जुड़े थे।

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को वेतन और वरिष्ठता से जुड़ी अनियमितताओं के मुद्दे को एनोमली कमेटी को भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने सेवाओं को रेगुलर करने और अन्य सेवा-संबंधी मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए एडवोकेट जनरल कार्यालय, परसोनल विभाग और वित्त विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पी.एस.टी.इ.टी को भी शीघ्र आयोजित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए। ठेका मुलाज़म संघर्ष मोर्चा, ग्राम पंचायत जल सप्लाई पंप ऑपरेटर एसोसिएशन, कॉन्ट्रैक्ट मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर फीमेल यूनियन, यूनाइटेड नर्सेज़ एसोसिएशन ऑफ पंजाब और पुरानी पेंशन बहाल संघर्ष कमेटी जैसे संगठनों के साथ बैठकों के दौरान, वित्त मंत्री ने उठाए गए मुद्दों को विस्तार से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो मुद्दे विभागीय स्तर पर हल किए जा सकते हैं, उन्हें तुरंत हल किया जाए। वित्तीय प्रभाव वाले मामलों पर, वित्त मंत्री ने यूनियन नेताओं को आश्वासन दिया कि सरकार पहले से ही अधिकांश मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर रही है।

    इन बैठकों के दौरान यूनियनों के प्रतिनिधियों, बलीहार सिंह, हाकम सिंह, जसप्रीत सिंह (ठेका मुलाज़म यूनियन); जसवीर सिंह, सुखजीत सिंह, विक्रमजीत सिंह (पुरानी पेंशन बहाल संघर्ष कमेटी); कुलदीप सिंह, प्रवीण कुमार, जगमोहन सिंह (सर्व समग्र शिक्षा अभियान (मिड डे मील) दफ्तरी कर्मचारी यूनियन); राहुल कंबोज, जसविंदर सिंह, हरजीत कौर ( पी.एस.टी.इ.टी यूनियन); जसपाल सिंह (10 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन); रणजीत सिंह, राजेश कुमार, ओंकार सिंह (ई.टी.टी. अध्यापक यूनियन); गुरप्रीत सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, परमपाल सिंह (पंजाब शिक्षा विभाग मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन); समरजीत सिंह, सुखदीप सिंह, हरमल सिंह (टैट पास कच्चे अध्यापक यूनियन); तजिंदर कौर, राजविंदर कौर, किरणदीप कौर (ए.आइ.इ. कच्चे अध्यापक यूनियन); बेअंत सिंह, बोहर सिंह, मेहर सिंह (ग्राम पंचायत जल सप्लाई पंप ऑपरेटर एसोसिएशन); सरबजीत कौर, अमरीक सिंह (कॉन्ट्रैक्ट मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर फीमेल यूनियन); आरती बाली, हरविंदर सिंह, बलजीत सिंह (यूनाइटेड नर्सेज़ एसोसिएशन ऑफ पंजाब) और उनके साथियों ने अपनी मांगें और मुद्दे पेश किए।

  • पंजाब में AI सर्वे से 383 करोड़ की बचत, सड़क सुरक्षा परियोजना भी लागू

    पंजाब में AI सर्वे से 383 करोड़ की बचत, सड़क सुरक्षा परियोजना भी लागू

    चंडीगढ़: पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा गठित सीएम फ्लाइंग स्क्वाड राज्यभर में पंजाब मंडी बोर्ड और पीडब्ल्यूडी द्वारा करवाए जा रहे ग्रामीण लिंक सड़कों के नवीनीकरण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रख रहा है। यह निगरानी राज्य सरकार द्वारा 4,150 करोड़ रुपये की लागत से 19,491 किलोमीटर लिंक सड़कों के निर्माण और मरम्मत से संबंधित शुरू किए गए व्यापक परियोजना का हिस्सा है।

    कृषि मंत्री ने कहा कि सड़कों के नवीनीकरण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई ठेकेदार सामग्री की गुणवत्ता से समझौता करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीएम फ्लाइंग स्क्वाड टीमें फील्ड में पूरी तरह सक्रिय हैं और अब तक सात जिलों में कार्यों का निरीक्षण कर चुकी हैं। इन जिलों में फरीदकोट, एस.बी.एस. नगर, तरन तारन, श्री मुक्तसर साहिब, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर शामिल हैं। खुड्डियां ने बताया कि पंजाब में कुल 30,237 लिंक सड़कें हैं, जिनकी कुल लंबाई 64,878 किलोमीटर है। इनमें से 33,492 किलोमीटर सड़कें पंजाब मंडी बोर्ड के अधीन हैं और 31,386 किलोमीटर सड़कें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब 19,491.56 किलोमीटर लंबाई वाली कुल 7,373 लिंक सड़कों की मरम्मत और उन्नयन से संबंधित परियोजना शुरू कर रही है।

    उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर 4,150.42 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें पांच वर्षों के रखरखाव का खर्च भी शामिल है। इनमें से 3,424.67 करोड़ रुपये मरम्मत और उन्नयन पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 725.75 करोड़ रुपये पांच वर्षों के रखरखाव पर खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि इन सड़कों के लिए किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप 383.53 करोड़ रुपये की बचत हुई है। कृषि मंत्री ने बताया कि धुंध या अंधेरे के दौरान जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मरम्मत और उन्नयन की गई लिंक सड़कों पर 91.83 करोड़ रुपये की लागत से एक विशेष सड़क सुरक्षा परियोजना लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि धुंध या अंधेरे में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिंक सड़कों के दोनों किनारों पर तीन इंच चौड़ी सफेद पट्टी पेंट की जाएगी।

  • श्री काली माता मंदिर पटियाला में 75 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ, मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने किया उद्घाटन

    श्री काली माता मंदिर पटियाला में 75 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ, मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने किया उद्घाटन

    पटियाला: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से आज ऐतिहासिक श्री काली माता मंदिर के नवीनीकरण के लिए 75 करोड़ रुपए के प्रोजेक्टों की शुरुआत की गई।

    सभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि यह प्रदेश सरकार का विशेष दायित्व बनता है कि वह अधिक जन महत्व वाले ऐसे प्रोजेक्टों को प्राथमिकता दे। उन्होंने अफसोस जताया कि पिछली प्रदेश सरकारों ने कभी भी जन महत्व वाले इन कार्यों को करने की इच्छा नहीं दिखाई। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि माता रानी ने आप के नेतृत्व वाली सरकार को यह मौका दिया है। उन्होंने कहा कि यह काम एक साल के अंदर-अंदर पूरा कर लिया जाएगा।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि श्री काली माता मंदिर उत्तरी भारत के सबसे सम्मानित और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर पंजाब की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और शाही संरक्षण का प्रमाण है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मंदिर परिसर में काली माता को समर्पित मुख्य मंदिर के साथ शक्ति के ब्रह्म स्वरूप श्री राज राजेश्वरी जी का प्राचीन मंदिर भी है।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि श्रद्धा के ये दोनों स्थल मंदिर परिसर को आध्यात्मिक रूप से अधिक महत्वपूर्ण और वास्तुकला की दृष्टि से अधिक अनोखा बनाते हैं, जहां सदियों पुरानी परंपराओं का आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ बेहद सुंदर मेल देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि मंदिर की महत्वता इस तथ्य से स्पष्ट होती है कि यहां लगभग 10,000 श्रद्धालु रोजाना, लगभग 40,000 हर शनिवार को आते हैं और नवरात्रि के त्योहार के दौरान यह संख्या लगभग एक लाख हो जाती है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने श्री काली माता मंदिर को नया रूप देने के लिए 73.52 करोड़ रुपए के कई प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि मंदिर के सरोवर को भाखड़ा नहर से साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काम चल रहा है और इस प्रोजेक्ट के लिए 1.15 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि इसी तरह मंदिर के मौजूदा सीवरेज सिस्टम और वर्षा जल निकासी ढांचे को 49.06 लाख रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मंदिर परिसर के अंदर 25 लाख रुपए की लागत से आम आदमी क्लीनिक स्थापित किया जा रहा है, जो न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मंदिर की आध्यात्मिकता और सुंदरता में वृद्धि करने के लिए प्रमुख तीर्थ स्थलों की तरह सरोवर के पास एक लाइट एंड साउंड शो करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर 6.78 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इस संबंध में टेंडर जारी कर दिए गए हैं। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि नई बनी इमारत में 15.11 लाख रुपए की लागत से एक लिफ्ट लगाई जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरोवर के पास नया रास्ता बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर की नई इमारत, गलियारा, चारदीवारी, प्रवेश द्वार और सरोवर संबंधी प्रोजेक्ट सामूहिक रूप से शुरू किए गए हैं। सिख और हिंदू परंपराओं के अनुसार आने वाले श्रद्धालुओं, विशेष रूप से दूर-दराज के या आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं के लिए भगवंत सिंह मान द्वारा रोजाना लंगर सेवा शुरू की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के सरोवर का पूर्ण रूप से नवीनीकरण किया जाएगा, जिसमें गाद निकालना, वाटरप्रूफिंग, किनारों के साथ पत्थर का काम और रास्ते की तैयारी शामिल है।

    उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट मंदिर की पवित्रता और इसकी विरासती वास्तुकला को बनाए रखते हुए इसकी शान में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अक्सर अधिक ट्रैफिक के दौरान उपयोग किए जाने वाले पिछले गेट को फिर से खोलने और इसके नवीनीकरण का प्रस्ताव रखा गया है।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों को पारंपरिक वास्तु कला के अनुसार पुनः डिजाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सप्ताह के अंतिम दिनों और नवरात्रि के दौरान, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आमद होती है, तब उनकी सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बैरिकेड वाली लेन और साइन बोर्डों के साथ एक योजनाबद्ध कतार प्रबंधन प्रणाली शुरू की जाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि शहरी योजना और विरासत विशेषज्ञों से परामर्श करके भविष्य की निर्माण, विरासती संरक्षण, तीर्थ यात्रा संबंधी सुविधाएं, स्वच्छता, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन को कवर करते हुए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

    भीड़-भाड़ को रोकने और प्रसाद की सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए, माता वैष्णो देवी मंदिर की तरह एक टोकन प्रणाली शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न मौसमों के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालुओं, माताओं और विकलांग व्यक्तियों की सुविधा के लिए संगत हॉल को पूरी तरह एयर-कंडीशंड हॉल में अपग्रेड किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सरकार का दायित्व है कि वह प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संभाले ताकि युवा पीढ़ी अपने शानदार अतीत से जुड़ी रहे।

    आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मंदिर के अंदर एक हॉल बनाया गया है और 300 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस आध्यात्मिक केंद्र को पंजाब के एक वास्तु कला के नमूने के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलवीर सिंह और आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी उपस्थित थे।

  • स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर पहुंचे कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और तरुनप्रीत सिंह सौंद, पंजाब की शांति के लिए की अरदास

    स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर पहुंचे कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और तरुनप्रीत सिंह सौंद, पंजाब की शांति के लिए की अरदास

    चंडीगढ़/गांधीनगर: पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री तथा आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज गांधीनगर स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम में माथा टेका।

    अमन अरोड़ा और उनके कैबिनेट सहयोगी तरुनप्रीत सिंह सौंद ने पंजाब और इसके लोगों पर सदा बनी रहने वाली ईश्वरीय कृपा, राज्य की शांति, समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की।

    अमन अरोड़ा ने कहा कि अक्षरधाम की दिव्य आभा में हमने पंजाब और राज्यवासियों की भलाई के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से सुख-शांति और खुशहाल राज्य के निर्माण हेतु हमारे प्रयासों को और बल देने का आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थल सभी मतों के प्रति सम्मान और एकता की गहरी भावना के साथ हमारे महान राष्ट्र को एक सूत्र में बांधकर रखता है।

  • Cabinet मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा बयान, पंजाब बना निवेश का नया गंतव्य

    Cabinet मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा बयान, पंजाब बना निवेश का नया गंतव्य

    लुधियाना: हीरो मोटर्स लिमिटेड (“एच.एम.एल.”) और वर्माेगेन्सवेरवाल्टंग प्लेटनबर्ग जी.एम.बी.एच. एंड कंपनी के.जी. तथा उसकी समूह कंपनियों (“एस.टी.पी. ग्रुप”) के संयुक्त उद्यम मुंजाल एस.टी.पी. इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की निर्माण इकाई का शिलान्यास समारोह आज धनासूर, लुधियाना में आयोजित किया गया। इस संयुक्त उद्यम के तहत पंजाब को पहले चरण में 260 करोड़ रुपये का निवेश और 400 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

    इस सुविधा के शिलान्यास कार्यक्रम में पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा, पंजाब विकास आयोग की उपाध्यक्ष सीमा बांसल सहित उद्योग जगत और पंजाब सरकार के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

    मंत्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रही है। एच.एम.एल. और एस.टी.पी. ग्रुप ने मार्च 2025 में ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए फोर्जिंग कंपोनेंट्स के निर्माण, उत्पादन और बिक्री हेतु यह संयुक्त उद्यम शुरू किया था। एस.टी.पी. ग्रुप एक प्रमुख जर्मन फोर्जिंग विशेषज्ञ कंपनी है, जिसकी जर्मनी में छह इकाइयाँ स्थापित हैं। यह कंपनी ऑटोमोटिव और औद्योगिक उपयोग के लिए उच्च-परिशुद्धता वाले फोर्ज्ड और मशीनड पुर्जे तैयार करती है। उन्होंने बताया कि एच.एम.एल. एक तकनीकी-आधारित ऑटोमोटिव कंपोनेंट कंपनी है, जो उच्च गुणवत्ता वाले इंजीनियरड पावरट्रेन सॉल्यूशंस, अलॉय और मेटल मैन्युफैक्चरिंग के लिए जानी जाती है। इस कंपनी की अनुसंधान एवं विकास सहूलतें भारत और यूनाइटेड किंगडम में फैली हुई हैं, जबकि निर्माण इकाइयाँ भारत, यूनाइटेड किंगडम और थाईलैंड में स्थित हैं।

    अरोड़ा और सीमा ने संयुक्त उद्यम में शामिल साझेदारों को पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग और रिकॉर्ड समय में सभी आवश्यक अनुमतियाँ प्रदान करने का आश्वासन दिया। हीरो मोटर्स कंपनी के चेयरमैन पंकज मुंजाल ने पंजाब सरकार के सहयोग और उद्योग-पक्षीय नई नीतियों की सराहना की।

    एच.एम.एल. के चेयरमैन पंकज मुंजाल ने कहा, “मुंजाल एस.टी.पी. इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड का गठन एस.टी.पी. ग्रुप के सहयोग से भारत में विनिर्माण को और सशक्त करने की हमारी पहल का प्रतीक है। यह सुविधा हीरो इंडस्ट्रियल पार्क, लुधियाना में स्थापित की जा रही है, जहां अन्य प्रमुख ऑटोमोटिव और ईवी इकाइयाँ जैसे एच.एम.सी. एच.आई.वी.ई., एच.वाई.एम. ड्राइव सिस्टम्स प्रा. लि. और सपुर टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि. भी स्थित हैं।”

    एच.एम.एल. के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अमित गुप्ता ने कहा, यह नई इकाई हमारे पावरट्रेन सॉल्यूशंस के निर्माण को और मजबूत करेगी और ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, रक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में वैश्विक ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले पुर्जे और ट्रांसमिशन समाधान प्रदान करने की हमारी क्षमता में वृद्धि करेगी। इसमें जटिल कंपोनेंट्स के लिए सेमी-ऑटोमेटिक फोर्जिंग लाइनें शामिल होंगी, जिनमें लागत को कम करने और गुणवत्ता मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।”

    एस.टी.पी. के चेयरमैन एवं सीईओ कार्नेल मूलर ने कहा, “एच.एम.एल. के साथ हमारी साझेदारी एस.टी.पी. के विस्तार और भारत के उन्नत विनिर्माण इकोसिस्टम का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सहयोग एस.टी.पी. की उच्च-परिशुद्धता फोर्जिंग विशेषज्ञता को एच.एम.एल. की विनिर्माण एवं इंजीनियरिंग क्षमताओं के साथ जोड़ते हुए जर्मनी और भारत की टीमों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान और परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ावा देगा।”

    इस अवसर पर हीरो ग्रुप से पंकज मुंजाल, एस.के. राय, ऐश्वर्या मुंजाल, आदित्य मुंजाल, एमिटी गुप्ता सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।